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Narendra Modi - सरदार पटेल चाहते थे पूरा कश्मीर भारत का हिस्सा बने, लेकिन नेहरू ने किया बांटवारा

Narendra Modi – सरदार पटेल चाहते थे पूरा कश्मीर भारत का हिस्सा बने, लेकिन नेहरू ने किया बांटवारा

Narendra Modi ने कांग्रेस और देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अगर सरदार पटेल की बात मानी गई होती, तो आज पूरा कश्मीर भारत का होता। लेकिन नेहरू ने गलत फैसला लेकर देश को बांट दिया। मोदी ने कहा, “जो काम अंग्रेज नहीं कर पाए, वो कांग्रेस ने कर दिखाया। उन्होंने देश को तोड़ा और लोगों के दिलों में दीवार खड़ी कर दी।” पीएम ने कांग्रेस पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने ‘वंदे मातरम्’ गीत का भी हिस्सा काट दिया, जबकि यह गीत हमारी आजादी और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज भारत सरदार पटेल के दिखाए रास्ते पर चल रहा है और देश की एकता-अखंडता को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मोदी बोले — “कांग्रेस ने जिस सोच से देश को कमजोर किया, हम उसी सोच को खत्म करने के लिए काम कर रहे हैं।” इस मौके पर प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे इतिहास से सबक लें और एक मजबूत, एकजुट भारत के निर्माण में योगदान दें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NDA

Bihar चुनाव NDA का घोषणापत्र हुआ लॉन्च महिलाओं को ₹2 लाख युवाओं को 1 करोड़ नौकरियों का वादा

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Election 2025) की राजनीति अब चरम पर पहुंच गई है।आज NDA ने अपना चुनावी घोषणापत्र जारी किया, जिसमें महिलाओं, युवाओं और किसानों को लेकर कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं।प्रधानमंत्री Narendra Modi और मुख्यमंत्री Nitish Kumar की मौजूदगी में जारी इस NDA Manifesto 2025 को ‘Viksit Bihar, Aatmanirbhar Bihar’ का ब्लूप्रिंट बताया गया है। महिलाओं के लिए ₹2 लाख की सहायता – ‘लखपति दीदी योजना’ घोषणापत्र में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए बड़ी योजना का ऐलान किया गया है।NDA ने कहा है कि हर महिला को ₹2 लाख तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी ताकि वे ‘Lakhpati Didi’ बन सकें।महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को मजबूत करने और छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए भी सहयोग दिया जाएगा। युवाओं के लिए रोजगार और स्टार्टअप्स को समर्थन NDA ने युवाओं के लिए रोजगार को सबसे बड़ा मुद्दा बनाया है।घोषणापत्र में कहा गया है कि आने वाले वर्षों में बिहार के युवाओं को 1 crore employment opportunities दिए जाएंगे।इसके अलावा, Startups और Skill Development को बढ़ावा देने के लिए Interest-Free Loans और Training Programs शुरू होंगे।साथ ही, बिहार में IT Parks और Industrial Hubs विकसित किए जाएंगे ताकि Private Sector Jobs बढ़ें। किसानों के लिए एमएसपी और ₹1 लाख करोड़ का निवेश किसानों के लिए NDA का घोषणापत्र खासतौर पर आकर्षक है।सरकार ने वादा किया है कि सभी मुख्य फसलों पर MSP (Minimum Support Price) लागू किया जाएगा ताकि किसानों को सही दाम मिले।इसके साथ, कृषि क्षेत्र में ₹1 Lakh Crore का निवेश किया जाएगा जिससे सिंचाई, भंडारण, फसल बीमा और Food Processing को मजबूती मिलेगी। अति-पिछड़े वर्गों को ₹10 लाख तक आर्थिक सहायता NDA ने सामाजिक न्याय पर ध्यान देते हुए अति-पिछड़े वर्गों के लिए बड़ी योजना की घोषणा की है।इस वर्ग के लोगों को स्वरोजगार के लिए ₹10 Lakh तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी।इसके अलावा, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में विशेष आरक्षण और स्कॉलरशिप दी जाएगी। बुनियादी ढांचे और विकास पर बड़ा फोकस घोषणापत्र में कहा गया है कि बिहार को आधुनिक बनाने के लिए राज्यभर में बड़े विकास कार्य किए जाएंगे — शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार का वादा NDA ने घोषणा की है कि हर ब्लॉक में Medical College ya Hospital बनाया जाएगा।हर पंचायत में Digital School और Smart Classroom की सुविधा दी जाएगी।साथ ही, गरीब परिवारों को Free Treatment aur Medicines दी जाएंगी। विरोधियों का पलटवार वहीं, विपक्षी Mahagathbandhan ने NDA के घोषणापत्र को “jumlon ka bundle” बताया है।Rahul Gandhi और Tejashwi Yadav ने कहा कि पिछले घोषणापत्र के वादे अधूरे हैं और जनता अब झूठे वादों में नहीं फंसेगी। अब सवाल यही है कि बिहार की जनता किसके वादों पर भरोसा करेगी —NDA ke Vikas Model पर या Opposition ke Badlaav ke Sandesh पर?बिहार का यह चुनाव सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य की दिशा तय करेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bihar

Bihar चुनाव 2025 छपरा और मुज़फ्फरपुर में आज पीएम मोदी की दो बड़ी जनसभाएं

Bihar विधानसभा चुनाव 2025 में सियासी पारा चढ़ चुका है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) बिहार दौरे पर हैं और वे राज्य में दो बड़ी जनसभाओं को संबोधित करेंगे। ये सभाएं मुज़फ्फरपुर (Muzaffarpur) और छपरा (Chhapra) जिलों में होंगी। माना जा रहा है कि पीएम मोदी की इन रैलियों से एनडीए (NDA) के चुनावी अभियान को जबरदस्त रफ्तार मिलेगी। पीएम मोदी का बिहार दौरा: दो जिलों में जनसभाएं प्रधानमंत्री मोदी की पहली रैली मुज़फ्फरपुर में आयोजित की जाएगी, जहां वे एनडीए उम्मीदवारों के समर्थन में जनता से वोट की अपील करेंगे। इसके बाद वे छपरा (सारण जिला) में दूसरी बड़ी सभा को संबोधित करेंगे। दोनों स्थानों पर भारी भीड़ की संभावना है और सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं। विकास और योजनाओं का ज़िक्र करेंगे पीएम अपनी रैलियों में प्रधानमंत्री मोदी केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं जैसे —प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्जवला योजना, किसान सम्मान निधि और डिजिटल इंडिया — की उपलब्धियों को जनता के सामने रखेंगे।साथ ही, वे बिहार के विकास और युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसरों पर भी बात करेंगे। NDA नेताओं में उत्साह, विपक्ष ने कसा तंज पीएम मोदी की रैलियों को लेकर बिहार में बीजेपी (BJP) और जेडीयू (JDU) कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राज्य के बीजेपी नेता खुद तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं।वहीं, तेजस्वी यादव और महागठबंधन ने कहा है कि “जनता अब वादों और प्रचार से नहीं, रोजगार और महंगाई से राहत चाहती है।” बिहार की राजनीति में नया मोड़ पीएम मोदी की आज की रैलियां बिहार की राजनीति में एक बड़ा मोड़ ला सकती हैं। यह एनडीए के लिए जहां शक्ति प्रदर्शन का मौका है, वहीं विपक्ष के लिए चुनौती भी। आने वाले दिनों में बिहार का चुनावी संग्राम और तेज़ होने वाला है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Accident

Bengaluru Road Rage मामूली Accident बना Murder Couple ने 2 KM तक Bike सवार का पीछा किया

बेंगलुरु (Bengaluru) के पुट्टेनाहल्ली (Puttenahalli) इलाके में एक मामूली Accident ने भयावह रूप ले लिया। एक Married Couple ने Bike सवार दो युवकों का करीब 2 किलोमीटर तक पीछा किया और फिर जानलेवा टक्कर मार दी। इस हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल हो गया। Minor Accident से शुरू हुई Road Rage की कहानी यह घटना 25 अक्टूबर की रात की है। दर्शन और उसका दोस्त वरुण अपनी बाइक से घर जा रहे थे, तभी उनकी बाइक एक Car के मिरर से हल्की सी टकरा गई। Car में सवार पति-पत्नी मनोज़ कुमार और आरती शर्मा इस बात पर इतना गुस्सा हो गए कि उन्होंने बाइक सवारों का पीछा करना शुरू कर दिया। 2 KM तक पीछा, फिर जानलेवा टक्कर CCTV फुटेज के अनुसार, मनोज और आरती ने लगभग 2 किलोमीटर तक Bike सवारों का पीछा किया। पहले उन्होंने उन्हें ओवरटेक करने की कोशिश की, लेकिन जब बाइक नहीं रुकी तो कार ने U-Turn लेकर दोबारा उन्हें पकड़ने की कोशिश की।इसके बाद कार ने तेज़ रफ्तार में बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में दर्शन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी वरुण गंभीर रूप से घायल हो गया। Mask पहनकर लौटे, सबूत छुपाने की कोशिश टक्कर के बाद आरोपी Couple तुरंत Spot से फरार हो गया। कुछ देर बाद वे मास्क पहनकर वापस लौटे और अपनी कार के टूटे हुए हिस्से (बंपर, शीशे आदि) उठाकर फिर से वहां से भाग निकले। पुलिस ने CCTV फुटेज की मदद से उनकी पहचान कर ली और दोनों को गिरफ्तार कर लिया। Police ने Murder का केस दर्ज किया पहले इसे एक साधारण Accident माना जा रहा था, लेकिन जब CCTV वीडियो सामने आया तो पुलिस ने इसे Murder Case में बदल दिया।बेंगलुरु पुलिस ने बताया कि दंपत्ति ने जानबूझकर बाइक सवारों को टक्कर मारी थी, इसलिए यह एक Road Accident नहीं बल्कि जानलेवा हमला है। देशभर में बढ़ रहे Road Rage के केस बेंगलुरु समेत देशभर में हाल के सालों में Road Rage के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। ट्रैफिक जाम, अधीरता और गुस्सा सड़कों पर हिंसा में बदलता जा रहा है। यह घटना इस बात की भयावह मिसाल है कि एक मामूली Mirror Hit भी जानलेवा साबित हो सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Murmu

Rafale में उड़ीं President Murmu महिला पायलट Shivangi Singh से की मुलाकात

Ambala (Haryana): भारत की राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने बुधवार को हरियाणा के Ambala Air Force Station से Rafale Fighter Jet में उड़ान भरकर नया इतिहास रच दिया। यह उड़ान करीब 40 मिनट तक चली, जिसमें उन्होंने भारतीय वायुसेना की ताकत, अनुशासन और तकनीकी क्षमता को नजदीक से महसूस किया। First Indian President बनीं जिन्होंने दो Fighter Jets में उड़ान भरी President Murmu इससे पहले 2023 में Sukhoi-30 MKI फाइटर जेट में उड़ान भर चुकी हैं। अब उन्होंने Rafale Jet में sortie लेकर इतिहास रच दिया — वे भारत की पहली ऐसी राष्ट्रपति बन गईं जिन्होंने दो अलग-अलग Combat Aircraft में उड़ान भरी है। Ambala Airbase से हुआ Historic Sortie राष्ट्रपति ने No. 17 Squadron ‘Golden Arrows’ के Rafale Jet से उड़ान भरी। यही स्क्वाड्रन 2020 में रफाल को सबसे पहले भारतीय वायुसेना में शामिल करने वाली यूनिट थी।यह sortie लगभग 40 मिनट तक चली और हरियाणा के आसमान में निर्धारित क्षेत्र में पूरी हुई। इस दौरान उनके साथ एक अनुभवी वायुसेना पायलट मौजूद रहे। महिला रफाल पायलट Shivangi Singh से मुलाकात Ambala पहुंचने पर राष्ट्रपति ने भारत की पहली महिला रफाल पायलट Squadron Leader Shivangi Singh से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि “भारत की बेटी आज Fighter Jet उड़ा रही है, यह देश की नारी शक्ति और आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक है।” Air Force Chief भी रहे मौजूद इस मौके पर Air Chief Marshal V.R. Chaudhari और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।Sortie के बाद राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा — “यह मेरे लिए गर्व और सम्मान का क्षण है। भारतीय वायुसेना की professionalism और dedication को करीब से देखना अद्भुत अनुभव रहा।” Rafale Jet – भारत की हवाई ताकत का Symbol फ्रांस से 2020 में शामिल किया गया Rafale Fighter Jet भारत की वायु शक्ति की रीढ़ बन चुका है। यह जेट हाल ही में Operation Sindoor में भी शामिल रहा था, जिसमें भारत ने दुश्मन ठिकानों पर सटीक कार्रवाई की थी।रफाल की स्पीड 2,200 km/h से ज्यादा है और यह हवा से हवा और हवा से जमीन — दोनों तरह के मिशन में सक्षम है। Supreme Commander का Modern Touch भारत की राष्ट्रपति होने के नाते Droupadi Murmu सशस्त्र बलों की Supreme Commander हैं। उनका यह sortie केवल प्रतीकात्मक नहीं बल्कि यह संदेश देता है कि राष्ट्राध्यक्ष सेना के मनोबल और modernization के साथ खड़ी हैं। President Droupadi Murmu का यह Rafale Sortie भारत के इतिहास में एक गर्व का अध्याय बन गया है। यह न केवल महिला नेतृत्व और empowerment का उदाहरण है, बल्कि भारत की रक्षा शक्ति के नए युग की झलक भी देता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Alinagar में BJP पर नाराजगी: लोगों ने कहा- 'Maithili Thakur को वोट नहीं देंगे, जीतकर दिल्ली चली जाएंगी'

Alinagar में BJP पर नाराजगी: लोगों ने कहा- ‘Maithili Thakur को वोट नहीं देंगे, जीतकर दिल्ली चली जाएंगी’

बिहार चुनाव के दौरान Alinagar विधानसभा क्षेत्र में माहौल गर्म है। यहां BJP प्रत्याशी Alinagar में BJP पर नाराजगी: लोगों ने कहा- ‘Maithili Thakur को लेकर लोगों में नाराजगी साफ नजर आ रही है। कई स्थानीय लोग कह रहे हैं कि वे मैथिली को वोट नहीं देंगे, क्योंकि “वो बाहरी हैं” और “जीतकर दिल्ली चली जाएंगी”। गांव के कई लोगों का कहना है कि बीजेपी ने स्थानीय कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर बाहर से उम्मीदवार लाकर “पाग” यानी मिथिला की अस्मिता का अपमान किया है। उनका कहना है कि मैथिली ठाकुर भले ही सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हैं, लेकिन जनता अपने बीच के नेता को चाहती है जो हर सुख-दुख में साथ रहे। स्थानीय मतदाताओं का कहना है कि “हम चाहते हैं अपना उम्मीदवार, जो यहीं रहे, हमारे बीच। दिल्ली में रहने वाली मैथिली को क्या पता यहां की परेशानी क्या है?” हालांकि, बीजेपी समर्थकों का तर्क है कि मैथिली ठाकुर युवाओं की पहचान हैं और मिथिला संस्कृति की आवाज हैं। वे मानते हैं कि विरोध सिर्फ कुछ स्थानीय नेताओं तक सीमित है, आम जनता अब भी मैथिली के साथ है। अलीनगर की यह लड़ाई अब सिर्फ सीट की नहीं, बल्कि “स्थानीय बनाम बाहरी” और “अस्मिता बनाम पहचान” की बन चुकी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tejashwi

Tejashwi- Rahul की जोड़ी ने बदले Bihar Election के समीकरण, Priyanka भी मैदान में उतरीं

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Assembly Election 2025) जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, सियासी पारा तेजी से चढ़ता जा रहा है। अब कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। दोनों नेता आज मुजफ्फरपुर के सकरा से महागठबंधन के प्रचार अभियान की शुरुआत करेंगे, जहां उनके साथ तेजस्वी यादव भी मंच साझा करेंगे। यह रैली सिर्फ प्रचार नहीं, बल्कि “एकता का संदेश” देने की कोशिश है। कांग्रेस और राजद दोनों मिलकर यह दिखाना चाहते हैं कि विपक्ष पहले से कहीं ज्यादा संगठित और मजबूत है। राहुल-प्रियंका की जोड़ी से महागठबंधन में नई Energy पिछले कुछ समय से राहुल गांधी प्रचार से दूर थे, जिससे गठबंधन की गति थोड़ी धीमी पड़ गई थी। लेकिन अब प्रियंका गांधी के साथ उनकी एंट्री से पार्टी में नई Energy और Momentum देखने को मिल रहा है। तेजस्वी बने Face, राहुल-प्रियंका कर रहे Strategy Lead महागठबंधन ने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया है। वहीं राहुल और प्रियंका गांधी रणनीति और प्रचार की बागडोर संभाल रहे हैं। दोनों नेताओं की उपस्थिति से कांग्रेस और राजद के बीच एक मजबूत तालमेल दिख रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह ‘Tejashwi as Arjun, Rahul as Krishna’ जैसी जोड़ी है, जो बिहार की सियासत में बड़ा बदलाव ला सकती है। Rahul Gandhi की Rally से दिखी Opposition Unity राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की पहली संयुक्त रैली के बाद अब दरभंगा, छपरा, गया और समस्तीपुर में भी Joint Rallies आयोजित होंगी। इसका मकसद है Opposition Unity का मैसेज देना और वोटरों को यह दिखाना कि गठबंधन में अब कोई मतभेद नहीं बचा। BJP-JDU पर तीखे हमले राहुल गांधी ने रैली में कहा, “बिहार को नफरत नहीं, विकास चाहिए। जनता अब झूठे वादों से थक चुकी है।” वहीं तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा, “अब बिहार को पलटूराज नहीं, युवा सोच चाहिए।” इन बयानों से साफ है कि महागठबंधन की रणनीति सीधे BJP-JDU गठबंधन पर हमला करने और जनता को एक नए विकल्प का भरोसा दिलाने पर केंद्रित है। Bihar Election में बदल सकते हैं समीकरण कांग्रेस के टॉप लेवल लीडर्स के एक्टिव होने से अब बिहार की सियासत में नया मोड़ आ सकता है। राहुल और प्रियंका गांधी की जोड़ी और तेजस्वी यादव का युवा जोश — यह कॉम्बिनेशन महागठबंधन के लिए बड़ा गेम-चेंजर साबित हो सकता है। Bihar चुनाव 2025 में अब लड़ाई पूरी तरह रोमांचक हो गई है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के मैदान में उतरने से महागठबंधन का Campaign Momentum तेजी से बढ़ गया है। अब देखने वाली बात होगी कि क्या यह Gandhi-Tejashwi Alliance बिहार की सत्ता तक पहुंच पाता है या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ambala में इतिहास रचा: President Droupadi Murmu ने राफेल में भरी उड़ान

Ambala में इतिहास रचा: President Droupadi Murmu ने राफेल में भरी उड़ान

Ambala एयरफोर्स स्टेशन पर आज का दिन इतिहास में दर्ज हो गया, जब देश की President Droupadi Murmu ने भारतीय वायुसेना के राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरी। यह पहली बार है जब किसी भारतीय राष्ट्रपति ने राफेल में उड़ान भरकर भारत की रक्षा शक्ति का अनुभव किया। उड़ान से पहले राष्ट्रपति मुर्मू ने एयरफोर्स स्टेशन पर मौजूद विभिन्न यूनिट्स का निरीक्षण किया और वायुसेना के अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने देश की सुरक्षा में वायुसेना के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि “भारतीय वायुसेना देश की गौरवशाली ताकत है और हम सबको उस पर गर्व है।” राफेल में बैठने के बाद जब राष्ट्रपति ने हाथ हिलाकर सभी को अभिवादन किया, तो वहां मौजूद जवानों ने तालियों से उनका स्वागत किया। इस खास पल ने पूरे देश को गर्व और सम्मान से भर दिया। राष्ट्रपति की यह उड़ान न सिर्फ तकनीकी दृष्टि से महत्वपूर्ण रही, बल्कि यह संदेश भी देती है कि भारत की बेटियाँ अब हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं — चाहे वह आसमान ही क्यों न हो। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Cyclone Montha

Cyclone Montha Landfall in Andhra Pradesh अब ओडिशा, एमपी और यूपी में भारी बारिश का खतरा

भारी तबाही मचाने वाला चक्रवाती तूफान Cyclone Montha मंगलवार शाम आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के तटीय इलाके में लैंडफॉल कर चुका है। काकीनाड़ा और कलिंगपट्टनम (Kakinada–Kalingapatnam) के बीच यह तूफान समुद्र तट से टकराया, जहां हवाओं की रफ्तार 90 से 110 km/h तक रही।भारत मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि Cyclone Montha अब कमजोर होकर “Cyclonic Storm” में तब्दील हो गया है, लेकिन इसके प्रभाव से Andhra, Odisha, Telangana, MP, UP और Rajasthan में भारी बारिश जारी है। Cyclone Montha Landfall के बाद स्थिति लैंडफॉल के बाद आंध्र प्रदेश के कई तटीय जिलों—पूर्वी गोदावरी, कृष्णा, पश्चिम गोदावरी और काकीनाड़ा—में बिजली आपूर्ति ठप है और पेड़ गिरने से सड़कों पर जाम लग गया।IMD ने कहा है कि तूफान के कमजोर पड़ने के बावजूद अगले 24 घंटे तक Heavy Rainfall और Thunderstorm का खतरा बना रहेगा। 1 की मौत, 40,000 से ज्यादा लोग शेल्टर में शिफ्ट आंध्र प्रदेश के कोनसीमा जिले के मकानगुडेम गांव में एक व्यक्ति की मौत तब हुई जब तेज़ हवाओं में पेड़ गिर गया।राज्य सरकार ने अब तक 40,000 से ज्यादा लोगों को राहत शिविरों (Relief Camps) में पहुंचाया है।ओडिशा के गंजाम, गजपति, कोरापुट जिलों में लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। Rain Alert: कई राज्यों में भारी बारिश Cyclone Montha का असर अब ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश तक पहुंच गया है।IMD ने चेतावनी दी है कि बुधवार और गुरुवार को इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) हो सकती है। किसानों को बड़ा नुकसान (Crop Damage Report) सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, Cyclone Montha से आंध्र प्रदेश में लगभग Power & Transport प्रभावित IMD Weather Update: अभी भी खतरा बरकरार IMD ने नए अपडेट में कहा है कि Cyclone Montha धीरे-धीरे कमजोर होकर Deep Depression में बदल सकता है, लेकिन इसके बाद भी कई राज्यों में बारिश और तूफान का असर रहेगा।Red Alert जारी किया गया है — Climate Change और Cyclone की बढ़ती आवृत्ति मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि समुद्र के बढ़ते तापमान की वजह से बंगाल की खाड़ी में चक्रवातों की संख्या और तीव्रता बढ़ी है।Cyclone Montha भी उसी का परिणाम है, जिसने कुछ ही घंटों में “Deep Depression” से “Severe Cyclone” का रूप ले लिया। Cyclone Montha ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारत के तटीय इलाकों में आपदा प्रबंधन और Early Warning System को और मजबूत करने की जरूरत है।सरकारें राहत कार्य में जुटी हैं, लेकिन असली चुनौती अब फसलों के नुकसान और पुनर्वास की है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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सरकार

मोदी सरकार का बड़ा फैसला! Justice Ranjana Desai को सौंपी 8th Pay Commission की कमान

देश के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इसके Terms of Reference (ToR) को भी हरी झंडी मिल गई है। Justice Ranjana Prakash Desai होंगी 8th Pay Commission की चेयरपर्सन सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की अध्यक्ष नियुक्त किया है। वे इससे पहले Uniform Civil Code (UCC) कमेटी की चेयरपर्सन भी रह चुकी हैं। न्यायिक अनुभव और प्रशासनिक समझ के चलते उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। आयोग में कुल तीन सदस्य होंगे —1️⃣ चेयरपर्सन (Chairperson)2️⃣ पार्ट-टाइम मेंबर (Part-time Member)3️⃣ मेंबर सेक्रेटरी (Member Secretary) 18 महीनों में रिपोर्ट, 1 जनवरी 2026 से लागू होने की उम्मीद कैबिनेट के फैसले के अनुसार, आयोग को अपनी रिपोर्ट 18 महीनों के भीतर केंद्र सरकार को सौंपनी होगी। रिपोर्ट में वेतन संरचना (Pay Structure), भत्तों (Allowances), बोनस और पेंशन सुधारों से जुड़ी सिफारिशें शामिल होंगी। सरकार की योजना है कि नई सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू की जाएं। 50 लाख कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स को होगा फायदा 8th Pay Commission की सिफारिशों से करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 69 लाख पेंशनर्स को सीधा लाभ मिलेगा। अनुमान है कि कर्मचारियों के वेतन में 25% से 35% तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। कर्मचारी संगठनों ने फैसले का स्वागत किया केंद्रीय कर्मचारी संघों ने सरकार के इस कदम की सराहना की है। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई और खर्चों को देखते हुए वेतन में संशोधन जरूरी था। वहीं, कुछ आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सरकार पर वित्तीय दबाव बढ़ेगा, लेकिन उपभोक्ता खर्च में वृद्धि से अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। पिछले वेतन आयोगों की झलक वेतन आयोग लागू वर्ष चेयरपर्सन 6th Pay Commission 1 जनवरी 2006 Justice बी.एन. श्रीकृष्ण 7th Pay Commission 1 जनवरी 2016 Justice ए.के. माथुर 8th Pay Commission 1 जनवरी 2026 (संभावित) Justice रंजना प्रकाश देसाई हर 10 साल में केंद्र सरकार वेतन आयोग गठित करती है ताकि कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन-भत्तों की समीक्षा हो सके। विशेषज्ञों का कहना है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने से सरकारी खजाने पर बोझ तो बढ़ेगा, लेकिन मध्यम वर्ग की खरीद क्षमता में सुधार आएगा। इससे Domestic Demand और Economic Growth दोनों को बल मिलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rahul Gandhi

Mallikarjun Kharge Shuddhikaran Row: मंच ‘शुद्ध’ कराने पर बवाल, Rahul Gandhi ने BJP-RSS को घेरा

 उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष Rahul Gandhi मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर मंच के ‘शुद्धिकरण’ को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर Rahul Gandhi ने BJP और RSS पर जातिगत भेदभाव तथा ‘मनुवादी सोच’ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। वहीं, BJP ने आरोपों से दूरी बनाते हुए मामले की जांच कराने की बात कही है। क्या है Haldwani Shuddhikaran विवाद? मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली को संबोधित किया था। रैली के कुछ दिन बाद कथित तौर पर कुछ लोगों ने मैदान में पूजा-पाठ और हवन कर ‘शुद्धिकरण’ किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई खड़गे के दलित समुदाय से होने के कारण की गई। पार्टी ने इसे छुआछूत और जातिगत भेदभाव की मानसिकता का उदाहरण बताया है। हालांकि, BJP की ओर से कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया गया है। BJP नेताओं का कहना है कि रैली के दौरान लगाए गए कुछ नारों से धार्मिक भावनाएं आहत हुई थीं और इसी वजह से धार्मिक अनुष्ठान किया गया था। BJP ने इस कार्रवाई को खड़गे की जाति से जोड़ने पर भी सवाल उठाए हैं। Mallikarjun Kharge ने राज्यसभा में उठाया मुद्दा मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मामले को राज्यसभा में भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाषण के बाद उस मंच का ‘शुद्धिकरण’ किया गया, जिससे उन्हें बेहद अपमानित महसूस हुआ। खड़गे ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी व्यक्ति को उसकी जाति के आधार पर अपवित्र मानना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ Untouchability Act के तहत कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की। खड़गे का कहना है कि ऐसी घटनाएं केवल किसी एक व्यक्ति का अपमान नहीं हैं, बल्कि देश में सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों पर भी सवाल खड़े करती हैं। Rahul Gandhi का BJP-RSS पर हमला हल्द्वानी के इस विवाद पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कथित ‘शुद्धिकरण’ को दलितों के अपमान से जोड़ते हुए BJP और RSS पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस तरह की सोच BJP-RSS की कथित ‘मनुवादी मानसिकता’ को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और छुआछूत तथा जातिगत भेदभाव के लिए आधुनिक भारत में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस ने इस मुद्दे को सामाजिक न्याय और दलित सम्मान से जोड़ते हुए सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। क्या Rahul Gandhi ने SC/ST Act के तहत FIR की मांग की? इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार SC/ST Act के तहत FIR दर्ज कराने की स्पष्ट मांग राहुल गांधी की ओर से नहीं बताई गई है। रिपोर्टों में मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा Untouchability Act के तहत मामला दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग का उल्लेख है। वहीं, राहुल गांधी ने घटना को दलितों के अपमान, जातिगत भेदभाव और कथित मनुवादी सोच से जोड़कर BJP-RSS पर राजनीतिक हमला किया। इसलिए खबर को पेश करते समय राहुल गांधी के बयान और खड़गे की कानूनी कार्रवाई की मांग को अलग-अलग रखना जरूरी है। BJP ने क्या कहा? BJP ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है। पार्टी की ओर से कहा गया कि वह किसी भी तरह के भेदभावपूर्ण व्यवहार का समर्थन नहीं करती। केंद्रीय मंत्री और BJP के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने मामले की जांच का आश्वासन दिया। BJP नेताओं का कहना है कि घटना के पीछे धार्मिक कारण हो सकते हैं और इसे खड़गे की जाति से जोड़ना उचित नहीं है। अब इस मामले में जांच के परिणाम महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि इसी से यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित ‘शुद्धिकरण’ किसने कराया और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था। कांग्रेस ने राज्यपाल से भी की शिकायत मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने उत्तराखंड के राज्यपाल से मुलाकात कर कथित ‘शुद्धिकरण’ की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है। कांग्रेस का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की जाति के आधार पर किसी सार्वजनिक स्थान या मंच को ‘अपवित्र’ माना गया है, तो यह गंभीर सामाजिक और संवैधानिक मुद्दा है। Haldwani Row बना Political मुद्दा हल्द्वानी का ‘शुद्धिकरण’ विवाद अब स्थानीय घटना से आगे बढ़कर राष्ट्रीय राजनीति का मुद्दा बन गया है। कांग्रेस इसे Dalit dignity, social equality और constitutional values से जोड़ रही है, जबकि BJP कांग्रेस पर घटना को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगा रही है। फिलहाल दोनों पक्षों के दावों के बीच इस मामले में जांच और संभावित कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजर है। विवाद के आगे बढ़ने के साथ Rahul Gandhi, Mallikarjun Kharge, Haldwani Shuddhikaran Row, FIR और SC/ST Act जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में बने हुए हैं।
H-1B

H-1B Rules में बड़ा बदलाव: Trump हटाएंगे 60 Days Grace Period? Indian IT Professionals पर असर

अमेरिका में काम करने वाले भारतीय H-1B visa holders के लिए Donald Trump administration की immigration policies लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। अब H-1B के तहत मिलने वाली 60 Days Grace Period को खत्म करने की तैयारी की खबरों ने भारतीय IT professionals के बीच नई चिंता पैदा कर दी है। अगर यह प्रस्ताव अंतिम रूप से लागू होता है, तो नौकरी जाने के बाद H-1B workers को अमेरिका में नई नौकरी तलाशने के लिए मिलने वाली मौजूदा 60 दिनों की राहत खत्म हो सकती है। इसके साथ ही H-1B visa से जुड़ी बढ़ी हुई लागत और दूसरे proposed immigration changes भी भारतीय professionals के लिए अमेरिका में नौकरी और long-term career planning को प्रभावित कर सकते हैं। क्या है H-1B 60 Days Grace Period? मौजूदा नियमों के तहत, अगर किसी H-1B worker की नौकरी समाप्त हो जाती है, तो कुछ परिस्थितियों में उसे अधिकतम 60 दिन या उसके authorized stay की समाप्ति तक, जो भी पहले हो, अमेरिका में रहने की अनुमति मिल सकती है। इस दौरान कर्मचारी: टेक्नोलॉजी सेक्टर में layoffs के दौरान यह grace period H-1B workers के लिए एक महत्वपूर्ण safety net बन गई है। Trump Administration क्यों बदलना चाहती है H-1B Rules? Trump administration लंबे समय से अमेरिकी workers को प्राथमिकता देने और foreign workers पर अमेरिकी कंपनियों की निर्भरता कम करने की नीति पर जोर देती रही है। प्रस्तावित बदलावों का व्यापक उद्देश्य H-1B program में ज्यादा सख्ती और oversight लाना है। हालांकि, 60-day grace period को खत्म करने का प्रस्ताव अभी अंतिम रूप से लागू नियम नहीं माना जा सकता। अंतिम regulatory process और effective date यह तय करेंगे कि बदलाव वास्तव में कब और किस रूप में लागू होगा। Indians पर सबसे बड़ा असर क्या होगा? H-1B program में भारतीय professionals की बड़ी हिस्सेदारी होने के कारण किसी भी बड़े बदलाव का असर भारतीयों पर विशेष रूप से पड़ सकता है। 1. Layoff के बाद बढ़ेगा Immigration Pressure अगर किसी भारतीय H-1B employee की नौकरी चली जाती है, तो मौजूदा 60 दिनों का buffer उपलब्ध नहीं होने पर उसे बहुत तेजी से नया employer या दूसरा वैध immigration option तलाशना पड़ सकता है। इससे layoffs का असर सिर्फ नौकरी खोने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अमेरिका में रहने की स्थिति भी तुरंत चिंता का विषय बन सकती है। 2. IT Professionals पर ज्यादा असर भारतीय H-1B workers की बड़ी संख्या technology और specialized professional roles में काम करती है। इसलिए software engineers, IT consultants, data professionals और दूसरे skilled workers के लिए नौकरी बदलने की समय-सीमा महत्वपूर्ण हो सकती है। नई व्यवस्था में companies के बीच job switch करने की प्रक्रिया को पहले से ज्यादा जल्दी पूरा करना जरूरी हो सकता है। 3. कम समय में Job Search का दबाव 60 दिन की grace period खत्म होने की स्थिति में कर्मचारी के पास नई नौकरी तलाशने के लिए कम flexibility होगी। ऐसे में कुछ workers को: H-1B Fee में भारी बढ़ोतरी से भी बढ़ी चिंता H-1B program में प्रस्तावित एक और बड़ा बदलाव इसकी लागत से जुड़ा है। Trump administration ने नए H-1B petitions से जुड़ी $103,265 की proposed fee को लेकर कदम उठाए हैं। यह समझना जरूरी है कि इसका अर्थ यह नहीं है कि हर H-1B employee को अपनी जेब से करीब $100,000 देना होगा। यह मुख्य रूप से employer-side cost से जुड़ा प्रस्ताव है। फिर भी इतनी बड़ी लागत कंपनियों के hiring decisions को प्रभावित कर सकती है। Indian IT Companies के लिए क्या बदल सकता है? H-1B rules में सख्ती और बढ़ी हुई लागत का असर भारतीय IT companies की US business strategy पर भी पड़ सकता है। कंपनियां संभावित रूप से: इसका मतलब यह हो सकता है कि आने वाले समय में भारतीय IT professionals के लिए US onsite opportunities की competition और बढ़ जाए। H-4 Visa पर रहने वाले परिवारों पर भी असर H-1B employee की immigration स्थिति का असर उसके परिवार पर भी पड़ सकता है। H-4 status पर अमेरिका में रहने वाले spouse और children के लिए भी primary H-1B holder की स्थिति महत्वपूर्ण होती है। अगर principal H-1B worker को नौकरी जाने के बाद जल्दी नया immigration solution नहीं मिलता, तो परिवार को भी relocation या दूसरे immigration options पर विचार करना पड़ सकता है। इसका असर बच्चों की schooling, spouse की employment और परिवार की financial planning पर भी पड़ सकता है। क्या हर H-1B worker को नौकरी जाते ही अमेरिका छोड़ना पड़ेगा? यह सबसे महत्वपूर्ण बात है। 60-day grace period खत्म करने का प्रस्ताव अगर लागू होता भी है, तो उसकी वास्तविक conditions अंतिम नियम में स्पष्ट होंगी। इसके अलावा H-1B worker की स्थिति उसके individual immigration circumstances, pending petitions, authorized stay और उपलब्ध दूसरे legal options पर निर्भर कर सकती है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि grace period हटते ही हर H-1B worker को नौकरी खत्म होने के अगले दिन अमेरिका छोड़ना पड़ेगा। क्या भारतीयों के लिए US में Jobs खत्म हो जाएंगी? ऐसा कहना भी सही नहीं होगा। अमेरिका की technology, healthcare, research, engineering और दूसरे specialized sectors में skilled professionals की मांग बनी हुई है। लेकिन नए नियमों से H-1B sponsorship की लागत और immigration uncertainty बढ़ सकती है। इसका सबसे बड़ा असर नए applicants और ऐसे professionals पर पड़ सकता है जिन्हें employer sponsorship की जरूरत है। H-1B Indians के लिए आगे क्या महत्वपूर्ण होगा? भारतीय H-1B professionals को आने वाले समय में immigration policy में होने वाले बदलावों पर नजर रखनी होगी। खासकर ये चार चीजें महत्वपूर्ण रहेंगी: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
PM Modi

PM Modi in Uzbekistan: SCO Summit से पहले पीएम मोदी का बड़ा बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) शनिवार को Uzbekistan और Kyrgyz Republic के चार दिवसीय दौरे के लिए रवाना हो गए। 29 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक चलने वाली इस यात्रा में पीएम मोदी पहले उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद जाएंगे। इसके बाद वह किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित होने वाले 26वें Shanghai Cooperation Organisation (SCO) Summit में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे से पहले कहा कि भारत SCO के सदस्य देशों के साथ मिलकर ऐसा क्षेत्र बनाने की दिशा में काम करेगा, जो आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से मुक्त हो। उन्होंने SCO के लिए भारत की प्राथमिकताओं को Security, Connectivity और Opportunity से जोड़ा है। PM Modi Uzbekistan Visit: द्विपक्षीय संबंधों पर होगी अहम बातचीत उज्बेकिस्तान की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दोनों नेताओं के बीच भारत और उज्बेकिस्तान के संबंधों को और मजबूत करने के लिए कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। इस दौरान Trade and Investment, Defence, Energy, Education और Digital Connectivity जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा। भारत के लिए उज्बेकिस्तान Central Asia का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। ऐसे में पीएम मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक, सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। Tashkent में Shastri Memorial और Mahatma Gandhi Centre जाएंगे PM Modi ताशकंद में प्रधानमंत्री मोदी Lal Bahadur Shastri Memorial और Mahatma Gandhi Centre का दौरा भी करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए भारत और उज्बेकिस्तान के बीच ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया जाएगा। भारत और Central Asia के बीच सदियों पुराने व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। मौजूदा दौर में दोनों पक्ष इन रिश्तों को आधुनिक आर्थिक और रणनीतिक सहयोग में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। SCO Summit 2026 में Terrorism पर भारत का सख्त रुख उज्बेकिस्तान दौरे के बाद पीएम मोदी 31 अगस्त और 1 सितंबर को बिश्केक में होने वाले 26वें SCO Summit में शामिल होंगे। यह सम्मेलन SCO की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। SCO Summit में regional security, terrorism, extremism, connectivity और economic cooperation जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे। भारत लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर मजबूत कार्रवाई की वकालत करता रहा है। पीएम मोदी ने कहा है कि भारत SCO के माध्यम से ऐसे क्षेत्र के निर्माण के लिए काम करेगा, जो terrorism, separatism और extremism से मुक्त हो। उनका यह संदेश SCO Summit में भारत की सुरक्षा प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है। Security और Connectivity पर भी रहेगा फोकस SCO के मंच पर भारत के लिए Security, Connectivity और Opportunity प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। मध्य एशिया के साथ बेहतर connectivity भारत के आर्थिक और रणनीतिक हितों के लिए महत्वपूर्ण है। व्यापार मार्गों, ऊर्जा सहयोग, डिजिटल कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देने से भारत और Central Asian देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूती मिल सकती है। प्रधानमंत्री मोदी SCO Summit के दौरान अन्य सदस्य देशों के नेताओं के साथ Bilateral Meetings भी कर सकते हैं। इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत की संभावना है। World Nomad Games के Opening Ceremony में शामिल होंगे PM Modi किर्गिस्तान दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी 6th World Nomad Games के Opening Ceremony में भी शामिल होंगे। यह आयोजन Central Asia की पारंपरिक संस्कृति, खेल और विरासत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करता है। पीएम मोदी की इस कार्यक्रम में भागीदारी भारत और किर्गिस्तान के बीच people-to-people और cultural ties को और मजबूत करने का अवसर भी होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
RBI

EMI नहीं चुकाई तो क्या होगा? RBI Loan Recovery Rules में बदलाव, जानिए Bank क्या नहीं कर सकता

अगर आपने Personal Loan, Home Loan, Car Loan या किसी अन्य तरह का Loan लिया है और किसी वजह से EMI समय पर नहीं चुका पा रहे हैं, तो आपके लिए RBI के Loan Recovery Rules जानना बेहद जरूरी है। EMI डिफॉल्ट होने पर बैंक या NBFC बकाया रकम की Recovery कर सकता है, लेकिन इसके लिए उसे RBI के नियमों का पालन करना जरूरी है। कई लोग यह मान लेते हैं कि EMI मिस होने के बाद Recovery Agent घर आकर धमका सकता है या किसी भी समय फोन कर सकता है। ऐसा नहीं है। RBI ने Loan Recovery के दौरान ग्राहकों के सम्मान, Privacy और उचित व्यवहार को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए हैं। EMI Miss होने पर सबसे पहले क्या होता है? अगर आपकी EMI तय तारीख पर जमा नहीं होती है, तो बैंक इसे Overdue Payment के रूप में दर्ज कर सकता है। Loan Agreement के मुताबिक बैंक बकाया रकम के साथ लागू ब्याज या अन्य वैध Charges की मांग कर सकता है। अगर EMI लगातार Miss होती रहती है, तो बैंक ग्राहक से संपर्क कर सकता है और बकाया रकम चुकाने के लिए कह सकता है। लंबे समय तक भुगतान न होने पर बैंक अपने नियमों और लागू कानून के अनुसार Recovery Process आगे बढ़ा सकता है। इसलिए RBI के नियमों का मतलब यह नहीं है कि EMI नहीं चुकाने पर बैंक पैसा नहीं मांग सकता। नियम मुख्य रूप से यह तय करते हैं कि Recovery किस तरीके से की जा सकती है। RBI Loan Recovery Rules: Bank आपको कब कॉल कर सकता है? RBI के निर्देशों के अनुसार Overdue Loan की Recovery के लिए ग्राहक से सुबह 8 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद संपर्क नहीं किया जाना चाहिए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि Recovery Agent ग्राहकों को अनुचित समय पर फोन करके परेशान न करें। अगर कोई Recovery Agent लगातार देर रात या सुबह-सुबह कॉल करता है, तो ग्राहक इस मामले की शिकायत संबंधित Bank या NBFC से कर सकता है। Recovery Agent आपको धमका नहीं सकता Loan की Recovery के लिए Bank या NBFC Recovery Agent की मदद ले सकता है, लेकिन Agent को ग्राहक के साथ धमकी, गाली-गलौज, अपमानजनक व्यवहार या मानसिक दबाव बनाने की अनुमति नहीं है। Recovery का उद्देश्य बकाया रकम की वसूली करना है, ग्राहक को डराना या परेशान करना नहीं। RBI ने Regulated Entities को अपने Recovery Agents की गतिविधियों पर उचित निगरानी रखने की जिम्मेदारी भी दी है। परिवार और दोस्तों को भी परेशान नहीं कर सकता Bank अगर आपकी EMI बकाया है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि Recovery Agent आपके परिवार, दोस्तों या परिचितों को परेशान करके आप पर दबाव बनाए। ग्राहक की Privacy और सम्मान का ध्यान रखना जरूरी है। किसी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करना या उसके कर्ज की जानकारी का अनुचित तरीके से इस्तेमाल करना Recovery का स्वीकार्य तरीका नहीं है। क्या Bank घर आकर Recovery कर सकता है? बकाया Loan की Recovery के लिए Bank या उसका अधिकृत Recovery Agent ग्राहक से संपर्क कर सकता है। हालांकि, Recovery करते समय निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। अगर Loan के बदले कोई Asset जैसे Car, Property या अन्य Security रखी गई है, तो Default की स्थिति में Bank के पास कानून और Loan Agreement के तहत Recovery के अधिकार हो सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि Recovery Agent अपनी मर्जी से जबरन सामान या संपत्ति पर कब्जा कर सकता है। Loan Default होने पर Credit Score पर भी असर पड़ सकता है EMI का लगातार भुगतान न करने का असर केवल Bank Recovery तक सीमित नहीं रहता। Loan Repayment History आपके Credit Profile को प्रभावित कर सकती है। अगर Loan Account में लगातार Default होता है, तो भविष्य में Loan या Credit Card लेने में परेशानी हो सकती है। इसलिए आर्थिक परेशानी होने पर EMI को नजरअंदाज करने के बजाय Bank से समय रहते संपर्क करना बेहतर होता है। Recovery Agent परेशान करे तो क्या करें? अगर कोई Recovery Agent RBI के नियमों का उल्लंघन करता है, तो ग्राहक को सबसे पहले संबंधित Bank या NBFC के Grievance Redressal Mechanism में शिकायत करनी चाहिए। शिकायत करते समय कॉल रिकॉर्ड, SMS, WhatsApp Message, Email या अन्य उपलब्ध सबूत सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है। अगर Bank या NBFC से शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो पात्र मामलों में RBI की Ombudsman व्यवस्था के तहत शिकायत की जा सकती है। क्या EMI नहीं भरने पर Bank Loan माफ कर देगा? नहीं। RBI के Recovery Rules का उद्देश्य ग्राहकों को अनुचित Recovery Practices से सुरक्षा देना है। इसका मतलब यह नहीं है कि EMI नहीं भरने पर Loan अपने आप माफ हो जाएगा। Bank अपने Loan Agreement और लागू कानून के अनुसार बकाया रकम की Recovery कर सकता है। लंबे समय तक Default की स्थिति में कानूनी कार्रवाई भी संभव है। EMI भरने में परेशानी हो तो क्या करें? अगर आपको लगता है कि किसी महीने या आने वाले समय में EMI भरना मुश्किल हो सकता है, तो Bank या NBFC से जल्द संपर्क करें। अपनी Financial Situation के बारे में जानकारी देकर उपलब्ध विकल्पों के बारे में पूछें। सबसे जरूरी बात यह है कि Recovery Agent के दबाव में आकर किसी अनजान व्यक्ति के Personal Account में पैसा जमा न करें। Payment हमेशा Bank/NBFC के अधिकृत माध्यम से ही करें। RBI Loan Recovery Rules का सबसे जरूरी सार EMI समय पर नहीं चुकाने पर Bank आपसे बकाया रकम की मांग कर सकता है और नियमों के अनुसार Recovery Process शुरू कर सकता है। लेकिन Recovery के दौरान Bank या उसके Agent को ग्राहक की Privacy और सम्मान का ध्यान रखना होगा। याद रखें: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CNG Price

Delhi CNG Price: CNG के दाम में ₹3.89 की बढ़ोतरी, अब ₹86.98 प्रति किलो मिलेगा गैस

दिल्ली-NCR में CNG इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। CNG Price Hike के तहत इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने CNG की कीमत में ₹3.89 प्रति किलो की बढ़ोतरी की है। नई कीमतें 29 अगस्त 2026 से लागू हो गई हैं। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में CNG का रेट ₹83.09 प्रति किलो से बढ़कर ₹86.98 प्रति किलो हो गया है। यह 2026 में दिल्ली-NCR में CNG की पांचवीं कीमत बढ़ोतरी है। लगातार हो रही बढ़ोतरी से CNG कार चलाने वाले लोगों के साथ-साथ ऑटो, टैक्सी, कैब और कमर्शियल वाहनों के ड्राइवरों पर भी ईंधन खर्च का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। Delhi CNG Price: अब कितना हुआ CNG का रेट? IGL की नई कीमतों के मुताबिक दिल्ली-NCR के अलग-अलग शहरों में CNG के दाम इस प्रकार हैं: दिल्ली में CNG की कीमत में सीधे ₹3.89 प्रति किलो की वृद्धि हुई है। इसका मतलब है कि जो वाहन रोजाना बड़ी मात्रा में CNG की खपत करते हैं, उनके लिए महीने का fuel budget पहले की तुलना में और बढ़ जाएगा। Why CNG Price Increased: क्यों बढ़े CNG के दाम? IGL के अनुसार, CNG की कीमत बढ़ाने की मुख्य वजह imported LNG की बढ़ी हुई लागत है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में LNG की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर गैस की supply और import cost पर पड़ा है। पश्चिम एशिया में तनाव के कारण LNG की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ी है। इसके चलते global energy market में कीमतों पर दबाव बना हुआ है। IGL ने इसी बढ़ी हुई input cost के एक हिस्से को CNG की कीमतों में शामिल किया है। 2026 में पांचवीं बार महंगी हुई CNG दिल्ली-NCR में वर्ष 2026 के दौरान CNG की कीमतों में यह पांचवीं बढ़ोतरी है। इससे पहले भी इस साल अलग-अलग चरणों में CNG के दाम बढ़ाए गए थे। बार-बार होने वाली price hike के कारण CNG को economical fuel मानकर इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिकों की लागत लगातार बढ़ रही है। हालांकि पेट्रोल और डीजल की तुलना में CNG अभी भी कई वाहन चालकों के लिए एक महत्वपूर्ण alternative fuel बनी हुई है। CNG Price Hike का आम लोगों पर क्या असर होगा? CNG की कीमत बढ़ने का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं। निजी CNG कारों के अलावा auto-rickshaw, taxi, cab और commercial vehicles चलाने वालों की operating cost भी बढ़ेगी। ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए बढ़ती fuel cost का सीधा असर उनकी daily earnings पर पड़ सकता है। अगर CNG की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो भविष्य में इसका असर transportation charges और passenger fares पर भी देखने को मिल सकता है। CNG महंगी होने से बढ़ सकता है Monthly Fuel Budget उदाहरण के तौर पर, अगर कोई वाहन प्रतिदिन 5 किलो CNG की खपत करता है, तो ₹3.89 प्रति किलो की अतिरिक्त कीमत के कारण उसका खर्च करीब ₹19.45 प्रतिदिन बढ़ जाएगा। 30 दिनों में यह अतिरिक्त खर्च लगभग ₹584 हो सकता है। जिन commercial vehicles की रोजाना CNG consumption इससे कहीं अधिक है, उनके लिए अतिरिक्त मासिक खर्च भी काफी ज्यादा होगा। आगे CNG के दाम पर क्या रहेगा असर? CNG की कीमतों पर आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय LNG prices, global gas supply और पश्चिम एशिया की स्थिति का असर महत्वपूर्ण रहेगा। अगर imported gas की लागत ऊंची बनी रहती है, तो domestic CNG prices पर भी दबाव बना रह सकता है। फिलहाल दिल्ली-NCR के लोगों को 29 अगस्त से CNG के लिए ₹3.89 प्रति किलो ज्यादा भुगतान करना होगा। दिल्ली में नई CNG कीमत ₹86.98 प्रति किलो पहुंच गई है, जबकि नोएडा और गाजियाबाद में यह ₹95.59 प्रति किलो हो गई है। CNG Price Hike 2026 की यह पांचवीं बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब बढ़ती fuel और transportation costs पहले से ही आम लोगों के बजट को प्रभावित कर रही हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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