दिल्ली के ऐतिहासिक Red Fort के पास हुए कार ब्लास्ट मामले में जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। NIA (National Investigation Agency) ने इस केस में पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए अमीर राशिद अली को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी मामले की साजिश को समझने में अहम मानी जा रही है, क्योंकि आमिर को आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर उन नबी का करीबी सहयोगी बताया गया है।
कौन है गिरफ्तार आरोपी अमीर राशिद अली?
- आरोपी पंपोर, जम्मू-कश्मीर का रहने वाला है।
- उसकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण इसलिए मानी जा रही है क्योंकि धमाके में इस्तेमाल हुई Hyundai i20 कार उसी के नाम पर रजिस्टर्ड थी।
- NIA के अनुसार, अमीर दिल्ली खास तौर पर कार खरीदने और साजिश को आगे बढ़ाने आया था।
- वह उमर नबी के साथ मिलकर इस विस्फोटक योजना को अंजाम देने की तैयारी में लगा हुआ था।
हमलावर डॉक्टर–प्रोफेसर था: shocking details
जांच में यह बात पुख्ता हुई है कि कार में मारे गए ड्राइवर का नाम उमर उन नबी था।
- वह पुलवामा, कश्मीर का रहने वाला था।
- दिल्ली-NCR में स्थित Al Falah University, Faridabad में General Medicine का Assistant Professor था।
- उसकी दूसरी कार भी NIA ने जब्त कर ली है ताकि पूरी साजिश का लिंक ढूंढा जा सके।
ब्लास्ट में इस्तेमाल हुआ high-intensity explosive
फॉरेंसिक जांच में यह सामने आया:
- विस्फोटक में Ammonium Nitrate और TATP का प्रयोग हुआ था।
- TATP एक अत्यंत खतरनाक व अस्थिर विस्फोटक माना जाता है जिसे आमतौर पर हाई-इंटेंसिटी आतंकवादी हमलों में प्रयोग किया जाता है।
अब तक NIA 73 गवाहों के बयान ले चुकी है और कई राज्यों की एजेंसियाँ इस जांच में शामिल हैं।
दिल्ली में पहला Suicide Attack माना जा रहा है
जांच एजेंसी NIA के अनुसार यह घटना किसी सामान्य ब्लास्ट की तरह नहीं, बल्कि Delhi का पहला suicide bomb attack हो सकता है।
वाहन को एक VBIED (Vehicle-Borne IED) की तरह तैयार किया गया था, और उमर उन नबी उसी कार में बैठा हुआ मारा गया — जो इस तर्क को और मजबूत करता है।
गृह मंत्रालय की सख्त प्रतिक्रिया
गृह मंत्री अमित शाह ने निर्देश दिया है कि
- “इस हमले से जुड़े हर व्यक्ति को खोजो और कार्रवाई करो।”
इसी को ध्यान में रखते हुए NIA ने
- 50 अधिकारियों की 10 टीमें
तैनात कर दी हैं, जो अलग-अलग राज्यों में जांच कर रही हैं।
क्या बड़ा Terror Network सक्रिय है?
जांच में ये प्रमुख सवाल अब भी बने हुए हैं—
- क्या उमर और अमीर अकेले काम कर रहे थे या कोई बड़ा मॉड्यूल सक्रिय था?
- क्या साजिश का लिंक कश्मीर में पिछली गिरफ्तारीयों से जुड़ा है?
- क्या दिल्ली या किसी अन्य शहर में और हमले की योजना थी?
NIA “multi-state conspiracy” की जांच कर रही है, इसलिए आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।
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