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Nashik TCS Case, Nida Khan

BREAKING: 40 दिन बाद गिरफ्तार हुई निदा खान! नासिक TCS कांड में मालेगांव-मलेशिया कनेक्शन की जांच तेज

नासिक TCS धर्मांतरण और यौन शोषण मामले में मुख्य आरोपी निदा खान को छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब मोबाइल, डायरी और कथित मालेगांव-मलेशिया नेटवर्क की जांच में जुटी है। BREAKING: 40 दिन तक फरार रही निदा खान आखिरकार गिरफ्तार, नासिक TCS कांड में नए खुलासों से हड़कंप महाराष्ट्र के चर्चित नासिक TCS कांड में बड़ा मोड़ आ गया है। लगभग 40 दिनों से फरार चल रही मुख्य आरोपी निदा खान को आखिरकार पुलिस ने छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियों की नजर उसके मोबाइल फोन, निजी डायरी और कथित धर्मांतरण नेटवर्क पर टिक गई है। पुलिस के अनुसार, निदा खान पिछले चार दिनों से छत्रपति संभाजीनगर के नारेगांव स्थित कैसर कॉलोनी के एक फ्लैट में छिपकर रह रही थी। उसके साथ उसके माता-पिता, भाई और मौसी भी मौजूद थे। नासिक SIT, क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम पिछले दो दिनों से उस फ्लैट पर नजर रखे हुए थी। देर रात हुई कार्रवाई में उसे दबोच लिया गया। कौन है निदा खान? निदा खान देश की बड़ी IT कंपनी TCS की नासिक यूनिट में कार्यरत थी, लेकिन मामला सामने आने के बाद कंपनी ने उसे निलंबित कर दिया। उसके खिलाफ बलात्कार, यौन शोषण, मानसिक प्रताड़ना और कथित धर्मांतरण के लिए दबाव डालने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में इससे पहले भी छह कर्मचारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन पुलिस को सबसे ज्यादा तलाश निदा खान की थी क्योंकि जांच एजेंसियां उसे पूरे कथित नेटवर्क की “मुख्य कड़ी” मान रही हैं। पुलिस को कैसे मिला सुराग? सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को तकनीकी निगरानी और कुछ संदिग्ध संपर्कों के जरिए निदा खान की लोकेशन का इनपुट मिला था। इसके बाद नारेगांव इलाके में लगातार निगरानी रखी गई। जैसे ही पुलिस को पुष्टि हुई कि निदा फ्लैट के अंदर मौजूद है, टीम ने देर रात कार्रवाई कर उसे हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे तुरंत नासिक ले जाया गया, जहां JMFC जज के समक्ष पेश कर ट्रांजिट रिमांड लिया गया। FIR में क्या-क्या आरोप? FIR में दर्ज आरोपों के मुताबिक, कार्यस्थल पर कुछ महिला कर्मचारियों पर इस्लामी परंपराएं अपनाने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि: जांच एजेंसियों का दावा है कि एक पीड़िता का नाम बदलकर “हानिया” रखने और उसे नौकरी के नाम पर मलेशिया भेजने की योजना भी बनाई जा रही थी। मोबाइल और डायरी से खुल सकते हैं बड़े राज SIT का मानना है कि निदा खान का मोबाइल फोन और निजी डायरी इस पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी साबित हो सकते हैं। जांचकर्ताओं को शक है कि: इसी वजह से पुलिस उसकी कस्टोडियल पूछताछ पर जोर दे रही है। गर्भावस्था का हवाला देकर मांगी थी राहत गिरफ्तारी से पहले निदा खान ने अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर करते हुए खुद को दो महीने की गर्भवती बताया था और सुरक्षा की मांग की थी। हालांकि अदालत ने SIT की दलीलों को अहम मानते हुए राहत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि मामले की गंभीरता और जांच में आरोपी की भूमिका को देखते हुए हिरासत में पूछताछ जरूरी है। राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज इस केस के सामने आने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति भी गरमा गई है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी बहस जारी है। एक पक्ष इसे संगठित धर्मांतरण नेटवर्क बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष जांच पूरी होने से पहले निष्कर्ष निकालने से बचने की बात कह रहा है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और डिजिटल सबूतों की जांच के बाद कई और बड़े खुलासे संभव हैं।
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शादी के 10 साल बाद पिता बने Suryakumar Yadav :पत्नी देविशा ने बेटी को जन्म दिया

शादी के 10 साल बाद पिता बने Suryakumar Yadav :पत्नी देविशा ने बेटी को जन्म दिया

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज Suryakumar Yadav के घर खुशियों की बड़ी खबर आई है। शादी के 10 साल बाद वह पिता बन गए हैं। उनकी पत्नी देविशा ने एक बेटी को जन्म दिया है। परिवार में इस नए सदस्य के आने से खुशी का माहौल है। बताया जा रहा है कि मां और बच्ची दोनों स्वस्थ हैं। जैसे ही यह खबर सामने आई, क्रिकेट जगत और फैंस ने सोशल मीडिया पर उन्हें बधाइयाँ देना शुरू कर दिया। सूर्यकुमार यादव और देविशा के लिए यह पल बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि लंबे इंतजार के बाद उनके जीवन में यह खुशी आई है। फिलहाल टीम और मैनेजमेंट की ओर से उनकी उपलब्धता को लेकर कोई आधिकारिक अपडेट नहीं आया है, लेकिन फैंस उनके और उनके परिवार के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं।
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Akhilesh

Mamata-Akhilesh Meet में दिखी गर्मजोशी, गेट पर रिसीव करने पहुंचीं दीदी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee और समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav की मुलाकात ने देश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। कोलकाता में ममता बनर्जी के घर पहुंचे अखिलेश यादव का स्वागत बेहद खास अंदाज में हुआ। मुख्यमंत्री खुद घर के गेट पर उन्हें रिसीव करने पहुंचीं, जबकि टीएमसी सांसद Abhishek Banerjee ने गले लगाकर उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब देश में विपक्षी दल भाजपा के खिलाफ अपनी रणनीति को मजबूत करने में जुटे हुए हैं। इस वजह से राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। गेट पर पहुंचीं ममता, तस्वीरों ने खींचा ध्यान अखिलेश यादव जैसे ही ममता बनर्जी के आवास पहुंचे, वहां का माहौल काफी गर्मजोशी भरा नजर आया। ममता बनर्जी खुद बाहर आईं और उन्होंने मुस्कुराते हुए अखिलेश का स्वागत किया। इसी दौरान अभिषेक बनर्जी ने भी सपा प्रमुख को गले लगाया। दोनों नेताओं की यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं थी, बल्कि इसके पीछे आने वाले चुनावों को लेकर बड़ा राजनीतिक संदेश भी छिपा हो सकता है। “भाजपा को दीदी खटकती हैं” — अखिलेश यादव मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा को सबसे ज्यादा “दीदी” यानी ममता बनर्जी से परेशानी होती है, क्योंकि वे लगातार केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध करती रही हैं। अखिलेश ने यह भी कहा कि देश में लोकतंत्र और संविधान को मजबूत रखने के लिए विपक्षी दलों का एकजुट रहना जरूरी है। उनके बयान को आगामी चुनावों की तैयारी और विपक्षी एकता के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। Opposition Unity को लेकर बढ़ी चर्चा हाल के महीनों में कई विपक्षी नेता भाजपा के खिलाफ साझा मोर्चा बनाने की कोशिश करते दिखाई दिए हैं। ऐसे में ममता बनर्जी और अखिलेश यादव की यह मुलाकात राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में विपक्षी दलों के बीच बैठकों और राजनीतिक गतिविधियों में तेजी देखने को मिल सकती है। इस मुलाकात ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि विपक्ष भाजपा के खिलाफ अपनी रणनीति को और मजबूत करने की तैयारी में है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई मुलाकात की तस्वीरें ममता बनर्जी, अखिलेश यादव और अभिषेक बनर्जी की मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर लगातार शेयर की जा रही हैं। समर्थक इसे विपक्षी एकता की मजबूत तस्वीर बता रहे हैं, जबकि भाजपा समर्थकों की ओर से भी इस पर कई प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Operation Sindoor

Operation Sindoor Indian Forces ने पाकिस्तान के 11 Airbases को किया ध्वस्त

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ‘ऑपरेशन सिंदूर’(Operation Sindoor) को लेकर भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना ने बड़ा खुलासा किया है। तीनों सेनाओं की संयुक्त ब्रीफिंग में दावा किया गया कि इस ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान के 13 एयरक्राफ्ट नष्ट किए गए, जबकि 11 एयरबेस को गंभीर नुकसान पहुंचाया गया। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह मिशन कई दिनों की रणनीतिक तैयारी और खुफिया जानकारी के आधार पर अंजाम दिया गया। ऑपरेशन का मकसद सीमापार से होने वाली गतिविधियों पर रोक लगाना और भारत की सुरक्षा को मजबूत करना था। कैसे अंजाम दिया गया Operation Sindoor? सेना अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन पूरी तरह गोपनीय रखा गया था। भारतीय वायुसेना ने सबसे पहले पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इसके बाद थलसेना और नौसेना ने भी समन्वय के साथ मिशन को आगे बढ़ाया। अधिकारियों के मुताबिक, कई एयरस्ट्रिप, हैंगर और सैन्य संसाधनों को भारी नुकसान पहुंचा है। मिशन में आधुनिक हथियारों, ड्रोन टेक्नोलॉजी और रियल टाइम इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया गया। LoC से लेकर बड़े शहरों तक हाई अलर्ट ऑपरेशन के खुलासे के बाद देशभर में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। LoC और सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिव रखा गया है और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। दिल्ली, मुंबई, जयपुर और चंडीगढ़ जैसे बड़े शहरों में भी सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। सरकार ने साफ कहा है कि देश की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। दुनिया की नजर भारत-पाक तनाव पर ऑपरेशन सिंदूर का खुलासा सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। कई रक्षा विशेषज्ञ इसे भारत की बड़ी सामरिक कार्रवाई मान रहे हैं। विदेशी मीडिया में भी इस ऑपरेशन को प्रमुखता से दिखाया जा रहा है। हालांकि पाकिस्तान की ओर से इन दावों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को लेकर दुनिया की नजरें अब अगले घटनाक्रम पर टिकी हैं। सोशल मीडिया पर सेना की तारीफ ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सोशल Media पर भी चर्चा तेज है। बड़ी संख्या में लोग भारतीय सेनाओं की कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे भारत की मजबूत सैन्य रणनीति और तकनीकी क्षमता का उदाहरण बताया। रक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि तीनों सेनाओं का इस तरह एक साथ समन्वय भारत की सैन्य ताकत को नई पहचान देता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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निशांत कुमार

Bihar Cabinet Expansion 2026: निशांत कुमार की एंट्री से बदले सियासी समीकरण, PM मोदी भी रहे मौजूद

बिहार की राजनीति में गुरुवार का दिन कई बड़े संकेत छोड़ गया। राजधानी पटना में हुए सम्राट कैबिनेट विस्तार ने सिर्फ सरकार का चेहरा नहीं बदला, बल्कि आने वाले चुनावों की राजनीतिक तस्वीर भी काफी हद तक साफ कर दी। मुख्यमंत्री Nitish Kumar के बेटे निशांत कुमार ने मंत्री पद की शपथ लेकर पहली बार सक्रिय राजनीति में कदम रखा, जिससे बिहार की सियासत अचानक नई चर्चा के केंद्र में आ गई। राजभवन में आयोजित इस शपथ ग्रहण समारोह में कुल 32 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। समारोह में प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्री Amit Shah समेत NDA के कई बड़े नेता मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम को शक्ति प्रदर्शन और आगामी चुनावी तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। NDA ने दिखाया ताकत का बड़ा संदेश कैबिनेट विस्तार में बीजेपी और जेडीयू दोनों ने अपने-अपने नेताओं को संतुलित तरीके से जगह दी। बीजेपी कोटे से 15 और जेडीयू से 13 नेताओं को मंत्री बनाया गया, जबकि बाकी सीटें सहयोगी दलों के खाते में गईं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विस्तार सिर्फ मंत्रालय बांटने तक सीमित नहीं है, बल्कि जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने की रणनीति भी इसका बड़ा हिस्सा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पटना रोड शो भी पूरे दिन चर्चा में रहा। गांधी मैदान से लेकर कई इलाकों तक लोगों की भीड़ देखने को मिली। बीजेपी नेताओं ने इसे बिहार में NDA के मजबूत जनाधार का संकेत बताया। निशांत कुमार की एंट्री ने बढ़ाई हलचल इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा चेहरा निशांत कुमार रहे। अब तक सार्वजनिक राजनीति से दूरी बनाए रखने वाले निशांत को सीधे मंत्री पद देकर जेडीयू ने बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पार्टी अब भविष्य की नई टीम तैयार करने में जुट गई है। शपथ लेने के बाद समर्थकों ने निशांत कुमार का जोरदार स्वागत किया। सोशल मीडिया पर भी उनकी तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। कई लोग इसे नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि विपक्ष परिवारवाद को लेकर हमलावर नजर आया। वंदेमातरम की जगह सीधे राष्ट्रगान, नई बहस शुरू शपथ ग्रहण समारोह में एक और बदलाव ने लोगों का ध्यान खींचा। आमतौर पर सरकारी कार्यक्रमों में वंदेमातरम के साथ शुरुआत होती है, लेकिन इस बार सीधे राष्ट्रगान बजाया गया। इसे लेकर सोशल media और राजनीतिक हलकों में अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि सरकार की ओर से इस बदलाव पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई, लेकिन विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाना शुरू कर दिया है। चुनाव से पहले युवा और सामाजिक समीकरण पर फोकस नई कैबिनेट में युवाओं, पिछड़े वर्गों, दलित नेताओं और क्षेत्रीय चेहरों को जगह देकर NDA ने साफ संकेत दिया है कि चुनाव से पहले हर वर्ग को साधने की कोशिश की जा रही है। बिहार की राजनीति में लंबे समय बाद ऐसा विस्तार देखने को मिला है, जिसमें सत्ता और संगठन दोनों का संतुलन साधने पर खास जोर दिखाई दिया। आने वाले दिनों में यह कैबिनेट विस्तार बिहार की राजनीति को किस दिशा में ले जाएगा, इस पर सबकी नजर बनी हुई है। फिलहाल इतना तय है कि निशांत कुमार की एंट्री ने बिहार के राजनीतिक माहौल को और ज्यादा दिलचस्प बना दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Vijay

Tamil Nadu Politics में बड़ा उलटफेर! Vijay ने फिर की Governor से मुलाकात, Bengal में BJP एक्टिव

देश की राजनीति में इस समय तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। एक तरफ तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) प्रमुख और अभिनेता Vijay लगातार दूसरे दिन राज्यपाल से मिले, तो दूसरी ओर केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah आज पश्चिम बंगाल दौरे पर जा रहे हैं। इन दोनों घटनाओं ने राष्ट्रीय राजनीति का तापमान अचानक बढ़ा दिया है। Vijay की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता ने बढ़ाई हलचल तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद सरकार गठन को लेकर तेजी से गतिविधियां बढ़ रही हैं। TVK चीफ विजय ने एक दिन पहले राज्यपाल को 113 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा था। राज्य में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत है, यानी विजय फिलहाल सिर्फ 5 विधायकों के समर्थन से दूर बताए जा रहे हैं। लगातार दूसरे दिन राज्यपाल से उनकी मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि TVK अन्य दलों और निर्दलीय विधायकों से लगातार संपर्क बनाए हुए है। कांग्रेस के संभावित समर्थन की अटकलों ने भी तमिलनाडु की राजनीति को और दिलचस्प बना दिया है। फिल्मों से राजनीति में आए विजय ने कम समय में युवाओं के बीच मजबूत पकड़ बनाई है। यही वजह है कि उनके हर राजनीतिक कदम पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। DMK और विपक्ष ने भी तेज की रणनीति विजय की सक्रियता बढ़ने के बाद डीएमके और उसके सहयोगी दल भी पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, कई दौर की बैठकों का सिलसिला जारी है। सभी दल सरकार गठन को लेकर अपनी-अपनी रणनीति मजबूत करने में जुटे हुए हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर विजय बहुमत साबित कर देते हैं, तो तमिलनाडु की राजनीति में यह सबसे बड़े बदलावों में से एक माना जाएगा। Bengal Visit पर अमित शाह का फोकस उधर पश्चिम बंगाल में भी राजनीतिक माहौल गर्म है। अमित शाह आज बंगाल पहुंचकर पार्टी नेताओं के साथ अहम बैठक करेंगे। हाल के राजनीतिक विवादों और सुरक्षा मुद्दों के बीच शाह का यह दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा बंगाल में संगठन को और मजबूत करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि शाह आगामी रणनीति, संगठन विस्तार और राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा करेंगे। South से East तक गर्म हुई देश की राजनीति तमिलनाडु में विजय की बढ़ती राजनीतिक ताकत और बंगाल में भाजपा की सक्रियता ने देश की राजनीति को नई दिशा दे दी है। एक तरफ TVK सरकार बनाने की कोशिश में जुटी है, तो दूसरी तरफ भाजपा पूर्वी भारत में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। आने वाले दिनों में तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल दोनों राज्यों से बड़े राजनीतिक फैसले सामने आ सकते हैं, जिनका असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी साफ दिखाई देगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bihar

Bihar Cabinet Expansion Update: 15 BJP और 13 JDU MLA लेंगे मंत्री पद की शपथ

Bihar की राजनीति एक बार फिर सुर्खियों में है। आज Samrat Cabinet Expansion 2026 को लेकर राज्य में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल रहा है। सत्ता के गलियारों से लेकर आम लोगों तक इस विस्तार की चर्चा गर्म है, क्योंकि इसमें कई बड़े नामों और समीकरणों के बदलने की संभावना जताई जा रही है। इस पूरे कार्यक्रम में प्रधानमंत्री Narendra Modi का रोड शो भी शामिल है, जो इस आयोजन को और खास बना रहा है। 28 नए मंत्रियों की संभावित एंट्री, BJP-JDU में बड़ा बंटवारा सूत्रों के मुताबिक इस कैबिनेट विस्तार में कुल 28 विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। इसमें: इन नामों पर अंतिम फैसला लगभग तय माना जा रहा है, हालांकि आधिकारिक सूची का इंतजार अभी बाकी है। यह विस्तार सिर्फ राजनीतिक बदलाव नहीं, बल्कि आने वाले चुनावी समीकरणों को मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। Nishant Kumar Minister Banenge? सबसे बड़ी चर्चा यही इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा मुख्यमंत्री Nitish Kumar के बेटे Nishant Kumar को लेकर हो रही है। राजनीतिक हलकों में यह सवाल लगातार उठ रहा है कि क्या उन्हें इस बार कैबिनेट में जगह मिलेगी?हालांकि अभी तक किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन चर्चाओं का बाजार गर्म है। PM Modi Road Show बनेगा मुख्य आकर्षण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रोड शो इस पूरे कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण माना जा रहा है। लोगों की भारी भीड़ और राजनीतिक माहौल को देखते हुए इसे एनडीए की ताकत प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है। बिहार की सियासत में बढ़ी गर्माहट कैबिनेट विस्तार से पहले ही राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। हर तरफ इस बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हैं और हर कोई नए मंत्रिमंडल की तस्वीर का इंतजार कर रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bengal

Bengal Political Crisis 2026: 9 May को BJP Government की शपथ

देश की राजनीति एक बार फिर बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रही है। West Bengal और Tamil Nadu से आ रही ताजा राजनीतिक खबरों ने सियासी माहौल को गर्म कर दिया है। एक तरफ बंगाल में सत्ता परिवर्तन की अटकलें तेज हैं, वहीं दूसरी तरफ दक्षिण भारत में नया राजनीतिक समीकरण बनता दिख रहा है। 9 May को BJP Government की शपथ की चर्चा सूत्रों के अनुसार Bharatiya Janata Party (BJP) West Bengal में सरकार बनाने की तैयारी कर रही है। कहा जा रहा है कि 9 मई को शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। इस राजनीतिक हलचल के बीच मौजूदा मुख्यमंत्री Mamata Banerjee और उनके करीबी Abhishek Banerjee की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव की खबर ने भी चर्चा को और तेज कर दिया है। Security Changes ने बढ़ाई Political Speculation VIP सुरक्षा में बदलाव को आमतौर पर प्रशासनिक कदम माना जाता है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे सत्ता परिवर्तन के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है। इसी वजह से बंगाल की राजनीति पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। Tamil Nadu Politics: Vijay का Government Formation Claim दूसरी ओर Tamil Nadu में राजनीतिक माहौल पूरी तरह बदलता दिख रहा है। अभिनेता और नेता Vijay ने सरकार बनाने का दावा पेश किया है। खबरों के मुताबिक उन्हें Indian National Congress (कांग्रेस) का समर्थन भी मिल रहा है, जिससे राज्य की राजनीति में नया गठबंधन और नई उम्मीदें बनती दिख रही हैं। India Politics में बदलते समीकरण इन दोनों राज्यों के घटनाक्रम कई बड़े संकेत दे रहे हैं: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Hantavirus

Hantavirus Update: क्रूज पर 7 केस मिले, Human Transmission की खबर से बढ़ी टेंशन

दुनिया अभी कोविड जैसे अनुभवों से पूरी तरह उबर भी नहीं पाई थी कि अब Hantavirus को लेकर नई चिंता सामने आ गई है। हाल ही में एक इंटरनेशनल क्रूज शिप पर मिले मामलों ने डॉक्टरों और हेल्थ एजेंसियों को चौंका दिया है। वजह—यहां संक्रमण सिर्फ जानवरों से नहीं, बल्कि इंसानों से इंसानों में फैलने की आशंका जताई गई है। यह घटना इसलिए भी अहम है क्योंकि अब तक हंतावायरस को एक ऐसा वायरस माना जाता था, जो मुख्य रूप से चूहों जैसे जानवरों से इंसानों में पहुंचता है। Cruise Ship पर कैसे फैला संक्रमण? रिपोर्ट्स के मुताबिक, अटलांटिक रूट पर चल रही एक लग्ज़री एक्सपेडिशन क्रूज में अचानक कुछ यात्रियों की तबीयत बिगड़ने लगी। जांच के बाद सामने आया कि: जैसे ही मामला सामने आया, पूरे शिप को मेडिकल निगरानी में ले लिया गया और संदिग्ध मरीजों को अलग किया गया। Human-to-Human Transmission: क्यों बढ़ी चिंता? आमतौर पर हंतावायरस फैलता है:चूहों के मल, पेशाब या लार के संपर्क से लेकिन इस केस में जो बात सबसे ज्यादा चिंताजनक है, वह है: इसी आधार पर विशेषज्ञों ने शक जताया कि संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। हालांकि यह अब भी बहुत दुर्लभ स्थिति मानी जा रही है। Andes Strain क्या है और क्यों अहम है? डॉक्टरों का मानना है कि इस केस के पीछे Andes strain हो सकता है। यही वजह है कि इस घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है। Cruise का बंद माहौल बना बड़ा कारण क्रूज शिप पर संक्रमण के तेजी से फैलने की कुछ बड़ी वजहें सामने आईं: इन परिस्थितियों में वायरस को फैलने का मौका मिल गया। Hantavirus के लक्षण क्या हैं? शुरुआत में यह बीमारी सामान्य फ्लू जैसी लग सकती है: गंभीर स्थिति में: आम लोगों को कितना खतरा? फिलहाल हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kolkata

Political Update Kolkata में सुरक्षा विवाद और बुलडोजर कार्रवाई

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में एक साथ हुए सियासी घटनाक्रमों ने देश की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। जहां कोलकाता में सुरक्षा और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर विवाद बढ़ गया है, वहीं दक्षिण भारत में नए राजनीतिक समीकरण बनने के संकेत मिल रहे हैं। कोलकाता में बढ़ा सियासी तनाव पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी के आवास से सुरक्षा हटाने का फैसला चर्चा का केंद्र बन गया है। इस कदम को लेकर टीएमसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे राजनीतिक दुर्भावना से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह सिर्फ एक प्रशासनिक निर्णय है या इसके पीछे कोई बड़ा सियासी संकेत छिपा है। आम लोगों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। TMC ऑफिस पर Bulldozer Action से बढ़ा विवाद इसी बीच, टीएमसी से जुड़े एक कार्यालय पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई ने आग में घी डालने का काम किया है। पार्टी समर्थकों में नाराजगी साफ नजर आ रही है। उनका कहना है कि यह कार्रवाई चुनिंदा तरीके से की गई है। हालांकि प्रशासन का पक्ष साफ है—यह कदम कथित अवैध निर्माण के खिलाफ नियमों के तहत उठाया गया। लेकिन सच्चाई क्या है, यह आने वाले दिनों में और साफ हो सकता है। Tamil Nadu में बदलते सियासी समीकरण दूसरी तरफ, तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा मोड़ देखने को मिला है। कांग्रेस ने अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) को समर्थन पत्र सौंप दिया है। यह कदम सिर्फ एक औपचारिकता नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे संभावित गठबंधन की दिशा में एक मजबूत संकेत के रूप में देखा जा रहा है। खासकर युवा मतदाताओं के बीच विजय की लोकप्रियता को देखते हुए यह गठबंधन चुनावी समीकरण बदल सकता है। क्या कहती है राजनीतिक तस्वीर? अगर इन दोनों राज्यों की घटनाओं को साथ रखकर देखा जाए, तो एक बात साफ है—देश की राजनीति तेजी से नए मोड़ ले रही है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ये घटनाएं सिर्फ खबर बनकर रह जाती हैं या फिर चुनावी नतीजों को भी प्रभावित करती हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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