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सातारा डॉक्टर सुसाइड केस, फलटण आत्महत्या, महाराष्ट्र न्यूज, डॉक्टर रेप केस, गोपाल बदने, प्रशांत बांकर, महिला डॉक्टर सुसाइड, CM फडणवीस आदेश, फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट मामला, सातारा SP जांच

Satara Suicide Case: महिला डॉक्टर ने की आत्महत्या, मकान मालिक का बेटा और सब-इंस्पेक्टर गिरफ्तार

सातारा के फलटण में डॉक्टर की आत्महत्या मामले में पुलिस ने पहली गिरफ्तारी की। मकान मालिक का बेटा और सब-इंस्पेक्टर पर रेप व उकसाने का आरोप। सातारा (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के सातारा जिले के फलटण में सरकारी अस्पताल में पदस्थ एक महिला डॉक्टर की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने पहली गिरफ्तारी की है। पुलिस ने डॉक्टर के मकान मालिक के बेटे प्रशांत बांकर को हिरासत में लिया है। उस पर रेप और आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया है। डॉक्टर ने 23 अक्टूबर को फलटण के एक होटल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसके हाथ पर लिखे एक नोट में सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रशांत बांकर पर मानसिक उत्पीड़न (Mentally Harass) का आरोप लगाया गया था। हाथ पर लिखा नाम — सब-इंस्पेक्टर गोपाल बदने जांच में खुलासा हुआ कि डॉक्टर की हथेली पर पुलिस सब-इंस्पेक्टर गोपाल बदने का नाम भी लिखा था।आरोप है कि बदने ने पिछले पांच महीनों में चार बार डॉक्टर के साथ रेप किया और उस पर फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने का दबाव बनाया। इस मामले में गोपाल बदने पर भी रेप और आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया है।राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सतारा SP को आरोपी सब-इंस्पेक्टर को सस्पेंड करने के आदेश दिए हैं। डॉक्टर का बैकग्राउंड मृतक महिला डॉक्टर बीड जिले की रहने वाली थी और फलटण तहसील के सरकारी अस्पताल में कार्यरत थी।पुलिस को मौके से चार पेज का एक और सुसाइड नोट मिला है, जिसमें एक सांसद और उसके दो पर्सनल असिस्टेंट (PA) के नाम भी शामिल हैं। सुसाइड नोट के अनुसार, ये लोग डॉक्टर पर आरोपियों के फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट तैयार करने का दबाव डाल रहे थे। जब डॉक्टर ने मना किया, तो सांसद ने खुद फोन पर उससे बात की थी। सुसाइड नोट में लिखा — “सांसद के दो पीए अस्पताल आए” डॉक्टर ने अपने सुसाइड नोट में लिखा —
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Ad Guru Piyush Pandey का अंतिम सफर: फेविकॉल से लेकर “अबकी बार मोदी सरकार” तक, जिसने भारत को जोड़ा

पद्मश्री पीयूष पांडे का मुंबई में अंतिम संस्कार हुआ। उन्होंने फेविकॉल, कैडबरी, एशियन पेंट्स और “अबकी बार मोदी सरकार” जैसे यादगार विज्ञापन बनाए। जानिए कैसे उनके आइडियाज ने भारत की सोच बदल दी। एड गुरु पीयूष पांडे नहीं रहे — मुंबई में हुआ अंतिम संस्कार विज्ञापन जगत के दिग्गज और पद्मश्री सम्मानित पीयूष पांडे का अंतिम संस्कार शनिवार को मुंबई के शिवाजी पार्क श्मशान घाट में किया गया।23 अक्टूबर को उनका निधन हो गया था। वे कुछ समय पहले एक कॉन्फ्रेंस के लिए दिल्ली गए थे, जहां उन्हें गंभीर संक्रमण हो गया था। पहले उन्हें निमोनिया हुआ और बाद में चिकनपॉक्स ने उनकी हालत बिगाड़ दी। उनकी अंतिम यात्रा में बॉलीवुड से लेकर एड वर्ल्ड तक की कई मशहूर हस्तियां शामिल हुईं — अमिताभ बच्चन, अभिषेक बच्चन समेत कई दिग्गज लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। “जिंदगी और विज्ञापन दोनों का मकसद है जुड़ना, जीतना नहीं” पीयूष पांडे का मानना था कि “कहानी वही होती है जो दिल से निकले, तभी वह कानों में नहीं, दिमाग में बसती है।”उनके बनाए विज्ञापनों में यही जुड़ाव साफ झलकता था — आम आदमी की भावनाओं से, रोजमर्रा की जिंदगी से। 27 की उम्र में शुरू हुआ सफर, बनाया ओगिल्वी को पहचान पीयूष ने 27 वर्ष की उम्र में विज्ञापन की दुनिया में कदम रखा। शुरुआत अपने भाई प्रसून पांडे के साथ की, जहां दोनों ने रेडियो जिंगल्स की आवाज दी।1982 में वे Ogilvy India से जुड़े और 1994 में इसके बोर्ड मेंबर बने। 2016 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से नवाजा, जबकि 2024 में उन्हें LIA Legend Award मिला — यह सम्मान किसी भी भारतीय क्रिएटिव माइंड के लिए गर्व का विषय है। भारत को याद रहेंगे पीयूष पांडे के ये 6 आइकॉनिक एड कैंपेन 1️⃣ Fevicol का “ट्रक वाला विज्ञापन” (2007) एक ट्रक पर भीड़ सवार है, सड़क ऊबड़-खाबड़ है, लेकिन कोई गिरता नहीं — बस यही सिंपल आइडिया भारत का सबसे मजबूत ब्रांड बना गया।“जुड़ने” की ताकत को उन्होंने “फेविकॉल” में उतारा — और यह एड आज भी इतिहास में दर्ज है। 2️⃣ Cadbury का “Cricket वाला विज्ञापन” (2007) “कुछ खास है जिंदगी में!” — यह लाइन हर भारतीय के दिल में आज भी गूंजती है।एक बच्चे की खुशी और पूरे मोहल्ले का जश्न, पांडे की आवाज़ और भावनात्मक टच ने इस विज्ञापन को अमर बना दिया। 3️⃣ Asian Paints का “हर घर कुछ कहता है” (2002) घर की दीवारों में छुपी यादों को कहानी में बदलने वाला यह विज्ञापन लाखों लोगों के दिलों को छू गया।टैगलाइन “हर घर कुछ कहता है” ने एशियन पेंट्स को मार्केट लीडर बना दिया। 4️⃣ Hutch (Vodafone) का “पग वाला विज्ञापन” (2003) “भाई, हच है ना!” — एक प्यारा सा पग, एक बच्चा और एक गहरा मैसेज: “Wherever you go, Hutch is with you.”इस विज्ञापन ने मोबाइल ब्रांड को नया जीवन दिया। 5️⃣ BJP का “अबकी बार मोदी सरकार” (2014) सिर्फ एक लाइन, जिसने राजनीतिक कम्युनिकेशन को बदल दिया।पीयूष ने इसे 50 दिन में डिजाइन किया था।उन्होंने 200 से अधिक टीवी कमर्शियल, 100 रेडियो एड्स और 100 प्रिंट विज्ञापन तैयार किए।उनका फोकस था — लोगों से उनकी भाषा में बात करना। 6️⃣ पल्स पोलियो का “दो बूंदें जिंदगी की” इस सरकारी कैंपेन ने भारत को पोलियो-मुक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई।पीयूष ने दिखाया कि विज्ञापन सिर्फ बिकवाली नहीं, बदलाव का जरिया भी हो सकता है। “अबकी बार मोदी सरकार” कैंपेन — 50 दिन में बना इतिहास एक इंटरव्यू में पीयूष ने बताया था — “हमने इस लाइन को किसी बड़ी सोच से नहीं, बल्कि आम बोलचाल की भाषा से निकाला था। हमारा मकसद था — कनेक्शन, न कि इम्प्रेशन।” उनकी टीम ने रिसर्च कर मोदी की लीडरशिप इमेज को केंद्र में रखा।हर रात बीजेपी नेता उनके साथ बैठकर एड फाइनल करते थे।यह कैंपेन भारत के इतिहास का सबसे प्रभावशाली राजनीतिक विज्ञापन बना। पीयूष पांडे की विरासत – क्रिएटिविटी जो जोड़ती है, बाँटती नहीं पीयूष ने भारत के विज्ञापन जगत को ‘ग्लोबल लेवल पर ह्यूमन टच’ देना सिखाया।उनके आइडियाज ने न सिर्फ ब्रांड्स को नई पहचान दी, बल्कि भारत के लोगों को भी जोड़ा। पीयूष पांडे का जाना सिर्फ विज्ञापन उद्योग की नहीं, भारत की रचनात्मक आत्मा की भी बड़ी क्षति है।उन्होंने सिखाया कि क्रिएटिविटी का मतलब जीतना नहीं, दिलों को जोड़ना है।
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पीएम मोदी

बिहार चुनाव पीएम मोदी ने NDA के लिए समस्तीपुर और बेगूसराय में किया चुनाव अभियान का शुभारंभ

समस्तीपुर, बेगूसराय: 24 अक्टूबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए भाजपा-नेतृत एनडीए का चुनाव अभियान शुरू किया। इस अवसर पर उन्होंने समस्तीपुर और बेगूसराय में विशाल जनसभाओं को संबोधित किया। समस्तीपुर रैली हाइलाइट्स बेगूसराय रैली हाइलाइट्स आगामी चुनावी कार्यक्रम पीएम मोदी और एनडीए की यह चुनावी मुहिम बिहार में विकास और जनकल्याण के मुद्दों पर केंद्रित है। विपक्ष पर भ्रष्टाचार के आरोप और परिवारवाद को उजागर करना अभियान की प्रमुख रणनीति बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Hyderabad

Hyderabad-Bengaluru Highway वोल्वो बस में लगी आग, 32 यात्रियों की दर्दनाक मौत

आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले (Kurnool District) में शुक्रवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया। हैदराबाद से बेंगलुरु (Hyderabad to Bengaluru) जा रही एक निजी वोल्वो बस में आग लगने से कम से कम 32 यात्रियों की मौत हो गई। यह हादसा चिन्ना टेकुरु गांव (Chinna Tekuru Village) के पास हुआ, जब बस एक मोटरसाइकिल से टकरा गई और देखते ही देखते आग का गोला बन गई। कैसे हुआ हादसा यह बस कावेरी ट्रैवल्स (Kaveri Travels) की थी और उसमें 41 यात्री सवार थे। जैसे ही बस हाईवे पर आगे बढ़ रही थी, एक मोटरसाइकिल से उसकी टक्कर होते ही फ्यूल टैंक फट गया, और आग पूरी बस में फैल गई।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ ही सेकंड में पूरी बस आग की लपटों में घिर गई और दरवाजा जाम हो जाने की वजह से यात्री बाहर नहीं निकल पाए। कुछ यात्रियों ने खिड़कियां तोड़कर बाहर कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन कई अंदर ही फंस गए। बचाव कार्य और जांच (Rescue & Investigation) दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अब फॉरेंसिक जांच (Forensic Investigation) जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आग का असली कारण क्या था — फ्यूल लीक, शॉर्ट सर्किट या टक्कर का असर।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल 12 यात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और कई गंभीर रूप से झुलसे हुए हैं। सीएम चंद्रबाबू नायडू ने जताया शोक (CM Naidu’s Reaction) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू (N. Chandrababu Naidu) ने इस भीषण हादसे पर गहरा शोक जताया। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा — “कुरनूल बस हादसे की खबर से अत्यंत दुखी हूं। मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। प्रशासन को तुरंत राहत और सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।” सरकार ने मृतकों के परिवारों को मुआवजा (Compensation) देने और बस कंपनी की सुरक्षा जांच (Safety Audit) करने के आदेश जारी किए हैं। फिर उठे बस सुरक्षा पर सवाल (Bus Safety Under Question) यह हादसा एक बार फिर दिखाता है कि प्राइवेट बसों में फायर सेफ्टी (Fire Safety) को लेकर गंभीर खामियां हैं। बसों के अंदर ज्वलनशील सामग्री, कमजोर वायरिंग, और आपातकालीन दरवाजों की कमी यात्रियों के लिए घातक साबित हो रही है।कुछ दिन पहले ही राजस्थान (Rajasthan) में भी इसी तरह के बस हादसे में कई लोगों की जान गई थी। मुख्य बिंदु (Key Highlights) हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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ASEAN

ASEAN-India Summit 2025 Modi का Virtual हिस्सा, S. Jaishankar करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व

पीएम मोदी की अनुपस्थिति का ऐलान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है कि वह आगामी ASEAN Summit 2025 में कुआलालंपुर में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं होंगे। इसका मतलब है कि मोदी संभावित Face-to-Face Meeting का मौका अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के साथ गंवा देंगे। पिछले Modi-Trump मुलाकात का विवरण हालांकि मोदी के अनुपस्थिति के कारणों का आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन याद रहे कि फरवरी 2025 में मोदी और ट्रंप की बैठक हुई थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने ट्रेड और डिफेंस कोऑपरेशन (Trade & Defense Cooperation) समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा की थी और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की इच्छा जताई। मोदी का वर्चुअल सहभागिता प्लान इस बार प्रधानमंत्री मोदी ASEAN-India Summit में वर्चुअली (Virtually) शामिल होंगे, जबकि भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S. Jaishankar) करेंगे। इस समिट में रिजनल सिक्योरिटी (Regional Security), इकॉनोमिक कोऑपरेशन (Economic Cooperation) और दक्षिण-पूर्व एशिया को प्रभावित करने वाले अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा। राजनीतिक और कूटनीतिक प्रभाव विशेषज्ञों का कहना है कि मोदी की अनुपस्थिति का राजनीतिक और कूटनीतिक असर हो सकता है, क्योंकि ASEAN Summit भारत के क्षेत्रीय और ग्लोबल स्ट्रेटेजिक इंटरेस्ट्स (Strategic Interests) को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण मंच है। भविष्य की रणनीति पूर्व में मोदी और ट्रंप की बैठकें दोनों देशों के सिक्योरिटी और ट्रेड रिलेशनशिप (Security & Trade Relations) को नई दिशा दे चुकी हैं। अब वर्चुअल माध्यम से हिस्सा लेने की रणनीति का उद्देश्य भारत के हितों की रक्षा और समिट के एजेंडा पर सक्रिय योगदान सुनिश्चित करना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bihar

Bihar चुनाव 2025 सीट बंटवारे का विवाद सुलझा महागठबंधन ने तेजस्वी यादव को बनाया नेता

बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2025) से पहले महागठबंधन (Mahagathbandhan) ने बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। सूत्रों के अनुसार, गठबंधन ने तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) को मुख्यमंत्री पद का चेहरा (CM Face) घोषित करने पर सहमति बना ली है। यह फैसला तब आया है जब गठबंधन के दलों के बीच सीट बंटवारे (Seat Sharing) को लेकर पिछले कई दिनों से खींचतान चल रही थी। सीट बंटवारे पर तनाव के बीच बनी सहमति महागठबंधन में शामिल प्रमुख दल – राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस (Congress) और वामदल (Left Parties) – के बीच करीब एक दर्जन सीटों को लेकर मतभेद था। लेकिन अब पटना में हुई अहम बैठक में सभी दलों ने तेजस्वी यादव के नेतृत्व में चुनाव लड़ने पर सहमति जता दी है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने पटना पहुंचकर मध्यस्थता की और सीट बंटवारे के मसले को सुलझाने में बड़ी भूमिका निभाई। अब उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में औपचारिक घोषणा के साथ सीटों का अंतिम फार्मूला भी सामने आ जाएगा। नया कैंपेन नारा: “Chalo Bihar, Badlein Bihar” गठबंधन ने अपने चुनावी अभियान के लिए नया नारा तय किया है – “चलो बिहार, बदलें बिहार (Chalo Bihar, Badlein Bihar)”, जो युवाओं और परिवर्तन की राजनीति पर केंद्रित है।महागठबंधन की रणनीति रोजगार, शिक्षा, भ्रष्टाचार-मुक्त शासन और विकास के मुद्दों पर जनता से जुड़ने की होगी। तेजस्वी यादव बने एकजुटता का चेहरा सभी दलों ने इस बात पर सहमति जताई कि तेजस्वी यादव युवा, ऊर्जावान और जनता के बीच लोकप्रिय चेहरा हैं। महागठबंधन को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में विपक्ष मजबूत तरीके से नीतीश कुमार सरकार को चुनौती दे सकेगा। RJD नेताओं का कहना है कि पिछली बार की तुलना में इस बार तेजस्वी के नेतृत्व में महागठबंधन का प्रदर्शन बेहतर रहने की संभावना है। आगे की रणनीति और घोषणा पत्र गठबंधन की पहली संयुक्त रैली (Joint Rally) अगले सप्ताह आयोजित की जा सकती है, जहां तेजस्वी यादव को आधिकारिक रूप से Chief Minister Candidate के रूप में पेश किया जाएगा।इसके साथ ही महागठबंधन का Common Manifesto (साझा घोषणा पत्र) भी तैयार किया जा रहा है, जिसमें युवाओं, किसानों और गरीब तबके के लिए वादे शामिल होंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Droupadi Murmu

राष्ट्रपति Droupadi Murmu का हेलीकॉप्टर Helipad पर फंसने की घटना

त्रिवेंद्रम, केरल: 22 अक्टूबर 2025 को राष्ट्रपति Droupadi Murmu के Sabarimala Temple दौरे के दौरान उनके हेलीकॉप्टर को नए बनाए गए helipad पर लैंडिंग के समय मामूली समस्या का सामना करना पड़ा। यह हेलिपैड Pramadam, Kerala के Rajiv Gandhi Indoor Stadium में बनाया गया था और इसे केवल पिछले दिन ही तैयार किया गया था। हेलिपैड पर समस्या:कंक्रीट के पूरी तरह सेट न होने के कारण हेलीकॉप्टर के पहिये उतरते ही हल्की धंसान हुई। इसके कारण हेलीकॉप्टर के पहिये थोड़े समय के लिए नरम सतह में डूब गए। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई:पुलिस और फायर विभाग के कर्मियों ने हेलीकॉप्टर को तुरंत स्थिर किया और किसी भी नुकसान से बचाया। इसके बाद राष्ट्रपति ने अपनी यात्रा Pamba के लिए सड़क मार्ग से जारी रखी और अपने निर्धारित कार्यक्रमानुसार Sabarimala मंदिर दर्शन किए। मामले की वजह:हेलिपैड की व्यवस्था अंतिम समय में की गई थी क्योंकि मौसम की वजह से मूल लैंडिंग साइट Nilackal से स्थान बदलना पड़ा। अधिकारियों ने तैयार समय की कमी को इस मामूली हादसे का मुख्य कारण बताया। हालांकि यह घटना थोड़ी चिंताजनक थी, लेकिन इससे किसी प्रकार का शारीरिक नुकसान या कार्यक्रम में कोई बड़ी देरी नहीं हुई। राष्ट्रपति मुर्मू का Sabarimala Temple दौरा पूरी तरह सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न हुआ। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rohit Godara

California Shootout Rohit Godara ने ली लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर हमले की जिम्मेदारी

अमेरिका में हुआ खूनी Shootout अमेरिका के California में लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा गैंग के बीच हाल ही में खूनी Shootout हुआ। 19 अक्टूबर 2025 को फ्रेज़नो में बिश्नोई के करीबी सहयोगी Harry Boxer पर हमला किया गया। इस हमले में बॉक्सर के एक साथी की मौत हुई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हुआ। हमला करने के बाद बॉक्सर को अपनी जान बचाने के लिए कार की सीट के नीचे छिपना पड़ा। Rohit Godara ने ली जिम्मेदारी इस हमले की जिम्मेदारी Rohit Godara ने Social Media पर ली। उन्होंने दावा किया कि यह शूटआउट उन्होंने और Goldy Brar ने मिलकर किया। गोदारा ने बॉक्सर को “कायर” कहा और बिश्नोई गैंग को खत्म करने की धमकी दी। पोस्ट में बिश्नोई को “Traitor” बताते हुए खुद और ब्रार की गैंग को महत्वपूर्ण बताया गया। बढ़ता अंतरराष्ट्रीय तनाव यह घटना दोनों गैंगों के बीच बढ़ते तनाव को दिखाती है, जो अब भारत और अमेरिका दोनों देशों की सीमाओं के बाहर तक फैल चुका है। अमेरिकी और भारतीय अधिकारी इस पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं, क्योंकि इसके International Security और Law Enforcement पर गंभीर असर पड़ने की संभावना है। बिश्नोई गैंग का आतंकवादी टैग कनाडा ने पहले ही लॉरेंस बिश्नोई गैंग को हाई-प्रोफाइल हत्याओं और हिंसा के कारण Terrorist Entity घोषित किया है। इसके बावजूद, गैंग की गतिविधियाँ लगातार जारी हैं और कनाडा व अमेरिका में कई shootings और violent incidents सामने आए हैं। पूर्व हिंसक घटनाएँ पूर्व में, बिश्नोई गैंग के एक सदस्य ने AP Dhillon के घर पर फायरिंग की थी, जिसके लिए उन्हें छह साल की जेल हुई। पुलिस का कहना है कि यह हमला समूह के निर्देशन में किया गया था। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bihar

Bihar चुनाव 2025 महागठबंधन साझा Campaign और Manifesto पर घमासान, Congress-RJD में टकराव

Bihar विधानसभा चुनाव 2025 से पहले Mahagathbandhan (INDIA Alliance) में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। RJD और Congress के बीच joint campaign strategy और common manifesto को लेकर बड़ा विवाद चल रहा है। दोनों दलों के नेताओं के बीच आपसी मतभेद इस हद तक बढ़ गए हैं कि अब गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठने लगे हैं। Campaign Plan पर असहमति सूत्रों के मुताबिक, अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि महागठबंधन की पार्टियां joint campaign करेंगी या फिर हर दल अपनी अलग-अलग रैलियां आयोजित करेगा।जहां RJD चाहती है कि प्रचार में उसका नेतृत्व दिखे, वहीं Congress अपने नेताओं के ज़रिए अलग छवि पेश करना चाहती है। इस वजह से campaign calendar और media strategy पर भी मतभेद गहराते जा रहे हैं। Manifesto Committee में Deadlock महागठबंधन की manifesto committee भी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है।कई अहम मुद्दों जैसे — रोजगार, किसानों की नीतियों और महिला सुरक्षा — पर RJD और Congress की राय में बड़ा फर्क है।इसी वजह से common manifesto अब तक जारी नहीं किया जा सका है, जबकि NDA ने अपना मेनिफेस्टो तैयार करने की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है। Seat Sharing और “Friendly Fight” की नौबत गठबंधन के अंदर seat sharing पर भी सहमति नहीं बन पा रही है।कई विधानसभा सीटों पर friendly fight की स्थिति बन रही है, यानी दोनों दल अपने उम्मीदवार मैदान में उतारने की तैयारी में हैं।राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, इस तरह की स्थिति वोट बैंक को नुकसान पहुंचा सकती है और गठबंधन की एकता पर असर डाल सकती है। Congress में बदलाव, Ashok Gehlot को मिली जिम्मेदारी बढ़ते विवाद के बीच कांग्रेस हाईकमान ने बिहार प्रभारी Krishna Allavaru को हटा दिया है।अब पार्टी के वरिष्ठ नेता Ashok Gehlot को स्थिति संभालने की जिम्मेदारी दी गई है।सूत्रों के अनुसार, गहलोत जल्द ही Patna पहुंचेंगे और Tejashwi Yadav व अन्य नेताओं से मुलाकात कर विवाद को सुलझाने की कोशिश करेंगे। Political Impact विश्लेषकों का मानना है कि जब NDA अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर रहा है, तब INDIA Alliance में दरार सामने आना उसके लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।अगर यह मतभेद जल्द नहीं सुलझे, तो इसका सीधा असर महागठबंधन की चुनावी रणनीति और जनसमर्थन पर पड़ेगा। जनता का मूड Bihar के मतदाता अब यह देखने के मूड में हैं कि कौन-सा गठबंधन एकजुट होकर विकास का एजेंडा सामने रखता है।महागठबंधन को अब जल्द ही अपना joint manifesto और clear campaign plan जारी करना होगा, वरना विपक्ष को इसका पूरा फायदा मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bihar

NDA की सीट रणनीति और वोट बैंक विश्लेषण Bihar Elections 2025

Bihar विधानसभा चुनाव 2025 के लिए NDA (National Democratic Alliance) ने पूरी तैयारी कर ली है। इस गठबंधन में BJP, JD(U) और अन्य क्षेत्रीय पार्टियां शामिल हैं। NDA का मुख्य लक्ष्य सीट शेयरिंग और संयुक्त प्रचार के जरिए विपक्षी महागठबंधन (Mahagathbandhan) को टक्कर देना है। NDA की चुनावी रणनीति और प्रमुख मुद्दे NDA नेतृत्व और प्रमुख चेहरे Nitish Kumar (JD(U)), Sushil Modi (BJP) जैसे नेता NDA की चुनावी रणनीति और प्रचार में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। 2025 चुनाव में नए चेहरों को शामिल कर युवा वोटर को भी आकर्षित करने की योजना है। Opposition Challenge NDA को मुख्य चुनौती महागठबंधन (RJD, Congress और अन्य पार्टियां) से मिलेगी। चुनाव का परिणाम इस बात पर निर्भर करेगा कि NDA अपनी विकास-उन्मुख और जातिगत रणनीतियों के जरिए विपक्ष को मात दे पाता है या नहीं। Bihar चुनाव 2025 में NDA अपने गठबंधन की ताकत और रणनीति के साथ चुनावी मैदान में पूरी तैयारी के साथ उतरेगी। जनता की नजरें इस चुनाव पर टिकी हैं कि कौन सा गठबंधन राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rahul Gandhi

Mallikarjun Kharge Shuddhikaran Row: मंच ‘शुद्ध’ कराने पर बवाल, Rahul Gandhi ने BJP-RSS को घेरा

 उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष Rahul Gandhi मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर मंच के ‘शुद्धिकरण’ को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर Rahul Gandhi ने BJP और RSS पर जातिगत भेदभाव तथा ‘मनुवादी सोच’ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। वहीं, BJP ने आरोपों से दूरी बनाते हुए मामले की जांच कराने की बात कही है। क्या है Haldwani Shuddhikaran विवाद? मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली को संबोधित किया था। रैली के कुछ दिन बाद कथित तौर पर कुछ लोगों ने मैदान में पूजा-पाठ और हवन कर ‘शुद्धिकरण’ किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई खड़गे के दलित समुदाय से होने के कारण की गई। पार्टी ने इसे छुआछूत और जातिगत भेदभाव की मानसिकता का उदाहरण बताया है। हालांकि, BJP की ओर से कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया गया है। BJP नेताओं का कहना है कि रैली के दौरान लगाए गए कुछ नारों से धार्मिक भावनाएं आहत हुई थीं और इसी वजह से धार्मिक अनुष्ठान किया गया था। BJP ने इस कार्रवाई को खड़गे की जाति से जोड़ने पर भी सवाल उठाए हैं। Mallikarjun Kharge ने राज्यसभा में उठाया मुद्दा मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मामले को राज्यसभा में भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाषण के बाद उस मंच का ‘शुद्धिकरण’ किया गया, जिससे उन्हें बेहद अपमानित महसूस हुआ। खड़गे ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी व्यक्ति को उसकी जाति के आधार पर अपवित्र मानना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ Untouchability Act के तहत कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की। खड़गे का कहना है कि ऐसी घटनाएं केवल किसी एक व्यक्ति का अपमान नहीं हैं, बल्कि देश में सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों पर भी सवाल खड़े करती हैं। Rahul Gandhi का BJP-RSS पर हमला हल्द्वानी के इस विवाद पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कथित ‘शुद्धिकरण’ को दलितों के अपमान से जोड़ते हुए BJP और RSS पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस तरह की सोच BJP-RSS की कथित ‘मनुवादी मानसिकता’ को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और छुआछूत तथा जातिगत भेदभाव के लिए आधुनिक भारत में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस ने इस मुद्दे को सामाजिक न्याय और दलित सम्मान से जोड़ते हुए सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। क्या Rahul Gandhi ने SC/ST Act के तहत FIR की मांग की? इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार SC/ST Act के तहत FIR दर्ज कराने की स्पष्ट मांग राहुल गांधी की ओर से नहीं बताई गई है। रिपोर्टों में मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा Untouchability Act के तहत मामला दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग का उल्लेख है। वहीं, राहुल गांधी ने घटना को दलितों के अपमान, जातिगत भेदभाव और कथित मनुवादी सोच से जोड़कर BJP-RSS पर राजनीतिक हमला किया। इसलिए खबर को पेश करते समय राहुल गांधी के बयान और खड़गे की कानूनी कार्रवाई की मांग को अलग-अलग रखना जरूरी है। BJP ने क्या कहा? BJP ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है। पार्टी की ओर से कहा गया कि वह किसी भी तरह के भेदभावपूर्ण व्यवहार का समर्थन नहीं करती। केंद्रीय मंत्री और BJP के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने मामले की जांच का आश्वासन दिया। BJP नेताओं का कहना है कि घटना के पीछे धार्मिक कारण हो सकते हैं और इसे खड़गे की जाति से जोड़ना उचित नहीं है। अब इस मामले में जांच के परिणाम महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि इसी से यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित ‘शुद्धिकरण’ किसने कराया और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था। कांग्रेस ने राज्यपाल से भी की शिकायत मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने उत्तराखंड के राज्यपाल से मुलाकात कर कथित ‘शुद्धिकरण’ की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है। कांग्रेस का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की जाति के आधार पर किसी सार्वजनिक स्थान या मंच को ‘अपवित्र’ माना गया है, तो यह गंभीर सामाजिक और संवैधानिक मुद्दा है। Haldwani Row बना Political मुद्दा हल्द्वानी का ‘शुद्धिकरण’ विवाद अब स्थानीय घटना से आगे बढ़कर राष्ट्रीय राजनीति का मुद्दा बन गया है। कांग्रेस इसे Dalit dignity, social equality और constitutional values से जोड़ रही है, जबकि BJP कांग्रेस पर घटना को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगा रही है। फिलहाल दोनों पक्षों के दावों के बीच इस मामले में जांच और संभावित कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजर है। विवाद के आगे बढ़ने के साथ Rahul Gandhi, Mallikarjun Kharge, Haldwani Shuddhikaran Row, FIR और SC/ST Act जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में बने हुए हैं।
H-1B

H-1B Rules में बड़ा बदलाव: Trump हटाएंगे 60 Days Grace Period? Indian IT Professionals पर असर

अमेरिका में काम करने वाले भारतीय H-1B visa holders के लिए Donald Trump administration की immigration policies लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। अब H-1B के तहत मिलने वाली 60 Days Grace Period को खत्म करने की तैयारी की खबरों ने भारतीय IT professionals के बीच नई चिंता पैदा कर दी है। अगर यह प्रस्ताव अंतिम रूप से लागू होता है, तो नौकरी जाने के बाद H-1B workers को अमेरिका में नई नौकरी तलाशने के लिए मिलने वाली मौजूदा 60 दिनों की राहत खत्म हो सकती है। इसके साथ ही H-1B visa से जुड़ी बढ़ी हुई लागत और दूसरे proposed immigration changes भी भारतीय professionals के लिए अमेरिका में नौकरी और long-term career planning को प्रभावित कर सकते हैं। क्या है H-1B 60 Days Grace Period? मौजूदा नियमों के तहत, अगर किसी H-1B worker की नौकरी समाप्त हो जाती है, तो कुछ परिस्थितियों में उसे अधिकतम 60 दिन या उसके authorized stay की समाप्ति तक, जो भी पहले हो, अमेरिका में रहने की अनुमति मिल सकती है। इस दौरान कर्मचारी: टेक्नोलॉजी सेक्टर में layoffs के दौरान यह grace period H-1B workers के लिए एक महत्वपूर्ण safety net बन गई है। Trump Administration क्यों बदलना चाहती है H-1B Rules? Trump administration लंबे समय से अमेरिकी workers को प्राथमिकता देने और foreign workers पर अमेरिकी कंपनियों की निर्भरता कम करने की नीति पर जोर देती रही है। प्रस्तावित बदलावों का व्यापक उद्देश्य H-1B program में ज्यादा सख्ती और oversight लाना है। हालांकि, 60-day grace period को खत्म करने का प्रस्ताव अभी अंतिम रूप से लागू नियम नहीं माना जा सकता। अंतिम regulatory process और effective date यह तय करेंगे कि बदलाव वास्तव में कब और किस रूप में लागू होगा। Indians पर सबसे बड़ा असर क्या होगा? H-1B program में भारतीय professionals की बड़ी हिस्सेदारी होने के कारण किसी भी बड़े बदलाव का असर भारतीयों पर विशेष रूप से पड़ सकता है। 1. Layoff के बाद बढ़ेगा Immigration Pressure अगर किसी भारतीय H-1B employee की नौकरी चली जाती है, तो मौजूदा 60 दिनों का buffer उपलब्ध नहीं होने पर उसे बहुत तेजी से नया employer या दूसरा वैध immigration option तलाशना पड़ सकता है। इससे layoffs का असर सिर्फ नौकरी खोने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अमेरिका में रहने की स्थिति भी तुरंत चिंता का विषय बन सकती है। 2. IT Professionals पर ज्यादा असर भारतीय H-1B workers की बड़ी संख्या technology और specialized professional roles में काम करती है। इसलिए software engineers, IT consultants, data professionals और दूसरे skilled workers के लिए नौकरी बदलने की समय-सीमा महत्वपूर्ण हो सकती है। नई व्यवस्था में companies के बीच job switch करने की प्रक्रिया को पहले से ज्यादा जल्दी पूरा करना जरूरी हो सकता है। 3. कम समय में Job Search का दबाव 60 दिन की grace period खत्म होने की स्थिति में कर्मचारी के पास नई नौकरी तलाशने के लिए कम flexibility होगी। ऐसे में कुछ workers को: H-1B Fee में भारी बढ़ोतरी से भी बढ़ी चिंता H-1B program में प्रस्तावित एक और बड़ा बदलाव इसकी लागत से जुड़ा है। Trump administration ने नए H-1B petitions से जुड़ी $103,265 की proposed fee को लेकर कदम उठाए हैं। यह समझना जरूरी है कि इसका अर्थ यह नहीं है कि हर H-1B employee को अपनी जेब से करीब $100,000 देना होगा। यह मुख्य रूप से employer-side cost से जुड़ा प्रस्ताव है। फिर भी इतनी बड़ी लागत कंपनियों के hiring decisions को प्रभावित कर सकती है। Indian IT Companies के लिए क्या बदल सकता है? H-1B rules में सख्ती और बढ़ी हुई लागत का असर भारतीय IT companies की US business strategy पर भी पड़ सकता है। कंपनियां संभावित रूप से: इसका मतलब यह हो सकता है कि आने वाले समय में भारतीय IT professionals के लिए US onsite opportunities की competition और बढ़ जाए। H-4 Visa पर रहने वाले परिवारों पर भी असर H-1B employee की immigration स्थिति का असर उसके परिवार पर भी पड़ सकता है। H-4 status पर अमेरिका में रहने वाले spouse और children के लिए भी primary H-1B holder की स्थिति महत्वपूर्ण होती है। अगर principal H-1B worker को नौकरी जाने के बाद जल्दी नया immigration solution नहीं मिलता, तो परिवार को भी relocation या दूसरे immigration options पर विचार करना पड़ सकता है। इसका असर बच्चों की schooling, spouse की employment और परिवार की financial planning पर भी पड़ सकता है। क्या हर H-1B worker को नौकरी जाते ही अमेरिका छोड़ना पड़ेगा? यह सबसे महत्वपूर्ण बात है। 60-day grace period खत्म करने का प्रस्ताव अगर लागू होता भी है, तो उसकी वास्तविक conditions अंतिम नियम में स्पष्ट होंगी। इसके अलावा H-1B worker की स्थिति उसके individual immigration circumstances, pending petitions, authorized stay और उपलब्ध दूसरे legal options पर निर्भर कर सकती है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि grace period हटते ही हर H-1B worker को नौकरी खत्म होने के अगले दिन अमेरिका छोड़ना पड़ेगा। क्या भारतीयों के लिए US में Jobs खत्म हो जाएंगी? ऐसा कहना भी सही नहीं होगा। अमेरिका की technology, healthcare, research, engineering और दूसरे specialized sectors में skilled professionals की मांग बनी हुई है। लेकिन नए नियमों से H-1B sponsorship की लागत और immigration uncertainty बढ़ सकती है। इसका सबसे बड़ा असर नए applicants और ऐसे professionals पर पड़ सकता है जिन्हें employer sponsorship की जरूरत है। H-1B Indians के लिए आगे क्या महत्वपूर्ण होगा? भारतीय H-1B professionals को आने वाले समय में immigration policy में होने वाले बदलावों पर नजर रखनी होगी। खासकर ये चार चीजें महत्वपूर्ण रहेंगी: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
PM Modi

PM Modi in Uzbekistan: SCO Summit से पहले पीएम मोदी का बड़ा बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) शनिवार को Uzbekistan और Kyrgyz Republic के चार दिवसीय दौरे के लिए रवाना हो गए। 29 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक चलने वाली इस यात्रा में पीएम मोदी पहले उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद जाएंगे। इसके बाद वह किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित होने वाले 26वें Shanghai Cooperation Organisation (SCO) Summit में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे से पहले कहा कि भारत SCO के सदस्य देशों के साथ मिलकर ऐसा क्षेत्र बनाने की दिशा में काम करेगा, जो आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से मुक्त हो। उन्होंने SCO के लिए भारत की प्राथमिकताओं को Security, Connectivity और Opportunity से जोड़ा है। PM Modi Uzbekistan Visit: द्विपक्षीय संबंधों पर होगी अहम बातचीत उज्बेकिस्तान की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दोनों नेताओं के बीच भारत और उज्बेकिस्तान के संबंधों को और मजबूत करने के लिए कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। इस दौरान Trade and Investment, Defence, Energy, Education और Digital Connectivity जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा। भारत के लिए उज्बेकिस्तान Central Asia का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। ऐसे में पीएम मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक, सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। Tashkent में Shastri Memorial और Mahatma Gandhi Centre जाएंगे PM Modi ताशकंद में प्रधानमंत्री मोदी Lal Bahadur Shastri Memorial और Mahatma Gandhi Centre का दौरा भी करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए भारत और उज्बेकिस्तान के बीच ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया जाएगा। भारत और Central Asia के बीच सदियों पुराने व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। मौजूदा दौर में दोनों पक्ष इन रिश्तों को आधुनिक आर्थिक और रणनीतिक सहयोग में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। SCO Summit 2026 में Terrorism पर भारत का सख्त रुख उज्बेकिस्तान दौरे के बाद पीएम मोदी 31 अगस्त और 1 सितंबर को बिश्केक में होने वाले 26वें SCO Summit में शामिल होंगे। यह सम्मेलन SCO की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। SCO Summit में regional security, terrorism, extremism, connectivity और economic cooperation जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे। भारत लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर मजबूत कार्रवाई की वकालत करता रहा है। पीएम मोदी ने कहा है कि भारत SCO के माध्यम से ऐसे क्षेत्र के निर्माण के लिए काम करेगा, जो terrorism, separatism और extremism से मुक्त हो। उनका यह संदेश SCO Summit में भारत की सुरक्षा प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है। Security और Connectivity पर भी रहेगा फोकस SCO के मंच पर भारत के लिए Security, Connectivity और Opportunity प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। मध्य एशिया के साथ बेहतर connectivity भारत के आर्थिक और रणनीतिक हितों के लिए महत्वपूर्ण है। व्यापार मार्गों, ऊर्जा सहयोग, डिजिटल कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देने से भारत और Central Asian देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूती मिल सकती है। प्रधानमंत्री मोदी SCO Summit के दौरान अन्य सदस्य देशों के नेताओं के साथ Bilateral Meetings भी कर सकते हैं। इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत की संभावना है। World Nomad Games के Opening Ceremony में शामिल होंगे PM Modi किर्गिस्तान दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी 6th World Nomad Games के Opening Ceremony में भी शामिल होंगे। यह आयोजन Central Asia की पारंपरिक संस्कृति, खेल और विरासत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करता है। पीएम मोदी की इस कार्यक्रम में भागीदारी भारत और किर्गिस्तान के बीच people-to-people और cultural ties को और मजबूत करने का अवसर भी होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
RBI

EMI नहीं चुकाई तो क्या होगा? RBI Loan Recovery Rules में बदलाव, जानिए Bank क्या नहीं कर सकता

अगर आपने Personal Loan, Home Loan, Car Loan या किसी अन्य तरह का Loan लिया है और किसी वजह से EMI समय पर नहीं चुका पा रहे हैं, तो आपके लिए RBI के Loan Recovery Rules जानना बेहद जरूरी है। EMI डिफॉल्ट होने पर बैंक या NBFC बकाया रकम की Recovery कर सकता है, लेकिन इसके लिए उसे RBI के नियमों का पालन करना जरूरी है। कई लोग यह मान लेते हैं कि EMI मिस होने के बाद Recovery Agent घर आकर धमका सकता है या किसी भी समय फोन कर सकता है। ऐसा नहीं है। RBI ने Loan Recovery के दौरान ग्राहकों के सम्मान, Privacy और उचित व्यवहार को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए हैं। EMI Miss होने पर सबसे पहले क्या होता है? अगर आपकी EMI तय तारीख पर जमा नहीं होती है, तो बैंक इसे Overdue Payment के रूप में दर्ज कर सकता है। Loan Agreement के मुताबिक बैंक बकाया रकम के साथ लागू ब्याज या अन्य वैध Charges की मांग कर सकता है। अगर EMI लगातार Miss होती रहती है, तो बैंक ग्राहक से संपर्क कर सकता है और बकाया रकम चुकाने के लिए कह सकता है। लंबे समय तक भुगतान न होने पर बैंक अपने नियमों और लागू कानून के अनुसार Recovery Process आगे बढ़ा सकता है। इसलिए RBI के नियमों का मतलब यह नहीं है कि EMI नहीं चुकाने पर बैंक पैसा नहीं मांग सकता। नियम मुख्य रूप से यह तय करते हैं कि Recovery किस तरीके से की जा सकती है। RBI Loan Recovery Rules: Bank आपको कब कॉल कर सकता है? RBI के निर्देशों के अनुसार Overdue Loan की Recovery के लिए ग्राहक से सुबह 8 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद संपर्क नहीं किया जाना चाहिए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि Recovery Agent ग्राहकों को अनुचित समय पर फोन करके परेशान न करें। अगर कोई Recovery Agent लगातार देर रात या सुबह-सुबह कॉल करता है, तो ग्राहक इस मामले की शिकायत संबंधित Bank या NBFC से कर सकता है। Recovery Agent आपको धमका नहीं सकता Loan की Recovery के लिए Bank या NBFC Recovery Agent की मदद ले सकता है, लेकिन Agent को ग्राहक के साथ धमकी, गाली-गलौज, अपमानजनक व्यवहार या मानसिक दबाव बनाने की अनुमति नहीं है। Recovery का उद्देश्य बकाया रकम की वसूली करना है, ग्राहक को डराना या परेशान करना नहीं। RBI ने Regulated Entities को अपने Recovery Agents की गतिविधियों पर उचित निगरानी रखने की जिम्मेदारी भी दी है। परिवार और दोस्तों को भी परेशान नहीं कर सकता Bank अगर आपकी EMI बकाया है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि Recovery Agent आपके परिवार, दोस्तों या परिचितों को परेशान करके आप पर दबाव बनाए। ग्राहक की Privacy और सम्मान का ध्यान रखना जरूरी है। किसी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करना या उसके कर्ज की जानकारी का अनुचित तरीके से इस्तेमाल करना Recovery का स्वीकार्य तरीका नहीं है। क्या Bank घर आकर Recovery कर सकता है? बकाया Loan की Recovery के लिए Bank या उसका अधिकृत Recovery Agent ग्राहक से संपर्क कर सकता है। हालांकि, Recovery करते समय निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। अगर Loan के बदले कोई Asset जैसे Car, Property या अन्य Security रखी गई है, तो Default की स्थिति में Bank के पास कानून और Loan Agreement के तहत Recovery के अधिकार हो सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि Recovery Agent अपनी मर्जी से जबरन सामान या संपत्ति पर कब्जा कर सकता है। Loan Default होने पर Credit Score पर भी असर पड़ सकता है EMI का लगातार भुगतान न करने का असर केवल Bank Recovery तक सीमित नहीं रहता। Loan Repayment History आपके Credit Profile को प्रभावित कर सकती है। अगर Loan Account में लगातार Default होता है, तो भविष्य में Loan या Credit Card लेने में परेशानी हो सकती है। इसलिए आर्थिक परेशानी होने पर EMI को नजरअंदाज करने के बजाय Bank से समय रहते संपर्क करना बेहतर होता है। Recovery Agent परेशान करे तो क्या करें? अगर कोई Recovery Agent RBI के नियमों का उल्लंघन करता है, तो ग्राहक को सबसे पहले संबंधित Bank या NBFC के Grievance Redressal Mechanism में शिकायत करनी चाहिए। शिकायत करते समय कॉल रिकॉर्ड, SMS, WhatsApp Message, Email या अन्य उपलब्ध सबूत सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है। अगर Bank या NBFC से शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो पात्र मामलों में RBI की Ombudsman व्यवस्था के तहत शिकायत की जा सकती है। क्या EMI नहीं भरने पर Bank Loan माफ कर देगा? नहीं। RBI के Recovery Rules का उद्देश्य ग्राहकों को अनुचित Recovery Practices से सुरक्षा देना है। इसका मतलब यह नहीं है कि EMI नहीं भरने पर Loan अपने आप माफ हो जाएगा। Bank अपने Loan Agreement और लागू कानून के अनुसार बकाया रकम की Recovery कर सकता है। लंबे समय तक Default की स्थिति में कानूनी कार्रवाई भी संभव है। EMI भरने में परेशानी हो तो क्या करें? अगर आपको लगता है कि किसी महीने या आने वाले समय में EMI भरना मुश्किल हो सकता है, तो Bank या NBFC से जल्द संपर्क करें। अपनी Financial Situation के बारे में जानकारी देकर उपलब्ध विकल्पों के बारे में पूछें। सबसे जरूरी बात यह है कि Recovery Agent के दबाव में आकर किसी अनजान व्यक्ति के Personal Account में पैसा जमा न करें। Payment हमेशा Bank/NBFC के अधिकृत माध्यम से ही करें। RBI Loan Recovery Rules का सबसे जरूरी सार EMI समय पर नहीं चुकाने पर Bank आपसे बकाया रकम की मांग कर सकता है और नियमों के अनुसार Recovery Process शुरू कर सकता है। लेकिन Recovery के दौरान Bank या उसके Agent को ग्राहक की Privacy और सम्मान का ध्यान रखना होगा। याद रखें: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CNG Price

Delhi CNG Price: CNG के दाम में ₹3.89 की बढ़ोतरी, अब ₹86.98 प्रति किलो मिलेगा गैस

दिल्ली-NCR में CNG इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। CNG Price Hike के तहत इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने CNG की कीमत में ₹3.89 प्रति किलो की बढ़ोतरी की है। नई कीमतें 29 अगस्त 2026 से लागू हो गई हैं। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में CNG का रेट ₹83.09 प्रति किलो से बढ़कर ₹86.98 प्रति किलो हो गया है। यह 2026 में दिल्ली-NCR में CNG की पांचवीं कीमत बढ़ोतरी है। लगातार हो रही बढ़ोतरी से CNG कार चलाने वाले लोगों के साथ-साथ ऑटो, टैक्सी, कैब और कमर्शियल वाहनों के ड्राइवरों पर भी ईंधन खर्च का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। Delhi CNG Price: अब कितना हुआ CNG का रेट? IGL की नई कीमतों के मुताबिक दिल्ली-NCR के अलग-अलग शहरों में CNG के दाम इस प्रकार हैं: दिल्ली में CNG की कीमत में सीधे ₹3.89 प्रति किलो की वृद्धि हुई है। इसका मतलब है कि जो वाहन रोजाना बड़ी मात्रा में CNG की खपत करते हैं, उनके लिए महीने का fuel budget पहले की तुलना में और बढ़ जाएगा। Why CNG Price Increased: क्यों बढ़े CNG के दाम? IGL के अनुसार, CNG की कीमत बढ़ाने की मुख्य वजह imported LNG की बढ़ी हुई लागत है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में LNG की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर गैस की supply और import cost पर पड़ा है। पश्चिम एशिया में तनाव के कारण LNG की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ी है। इसके चलते global energy market में कीमतों पर दबाव बना हुआ है। IGL ने इसी बढ़ी हुई input cost के एक हिस्से को CNG की कीमतों में शामिल किया है। 2026 में पांचवीं बार महंगी हुई CNG दिल्ली-NCR में वर्ष 2026 के दौरान CNG की कीमतों में यह पांचवीं बढ़ोतरी है। इससे पहले भी इस साल अलग-अलग चरणों में CNG के दाम बढ़ाए गए थे। बार-बार होने वाली price hike के कारण CNG को economical fuel मानकर इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिकों की लागत लगातार बढ़ रही है। हालांकि पेट्रोल और डीजल की तुलना में CNG अभी भी कई वाहन चालकों के लिए एक महत्वपूर्ण alternative fuel बनी हुई है। CNG Price Hike का आम लोगों पर क्या असर होगा? CNG की कीमत बढ़ने का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं। निजी CNG कारों के अलावा auto-rickshaw, taxi, cab और commercial vehicles चलाने वालों की operating cost भी बढ़ेगी। ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए बढ़ती fuel cost का सीधा असर उनकी daily earnings पर पड़ सकता है। अगर CNG की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो भविष्य में इसका असर transportation charges और passenger fares पर भी देखने को मिल सकता है। CNG महंगी होने से बढ़ सकता है Monthly Fuel Budget उदाहरण के तौर पर, अगर कोई वाहन प्रतिदिन 5 किलो CNG की खपत करता है, तो ₹3.89 प्रति किलो की अतिरिक्त कीमत के कारण उसका खर्च करीब ₹19.45 प्रतिदिन बढ़ जाएगा। 30 दिनों में यह अतिरिक्त खर्च लगभग ₹584 हो सकता है। जिन commercial vehicles की रोजाना CNG consumption इससे कहीं अधिक है, उनके लिए अतिरिक्त मासिक खर्च भी काफी ज्यादा होगा। आगे CNG के दाम पर क्या रहेगा असर? CNG की कीमतों पर आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय LNG prices, global gas supply और पश्चिम एशिया की स्थिति का असर महत्वपूर्ण रहेगा। अगर imported gas की लागत ऊंची बनी रहती है, तो domestic CNG prices पर भी दबाव बना रह सकता है। फिलहाल दिल्ली-NCR के लोगों को 29 अगस्त से CNG के लिए ₹3.89 प्रति किलो ज्यादा भुगतान करना होगा। दिल्ली में नई CNG कीमत ₹86.98 प्रति किलो पहुंच गई है, जबकि नोएडा और गाजियाबाद में यह ₹95.59 प्रति किलो हो गई है। CNG Price Hike 2026 की यह पांचवीं बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब बढ़ती fuel और transportation costs पहले से ही आम लोगों के बजट को प्रभावित कर रही हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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