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Diwali 2025 में Best 5 Stocks जो देंगे Shubh Returns

भारतीय शेयर बाजार ने Diwali 2025 के मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र से पहले जोरदार बढ़त दर्ज की। बीएसई सेंसेक्स 411 अंक बढ़कर 84,363.37 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 में 133 अंकों की तेजी आई और यह 25,843 पर पहुंचा। मुहूर्त ट्रेडिंग, जो पहली बार 1957 में बीएसई में और 1992 में एनएसई में शुरू हुई, Hindu financial tradition से जुड़ी है। यह नए वित्तीय वर्ष सम्वत 2082 की शुरुआत का प्रतीक है, जहां निवेशक शुभ मुहूर्त में स्टॉक्स में निवेश कर सकते हैं। Diwali Muhurat Trading 2025 Timing Samvat 2082 में चमक सकते हैं ये Top 5 Stocks विशेषज्ञों का सुझाव: ये स्टॉक्स Diwali 2025 के मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र और नए वित्तीय वर्ष में निवेश के लिए शुभ अवसर प्रदान कर सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold Silver Price निवेशकों के लिए खुशखबरी, त्योहारों पर सस्ते हुए Gold-Silver Rates

दिवाली 2025 से ठीक पहले भारतीय बाजार में सोना और चांदी के दाम (Gold-Silver Price) में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। पिछले कुछ हफ्तों से रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बाद अब गोल्ड और सिल्वर में मंदी का रुझान दिख रहा है। निवेशकों के लिए यह एक राहत भरी खबर है, क्योंकि दिवाली और धनतेरस से पहले दामों में गिरावट आई है। Gold Silver Rate में कितनी गिरावट आई सोना-चांदी के गिरने की बड़ी वजहें (Reasons for Fall in Gold Silver Prices) International Market में भी गिरावट अंतरराष्ट्रीय बाजार (Global Market) में भी सोने और चांदी के दामों में कमजोरी आई है। COMEX पर Gold Futures में 0.3% और Silver में लगभग 1% की गिरावट देखी गई। डॉलर इंडेक्स मजबूत होने से निवेशक Gold से निकलकर अन्य एसेट्स में शिफ्ट हो रहे हैं। निवेशकों के लिए सलाह (Investment Tips) अगर आप दिवाली या शादी के लिए सोना खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह गिरावट आपके लिए मौका बन सकती है। आज के Gold Silver Price (20 अक्टूबर 2025) शहर 24 कैरेट गोल्ड (₹/10g) 22 कैरेट गोल्ड (₹/10g) सिल्वर (₹/kg) दिल्ली ₹1,28,200 ₹1,17,500 ₹1,42,000 मुंबई ₹1,28,000 ₹1,17,300 ₹1,41,800 कोलकाता ₹1,28,100 ₹1,17,400 ₹1,42,200 चेन्नई ₹1,28,500 ₹1,17,800 ₹1,43,000 दिवाली से पहले सोने-चांदी के रेट्स में आई यह गिरावट उपभोक्ताओं और निवेशकों दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। यदि आप गोल्ड ज्वेलरी या सिल्वर आर्टिकल्स खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह सही समय माना जा रहा है। हालांकि, मार्केट में उतार-चढ़ाव जारी है, इसलिए निवेश से पहले मौजूदा ट्रेंड और विशेषज्ञों की राय जरूर लें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sensex

दिवाली 2025 Stock Market Rally Nifty और Sensex ने बनाया नया रिकॉर्ड

दिवाली 2025 के मौके पर भारतीय शेयर बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली। 20 अक्टूबर को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का Nifty 50 लगभग 200 अंक बढ़कर 25,900 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का Sensex 1,000 अंक से अधिक बढ़कर 83,700 के करीब कारोबार कर रहा है। निवेशकों का उत्साह और बाजार का सकारात्मक माहौल इस तेजी का मुख्य कारण है। प्रमुख शेयरों में उछाल (Top Gaining Stocks) बाजार की स्थिति (Market Overview) विशेषज्ञों का मानना है कि दिवाली पर यह तेजी निवेशकों के विश्वास और उत्साह का प्रतीक है। इस मौके पर बाजार में बढ़ोतरी ने निवेशकों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है। निवेशकों के लिए टिप्स (Investor Tips) हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Dhanteras 2025 Gold Silver Price आज के सोना और चांदी के दाम

17 अक्टूबर 2025 को Gold और Silver की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई है। दिवाली और धनतेरस के त्योहार को देखते हुए निवेशक और खरीददार सोने और चांदी में ज्यादा रुचि ले रहे हैं। Gold Rate Today (सोने के दाम) सोने की कीमतों में यह तेजी त्योहारों के दौरान खरीदारी और निवेश को दर्शाती है। Silver Rate Today (चांदी के दाम) चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट के बावजूद, यह निवेश और त्योहारों के गिफ्ट के लिए एक लोकप्रिय विकल्प बनी हुई है। प्रमुख शहरों में Silver Price (चांदी के शहरवार रेट) शहर रेट (₹/किग्रा) चेन्नई 2,03,000 नई दिल्ली 1,69,350 मुंबई 1,69,640 कोलकाता 1,69,410 बैंगलोर 1,69,770 हैदराबाद 1,69,810 बाजार का रुख विशेषज्ञों का कहना है कि सोने की मांग दिवाली और धनतेरस के दौरान बढ़ सकती है, जिससे कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, 2026 के दूसरे हिस्से में सोने की कीमतों में गिरावट की संभावना भी बताई जा रही है। निवेश और खरीदारी टिप्स हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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10 महीने में दोगुनी हुई Silver की चमक: ₹86 हजार से ₹1.75 लाख हुई कीमत

10 महीने में दोगुनी हुई Silver की चमक: ₹86 हजार से ₹1.75 लाख हुई कीमत

Silver एक बार फिर निवेशकों की पहली पसंद बन गई है। पिछले 10 महीनों में इसकी कीमतों ने ऐसा उछाल मारा कि हर कोई हैरान है। जनवरी 2025 में जहां चांदी ₹86,000 प्रति किलो थी, वहीं अब यह ₹1.75 लाख तक पहुंच गई है। यानी चांदी ने महज 10 महीनों में 100% से ज्यादा का रिटर्न दिया है। सोना जहां इस दौरान करीब 37% तक बढ़ा, वहीं चांदी ने उससे कहीं ज्यादा फायदा पहुंचाया। यही वजह है कि अब छोटे निवेशक भी सोने की बजाय चांदी की ओर रुख कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले महीनों में भी चांदी की कीमतों में तेजी बनी रह सकती है। इसका कारण है — इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, सोलर पैनल और इंडस्ट्रियल सेक्टर में चांदी की बढ़ती मांग। अगर आप निवेश के बारे में सोच रहे हैं, तो चांदी आपके लिए एक अच्छा विकल्प साबित हो सकती है। हालांकि, विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेश हमेशा दीर्घकालिक दृष्टि से करें और बाजार की स्थिति को समझकर ही कदम बढ़ाएं। कई निवेशक अब सिल्वर ETF, सिल्वर बॉन्ड और फिजिकल सिल्वर जैसे विकल्पों में निवेश कर रहे हैं। इससे न सिर्फ जोखिम कम होता है, बल्कि रिटर्न की संभावना भी बेहतर रहती है। चांदी की इस तेज़ रफ्तार ने बाजार में नई उम्मीदें जगा दी हैं।कह सकते हैं — इस बार ‘सिल्वर’ ने गोल्ड को भी पीछे छोड़ दिया है! हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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LG

LG IPO 2025 शेयर लिस्टिंग में 50% Gain, Market Update & Strategy

LG Electronics India IPO ने शेयर बाजार में धमाका किया। कंपनी के शेयर NSE पर ₹1,710.10 और BSE पर ₹1,715 पर लिस्ट हुए, जो कि IPO कीमत से लगभग 50% अधिक है। IPO का प्राइस बैंड ₹1,080 से ₹1,140 था और यह IPO लगभग ₹11,607 करोड़ का था। IPO की अत्यधिक लोकप्रियता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह 54.02 गुना ओवरसब्सक्राइब हुआ। लिस्टिंग के बाद कंपनी का पोस्ट-इश्यू मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹1,16,409.47 करोड़ दर्ज किया गया। विश्लेषकों का कहना है कि जिन निवेशकों को अलॉटमेंट मिला है, वे कुछ मुनाफा बुक कर सकते हैं, लेकिन लंबी अवधि के लिए कुछ शेयर होल्ड करना सही रहेगा। वहीं, जिन निवेशकों को अलॉटमेंट नहीं मिला, उन्हें शेयर की post-listing price और बाजार की प्रतिक्रिया देखने के बाद निवेश करना चाहिए। LG Electronics India की Valuation और Growth Potential LG Electronics का वर्तमान वैल्यूएशन ~37.6× FY26 earnings के हिसाब से थोड़ा ऊँचा है, लेकिन भारत में घरेलू उपकरणों के क्षेत्र में कंपनी की मजबूत brand presence और उपभोक्ता आधार इसे न्यायसंगत बनाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में consumer durable sector में लगातार वृद्धि हो रही है। GST reforms और बढ़ती ग्रामीण व शहरी मांग से LG के व्यवसाय में लाभ की संभावना है। निवेशकों के लिए Risk Factors Investor Strategy / सुझाव LG Electronics India की IPO listing ने निवेशकों को instant gains का मौका दिया है, लेकिन long-term growth के लिए सतर्क और सूचित निवेश की जरूरत है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold Prices 2025 धनतेरस और दिवाली से पहले सोने की कीमतों में तेज बढ़ोतरी

दिवाली और धनतेरस 2025 के त्योहारों के करीब आते ही भारत में Gold Prices में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। घरेलू और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के चलते निवेशक और खरीदार सोने की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं। आज की सोने की कीमतें (13 अक्टूबर 2025) मुख्य शहरों में भी यही रुझान दिखाई दे रहा है। उदाहरण के लिए, दिल्ली में 24K गोल्ड लगभग ₹12,522 प्रति ग्राम पर ट्रेड कर रहा है। MCX पर Gold Futures ने बनाया नया रिकॉर्ड मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के फ्यूचर्स ने ₹1,23,977 प्रति 10 ग्राम का नया record high बनाया, जो पिछले दिन की तुलना में ₹2,613 अधिक है। इस तेजी के प्रमुख कारण हैं: इन वजहों से सोना निवेशकों के लिए सुरक्षित निवेश (Safe-Haven Investment) के रूप में आकर्षक बना हुआ है। आगे की संभावनाएं विशेषज्ञों का अनुमान है कि धनतेरस और दिवाली के दौरान सोने की कीमत ₹1,20,000 से ₹1,30,000 प्रति 10 ग्राम तक जा सकती है। 2026 की शुरुआत तक यह ₹1,50,000 तक पहुँचने की संभावना है। मुख्य कारण हैं: निवेशकों के लिए सुझाव सोने की कीमतों में तेजी ने न केवल निवेशकों बल्कि त्योहारों की खरीदारी करने वालों के लिए भी सही समय का संकेत दिया है। इस साल धनतेरस और दिवाली पर सोना खरीदना आर्थिक रूप से फायदे का सौदा साबित हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Crypto

Crypto Crash 2025 बिटकॉइन और एथेरियम में $19 Billion Liquidation

वैश्विक Crypto मार्केट ने 10 अक्टूबर 2025 को अपना इतिहास का सबसे बड़ा sell-off देखा। इस अचानक बिकवाली में लगभग $19 बिलियन की crypto assets liquidated हुईं, जिससे लगभग 1.6 मिलियन ट्रेडर्स प्रभावित हुए। विशेषज्ञों ने इसे “ब्लैक स्वान” इवेंट कहा है, यानी ऐसी rare घटना जो मार्केट में extreme volatility लेकर आती है। ट्रिगर: Trump के 100% China Tariffs इस massive sell-off का मुख्य कारण था अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन पर लगाए गए 100% टैरिफ। इस ऐलान ने वैश्विक markets में हलचल मचा दी और निवेशकों में panic selling शुरू हो गई। Bitcoin और Ethereum Prices में भारी गिरावट कुल crypto market capitalization रिकॉर्ड $4.30 ट्रिलियन से घटकर $3.74 ट्रिलियन हो गया। trading volume भी बढ़कर बिटकॉइन के लिए $183.88 बिलियन हो गया, जो पिछले दिन से 145% अधिक है। Expert Warning: Market Contagion का खतरा विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि इस घटना से market contagion हो सकता है। कई financial institutions इस sudden market shock के लिए पूरी तरह तैयार नहीं थे। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे risk management strategies अपनाएं और extreme market volatility में सावधानी बरतें। यह sell-off निवेशकों और ट्रेडर्स को याद दिलाता है कि cryptocurrency investments हमेशा risk के साथ आते हैं। वैश्विक आर्थिक नीतियों और unexpected political decisions का Crypto मार्केट पर सीधा प्रभाव पड़ता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Reliance Power के CFO गिरफ्तार: फंड ट्रांसफर में फर्जीवाड़े का आरोप, कंपनी पर ED-CBI की जांच तेज

Reliance Power के CFO गिरफ्तार: फंड ट्रांसफर में फर्जीवाड़े का आरोप, कंपनी पर ED-CBI की जांच तेज

Reliance Power के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) को फंड ट्रांसफर में फर्जीवाड़े के मामले में गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, उन पर करोड़ों रुपये के फंड को गलत तरीके से ट्रांसफर करने और कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड में गड़बड़ी करने के आरोप लगे हैं। इस कार्रवाई के बाद रिलायंस पावर पर पहले से चल रही ED और CBI की जांच और भी तेज हो गई है। माना जा रहा है कि जांच एजेंसियां अब कंपनी के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी पूछताछ कर सकती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय लेनदेन से जुड़े कई दस्तावेज और डिजिटल डेटा जब्त किए गए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश में हैं कि पैसा आखिर कहां और किसके खातों में ट्रांसफर किया गया। कंपनी की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, यह गिरफ्तारी रिलायंस पावर के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है क्योंकि इससे निवेशकों और मार्केट दोनों में चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि बड़े कॉरपोरेट हाउस में पारदर्शिता और जवाबदेही अब पहले से ज्यादा जरूरी हो गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sensex

Sensex-Nifty Rally: सेंसेक्स 250 अंक ऊपर, Nifty 25,100 पार FII Buying और Global Cues से तेजी

आज के शेयर बाजार में उत्साह देखने को मिला, जहाँ Sensex ने 250 अंक से अधिक की मजबूती दिखाई और Nifty ने 25,100 के स्तर को पार किया। यह तेजी मुख्य रूप से FII Buying और वैश्विक आर्थिक संकेतों (Global Cues) के कारण आई है। मुख्य कारण 1. FII Buying Momentum:विदेशी संस्थागत निवेशकों ने लगातार दूसरे दिन भारतीय शेयर बाजार में निवेश किया। मंगलवार को ₹1,440.66 करोड़ और बुधवार को ₹81.28 करोड़ की शुद्ध खरीदारी से बाजार में भरोसा बना। इस प्रवाह ने निवेशकों को सकारात्मक संकेत दिए। 2. Sectoral Gains: 3. Global Market Sentiment:अमेरिका और यूरोप से आई सकारात्मक रिपोर्टों ने वैश्विक बाजारों को सपोर्ट दिया, जिससे भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों का भरोसा बढ़ा। Technical Outlook विश्लेषकों का मानना है कि निवेशकों को गिरावट पर खरीदारी (Buy-on-Dips) की रणनीति अपनानी चाहिए। Nifty के 25,250 स्तर के ऊपर बने रहने पर नए लॉन्ग पोजीशन के मौके मिल सकते हैं। वहीं, 24,950–24,900 स्तर को मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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X पर अब लाइक बटन दबाकर भेज सकेंगे $1 की टिप, मस्क ने नए फीचर का किया ऐलान

नई दिल्ली। इलॉन मस्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को फाइनेंशियल सर्विसेज से जोड़ने की दिशा में एक और कदम उठा रहे हैं। मस्क ने ऐलान किया है कि X पर यूजर्स लाइक बटन को लॉन्ग-प्रेस करके किसी यूजर या क्रिएटर को 1 डॉलर की टिप भेज सकेंगे। यह पेमेंट कंपनी के फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म X मनी के जरिए किया जाएगा। मस्क ने X पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि X मनी के माध्यम से किसी को भी 1 डॉलर भेजने के लिए लाइक बटन पर लॉन्ग-प्रेस करने का विकल्प जोड़ा जा रहा है। कैसे काम करेगा नया टिपिंग फीचर? इस फीचर के जरिए यूजर्स किसी पोस्ट के लेखक या क्रिएटर को सीधे आर्थिक मदद दे सकेंगे। इसके लिए लाइक बटन को कुछ देर तक दबाना होगा। इसके बाद X मनी के पेमेंट सिस्टम के जरिए 1 डॉलर ट्रांसफर करने का विकल्प मिलेगा। इस व्यवस्था का मकसद क्रिएटर्स को सपोर्ट करने की प्रक्रिया आसान बनाना है, ताकि यूजर्स को अलग से पेमेंट ऐप या लंबी प्रक्रिया का सहारा न लेना पड़े। हालांकि, X ने अभी तक इस फीचर के लॉन्च की तारीख और इसकी उपलब्धता से जुड़ी शर्तों की जानकारी नहीं दी है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि यूजर्स 1 डॉलर की तय रकम को बदल सकेंगे या भविष्य में अलग-अलग रकम भेजने के विकल्प भी मिलेंगे। क्या है X मनी और इसमें कौन-सी सुविधाएं हैं? X मनी, X का फाइनेंशियल सर्विस प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए यूजर्स के बीच पैसे ट्रांसफर करने, डिपॉजिट अकाउंट और X-ब्रांडेड वीजा डेबिट कार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका पेमेंट और बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर क्रॉस रिवर बैंक के साथ जुड़ा है। X मनी खुद बैंक नहीं है, बल्कि बैंकिंग पार्टनर के माध्यम से वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने वाला प्लेटफॉर्म है। इससे जुड़ी सुविधाओं में पात्र डिपॉजिट पर ब्याज, खरीदारी पर कैशबैक और डेबिट कार्ड को Apple Pay से कनेक्ट करने जैसे विकल्प शामिल हैं। इन सुविधाओं की उपलब्धता यूजर की पात्रता और लागू शर्तों पर निर्भर करती है। X को ‘एवरीथिंग ऐप’ बनाना चाहते हैं मस्क इलॉन मस्क लंबे समय से X को सिर्फ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रखना चाहते। उनका लक्ष्य इसे ‘एवरीथिंग ऐप’ यानी सुपर ऐप के रूप में विकसित करना है, जहां सोशल मीडिया, मैसेजिंग और वित्तीय सेवाएं एक ही जगह मिल सकें। X मनी के जरिए टिप भेजने का फीचर इसी रणनीति का हिस्सा है। अगर यह सुविधा व्यापक स्तर पर शुरू होती है, तो क्रिएटर्स को अपने कंटेंट के जरिए सीधे आर्थिक सहयोग पाने का एक और माध्यम मिल सकता है। भारत में कब शुरू होगा X मनी? X ने भारत में X मनी या नए टिपिंग फीचर को लॉन्च करने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। फिलहाल भारतीय यूजर्स के लिए इसकी उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। भारत में पहले से ही UPI आधारित डिजिटल पेमेंट का बड़ा नेटवर्क मौजूद है। ऐसे में X मनी को भारत में वित्तीय सेवाएं शुरू करने के लिए देश के लागू बैंकिंग, भुगतान और नियामकीय नियमों का पालन करना होगा। क्या होता है ‘एवरीथिंग ऐप’? एवरीथिंग ऐप या सुपर ऐप ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म होता है, जिसमें एक ही ऐप के जरिए कई तरह की सेवाएं इस्तेमाल की जा सकती हैं। इनमें सोशल मीडिया, मैसेजिंग, डिजिटल पेमेंट, शॉपिंग और बैंकिंग जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। चीन का WeChat इसका प्रमुख उदाहरण है, जहां मैसेजिंग के साथ भुगतान और कई अन्य डिजिटल सेवाएं भी मिलती हैं। मस्क X को भी इसी तरह का बहुउद्देशीय प्लेटफॉर्म बनाना चाहते हैं।

पूर्व जज संजय किशन कौल का पूर्व CJI चंद्रचूड़ पर निशाना, बोले- जजों की नियुक्ति में सरकार के प्रति ज्यादा झुके थे

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज संजय किशन कौल ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ के रवैए पर सवाल उठाए हैं। अपनी आगामी किताब ‘विदाउट फियर ऑर फेवर’ में कौल ने आरोप लगाया है कि न्यायाधीशों की नियुक्ति के मामले में चंद्रचूड़ सरकार के प्रति जरूरत से ज्यादा झुके हुए थे। कौल के मुताबिक, नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने की प्रवृत्ति न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिए चिंता का विषय है। कौल ने किताब में कॉलेजियम की उस बैठक का जिक्र किया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की छह रिक्तियों को भरने के लिए नामों पर विचार किया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार से निपटने के तरीके को लेकर मतभेदों के कारण चंद्रचूड़ के साथ उनके संबंधों में तनाव आया। कॉलेजियम बैठक में छठे नाम को लेकर मतभेद कौल के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के छह जजों की नियुक्ति पर विचार के दौरान पांच नामों पर पहले सहमति बन चुकी थी। बैठक से ठीक पहले तत्कालीन CJI चंद्रचूड़ ने छठे उम्मीदवार का नाम उनके सामने रखा। कौल ने बताया कि चंद्रचूड़ उन्हें एक अलग कमरे में ले गए और पूछा कि क्या उन्हें सरकार का रुख जानने के लिए फोन करना चाहिए। कौल ने द वायर से बातचीत में कहा कि उन्हें नहीं लगता कि यह सरकार को खुश करने का मामला था, लेकिन नामों पर पहले उनके साथ चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि छठे उम्मीदवार के नाम पर उनकी सहमति नहीं थी और उन्हें लगा कि कॉलेजियम के अन्य सदस्य भी उस नाम को स्वीकार नहीं करेंगे। कौल के अनुसार, बैठक में वही हुआ और छठे नाम पर सहमति नहीं बन सकी। उन्होंने आशंका जताई कि शायद चंद्रचूड़ ने इस नाम सहित अन्य नामों को लेकर सरकार से पहले ही किसी तरह की मंजूरी ले ली थी। नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने पर आपत्ति जस्टिस कौल ने कहा कि कॉलेजियम की औपचारिक चर्चा से पहले सरकार के साथ नामों पर विचार-विमर्श करने की परंपरा चिंता पैदा करती है। उनके मुताबिक, सरकार से सलाह लेना और पहले से मंजूरी लेना दो अलग-अलग बातें हैं। कौल का मानना है कि कॉलेजियम को न्यायपालिका की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए सरकार के दबाव का विरोध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर नियुक्तियों से पहले सरकार की सहमति लेने की प्रक्रिया परंपरा बन जाती है, तो भविष्य में आने वाले मुख्य न्यायाधीशों के लिए इससे अलग चलना मुश्किल हो सकता है। NJAC पर भी रखी अपनी राय किताब में कौल ने 2015 में केंद्र सरकार की ओर से पेश किए गए नेशनल ज्यूडिशियल अपॉइंटमेंट्स कमीशन (NJAC) का भी उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि उस समय नियुक्ति व्यवस्था को लेकर आमने-सामने बैठकर चर्चा की जा सकती थी। कौल के मुताबिक, मौजूदा व्यवस्था में सुधार और उसके तौर-तरीकों में बदलाव की गुंजाइश थी। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुधार के नाम पर नियुक्तियों से पहले सरकार की मंजूरी लेने की परंपरा को बढ़ावा नहीं मिलना चाहिए। PMLA मामले को दूसरी बेंच में भेजने पर भी सवाल कौल ने अपनी बेंच के एक फैसले से जुड़े मामले को दूसरी बेंच में भेजे जाने पर भी आपत्ति जताई। यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) से जुड़े फैसले के कुछ हिस्सों पर दोबारा विचार करने से संबंधित था। कौल का कहना था कि किसी मामले को इस आशंका के आधार पर एक बेंच से दूसरी बेंच में नहीं भेजा जाना चाहिए कि फैसला किस दिशा में जा सकता है। कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया कौल की किताब अभी बाजार में नहीं आई है, लेकिन उनके बयानों के आधार पर कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि कौल ने न्यायाधीशों की नियुक्ति में सरकार के दखल से जुड़ी चिंताएं सामने रखी हैं। रमेश के मुताबिक, इनमें कॉलेजियम की बैठकों से पहले सरकार की मंजूरी लेने की कोशिश और अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले एक न्यायाधीश की जाति को लेकर सरकार की ओर से पूछताछ का मुद्दा भी शामिल है। उन्होंने कहा कि कौल ने इन विषयों को नपे-तुले शब्दों में दर्ज किया है। कांग्रेस ने इसे न्यायपालिका को सत्ता में बैठे लोगों के दबाव से मुक्त रखने की जरूरत से जोड़कर देखा है। कौल बोले- भविष्य के CJI के लिए परंपरा बदलना मुश्किल होगा कौल ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि मुख्य न्यायाधीश का कार्यकाल सीमित होता है, लेकिन उनके फैसलों से बनी परंपराएं आगे भी जारी रह सकती हैं। उनके मुताबिक, यदि नियुक्तियों से पहले सरकार से चर्चा करने की प्रक्रिया सामान्य बन जाती है, तो बाद में आने वाले मुख्य न्यायाधीशों के लिए उससे अलग रास्ता अपनाना मुश्किल हो सकता है। इसी वजह से उन्होंने चंद्रचूड़ को इस तरह की प्रक्रिया से बचने की सलाह देने की कोशिश की।

भोपाल में 1.50 लाख की MD ड्रग्स के साथ दो युवक गिरफ्तार, बाइक-मोबाइल समेत 3 लाख का सामान जब्त

भोपाल। राजधानी भोपाल में परवलिया सड़क थाना पुलिस ने बायपास रोड पर घेराबंदी कर दो युवकों को MD ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 12.63 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई है, जिसकी कीमत करीब 1.50 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए आंकी गई है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी पुलिस के मुताबिक, 24 अक्टूबर की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक बाइक से MD ड्रग्स लेकर थाना क्षेत्र से गुजरने वाले हैं। सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। थाना प्रभारी के नेतृत्व में पांच पुलिस टीमें गठित कर बायपास रोड पर घेराबंदी की गई। रात करीब 1:40 बजे पुलिस को बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों ने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी के चलते उन्हें पकड़ लिया गया। तरुण सराठे और अखिलेश मेहरा गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान तरुण सराठे (24), निवासी छावनी पठार, बिलखिरिया के पास से 12.63 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई। बाइक पर उसके साथ मौजूद अखिलेश मेहरा (24), निवासी छावनी पठार को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से ड्रग्स के अलावा तस्करी में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए बताई गई है। दोनों आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं मामले पुलिस के मुताबिक, तरुण सराठे के खिलाफ बिलखिरिया थाने में मारपीट और आर्म्स एक्ट के दो मामले दर्ज हैं। वहीं, अखिलेश मेहरा के खिलाफ मारपीट के चार प्रकरण पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क की जांच जारी गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों युवकों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि MD ड्रग्स कहां से लाई गई थी और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। पुलिस ड्रग्स की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क की जानकारी भी जुटा रही है।

हरमनप्रीत और दीप्ति के शतक, भारत ने जिम्बाब्वे को दिया 329 रन का टारगेट

वडोदरा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाए। वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम में रविवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की ओर से कप्तान हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने शतक लगाए। दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 153 रन की अहम साझेदारी हुई। भारत की शुरुआत खराब, 19 रन पर गिरे 2 विकेट भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। स्मृति मंधाना पारी की चौथी गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गईं। इसके बाद शेफाली वर्मा भी 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। तीसरे ओवर में भारत का स्कोर 19 रन पर 2 विकेट हो गया। मुश्किल समय में प्रतीका रावल और हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभाला। दोनों ने संभलकर बल्लेबाजी करते हुए टीम को शुरुआती झटकों से उबारा। प्रतीका रावल ने 67 गेंदों पर 61 रन बनाए। उनकी पारी में 4 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। वह 22.2 ओवर में 143 रन के स्कोर पर आउट हुईं। हरमनप्रीत कौर ने 121 गेंदों पर बनाए 126 रन कप्तान हरमनप्रीत कौर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 121 गेंदों पर 126 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके लगाए। यह उनके वनडे करियर का आठवां शतक रहा। हालांकि, पारी के दौरान उनके तीन कैच भी छूटे। हरमनप्रीत का विकेट 46.2 ओवर में गिरा। उस समय भारतीय टीम 301 रन बना चुकी थी। पारी के बाद उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद धूप में खेलना आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि जब दूसरे छोर पर बल्लेबाज अच्छी लय में रन बना रही हो, तो स्ट्राइक बदलते रहना और साझेदारी को आगे बढ़ाना जरूरी होता है। दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों में जड़ा शतक छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरीं दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों पर 106 रन की पारी खेली। उन्होंने 15 चौके लगाए। दीप्ति ने 37 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और पारी के आखिरी ओवर में चौका लगाकर वनडे करियर का दूसरा शतक पूरा किया। दीप्ति ने हरमनप्रीत के साथ मिलकर भारतीय पारी को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 137 गेंदों पर 153 रन की साझेदारी की। इस दौरान दोनों ने विकेट बचाने के साथ रन गति भी बनाए रखी। दीप्ति शर्मा ने बनाए तीन रिकॉर्ड आखिरी 10 ओवर में बने 72 रन भारतीय टीम ने आखिरी 10 ओवर में 72 रन जोड़े और इस दौरान 2 विकेट गंवाए। हरमनप्रीत के आउट होने के बाद ऋचा घोष भी ज्यादा देर नहीं टिक सकीं। वह 9 गेंदों पर 7 रन बनाकर 47.6 ओवर में आउट हुईं। भारत ने निर्धारित 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाकर जिम्बाब्वे के सामने 329 रन का लक्ष्य रखा। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 भारत: प्रतीका रावल, स्मृति मंधाना (कप्तान), शेफाली वर्मा, हरमनप्रीत कौर, तेजल हसब्निस, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), श्री चरणी, जिंतिमणि कलिता, सयाली सतघरे और वैष्णवी शर्मा। जिम्बाब्वे: मोडेस्टर मुपाचिकवा (विकेटकीपर), लोरिन फिरी, चिपो मुगेरी-तिरिपानो, बिलव्ड बिजा, जोसेफिन नकोमो (कप्तान), न्याशा ग्वांजुरा, चिएद्जा धुरुरु, मिशेल मावुंगा, नोमवेलो सिबांडा, तेंदाई मकुशा और ओलिंडर चारे।
BSF

BSF Action: कच्छ के Sir Creek में पकड़े गए 4 Pakistani Fishermen

गुजरात के कच्छ से भारत-पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को सर क्रीक के संवेदनशील इलाके में चार पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ लिया। इस दौरान उनकी फाइबर से बनी मछली पकड़ने वाली नाव भी जब्त की गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, चारों मछुआरे कथित तौर पर केकड़े पकड़ने के लिए भारतीय जलक्षेत्र में दाखिल हुए थे। यह कार्रवाई खुफिया जानकारी मिलने के बाद की गई। घटना के बाद एक बार फिर कच्छ के समुद्री सीमा क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, मछुआरों के भारतीय जलक्षेत्र में पहुंचने की परिस्थितियों और उनकी गतिविधियों की पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। BSF ने कैसे पकड़े चार पाकिस्तानी मछुआरे? India Today की 25 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, BSF को सूचना मिली थी कि कुछ पाकिस्तानी मछुआरे भारतीय जलक्षेत्र में मौजूद हैं। इसके बाद जवानों ने सर क्रीक इलाके में कार्रवाई करते हुए चारों को पकड़ लिया। पकड़े गए मछुआरों की पहचान कादिर थैमोर, मुहम्मद मूसा, अजगर थैमोर और अहसान जाट के रूप में बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, चारों पाकिस्तान के सिंध प्रांत के निवासी हैं। कार्रवाई के दौरान उनकी फाइबर की नाव भी जब्त की गई। फिलहाल, पूछताछ और आगे की कानूनी प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। आखिर क्या है मछुआरों का अपराध? इस मामले में सबसे अहम सवाल है कि चारों मछुआरे भारतीय जलक्षेत्र में क्यों पहुंचे थे। शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया है कि वे केकड़े पकड़ने के लिए सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुए थे। भारत के जलक्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश करना या वहां अवैध रूप से मछली पकड़ना संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई का कारण बन सकता है। हालांकि, इस मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और उपलब्ध सबूतों के आधार पर तय होगी। अभी तक सामने आई रिपोर्ट में चारों मछुआरों के जासूसी या किसी अन्य गंभीर गतिविधि में शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए मामले को लेकर किसी अपुष्ट दावे को तथ्य मानना सही नहीं होगा। कच्छ का Sir Creek इलाका क्यों है संवेदनशील? गुजरात का कच्छ क्षेत्र भारत और पाकिस्तान की समुद्री सीमा के पास स्थित है। सर क्रीक एक ज्वारीय जलमार्ग है, जो अपनी भौगोलिक स्थिति और दलदली इलाके के कारण सीमा पर निगरानी के लिहाज से चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इस क्षेत्र में मछली पकड़ने के लिए नावों की आवाजाही होती है। समुद्री सीमा के आसपास होने के कारण किसी दूसरे देश की नाव का भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए जांच का विषय बन जाता है। BSF यहां नियमित गश्त और निगरानी करती है। संदिग्ध नाव या गतिविधि दिखाई देने पर जवान संबंधित लोगों से पूछताछ करते हैं और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जाती है। Kutch Border पर हाल की घटनाओं से बढ़ी निगरानी कच्छ के समुद्री सीमा क्षेत्र में अक्टूबर 2026 के दौरान पाकिस्तानी नागरिकों और नावों से जुड़े दूसरे मामले भी रिपोर्ट किए गए हैं। 19 अक्टूबर को कोटेश्वर के पास क्रीक क्षेत्र में गश्त के दौरान BSF ने एक पाकिस्तानी नागरिक को नाव के साथ पकड़ा था। शुरुआती जांच में नाव से मछली पकड़ने के उपकरण मिलने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद इलाके में तलाशी अभियान चलाए जाने की खबर भी सामने आई। 20 अक्टूबर को कच्छ के लखपत और आसपास के क्रीक क्षेत्र से जुड़ी अन्य घटनाओं की भी रिपोर्ट आई थी। इन मामलों में नावों, पाकिस्तानी नागरिकों और तलाशी अभियान का जिक्र किया गया था। हालांकि, ये अलग-अलग घटनाएं हैं और इन्हें 25 अक्टूबर को पकड़े गए चार मछुआरों के मामले से अलग समझना जरूरी है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच समुद्री सीमा पर निगरानी का महत्व बढ़ जाता है। फिर भी, केवल इन घटनाओं के आधार पर किसी बड़ी साजिश का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। क्या पाकिस्तानी नाव से कोई संदिग्ध सामान मिला? 25 अक्टूबर की घटना से जुड़ी शुरुआती रिपोर्ट में फाइबर की नाव जब्त किए जाने की पुष्टि हुई है। हालांकि, नाव से किसी हथियार, नशीले पदार्थ या अन्य संदिग्ध सामान की बरामदगी के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए फिलहाल ऐसी किसी बरामदगी का दावा नहीं किया जा सकता। आगे की जांच में नाव, मछुआरों की गतिविधियों और भारतीय जलक्षेत्र में उनकी मौजूदगी से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा सकती है। अब आगे क्या होगा? चारों मछुआरों को पकड़े जाने के बाद अब जांच और कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण महत्वपूर्ण होंगे। संबंधित अधिकारी उनकी पहचान, भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश की परिस्थितियों और घटना से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच कर सकते हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, BSF ने गुजरात के कच्छ स्थित सर क्रीक इलाके में चार पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ा है और उनकी नाव जब्त की है। वे भारतीय जलक्षेत्र में किन परिस्थितियों में पहुंचे और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी, इसकी पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित इस संवेदनशील क्षेत्र में BSF की निगरानी सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है। मामले में आधिकारिक अपडेट आने पर आगे की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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