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Mukundpur

Mukundpur Flyover हादसा Speeding Vehicle ने मारी टक्कर, तीन लोगों की मौत

दिल्ली के Mukundpur फ्लाईओवर पर रविवार देर रात एक गंभीर सड़क हादसा हुआ, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई। यह दर्दनाक घटना लगभग आधी रात को Outer Ring Road पर हुई, जब पीड़ित फ्लाईओवर क्रॉस कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, एक तेज रफ्तार (Speeding Vehicle) वाहन ने राह चलते लोगों को टक्कर मार दी। हादसे के बाद ड्राइवर वाहन छोड़कर फरार हो गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। घायल लोगों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अपराध दर्ज किया है और वाहन व चालक की पहचान के लिए जांच तेज कर दी है। पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा (Road Safety) पर गंभीर ध्यान देने की जरूरत है ताकि इस तरह के हादसे रोके जा सकें। यह घटना एक बार फिर सड़क नियमों (Traffic Rules) का पालन और सावधानी बरतने की आवश्यकता को रेखांकित करती है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे फ्लाईओवर और सड़कों पर सतर्क रहें और तेज गति से वाहन चलाने से बचें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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India

Asia Cup Final 2025 Team India ने पाक होम मिनिस्टर से ट्रॉफी लेने से किया इनकार

एशिया कप 2025 (Asia Cup 2025) का फाइनल मैच भारत (India) और पाकिस्तान (Pakistan) के बीच हुआ, जिसमें टीम इंडिया ने शानदार जीत दर्ज की। लेकिन इस जीत से ज्यादा सुर्खियां बटोरीं उस पल ने, जब भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी गृह मंत्री (Pakistan Home Minister) और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) अध्यक्ष मोहसिन नक़वी से ट्रॉफी (Trophy) लेने से इनकार कर दिया। Trophy Ceremony में हुआ विवाद मैच खत्म होने के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी (Presentation Ceremony) में जब मोहसिन नक़वी को विजेता टीम को ट्रॉफी देने बुलाया गया, तब भारतीय खिलाड़ियों ने साफ कर दिया कि वे उनसे ट्रॉफी स्वीकार नहीं करेंगे। यह फैसला पूरी टीम ने मिलकर लिया और खिलाड़ियों का कहना था कि देश के सम्मान (National Honour) से बड़ा कुछ नहीं। फिर कैसे मिली Trophy? स्थिति बिगड़ती देख एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अधिकारियों ने तुरंत दखल दिया। इसके बाद तय हुआ कि भारतीय कप्तान को ट्रॉफी किसी न्यूट्रल (Neutral) अधिकारी द्वारा सौंपी जाएगी। आखिरकार ACC के वरिष्ठ अधिकारी ने ट्रॉफी सौंपी और पूरी टीम इंडिया ने जीत का जश्न मनाया। Social Media पर फैंस की प्रतिक्रिया Team India के इस कदम को सोशल मीडिया (Social Media) पर जबरदस्त समर्थन मिला। भारतीय फैंस ने इसे Bold Step करार दिया और कहा कि क्रिकेट से ऊपर देश का सम्मान है। वहीं कुछ लोगों का मत है कि खेल और राजनीति को अलग रखना चाहिए। बड़ा मैसेज Pakistan को एक्सपर्ट्स का कहना है कि टीम इंडिया का यह फैसला पाकिस्तान के लिए बड़ा राजनीतिक संदेश (Political Message) है। खिलाड़ियों ने दिखा दिया कि मैदान सिर्फ खेल का नहीं बल्कि देश की अस्मिता का भी होता है। यह घटना भविष्य में भारत-पाक क्रिकेट संबंधों पर असर डाल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BSNL

भारत में BSNL का Swadeshi 4G लॉन्च PM Modi का Make in India विजन

ओडिशा, 27 सितंबर 2025: PM Modi ने आज झारसुगुड़ा में BSNL का स्वदेशी 4G नेटवर्क लॉन्च किया। यह नेटवर्क पूरी तरह भारत निर्मित तकनीक पर आधारित है, जिसे C-DOT (कोर नेटवर्क), Tejas Networks (RAN) और TCS (सिस्टम इंटीग्रेटर) ने मात्र 22 महीनों में विकसित किया है। PM Modi ने इसे “मेक इन इंडिया” और “डिजिटल इंडिया” के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया। उनका कहना है कि इससे भारत टेलीकॉम क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनकर वैश्विक मानकों पर खड़ा होगा। BSNL Swadeshi 4G के मुख्य फायदे BSNL के नए Recharge Plans BSNL ने लॉन्च के साथ कई किफायती और लोकप्रिय प्रीपेड प्लान्स पेश किए हैं: प्लान वैधता डेटा कॉल SMS ₹107 28 दिन 3GB 200 मिनट — ₹153 25 दिन प्रतिदिन 1GB अनलिमिटेड 100 ₹199 28 दिन प्रतिदिन 2GB अनलिमिटेड 100 ₹249 45 दिन प्रतिदिन 2GB अनलिमिटेड 100 ₹1,499 336 दिन कुल 24GB अनलिमिटेड 100 प्रतिदिन ₹2,399 365 दिन प्रतिदिन 2GB अनलिमिटेड 100 प्रतिदिन वैश्विक स्तर पर भारत की उपलब्धि इस लॉन्च के साथ भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जो अपने टेलीकॉम उपकरण खुद बनाते हैं, जैसे डेनमार्क, स्वीडन, दक्षिण कोरिया और चीन। यह उपलब्धि भारत की टेक्नोलॉजी क्षमता और मेक इन इंडिया पहल को मजबूती देगी। PM Modi ने कहा कि यह परियोजना BSNL को सशक्त करने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी और इंटरनेट पहुंच को नई दिशा देगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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India

UN में India का जवाब Pakistan के Destroyed Runways और Victory के दावे खारिज

विवादित दावे और भारत का पलटवार India ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में किए गए विवादित दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। शरीफ ने दावा किया था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने भारतीय जेट्स को मार गिराया और भारतीय रनवे व हैंगर को नुकसान पहुंचाकर “विजय” हासिल की है। Petal Gahlot का जवाब India की स्थायी प्रतिनिधि Petal Gahlot ने इसे “बेतुका और नाटकीय” बताते हुए स्पष्ट किया कि “बहावलपुर और मुरिदके में मारे गए आतंकवादियों की तस्वीरें खुद सच्चाई बयान करती हैं।” उन्होंने कहा, “अगर Destroyed Infrastructure को Victory मानना है, तो पाकिस्तान इसका आनंद ले सकता है। आतंकवाद और सुरक्षा पर आरोप गहलोत ने पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर झूठे दावे करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने 9 मई तक हमलों की धमकी दी थी और इसके बाद ही संघर्ष विराम के लिए प्रार्थना की। Donald Trump और मध्यस्थता का दावा India ने शहबाज शरीफ द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump को “मैन ऑफ पीस” बताने और संघर्ष विराम के लिए मध्यस्थता का दावा करने को भी खारिज किया। भारत का कहना है कि यह केवल राजनीतिक ड्रामा है, जिसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। बढ़ते तनाव और भविष्य यह घटनाक्रम भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है, विशेष रूप से सीमा पार आतंकवाद और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर। इस तरह के अंतरराष्ट्रीय बयान दोनों देशों के बीच स्थितियों को और जटिल बना रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CM Yogi

Uttar Pradesh में बढ़ता ‘I Love Muhammad’ विवाद CM Yogi का सख्त रुख

उत्तर प्रदेश में ‘I Love Muhammad’ पोस्टर और बैनर को लेकर राजनीतिक और सामाजिक तनाव बढ़ता जा रहा है। यह विवाद कानपुर से शुरू हुआ, जहां 4 सितंबर को बारावफात जुलूस के दौरान एक बैनर लगाया गया था, जिस पर ‘I Love Muhammad’ लिखा था। स्थानीय हिंदू संगठनों ने इसका विरोध किया। पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए बैनर हटा दिए और नौ लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की। लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। कई शहरों में ‘I Love Muhammad’ के समर्थन में रैलियां, पोस्टर और बैनर लगाए गए, जिसके जवाब में हिंदू संगठनों ने “I Love Mahadev” और “I Love Mahakaal” जैसे बैनर लगाए। इस विवाद ने पूरे प्रदेश में हलचल पैदा कर दी है। बरेली में हंगामा और पुलिस कार्रवाई बरेली में ‘I Love Muhammad’ पोस्टर फाड़ने के बाद भारी विरोध और हंगामा हुआ। पुलिस ने स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए 50 लोगों को हिरासत में लिया और छह मुकदमे दर्ज किए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों के साथ बैठक कर इस मामले में तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। CM Yogi का कड़ा संदेश सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने दशहरा के अवसर पर स्पष्ट चेतावनी दी कि उपद्रवियों पर ऐसी कार्रवाई होगी कि वे भविष्य में गलती करने की हिम्मत भी न करें। उन्होंने अधिकारियों को कहा, “कार्रवाई के लिए किसी और समय का इंतजार न करें — यही समय है, सही समय है।” अन्य शहरों में घटनाएं ‘I Love Muhammad’ विवाद उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द पर गंभीर प्रश्न खड़ा कर रहा है। सीएम योगी की सख्त प्रतिक्रिया और प्रदेश में तुरंत कार्रवाई का संदेश स्पष्ट कर देता है कि राज्य सरकार किसी भी तरह के उपद्रव को बर्दाश्त नहीं करेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Standing Committees

Government ने Standing Committees का कार्यकाल बढ़ाया 2 साल

मोदी सरकार का बड़ा फैसला मोदी सरकार संसद की Standing Committees का कार्यकाल 1 साल से बढ़ाकर 2 साल करने का प्लान बना रही है। अभी तक इन समितियों का हर साल पुनर्गठन (Reconstitution) होता है, जिससे कई बार काम अधूरा रह जाता है। सरकार का मानना है कि अगर कार्यकाल दो साल कर दिया जाए तो समितियों को रिपोर्ट और Bills पर गहराई से काम करने का पर्याप्त समय मिलेगा। क्यों बढ़ाया जा रहा है कार्यकाल? Shashi Tharoor को होगा फायदा इस बदलाव का सबसे बड़ा लाभ कांग्रेस सांसद शशि थरूर को मिल सकता है। राजनीतिक पहलू Parliament की Standing Committees का कार्यकाल बढ़ाने का यह प्रस्ताव न केवल समितियों के काम को मजबूत करेगा बल्कि राजनीति में बड़े नेताओं को भी लंबी स्थिरता देगा। अब देखना यह होगा कि विपक्ष और अन्य दल इस कदम पर क्या रुख अपनाते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sonam Wangchuk

Ladakh Protest News लद्दाख हिंसा में 4 की मौत, Sonam Wangchuk Arrested

लद्दाख (Ladakh) में Statehood और Sixth Schedule की मांग को लेकर हुआ शांतिपूर्ण आंदोलन अब हिंसक मोड़ ले चुका है। लेह (Leh) में शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प में 4 लोगों की मौत हो गई और 80 से ज्यादा लोग घायल हुए। हालात बिगड़ने पर प्रशासन ने Curfew और Internet Ban लागू कर दिया है। Sonam Wangchuk बने Protest का चेहरा पर्यावरणविद् और प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk लंबे समय से लद्दाख को Statehood और Sixth Schedule के तहत संवैधानिक अधिकार दिलाने की मांग कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने अनशन (Hunger Strike) शुरू किया था। दो अन्य अनशनकारियों की तबीयत बिगड़ने के बाद प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया और हालात बेकाबू हो गए। सरकार का Action: FCRA License Cancel, Arrest हिंसा के बाद पुलिस ने Sonam Wangchuk को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, केंद्र सरकार ने उनके NGO का FCRA (Foreign Contribution Regulation Act) लाइसेंस भी रद्द कर दिया है। गृह मंत्रालय के अनुसार NGO पर आरोप हैं कि— Protesters का आरोप: आवाज दबाने की कोशिश प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार लोकतांत्रिक आवाज को दबाने के लिए सोनम वांगचुक को निशाना बना रही है। आंदोलनकारियों का दावा है कि लद्दाख की संस्कृति, पहचान और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए Sixth Schedule लागू करना बेहद जरूरी है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम लेह और आसपास के इलाकों में भारी संख्या में Security Forces तैनात कर दिए गए हैं। प्रशासन का दावा है कि हालात काबू में हैं, लेकिन स्थानीय लोगों में नाराजगी बरकरार है। प्रदर्शनकारियों ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bihar

Bihar Politics में नया मोड़ तेज प्रताप यादव का Janshakti Janata Dal

बिहार की राजनीति में बदलाव की नई लहर चल रही है। तेज प्रताप यादव, जो पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के एक प्रमुख नेता थे, ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले अपनी नई पार्टी “Janshakti Janata Dal” की घोषणा की है। यह ऐतिहासिक घोषणा उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर की और बिहार के समग्र विकास के लिए अपना संकल्प व्यक्त किया। पार्टी का चुनाव चिन्ह — BlackBoard तेज प्रताप यादव ने अपनी पार्टी का चुनाव चिन्ह “BlackBoard” चुना है। यह चिन्ह शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक बदलाव का प्रतीक है। उनका मानना है कि ब्लैकबोर्ड का प्रतीक पार्टी की पहचान को मजबूत करेगा और आगामी चुनाव में मतदाताओं के बीच एक नया प्रभाव बनाएगा। पोस्टर में पांच महान नेताओं की तस्वीरें तेज प्रताप यादव के पार्टी पोस्टर में उनकी तस्वीर के साथ महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर, राम मनोहर लोहिया, जयप्रकाश नारायण और कर्पूरी ठाकुर की तस्वीरें शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि पोस्टर में उनके माता-पिता लालू यादव और राबड़ी देवी की तस्वीर नहीं है, जो उनके और RJD नेतृत्व के बीच राजनीतिक मतभेदों को दर्शाता है। गठबंधन और रणनीति RJD से निष्कासित होने के बाद तेज प्रताप यादव ने न केवल अपनी नई पार्टी बनाई, बल्कि पांच क्षेत्रीय दलों के साथ एक गठबंधन का ऐलान किया। इस गठबंधन में VVIP (Vanchit Vikas Insaan Party) शामिल है। उन्होंने कांग्रेस और RJD को भी इस गठबंधन में शामिल होने का न्योता दिया है। उनका उद्देश्य बिहार की राजनीति में एक नई दिशा लाना और व्यापक जनसमर्थन जुटाना है। पार्टी कार्यालय उद्घाटन और धार्मिक योगदान तेज प्रताप यादव ने बिहिया, बक्सर में अपनी पार्टी का कार्यालय उद्घाटन किया और महथिन माई मंदिर में पूजा अर्चना की। उन्होंने राज्य सरकार से इसे धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की अपील की। यह कदम पार्टी के सामाजिक और सांस्कृतिक एजेंडे को दर्शाता है। राजनीतिक असर और भविष्य “Janshakti Janata Dal” के गठन से बिहार की राजनीतिक तस्वीर बदल सकती है। आगामी Bihar Assembly Elections 2025 में यह नई पार्टी और गठबंधन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, जो राज्य की राजनीतिक दिशा और जनता की उम्मीदों पर गहरा प्रभाव डाल सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bihar

Bihar Women Empowerment PM Modi की नवरात्रि 2025 योजना ₹10,000 का खास तोहफा

नवरात्रि के शुभ मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Bihar की महिलाओं के लिए एक बड़ा तोहफा दिया है। शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीएम मोदी ने बिहार की 75 लाख महिलाओं के बैंक खातों में ₹10,000 सीधे ट्रांसफर किए। यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण (Women Empowerment) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है। वीडियो कॉन्फ्रेंस में PM Modi की घोषणा इस खास कार्यक्रम में Bihar के अलग-अलग जिलों से महिलाएं और BJP कार्यकर्ता जुड़े। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह राशि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद करेगी और उनके सम्मान को बढ़ावा देगी। उन्होंने इसे महिलाओं के लिए “नवरात्रि 2025 का खास तोहफा” बताया। नवरात्रि और महिला सशक्तिकरण का मेल नवरात्रि देवी शक्ति का पर्व है, जो महिलाओं के सशक्तिकरण और सम्मान का प्रतीक है। इस अवसर पर यह कदम सरकार की महिलाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार भविष्य में भी महिलाओं के लिए कई योजनाएं लेकर आएगी। राजनीतिक और सामाजिक असर इस पहल को समाज और राजनीति में अलग-अलग प्रतिक्रिया मिली है। कई लोगों ने इसे महिलाओं के लिए ऐतिहासिक तोहफा कहा है, वहीं कुछ आलोचक इसे राजनीतिक रणनीति के रूप में देख रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sonam Wangchuk

लद्दाख Statehood Demand Protests, Arrests और Sonam Wangchuk का बयान

लद्दाख में राज्यत्व (Statehood) और संविधान की छठी अनुसूची (6th Schedule) के तहत विशेष प्रावधानों की मांग को लेकर हाल के प्रदर्शनों में हिंसा भड़क गई। 24 सितंबर 2025 को लेह में हुए इस Statehood Protest के दौरान चार लोगों की मौत हो गई और 80 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें 40 पुलिसकर्मी शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, सरकारी भवनों और वाहनों को आग के हवाले किया और एक राजनीतिक दल के कार्यालय पर हमला किया। जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और गोलीबारी की। हिंसा के बाद प्रशासन ने कर्फ्यू लागू किया और 50 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया। मृतकों के सम्मान में कर्गिल डेमोक्रेटिक एलायंस (KDA) ने उन्हें ‘लद्दाख के नायक’ घोषित किया और निष्पक्ष जांच की मांग की। Sonam Wangchuk और सरकार के बीच तनाव सरकार ने जलवायु कार्यकर्ता Sonam Wangchuk पर आरोप लगाया कि उनके “उत्तेजक बयान” प्रदर्शनकारियों को उकसाने का कारण बने। मंत्रालय का कहना है कि वांगचुक ने ‘अरब स्प्रिंग’ और नेपाल के Gen Z आंदोलन का उदाहरण देकर Statehood Protest को बढ़ावा दिया। वांगचुक ने इन आरोपों को “बली का बकरा बनाने की साजिश” करार दिया और चेतावनी दी कि उनकी गिरफ्तारी सरकार के लिए और मुश्किलें खड़ी कर सकती है। उनका कहना है, “मुझे गिरफ्तार करने से सरकार को और ज्यादा चुनौती मिलेगी।” FCRA License रद्द और आगे की कार्रवाई सरकार ने Sonam Wangchuk के नेतृत्व वाले ‘Students Educational and Cultural Movement of Ladakh’ (SECMOL) का FCRA (Foreign Contribution Regulation Act) लाइसेंस रद्द कर दिया है। इससे SECMOL को विदेशी फंडिंग प्राप्त करने में बाधा आएगी और संगठन की कार्यक्षमता प्रभावित होगी। लद्दाख में Statehood आंदोलन अभी भी जारी है। अधिकारियों ने इस मुद्दे पर 6 अक्टूबर को उच्च-स्तरीय समिति की बैठक निर्धारित की है, जबकि 25 और 26 सितंबर को वार्ता प्रस्तावित है। लद्दाख की जनता की मांग है कि राज्यत्व और छठी अनुसूची के तहत विशेष प्रावधान उनके अधिकारों और विकास की गारंटी दें। वहीं, सरकार इस मुद्दे पर संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन हालिया हिंसा और आरोप-प्रत्यारोप के बीच तनाव गहराता जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rahul Gandhi

Mallikarjun Kharge Shuddhikaran Row: मंच ‘शुद्ध’ कराने पर बवाल, Rahul Gandhi ने BJP-RSS को घेरा

 उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष Rahul Gandhi मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर मंच के ‘शुद्धिकरण’ को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर Rahul Gandhi ने BJP और RSS पर जातिगत भेदभाव तथा ‘मनुवादी सोच’ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। वहीं, BJP ने आरोपों से दूरी बनाते हुए मामले की जांच कराने की बात कही है। क्या है Haldwani Shuddhikaran विवाद? मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली को संबोधित किया था। रैली के कुछ दिन बाद कथित तौर पर कुछ लोगों ने मैदान में पूजा-पाठ और हवन कर ‘शुद्धिकरण’ किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई खड़गे के दलित समुदाय से होने के कारण की गई। पार्टी ने इसे छुआछूत और जातिगत भेदभाव की मानसिकता का उदाहरण बताया है। हालांकि, BJP की ओर से कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया गया है। BJP नेताओं का कहना है कि रैली के दौरान लगाए गए कुछ नारों से धार्मिक भावनाएं आहत हुई थीं और इसी वजह से धार्मिक अनुष्ठान किया गया था। BJP ने इस कार्रवाई को खड़गे की जाति से जोड़ने पर भी सवाल उठाए हैं। Mallikarjun Kharge ने राज्यसभा में उठाया मुद्दा मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मामले को राज्यसभा में भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाषण के बाद उस मंच का ‘शुद्धिकरण’ किया गया, जिससे उन्हें बेहद अपमानित महसूस हुआ। खड़गे ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी व्यक्ति को उसकी जाति के आधार पर अपवित्र मानना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ Untouchability Act के तहत कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की। खड़गे का कहना है कि ऐसी घटनाएं केवल किसी एक व्यक्ति का अपमान नहीं हैं, बल्कि देश में सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों पर भी सवाल खड़े करती हैं। Rahul Gandhi का BJP-RSS पर हमला हल्द्वानी के इस विवाद पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कथित ‘शुद्धिकरण’ को दलितों के अपमान से जोड़ते हुए BJP और RSS पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस तरह की सोच BJP-RSS की कथित ‘मनुवादी मानसिकता’ को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और छुआछूत तथा जातिगत भेदभाव के लिए आधुनिक भारत में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस ने इस मुद्दे को सामाजिक न्याय और दलित सम्मान से जोड़ते हुए सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। क्या Rahul Gandhi ने SC/ST Act के तहत FIR की मांग की? इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार SC/ST Act के तहत FIR दर्ज कराने की स्पष्ट मांग राहुल गांधी की ओर से नहीं बताई गई है। रिपोर्टों में मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा Untouchability Act के तहत मामला दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग का उल्लेख है। वहीं, राहुल गांधी ने घटना को दलितों के अपमान, जातिगत भेदभाव और कथित मनुवादी सोच से जोड़कर BJP-RSS पर राजनीतिक हमला किया। इसलिए खबर को पेश करते समय राहुल गांधी के बयान और खड़गे की कानूनी कार्रवाई की मांग को अलग-अलग रखना जरूरी है। BJP ने क्या कहा? BJP ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है। पार्टी की ओर से कहा गया कि वह किसी भी तरह के भेदभावपूर्ण व्यवहार का समर्थन नहीं करती। केंद्रीय मंत्री और BJP के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने मामले की जांच का आश्वासन दिया। BJP नेताओं का कहना है कि घटना के पीछे धार्मिक कारण हो सकते हैं और इसे खड़गे की जाति से जोड़ना उचित नहीं है। अब इस मामले में जांच के परिणाम महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि इसी से यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित ‘शुद्धिकरण’ किसने कराया और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था। कांग्रेस ने राज्यपाल से भी की शिकायत मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने उत्तराखंड के राज्यपाल से मुलाकात कर कथित ‘शुद्धिकरण’ की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है। कांग्रेस का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की जाति के आधार पर किसी सार्वजनिक स्थान या मंच को ‘अपवित्र’ माना गया है, तो यह गंभीर सामाजिक और संवैधानिक मुद्दा है। Haldwani Row बना Political मुद्दा हल्द्वानी का ‘शुद्धिकरण’ विवाद अब स्थानीय घटना से आगे बढ़कर राष्ट्रीय राजनीति का मुद्दा बन गया है। कांग्रेस इसे Dalit dignity, social equality और constitutional values से जोड़ रही है, जबकि BJP कांग्रेस पर घटना को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगा रही है। फिलहाल दोनों पक्षों के दावों के बीच इस मामले में जांच और संभावित कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजर है। विवाद के आगे बढ़ने के साथ Rahul Gandhi, Mallikarjun Kharge, Haldwani Shuddhikaran Row, FIR और SC/ST Act जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में बने हुए हैं।
H-1B

H-1B Rules में बड़ा बदलाव: Trump हटाएंगे 60 Days Grace Period? Indian IT Professionals पर असर

अमेरिका में काम करने वाले भारतीय H-1B visa holders के लिए Donald Trump administration की immigration policies लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। अब H-1B के तहत मिलने वाली 60 Days Grace Period को खत्म करने की तैयारी की खबरों ने भारतीय IT professionals के बीच नई चिंता पैदा कर दी है। अगर यह प्रस्ताव अंतिम रूप से लागू होता है, तो नौकरी जाने के बाद H-1B workers को अमेरिका में नई नौकरी तलाशने के लिए मिलने वाली मौजूदा 60 दिनों की राहत खत्म हो सकती है। इसके साथ ही H-1B visa से जुड़ी बढ़ी हुई लागत और दूसरे proposed immigration changes भी भारतीय professionals के लिए अमेरिका में नौकरी और long-term career planning को प्रभावित कर सकते हैं। क्या है H-1B 60 Days Grace Period? मौजूदा नियमों के तहत, अगर किसी H-1B worker की नौकरी समाप्त हो जाती है, तो कुछ परिस्थितियों में उसे अधिकतम 60 दिन या उसके authorized stay की समाप्ति तक, जो भी पहले हो, अमेरिका में रहने की अनुमति मिल सकती है। इस दौरान कर्मचारी: टेक्नोलॉजी सेक्टर में layoffs के दौरान यह grace period H-1B workers के लिए एक महत्वपूर्ण safety net बन गई है। Trump Administration क्यों बदलना चाहती है H-1B Rules? Trump administration लंबे समय से अमेरिकी workers को प्राथमिकता देने और foreign workers पर अमेरिकी कंपनियों की निर्भरता कम करने की नीति पर जोर देती रही है। प्रस्तावित बदलावों का व्यापक उद्देश्य H-1B program में ज्यादा सख्ती और oversight लाना है। हालांकि, 60-day grace period को खत्म करने का प्रस्ताव अभी अंतिम रूप से लागू नियम नहीं माना जा सकता। अंतिम regulatory process और effective date यह तय करेंगे कि बदलाव वास्तव में कब और किस रूप में लागू होगा। Indians पर सबसे बड़ा असर क्या होगा? H-1B program में भारतीय professionals की बड़ी हिस्सेदारी होने के कारण किसी भी बड़े बदलाव का असर भारतीयों पर विशेष रूप से पड़ सकता है। 1. Layoff के बाद बढ़ेगा Immigration Pressure अगर किसी भारतीय H-1B employee की नौकरी चली जाती है, तो मौजूदा 60 दिनों का buffer उपलब्ध नहीं होने पर उसे बहुत तेजी से नया employer या दूसरा वैध immigration option तलाशना पड़ सकता है। इससे layoffs का असर सिर्फ नौकरी खोने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अमेरिका में रहने की स्थिति भी तुरंत चिंता का विषय बन सकती है। 2. IT Professionals पर ज्यादा असर भारतीय H-1B workers की बड़ी संख्या technology और specialized professional roles में काम करती है। इसलिए software engineers, IT consultants, data professionals और दूसरे skilled workers के लिए नौकरी बदलने की समय-सीमा महत्वपूर्ण हो सकती है। नई व्यवस्था में companies के बीच job switch करने की प्रक्रिया को पहले से ज्यादा जल्दी पूरा करना जरूरी हो सकता है। 3. कम समय में Job Search का दबाव 60 दिन की grace period खत्म होने की स्थिति में कर्मचारी के पास नई नौकरी तलाशने के लिए कम flexibility होगी। ऐसे में कुछ workers को: H-1B Fee में भारी बढ़ोतरी से भी बढ़ी चिंता H-1B program में प्रस्तावित एक और बड़ा बदलाव इसकी लागत से जुड़ा है। Trump administration ने नए H-1B petitions से जुड़ी $103,265 की proposed fee को लेकर कदम उठाए हैं। यह समझना जरूरी है कि इसका अर्थ यह नहीं है कि हर H-1B employee को अपनी जेब से करीब $100,000 देना होगा। यह मुख्य रूप से employer-side cost से जुड़ा प्रस्ताव है। फिर भी इतनी बड़ी लागत कंपनियों के hiring decisions को प्रभावित कर सकती है। Indian IT Companies के लिए क्या बदल सकता है? H-1B rules में सख्ती और बढ़ी हुई लागत का असर भारतीय IT companies की US business strategy पर भी पड़ सकता है। कंपनियां संभावित रूप से: इसका मतलब यह हो सकता है कि आने वाले समय में भारतीय IT professionals के लिए US onsite opportunities की competition और बढ़ जाए। H-4 Visa पर रहने वाले परिवारों पर भी असर H-1B employee की immigration स्थिति का असर उसके परिवार पर भी पड़ सकता है। H-4 status पर अमेरिका में रहने वाले spouse और children के लिए भी primary H-1B holder की स्थिति महत्वपूर्ण होती है। अगर principal H-1B worker को नौकरी जाने के बाद जल्दी नया immigration solution नहीं मिलता, तो परिवार को भी relocation या दूसरे immigration options पर विचार करना पड़ सकता है। इसका असर बच्चों की schooling, spouse की employment और परिवार की financial planning पर भी पड़ सकता है। क्या हर H-1B worker को नौकरी जाते ही अमेरिका छोड़ना पड़ेगा? यह सबसे महत्वपूर्ण बात है। 60-day grace period खत्म करने का प्रस्ताव अगर लागू होता भी है, तो उसकी वास्तविक conditions अंतिम नियम में स्पष्ट होंगी। इसके अलावा H-1B worker की स्थिति उसके individual immigration circumstances, pending petitions, authorized stay और उपलब्ध दूसरे legal options पर निर्भर कर सकती है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि grace period हटते ही हर H-1B worker को नौकरी खत्म होने के अगले दिन अमेरिका छोड़ना पड़ेगा। क्या भारतीयों के लिए US में Jobs खत्म हो जाएंगी? ऐसा कहना भी सही नहीं होगा। अमेरिका की technology, healthcare, research, engineering और दूसरे specialized sectors में skilled professionals की मांग बनी हुई है। लेकिन नए नियमों से H-1B sponsorship की लागत और immigration uncertainty बढ़ सकती है। इसका सबसे बड़ा असर नए applicants और ऐसे professionals पर पड़ सकता है जिन्हें employer sponsorship की जरूरत है। H-1B Indians के लिए आगे क्या महत्वपूर्ण होगा? भारतीय H-1B professionals को आने वाले समय में immigration policy में होने वाले बदलावों पर नजर रखनी होगी। खासकर ये चार चीजें महत्वपूर्ण रहेंगी: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
PM Modi

PM Modi in Uzbekistan: SCO Summit से पहले पीएम मोदी का बड़ा बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) शनिवार को Uzbekistan और Kyrgyz Republic के चार दिवसीय दौरे के लिए रवाना हो गए। 29 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक चलने वाली इस यात्रा में पीएम मोदी पहले उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद जाएंगे। इसके बाद वह किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित होने वाले 26वें Shanghai Cooperation Organisation (SCO) Summit में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे से पहले कहा कि भारत SCO के सदस्य देशों के साथ मिलकर ऐसा क्षेत्र बनाने की दिशा में काम करेगा, जो आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से मुक्त हो। उन्होंने SCO के लिए भारत की प्राथमिकताओं को Security, Connectivity और Opportunity से जोड़ा है। PM Modi Uzbekistan Visit: द्विपक्षीय संबंधों पर होगी अहम बातचीत उज्बेकिस्तान की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दोनों नेताओं के बीच भारत और उज्बेकिस्तान के संबंधों को और मजबूत करने के लिए कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। इस दौरान Trade and Investment, Defence, Energy, Education और Digital Connectivity जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा। भारत के लिए उज्बेकिस्तान Central Asia का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। ऐसे में पीएम मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक, सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। Tashkent में Shastri Memorial और Mahatma Gandhi Centre जाएंगे PM Modi ताशकंद में प्रधानमंत्री मोदी Lal Bahadur Shastri Memorial और Mahatma Gandhi Centre का दौरा भी करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए भारत और उज्बेकिस्तान के बीच ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया जाएगा। भारत और Central Asia के बीच सदियों पुराने व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। मौजूदा दौर में दोनों पक्ष इन रिश्तों को आधुनिक आर्थिक और रणनीतिक सहयोग में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। SCO Summit 2026 में Terrorism पर भारत का सख्त रुख उज्बेकिस्तान दौरे के बाद पीएम मोदी 31 अगस्त और 1 सितंबर को बिश्केक में होने वाले 26वें SCO Summit में शामिल होंगे। यह सम्मेलन SCO की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। SCO Summit में regional security, terrorism, extremism, connectivity और economic cooperation जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे। भारत लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर मजबूत कार्रवाई की वकालत करता रहा है। पीएम मोदी ने कहा है कि भारत SCO के माध्यम से ऐसे क्षेत्र के निर्माण के लिए काम करेगा, जो terrorism, separatism और extremism से मुक्त हो। उनका यह संदेश SCO Summit में भारत की सुरक्षा प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है। Security और Connectivity पर भी रहेगा फोकस SCO के मंच पर भारत के लिए Security, Connectivity और Opportunity प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। मध्य एशिया के साथ बेहतर connectivity भारत के आर्थिक और रणनीतिक हितों के लिए महत्वपूर्ण है। व्यापार मार्गों, ऊर्जा सहयोग, डिजिटल कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देने से भारत और Central Asian देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूती मिल सकती है। प्रधानमंत्री मोदी SCO Summit के दौरान अन्य सदस्य देशों के नेताओं के साथ Bilateral Meetings भी कर सकते हैं। इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत की संभावना है। World Nomad Games के Opening Ceremony में शामिल होंगे PM Modi किर्गिस्तान दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी 6th World Nomad Games के Opening Ceremony में भी शामिल होंगे। यह आयोजन Central Asia की पारंपरिक संस्कृति, खेल और विरासत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करता है। पीएम मोदी की इस कार्यक्रम में भागीदारी भारत और किर्गिस्तान के बीच people-to-people और cultural ties को और मजबूत करने का अवसर भी होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
RBI

EMI नहीं चुकाई तो क्या होगा? RBI Loan Recovery Rules में बदलाव, जानिए Bank क्या नहीं कर सकता

अगर आपने Personal Loan, Home Loan, Car Loan या किसी अन्य तरह का Loan लिया है और किसी वजह से EMI समय पर नहीं चुका पा रहे हैं, तो आपके लिए RBI के Loan Recovery Rules जानना बेहद जरूरी है। EMI डिफॉल्ट होने पर बैंक या NBFC बकाया रकम की Recovery कर सकता है, लेकिन इसके लिए उसे RBI के नियमों का पालन करना जरूरी है। कई लोग यह मान लेते हैं कि EMI मिस होने के बाद Recovery Agent घर आकर धमका सकता है या किसी भी समय फोन कर सकता है। ऐसा नहीं है। RBI ने Loan Recovery के दौरान ग्राहकों के सम्मान, Privacy और उचित व्यवहार को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए हैं। EMI Miss होने पर सबसे पहले क्या होता है? अगर आपकी EMI तय तारीख पर जमा नहीं होती है, तो बैंक इसे Overdue Payment के रूप में दर्ज कर सकता है। Loan Agreement के मुताबिक बैंक बकाया रकम के साथ लागू ब्याज या अन्य वैध Charges की मांग कर सकता है। अगर EMI लगातार Miss होती रहती है, तो बैंक ग्राहक से संपर्क कर सकता है और बकाया रकम चुकाने के लिए कह सकता है। लंबे समय तक भुगतान न होने पर बैंक अपने नियमों और लागू कानून के अनुसार Recovery Process आगे बढ़ा सकता है। इसलिए RBI के नियमों का मतलब यह नहीं है कि EMI नहीं चुकाने पर बैंक पैसा नहीं मांग सकता। नियम मुख्य रूप से यह तय करते हैं कि Recovery किस तरीके से की जा सकती है। RBI Loan Recovery Rules: Bank आपको कब कॉल कर सकता है? RBI के निर्देशों के अनुसार Overdue Loan की Recovery के लिए ग्राहक से सुबह 8 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद संपर्क नहीं किया जाना चाहिए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि Recovery Agent ग्राहकों को अनुचित समय पर फोन करके परेशान न करें। अगर कोई Recovery Agent लगातार देर रात या सुबह-सुबह कॉल करता है, तो ग्राहक इस मामले की शिकायत संबंधित Bank या NBFC से कर सकता है। Recovery Agent आपको धमका नहीं सकता Loan की Recovery के लिए Bank या NBFC Recovery Agent की मदद ले सकता है, लेकिन Agent को ग्राहक के साथ धमकी, गाली-गलौज, अपमानजनक व्यवहार या मानसिक दबाव बनाने की अनुमति नहीं है। Recovery का उद्देश्य बकाया रकम की वसूली करना है, ग्राहक को डराना या परेशान करना नहीं। RBI ने Regulated Entities को अपने Recovery Agents की गतिविधियों पर उचित निगरानी रखने की जिम्मेदारी भी दी है। परिवार और दोस्तों को भी परेशान नहीं कर सकता Bank अगर आपकी EMI बकाया है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि Recovery Agent आपके परिवार, दोस्तों या परिचितों को परेशान करके आप पर दबाव बनाए। ग्राहक की Privacy और सम्मान का ध्यान रखना जरूरी है। किसी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करना या उसके कर्ज की जानकारी का अनुचित तरीके से इस्तेमाल करना Recovery का स्वीकार्य तरीका नहीं है। क्या Bank घर आकर Recovery कर सकता है? बकाया Loan की Recovery के लिए Bank या उसका अधिकृत Recovery Agent ग्राहक से संपर्क कर सकता है। हालांकि, Recovery करते समय निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। अगर Loan के बदले कोई Asset जैसे Car, Property या अन्य Security रखी गई है, तो Default की स्थिति में Bank के पास कानून और Loan Agreement के तहत Recovery के अधिकार हो सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि Recovery Agent अपनी मर्जी से जबरन सामान या संपत्ति पर कब्जा कर सकता है। Loan Default होने पर Credit Score पर भी असर पड़ सकता है EMI का लगातार भुगतान न करने का असर केवल Bank Recovery तक सीमित नहीं रहता। Loan Repayment History आपके Credit Profile को प्रभावित कर सकती है। अगर Loan Account में लगातार Default होता है, तो भविष्य में Loan या Credit Card लेने में परेशानी हो सकती है। इसलिए आर्थिक परेशानी होने पर EMI को नजरअंदाज करने के बजाय Bank से समय रहते संपर्क करना बेहतर होता है। Recovery Agent परेशान करे तो क्या करें? अगर कोई Recovery Agent RBI के नियमों का उल्लंघन करता है, तो ग्राहक को सबसे पहले संबंधित Bank या NBFC के Grievance Redressal Mechanism में शिकायत करनी चाहिए। शिकायत करते समय कॉल रिकॉर्ड, SMS, WhatsApp Message, Email या अन्य उपलब्ध सबूत सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है। अगर Bank या NBFC से शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो पात्र मामलों में RBI की Ombudsman व्यवस्था के तहत शिकायत की जा सकती है। क्या EMI नहीं भरने पर Bank Loan माफ कर देगा? नहीं। RBI के Recovery Rules का उद्देश्य ग्राहकों को अनुचित Recovery Practices से सुरक्षा देना है। इसका मतलब यह नहीं है कि EMI नहीं भरने पर Loan अपने आप माफ हो जाएगा। Bank अपने Loan Agreement और लागू कानून के अनुसार बकाया रकम की Recovery कर सकता है। लंबे समय तक Default की स्थिति में कानूनी कार्रवाई भी संभव है। EMI भरने में परेशानी हो तो क्या करें? अगर आपको लगता है कि किसी महीने या आने वाले समय में EMI भरना मुश्किल हो सकता है, तो Bank या NBFC से जल्द संपर्क करें। अपनी Financial Situation के बारे में जानकारी देकर उपलब्ध विकल्पों के बारे में पूछें। सबसे जरूरी बात यह है कि Recovery Agent के दबाव में आकर किसी अनजान व्यक्ति के Personal Account में पैसा जमा न करें। Payment हमेशा Bank/NBFC के अधिकृत माध्यम से ही करें। RBI Loan Recovery Rules का सबसे जरूरी सार EMI समय पर नहीं चुकाने पर Bank आपसे बकाया रकम की मांग कर सकता है और नियमों के अनुसार Recovery Process शुरू कर सकता है। लेकिन Recovery के दौरान Bank या उसके Agent को ग्राहक की Privacy और सम्मान का ध्यान रखना होगा। याद रखें: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CNG Price

Delhi CNG Price: CNG के दाम में ₹3.89 की बढ़ोतरी, अब ₹86.98 प्रति किलो मिलेगा गैस

दिल्ली-NCR में CNG इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। CNG Price Hike के तहत इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने CNG की कीमत में ₹3.89 प्रति किलो की बढ़ोतरी की है। नई कीमतें 29 अगस्त 2026 से लागू हो गई हैं। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में CNG का रेट ₹83.09 प्रति किलो से बढ़कर ₹86.98 प्रति किलो हो गया है। यह 2026 में दिल्ली-NCR में CNG की पांचवीं कीमत बढ़ोतरी है। लगातार हो रही बढ़ोतरी से CNG कार चलाने वाले लोगों के साथ-साथ ऑटो, टैक्सी, कैब और कमर्शियल वाहनों के ड्राइवरों पर भी ईंधन खर्च का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। Delhi CNG Price: अब कितना हुआ CNG का रेट? IGL की नई कीमतों के मुताबिक दिल्ली-NCR के अलग-अलग शहरों में CNG के दाम इस प्रकार हैं: दिल्ली में CNG की कीमत में सीधे ₹3.89 प्रति किलो की वृद्धि हुई है। इसका मतलब है कि जो वाहन रोजाना बड़ी मात्रा में CNG की खपत करते हैं, उनके लिए महीने का fuel budget पहले की तुलना में और बढ़ जाएगा। Why CNG Price Increased: क्यों बढ़े CNG के दाम? IGL के अनुसार, CNG की कीमत बढ़ाने की मुख्य वजह imported LNG की बढ़ी हुई लागत है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में LNG की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर गैस की supply और import cost पर पड़ा है। पश्चिम एशिया में तनाव के कारण LNG की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ी है। इसके चलते global energy market में कीमतों पर दबाव बना हुआ है। IGL ने इसी बढ़ी हुई input cost के एक हिस्से को CNG की कीमतों में शामिल किया है। 2026 में पांचवीं बार महंगी हुई CNG दिल्ली-NCR में वर्ष 2026 के दौरान CNG की कीमतों में यह पांचवीं बढ़ोतरी है। इससे पहले भी इस साल अलग-अलग चरणों में CNG के दाम बढ़ाए गए थे। बार-बार होने वाली price hike के कारण CNG को economical fuel मानकर इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिकों की लागत लगातार बढ़ रही है। हालांकि पेट्रोल और डीजल की तुलना में CNG अभी भी कई वाहन चालकों के लिए एक महत्वपूर्ण alternative fuel बनी हुई है। CNG Price Hike का आम लोगों पर क्या असर होगा? CNG की कीमत बढ़ने का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं। निजी CNG कारों के अलावा auto-rickshaw, taxi, cab और commercial vehicles चलाने वालों की operating cost भी बढ़ेगी। ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए बढ़ती fuel cost का सीधा असर उनकी daily earnings पर पड़ सकता है। अगर CNG की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो भविष्य में इसका असर transportation charges और passenger fares पर भी देखने को मिल सकता है। CNG महंगी होने से बढ़ सकता है Monthly Fuel Budget उदाहरण के तौर पर, अगर कोई वाहन प्रतिदिन 5 किलो CNG की खपत करता है, तो ₹3.89 प्रति किलो की अतिरिक्त कीमत के कारण उसका खर्च करीब ₹19.45 प्रतिदिन बढ़ जाएगा। 30 दिनों में यह अतिरिक्त खर्च लगभग ₹584 हो सकता है। जिन commercial vehicles की रोजाना CNG consumption इससे कहीं अधिक है, उनके लिए अतिरिक्त मासिक खर्च भी काफी ज्यादा होगा। आगे CNG के दाम पर क्या रहेगा असर? CNG की कीमतों पर आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय LNG prices, global gas supply और पश्चिम एशिया की स्थिति का असर महत्वपूर्ण रहेगा। अगर imported gas की लागत ऊंची बनी रहती है, तो domestic CNG prices पर भी दबाव बना रह सकता है। फिलहाल दिल्ली-NCR के लोगों को 29 अगस्त से CNG के लिए ₹3.89 प्रति किलो ज्यादा भुगतान करना होगा। दिल्ली में नई CNG कीमत ₹86.98 प्रति किलो पहुंच गई है, जबकि नोएडा और गाजियाबाद में यह ₹95.59 प्रति किलो हो गई है। CNG Price Hike 2026 की यह पांचवीं बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब बढ़ती fuel और transportation costs पहले से ही आम लोगों के बजट को प्रभावित कर रही हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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