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Indus Water Treaty, Pakistan India Water Conflict, Khawaja Asif Statement

Indus Water Threat: पाकिस्तान ने दी भारत को युद्ध की धमकी, कहा- पानी रोका तो करेंगे हमला

Islamabad: भारत-पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) एक बार फिर चर्चा में है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत को लेकर एक भड़काऊ और उकसाने वाला बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर भारत ने पाकिस्तान जाने वाले नदियों के पानी को रोकने के लिए किसी तरह की संरचना बनाई तो पाकिस्तान उस पर सैन्य हमला करेगा और उसे पूरी तरह नष्ट कर देगा। भारत द्वारा पहलगाम आतंकी हमले के बाद इस संधि को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था। इस हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। तब से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है और अब ये बयान उसकी कूटनीतिक असहायता और पानी पर बढ़ती बेचैनी को दिखाता है। पाकिस्तान को डर है कि अगर भारत ने नदियों का प्रवाह रोक दिया, तो इसका सीधा असर उसकी खेती, पीने के पानी और आम जनता की जिंदगी पर पड़ेगा। खुद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यह मान चुके हैं कि भारत से आने वाला पानी ही 24 करोड़ पाकिस्तानियों की जीवनरेखा है। जलवायु विशेषज्ञों का कहना है कि अगर भारत ने संधि के अंतर्गत मिलने वाले पानी का कुछ हिस्सा भी रोक लिया, तो पाकिस्तान में खेती ठप, जल संकट चरम पर और आर्थिक तबाही तय है। भारत ने अब तक संधि का सम्मान किया है, लेकिन बार-बार के आतंकी हमलों और पाकिस्तान के उकसावे के चलते अब भारत का रुख सख्त होता जा रहा है। पानी अब न सिर्फ जीवन की जरूरत बल्कि रणनीतिक हथियार बन चुका है। पाकिस्तान के नेता जिस तरह के बयान दे रहे हैं, वे ना सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि पूरे क्षेत्र की शांति के लिए खतरा बन सकते हैं। भारत ने हमेशा शांति की पहल की है, लेकिन अगर उकसावे जारी रहे तो जवाब भी सख्त हो सकता है
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Pragya Thakur

Supreme Court Closes Plea Against Pragya Thakur’s Bail, Final Verdict in Malegaon Blast Case Awaited

Supreme Court ने बीजेपी सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर को 2008 के मालेगांव ब्लास्ट केस में मिली ज़मानत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई बंद कर दी है। कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट यानी एनआईए अदालत ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया है, इसलिए अब टॉप कोर्ट का हस्तक्षेप करना ठीक नहीं होगा। याचिकाकर्ता ने मांग की थी कि प्रज्ञा ठाकुर की ज़मानत रद्द की जाए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “जब निचली अदालत इस पर फैसला देने वाली है, तो हम इसमें दखल नहीं दे सकते।” सितंबर 2008 में महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए धमाकों में 6 लोगों की मौत हुई थी और 100 से ज़्यादा लोग घायल हुए थे। बम मोटरसाइकिल पर रखे गए थे। इस मामले में प्रज्ञा ठाकुर को आरोपी बनाया गया था। उन्हें कई साल जेल में रहना पड़ा, फिर 2017 में उन्हें ज़मानत मिली। आज वे भोपाल से सांसद हैं। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस राजेश बिंदल की बेंच ने कहा कि एनआईए कोर्ट ने पूरी सुनवाई कर ली है और अब वो जल्द ही फैसला सुनाएगी। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का दखल देना ज़रूरी नहीं है। यह फैसला प्रज्ञा ठाकुर के लिए फिलहाल राहत भरा है, लेकिन असली फैसला एनआईए कोर्ट का होगा – जो ये तय करेगा कि वो दोषी हैं या नहीं। यह मामला सिर्फ कानून की किताबों तक सीमित नहीं है। इसमें उन परिवारों की भी बात है जिन्होंने 2008 में अपनों को खोया। पिछले 16 सालों से वे इंसाफ का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, प्रज्ञा ठाकुर, जो अब एक सांसद हैं, खुद को निर्दोष बताती रही हैं। अब सबकी निगाहें एनआईए कोर्ट के आखिरी फैसले पर टिकी हैं।
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Vizhinjam

पीएम मोदी ने किया Vizhinjam International Port राष्ट्र को समर्पित – भारत का पहला Deep Water Transshipment Port अब केरल में

तिरुवनंतपुरम (केरल), 2 मई 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के तट पर बने Vizhinjam International Seaport को देश को समर्पित किया। यह बंदरगाह भारत का पहला Deep Water Transshipment Port है और इसे भारत के समुद्री क्षेत्र के लिए एक Game Changer माना जा रहा है। इस ऐतिहासिक मौके पर केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और अडाणी ग्रुप के सीईओ करण अडाणी भी मौजूद रहे। PM Modi Kerala Visit: Vizhinjam Port से भारत को क्या मिलेगा? विजिंजम पोर्ट की गहराई 24 मीटर है और यह दुनिया के सबसे बड़े कंटेनर जहाजों को संभालने में सक्षम है। इसकी खासियत यह है कि यह पोर्ट अंतरराष्ट्रीय समुद्री रूट से सिर्फ 10 नॉटिकल माइल्स दूर है, जिससे भारत को अब कोलंबो, सिंगापुर और दुबई जैसे विदेशी ट्रांसशिपमेंट हब्स पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। 5000+ रोजगार और ₹5000 करोड़ का इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट इस प्रोजेक्ट से केरल और भारत दोनों को जबरदस्त आर्थिक और रोजगार लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, यह बंदरगाह 5,000 से ज्यादा लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार देगा और लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और टूरिज्म जैसे क्षेत्रों को भी बूस्ट करेगा। केरल सरकार ने इसके लिए ₹5,000 करोड़ का विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर पैकेज घोषित किया है, जिसमें सड़क और रेलवे कनेक्टिविटी को भी सुधारा जाएगा। 10 KM रेलवे टनल और Smart Cargo Handling विजिंजम पोर्ट को Balaramapuram स्टेशन से जोड़ने के लिए 10.2 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन प्रस्तावित है, जिसमें 9.2 किमी लंबी सुरंग (Tunnel) होगी। इससे माल की आवाजाही आसान, तेज़ और सुरक्षित होगी। यह परियोजना पर्यावरण और सामाजिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया में है। Adani Ports और सरकार की मजबूत साझेदारी यह पोर्ट भारत सरकार और निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक Adani Ports & SEZ Limited की साझेदारी में विकसित किया जा रहा है। यह एक Public-Private Partnership (PPP) मॉडल का बेहतरीन उदाहरण है, जिसकी कुल लागत करीब ₹8,867 करोड़ है। करण अडाणी ने इसे प्रधानमंत्री मोदी के “Maritime Amrit Kaal 2047” विजन का अहम हिस्सा बताया और कहा कि यह भारत को आत्मनिर्भर समुद्री राष्ट्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। PM Modi का संदेश: “विजिंजम भारत की शक्ति का प्रतीक है” प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा:
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WAVES 2025

WAVES 2025 समिट मुंबई में शुरू: भारत बनेगा Global Entertainment Hub, बोले PM मोदी

1 मई 2025 — मुंबई के जिओ वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में आज से शुरू हुआ ‘WAVES 2025’ (World Audio Visual and Entertainment Summit) — एक ऐसा अंतरराष्ट्रीय मंच जो भारत को ग्लोबल मीडिया और एंटरटेनमेंट हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह चार दिवसीय समिट 4 मई तक चलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर कहा, “भारत की रचनात्मकता और सांस्कृतिक विविधता अब वैश्विक पहचान पा रही है। WAVES 2025 इस बदलाव को और मजबूत करेगा।” PM मोदी ने इस समिट की घोषणा पहले ‘मन की बात’ के 117वें एपिसोड में की थी, और तब से देशभर में इसकी चर्चा जोरों पर है। क्या है WAVES 2025? WAVES 2025 एक अंतरराष्ट्रीय समिट है जिसमें दुनिया भर के मीडिया हाउस, फिल्म निर्माता, एनीमेशन और गेमिंग इंडस्ट्री के दिग्गज, तकनीकी विशेषज्ञ और निवेशक भाग ले रहे हैं। इसका उद्देश्य भारत को ऑडियो-विज़ुअल और मनोरंजन उद्योग के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र बनाना है। सम्मलेन के प्रमुख उद्देश्य: किसने क्या कहा? भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर हॉलीवुड, बॉलीवुड और साउथ इंडस्ट्री के टॉप चेहरों तक—हर कोई इस समिट को भारत के लिए “गेम-चेंजर” मान रहा है। यह मंच भारत की soft power को बढ़ावा देगा और दुनिया को यह दिखाएगा कि हम न केवल कंटेंट का उपभोग करते हैं, बल्कि अब उसे गढ़ते भी हैं। पहले गोवा, अब मुंबई गौरतलब है कि यह समिट पहले नवंबर 2024 में गोवा में होने वाली थी, लेकिन बाद में इसे मुंबई में मई 2025 के लिए रीशेड्यूल किया गया — ताकि अधिक प्रतिभागियों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को शामिल किया जा सके। DeshHarpal पर पढ़ें देश-दुनिया से जुड़ी हर बड़ी खबर।
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Supreme Court

Supreme Court ने Pahalgam Terror Attack की Judicial Inquiry वाली PIL को किया खारिज, कहा – “Desh ko Jodne ka Waqt Hai”

1 मई 2025 – Supreme Court ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की न्यायिक जांच की मांग करने वाली जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने इसे गैर-ज़िम्मेदार बताते हुए कहा कि ऐसे वक्त में सुरक्षा बलों का मनोबल गिराने वाली याचिकाएं नहीं लाई जानी चाहिए। Supreme Court ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले की न्यायिक जांच की मांग करने वाली जनहित याचिका (PIL) को सख्त शब्दों में खारिज कर दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को फटकार लगाते हुए कहा कि ऐसे समय में इस तरह की याचिकाएं देश की सुरक्षा एजेंसियों का मनोबल गिरा सकती हैं। 22 अप्रैल को हुए इस आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी, जिनमें कई पर्यटक भी शामिल थे। इस दर्दनाक घटना के बाद तीन नागरिक – मोहम्मद जुनैद, फतेह कुमार साहू और विक्की कुमार – ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर एक सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज की अध्यक्षता में न्यायिक जांच की मांग की थी। लेकिन जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने इस याचिका को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया और स्पष्ट शब्दों में कहा: “ऐसी याचिकाएं सुरक्षा बलों का मनोबल तोड़ती हैं। यह समय एकजुट होकर आतंक के खिलाफ खड़े होने का है, न कि जांच के नाम पर अफसरों को कटघरे में खड़ा करने का। देश के लिए जिम्मेदार बनिए।” कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि न्यायिक जांच की मांग क्यों की जा रही है, जबकि जांच की ज़िम्मेदारी पहले से ही एजेंसियों के पास है। “हम न्याय करते हैं, जांच नहीं। रिटायर्ड जज जांच के विशेषज्ञ नहीं होते। हर मामले में न्यायिक आयोग बना देना समाधान नहीं है,” कोर्ट ने कहा। इन सख्त टिप्पणियों के बाद याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका वापस ले ली। Supreme Court ने याचिका को वापस लेने की अनुमति तो दी, लेकिन साफ कर दिया कि भविष्य में ऐसी याचिकाएं दाखिल करने से पहले राष्ट्रीय भावना और ज़िम्मेदारी को समझना ज़रूरी है। DeshHarpal पर पढ़ें देश-दुनिया से जुड़ी हर बड़ी खबर।
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Census

Caste Census अब होगी Main Census का हिस्सा: 1931 के बाद पहली बार होगा जातीय डेटा कलेक्शन

देश की अगली Census अब सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रहेगी — यह भारत के सामाजिक ताने-बाने को एक नई पारदर्शिता के साथ दुनिया के सामने लाएगी। केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए घोषणा की है कि अब जातीय आंकड़ों की गिनती भी मुख्य जनगणना का हिस्सा होगी। यह फैसला न केवल सरकार की सोच में बदलाव दर्शाता है, बल्कि देश की करोड़ों जातियों और उपजातियों को पहली बार मुख्य धारा के डेटा में लाने की कोशिश भी है। अब हर जाति की होगी गिनती, खुलेगा असली सामाजिक चित्र केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को प्रेस वार्ता में कहा कि कैबिनेट ने यह निर्णय लिया है कि आगामी Census में अब जातीय विवरण भी दर्ज किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा, “समाज में बहुत सारी योजनाएं जातीय आधार पर बनती हैं, लेकिन ठोस आंकड़े नहीं होने के कारण असली लाभार्थी वंचित रह जाते हैं।“ अब पहली बार केंद्र सरकार यह जिम्मेदारी खुद उठाकर एक भरोसेमंद जातीय डेटा उपलब्ध कराएगी। राज्यों के जातीय सर्वे को बताया ‘राजनीतिक नाटक’ मंत्री ने कर्नाटक और तेलंगाना जैसे राज्यों में हुए जातीय सर्वेक्षणों को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना था कि ये सर्वे राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित थे और इनमें पारदर्शिता की भारी कमी रही। केंद्र सरकार का मानना है कि जब तक जातीय Census पूरे देश में एकसमान रूप से नहीं होगी, तब तक इसके आधार पर नीति बनाना गलत होगा। क्यों है यह फैसला ऐतिहासिक? जातीय आंकड़े क्यों ज़रूरी हैं? भारत एक विविधता से भरा देश है। हर क्षेत्र, हर गाँव और हर समुदाय में अलग-अलग सामाजिक परतें हैं। लेकिन जब योजनाएं बनती हैं, तो बिना आंकड़ों के सिर्फ अनुमान के आधार पर फैसले होते हैं। अब जातीय Census के जरिए सरकार को यह स्पष्ट जानकारी मिलेगी कि कौन पीछे रह गया है, और किसे वास्तव में मदद की जरूरत है। आम जनता की आवाज को मिलेगा प्लेटफॉर्म यह कदम उन लोगों के लिए भी उम्मीद की किरण बनकर आया है जो लंबे समय से कहते आए हैं कि — “हमें गिना नहीं जाता, तो हमें क्यों माना जाएगा?” अब जातियों की पहचान और उनकी समस्याएं सिर्फ राजनीति का मुद्दा नहीं रहेंगी, बल्कि नीति और समाधान का हिस्सा बनेंगी। DeshHarpal पर पढ़ें देश-दुनिया से जुड़ी हर बड़ी खबर।
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Digital Access

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: Digital Access अब “मौलिक अधिकार” (Fundamental Right)

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने आज एक ऐतिहासिक निर्णय में डिजिटल एक्सेस (Digital Access) को मौलिक अधिकार (Fundamental Right) घोषित कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि अब सरकार की यह संवैधानिक जिम्मेदारी है कि वह सभी नागरिकों — खासकर ग्रामीण और हाशिए पर रहने वाले वर्गों — को समान रूप से डिजिटल सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करे। यह फैसला जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने दो जनहित याचिकाओं पर सुनाया, जिनमें से एक याचिका एक एसिड अटैक सर्वाइवर ने दायर की थी। पीड़िता ने बैंक में KYC (Know Your Customer) प्रक्रिया के दौरान आने वाली परेशानियों का ज़िक्र किया था। डिजिटल भेदभाव अब असंवैधानिक कोर्ट ने कहा, “डिजिटल डिवाइड को खत्म करना अब नीति का सवाल नहीं बल्कि संविधानिक कर्तव्य है। जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार (अनुच्छेद 21) में अब डिजिटल पहुंच को भी शामिल करना अनिवार्य हो गया है।” कोर्ट ने बताया कि आज के समय में हेल्थकेयर, बैंकिंग, शिक्षा जैसी ज़रूरी सेवाएं डिजिटल माध्यमों (Digital Access)से ही उपलब्ध होती हैं। ऐसे में जिनके पास इन सेवाओं तक पहुंच नहीं है, वे पीछे छूट रहे हैं। 20 अहम निर्देश दिए सुप्रीम कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और संबंधित एजेंसियों को KYC प्रक्रिया को अधिक समावेशी और सुलभ बनाने के लिए 20 जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने कहा कि विशेष रूप से विकलांग और एसिड अटैक पीड़ितों के लिए मौजूदा नियमों में बदलाव किया जाना चाहिए क्या था मामला? एक एसिड अटैक सर्वाइवर, प्रज्ञा प्रसून, जुलाई 2023 में बैंक में खाता खोलने पहुंची थीं। लेकिन Digital Access डिजिटल केवाईसी प्रक्रिया के दौरान बैंक ने उनसे “ब्लिंक” करने यानी पलकों को झपकाने की मांग की — ताकि यह साबित हो सके कि वे जीवित हैं। लेकिन उनके चेहरे की स्थिति के कारण यह संभव नहीं हो पाया। सोशल मीडिया पर मामला उठने के बाद बैंक ने अपवाद के रूप में खाता खोलने की अनुमति दी। प्रज्ञा ने कोर्ट से अपील की थी कि एसिड अटैक पीड़ितों और अन्य विकलांग व्यक्तियों के लिए केंद्र सरकार नई गाइडलाइंस जारी करे, ताकि वे बिना भेदभाव के डिजिटल सेवाओं का उपयोग कर सकें। जजों ने क्या कहा? जस्टिस महादेवन ने इस आदेश को लिखा, जिसे उनके साथी जस्टिस पारदीवाला ने “शानदार” बताते हुए सराहना की। उन्होंने कहा कि अब आर्थिक अवसरों से लेकर मूलभूत सेवाओं तक पहुंच डिजिटल माध्यमों से ही संभव है, इसलिए Article 21 (जीवन का अधिकार) की नई व्याख्या आवश्यक हो गई है। DeshHarpal पर पढ़ें देश-दुनिया से जुड़ी हर बड़ी खबर।
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Pahalgam Attack Live

Pahalgam Terror Attack: पहलगाम हमले पर PM Modi का एक्शन मोड, बोले – सेना को पूरी छूट, मिलेगा मुंहतोड़ जवाब

PM Modi का एक्शन मोड जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद देश में आक्रोश और चिंता का माहौल है। 22 अप्रैल को हुए इस हमले में 26 निर्दोष नागरिकों – जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे – की जान चली गई। यह हाल के वर्षों में कश्मीर घाटी में हुआ सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है। इस हमले के बाद मंगलवार को PM Modi ने दिल्ली स्थित अपने आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी शामिल हुए। बैठक में PM Modi ने सशस्त्र बलों को यह संदेश दिया कि वे देश के दुश्मनों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए “पूरी तरह से स्वतंत्र” हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, “हमारे सैनिक तय करेंगे कि आतंकियों को कैसे, कब और कहां जवाब दिया जाए। उन्हें हर तरह की परिचालन छूट दी गई है।” “आतंकवाद को मिलेगा मुँहतोड़ जवाब” – PM Modi का सख्त संदेश सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने सेना की पेशेवर क्षमताओं पर पूरा विश्वास जताते हुए कहा कि आतंक के खिलाफ भारत का रुख बेहद स्पष्ट है – “यह हमारा राष्ट्रीय संकल्प है कि हम आतंकवाद को जड़ से खत्म करेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि जो ताकतें भारत की शांति और अखंडता को चुनौती देंगी, उन्हें हर हाल में जवाब मिलेगा – चाहे वह सीमा पार हों या देश के भीतर छिपे हों। CCS बैठक में लिए गए बड़े फैसले – पाकिस्तान को दिया गया कड़ा संदेश हमले के एक दिन बाद 23 अप्रैल को हुई कैबिनेट सुरक्षा समिति (CCS) की बैठक में केंद्र सरकार ने कड़े कदम उठाए थे: इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी राज्यों को निर्देश दिया कि तय समयसीमा के बाद कोई भी पाकिस्तानी नागरिक भारत में न रुके। हर आतंकी को सजा मिलेगी – पीएम मोदी का संकल्प प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान को दो-टूक चेतावनी देते हुए कहा, “भारत हर एक आतंकी और उनके समर्थकों की पहचान करेगा, उन्हें ढूंढेगा और सजा देगा। हम उन्हें धरती के छोर तक भी क्यों न जाना पड़े, वहां तक पहुंचेंगे।” गृह मंत्रालय की तैयारी भी तेज इसी दिन केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक अहम बैठक की। इसमें BSF, NSG और असम राइफल्स के प्रमुखों के साथ-साथ सशस्त्र सीमा बल (SSB) के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। इस बैठक में देशभर में सुरक्षा चाक-चौबंद रखने और आतंक विरोधी रणनीतियों पर चर्चा की गई। DeshHarpal पर पढ़ें देश-दुनिया से जुड़ी हर बड़ी खबर।
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Terror Attack

पाहलगाम Terror Attack पर उमर अब्दुल्ला का बयान: “राजनीति इतनी सस्ती नहीं हो सकती”

जम्मू और कश्मीर के पब्लिक टूरिस्ट डेस्टिनेशन, पाहलगाम की बाइसारन घाटी में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकवादी हमले (Terror Attack) में 26 पर्यटकों की जान चली गई। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद, जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने साफ तौर पर कहा है कि वह इस आतंकवादी हमले को राज्यhood की मांग के लिए राजनीतिक फायदा उठाने का मौका नहीं बनाएंगे। उमर अब्दुल्ला का राजनीति पर अहम बयान उमर अब्दुल्ला ने कहा, “अगर मैं इस आतंकवादी हमले ( Terror Attack) को राज्यhood की मांग के लिए इस्तेमाल करूं तो मुझे शर्म आनी चाहिए।” उनका मानना है कि एक राष्ट्रीय त्रासदी के बाद किसी राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाना पूरी तरह से गलत है। उन्होंने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए शहीदों और उनके परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने बयान में यह भी कहा कि उनका रुख राज्यhood के मुद्दे पर हमेशा एक जैसा रहा है और इसके लिए उन्हें केंद्र सरकार से एक जिम्मेदार और सम्मानजनक संवाद की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यhood की मांग को इस तरह के संकट के समय में राजनीतिक लाभ के रूप में इस्तेमाल करना उनकी राजनीति के सिद्धांतों के खिलाफ है। उमर अब्दुल्ला का यह बयान यह दर्शाता है कि राजनीति में संवेदनशीलता और समझ होना चाहिए, खासकर ऐसे वक्त में जब पूरा देश एक दर्दनाक घटना से गुजर रहा हो। उनका यह कदम यह साबित करता है कि सही राजनीति कभी भी आतंकी हमले या किसी राष्ट्रीय संकट का फायदा उठाने के लिए नहीं हो सकती। देशहरपाल पर पढ़ें ताज़ा खबरें
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Supreme Court

Supreme Court ने OTT Platforms और Social Media पर Obscene Content को बताया गंभीर चिंता, सरकार लाएगी नए Regulations

Supreme Court ने सोमवार को OTT Platforms और Social Media पर अश्लील और आपत्तिजनक (Obscene and Indecent) कंटेंट के बढ़ते प्रसार पर गहरी चिंता जताई है। Court ने इस मुद्दे पर दायर Public Interest Litigation (PIL) को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है और Netflix, Amazon Prime, AltBalaji, Ullu Digital, Mubi, X (Twitter), Google, Meta (Facebook, Instagram) और Apple सहित कई डिजिटल दिग्गजों को नोटिस जारी किया है। Supreme Court ने क्यों जताई चिंता? Justice BR Gavai और Justice AG Masih की बेंच ने कहा कि यह याचिका “महत्वपूर्ण सार्वजनिक चिंता” (Important Public Concern) उठाती है। सुनवाई के दौरान Justice Gavai ने कहा:“Netflix व अन्य प्लेटफॉर्म्स की भी Social Responsibility बनती है।” उन्होंने यह भी कहा कि OTT Platforms और Social Media पर अश्लील कंटेंट का प्रसार समाज के लिए खतरनाक है और इस पर ध्यान देना जरूरी है। Solicitor General ने क्या कहा? याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए वकील Vishnu Shankar Jain ने तर्क दिया कि यह मामला कोई विरोधी मुकदमा (Adversarial Litigation) नहीं, बल्कि एक Genuine Concern को उठाता है। Justice Gavai ने Solicitor General Tushar Mehta से केंद्र सरकार का रुख पूछा। SG Mehta ने सहमति जताते हुए कहा:“कुछ Content इतना Perverted है कि दो सम्माननीय लोग भी साथ बैठकर नहीं देख सकते।” उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि: Supreme Court का आदेश Supreme Court ने अपने आदेश में कहा:“यह याचिका OTT Platforms और Social Media पर आपत्तिजनक, अश्लील और विकृत (Perverted) कंटेंट के प्रदर्शन पर गंभीर चिंता उठाती है। Solicitor General ने भी माना कि और अधिक Regulations की आवश्यकता है।” याचिकाकर्ता कौन हैं? इस याचिका के मुख्य याचिकाकर्ता वरिष्ठ पत्रकार और पूर्व सूचना आयुक्त Uday Mahurkar हैं। उनके साथ Sanjeew Newar, Sudeshna Bhattacharjya Mukherjee, Shatabdi Pande और Svati Goyal अन्य याचिकाकर्ता हैं। DeshHarpal पर पढ़ें देश-दुनिया से जुड़ी हर बड़ी खबर।
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Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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