खंडवा जिले के मूंदी थाना क्षेत्र स्थित बीड़ चौकी इलाके में 10 वर्षीय मूक-बधिर बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोप है कि बच्ची के रिश्तेदार ने ही उसे सामान दिलाने के बहाने अगवा किया और जंगल में ले जाकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने तीन दिन तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद बच्ची को सुरक्षित बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
मूंदी थाना प्रभारी राजेंद्र नरवरिया ने बताया कि पीड़िता मूक-बधिर है, इसलिए उसके बयान विशेष एक्सपर्ट और महिला पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में दर्ज किए गए। बच्ची ने इशारों में अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने मामले में दुष्कर्म की धाराएं बढ़ाईं।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
घर से बहला-फुसलाकर ले गया आरोपी
पुलिस के अनुसार आरोपी और पीड़िता दोनों आदिवासी समाज से हैं और आपस में रिश्तेदार हैं। आरोपी रिश्ते में बच्ची के मामा का साला लगता है।
29 मई को बच्ची घर पर अकेली थी। इसी दौरान आरोपी वहां पहुंचा और किराना सामान दिलाने का इशारा कर उसे बाइक पर बैठाकर अपने साथ ले गया। बाद में जब बच्ची के दादा घर पहुंचे तो वह गायब मिली। पड़ोसियों ने बताया कि एक रिश्तेदार उसे बाइक पर बैठाकर ले गया है।
सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग
परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने तुरंत अपहरण का केस दर्ज कर जांच शुरू की। इलाके के सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए, जिनमें आरोपी की गतिविधियां नजर आईं। इसके आधार पर पुलिस ने चार से पांच गांवों में दबिश दी और जंगल क्षेत्रों में सर्चिंग अभियान चलाया।
करीब तीन दिन तक चले ऑपरेशन के बाद 31 मई को पुलिस ने बच्ची को जंगल से सुरक्षित बरामद कर लिया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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