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Young MLAs Conference 2026 Bhopal: लोकतंत्र, विकास और युवा नेतृत्व पर बड़ी चर्चा

भोपाल में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के युवा विधायकों का दो दिवसीय सम्मेलन संपन्न हो गया। इस कार्यक्रम में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने इस मौके पर मध्य प्रदेश विधानसभा की त्रैमासिक पत्रिका का विमोचन भी किया। भारत के विकास पर क्या बोले हरिवंश सिंह कार्यक्रम के दौरान हरिवंश सिंह ने कहा कि “विकसित भारत” का सपना पूरा करने में देश को कई दशक लगे, लेकिन आज भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होकर एक मजबूत लोकतांत्रिक देश के रूप में सामने आया है। उन्होंने यह भी कहा कि सही नीतियों और मजबूत संकल्प के साथ देश तेजी से आगे बढ़ सकता है। किन मुद्दों पर हुई चर्चा वहीं, मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि इस सम्मेलन में अलग-अलग विचारधाराओं के विधायक एक मंच पर आए और उन्होंने अपने मतभेदों से ऊपर उठकर कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। इनमें टेक्नोलॉजी का उपयोग, स्वच्छता अभियान, सोलर एनर्जी, शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे विषय शामिल रहे। छत्तीसगढ़ अलग होने की यादें तोमर ने भावुक होते हुए कहा कि जब छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश से अलग हुआ था, तब सभी विधायकों की आंखों में आंसू थे। लेकिन आज भी दोनों राज्यों के बीच वही अपनापन और आत्मीयता बनी हुई है। उज्जैन में करेंगे महाकाल के दर्शन सम्मेलन के समापन के बाद सभी विधायक उज्जैन जाकर भगवान महाकाल के दर्शन करेंगे। इस कार्यक्रम की शुरुआत सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की थी। इस दौरान राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सीएम मोहन यादव का संदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि राजनीति में विनम्रता, मर्यादा और अनुशासन बहुत जरूरी हैं। उन्होंने विधायकों से कहा कि वे जनता के बीच रहें और अपने क्षेत्र की अच्छाइयों के साथ कमजोरियों को भी समझें। छात्र संघ चुनाव की मांग वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने छात्र संघ चुनाव दोबारा शुरू करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि युवाओं में नेतृत्व की शुरुआत कॉलेज से होती है और लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए यह जरूरी है। 👉 अधिक खबरों और अपडेट के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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इंदौर हादसा: सागर समृद्धि अपार्टमेंट की घटना ने परिवार को तोड़ा, बच्चों से दो दिन छुपाई गई मां की मौत

इंदौर के लसूड़िया स्थित सागर समृद्धि अपार्टमेंट में हुई इस दर्दनाक घटना ने एक खुशहाल परिवार को पलभर में बिखेर दिया। इस हादसे का सबसे मार्मिक पहलू वे छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिन्हें दो दिन तक यह तक नहीं बताया गया कि उनकी मां अब इस दुनिया में नहीं रहीं। मासूम बेटे का इंतजार: “मम्मा आएंगी तब ही खाना खाऊंगा” पति सौरभ पांडे ने बताया कि घटना के बाद जब बड़े बेटे ने फोन कर खाने के लिए पूछा, तो उन्होंने उसे समझाया कि “मम्मा की तबीयत ठीक नहीं है, दो दिन में आ जाएंगी।”इस पर बेटे ने मासूमियत से कहा—“मम्मा आ जाएंगी तब ही खाना खाऊंगा…” दो दिन बाद जब मां की पार्थिव देह घर पहुंची, तब बच्चों को सच्चाई बताई गई। यह सुनते ही दोनों बच्चे फूट-फूटकर रो पड़े। छोटा बेटा अब भी यह समझ नहीं पा रहा कि उसकी मां हमेशा के लिए उसे छोड़कर चली गई है। मां के जन्मदिन पर खुशियां मनाने की थी तैयारी सौरभ ने बताया कि जिस दिन यह हादसा हुआ, उसी दिन उन्होंने डीबी प्राइड में नया फ्लैट बुक किया था। संयोग से उस दिन शंपा की मां का जन्मदिन भी था, इसलिए वे इसे एक अच्छा और शुभ कदम मान रहे थे। लेकिन उसी दिन घटी इस घटना ने सारी खुशियां छीन लीं। जिस घर में पूजा हुई, वहीं से निकली अंतिम यात्रा नवंबर में पूरे परिवार ने इसी फ्लैट में गृह प्रवेश की पूजा की थी। लेकिन अब उसी घर से शंपा की अंतिम यात्रा निकली। सौरभ कहते हैं—“ऐसा लगा जैसे हमारे परिवार में बम फट गया हो… एक मिनट में सब खत्म हो गया।” पहले मां का निधन, अब यह हादसा सौरभ के मुताबिक, तीन महीने पहले ही शंपा की मां का ब्रेन हेमरेज से निधन हुआ था। परिवार अभी उस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि यह दूसरी बड़ी त्रासदी सामने आ गई। AIRBNB विवाद के बाद बदलने लगा मन सागर समृद्धि अपार्टमेंट में शिफ्ट होने के बाद सौरभ को सोसाइटी के व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां उन्हें पता चला कि बिल्डिंग में AIRBNB के जरिए कुछ संदिग्ध गतिविधियों को लेकर विवाद चल रहे हैं। रंगपंचमी के आसपास इस जानकारी के बाद परिवार ने तय किया था कि वे फ्लैट बेच देंगे या किराए पर दे देंगे। हालांकि शुरुआत में लगा कि हालात सामान्य हो जाएंगे, लेकिन एक हफ्ते पहले हुए विवाद के बाद उन्होंने तुरंत नया फ्लैट देखने का फैसला कर लिया और ऑनलाइन विज्ञापन भी डाल दिया था। 👉 ऐसी ही भावनात्मक और सच्ची खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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लुटेरे की बाइक का पेट्रोल खत्म, ग्रामीणों ने दबोचा:जबलपुर में हाथ-पैर बांधकर कर दी पिटाई, पुलिस के सामने उगले गैंग के राज

मध्य प्रदेश के जबलपुर में लूट की एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां 3 बाइकों पर सवार 5 बदमाशों ने एक कलेक्शन एजेंट से 27 हजार रुपए नकद, लैपटॉप और जरूरी दस्तावेज लूट लिए। हालांकि भागते समय किस्मत ने एक आरोपी का साथ नहीं दिया और वह ग्रामीणों के हत्थे चढ़ गया। जानकारी के मुताबिक, दमोह जिले के समना गांव निवासी 34 वर्षीय हेमेंद्र पटेल एक निजी कंपनी में कलेक्शन एजेंट हैं। वे हर महीने गांव-गांव जाकर किस्त वसूलते हैं और दफ्तर में जमा करते हैं। ऐसे रची गई लूट की साजिश 27 मार्च की शाम हेमेंद्र झगरा गांव से वसूली कर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में दो युवकों ने उन्हें रोक लिया और बहाना बनाया कि उनकी मां की तबीयत खराब है, इसलिए पेट्रोल दे दें। जब हेमेंद्र ने मना किया, तो बदमाशों ने जबरदस्ती रोक लिया। तभी दूसरी बाइक से तीन और साथी आ गए। पांचों ने मिलकर हेमेंद्र के साथ मारपीट की और नकदी, लैपटॉप व दस्तावेज लूटकर फरार हो गए। पेट्रोल खत्म होने से फंसा आरोपी घटना के बाद हेमेंद्र की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और लुटेरों का पीछा किया। कुछ दूर जाने पर एक बाइक का पेट्रोल खत्म हो गया। एक आरोपी अपने साथी के साथ भाग निकला, लेकिन बाइक चला रहा बदमाश ग्रामीणों के हाथ लग गया। गुस्साए ग्रामीणों ने पहले उसकी पिटाई की, फिर हाथ-पैर बांधकर पुलिस को सौंप दिया। पूरे गैंग का हुआ पर्दाफाश पुलिस पूछताछ में पकड़े गए आरोपी ने अपने बाकी साथियों के नाम-पते बता दिए। इसके बाद पुलिस ने अन्य चार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपी पाटन और दमोह इलाके के रहने वाले हैं। पहले शराब, फिर बनाया प्लान पुलिस के अनुसार, 26 मार्च को सभी आरोपी एक साथ बैठे, शराब पी और फिर लूट की साजिश रची। झगरा गांव के बाहर घात लगाकर बैठे थे और जैसे ही हेमेंद्र वहां से गुजरे, उन्होंने वारदात को अंजाम दे दिया। पुलिस को गुमराह करने की कोशिश बेलखाड़ू चौकी प्रभारी राजेश धुर्वे के मुताबिक, पकड़ा गया आरोपी शुरुआत में पुलिस को गुमराह करता रहा—कभी भूख तो कभी प्यास का बहाना बनाता रहा। लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर वह टूट गया और पूरी सच्चाई सामने आ गई। पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटा गया सामान—नकदी, लैपटॉप और दस्तावेज—बरामद कर लिया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस गैंग ने पहले और किन-किन जगहों पर वारदात की है। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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शहर में फर्जी सिम कार्ड का बड़ा नेटवर्क उजागर, सैकड़ों सिम एक ही फोटो से एक्टिव

शहर में फर्जी सिम कार्ड बनाने वाले एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। इस मामले में एक पॉइंट ऑफ सेल (POS) शॉप संचालक ने हैरान करने वाला खेल खेला—एक ही व्यक्ति के आधार कार्ड और फोटो का इस्तेमाल कर सैकड़ों लोगों के नाम पर सिम कार्ड जारी कर दिए गए। इस पूरे मामले का पर्दाफाश तब हुआ, जब जिस व्यक्ति की फोटो बार-बार सिम फॉर्म में लगाई जा रही थी, वह खुद पुलिस के पास पहुंच गया। इसके बाद जांच शुरू हुई और धीरे-धीरे पूरा फर्जीवाड़ा सामने आ गया। पुलिस को शक है कि इन फर्जी सिम कार्ड्स का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी और साइबर फ्रॉड में किया गया होगा। अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क के खुलने से कई पुराने साइबर अपराधों की कड़ियां भी जुड़ सकती हैं। एएसपी विदिता डागर के अनुसार, जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी उमेश कुशवाह (निवासी गिरवाई, मूल रूप से भिंड) ने अपने साथी आशीष नागर को लालच देकर इस काम में शामिल किया था। आशीष का काम ग्राहकों की जगह अपनी फोटो लगाकर सिम एक्टिवेट करना था। इसके बदले उसे हर सिम पर करीब 500 रुपए मिलते थे, जबकि आरोपी एक सिम के लिए 1000 से 1500 रुपए तक वसूलता था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही मुख्य आरोपी ने इंस्टाग्राम मैसेंजर के जरिए अपने साथी को अंडरग्राउंड होने की सलाह दी थी। इसी तरीके से एक ही फोटो और आधार का इस्तेमाल कर सैकड़ों फर्जी सिम एक्टिव कर दिए गए। ऑपरेशन ‘FACE’ के तहत पहली बड़ी कार्रवाई भोपाल पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन ‘FACE’ (Facial Authentication Compliance Enforcement) के तहत ग्वालियर में यह पहली बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। झांसी रोड थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। एक ही इलाके के नाम पर जारी किए गए सिम अब तक पुलिस ने 7 फर्जी सिम बरामद किए हैं। ये सभी सिम गुढ़ा-गुढ़ी का नाका क्षेत्र की प्रीतमपुर कॉलोनी और कुम्हारों के मोहल्ले के लोगों के नाम पर जारी किए गए थे, जबकि उनमें एक ही व्यक्ति की फोटो लगी हुई थी। आगे और बड़े खुलासे संभव पुलिस का कहना है कि यह तो सिर्फ शुरुआत है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, फर्जी सिम नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। साथ ही कई ऑनलाइन फ्रॉड मामलों में इन सिम कार्ड्स के इस्तेमाल की बात भी सामने आ सकती है। 👉 ऐसे ही अपडेट्स और खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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LPG

LPG Cylinder चोरी से बढ़ी चिंता गैस की किल्लत के बीच सिलेंडर चोरी बढ़ी, मुंबई से भोपाल तक हड़कंप

गैस की बढ़ती मांग के बीच नई चिंता देश के कई हिस्सों में रसोई गैस को लेकर बढ़ती मांग और सप्लाई की चुनौतियों के बीच अब LPG सिलेंडर चोरी के मामले भी तेजी से सामने आने लगे हैं। हाल ही में महाराष्ट्र के मुंबई में हुई एक बड़ी वारदात ने इस समस्या को फिर चर्चा में ला दिया है। यहां चोरों ने एक खड़े टेम्पो का लॉक तोड़कर उसमें रखे 27 LPG सिलेंडर चुरा लिए। मुंबई में टेम्पो का लॉक तोड़कर 27 सिलेंडर चोरी घटना मुंबई के कांदिवली इलाके के चारकोप क्षेत्र की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, गैस सिलेंडर से भरा टेम्पो डिलीवरी के लिए खड़ा किया गया था। देर रात कुछ अज्ञात लोगों ने वाहन का ताला तोड़ा और एक-एक कर 27 सिलेंडर लेकर फरार हो गए। सुबह जब चालक मौके पर पहुंचा तो उसे चोरी का पता चला, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी है। देश के कई शहरों से सामने आ रहे ऐसे मामले मुंबई की इस घटना ने गैस एजेंसियों और आम लोगों दोनों की चिंता बढ़ा दी है। दरअसल, यह कोई अकेला मामला नहीं है। देश के कई शहरों से हाल के दिनों में गैस सिलेंडर चोरी और कालाबाज़ारी की खबरें सामने आई हैं। दिल्ली में पुलिस ने हाल ही में अवैध रूप से जमा किए गए LPG सिलेंडरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में सिलेंडर बरामद किए और तीन लोगों को गिरफ्तार किया। इसी तरह गुजरात के अहमदाबाद में भी एक इलाके से नौ सिलेंडर चोरी होने की शिकायत दर्ज की गई है। भोपाल में भी CCTV में कैद हुई सिलेंडर चोरी मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी ऐसी ही घटना सामने आई, जहां एक घर के बाहर रखा गैस सिलेंडर चोर उठा ले गए। यह पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। क्यों बढ़ रही हैं सिलेंडर चोरी की घटनाएं विशेषज्ञों का मानना है कि जब किसी जरूरी चीज की मांग बढ़ जाती है और सप्लाई प्रभावित होती है, तो अवैध गतिविधियों के बढ़ने की संभावना भी बढ़ जाती है। LPG सिलेंडर भी अब उसी स्थिति का सामना कर रहे हैं। कुछ लोग चोरी किए गए सिलेंडर को ब्लैक मार्केट में ज्यादा कीमत पर बेचने की कोशिश करते हैं। प्रशासन और गैस एजेंसियों को सतर्क रहने की जरूरत इस बीच प्रशासन और गैस एजेंसियों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। सिलेंडर की सुरक्षित ढुलाई, स्टोरेज और निगरानी को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं ताकि ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके। आम लोगों को भी रहना होगा सतर्क आम लोगों के लिए भी यह समय सतर्क रहने का है। अगर कहीं संदिग्ध तरीके से सिलेंडर की खरीद-फरोख्त या असामान्य गतिविधि दिखाई दे, तो इसकी जानकारी तुरंत संबंधित एजेंसी या पुलिस को देना जरूरी है। लगातार सामने आ रही ये घटनाएं साफ संकेत देती हैं कि रसोई गैस जैसी जरूरी सुविधा की सुरक्षा और आपूर्ति दोनों पर एक साथ ध्यान देने की जरूरत है, ताकि लोगों को बिना परेशानी के LPG सिलेंडर मिल सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CM Mohan Yadav

CM Mohan Yadav का जन्मदिन Special हाई‑टेक Auditorium का भूमि पूजन

आज 25 मार्च 2026 को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने अपने जन्मदिन के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास (CM House) परिसर में हाई‑टेक ऑडिटोरियम (High‑Tech Auditorium) का भूमि पूजन किया। यह ऑडिटोरियम लगभग 1800 लोगों की क्षमता वाला होगा और इसकी लागत लगभग 45 करोड़ रुपये है। यह प्रोजेक्ट राज्य में सरकारी कार्यक्रमों, सम्मेलनों और बड़े आयोजन‑सम्मेलनों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित मंच प्रदान करेगा। सरकारी अधिकारियों के अनुसार इस ऑडिटोरियम का निर्माण 2 से 4 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसे आधुनिक तकनीक और सुविधाओं के साथ बनाया जाएगा ताकि राज्य के बड़े कार्यक्रमों और सामाजिक आयोजनों में इसका प्रभावशाली उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। जन्मदिन पर विकास और conservation की पहल CM Mohan Yadav ने अपने जन्मदिन पर सिर्फ ऑडिटोरियम का भूमि पूजन नहीं किया, बल्कि सागर जिले के वन्यजीव संरक्षण कार्यक्रमों में भी भाग लिया। उन्होंने कछुओं को संरक्षण केंद्र से छोड़ा और चीता बाड़े के लिए विशेष पूजा‑अर्चना में हिस्सा लिया। इसके अलावा, सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना के तहत कृषकों को लाभ पहुँचाने वाले कार्यक्रमों का भी शुभारंभ किया गया। CM Mohan Yadav का विकास दृष्टिकोण CM Mohan Yadav मध्य प्रदेश के 19वें मुख्यमंत्री हैं और भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े हैं। उनके नेतृत्व में प्रदेश में विकास, निवेश, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक कल्याण योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। यह हाई‑टेक ऑडिटोरियम न केवल सरकारी कार्यक्रमों के लिए मंच उपलब्ध कराएगा, बल्कि जनता के लिए सुविधाजनक और पेशेवर अनुभव भी सुनिश्चित करेगा। जनता और शुभकामनाएँ इस खास मौके पर प्रदेशभर से मुख्यमंत्री को शुभकामनाएँ और बधाइयाँ मिल रही हैं। यह परियोजना न केवल एक नई इमारत का प्रतीक है, बल्कि जनता के प्रति सीएम की प्रतिबद्धता और विकास‑उन्मुख सोच को भी दर्शाती है। हाई‑टेक ऑडिटोरियम से भविष्य में राज्य में आयोजित कार्यक्रमों का अनुभव और भी यादगार और पेशेवर होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: सोम डिस्टिलरीज के 8 लाइसेंस सस्पेंड करने की कार्रवाई सही

मंगलवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में Som Distilleries से जुड़ी याचिका खारिज कर दी और एक्साइज कमिश्नर द्वारा 8 लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई को सही ठहराया। जस्टिस विवेक अग्रवाल की बेंच ने अपने 32 पन्नों के फैसले में साफ कहा कि शराब का व्यापार कोई मौलिक अधिकार नहीं है और नियमों का उल्लंघन होने पर सख्त कार्रवाई पूरी तरह वैध है। क्या है पूरा मामला? एक्साइज विभाग ने 4 फरवरी 2026 को आदेश जारी करते हुए Som Distilleries Pvt. Ltd. और Som Distilleries and Breweries Pvt. Ltd. के कुल 8 लाइसेंस सस्पेंड कर दिए थे। यह कार्रवाई 26 फरवरी 2024 को जारी शो-कॉज नोटिस के आधार पर हुई, जिसमें फर्जी परमिट के जरिए शराब परिवहन के गंभीर आरोप लगाए गए थे। कंपनियों की दलील क्या थी? कंपनियों ने कोर्ट में कहा कि यह नोटिस पुराने वित्तीय वर्ष (2023-24) से जुड़ा था और 31 मार्च 2024 को उनके लाइसेंस खत्म हो चुके थे। नए लाइसेंस मिलने के बाद पुराने नोटिस के आधार पर कार्रवाई को उन्होंने गलत बताया। वहीं राज्य सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए कहा गया कि एक्साइज एक्ट के तहत विभाग को कार्रवाई का पूरा अधिकार है और नियमों का पालन हर हाल में जरूरी है। कोर्ट ने क्या कहा? हाईकोर्ट ने अपने फैसले में साफ किया कि: धोखाधड़ी पर सख्त रुख कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर धोखाधड़ी साबित होती है तो बाकी दलीलें कमजोर पड़ जाती हैं। डिस्टिलिंग, ब्रूइंग और बॉटलिंग जैसी गतिविधियों में गंभीर गड़बड़ी मिलने पर कड़ी कार्रवाई जरूरी है। कोर्ट के मुताबिक यह फैसला “प्रोपोर्शनैलिटी टेस्ट” पर खरा उतरता है, यानी की गई कार्रवाई आरोपों के हिसाब से उचित है। 👉 अधिक अपडेट्स और ऐसी ही खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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भोपाल: मुस्लिम समाज ने उठाई मांग—गाय को मिले राष्ट्रीय पशु का दर्जा

भोपाल के पुराने शहर स्थित इतवारा चौराहे पर मंगलवार को एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली। ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के बैनर तले मुस्लिम समाज के लोगों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और “गौ माता का सम्मान करो” जैसे नारे भी लगाए गए। प्रदर्शन के दौरान कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि इस्लाम धर्म में गाय का मांस खाना और उसका वध करना हराम माना गया है। उन्होंने बताया कि उनके मजहब में गाय के दूध और घी को उपयोगी बताया गया है, जिसका लोग नियमित इस्तेमाल भी करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि देश में गाय और बछड़ों को लेकर जो तनाव का माहौल बन रहा है, वह चिंता का विषय है और इस मुद्दे को गलत दिशा में ले जाया जा रहा है। शमशुल हसन ने सवाल उठाया कि जब समाज गाय को माता का दर्जा देता है, तो उसे राष्ट्रीय पशु घोषित करने में देरी क्यों हो रही है। प्रदर्शन के जरिए उन्होंने प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री से अपील की कि जल्द से जल्द इस मांग पर निर्णय लिया जाए। उनका मानना है कि ऐसा होने से गायों के वध से जुड़े विवाद और अफवाहों पर रोक लगेगी और असली दोषियों की पहचान करना भी आसान हो जाएगा। इस प्रदर्शन की खास बात यह रही कि यह मांग खुद मुस्लिम समाज की ओर से सामने आई, जिससे सामाजिक सौहार्द और आपसी समझ का संदेश देने की कोशिश भी दिखी। 👉 अधिक अपडेट्स और ऐसी ही खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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RGPV

RGPV कैंटीन मामला Students बोले खाना में छिपकली, Staff ने कहा शिमला मिर्च

RGPV (राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय) के कैंटीन में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने छात्रों और स्टाफ के बीच हलचल मचा दी है। कुछ छात्रों ने खाने में छिपकली (Lizard) पाए जाने का दावा किया, लेकिन कैंटीन स्टाफ ने इसे उठाकर खा लिया और कहा कि यह शिमला मिर्च (Capsicum) है। घटना 18 मार्च को हुई, जब छात्रों ने खाने में संदिग्ध चीज़ देखी और तुरंत कैंटीन स्टाफ को बुलाया। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि स्टाफ उस वस्तु को खाते हुए कहता है, “यह Lizard नहीं, शिमला मिर्च है।” वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और छात्रों में नाराजगी फैल गई। छात्रों की प्रतिक्रिया और सोशल मीडिया हलचल छात्रों का कहना है कि कैंटीन की स्वच्छता और खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया और छात्रों ने उच्च स्तर पर जांच की मांग की। प्रशासन और कैंटीन स्टाफ का बयान कैंटीन संचालक का दावा है कि खाना पूरी तरह सुरक्षित था और यह केवल शिमला मिर्च का टुकड़ा था। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत जांच समिति गठित कर दी है ताकि सच सामने आए। स्वच्छता और सुरक्षा पर बहस इस घटना ने कैंटीन में स्वच्छता और सुरक्षा मानकों पर बहस को और तेज कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुँचा जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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सागर में चलती कार बनी आग का गोला: डॉक्टर की पत्नी जिंदा जली, मामला संदिग्ध

मध्य प्रदेश के सागर से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। शनिवार तड़के करीब 4 बजे गढ़ाकोटा रोड पर चलती कार में अचानक आग लग गई। इस हादसे में कार में सवार डॉक्टर की पत्नी की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि डॉक्टर समय रहते बाहर निकलकर बच गए। चलती कार में अचानक लगी आग जानकारी के मुताबिक, कार में आग सामने वाले हिस्से से शुरू हुई थी। उस वक्त महिला पीछे की सीट पर बैठी थीं और उनकी हालत भी ठीक नहीं बताई जा रही थी। देखते ही देखते आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया और महिला बुरी तरह झुलस गईं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। इलाज के लिए ले जा रहे थे सागर बताया जा रहा है कि गढ़ाकोटा निवासी डॉ. नीलेश कुर्मी (42) अपनी पत्नी सीमा कुर्मी (38) को इलाज के लिए सागर ला रहे थे। तभी रास्ते में चनाटोरिया के पास अचानक कार में आग भड़क उठी। कार में CNG किट लगी होने की बात भी सामने आई है। फिलहाल फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है। परिजनों ने जताई साजिश की आशंका मामले ने उस वक्त नया मोड़ ले लिया जब मृतका के भाई लोकेश पटेल ने घटना पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर यह सिर्फ हादसा होता, तो मौके पर उसके साफ निशान मिलते। लोकेश ने आरोप लगाया कि उनकी बहन और जीजा के बीच अक्सर विवाद होता था। उन्होंने आशंका जताई कि उनकी बहन को पहले बेहोश किया गया या उनकी हत्या की गई और फिर कार में लाया गया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस बोली – हर एंगल से जांच जारी सानौधा थाना प्रभारी भरत सिंह ठाकुर के मुताबिक, कार में आग लगने से महिला की मौत हुई है। एफएसएल टीम मौके से सबूत जुटा रही है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। फिलहाल यह मामला हादसा है या साजिश, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो पाएगा 👉 इस खबर से जुड़ी हर अपडेट के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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