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बिलासपुर में स्मार्ट मीटर से बढ़ी बिजली उपभोक्ताओं की परेशानी, कहीं 6 महीने से बिल नहीं तो कहीं 5 हजार तक पहुंचा

बिलासपुर में स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ती नजर आ रही है। कई उपभोक्ता बिलिंग में गड़बड़ी और मीटर से जुड़ी तकनीकी समस्याओं की शिकायत लेकर बिजली विभाग के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। विभाग के अधिकारी इन तकनीकी दिक्कतों के लिए मीटर लगाने वाली जीनस कंपनी की व्यवस्था को जिम्मेदार बता रहे हैं। नेहरू नगर स्थित सीएसईबी के सिटी डिविजन कार्यालय में लगातार ऐसे उपभोक्ता पहुंच रहे हैं, जिनकी शिकायत स्मार्ट मीटर, बिल नहीं आने या अचानक ज्यादा बिल आने से जुड़ी है। थ्री-फेज कनेक्शन लिया, लेकिन नहीं लगा स्मार्ट मीटर कई उपभोक्ताओं ने गर्मियों में बिजली की बढ़ी खपत को देखते हुए थ्री-फेज कनेक्शन लिया था। इसके लिए जांच प्रक्रिया पूरी करने और शुल्क जमा करने के बाद भी उनके यहां नया स्मार्ट मीटर नहीं लगाया गया। ऐसे में कुछ घरों में अभी भी पुराने मीटर से ही बिजली सप्लाई जारी है। विभाग के मुताबिक, फिलहाल ऐसे करीब 20 मामले सामने आए हैं, हालांकि वास्तविक संख्या इससे ज्यादा होने की संभावना जताई जा रही है। नए स्मार्ट मीटर नहीं लग पाने के कारण इन उपभोक्ताओं को बिलिंग में परेशानी हो रही है। कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें छह महीने से ज्यादा समय से बिजली का बिल ही नहीं मिला। किसी का बिल 5 हजार, किसी का महीनों से नहीं आया स्मार्ट मीटर और बिलिंग से जुड़ी शिकायतों को लेकर शशिलता श्रीवास निवासी चड्डा बाड़ी, नेहरू नगर और एसके चतुर्वेदी निवासी कुदुदंड सहित कई उपभोक्ता नेहरू नगर कार्यालय पहुंचे। वहीं प्रकाश यादव और भरत कश्यप ने बिजली की खपत के मुकाबले ज्यादा बिल आने की शिकायत की है। ‘प्लंबर हूं, पूरी कमाई बिजली बिल में जा रही’ कस्तूरबा नगर निवासी प्रकाश यादव ने बताया कि वह प्लंबर का काम करते हैं। सामान्य मीटर के समय उनका बिजली बिल करीब 300 से 400 रुपए प्रतिमाह आता था। अब यह बढ़कर 4 से 5 हजार रुपए तक पहुंच रहा है। उनका कहना है कि आसपास रहने वाले कई लोगों की भी इसी तरह की शिकायत है। प्रकाश यादव के मुताबिक, इतनी अधिक राशि का बिल आने से उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा बिजली बिल चुकाने में चला जा रहा है। ‘गर्मियों में 2-2.5 हजार, अब 5-6 हजार का बिल’ नगर निगम में विपक्ष के नेता भरत कश्यप ने बताया कि नेहरू नगर स्थित उनके घर में सामान्य मीटर के दौरान गर्मियों में भी बिजली का बिल 2 से 2.5 हजार रुपए से ज्यादा नहीं आया। उनका कहना है कि अब बारिश के मौसम में बिजली की खपत कम होने के बावजूद बिल 5 से 6 हजार रुपए महीने तक पहुंच गया है। विभाग ने माना तकनीकी दिक्कत से हो रही परेशानी सीएसईबी नेहरू नगर के एई गिरीश श्रीवास्तव ने बताया कि नेहरू नगर जोन में करीब 15 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। उन्होंने माना कि मीटर से जुड़ी तकनीकी समस्याएं सामने आती रहती हैं। उनके मुताबिक, डेटा अपडेट करने का अथॉराइजेशन जीनस कंपनी के पास है और तकनीकी समस्या होने पर कंपनी से इसे क्लियर कराया जाता है। उन्होंने यह भी माना कि कभी-कभी इस प्रक्रिया में देरी हो जाती है। अधिकारी के अनुसार, किसी शिकायत के समाधान में छह महीने का समय नहीं लगना चाहिए और अगर इतना समय लग रहा है तो इसे विभाग की चूक माना जाएगा। खपत कम होने के बावजूद ज्यादा बिल पर सवाल सीएसपीडीसीएल के ईडी अम्बष्ट से बिजली खपत और बिलिंग को लेकर सवाल किया गया। उन्होंने बताया कि जून की तुलना में वर्तमान समय में बिजली की खपत करीब 50 प्रतिशत कम हो चुकी है। लेकिन जब उनसे पूछा गया कि यदि खपत कम हो गई है तो कुछ उपभोक्ताओं के बिल पहले की तुलना में ज्यादा क्यों आ रहे हैं, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया और फोन काट दिया। दोबारा संपर्क करने पर भी कॉल रिसीव नहीं किया गया। फिलहाल स्मार्ट मीटर की तकनीकी गड़बड़ी, डेटा अपडेट और बिलिंग में अंतर को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानी बनी हुई है। विभाग का कहना है कि शिकायतों का जल्द निराकरण करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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रायपुर में करंट लगने से मां-बेटे की मौत, बचाने पहुंचा बेटा भी चपेट में आया

रायपुर में एक दर्दनाक हादसे में मां और बेटे की करंट लगने से मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब मां बालकनी में सूख रहे कपड़े लेने गई थीं। कपड़े उतारते समय उन्होंने जैसे ही जीआई पाइप को छुआ, वह करंट की चपेट में आ गईं। मां को करंट से चिपका देखकर उनका बेटा उन्हें बचाने के लिए पहुंचा, लेकिन वह भी बिजली की चपेट में आ गया। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना टिकरापारा थाना क्षेत्र की है। बेटी से मिलने रायपुर आए थे मां-बेटे जानकारी के मुताबिक, महिला अपने बेटे के साथ रायपुर में रहने वाली अपनी बेटी से मिलने आई थीं। बेटी किराए के मकान में रहती है। इसी मकान की बालकनी में यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि बालकनी में कपड़े सूख रहे थे। महिला कपड़े उतारने पहुंचीं और जीआई पाइप को छूते ही करंट की चपेट में आ गईं। मां को बचाने पहुंचा बेटा भी झुलसा महिला को करंट से चिपका देखकर उनका बेटा मदद के लिए दौड़ा। उसने मां को बचाने की कोशिश की, लेकिन जीआई पाइप में फैले करंट की चपेट में वह भी आ गया। हादसा इतना गंभीर था कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। कूलर से पाइप में फैला था करंट शुरुआती जांच में सामने आया है कि मकान में लगे कूलर से करंट जीआई पाइप में फैल गया था। पाइप में करंट आने की वजह से महिला जैसे ही उसे छूने पहुंचीं, हादसा हो गया। सूचना मिलने के बाद टिकरापारा पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस हादसे के कारणों और बिजली कनेक्शन की स्थिति की भी जांच कर रही है।
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गुना में किसान सम्मान निधि का झांसा देकर 4.85 लाख का फर्जी KCC लोन, भाई-बहन से जालसाजी

गुना जिले की चांचौड़ा तहसील के ग्राम तेलीगांव से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के नाम पर कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव के ही एक युवक ने बैंक दलाल के साथ मिलकर बुजुर्ग भाई-बहन को किसान सम्मान निधि के 2-2 हजार रुपए दिलाने का झांसा दिया और उनके नाम पर करीब 4.85 लाख रुपए का KCC लोन स्वीकृत कराकर रकम निकाल ली। पीड़ित गंगाराम अहिरवार और उनकी बहन भमरी बाई, निवासी तेलीगांव, ने शनिवार को पुलिस को शिकायत देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। सम्मान निधि का झांसा देकर करवाए दस्तखत शिकायत में पीड़ितों ने बताया कि उनकी जमीनों के दस्तावेजों के आधार पर आरआरबी बैंक की बीनागंज शाखा से दो अलग-अलग KCC लोन स्वीकृत कराए गए। इनमें करीब 1.32 लाख और 3.53 लाख रुपए, यानी कुल 4.85 लाख रुपए की राशि शामिल है। पीड़ितों का आरोप है कि दशरथ सिंह अहिरवार ने उन्हें किसान सम्मान निधि की राशि दिलाने की बात कही और इसी बहाने बैंक से जुड़े कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान करवा लिए। बाद में आरोप है कि इन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उनके नाम पर KCC लोन कराया गया और लोन की राशि खुद निकाल ली गई। बैंक पहुंचने पर सामने आई लाखों की देनदारी पीड़ित परिवार को मामले की जानकारी तब हुई, जब वे बैंक पहुंचे। वहां उन्हें अपने नाम पर लाखों रुपए के KCC लोन की जानकारी मिली। यह सुनकर उनके होश उड़ गए। परिवार का आरोप है कि उन्हें लोन लेने की जानकारी नहीं थी और न ही उन्होंने किसी तरह की इतनी बड़ी रकम के लिए सहमति दी थी। दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाने का वीडियो भी सामने आया मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें आरोपी द्वारा कथित तौर पर पीड़ित से दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाते और उसे समझाते हुए दिखाई देने की बात कही जा रही है। पीड़ित परिवार के मुताबिक, उन्होंने इससे पहले कलेक्टर कार्यालय में भी शिकायत की थी। अब उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। फर्जी लोन से मुक्ति और कार्रवाई की मांग पीड़ित भाई-बहन ने पुलिस से आरोपी और मामले में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपने नाम पर हुए कथित फर्जी KCC लोन की राशि की जिम्मेदारी से मुक्त कराने की मांग की है। फिलहाल पुलिस शिकायत और सामने आए दस्तावेजों व वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लोन स्वीकृति और राशि निकासी की प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका रही।
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खंडवा में आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के लिए 21 लाख का टेंडर, 5 सितंबर तक आवेदन

खंडवा शहर में बढ़ती आवारा कुत्तों की संख्या और डॉग बाइट की घटनाओं के बीच नगर निगम ने एक बार फिर नसबंदी और टीकाकरण अभियान शुरू करने की तैयारी की है। निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए करीब 21 लाख रुपए का टेंडर जारी किया है। इस टेंडर के तहत आवारा कुत्तों की नसबंदी के साथ उनका इम्यूनाइजेशन यानी टीकाकरण भी किया जाएगा। यह काम Animal Birth Control Program के तहत कराया जाएगा और टेंडर की अवधि एक साल रखी गई है। 5 सितंबर तक जमा होंगे आवेदन नगर निगम की ओर से शनिवार को जारी निविदा विज्ञप्ति के अनुसार, इच्छुक संस्थान और एजेंसियां 5 सितंबर 2026 शाम 5:30 बजे तक ऑनलाइन टेंडर जमा कर सकेंगी। निविदाएं 7 सितंबर सुबह 10:30 बजे खोली जाएंगी। टेंडर के लिए धरोहर राशि 21 हजार रुपए और निविदा प्रपत्र शुल्क 5 हजार रुपए निर्धारित किया गया है। नसबंदी के साथ कुत्तों का टीकाकरण भी नगर निगम के इस अभियान का उद्देश्य केवल आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करना नहीं है। अभियान के दौरान पकड़े जाने वाले कुत्तों की नसबंदी के साथ उनका टीकाकरण भी किया जाएगा। Animal Birth Control Program के तहत नसबंदी और इम्यूनाइजेशन का उद्देश्य आवारा कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने के साथ डॉग बाइट और अन्य संबंधित जोखिमों को कम करना है। पिछले अभियान को लेकर उठ चुके हैं सवाल खंडवा में आवारा कुत्तों की समस्या और नसबंदी अभियान को लेकर हाल ही में नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। जनसुनवाई के दौरान नगर निगम नेता प्रतिपक्ष दीपक राठौर ने नसबंदी अभियान पर खर्च और शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को लेकर विरोध जताया था। विरोध प्रदर्शन के दौरान एक युवक के कुत्ते की वेशभूषा में पहुंचने का मामला भी चर्चा में रहा था। इसके बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आया। कलेक्टर ऋषव गुप्ता और निगम कमिश्नर प्रियंका राजावत को भी मीडिया के सामने स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी थी। चार साल में खर्च हो चुके हैं 98 लाख रुपए जानकारी के मुताबिक, खंडवा में पिछले चार साल के दौरान आवारा कुत्तों की नसबंदी पर करीब 98 लाख रुपए खर्च किए जा चुके हैं। इसके बावजूद शहर में आवारा कुत्तों की संख्या और डॉग बाइट को लेकर सवाल बने हुए हैं। अब 21 लाख रुपए के नए टेंडर से नगर निगम को उम्मीद है कि नसबंदी और टीकाकरण अभियान को दोबारा गति मिलेगी। वहीं शहरवासियों की नजर इस बात पर रहेगी कि नए अभियान से आवारा कुत्तों की संख्या और डॉग बाइट की समस्या पर कितना असर पड़ता है।
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रायपुर में चोरी की एक्टिवा से मोबाइल स्नेचिंग, युवक और नाबालिग गिरफ्तार; 5 मोबाइल बरामद

रायपुर में चोरी की एक्टिवा से मोबाइल छीनने वाले एक युवक और नाबालिग को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों पर सरस्वती नगर इलाके में मोबाइल स्नेचिंग की दो वारदातों के साथ मोबाइल चोरी की तीन अन्य घटनाओं में शामिल होने का आरोप है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 मोबाइल फोन और चोरी की एक्टिवा बरामद की है। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 1.50 लाख रुपए बताई गई है। मॉर्निंग वॉक पर निकली महिला से मोबाइल छीना पुलिस के मुताबिक, 19 अगस्त की सुबह कोटा निवासी उन्नति ठाकुर मॉर्निंग वॉक के लिए निकली थीं। दिशा कॉलेज रोड पर रेयांश किचन के सामने ग्रे रंग की एक्टिवा पर सवार दो युवकों ने उनका मोबाइल झपट लिया और फरार हो गए। इसी सुबह चौबे कॉलोनी निवासी युवराज मेहर कॉलेज जा रहे थे। उसी इलाके में बाइक सवार युवकों ने उनका मोबाइल भी इसी तरह छीन लिया। दोनों घटनाओं की शिकायत सरस्वती नगर थाने में दर्ज कराई गई थी। मेडिकल कॉलेज की पार्किंग से चोरी हुई थी एक्टिवा पुलिस जांच में सामने आया कि मोबाइल स्नेचिंग में इस्तेमाल की गई एक्टिवा CG 04 KS 6757 भी चोरी की थी। पुलिस के अनुसार, यह एक्टिवा 21 जुलाई को मेडिकल कॉलेज की पार्किंग से चोरी हुई थी। इस संबंध में मौदहापारा थाने में मामला दर्ज था। पुलिस ने स्नेचिंग की घटनाओं के CCTV फुटेज खंगाले तो दोनों वारदातों में इसी चोरी की एक्टिवा का इस्तेमाल दिखाई दिया। इसके बाद तकनीकी जांच और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की गई। एमजी रोड पर घेराबंदी कर पकड़ा पुलिस टीम को सूचना मिली कि चोरी की एक्टिवा पर दो युवक एमजी रोड इलाके में घूम रहे हैं। इसके बाद टीम ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में एक आरोपी ने अपना नाम वरुण साहू (23), निवासी राम नगर, गुढ़ियारी बताया। दूसरा आरोपी नाबालिग है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दोनों ने एक्टिवा चोरी करने के साथ इसी वाहन से मोबाइल स्नेचिंग की दो वारदात और तीन अन्य मोबाइल चोरी की घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की है। आरोपियों के पास से 5 मोबाइल बरामद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 5 मोबाइल फोन और चोरी की एक्टिवा बरामद की है। पुलिस अब उन तीन अन्य मोबाइल चोरी की घटनाओं के संबंध में भी जांच कर रही है, जिन्हें आरोपियों ने पूछताछ में कबूल किया है। यह कार्रवाई डीसीपी वेस्ट जोन रॉबिंसन गुड़िया के निर्देशन, एडीसीपी राहुल देव शर्मा के मार्गदर्शन और एसीपी आजाद चौक ईशू अग्रवाल के नेतृत्व में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और सरस्वती नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने की।
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सीहोर के अस्पताल में घड़ी के अंदर मिला संदिग्ध कैमरा, महिला स्वास्थ्यकर्मियों में हड़कंप; मंत्री को सौंपा ज्ञापन

सीहोर जिले के बिलकिसगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दीवार पर लगी घड़ी के अंदर संदिग्ध कैमरा और मेमोरी कार्ड मिलने से हड़कंप मच गया। घटना 13 अगस्त की बताई जा रही है। अस्पताल में काम करने वाली महिला स्वास्थ्यकर्मियों ने इसे निजता और कार्यस्थल की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताया है। कर्मचारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। विभागीय स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए महिला स्वास्थ्यकर्मियों और नर्सिंग स्टाफ ने सीहोर से गुजर रहे राजस्व मंत्री एवं इछावर विधायक करण सिंह वर्मा का काफिला रोककर उन्हें ज्ञापन सौंपा। घड़ी के अंदर मिला कैमरा और मेमोरी कार्ड अस्पताल कर्मचारियों के मुताबिक, एक कमरे में दीवार पर लगी घड़ी के अंदर संदिग्ध कैमरा और मेमोरी कार्ड मिला। अस्पताल में बड़ी संख्या में महिला स्वास्थ्यकर्मी काम करती हैं। ऐसे में किसी उपकरण का इस तरह लगाया जाना कर्मचारियों की निजता और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाला है। कर्मचारियों ने मांग की है कि जांच के जरिए यह पता लगाया जाए कि कैमरा किसने, कब और किस उद्देश्य से लगाया था। इसके साथ ही अस्पताल के अन्य कमरों और स्थानों की भी जांच कराने की मांग की गई है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कहीं और भी ऐसे उपकरण तो नहीं लगाए गए। मंत्री का काफिला रोककर सौंपा ज्ञापन मामले को लेकर नाराज महिला स्वास्थ्यकर्मी और नर्सिंग स्टाफ ने मंत्री करण सिंह वर्मा का काफिला रोककर अपनी शिकायत रखी। कर्मचारियों ने ज्ञापन सौंपते हुए मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की। मंत्री ने कर्मचारियों की बात सुनी और मामले में जांच व आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। कार्रवाई में देरी का लगाया आरोप महिला कर्मचारियों का आरोप है कि संदिग्ध कैमरा मिलने के बाद भी विभागीय स्तर पर मामले को अपेक्षित गंभीरता से नहीं लिया गया। इसी वजह से उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधि के सामने अपनी शिकायत रखने के लिए आगे आना पड़ा। कर्मचारियों ने कहा कि वे किसी व्यक्ति विशेष पर सीधे आरोप नहीं लगा रहे हैं। उनकी मांग केवल इतनी है कि निष्पक्ष जांच हो और कैमरा लगाने वाले व्यक्ति की पहचान के साथ पूरे मामले की सच्चाई सामने आए। कर्मचारियों के अनुसार, मिला हुआ संदिग्ध उपकरण संबंधित अधिकारियों को सुरक्षित सौंप दिया गया है। BMO बोले- नियमों के तहत कार्रवाई जारी बिलकिसगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के BMO डॉ. नवीन मेहर ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। उन्होंने कहा कि नियमों के तहत निष्पक्ष कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घड़ी में मिला उपकरण वास्तव में कैमरा था, उसे किसने लगाया और इसके पीछे क्या उद्देश्य था।
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इंदौर में PM आवास योजना के फ्लैटों पर निगम की बड़ी कार्रवाई, 15 आवासीय इकाइयां सील

इंदौर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अमलतास परिसर में आवंटित आवासीय इकाइयों में नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नगर निगम ने कार्रवाई की है। निगमायुक्त क्षितिज सिंघल के निर्देश पर शुक्रवार को जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान 15 आवासीय इकाइयों को सील किया गया। वहीं, फ्लैटों में नियमों के विपरीत संचालित दुकानों का सामान भी जब्त किया गया। कहीं मवेशी पाले जा रहे थे, कहीं दुकानें मिलीं निरीक्षण के दौरान टीम को कई आवासीय इकाइयों में नियमों के विपरीत गतिविधियां मिलीं। कुछ फ्लैटों में मवेशी पाले जा रहे थे, जबकि कुछ हितग्राहियों ने अपने आवास किराये पर देकर वहां दूसरी गतिविधियां संचालित कर रखी थीं। कई आवासीय इकाइयों में रहने के बजाय दुकानें संचालित होती मिलीं। निगम ने इन मामलों को आवास आवंटन की शर्तों का उल्लंघन माना और कार्रवाई की। 20 हजार जमा कर बाकी 1.80 लाख नहीं चुकाए जांच के दौरान कुछ हितग्राहियों के आवास आवंटन से जुड़ी राशि भी बकाया मिली। बताया गया कि कुछ हितग्राहियों ने शुरुआती 20 हजार रुपए जमा किए थे, लेकिन शेष 1.80 लाख रुपए की राशि अब तक जमा नहीं की। निगम ने ऐसे हितग्राहियों को बकाया राशि जमा करने और रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करने के लिए 15 दिन की मोहलत दी है। राशि जमा नहीं की तो आवंटन होगा निरस्त नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा में बकाया राशि जमा नहीं करने पर आवास खाली कराया जाएगा और आवंटन निरस्त किया जा सकता है। इसके बाद आवास किसी अन्य पात्र हितग्राही को आवंटित करने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। मुनादी के जरिए बकायादार हितग्राहियों को भी चेतावनी दी गई है कि समय पर राशि जमा नहीं करने पर पहले जमा की गई राशि राजसात करने के साथ आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम रही मौजूद कार्रवाई के दौरान तेजाजी नगर थाना प्रभारी, क्षेत्रीय तहसीलदार, कार्यपालन यंत्री मितेश सिंगोड, सीएलटीसी संतोषी गुप्ता सहित नगर निगम की रिमूवल टीम और पुलिस बल मौजूद रहा। निगम अधिकारियों के मुताबिक, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवंटित मकानों का उपयोग तय नियमों के अनुसार ही किया जाना चाहिए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रह सकती है।
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बिलासपुर में मकान के बेसमेंट से टनों कृषि दवाइयां जब्त, बिना लाइसेंस भंडारण का आरोप

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में कृषि विभाग ने एक मकान के बेसमेंट से बड़ी मात्रा में कीटनाशक और कृषि में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां जब्त की हैं। विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो कृषि दवाओं और खाद के भंडारण से जुड़े जरूरी लाइसेंस और दस्तावेज नहीं मिले। अधिकारियों के मुताबिक, बरामद सामग्री की मात्रा काफी ज्यादा है और इसकी तौल व लिस्टिंग का काम किया जा रहा है। आशंका है कि कृषि दवाइयां उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से मंगाई गई थीं और बिलासपुर में बिक्री के लिए रखी गई थीं। लोखंडी के मकान में मिला स्टॉक कृषि विभाग को सूचना मिली थी कि लोखंडी इलाके में एक मकान के बेसमेंट में बड़ी मात्रा में कीटनाशक और कृषि दवाइयां रखी गई हैं। सूचना के बाद विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बेसमेंट की जांच शुरू की। जांच के दौरान बड़ी संख्या में कृषि दवाइयां और अन्य सामग्री मिली। विभाग अब बरामद स्टॉक से जुड़े दस्तावेज और लाइसेंस की जांच कर रहा है। एक्सपायर या नकली दवाओं की भी आशंका कार्रवाई के दौरान मिली कुछ कृषि दवाओं के एक्सपायर या नकली होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, दवाओं के सैंपल की जांच और रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इनमें से कोई दवा नकली या निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप नहीं है। अगर ऐसा पाया जाता है तो मामले में आगे कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। बिना लाइसेंस भंडारण की जांच कृषि दवाओं और कीटनाशकों के भंडारण और बिक्री के लिए निर्धारित नियम और लाइसेंस जरूरी होते हैं। बेसमेंट में इतनी बड़ी मात्रा में कृषि सामग्री मिलने के बाद विभाग ने संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि दवाइयां कहां से लाई गईं, किसके नाम पर थीं और इन्हें रखने या बेचने के लिए जरूरी अनुमति ली गई थी या नहीं। कार्रवाई के दौरान मकान मालिक नहीं मिला जिस मकान के बेसमेंट से कृषि दवाइयां बरामद हुई हैं, वह गाजियाबाद निवासी आशु सिंह पाल का बताया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान वह मौके पर मौजूद नहीं था। फिलहाल कृषि विभाग ने बरामद सामग्री को जब्त कर लिया है। स्टॉक की गिनती और तौल के बाद पूरी सूची तैयार की जा रही है। दस्तावेजों और दवाओं की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। एसएसपी ने पुलिस टीम को भेजा मामले की जानकारी मिलने के बाद बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह ने भी इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने सकरी थाना पुलिस की टीम को मौके पर भेजा। कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, बरामद सामग्री की मात्रा टनों में है। फिलहाल उसकी गिनती, तौल और लिस्टिंग की प्रक्रिया चल रही है। कार्रवाई के दौरान संयुक्त संचालक कृषि राजेश राठौर, सहायक संचालक कृषि अनिल शुक्ला, सहायक संचालक शशांक शिंदे समेत कृषि विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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गुना में 3.74 करोड़ की वित्तीय गड़बड़ी का मामला, DPM भोपाल अटैच

गुना में मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में सामने आई 3.74 करोड़ रुपए की वित्तीय गड़बड़ी के मामले में अब जिला परियोजना प्रबंधक (DPM) पर भी कार्रवाई हुई है। राज्य आजीविका मिशन के CEO ने DPM सोनू सुशीला यादव को भोपाल अटैच कर दिया है। जारी आदेश के मुताबिक, गुना में चल रही जांच पूरी होने तक DPM को जिला मुख्यालय से हटाया गया है। मामले में वित्तीय रिकॉर्ड, पोर्टल पर दर्ज जानकारी और बैंक खातों की जांच की जा रही है। LOKOS पोर्टल के आंकड़ों से सामने आई गड़बड़ी मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में स्व-सहायता समूह और उनके सामुदायिक संगठन बनाए गए हैं। इन समूहों से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जानकारी भारत सरकार के LOKOS पोर्टल पर दर्ज की जाती है। पोर्टल पर समूहों को मिली राशि, भुगतान की तारीख और अन्य वित्तीय जानकारी का रिकॉर्ड रहता है। इसी रिकॉर्ड का मिशन की वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (FDM) से मिलान किया गया था। 90.25 लाख रुपए की राशि पर उठे सवाल मई में FDM और LOKOS पोर्टल के आंकड़ों के मिलान के दौरान प्रतिज्ञा सीएलएफ, विकासखंड गुना से संबंधित करीब 90.25 लाख रुपए की राशि में अंतर सामने आया। FDM पोर्टल पर यह राशि दिखाई दे रही थी, लेकिन बैंक रिकॉर्ड और बैंक स्टेटमेंट की जांच में इतनी राशि की वास्तविक प्राप्ति नहीं मिली। इसके बाद विभागीय स्तर पर मामले की जांच शुरू की गई। जिला और राज्य स्तर पर जांच जारी मामला सामने आने के बाद जिला पंचायत CEO ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की। टीम को वित्तीय गड़बड़ी की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए। इसके बाद मामले की शिकायत राज्य स्तर पर भी की गई, जिसके आधार पर राज्य की टीम ने भी जांच शुरू कर दी है। फिलहाल वित्तीय अभिलेखों, पोर्टल पर की गई प्रविष्टियों और संबंधित बैंक खातों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने तक DPM भोपाल अटैच मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य आजीविका मिशन के CEO ने DPM सोनू सुशीला यादव को जांच पूरी होने तक भोपाल अटैच कर दिया है। अब जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि पोर्टल पर दर्ज राशि और बैंक खातों में वास्तविक लेन-देन के बीच अंतर कैसे आया और इसमें किस स्तर पर लापरवाही या वित्तीय अनियमितता हुई। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
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मध्यप्रदेश की जेलों में अब बंदियों की होगी साइको-सोशल काउंसलिंग, भोपाल सेंट्रल जेल में खुलेगा पहला सेंटर

मध्यप्रदेश की जेलों में बंद कैदियों के मानसिक स्वास्थ्य और व्यवहार में सुधार के लिए नई पहल शुरू की जा रही है। अब बंदियों को केवल सजा काटने तक सीमित रखने के बजाय उनके मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन और सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए जेल विभाग की ओर से भोपाल केंद्रीय जेल में पहला साइको-सोशल काउंसलिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके परिणामों के आधार पर इस व्यवस्था को प्रदेश की अन्य जेलों में भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। जेल विभाग और RRU के बीच हुआ MOU इस पहल के लिए मध्यप्रदेश जेल विभाग और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU), गांधीनगर, गुजरात के बीच साइको-सोशल काउंसलिंग के क्षेत्र में सहयोग के लिए एमओयू हुआ है। जेल महानिदेशक डॉ. वरुण कपूर की पहल पर जेल मुख्यालय में हुए एमओयू कार्यक्रम में विशेष महानिदेशक जी. अखेतो सेमा, उप महानिरीक्षक (कल्याण) एमआर पटेल सहित जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। RRU की ओर से डॉ. नूरिन चौधरी, डॉ. गीतेश कुमार सिंह, प्रदीप रूसिया, तनु पी चंदेल और शुभम जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। 28 जेल अधिकारी-कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण जेल महानिदेशक डॉ. वरुण कपूर ने बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर RRU की साइको-सोशल काउंसलिंग योजना का अध्ययन किया। इसके बाद विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों को भोपाल बुलाकर 6 से 12 जुलाई तक सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान प्रदेश की अलग-अलग जेलों के 28 अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। इनमें मेल नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, मुख्य प्रहरी और प्रहरी शामिल रहे। प्रशिक्षण में मानसिक तनाव से गुजर रहे बंदियों की पहचान करने और उनकी काउंसलिंग करने के तरीके बताए गए। प्रशिक्षण के बाद बंदियों की काउंसलिंग शुरू प्रशिक्षण प्राप्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने संबंधित जेलों में जाकर तनावग्रस्त बंदियों की काउंसलिंग की। जेल महानिदेशक ने काउंसलिंग से मिले फीडबैक और परिणामों की समीक्षा की। जेल विभाग के अनुसार, शुरुआती स्तर पर बंदियों के मानसिक सुधार की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आए। इसके बाद इस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए RRU के साथ एमओयू की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। गुजरात में मास्टर ट्रेनर तैयार होंगे एमओयू के तहत जेल विभाग के चयनित अधिकारी और कर्मचारी राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर जाकर मास्टर ट्रेनर कोर्स करेंगे। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ये अधिकारी जेल विभाग में मास्टर ट्रेनर के रूप में काम करेंगे और प्रदेश की अन्य जेलों के अधिकारियों-कर्मचारियों को साइको-सोशल काउंसलिंग का प्रशिक्षण देंगे। इससे जेलों में मानसिक तनाव से जूझ रहे बंदियों की पहचान, उनकी जरूरतों को समझने और उन्हें जरूरी मनो-सामाजिक सहयोग देने के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार किया जा सकेगा। भोपाल केंद्रीय जेल से होगी शुरुआत जेल विभाग की इस योजना का पहला चरण केंद्रीय जेल भोपाल से शुरू होगा। यहां साइको-सोशल काउंसलिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके अनुभव और परिणामों के आधार पर सेंटर और काउंसलिंग व्यवस्था को प्रदेश की अन्य जेलों में भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। जेल विभाग का उद्देश्य बंदियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने, भावनात्मक संतुलन कायम करने और सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन की दिशा में सहयोग देना है, ताकि जेल से बाहर आने के बाद वे बेहतर जीवन की ओर आगे बढ़ सकें।
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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