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Adani

Adani Group बनाएगा India का सबसे बड़ा Battery Storage System, 2026 तक पूरा होगा Mega Project

भारत में स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए Adani Group ने देश का अब तक का सबसे बड़ा Battery Energy Storage System (BESS) बनाने का ऐलान किया है।यह प्रोजेक्ट गुजरात के खवड़ा (Khavda) क्षेत्र में बनाया जाएगा, जहां अदाणी पहले से ही दुनिया के सबसे बड़े Renewable Energy Park का निर्माण कर रहा है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट मार्च 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है और इसकी क्षमता लगभग 50 GWh (गीगावॉट-घंटे) होगी। इस प्रोजेक्ट पर अरबों डॉलर का निवेश होने जा रहा है, जो भारत की ऊर्जा व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव ला सकता है। क्या है Battery Energy Storage System (BESS)? यह तकनीक सौर (Solar) और पवन (Wind) ऊर्जा को स्टोर करने में मदद करती है ताकि जब सूरज न निकले या हवा न चले, तब भी बिजली सप्लाई बनी रहे।इससे बिजली ग्रिड को स्थिरता (Grid Stability) मिलती है और 24×7 ग्रीन पावर (Green Power) उपलब्ध कराई जा सकती है। भारत के Clean Energy Goals में अहम योगदान भारत सरकार ने 2031-32 तक 74 GW Battery Storage और 50 GW Pumped Hydro Storage का लक्ष्य तय किया है।अदाणी ग्रुप का यह प्रोजेक्ट इस मिशन में मील का पत्थर साबित हो सकता है।यह न केवल देश की फॉसिल फ्यूल डिपेंडेंसी घटाएगा बल्कि ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) भी मजबूत करेगा। Adani Project के बड़े फायदे 24×7 Green Power Supply: सोलर और विंड एनर्जी स्टोर करके बिजली की निरंतर आपूर्ति होगी।Fossil Fuel पर निर्भरता में कमी: कोयला और गैस आधारित पावर प्लांट्स की जरूरत घटेगी।Local Employment: गुजरात में हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।Make in India को बढ़ावा: बैटरी और ऊर्जा तकनीक में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम। चुनौतियाँ भी कम नहीं भारत के Energy Transition में बड़ा योगदान केंद्र सरकार ने हाल ही में बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स के लिए ट्रांसमिशन चार्ज वेवर (Transmission Charge Waiver) को जून 2028 तक बढ़ा दिया है, जिससे ऐसे प्रोजेक्ट्स की लागत घटेगी।इसी के साथ, दिल्ली में भी दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा 20MW Battery Energy Storage System शुरू किया गया है, जो बिजली आपूर्ति को स्थिर करने में मदद करेगा। अदाणी ग्रुप का यह मेगा बैटरी प्रोजेक्ट भारत को “Green Energy Superpower” बनने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।अगर यह योजना तय समय पर पूरी हो जाती है, तो यह भारत की Energy Independence और Net Zero Emission Goal दोनों को गति देगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold Price भारत में सोना ₹1.22 Lakh के पार, शादी सीजन में बढ़ी डिमांड

भारत में सोने की कीमत (Gold Price in India) ने आज नया रिकॉर्ड बना दिया है। सोमवार को MCX (Multi Commodity Exchange) पर दिसंबर वायदा में सोना ₹1,987 की बड़ी बढ़त के साथ ₹1,22,101 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है, जिसने निवेशकों और ज्वेलरी बाजार दोनों को हैरान कर दिया है। क्यों बढ़ी Gold की कीमत? वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर में कमजोरी और केंद्रीय बैंकों की ओर से सोने की बढ़ती खरीदारी ने कीमतों को ऊपर धकेला है। अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद से निवेशकों ने safe haven asset यानी सोने में पैसा लगाना शुरू कर दिया है। भारत के प्रमुख शहरों में सोने का भाव (Gold Rate in Major Cities) शहर 24 कैरेट सोना (10 ग्राम) 22 कैरेट सोना (10 ग्राम) दिल्ली ₹1,21,800 ₹1,12,000 मुंबई ₹1,21,900 ₹1,12,100 कोलकाता ₹1,21,850 ₹1,11,950 चेन्नई ₹1,22,300 ₹1,12,400 निवेशकों के लिए क्या सलाह? बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों में अभी और बढ़ोतरी की संभावना है। हालांकि, मौजूदा ऊंचे स्तर पर नई खरीदारी करने से पहले निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए।जिन्होंने पहले से निवेश किया है, उनके लिए यह profit booking का अच्छा मौका हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 2,480 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, डॉलर इंडेक्स में गिरावट के कारण विदेशी निवेशक भी Gold में निवेश बढ़ा रहे हैं। यह वैश्विक स्तर पर bullish trend का संकेत देता है। आने वाले दिनों में क्या रहेगा ट्रेंड? बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर डॉलर कमजोर रहता है और वैश्विक तनाव जारी रहता है, तो सोना आगे भी नई ऊंचाइयां छू सकता है। शादी के सीजन में मांग बढ़ने से घरेलू बाजार में भी सोने की चमक बरकरार रहने की उम्मीद है।2 सोने की कीमतों में यह ऐतिहासिक उछाल बताता है कि निवेशकों के लिए यह अब भी सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश बना हुआ है। लेकिन निवेश से पहले विशेषज्ञ सलाह लेना बेहतर रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Lenskart

Lenskart IPO Listing 2025 3% Discount पर लिस्ट हुआ शेयर, निवेशकों को लगा झटका

भारत की जानी-मानी आईवियर कंपनी Lenskart Solutions Ltd ने आज यानी 10 नवंबर 2025 को शेयर बाजार में अपनी एंट्री की। लाखों निवेशकों को इस आईपीओ से शानदार लिस्टिंग की उम्मीद थी, लेकिन कंपनी के शेयरों ने कमजोर शुरुआत की। IPO में जबरदस्त सब्सक्रिप्शन के बावजूद लिस्टिंग डिस्काउंट पर हुई, जिससे निवेशकों को निराशा हाथ लगी। Lenskart IPO Listing Day Highlights जबरदस्त सब्सक्रिप्शन, फिर भी Weak Listing Lenskart IPO को निवेशकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली थी। इश्यू को 28.26 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, जिसमें सबसे ज्यादा रुचि संस्थागत निवेशकों (QIBs) की रही। इसके बावजूद शेयर का डिस्काउंट पर लिस्ट होना बताता है कि निवेशक कंपनी के वैल्यूएशन और प्रॉफिट ग्रोथ को लेकर सतर्क हैं। Lenskart का बिज़नेस मॉडल और ग्रोथ प्लान Lenskart की शुरुआत 2008 में हुई थी और 2010 में कंपनी ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म लॉन्च किया। साल 2013 में दिल्ली में पहला ऑफलाइन स्टोर खोला गया। आज कंपनी भारत के साथ-साथ साउथ-ईस्ट एशिया और मिडिल ईस्ट के बाजारों में भी सक्रिय है। IPO से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी अपने CoCo स्टोर्स (Company Operated Stores) खोलने, टेक्नोलॉजी और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, ब्रांड प्रमोशन और अधिग्रहण (Acquisitions) के लिए करने वाली है। Market Experts की राय विशेषज्ञों के मुताबिक, Lenskart IPO Listing का कमजोर रहना संकेत है कि बाजार फिलहाल हाई वैल्यूएशन वाले स्टॉक्स को लेकर सावधान है। हालांकि, कंपनी की ब्रांड पावर, डिजिटल स्ट्रेटेजी और ओम्नी-चैनल उपस्थिति (Online + Offline) इसे लॉन्ग टर्म में एक मजबूत दांव बना सकती है। आगे क्या देखना होगा निवेशकों को फिलहाल कुछ मुख्य बिंदुओं पर नजर रखनी चाहिए: Lenskart Share Listing ने पहले दिन उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया, लेकिन कंपनी की मजबूत ब्रांड पहचान और विस्तार योजनाएं इसे लंबी अवधि के निवेश के लिए आकर्षक बना सकती हैं। निवेशकों को फिलहाल कंपनी के तिमाही नतीजे और शेयर के ट्रेंड पर नजर रखनी चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold-Silver के दामों में गिरावट जारी: निवेशकों में चिंता, बाजार में मंदी का असर दिखा

Gold-Silver के दामों में गिरावट जारी: निवेशकों में चिंता, बाजार में मंदी का असर दिखा

पिछले तीन हफ्तों से लगातार Gold के दाम गिर रहे हैं। इस हफ्ते भी सोना ₹670 सस्ता हुआ है। अब सोने की कीमतों में यह लगातार तीसरा हफ्ता है जब गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, चांदी की कीमतों में भी भारी कमी आई है — इस हफ्ते चांदी ₹850 घटकर ₹1,48,275 प्रति किलो पर पहुंच गई है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर सोने-चांदी पर भी दिख रहा है। निवेशक अब सुरक्षित निवेश के लिए शेयर मार्केट की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे सोने की मांग थोड़ी कमजोर पड़ी है। हालांकि ज्वैलर्स का कहना है कि आने वाले शादी के सीजन में सोने की खरीद फिर से बढ़ सकती है। अगर कीमतें इसी तरह नीचे रहीं, तो ग्राहकों के लिए ये समय सोना खरीदने का सही मौका साबित हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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AI Stocks

US Market Crash AI Stocks में भारी गिरावट, मंदी की आशंका गहराई

अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर संकट के बादल गहराने लगे हैं। अमेरिका के शेयर बाजार में गुरुवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में डर का माहौल बन गया है।S&P 500 में 1.1%, Nasdaq Composite में 2%, और Dow Jones Industrial Average में करीब 0.8% की भारी गिरावट हुई। यह गिरावट सिर्फ एक दिन की नहीं, बल्कि US Economy के लिए Warning Signal मानी जा रही है। AI Stocks Crash: टेक सेक्टर में ‘Bubble Burst’ की आशंका पिछले कुछ महीनों से AI (Artificial Intelligence) सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखी जा रही थी। कंपनियों के वैल्यूएशन आसमान छू रहे थे, लेकिन अब हालात बदल गए हैं।AI कंपनियों के शेयर अचानक गिरने लगे हैं और निवेशकों को डर है कि कहीं यह AI Bubble फट न जाए (AI Bubble Burst)।बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कई टेक कंपनियों के ग्रोथ आंकड़े उनके वैल्यूएशन के मुकाबले बेहद कम हैं, जिससे AI Stocks में Correction Phase शुरू हो चुका है। 1.53 Lakh Americans ने खोई Job – 20 साल की सबसे बड़ी छंटनी रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2025 में करीब 1.53 लाख लोगों की नौकरियां गईं, जो पिछले 20 वर्षों में सबसे ज्यादा है।यह आंकड़ा बताता है कि अमेरिकी कंपनियां लागत कम करने और मंदी की तैयारी में जुट गई हैं।रोजगार में यह भारी गिरावट अर्थव्यवस्था की कमजोरी को और बढ़ा सकती है। 38 Trillion Dollar का Debt – बढ़ा आर्थिक दबाव अमेरिका का कुल राष्ट्रीय ऋण (National Debt) अब 38 Trillion Dollar पार कर गया है, जो उसके GDP के करीब 324% तक पहुंच चुका है।इतना अधिक कर्ज सरकार, निवेशकों और वित्तीय संस्थानों – तीनों के लिए चिंता का विषय बन गया है।आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि US Economy अब Debt Trap में फँसती जा रही है। Global Impact: भारत समेत पूरी दुनिया पर पड़ेगा असर अमेरिकी बाजार की गिरावट का असर सिर्फ वॉल स्ट्रीट तक सीमित नहीं रहेगा।भारत जैसे देशों पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि भारतीय IT और टेक सेक्टर का बड़ा हिस्सा अमेरिकी निवेश और ऑर्डर पर निर्भर है।यदि अमेरिकी कंपनियां खर्च घटाती हैं, तो भारतीय एक्सपोर्ट और जॉब सेक्टर पर भी असर पड़ेगा।साथ ही, Foreign Institutional Investors (FII) भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकाल सकते हैं, जिससे Sensex और Nifty पर दबाव बढ़ सकता है। Expert Opinion: निवेशकों को बरतनी होगी सावधानी आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि AI सेक्टर में ओवरवैल्यूएशन (Overvaluation) और अमेरिकी कर्ज में तेजी से वृद्धि ने बाजार को अस्थिर बना दिया है।वे सलाह दे रहे हैं कि निवेशक इस समय High-Risk Stocks में निवेश से बचें और सुरक्षित विकल्प चुनें।क्योंकि अगर यह गिरावट जारी रही, तो यह एक Global Recession का रूप ले सकती है। अमेरिका में आई यह गिरावट सिर्फ शेयर बाजार की नहीं, बल्कि AI Revolution के Reality Check की निशानी है।बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ हफ्ते तय करेंगे कि यह गिरावट अस्थायी है या किसी बड़ी Economic Crisis की शुरुआत।दुनियाभर के निवेशक अब अमेरिकी अर्थव्यवस्था के हर कदम पर नज़र रख रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Elon Musk

Tesla से xAI तक की Journey Elon Musk बने दुनिया के सबसे Powerful CEO

दुनिया के सबसे इनोवेटिव और अमीर बिजनेसमैन Elon Musk ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है।वो अब कहलाए जा रहे हैं दुनिया के पहले “Trillion Dollar CEO”, जिनके पास है ऐसा टेक एम्पायर जो Electric Cars, Space Rockets, Artificial Intelligence, Brain Chips और Social Media—सब कुछ कवर करता है।एलन मस्क की सोच और उनकी कंपनियाँ आज दुनिया के टेक्नोलॉजी भविष्य की दिशा तय कर रही हैं। Tesla – Electric Car Company जिसने बदल दी Auto Industry 2003 में शुरू हुई Tesla Motors का मकसद था दुनिया को Petrol-Diesel से Electric Vehicles (EVs) की ओर ले जाना।Elon Musk ने 2004 में कंपनी में निवेश कर चेयरमैन का पद संभाला और 2008 में CEO बने।आज Tesla का मार्केट वैल्यू करीब 1.5 Trillion Dollar है, और कंपनी सिर्फ कारें नहीं बल्कि Solar Panels और Battery Storage Systems भी बनाती है। Tesla की सफलता ने दिखाया कि Clean Energy ही भविष्य है। SpaceX – Elon Musk का Space Dream 2002 में Elon Musk ने शुरू की SpaceX, जिसका मकसद था “Space को सस्ता और सबके लिए सुलभ बनाना।”SpaceX पहली ऐसी प्राइवेट कंपनी बनी जिसने रॉकेट को ऑर्बिट में भेजकर वापस पृथ्वी पर उतारा।कंपनी का बड़ा प्रोजेक्ट है Starlink, जो पूरी दुनिया में Satellite Internet पहुंचा रही है।आज SpaceX की वैल्यू लगभग 400 Billion Dollar है और Elon Musk के पास इसकी 42% हिस्सेदारी है। xAI – Artificial Intelligence में मस्क का नया दांव 2023 में Elon Musk ने लॉन्च की अपनी नई AI कंपनी xAI, जिसका लक्ष्य है “AI को Safe और Useful बनाना।”इसका सबसे चर्चित प्रोडक्ट है Grok, जो X App (Twitter) में चैटबॉट के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।कंपनी की वैल्यू लगभग 80 Billion Dollar बताई जा रही है, और मस्क इसमें लगभग 59% हिस्सेदारी रखते हैं। xAI के आने से Musk ने AI Industry में OpenAI और Google DeepMind को सीधी चुनौती दी है। Neuralink – Mind से Machine तक का सफर 2016 में मस्क ने शुरू की Neuralink, जो Brain-Computer Interface तकनीक पर काम कर रही है।इस टेक्नोलॉजी के ज़रिए इंसान अपने दिमाग के ज़रिए कंप्यूटर को कंट्रोल कर सकेगा।हाल ही में कंपनी ने अपने पहले मानव ट्रायल में सफलता हासिल की है।Neuralink की वैल्यू लगभग 9 Billion Dollar है और यह भविष्य में मेडिकल टेक्नोलॉजी की दिशा बदल सकती है। X (Twitter) – Social Media का Everything App 2022 में मस्क ने Twitter को 44 Billion Dollar में खरीदा और इसका नाम बदलकर X कर दिया।उनका विज़न है कि X App सिर्फ सोशल मीडिया नहीं बल्कि एक Everything App बने — जिसमें चैटिंग, पेमेंट, न्यूज और AI सब कुछ एक साथ हो।हालांकि X की वैल्यू घटकर 9.4 Billion Dollar रह गई है, लेकिन xAI के साथ मिलकर इसका कॉम्बाइंड वैल्यूएशन करीब 45 Billion Dollar है। The Boring Company – Traffic के खिलाफ Underground Revolution 2017 में मस्क ने लॉन्च की The Boring Company, जिसका लक्ष्य है Underground Tunnels बनाकर शहरों का ट्रैफिक कम करना।लास वेगास में बना “Vegas Loop Tunnel” इसका पहला सफल प्रोजेक्ट है।कंपनी की वैल्यू लगभग 5.6 Billion Dollar है और मस्क इसे भविष्य के Smart Cities की नींव मानते हैं। क्यों कहा जा रहा है Elon Musk को ‘Trillion Dollar CEO’? एलन मस्क को Tesla की ओर से मिला $1 Trillion का Pay Package इतिहास का सबसे बड़ा कॉर्पोरेट बोनस माना जा रहा है।उनकी सभी कंपनियों — Tesla, SpaceX, xAI, Neuralink, X और The Boring Company — की कुल वैल्यू मिलाकर वो एक Trillion Dollar Empire के मालिक बन गए हैं।उनका साम्राज्य अब कई देशों की GDP से भी बड़ा है। Global Impact: कैसे बदला मस्क ने टेक वर्ल्ड Elon Musk सिर्फ एक बिजनेसमैन नहीं, बल्कि Visionary Innovator हैं, जिन्होंने Tech World की परिभाषा बदल दी।Tesla से xAI तक, उनका हर कदम यह साबित करता है कि भविष्य उन्हीं का है जो “बड़े सपने देखने की हिम्मत रखते हैं।”आज एलन मस्क सिर्फ एक इंसान नहीं, बल्कि एक “One-Man Tech Revolution” बन चुके हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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MSCI

Today Market Highlights MSCI Index में Indian Companies की Entry से निवेशकों को उम्मीद

आज का शेयर बाजार अपडेट (Stock Market Update Today) गुरुवार, 6 नवंबर 2025 को भारतीय शेयर बाजार में हल्की गिरावट देखने को मिली। BSE Sensex और NSE Nifty दोनों सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। सुबह के कारोबार में बाजार में उतार-चढ़ाव रहा, लेकिन दिन के अंत तक मुनाफावसूली हावी रही। Sensex-Nifty की स्थिति कारोबार के दौरान Nifty 50 लगभग 25,546 अंकों पर 51 अंकों की गिरावट के साथ ट्रेड करता दिखा। वहीं, Sensex भी मामूली नुकसान के साथ बंद हुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट का असर समग्र बाजार पर दिखाई दिया। सेक्टरवार रुझान (Sector-wise Trend) आज के कारोबार में Metal, Media और Energy सेक्टर में सबसे ज्यादा कमजोरी रही। दूसरी ओर, FMCG, IT, Auto और Oil & Gas सेक्टर ने बाजार को संभालने की कोशिश की। निवेशकों का फोकस प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजों पर बना हुआ है। Britannia के शानदार नतीजे (Britannia Q2 Results) Britannia Industries ने दूसरी तिमाही (Q2) में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट 23% बढ़कर ₹655 करोड़ पहुंच गया। इन मजबूत नतीजों से FMCG सेक्टर में तेजी देखने को मिली और निवेशकों को भरोसा मिला। Ola Electric और अन्य अपडेट्स Ola Electric की आय में साल-दर-साल करीब 43% की गिरावट देखने को मिली, हालांकि कंपनी का घाटा कुछ हद तक घटा है।वहीं, कई भारतीय कंपनियों के MSCI Index में शामिल होने की खबर से निवेशकों के मनोबल में सुधार देखा गया, जिससे विदेशी निवेश (FII inflows) को लेकर उम्मीदें बढ़ीं। ग्लोबल मार्केट्स का असर वैश्विक बाजारों में आज सकारात्मक रुझान रहे। जापान का Topix इंडेक्स 1.1% और दक्षिण कोरिया का Kospi 1% ऊपर रहा। एशियाई बाजारों की मजबूती ने भारतीय बाजार को सपोर्ट दिया, हालांकि घरेलू स्तर पर मुनाफावसूली ने बढ़त सीमित कर दी। निवेशकों के लिए सलाह (Investor Takeaway) विश्लेषकों का कहना है कि बाजार फिलहाल रेंज-बाउंड ट्रेडिंग में रहेगा। कंपनियों के Q2 नतीजे और अंतरराष्ट्रीय संकेत बाजार की दिशा तय करेंगे। ऐसे में निवेशकों को FMCG, Auto और IT सेक्टर में चुनिंदा शेयरों पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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SBI

Business News शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव, SBI और Mahindra के मुनाफे से निवेशकों को राहत

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) आज हल्की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। कमजोर ग्लोबल संकेतों (Global Cues) और निवेशकों की प्रॉफिट बुकिंग के चलते Sensex और Nifty दोनों इंडेक्स लाल निशान में खुले। हालांकि, SBI और Mahindra & Mahindra (M&M) के तगड़े तिमाही नतीजों (Quarterly Results) ने बाजार को कुछ हद तक सपोर्ट दिया। Sensex-Nifty में गिरावट | Stock Market Updates आज सुबह बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का Sensex लगभग 320 अंकों की गिरावट के साथ 83,657 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का Nifty 50 करीब 25,650 अंक पर ट्रेड कर रहा था, जो लगभग 0.4% की गिरावट को दर्शाता है। ग्लोबल मार्केट्स (Global Markets) में कमजोरी, अमेरिकी फ्यूचर्स में गिरावट और एशियाई बाजारों की सुस्ती ने भारतीय बाजारों की धारणा को कमजोर किया। Sector Performance: Banking, IT और Auto Stocks में गिरावट आज के कारोबार में Banking, IT और Auto सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला।हालांकि, SBI और M&M जैसे मजबूत शेयरों ने गिरावट को सीमित रखा। SBI Q2 Results: मुनाफे में 10% की बढ़त देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक State Bank of India (SBI) ने सितंबर तिमाही (Q2FY25) में शानदार प्रदर्शन किया।बैंक का नेट प्रॉफिट 10% बढ़कर ₹20,160 करोड़ हो गया है।यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से Yes Bank में हिस्सेदारी की बिक्री और लोन ग्रोथ के कारण हुई है। Mahindra & Mahindra Results: SUV Sales से तगड़ा मुनाफा ऑटो सेक्टर की दिग्गज कंपनी Mahindra & Mahindra (M&M) ने भी उम्मीद से बेहतर नतीजे दिए हैं।कंपनी का शुद्ध मुनाफा 18% बढ़कर ₹4,521 करोड़ पहुंच गया, जिसका श्रेय कंपनी की मजबूत SUV बिक्री और बढ़ती मांग को जाता है। Indian Rupee Update: डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ रुपया फॉरेक्स मार्केट में आज भारतीय रुपया (Indian Rupee) डॉलर के मुकाबले ₹88.64 प्रति डॉलर के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।रुपये की मजबूती ने विदेशी निवेशकों (FII) के भरोसे को थोड़ी राहत दी है। Market Outlook: निवेशकों को क्या करना चाहिए? एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अक्टूबर की तेज रैली के बाद अब बाजार कंसोलिडेशन फेज में है।कमजोर ग्लोबल संकेतों के बावजूद, मजबूत कॉर्पोरेट रिजल्ट्स और स्थिर रुपया Long-Term Investors के लिए पॉजिटिव फैक्टर बने हुए हैं।हालांकि, आने वाले दिनों में Volatility बनी रह सकती है। आज के ट्रेडिंग सेशन में निवेशकों का मूड मिला-जुला रहा।जहां SBI और M&M जैसे स्टॉक्स ने मजबूती दिखाई, वहीं ग्लोबल कमजोरी ने इंडेक्स पर दबाव बनाए रखा।कुल मिलाकर, भारतीय शेयर बाजार फिलहाल स्थिर लेकिन सावधान रुख के साथ आगे बढ़ रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold Rate Today 4 नवंबर को सस्ता हुआ Gold-Silver, लेटेस्ट MCX रेट

4 नवंबर 2025, सोमवार को भारत के सर्राफा बाजार (Bullion Market) में सोना (Gold) और चांदी (Silver) दोनों की कीमतों में मामूली गिरावट देखी गई। MCX (Multi Commodity Exchange) पर भी आज गोल्ड-सिल्वर के फ्यूचर्स रेट्स में हल्की कमी दर्ज की गई है। MCX Gold Silver Rate Today (4 November 2025) दोनों की कीमतों में करीब ₹150 से ₹200 तक की गिरावट आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि डॉलर की मजबूती और अंतरराष्ट्रीय मार्केट में दबाव की वजह से सोने और चांदी की कीमतों में यह गिरावट दर्ज की गई है। शहरों में आज के Gold Rate (4 Nov 2025) देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के रेट इस प्रकार रहे – शहर 24 कैरेट गोल्ड (₹/10 ग्राम) 22 कैरेट गोल्ड (₹/10 ग्राम) दिल्ली ₹63,500 ₹58,250 मुंबई ₹63,350 ₹58,100 चेन्नई ₹63,800 ₹58,500 कोलकाता ₹63,400 ₹58,200 भोपाल ₹63,450 ₹58,250 Silver Rate Today (चांदी के रेट आज) आज चांदी के भाव में भी मामूली गिरावट आई है। देशभर में औसत कीमत लगभग ₹1,51,000 प्रति किलोग्राम रही। MCX पर सिल्वर दिसंबर फ्यूचर्स ₹74,600 प्रति किलो के आसपास ट्रेड कर रहे थे। क्यों गिरे Gold-Silver के दाम? बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, हाल ही में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। वहीं, त्योहारी सीजन (Festive Season) के बाद घरेलू मांग में हल्की कमी आई है, जिससे कीमतों में गिरावट देखने को मिली। निवेशकों के लिए सुझाव जानकारों का कहना है कि सोना और चांदी दोनों ही लॉन्ग टर्म निवेश के लिए अभी भी बेहतर विकल्प हैं। अगर आप गोल्ड में निवेश करना चाहते हैं तो यह गिरावट एक अच्छा अवसर हो सकता है। हालांकि, शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बनी रह सकती है, इसलिए निवेश से पहले विशेषज्ञ की राय लें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold Silver Price Today एमसीएक्स पर सोने और चांदी के दाम गिरे,खरीदने का सुनहरा मौका

31 अक्टूबर 2025, शुक्रवार — दिवाली सीजन से पहले सोने और चांदी की कीमतों में आज हल्की गिरावट देखने को मिली है। Multi Commodity Exchange (MCX) और बाजार दोनों में कीमती धातुओं के भाव नीचे आए हैं। डॉलर के मजबूत होने और निवेशकों की मुनाफावसूली से सोना और चांदी पर दबाव बना हुआ है। Gold Price Today (सोने का भाव) आज एमसीएक्स (MCX) पर Gold December Futures की कीमत करीब ₹1,21,148 प्रति 10 ग्राम रही।वहीं, रिटेल मार्केट में 24 कैरेट और 22 कैरेट गोल्ड के रेट इस प्रकार हैं – शहरों के हिसाब से इन दामों में थोड़ी बहुत बढ़ोतरी या कमी देखी जा सकती है। Silver Price Today (चांदी का भाव) सोने के साथ-साथ चांदी में भी गिरावट आई है। एमसीएक्स पर Silver December Futures की कीमत करीब ₹1,48,140 प्रति किलो दर्ज की गई।वहीं, फिजिकल मार्केट में चांदी का भाव लगभग ₹1,51,000 प्रति किलो यानी ₹151 प्रति ग्राम चल रहा है। क्यों घटे सोने-चांदी के रेट? एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने, ग्लोबल मार्केट में स्थिरता आने और ब्याज दरों में बदलाव की अटकलों के कारण कीमती धातुओं पर दबाव देखा जा रहा है। कई निवेशकों ने हालिया बढ़त के बाद मुनाफावसूली शुरू कर दी है, जिससे कीमतें नीचे आई हैं। आने वाले दिनों में क्या रहेगा ट्रेंड? मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि नवंबर में त्योहारों और शादी के सीजन के चलते सोने की मांग बढ़ेगी। ऐसे में आने वाले हफ्तों में Gold Price में फिर तेजी देखने को मिल सकती है। निवेशक और खरीदार दोनों ही इस समय को अच्छा अवसर मान सकते हैं। आज यानी 31 अक्टूबर 2025 (Gold Silver Rate Today) को सोने और चांदी दोनों कीमती धातुओं के दामों में गिरावट देखी गई है। निवेशकों के लिए यह मुनाफावसूली का समय है, जबकि खरीदारों के लिए Sona Chandi खरीदने का बेहतरीन मौका है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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बिलासपुर केंद्रीय जेल से 19 बंदी रिहा, 15 से 16 साल की सजा काटने के बाद मिली मुक्ति

बिलासपुर केंद्रीय जेल में लंबे समय से बंद 19 पुरुष बंदियों को शुक्रवार को रिहा कर दिया गया। ये बंदी 15 से 16 साल तक जेल में सजा काट चुके थे। सजा की अवधि पूरी होने के बावजूद शासन स्तर से माफी संबंधी स्वीकृति नहीं मिलने के कारण उनकी रिहाई लंबित थी। जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता के निरीक्षण के दौरान यह मामला सामने आया था। इसके बाद संबंधित बंदियों के प्रकरणों की समीक्षा की गई और रिहाई का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। स्वीकृति मिलने के बाद सभी 19 बंदियों को जेल से रिहा कर दिया गया। बंदियों से बातचीत में सामने आई थी समस्या केंद्रीय जेल के निरीक्षण के दौरान जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता ने बंदियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी थीं। इस दौरान कुछ बंदियों ने बताया कि वे अपनी सजा की अवधि पूरी कर चुके हैं, लेकिन माफी संबंधी स्वीकृति नहीं मिलने के कारण उनकी रिहाई नहीं हो पा रही है। मामले की जानकारी मिलने के बाद संबंधित बंदियों के आचरण और जेल के अभिलेखों की जांच कराई गई। परीक्षण के दौरान अच्छे आचरण वाले और अधिक उम्र के बंदियों के प्रकरणों पर विचार करते हुए रिहाई के प्रस्ताव तैयार किए गए और शासन को भेजे गए। परिवार के बीच लौटकर नई शुरुआत का अवसर शासन से स्वीकृति मिलने के बाद शुक्रवार को 19 पुरुष बंदियों की रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद अब ये बंदी अपने परिवारों के बीच लौट सकेंगे और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर नई शुरुआत कर सकेंगे। रिहाई के दौरान केंद्रीय जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी, जेलर विजयानंद सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों के अनुसार, सभी 19 बंदियों को शासन के निर्देश पर रिहा किया गया है।

ग्वालियर के दारुल कुरआन मदरसे पर कार्रवाई की मांग, 4 दिन में तालाबंदी का अल्टीमेटम

ग्वालियर के एजी ऑफिस स्थित ‘दारुल कुरआन’ मदरसे में मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम के निरीक्षण के बाद विवाद बढ़ गया है। मदरसे में बच्चों की देखरेख, साफ-सफाई और जरूरी दस्तावेजों को लेकर सामने आई कथित अनियमितताओं के विरोध में राष्ट्रीय सनातन सेना ने प्रदर्शन किया। संगठन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि चार दिन के भीतर मदरसे पर ताला नहीं लगाया गया, तो उसके कार्यकर्ता खुद तालाबंदी करेंगे। संगठन के पदाधिकारियों ने बच्चों के साथ किसी भी तरह की गलत हरकत सामने आने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की। निरीक्षण के दौरान मिले थे 26 बच्चे शुक्रवार को मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता ने बाल कल्याण समिति (CWC) की टीम के साथ मदरसे का औचक निरीक्षण किया था। मौके पर 4 से 14 वर्ष की उम्र के 8 बच्चियां और 18 बच्चे मिले थे। इस तरह कुल 26 बच्चे मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि रजिस्टर्ड 15 बच्चियों में से मौके पर केवल 8 मौजूद थीं। खबर के अनुसार, कुछ बच्चियों को पिछले रास्ते से बाहर भेजे जाने की आशंका भी जताई गई। हालांकि, इस संबंध में जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी हैं। टीम के मुताबिक, मदरसा प्रबंधन मौके पर मान्यता और पंजीकरण से जुड़े जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। बच्चों की सुरक्षा और संस्थान के संचालन से संबंधित पहलुओं की जांच की जा रही है। रसोई और टॉयलेट में मिली गंदगी निरीक्षण के दौरान टीम को रसोईघर और टॉयलेट में गंदगी मिली। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ जगहों पर दरवाजे भी नहीं थे। बच्चों के सोने की व्यवस्था पर भी सवाल उठे। बताया गया कि 42 पंजीकृत बच्चों के लिए एक छोटे हॉल में पलंग के बजाय पतली चादरों पर सोने की व्यवस्था थी। इन स्थितियों को लेकर बाल अधिकारों और बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही बुनियादी सुविधाओं पर सवाल उठाए गए हैं। राष्ट्रीय सनातन सेना ने की सख्त कार्रवाई की मांग राष्ट्रीय सनातन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवती शुक्ला ने मदरसे में कथित अनियमितताओं पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की। संगठन ने आरोप लगाया कि ऐसे संस्थानों में बच्चों को भड़काऊ शिक्षा दी जा रही है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। फिलहाल, मदरसे के संचालन, निर्माण, जमीन और फंडिंग के स्रोतों से जुड़े पहलुओं की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई और आधिकारिक निष्कर्षों पर नजर रहेगी।
Vishwas Sarang

Vishwas Sarang खेड़ापति हनुमान मंदिर पहुंचे मंत्री, कॉरिडोर और दशहरा मैदान का लिया जायजा

राजधानी भोपाल के छोला स्थित श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर को आने वाले समय में नई पहचान मिलने जा रही है। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से यहां भव्य श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। मंत्री विश्वास सारंग (Vishwas Sarang) ने रावतपुरा सरकार के साथ मंदिर में दर्शन किए और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों और छोला दशहरा मैदान का निरीक्षण कर अधिकारियों से परियोजना की प्रगति की जानकारी ली। इस परियोजना का मकसद सिर्फ मंदिर परिसर का विस्तार करना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को बेहतर दर्शन व्यवस्था, आधुनिक सुविधाएं और धार्मिक वातावरण उपलब्ध कराना भी है। योजना को ‘विरासत भी और विकास भी’ की भावना के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। 100 करोड़ रुपये से बदलेगा खेड़ापति हनुमान मंदिर का स्वरूप श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर को लगभग 21 एकड़ क्षेत्र में विकसित करने की योजना है। जुलाई 2026 में प्रकाशित परियोजना संबंधी रिपोर्टों के अनुसार, इसके निर्माण में राजस्थान के व्हाइट मार्बल और प्राचीन नागर शैली की वास्तुकला का इस्तेमाल किया जाना है। मंत्री विश्वास सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूरा किया जाए और गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न हो। साथ ही मंदिर के पुराने गर्भगृह की मूल संरचना और धार्मिक स्वरूप को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया है। सुंदरकांड की झलक से सजेगा भव्य कॉरिडोर हनुमान लोक कॉरिडोर की खास बात यह होगी कि इसमें सुंदरकांड से जुड़े प्रसंगों की झलक देखने को मिलेगी। इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव भी मिलेगा। कॉरिडोर को पारंपरिक वास्तुकला और आधुनिक निर्माण के मेल से विकसित करने की योजना है। इससे मंदिर परिसर की सुंदरता बढ़ने के साथ भोपाल की धार्मिक पहचान को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं को मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं परियोजना के तहत श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई तरह के विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य खासतौर पर धार्मिक आयोजनों और त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं को होने वाली परेशानियों को कम करना है। Chhola Dussehra Maidan का भी होगा विकास मंत्री विश्वास सारंग ((Vishwas Sarang)) ने छोला दशहरा मैदान का भी निरीक्षण किया। योजना के तहत मैदान के खुले स्वरूप को बनाए रखते हुए सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित की जानी हैं। यहां दर्शक दीर्घा, मंच और दशहरा जैसे आयोजनों के लिए आवश्यक अधोसंरचना तैयार करने की योजना है। इससे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। स्थानीय लोगों और कारोबारियों का भी रखा जाएगा ध्यान निर्माण कार्यों के दौरान श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय रहवासियों और व्यापारियों की सुविधाओं का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि यातायात व्यवस्था सुचारु रहे और लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। परियोजना से संबंधित पूर्व में प्रकाशित जानकारी में दर्शक दीर्घा के नीचे 100 से अधिक दुकानों के निर्माण का प्रस्ताव भी सामने आया था। इसका उद्देश्य स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। Bhopal की धार्मिक पहचान को मिलेगी नई पहचान श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर भोपाल के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। ऐसे में कॉरिडोर का विकास शहर के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद मंदिर परिसर में दर्शन व्यवस्था और सार्वजनिक आयोजनों के लिए सुविधाओं में सुधार होने की उम्मीद है। हालांकि, निर्माण पूरा होने की निश्चित तारीख और वर्तमान प्रगति की ताजा आधिकारिक स्थिति की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। कुल मिलाकर, श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर भोपाल में आस्था और आधुनिक विकास को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण परियोजना है। अब श्रद्धालुओं को इंतजार है कि यह भव्य परिसर कब पूरी तरह तैयार होकर उनके लिए नई सुविधाओं के साथ खुलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Philippines

Philippines Plane Crash: ट्रेनिंग के दौरान बड़ा हादसा, 4 पायलटों की गई जान

फिलीपींस (Philippines) से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां ट्रेनिंग के दौरान वायुसेना के दो सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गए। इस हादसे में चार पायलटों की मौत हो गई। घटना के बाद फिलीपींस एयर फोर्स ने एहतियात के तौर पर SF-260 ट्रेनिंग विमानों की उड़ान पर रोक लगा दी है। वहीं, दुर्घटना की असली वजह जानने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। Philippines Plane Crash: कहां और कब हुआ हादसा? यह हादसा 23 अक्टूबर 2026 को फिलीपींस के बटांगस प्रांत के लिपा शहर में स्थित फर्नांडो एयर बेस के पास हुआ। वायुसेना के अनुसार, दुर्घटना स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 3:51 बजे हुई। दोनों विमान ट्रेनिंग फ्लाइट पर थे। शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि उड़ान के दौरान दोनों विमान हवा में टकरा गए, जिसके बाद वे दुर्घटनाग्रस्त हो गए। हालांकि, टक्कर किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे क्या वजह थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। हादसे में चार पायलटों की मौत इस दुर्घटना में दोनों विमानों में सवार चारों पायलटों की जान चली गई। इस खबर के सामने आने के बाद वायुसेना ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। अधिकारियों ने परिवारों को जरूरी सहायता देने की बात भी कही है। वायुसेना के मुताबिक, हादसा एयर बेस की सीमा के भीतर हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, जमीन पर मौजूद किसी अन्य व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है। दुर्घटना के बाद SF-260 विमानों की उड़ान पर रोक हादसे के बाद फिलीपींस एयर फोर्स ने एहतियाती कदम उठाते हुए SF-260 ट्रेनिंग विमानों के पूरे बेड़े की उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी हैं। जांच के दौरान इन विमानों को उड़ान भरने की अनुमति नहीं होगी। इस फैसले का उद्देश्य दुर्घटना की वजह का पता लगाना और विमानों की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की जांच करना है। फिलहाल तकनीकी खराबी, मानवीय चूक या किसी अन्य कारण की पुष्टि नहीं हुई है। जांच के नतीजे आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पहले भी हो चुका है SF-260 विमान हादसा फिलीपींस में SF-260 विमान से जुड़ी दुर्घटना पहले भी सामने आ चुकी है। मई 2026 में उत्तरी फिलीपींस के बेंगुएट प्रांत में एक ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। उस हादसे में दो सैन्य पायलटों की मौत हुई थी। ताजा दुर्घटना के बाद सैन्य ट्रेनिंग विमानों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। जांच के बाद सामने आएगी हादसे की वजह फिलीपींस एयर फोर्स ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि दोनों विमान किस परिस्थिति में दुर्घटनाग्रस्त हुए और क्या इसमें किसी तकनीकी समस्या की भूमिका थी। फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि हादसे में चार पायलटों की जान चली गई है। वायुसेना ने संबंधित विमानों की उड़ान रोक दी है और जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Yogi Adityanath

Yogi Adityanath जिस जमीन पर था भू-माफिया का कब्जा, वहां अब बना फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने भू-माफिया से सरकारी जमीन वापस लेने की कहानी सुनाते हुए बताया कि जिस जमीन को कभी कब्जे से मुक्त कराना मुश्किल हो रहा था, आज उसी पर स्टेट फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट (State Forensic Science Institute) बनाया गया है। इस उदाहरण के जरिए उन्होंने प्रदेश में जमीनों को कब्जे से मुक्त कराने, कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों का जिक्र किया। सीएम योगी ने यह बात 15 जून 2026 को लखनऊ में आयोजित डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग ‘त्रिवेणी’ के समापन सत्र में कही। उन्होंने बताया कि सरकारी जमीन को वापस लेकर उसका इस्तेमाल एक महत्वपूर्ण संस्थान बनाने के लिए किया गया। कैसे भू-माफिया के कब्जे में पहुंची सरकारी जमीन? लखनऊ के सरोजनी नगर इलाके में स्थित इस जमीन का मामला कई साल पुराना है। रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 57 एकड़ जमीन वर्ष 1955 में एक ट्रैक्टर कंपनी को 10 साल की लीज पर दी गई थी। लीज की अवधि पूरी होने के बाद जमीन ग्राम सभा के नाम दर्ज की गई। बाद में जमीन के दस्तावेजों में कथित हेराफेरी कर उसे दूसरे नाम पर दर्ज कराने के आरोप सामने आए। जांच में जमीन को वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज कराने और फिर रियल एस्टेट कंपनियों के बीच हस्तांतरित करने से जुड़े आरोपों की पड़ताल की गई। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर शिकायतें हुईं। इसके बाद प्रशासन और पुलिस ने दस्तावेजों की जांच शुरू की। जमीन के स्वामित्व और कथित अवैध हस्तांतरण का मामला प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंचा। 2015 में वापस मिली जमीन, फिर शुरू हुई संस्थान बनाने की तैयारी उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 17 दिसंबर 2015 को जिला प्रशासन ने जमीन को कब्जे से मुक्त कराया। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई थी। कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई। जमीन वापस मिलने के बाद इसके इस्तेमाल को लेकर योजना बनाई गई। आगे चलकर इसी जगह उत्तर प्रदेश स्टेट फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट स्थापित करने का फैसला हुआ। यह मामला इसलिए भी चर्चा में आया, क्योंकि जमीन को लेकर विवाद और कब्जे की शिकायतों के बाद उसका इस्तेमाल सार्वजनिक उद्देश्य के लिए किए जाने की योजना बनी। ₹200 करोड़ की लागत से बना Forensic Science Institute लखनऊ के सरोजनी नगर में इस संस्थान की आधारशिला 1 अगस्त 2021 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रखी थी। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। शुरुआती रिपोर्टों में परियोजना की लागत करीब 200 करोड़ रुपये बताई गई थी। संस्थान का उद्देश्य फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में विशेषज्ञ तैयार करना और पुलिस व जांच एजेंसियों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना है। यहां वैज्ञानिक जांच, साइबर सुरक्षा और अपराध से जुड़े साक्ष्यों के विश्लेषण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। आज के समय में आपराधिक मामलों की जांच केवल गवाहों और बयानों तक सीमित नहीं है। डीएनए जांच, डिजिटल साक्ष्य और दूसरे वैज्ञानिक तरीकों की मदद से जांच को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। ऐसे संस्थान इसी जरूरत को पूरा करने में अहम भूमिका निभाते हैं। CM Yogi ने क्यों सुनाया जमीन का यह किस्सा? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस उदाहरण के जरिए बताया कि सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराकर उसका इस्तेमाल विकास कार्यों में किया जा सकता है। उनके बयान का मुख्य संदेश यह था कि जिस जमीन पर कभी कब्जे की समस्या थी, उसी पर अब शिक्षा और आधुनिक तकनीक से जुड़ा संस्थान बनाया गया है। सीएम योगी ने इसे प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुधारने और भू-माफिया के खिलाफ कार्रवाई से जोड़कर पेश किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास, डिफेंस कॉरिडोर और ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। हालांकि, जमीन से जुड़े आरोपों और कानूनी दावों को समझने के लिए प्रशासनिक रिकॉर्ड तथा जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण हैं। भू-माफिया से मुक्त जमीन पर आवास योजना भी चर्चा में उत्तर प्रदेश में कब्जे से मुक्त कराई गई जमीनों का सार्वजनिक इस्तेमाल हाल के महीनों में भी चर्चा में रहा है। अक्टूबर 2026 में प्रयागराज के कसारी-मसारी इलाके में माफिया अतीक अहमद से जुड़ी बताई गई जमीन पर आवासीय परियोजना की शुरुआत की खबर सामने आई। 15 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पद्मलोक आवास योजना के तहत 602 फ्लैटों की परियोजना का भूमि पूजन किया। परियोजना की लागत 191 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई। इसी दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पीपलगांव में बने 556 घरों के लाभार्थियों को चाबियां सौंपने की जानकारी भी सामने आई। इन परियोजनाओं को राज्य सरकार जमीन के इस्तेमाल को आम लोगों के आवास और विकास से जोड़ने के उदाहरण के तौर पर पेश कर रही है। सरकारी जमीन से संस्थान तक, क्या है इस खबर का महत्व? लखनऊ के फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट की कहानी में जमीन का पुराना विवाद, प्रशासनिक कार्रवाई और सार्वजनिक उपयोग के लिए संस्थान बनाने की प्रक्रिया शामिल है। यह मामला दिखाता है कि सरकारी जमीन को लेकर विवाद सुलझने के बाद उसका इस्तेमाल शिक्षा और वैज्ञानिक जांच जैसी जरूरतों के लिए किया जा सकता है। सीएम योगी के बयान ने इस पुराने मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। अब यह कहानी सिर्फ जमीन वापस लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि इस बात पर भी ध्यान खींचती है कि सरकारी संपत्ति का इस्तेमाल किस तरह सार्वजनिक सुविधाओं के निर्माण में किया जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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