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स्विगी से खिचड़ी ऑर्डर की, मरी हुई मक्खी मिली:युवक भोपाल उपभोक्ता फोरम पहुंचा; होटल वाले को 15 हजार रुपए मुआवजा देना होगा

स्विगी से खाना मंगाया, खिचड़ी में निकली मरी हुई मक्खी; होटल को देना होगा 15 हजार से ज्यादा मुआवजा भोपाल के गौतम नगर निवासी अभिषेक दीक्षित को ऑनलाइन खाना मंगाना महंगा पड़ गया। उन्होंने 25 मार्च 2024 की रात करीब 10:35 बजे स्विगी ऐप से बटर खिचड़ी और लस्सी का ऑर्डर किया। खाना आने पर जब उन्होंने पार्सल खोलने से पहले ही देखा, तो खिचड़ी की पारदर्शी पैकिंग में मरी हुई मक्खी नजर आई। अभिषेक ने तुरंत स्विगी और होशंगाबाद रोड स्थित होटल वृंदावन से शिकायत की, लेकिन दोनों ने जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया। स्विगी ने कहा कि भुगतान होटल को कर दिया गया है, अब वही जिम्मेदार है। जब कोई समाधान नहीं मिला, तो अभिषेक ने मामला उपभोक्ता फोरम में पहुंचाया। फोरम ने होटल को माना दोषी, देना होगा मुआवजा भोपाल उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष योगेश दत्त शुक्ल और सदस्य डॉ. प्रतिभा पांडेय ने मामले की सुनवाई की। फोरम ने अपने फैसले में कहा कि खाने में मरी हुई मक्खी मिलना होटल की लापरवाही है। स्विगी सिर्फ एक डिलीवरी माध्यम है, इसलिए उस पर कोई जवाबदारी नहीं बनती। 2 महीने में देना होगा 15,130 रुपए मुआवजा अभिषेक के वकील अथर्व मुंझे ने बताया कि फोरम ने होटल को आदेश दिया है कि वह 130 रुपए की ऑर्डर राशि लौटाए और मानसिक पीड़ा व सेवा में कमी के लिए 10 हजार रुपए का मुआवजा दे। इसके अलावा 5 हजार रुपए कानूनी खर्च के तौर पर भी अदा करने होंगे। अगर तय समय में भुगतान नहीं हुआ, तो 9% सालाना ब्याज देना होगा।
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Waqf Act

भोपाल में ‘Light Bandh’ Protest: Waqf Act के खिलाफ मुस्लिम समाज का अनोखा प्रदर्शन

भोपाल, मध्यप्रदेश — देशभर में वक्फ कानून (Waqf Act) में हुए संशोधनों के विरोध में मुस्लिम समाज द्वारा एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया गया। मंगलवार, 30 अप्रैल 2025 को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के आह्वान पर भोपाल सहित कई शहरों में ‘लाइट बंद करो’ (Light Bandh) अभियान चलाया गया। Waqf Act के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध AIMPLB ने मुस्लिम समुदाय से अपील की थी कि वे रात 9:00 से 9:15 बजे तक अपने घरों और दुकानों की लाइटें बंद रखें। इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन का उद्देश्य था सरकार को यह संदेश देना कि वक्फ संशोधन कानून को लेकर मुस्लिम समाज में गहरी नाराजगी है। क्या है विरोध का कारण? AIMPLB के महासचिव मौलाना फजलूर्रहीम मुजद्दीदी ने Waqf Act को भेदभावपूर्ण और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के खिलाफ बताया। उनका कहना है कि नए संशोधनों से वक्फ संपत्तियों पर मुस्लिम समाज का नियंत्रण कम हो गया है और यह सीधा धार्मिक हस्तक्षेप है। भोपाल में हुए धरना-प्रदर्शन इससे पहले भोपाल में सेंट्रल लाइब्रेरी ग्राउंड पर सैकड़ों लोगों ने वक्फ बिल के खिलाफ धरना दिया था। हालांकि प्रशासन द्वारा अनुमति न मिलने के कारण कई प्रदर्शन मोती मस्जिद रोड जैसे सार्वजनिक स्थलों पर किए गए। इन विरोधों में AIMPLB, मुस्लिम त्योहार समिति और कई सामाजिक संगठनों ने भाग लिया। सुप्रीम कोर्ट में याचिका, देशभर में विरोध AIMPLB ने वक्फ संशोधन बिल को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है और देशव्यापी शांतिपूर्ण आंदोलन की शुरुआत की है। बोर्ड का कहना है कि यह सिर्फ एक समुदाय का मुद्दा नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता का मामला है। DeshHarpal पर पढ़ें देश-दुनिया से जुड़ी हर बड़ी खबर।
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DIG

Bhopal के 23 क्षेत्रों में पानी की गुणवत्ता जांच, DIG बंगला सहित होगा परीक्षण

Bhopal नगर निगम (BMC) ने शहर के 23 क्षेत्रों, जिसमें DIG बंगला क्षेत्र भी शामिल है, में पानी की गुणवत्ता की जांच करने का निर्णय लिया है। यह कदम नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है। भोपाल में पानी की गुणवत्ता की जांच क्यों जरूरी है? यह निर्णय जल प्रदूषण और शहर के पुराने जल फिल्टर संयंत्रों के कारण पानी की गुणवत्ता में आ रही समस्याओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। भोपाल की बढ़ती आबादी के बीच जल आपूर्ति की गुणवत्ता बनाए रखना एक महत्वपूर्ण चुनौती बन गई है। पुराने जल उपचार संयंत्रों के कारण, निवासियों ने पानी में गंदगी और प्रदूषण की शिकायत की है। प्रभावित क्षेत्र पानी की गुणवत्ता की जांच 23 प्रमुख क्षेत्रों में की जाएगी, जिसमें DIG बंगला क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों द्वारा यहां पानी के परीक्षण किए जाएंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पानी में कोई हानिकारक तत्व नहीं हैं और वह पीने के लिए सुरक्षित है। परीक्षण की प्रक्रिया और समयसीमा BMC विभिन्न मानकों जैसे पानी की गंदगी, क्लोरीन स्तर, और बैक्टीरिया तथा अन्य प्रदूषकों की उपस्थिति की जांच करेगा। परीक्षण एक निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाएगा और इसके परिणाम सार्वजनिक किए जाएंगे। यदि कोई समस्या पाई जाती है, तो जल आपूर्ति को ठीक करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इस पहल का महत्व यह पानी की गुणवत्ता जांच पहल भोपाल नगर निगम की नागरिकों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह पहल शहर की बढ़ती जनसंख्या और पुराने जल आपूर्ति ढांचे की समस्याओं को हल करने के लिए उठाए गए व्यापक कदमों का हिस्सा है। स्वच्छ जल की सुनिश्चितता से जल जनित बीमारियों को कम करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद है। आगे का रास्ता: जल आपूर्ति ढांचे का सुधार पानी की गुणवत्ता की जांच के साथ-साथ, भोपाल नगर निगम शहर के जल उपचार संयंत्रों को उन्नत और आधुनिक बनाने की योजना भी बना रहा है। इससे भविष्य में भोपाल की बढ़ती आबादी की जल आपूर्ति की जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा। इन सुधारों से मौजूदा समस्याओं का समाधान होगा और आने वाले वर्षों में एक स्थायी जल आपूर्ति सुनिश्चित होगी। DeshHarpal पर पढ़ें देश-दुनिया से जुड़ी हर बड़ी खबर।
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Bhopal

Bhopal में समन्वित सड़क परिवहन योजना: यातायात को सुगम और भविष्य के लिए तैयार करने का कदम

Bhopal की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने एक व्यापक सड़क परिवहन योजना तैयार की है। यह समन्वित योजना शहर में यातायात की समस्याओं को हल करने के साथ-साथ भविष्य में होने वाली यातायात जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाई गई है। इस योजना के तहत कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं, जो Bhopal के रास्तों को और भी बेहतर और सुगम बनाएंगी। प्रमुख प्रस्तावित विकास परियोजनाएं बेहतर यातायात भविष्य के लिए दृष्टिकोण ये परियोजनाएं भोपाल की यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने, भीड़-भाड़ को कम करने और शहर को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इस योजना का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन में सुधार और शहरी विकास को बढ़ावा देना है, ताकि शहर की बढ़ती जरूरतों को पूरा किया जा सके। चाहे आप रोज़ के यात्री हों या एक यात्री, इन परिवर्तनों से भोपाल में यात्रा करना और भी सुविधाजनक हो जाएगा। जैसे-जैसे Bhopal बढ़ेगा, सरकार का ध्यान सड़क परिवहन बुनियादी ढांचे पर होगा ताकि शहर भविष्य में भी अपनी बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा कर सके। इन सुधारों के साथ, भोपाल न केवल वर्तमान यातायात समस्याओं को हल करेगा, बल्कि भविष्य की मांगों के लिए भी तैयार रहेगा। देशहारपाल पर पढ़ें खबरें, ताज़ा खबरें।
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Bhopal

Ajmer 92 Repeat in Bhopal? Hindu लड़कियों का Love Jihad, Gangrape और धर्मांतरण दबाव

मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसे लोग “अजमेर 92” जैसे कांड की पुनरावृत्ति बता रहे हैं। यहां एक निजी कॉलेज में पढ़ने वाले कुछ युवकों ने मिलकर हिंदू छात्राओं को प्रेमजाल में फंसाया, फिर उनका यौन शोषण कर वीडियो बनाए और बाद में उन्हीं वीडियो के ज़रिए उन्हें ब्लैकमेल किया गया। घटना का खुलासा: एक साहसी लड़की की शिकायत से फूटा मामला मामला तब सामने आया जब एक छात्रा ने हिम्मत दिखाते हुए बागसेवनिया पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज करवाई। पीड़िता के बयान के अनुसार, कुछ युवकों ने हिंदू नामों का इस्तेमाल कर दोस्ती की और फिर संबंध बनाकर वीडियो बना लिए। इसके बाद वे वीडियो दिखाकर न केवल उसे ब्लैकमेल करते रहे, बल्कि उससे कहा गया कि वह अपनी अन्य सहेलियों को भी उनके संपर्क में लाए। इस एक शिकायत के बाद अब तक चार छात्राएं आगे आ चुकी हैं, जिन्होंने अपनी आपबीती पुलिस को बताई है। मुख्य आरोपी: फरहान, साहिल और अली जांच में जिन युवकों के नाम सामने आए हैं, उनमें प्रमुख हैं फरहान खान, साहिल और अली। इनपर आरोप है कि ये सभी मिलकर सुनियोजित तरीके से हिंदू छात्राओं को प्रेमजाल में फंसाते थे, फिर उनका शारीरिक शोषण करते, वीडियो बनाते और उन्हें ब्लैकमेल कर आगे अन्य लड़कियों को लाने का दबाव बनाते थे। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि पीड़िताओं पर धर्मांतरण का भी दबाव डाला गया। अजमेर गैंगरेप 1992’ की याद दिलाता मामला यह पूरा मामला साल 1992 में राजस्थान के अजमेर में हुए चर्चित गैंगरेप कांड की याद दिलाता है, जहां सैकड़ों लड़कियों को फंसाकर उनका यौन शोषण किया गया था और ब्लैकमेल किया गया था। भोपाल की यह घटना भी बिल्कुल उसी तरह की भयावह योजना का हिस्सा लग रही है। कानूनी कार्रवाई और प्रशासनिक रुख भोपाल पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 376 (दुष्कर्म), 354 (शोषण), 506 (धमकी), IT एक्ट और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस की साइबर सेल भी इस मामले की छानबीन में जुट गई है, ताकि वीडियो और डिजिटल साक्ष्यों को समय रहते सुरक्षित किया जा सके। मध्य प्रदेश सरकार ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। DeshHarpal.com पर जाइए और देश-दुनिया से जुड़ी हर ख़बर,और अपडेट पाइए।
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जेनिफर बोलीं- तीन आतंकी थे,पति के सीने में गोली मारी:इंदौर में सुशील की पत्नी ने बिलखते हुए कहा- वो कम उम्र के टेररिस्ट थे

“उन्होंने मेरी जान बचाने के लिए अपनी जान दे दी…” – पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए सुशील नथानियल की पत्नी का दर्द “उन्होंने मेरी जान बचाने के लिए अपनी जान दे दी…” – यह कहते हुए सुशील नथानियल की पत्नी जेनिफर की आवाज भर आई, आंखें छलक उठीं और शब्द गले में अटक गए। सुशील, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में जान गंवाने वाले इंदौर के एलआईसी अधिकारी थे। जेनिफर ने बताया कि हमले के वक्त आतंकियों ने सुशील के सीने पर बंदूक रखकर कहा – “कलमा पढ़ो।” सुशील ने जवाब दिया – “मैं क्रिश्चियन हूं, मुझे कलमा पढ़ना नहीं आता।” इतना कहना ही था कि आतंकी ने उन्हें धक्का दिया और सीने पर गोली मार दी। सुशील की मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। हमले में जेनिफर के अलावा उनका बेटा ऑस्टिन और बेटी आकांक्षा भी मौजूद थे। बेटी आकांक्षा को गोली लगी, लेकिन वो बच गईं। सुशील का पार्थिव शरीर बुधवार रात श्रीनगर से दिल्ली होते हुए इंदौर लाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एयरपोर्ट पर श्रद्धांजलि दी और परिवार से मुलाकात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया। बेटे ऑस्टिन ने बताया कि हमले के दौरान आतंकियों की उम्र महज़ 15 से 16 साल रही होगी। वे सिर पर कैमरे लगाकर आए थे, कुछ सेल्फी भी ले रहे थे। “वे हर किसी से पूछ रहे थे – ‘मुस्लिम हो?’ अगर जवाब ‘नहीं’ मिला तो गोली मार देते। एक युवक से कलमा पढ़ने को कहा, पढ़ने के बाद उसकी जांच की और कहा – ‘तेरा खतना नहीं हुआ है’ – फिर गोली मार दी।” यह बर्बर हमला 22 अप्रैल को दोपहर 2:45 बजे बैसारन घाटी में हुआ था। इसमें इटली और इजराइल के नागरिकों समेत कुल 27 पर्यटक मारे गए। अन्य मृतक मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और ओडिशा से थे। सुशील की पत्नी जेनिफर खातीपुरा के एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं। बेटी आकांक्षा सूरत में बैंक ऑफ बड़ौदा में फर्स्ट क्लास ऑफिसर है, जबकि बेटा ऑस्टिन बैडमिंटन खिलाड़ी है। परिवार मूल रूप से जोबट का रहने वाला है। सुशील की शहादत सिर्फ उनके परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक गहरी चोट है। उन्होंने अपनी जान देकर परिवार को बचाया – ये बलिदान हमेशा याद रखा जाएगाhttps://deshharpal.com/।
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मध्यप्रदेश- पहलगाम हमले में मारे गए सुशील का अंतिम संस्कार:इंदौर में पत्नी ताबूत से लिपटकर रोई, बुआ बोलीं-अब किसका इंतजार करूंगी मैं

इंदौर के सुशील नथानियल को दी गई अंतिम विदाई, पहलगाम आतंकी हमले में हुई थी पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए इंदौर निवासी सुशील नथानियल का अंतिम संस्कार मंगलवार को जूनी इंदौर कब्रिस्तान में ईसाई रीति-रिवाजों के साथ किया गया। इस मौके पर परिवारजनों, रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ मंत्री तुलसी सिलावट, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, जिला अध्यक्ष सदाशिव यादव समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सुशील की अंतिम यात्रा उनके निवास वीणा नगर स्थित मकान B-68 से शुरू हुई, जहां पहले उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। उनकी पत्नी जेनिफर ताबूत से लिपटकर रो पड़ीं, पिता गहरे सदमे में थे। छोटी बुआ इंदु डावर बार-बार कांपती आवाज में यही कहती रहीं – “अब किसका इंतज़ार करूंगी मैं, बता मुझे?” यह दृश्य देखकर हर किसी की आंखें भर आईं। अंतिम यात्रा में सुशील का पार्थिव शरीर विशेष वाहन से नंदा नगर चर्च ले जाया गया, जहां प्रार्थना सभा आयोजित की गई। इसके बाद उन्हें अंतिम विदाई दी गई। बेटे ऑगस्टिन ने बताया कि हमला सुनियोजित था – “आतंकी कैमरे लेकर आए थे और सेल्फी ले रहे थे।”सुशील अपने परिवार के साथ 18 अप्रैल को छुट्टियां मनाने कश्मीर गए थे। 22 अप्रैल को दोपहर करीब 2:45 बजे बैसारन घाटी में पर्यटकों पर अचानक फायरिंग हुई, जिसमें 27 लोगों की जान चली गई। सुशील भी इनमें शामिल थे। उनकी बेटी आकांक्षा को पैर में गोली लगी थी। सुशील आलीराजपुर की एलआईसी सैटेलाइट शाखा में पदस्थ थे। उनकी पत्नी जेनिफर खातीपुरा स्थित एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं। बेटी आकांक्षा सूरत में बैंक ऑफ बड़ौदा में फर्स्ट क्लास ऑफिसर हैं, जबकि बेटा ऑगस्टिन एक उभरता हुआ बैडमिंटन खिलाड़ी है। यह परिवार मूल रूप से जोबट का रहने वाला है। देश और शहर ने एक ज़िम्मेदार नागरिक और स्नेही पिता को खो दिया है। सुशील की शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकेगाhttps://deshharpal.com/।
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इवनिंग वॉक पर निकले बुजुर्ग के हाथ से मोबाइल छीना:पुलिस ने दो दिन बाद दर्ज की FIR, आरोपी फरार

भोपाल में बुज़ुर्ग से मोबाइल झपट कर भागे बाइक सवार बदमाश, सीसीटीवी में तलाश रही पुलिस भोपाल के पिपलानी इलाके से एक और चौंकाने वाला झपटमारी का मामला सामने आया है। इवनिंग वॉक पर निकले 71 वर्षीय बुज़ुर्ग सुदर्शन शर्मा का मोबाइल बाइक सवार तीन बदमाश झपटकर फरार हो गए। यह घटना 20 अप्रैल की शाम करीब 6:30 बजे छत्रसाल नगर के पास की है, लेकिन एफआईआर मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात दर्ज की गई। बुज़ुर्ग का दर्द — “चलते-चलते झपट लिया और भाग निकले” सुदर्शन शर्मा, जो भवानी धाम कॉलोनी के निवासी हैं, हर दिन की तरह उस शाम भी टहलने निकले थे। तभी अचानक एक बाइक पर तीन युवक उनके करीब आए और उनके हाथ से मोबाइल छीनकर भाग निकले। बुज़ुर्ग कुछ समझ पाते, उससे पहले आरोपी गायब हो चुके थे। झपटमार अब भी फ़रार, पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी फुटेज पिपलानी थाना पुलिस बुज़ुर्ग ने मोबाइल की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आस-पास के सीसीटीवी कैमरों की मदद से बदमाशों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में सक्रिय पुराने अपराधियों से पूछताछ की जा रही है ताकि कोई सुराग हाथ लगे। थानेदार बोले: “हम लगातार निगरानी कर रहे हैं। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ़्तार किया जाएगा।” DeshHarpal की अपील भोपालवासियों से अनुरोध है कि बाहर निकलते वक्त सतर्क रहें, खासकर बुज़ुर्गों के साथ। झपटमार बेखौफ घूम रहे हैं और अब आम जनता की सुरक्षा सवालों के घेरे में है।
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पहलगाम के आतंकी हमले के खिलाफ भोपाल में प्रदर्शन:पाकिस्तान का पूतला फूंका, सीएम बोले- आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब मिलेगा

जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमला: 27 मासूम सैलानियों की जान गई, पूरे देश में गुस्सा—भोपाल में हुआ आतंकवाद का पुतला दहन जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत पहलगाम में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहाँ आतंकियों ने 27 निर्दोष पर्यटकों की जान ले ली। इस हमले के बाद पूरे देश में आक्रोश की लहर है। हर गली, हर नुक्कड़ से एक ही आवाज़ आ रही है—”आतंकवाद मुर्दाबाद!” भोपाल के चार बत्ती चौराहे पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के नेतृत्व में आतंकवाद के खिलाफ ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन हुआ। आतंकवाद का पुतला फूंका गया, और नारे लगे— “मोदी जी, अब 56 इंच का सीना दिखाना होगा!”“आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब चाहिए!” प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाओं और बच्चियों ने भी हिस्सा लिया, यह दिखाते हुए कि आतंकवाद का कोई मज़हब नहीं होता, और देश का हर नागरिक इसके खिलाफ एकजुट है। सीएम का सख्त संदेश: आतंकियों को मिलेगा करारा जवाब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा: “पहलागाम में हुआ आतंकी हमला एक कायराना और अमानवीय कृत्य है। मैं शहीद हुए सभी लोगों को श्रद्धांजलि देता हूँ और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। आतंकियों को मुँह तोड़ जवाब मिलेगा।” वहीं, कांग्रेस नेता और मप्र के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा: “अब वक़्त है कि सरकार अपने खोखले दावों को छोड़कर जवाबदेही ले। ताकि आगे ऐसी घटनाएं न हों और बेगुनाहों की जान न जाए।” आरिफ मसूद बोले—‘370 के बाद भी क्यों नहीं थमा आतंक?’ विधायक आरिफ मसूद ने बड़ा बयान देते हुए कहा: “देश आज बहुत दुखद मोड़ पर खड़ा है। आतंकवाद का कोई मज़हब नहीं होता। पूरा देश इस समय शहीदों के साथ है। पुलवामा हमले का सच आज तक सामने नहीं आया, और 370 हटने के बावजूद आतंक क्यों जारी है—इसका जवाब चाहिए।” जब मसूद से पूछा गया कि क्या यह पाकिस्तान प्रायोजित हमला है?उन्होंने कहा: “जो भी इस हमले के पीछे है, अब सरकार को पूरे देश की ताक़त के साथ इसका जड़ से सफाया करना चाहिए। हम सब सरकार के साथ हैं।” अमरनाथ यात्रा को लेकर उन्होंने कहा: “अमरनाथ यात्रा शांतिपूर्ण रहेगी। कश्मीर के हमारे मुस्लिम भाई हर साल इसे सम्मान के साथ सम्पन्न कराते हैं। देश को चिंता करने की जरूरत नहीं, देश एक है।” देश एक सुर में बोला: “अब और नहीं!” अब वक़्त है कि सिर्फ निंदा नहीं, एक्शन चाहिए। जो भी इन मासूमों की जान के पीछे है, उसे हर हाल में सज़ा मिलनी चाहिए। देश की आवाज़ साफ़ है — “आतंक के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई चाहिए!”
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Pahalgam terror attack

मंडीदीप में गेल प्लांट से गैस लीक:10 घंटे की मशक्कत के बाद रोका जा सका रिसाव; जयपुर से सेफ्टी टीम जांच करने पहुंची

भोपाल के पास मंडीदीप में गेल प्लांट से गैस लीक, रातभर अफरा-तफरी, सुबह जाकर काबू पाया गया भोपाल से सटे मंडीदीप में मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात तकरीबन 12 बजे गेल के गैस प्रोसेसिंग प्लांट में गैस लीक हो गई। जैसे ही इसकी जानकारी मिली, फायर सेफ्टी टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घंटों की मशक्कत के बाद बुधवार सुबह करीब 10 बजे जाकर रिसाव को कंट्रोल किया जा सका। इस दौरान प्लांट के अंदर हड़कंप मच गया। सेफ्टी के लिए अलर्ट मोड पर प्रशासन सावधानी बरतते हुए एनडीआरएफ और एसडीईआरएफ की टीमें भी मौके पर पहुंची। प्लांट के एक किलोमीटर के दायरे में बैरिकेड्स लगाकर आम लोगों की आवाजाही बंद कर दी गई। नगर पालिका मंडीदीप के फायर फाइटर्स को भी बुलाया गया और एरिया को खाली कराया गया। सतलापुर और मंडीदीप की पुलिस, होमगार्ड्स की टीम ने मौके की कमान संभाली। जयपुर से पहुंची स्पेशल सेफ्टी टीम गंभीरता को देखते हुए गेल की सेफ्टी टीम जयपुर से रवाना होकर तुरंत प्लांट का सेफ्टी ऑडिट करने पहुंच गई है। गेल प्रोजेक्ट मैनेजर का बयान – “स्थिति नियंत्रण में है” गेल के प्रोजेक्ट मैनेजर डी. डोंगरे ने कहा, “गैस लीक को कंट्रोल कर लिया गया है। किसी भी तरह की जनहानि या खतरे की फिलहाल कोई आशंका नहीं है। स्कूल बंद करने या इलाके को खाली कराने जैसी कोई जरूरत नहीं है।” कलेक्टर से लेकर एसपी तक ने लिया जायजा कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा, एसडीएम चंद्रशेखर श्रीवास्तव, एसडीपीओ शीला सुराणा और नायब तहसीलदार नीलेश सरवटे ने खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। कलेक्टर ने बताया कि गैस लीक की जानकारी उन्हें सुबह 5 बजे मिली थी। अब रिसाव पूरी तरह से बंद है और पूरे एरिया को सैनिटाइज किया जा चुका है। भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सेफ्टी एसओपी तैयार किया जाएगा। एसपी बोले – सेफ्टी जांच के बाद कारणों का पता चलेगा एसपी पंकज पांडे ने बताया कि फिलहाल प्लांट की सेफ्टी जांच की जा रही है। इसके बाद गैस लीक के पीछे के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी। क्या करता है ये गेल प्लांट? गेल का ये प्लांट मंडीदीप के सिविल अस्पताल के पास स्थित है। यहां एलएनजी को पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) में बदलकर घरेलू, कॉमर्शियल और इंडस्ट्रियल इस्तेमाल के लिए सप्लाई किया जाता है। इस प्लांट की घरेलू गैस स्टोरेज क्षमता 750 एससीएम, कॉमर्शियल 1600 एससीएम और इंडस्ट्रियल 7500 एससीएम है। पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना गौरतलब है कि करीब दो साल पहले भी इसी प्लांट में गैस रिसाव की घटना हुई थी, जब मरकैप्टन लिक्विड के कुछ बूंदें पाइप से नीचे गिर गई थीं। उस दौरान भी इलाके में तेज गंध फैलने से लोगों को आंखों में जलन, उल्टी और चक्कर की शिकायत हुई थी। 👉 देशहरपाल के साथ बने रहें, हम लाएंगे आपको हर अपडेट!
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रानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन

भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई। घटना सुबह करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। सामान चढ़ाने और यात्रियों के आने-जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ गया, जिसके चलते ट्रेन करीब 29 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। आरोप है कि पैंट्री कर्मचारियों ने एकजुट होकर यात्रियों पर हमला किया। विवाद के दौरान कर्मचारियों द्वारा चेन पुलिंग किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन पर पहले ही निर्धारित समय से 3 घंटे 33 मिनट की देरी से पहुंची थी। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया विवाद घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और यात्रियों व पैंट्री कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद को शांत कराया। जीआरपी टीआई अमित शर्मा के मुताबिक, पीड़ित यात्री बेंगलुरु जा रहा था। उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन पर इस मामले में शिकायत नहीं मिली। वहीं, नागपुर में जीरो पर प्रकरण दर्ज किए जाने की सूचना है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित जीआरपी के स्तर पर की जाएगी।

मध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव

मध्यप्रदेश में पारंपरिक और आंचलिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार करीब साढ़े सात करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर रही है। खेल विभाग ने इसके लिए छोटे शहरों में प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना बनाई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 330 विकासखंडों में हर साल पारंपरिक खेल महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेलों को संरक्षण देना और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है। सरकार की इस पहल से स्थानीय खेलों को प्रतियोगिताओं और व्यवस्थित प्रशिक्षण के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। पिट्ठू से मलखंभ तक, कई खेल होंगे शामिल प्रस्तावित योजना में पिट्ठू, गदा और साइकिल रेस जैसे पारंपरिक व आंचलिक खेलों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कबड्डी, खो-खो, पैदल चाल, तीरंदाजी और मलखंभ जैसे खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पारंपरिक खेल महोत्सव में विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इन स्पर्धाओं के लिए पूरे प्रदेश में एक समान नियम तैयार किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के समान अवसर मिल सकें। छोटे शहरों में खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र खेल विभाग का मानना है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई पारंपरिक खेल लंबे समय से स्थानीय संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को अक्सर औपचारिक प्रशिक्षण और बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर नहीं मिल पाता। प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से ऐसे खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। आधुनिक खेलों से जोड़ने की भी तैयारी खेल विभाग इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेगा। इसके बाद उन्हें आगे के प्रशिक्षण के लिए तैयार करने की योजना है। विभाग पारंपरिक खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को आधुनिक खेल व्यवस्था से जोड़ने के विकल्पों पर भी काम कर रहा है। इस पहल के जरिए पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पारंपरिक खेलों के केंद्र स्थापित किए जाएंगे: विश्वास सारंग खेल मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कई देशी खेल प्रचलित हैं, लेकिन उन्हें बड़े पैमाने पर खेलने के अवसर सीमित हैं। अब इनके केंद्र स्थापित कर इन खेलों को बढ़ावा देने की योजना है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित योजना में टीम आधारित और व्यक्तिगत, दोनों तरह के खेलों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।

एशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने 24 मेडल जीते, जिनमें 5 गोल्ड, 6 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं। दूसरे दिन एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज तीनों मेडल जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। वहीं, निषाद कुमार ने हाई जंप में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। सिमरन शर्मा और दीप्ति जीवनजी ने भी क्रमशः 200 मीटर और 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। शूटिंग में मनीष नरवाल ने सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक्स के लिए कोटा भी हासिल किया। डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक जीतकर अपना दबदबा कायम किया। देवेंद्र कुमार ने 781 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। राकेश ने 771 पॉइंट्स लेकर सिल्वर, जबकि प्रदीप कुमार ने 669 पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस मुकाबले की खास बात यह रही कि प्रदीप कुमार ने 51.15 मीटर का सबसे लंबा थ्रो किया, इसके बावजूद उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। इसकी वजह यह है कि इस स्पर्धा में अलग-अलग तरह की शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी एक साथ मुकाबला करते हैं। इसमें F43, F44, F62 और F64 कैटेगरी के खिलाड़ी शामिल थे। खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति और थ्रो करने की क्षमता में अंतर होने के कारण उनके प्रदर्शन का आकलन रजा पॉइंट्स सिस्टम के आधार पर किया जाता है। इस प्रणाली में खिलाड़ी की कैटेगरी के अनुसार प्रदर्शन को अंक दिए जाते हैं, जिससे अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के परिणामों की निष्पक्ष तुलना की जा सके। निषाद कुमार ने हाई जंप में जीता दूसरा गोल्ड भारतीय पैरा-एथलीट निषाद कुमार ने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.02 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। यह इन गेम्स में उनका दूसरा गोल्ड है। इससे पहले वह लॉन्ग जंप में भी पहला स्थान हासिल कर चुके हैं। हाई जंप में खिलाड़ियों को एक निश्चित ऊंचाई पर रखी बार को बिना गिराए पार करना होता है। हर सफल प्रयास के बाद बार की ऊंचाई बढ़ाई जाती है और सबसे अधिक ऊंचाई पार करने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। T47 पैरा-एथलेटिक्स की वह श्रेणी है, जिसमें हाथ से जुड़ी शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। निषाद की इस उपलब्धि से भारत के पदक अभियान को मजबूती मिली है। प्रणव सूरमा को गोल्ड, राम रतन सिंह ने जीता सिल्वर पुरुषों की डिस्कस थ्रो F51/F52/F53 स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रणव सूरमा ने 932 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि राम रतन सिंह 809 पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। प्रणव ने अपने छह प्रयासों में 11.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इस स्पर्धा में भी अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना रजा पॉइंट्स के आधार पर की जाती है। इसलिए केवल थ्रो की दूरी के आधार पर विजेता तय नहीं होता। प्रणव और राम रतन के अंकों ने उन्हें क्रमशः पहला और दूसरा स्थान दिलाया। भारत की पदक तालिका पर नजर दूसरे दिन के शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। एथलेटिक्स में लगातार मिल रही सफलताओं और शूटिंग में मनीष नरवाल की उपलब्धि ने भारतीय अभियान को नई गति दी है। प्रतियोगिता के अगले दिनों में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
SBI

SBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने का मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड में व्यक्तिगत जानकारी उजागर होने की पहचान की गई है। इनमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पते जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों की डेटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। SBI ने कहा है कि इस घटना से बैंक के सामान्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन और सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। वहीं, डेटा कहां से आया, कितने ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच की जा रही है। SBI Data Leak: कैसे सामने आया डेटा लीक का मामला? बैंक के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को उसे अपने Threat Intelligence Service Provider, Defence Cyber Agency और भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा उपलब्ध होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद SBI ने शुरुआती स्तर पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। हालांकि, डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डेटा कितना वास्तविक है और किस माध्यम से बाहर पहुंचा। ग्राहकों की कौन-सी निजी जानकारी हुई उजागर? शुरुआती जांच में सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: इनमें से कुछ जानकारियों का इस्तेमाल साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी पता होने पर ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ग्राहकों के बैंक खातों से पैसे निकलने या किसी खास तरह की धोखाधड़ी होने की पुष्टि नहीं हुई है। SBI ने जांच के लिए उठाए जरूरी कदम डेटा लीक की जानकारी मिलने के बाद बैंक ने अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच के लिए CERT-In से सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है कि डेटा का स्रोत क्या था, जानकारी कैसे उजागर हुई और इससे ग्राहकों की सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता है। बैंक के अनुसार, जांच के नतीजों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डेटा लीक के पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। क्या SBI ग्राहकों के बैंक खाते खतरे में हैं? डेटा लीक की खबर सुनकर ग्राहकों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या उनके बैंक खाते सुरक्षित हैं? यहां एक बात समझना जरूरी है। ग्राहकों का नाम, मोबाइल नंबर या पता सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उनके बैंक खाते भी हैक हो गए हैं। निजी जानकारी का उजागर होना और खाते से पैसे निकलना दो अलग-अलग बातें हैं। SBI ने कहा है कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज और सेवाओं पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ा है। हालांकि, निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके फर्जी कॉल, मैसेज और ऑनलाइन ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसलिए ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। Data Leak के बाद ग्राहकों को क्या करना चाहिए? डिजिटल बैंकिंग के दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में SBI ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। 1. OTP और PIN किसी को न बताएं: बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति भी आपसे OTP, ATM PIN या CVV मांगे, तो जानकारी साझा न करें। 2. संदिग्ध लिंक से बचें: KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या रिफंड मिलने के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। 3. बैंक खाते पर नजर रखें: अपने खाते के लेनदेन की नियमित जांच करें। कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। 4. फर्जी कॉल से सावधान रहें: अगर कोई व्यक्ति बैंकिंग जानकारी बताकर आपका भरोसा जीतने की कोशिश करे, तो उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। 5. साइबर ठगी होने पर शिकायत करें: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ध्यान रखें कि किसी ठग के पास आपकी कुछ निजी जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि है। SBI Data Leak मामले में अब आगे क्या होगा? फिलहाल SBI डेटा लीक मामले की जांच जारी है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि डार्क वेब पर उपलब्ध जानकारी कहां से आई और घटना का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही डेटा लीक की वजह और ग्राहकों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर ज्यादा स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक ग्राहकों के लिए अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखना और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहना सबसे जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Delhi HighCourt

Delhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi HighCourt) में बुधवार, 21 अक्टूबर को CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों नेताओं ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के बाद दोनों ने अपनी याचिका वापस ले ली। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब इस मामले में दूसरी कानूनी प्रक्रिया अपनाने का विकल्प मौजूद है, तो सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया गया। कोर्ट ने दोनों नेताओं की ओर से शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों पर भी टिप्पणी की। Jantar Mantar Protest Case: क्या है पूरा मामला? सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर उस स्थान पर प्रवेश किया था, जिसे प्रदर्शन स्थल के रूप में पहले ही अधिसूचित सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। शुरुआत में उनकी हिरासत पांच दिन के लिए तय की गई थी। 19 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ाने का आदेश दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। Court Remarks: बॉन्ड की शर्तों पर क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड और उसके कथित उल्लंघन को लेकर सवाल उठाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटना के बाद दूसरे लोगों के भी नियमों का उल्लंघन करने की आशंका बढ़ सकती है। दोनों नेताओं की ओर से पेश वकील ने हिरासत बढ़ाने के आदेश और जमानतदारों से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका पक्ष था कि दोनों ने आवश्यक जमानतदार पेश किए थे, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में रखा गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में उपलब्ध वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाने की बात कही। इसके बाद दोनों नेताओं की ओर से याचिका वापस लेने का फैसला किया गया। याचिका वापस लेने का क्या मतलब है? सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका वापस लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हाईकोर्ट ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को सही ठहरा दिया है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय दिए बिना याचिका वापस लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को पहले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष चल रही प्रक्रिया के नतीजे का इंतजार करने और जरूरत पड़ने पर उचित अपीलीय मंच का रुख करने की सलाह दी। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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