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Stock Market

विदेशी फंड आउटफ्लो Indian Stock Market में गिरावट और निवेशकों की चिंता

भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market ) में शुरुआती कारोबार में गिरावट देखने को मिली। विदेशी संस्थागत निवेशकों (Foreign Institutional Investors – FIIs) के लगातार निवेश वापस लेने (Outflow) के कारण बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों सूचकांक नुकसान में रहे। FII बिकवाली के कारण विशेषज्ञों के अनुसार, यह बिकवाली वैश्विक और घरेलू दोनों कारणों से हो रही है: बाजार पर असर विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार में Liquidity कम हो रही है और निवेशकों का मनोबल प्रभावित हो रहा है। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशक (Domestic Institutional Investors – DIIs) इस समय बाजार में कदम रख सकते हैं और संभावित गिरावट को संतुलित कर सकते हैं। कौन से सेक्टर्स सबसे प्रभावित? सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट का सबसे ज्यादा असर Financial Sector और Export-oriented कंपनियों पर देखा गया। विश्लेषकों का कहना है कि यदि FIIs निवेश लौटाना शुरू कर दें तो बाजार में तेजी आ सकती है, जबकि बिकवाली जारी रहने पर सूचकांक में और गिरावट संभव है। निवेशकों के लिए सलाह भारत में विदेशी निवेश लंबे समय तक आकर्षक माना जाता रहा है, लेकिन वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और जोखिम के कारण अस्थायी निकासी की स्थिति सामने आई है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे Stock Market Decisions में जल्दबाजी न करें और दीर्घकालिक रुझानों पर ध्यान दें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump

Crypto Crash Donald Trump की अरबों डॉलर की संपत्ति कैसे हुई कम?

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump इन दिनों अपनी net worth में जबरदस्त गिरावट को लेकर सुर्खियों में हैं। Crypto Market Crash और उनकी कंपनी Trump Media & Technology Group (TMTG) के शेयरों में भारी गिरावट ने उनकी संपत्ति को हिला दिया है। यही वजह है कि ट्रम्प की कुल संपत्ति में अरबों डॉलर की कमी आ गई है—और इसका असर अब दुनिया भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। Trump की Net Worth को क्या हुआ? Forbes के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, Donald Trump की नेटवर्थ में लगभग $1.1 बिलियन (≈ ₹9,800 करोड़) की भारी गिरावट आई है।पिछले कुछ महीनों में उनकी संपत्ति $7.3 बिलियन से गिरकर $6.2 बिलियन तक पहुँच गई है। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह सिर्फ TMTG के शेयरों का डूबना नहीं है, बल्कि Bitcoin और अन्य क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में ताबड़तोड़ गिरावट भी है। Crypto Market Crash: गिरावट जिसने Trump की दौलत को हिला दिया बीते कुछ हफ्तों में Bitcoin की कीमत $1,25,000 से गिरकर करीब $86,000 तक आ गई।Crypto Market से लगभग $1.2 ट्रिलियन का मूल्य मिट गया। Trump और उनके बेटों के पास क्रिप्टो-लिंक्ड प्रोजेक्ट World Liberty Financial में बड़ा टोकन होल्डिंग था।जब Bitcoin और altcoins गिरे—उनकी digital wealth भी डूब गई। Trump Media Group की गिरावट: दोहरा झटका Trump Media & Technology Group के शेयर पिछले एक महीने में लगभग 35% और छह महीनों में 55% तक गिर चुके हैं।ये शेयर Trump की कुल संपत्ति में बड़ा हिस्सा रखते थे—इसलिए जब कंपनी का स्टॉक गिरा, net worth भी तेज़ी से नीचे आ गई। क्यों बढ़ी ये गिरावट? 1. Crypto Volatility Crypto का बाजार तेज़ी से ऊपर जाता है—but उतनी ही तेजी से नीचे भी आता है। 2. Regulatory Fear अमेरिका और अन्य देशों में crypto पर regulation सख्त होने की आशंका बढ़ी—निवेशक डरकर बाहर निकलने लगे। 3. Trump के बड़े Crypto Plans Trump की कंपनी TMTG ने crypto में भारी निवेश और Bitcoin खरीद की प्लानिंग की थी।बाज़ार गिरा—और योजनाएँ भी लड़खड़ा गईं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Market

Market Highlights Nifty ने बनाया Historic High, लेकिन Midcap-Smallcap शेयर दबाव में हैं

Share Market में आज एक बार फिर दमदार तेजी देखने को मिली। Nifty 50 और Bank Nifty दोनों ने नया रिकॉर्ड बनाकर निवेशकों में उत्साह भर दिया। हालांकि, broader market में कमजोरी भी साफ दिखी। यहां पूरी खबर को SEO-friendly और आसान भाषा में समझें। Nifty ने छू लिया नया Record High आज के ट्रेडिंग सत्र में Nifty 50 ने 26,277 के पास पहुंचकर नया रिकॉर्ड बनाया। यह रैली मुख्य रूप से बड़े-कैप शेयरों की वजह से देखने को मिली। किस-किस सेक्टर में जोरदार तेजी? इन सेक्टर्स में मजबूत खरीदारी ने इंडेक्स को ऊपर धकेला। Bank Nifty भी All-Time High पर पहुंचा Banking शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली, जिसके चलते Bank Nifty ने भी नई ऊंचाई छू ली।HDFC Bank, ICICI Bank, Kotak Bank जैसे बड़े शेयरों ने इंडेक्स को मजबूती दी। Market Breadth कमजोर, सतर्क रहने की जरूरत हालांकि हेडलाइन इंडेक्स मजबूत दिखाई दिए, लेकिन broader market कमजोर रहा।बहुत से midcap और smallcap शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इससे साफ पता चलता है कि यह रैली कुछ चुनिंदा बड़े शेयरों पर आधारित है। इसलिए निवेशकों को थोड़ा सावधान रहना चाहिए। टेक्निकल संकेत: आगे क्या? विशेषज्ञों के अनुसार, Nifty का अगला रेजिस्टेंस ज़ोन 26,000–26,100 के आसपास है।अगर इंडेक्स इस स्तर को बनाए नहीं रख पाया, तो profit booking और हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है। निवेशकों के लिए बड़ा संदेश आज का बाजार सत्र भारत की आर्थिक मजबूती और निवेशक विश्वास दोनों को दिखाता है।Nifty 50 और Bank Nifty के रिकॉर्ड हाई से जरूर पॉजिटिव सेंटिमेंट बना है, लेकिन broader market की कमजोरी निवेशकों को सावधान रहने का संकेत देती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Nifty

Market Update Bank Shares में Boom, IT Sector Pressure से Nifty की चाल धीमी

भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार की मिड-मॉर्निंग ट्रेडिंग में हल्की बढ़त दिखाई। एक तरफ Banking और Financial stocks ने मार्केट को सपोर्ट दिया, वहीं दूसरी ओर IT, Metal और Auto shares पर दबाव बना रहा। समग्र रूप से बाजार का मूड पॉज़िटिव रहा, लेकिन निवेशकों में सावधानी भी दिखी। Banking Sector बना मार्केट का Strong Performer Mid-cap और Small-cap Stocks में जोरदार Interest IT Stocks बने Market Drag — 1% से ज्यादा गिरावट Overall Market Mood: Positive but Cautious हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold Price Drop Today सोने का भाव गिरा, चांदी भी हुई सस्ती

17 नवंबर 2025 को भारत के सोना-चांदी बाजार में हल्की गिरावट (price drop) देखने को मिली। वैश्विक बाजार में डॉलर मजबूत होने और फेडरल रिज़र्व के रुख के कारण घरेलू बाजार में भी सोना-चांदी के दाम दबाव में रहे। आइए जानते हैं आज के ताज़ा रेट और बाजार की पूरी स्थिति। आज सोने का भाव (Gold Price Today) आज प्रमुख शहरों में सोने की कीमत में मामूली कमी दर्ज हुई। 24 कैरेट Gold Rate 22 कैरेट Gold Rate कीमत घटने की वजह आज चांदी का भाव (Silver Price Today) सोने की तरह चांदी के बाजार में भी गिरावट का रुख रहा। Silver Rate कम दामों के कारण चांदी में निवेशकों की fresh buying बढ़ने की उम्मीद है। Market Analysis: आज क्यों गिर रहे हैं Sona-Chandi के दाम? खरीदारों के लिए Good News आज भारत में सोना-चांदी की कीमतों में मामूली गिरावट है, जो खरीदारों के लिए फायदेमंद समय साबित हो सकता है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय संकेतों और डॉलर की मजबूती पर कड़ी नजर रखना जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Indian Market

Indian Market Today Moody’s Outlook और Bihar Results से Market Sentiment मजबूत

Indian Market ने शुक्रवार को शानदार रिकवरी दर्ज की। Sensex दिन के लो लेवल से 250 पॉइंट ऊपर चढ़ा, जबकि Nifty 25,800 के पार निकल गया। मार्केट में यह तेजी मुख्य रूप से बिहार चुनाव के रुझानों, Moody’s के सकारात्मक आउटलुक और Value Buying की वापसी से देखने को मिली। Bihar Election Results ने बढ़ाया Market का Confidence सुबह आए रुझानों में NDA की मजबूत बढ़त देखने को मिली, जिसने बाज़ार में Stability और Policy Continuity को लेकर भरोसा बढ़ाया।राजनीतिक अनिश्चितता कम होते ही निवेशकों ने बड़ी मात्रा में खरीदारी की, जिससे इंडेक्स में तेजी आई। Moody’s का Positive Outlook: India Growth Story मजबूत वैश्विक रेटिंग एजेंसी Moody’s ने भारत की GDP ग्रोथ अनुमान को स्थिर रखते हुए कहा कि इस रिपोर्ट ने Market Sentiment को और मजबूत किया। Value Buying ने दिया Extra Push पिछले सेशन में दबाव के बाद शुक्रवार को निवेशकों ने Quality Stocks में Value Buying शुरू की।बैंकिंग, फाइनेंशियल, ऑटो और पावर सेक्टर्स में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे मार्केट रिकवरी तेज़ हो गई। Technical Outlook: Uptrend जारी, ये हैं Key Levels एनालिस्ट्स के मुताबिक Nifty अभी भी Uptrend में है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि High Levels पर थोड़ी सावधानी बरतना जरूरी है, लेकिन Trend फिलहाल पॉजिटिव ही है। क्यों बन रही है Market Rally की Perfect Story? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Moody’s

Moody’s Report 2025 Tariff War भी नहीं रोक सका India की तेज़ रफ्तार Economy

दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाएं जहां महंगाई, मंदी और व्यापारिक तनाव से जूझ रही हैं, वहीं India ने अपनी ग्रोथ और एक्सपोर्ट्स से सबको चौंका दिया है।अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी Moody’s ने अपनी ताज़ा Global Macro Outlook 2026-27 रिपोर्ट में कहा है कि भारत आने वाले वर्षों में 6.5% वार्षिक वृद्धि दर के साथ सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा। India की Growth Story अब भी Strong Moody’s के अनुसार, Global Tariff War और व्यापारिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था ने स्थिरता दिखाई है।इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश, मजबूत घरेलू मांग और सरकार की नीतियों ने भारत को अन्य देशों से आगे बनाए रखा है। Export Data में जबरदस्त बढ़ोतरी सितंबर 2025 में भारत के कुल निर्यात (Exports) में 6.75% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।भले ही अमेरिका को जाने वाला निर्यात 11.9% घटा हो, लेकिन भारत ने एशिया, अफ्रीका और यूरोप के नए बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत की है।इससे यह साफ है कि भारत अब किसी एक देश पर निर्भर नहीं है। Infrastructure Investment बना Growth का इंजन रिपोर्ट बताती है कि भारत में सड़कों, बंदरगाहों, औद्योगिक कॉरिडोर और डिजिटल नेटवर्क में लगातार निवेश हो रहा है।इन परियोजनाओं ने रोजगार के अवसर बढ़ाए हैं और प्रोडक्टिविटी में भी तेजी लाई है। Domestic Demand ने संभाली अर्थव्यवस्था Moody’s का मानना है कि भारत की मजबूत घरेलू मांग (Domestic Demand) और उपभोग शक्ति ने अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है।हालांकि निजी निवेश (Private Investment) की रफ्तार थोड़ी धीमी है, लेकिन उपभोक्ता खर्च ने देश की ग्रोथ को टिकाए रखा है। Global Economy vs India Moody’s का अनुमान है कि आने वाले वर्षों में दुनिया की औसत ग्रोथ रेट केवल 2.5–2.6% रहेगी,जबकि भारत 6.5% की दर से आगे बढ़ेगा।इससे यह स्पष्ट है कि भारत आज “Global Bright Spot” बन चुका है। Global Economic Challenges के बावजूद भारत ने साबित किया है कि उसकी अर्थव्यवस्था लचीली (Resilient) और मजबूत है।मजबूत नीतियों, बढ़ते एक्सपोर्ट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश ने भारत को दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में कायम रखा है।Moody’s का यह भरोसा भारत के लिए एक सकारात्मक संकेत है कि आने वाले वर्षों में देश की ग्रोथ स्टोरी और भी मजबूत होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Jaypee

Jaypee Group पर मुसीबत के बादल ED ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में मनोज गौड़ को किया गिरफ्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को Jaypee Infratech Limited (JIL) के प्रबंध निदेशक (MD) मनोज गौड़ (Manoj Gaur) को मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के एक गंभीर मामले में गिरफ्तार किया है।यह केस हज़ारों घर खरीदारों (Home Buyers) से हुई धोखाधड़ी (Fraud) और फंड्स के गलत इस्तेमाल (Fund Misuse) से जुड़ा हुआ है। ED की Action का Background ED ने यह गिरफ्तारी Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत की है।जांच एजेंसी का कहना है कि Jaypee Infratech ने हज़ारों लोगों से फ्लैट के नाम पर करोड़ों रुपये लिए, लेकिन समय पर डिलीवरी नहीं दी।इसके बजाय कंपनी ने इन पैसों को अन्य ग्रुप कंपनियों में ट्रांसफर (Fund Diversion) कर दिया। ED ने इससे पहले भी Jaypee Group की कई प्रॉपर्टीज़ को अटैच किया था और अब इस केस में मनोज गौड़ की गिरफ्तारी से जांच और तेज़ हो गई है। Jaypee Group पर पहले भी लगे हैं आरोप Jaypee Infratech का नाम पहले भी Real Estate Scams में सामने आ चुका है।नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कई प्रोजेक्ट्स में कंपनी ने 20,000 से अधिक घर खरीदारों से एडवांस लिए थे, लेकिन अधिकतर प्रोजेक्ट्स अधूरे रह गए।2017 में कंपनी के खिलाफ NCLT (National Company Law Tribunal) में दिवालिया प्रक्रिया शुरू की गई थी। ED की जांच में क्या सामने आया ED की शुरुआती रिपोर्ट में पता चला कि कंपनी ने कई शेल कंपनियों (Shell Companies) के ज़रिए पैसे इधर-उधर किए।जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि Jaypee Group ने Home Buyers से लिए गए फंड्स का इस्तेमाल अपने अन्य बिज़नेस को बचाने के लिए किया।अब ED यह ट्रैक कर रही है कि इन पैसों को किन अकाउंट्स में भेजा गया और किन लोगों को फायदा पहुंचाया गया। Home Buyers के लिए उम्मीद की किरण इस गिरफ्तारी के बाद Jaypee के हज़ारों घर खरीदारों को न्याय की उम्मीद जगी है।कई लोगों ने कहा कि “अगर ED की जांच सही दिशा में चलती रही तो हमें शायद अपने घर की चाबी मिल जाए।”पिछले कई सालों से ये खरीदार कोर्ट और सरकार से मदद की उम्मीद लगाए हुए थे। आगे क्या होगा? ED अब मनोज गौड़ से पूछताछ करेगी कि प्रोजेक्ट्स के पैसे कैसे और कहाँ ट्रांसफर किए गए।अगर जांच में आरोप साबित होते हैं तो कंपनी और समूह की अन्य इकाइयों पर बड़ी कानूनी कार्रवाई (Major Legal Action) हो सकती है।मामले की सुनवाई जल्द ही विशेष PMLA अदालत (Special Court) में शुरू होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tata Motors

Tata Motors CV Share Listing टाटा मोटर्स के शेयर ने दिया 28% Premium

टाटा मोटर्स (Tata Motors) की कमर्शियल व्हीकल यूनिट Tata Motors Commercial Vehicles Ltd (TMCV) ने सोमवार को शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री की। कंपनी के शेयर ने 28% प्रीमियम के साथ लिस्टिंग की और निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया। Tata Motors CV Share Listing Details कंपनी का अनुमानित मूल्य ₹260.75 प्रति शेयर था, लेकिन NSE पर शेयर ₹335 के स्तर पर लिस्ट हुआ, जिससे निवेशकों को पहले ही दिन जबरदस्त फायदा मिला।यह टाटा मोटर्स के लिए एक बड़ा माइलस्टोन है क्योंकि कंपनी ने हाल ही में Passenger Vehicle और Commercial Vehicle सेगमेंट को अलग (Demerger) किया था। Demerger से Value Unlocking का फायदा टाटा मोटर्स ने अपने बिज़नेस को दो अलग-अलग कंपनियों में बांटा:Tata Motors Passenger Vehicles Ltd (TMPV) – जिसमें कार और EV सेगमेंट शामिल हैं।Tata Motors Commercial Vehicles Ltd (TMCV) – जो ट्रक, बस, और कमर्शियल व्हीकल्स पर केंद्रित है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस डिमर्जर से कंपनी का असली वैल्यू सामने आया है और निवेशकों को अब हर सेगमेंट की ग्रोथ को अलग-अलग आकलन करने का मौका मिलेगा। TMCV के लिए Growth Opportunities भारत में कमर्शियल व्हीकल मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। इन सब कारणों से आने वाले समय में TMCV की बिक्री और मुनाफा दोनों में तेजी देखी जा सकती है। Short-Term में सावधानी जरूरी हालांकि, शॉर्ट-टर्म निवेशकों को थोड़ी सतर्कता बरतनी चाहिए क्योंकि – Experts का मानना है मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि Tata Motors Commercial Vehicles का लॉन्ग-टर्म आउटलुक काफी मजबूत है।यदि कोई निवेशक 3-5 साल की अवधि के लिए निवेश करता है, तो यह शेयर अच्छे रिटर्न दे सकता है।लेकिन शॉर्ट-टर्म में उतार-चढ़ाव बने रहेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sensex

शेयर बाजार में उछाल! Sensex-Nifty ने बनाया नया रिकॉर्ड IT सेक्टर चमका

भारत के शेयर बाजार (Indian Stock Market) ने बुधवार, 12 नवम्बर 2025 को शानदार शुरुआत की।BSE Sensex में करीब 600 अंकों की तेजी देखने को मिली, जबकि Nifty 50 25,892 के स्तर के पार पहुंच गया।ग्लोबल संकेतों, अमेरिका में सकारात्मक खबरों और आईटी सेक्टर (IT Sector) की मजबूत खरीदारी ने बाजार का मूड पूरी तरह हरा बना दिया। Market Rally की बड़ी वजहें Sector-wise प्रदर्शन Top Gainers (Nifty 50) इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक, अदाणी एंटरप्राइजेज और मारुति सुजुकी — सभी में 1.5% से 3% की बढ़त दर्ज। Top Losers आईटीसी, नेस्ले इंडिया और बजाज फाइनेंस – एफएमसीजी सेक्टर के कारण हल्की गिरावट। Mutual Fund निवेश में गिरावट हालांकि मार्केट में तेजी रही, लेकिन अक्टूबर में इक्विटी म्यूचुअल फंड इनफ्लो 19% घटा।एनालिस्ट्स का कहना है कि यह निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है, हालांकि लॉन्ग-टर्म ट्रेंड अब भी पॉजिटिव है। Expert View मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार आने वाले दिनों में IT और Midcap Stocks में मजबूती बनी रह सकती है।अमेरिका-भारत ट्रेड डील और ग्लोबल संकेत आने वाले हफ्तों में मार्केट की दिशा तय करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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बिलासपुर केंद्रीय जेल से 19 बंदी रिहा, 15 से 16 साल की सजा काटने के बाद मिली मुक्ति

बिलासपुर केंद्रीय जेल में लंबे समय से बंद 19 पुरुष बंदियों को शुक्रवार को रिहा कर दिया गया। ये बंदी 15 से 16 साल तक जेल में सजा काट चुके थे। सजा की अवधि पूरी होने के बावजूद शासन स्तर से माफी संबंधी स्वीकृति नहीं मिलने के कारण उनकी रिहाई लंबित थी। जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता के निरीक्षण के दौरान यह मामला सामने आया था। इसके बाद संबंधित बंदियों के प्रकरणों की समीक्षा की गई और रिहाई का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। स्वीकृति मिलने के बाद सभी 19 बंदियों को जेल से रिहा कर दिया गया। बंदियों से बातचीत में सामने आई थी समस्या केंद्रीय जेल के निरीक्षण के दौरान जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता ने बंदियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी थीं। इस दौरान कुछ बंदियों ने बताया कि वे अपनी सजा की अवधि पूरी कर चुके हैं, लेकिन माफी संबंधी स्वीकृति नहीं मिलने के कारण उनकी रिहाई नहीं हो पा रही है। मामले की जानकारी मिलने के बाद संबंधित बंदियों के आचरण और जेल के अभिलेखों की जांच कराई गई। परीक्षण के दौरान अच्छे आचरण वाले और अधिक उम्र के बंदियों के प्रकरणों पर विचार करते हुए रिहाई के प्रस्ताव तैयार किए गए और शासन को भेजे गए। परिवार के बीच लौटकर नई शुरुआत का अवसर शासन से स्वीकृति मिलने के बाद शुक्रवार को 19 पुरुष बंदियों की रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद अब ये बंदी अपने परिवारों के बीच लौट सकेंगे और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर नई शुरुआत कर सकेंगे। रिहाई के दौरान केंद्रीय जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी, जेलर विजयानंद सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों के अनुसार, सभी 19 बंदियों को शासन के निर्देश पर रिहा किया गया है।

ग्वालियर के दारुल कुरआन मदरसे पर कार्रवाई की मांग, 4 दिन में तालाबंदी का अल्टीमेटम

ग्वालियर के एजी ऑफिस स्थित ‘दारुल कुरआन’ मदरसे में मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम के निरीक्षण के बाद विवाद बढ़ गया है। मदरसे में बच्चों की देखरेख, साफ-सफाई और जरूरी दस्तावेजों को लेकर सामने आई कथित अनियमितताओं के विरोध में राष्ट्रीय सनातन सेना ने प्रदर्शन किया। संगठन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि चार दिन के भीतर मदरसे पर ताला नहीं लगाया गया, तो उसके कार्यकर्ता खुद तालाबंदी करेंगे। संगठन के पदाधिकारियों ने बच्चों के साथ किसी भी तरह की गलत हरकत सामने आने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की। निरीक्षण के दौरान मिले थे 26 बच्चे शुक्रवार को मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता ने बाल कल्याण समिति (CWC) की टीम के साथ मदरसे का औचक निरीक्षण किया था। मौके पर 4 से 14 वर्ष की उम्र के 8 बच्चियां और 18 बच्चे मिले थे। इस तरह कुल 26 बच्चे मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि रजिस्टर्ड 15 बच्चियों में से मौके पर केवल 8 मौजूद थीं। खबर के अनुसार, कुछ बच्चियों को पिछले रास्ते से बाहर भेजे जाने की आशंका भी जताई गई। हालांकि, इस संबंध में जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी हैं। टीम के मुताबिक, मदरसा प्रबंधन मौके पर मान्यता और पंजीकरण से जुड़े जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। बच्चों की सुरक्षा और संस्थान के संचालन से संबंधित पहलुओं की जांच की जा रही है। रसोई और टॉयलेट में मिली गंदगी निरीक्षण के दौरान टीम को रसोईघर और टॉयलेट में गंदगी मिली। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ जगहों पर दरवाजे भी नहीं थे। बच्चों के सोने की व्यवस्था पर भी सवाल उठे। बताया गया कि 42 पंजीकृत बच्चों के लिए एक छोटे हॉल में पलंग के बजाय पतली चादरों पर सोने की व्यवस्था थी। इन स्थितियों को लेकर बाल अधिकारों और बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही बुनियादी सुविधाओं पर सवाल उठाए गए हैं। राष्ट्रीय सनातन सेना ने की सख्त कार्रवाई की मांग राष्ट्रीय सनातन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवती शुक्ला ने मदरसे में कथित अनियमितताओं पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की। संगठन ने आरोप लगाया कि ऐसे संस्थानों में बच्चों को भड़काऊ शिक्षा दी जा रही है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। फिलहाल, मदरसे के संचालन, निर्माण, जमीन और फंडिंग के स्रोतों से जुड़े पहलुओं की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई और आधिकारिक निष्कर्षों पर नजर रहेगी।
Vishwas Sarang

Vishwas Sarang खेड़ापति हनुमान मंदिर पहुंचे मंत्री, कॉरिडोर और दशहरा मैदान का लिया जायजा

राजधानी भोपाल के छोला स्थित श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर को आने वाले समय में नई पहचान मिलने जा रही है। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से यहां भव्य श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। मंत्री विश्वास सारंग (Vishwas Sarang) ने रावतपुरा सरकार के साथ मंदिर में दर्शन किए और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों और छोला दशहरा मैदान का निरीक्षण कर अधिकारियों से परियोजना की प्रगति की जानकारी ली। इस परियोजना का मकसद सिर्फ मंदिर परिसर का विस्तार करना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को बेहतर दर्शन व्यवस्था, आधुनिक सुविधाएं और धार्मिक वातावरण उपलब्ध कराना भी है। योजना को ‘विरासत भी और विकास भी’ की भावना के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। 100 करोड़ रुपये से बदलेगा खेड़ापति हनुमान मंदिर का स्वरूप श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर को लगभग 21 एकड़ क्षेत्र में विकसित करने की योजना है। जुलाई 2026 में प्रकाशित परियोजना संबंधी रिपोर्टों के अनुसार, इसके निर्माण में राजस्थान के व्हाइट मार्बल और प्राचीन नागर शैली की वास्तुकला का इस्तेमाल किया जाना है। मंत्री विश्वास सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूरा किया जाए और गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न हो। साथ ही मंदिर के पुराने गर्भगृह की मूल संरचना और धार्मिक स्वरूप को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया है। सुंदरकांड की झलक से सजेगा भव्य कॉरिडोर हनुमान लोक कॉरिडोर की खास बात यह होगी कि इसमें सुंदरकांड से जुड़े प्रसंगों की झलक देखने को मिलेगी। इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव भी मिलेगा। कॉरिडोर को पारंपरिक वास्तुकला और आधुनिक निर्माण के मेल से विकसित करने की योजना है। इससे मंदिर परिसर की सुंदरता बढ़ने के साथ भोपाल की धार्मिक पहचान को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं को मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं परियोजना के तहत श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई तरह के विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य खासतौर पर धार्मिक आयोजनों और त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं को होने वाली परेशानियों को कम करना है। Chhola Dussehra Maidan का भी होगा विकास मंत्री विश्वास सारंग ((Vishwas Sarang)) ने छोला दशहरा मैदान का भी निरीक्षण किया। योजना के तहत मैदान के खुले स्वरूप को बनाए रखते हुए सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित की जानी हैं। यहां दर्शक दीर्घा, मंच और दशहरा जैसे आयोजनों के लिए आवश्यक अधोसंरचना तैयार करने की योजना है। इससे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। स्थानीय लोगों और कारोबारियों का भी रखा जाएगा ध्यान निर्माण कार्यों के दौरान श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय रहवासियों और व्यापारियों की सुविधाओं का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि यातायात व्यवस्था सुचारु रहे और लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। परियोजना से संबंधित पूर्व में प्रकाशित जानकारी में दर्शक दीर्घा के नीचे 100 से अधिक दुकानों के निर्माण का प्रस्ताव भी सामने आया था। इसका उद्देश्य स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। Bhopal की धार्मिक पहचान को मिलेगी नई पहचान श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर भोपाल के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। ऐसे में कॉरिडोर का विकास शहर के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद मंदिर परिसर में दर्शन व्यवस्था और सार्वजनिक आयोजनों के लिए सुविधाओं में सुधार होने की उम्मीद है। हालांकि, निर्माण पूरा होने की निश्चित तारीख और वर्तमान प्रगति की ताजा आधिकारिक स्थिति की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। कुल मिलाकर, श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर भोपाल में आस्था और आधुनिक विकास को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण परियोजना है। अब श्रद्धालुओं को इंतजार है कि यह भव्य परिसर कब पूरी तरह तैयार होकर उनके लिए नई सुविधाओं के साथ खुलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Philippines

Philippines Plane Crash: ट्रेनिंग के दौरान बड़ा हादसा, 4 पायलटों की गई जान

फिलीपींस (Philippines) से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां ट्रेनिंग के दौरान वायुसेना के दो सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गए। इस हादसे में चार पायलटों की मौत हो गई। घटना के बाद फिलीपींस एयर फोर्स ने एहतियात के तौर पर SF-260 ट्रेनिंग विमानों की उड़ान पर रोक लगा दी है। वहीं, दुर्घटना की असली वजह जानने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। Philippines Plane Crash: कहां और कब हुआ हादसा? यह हादसा 23 अक्टूबर 2026 को फिलीपींस के बटांगस प्रांत के लिपा शहर में स्थित फर्नांडो एयर बेस के पास हुआ। वायुसेना के अनुसार, दुर्घटना स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 3:51 बजे हुई। दोनों विमान ट्रेनिंग फ्लाइट पर थे। शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि उड़ान के दौरान दोनों विमान हवा में टकरा गए, जिसके बाद वे दुर्घटनाग्रस्त हो गए। हालांकि, टक्कर किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे क्या वजह थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। हादसे में चार पायलटों की मौत इस दुर्घटना में दोनों विमानों में सवार चारों पायलटों की जान चली गई। इस खबर के सामने आने के बाद वायुसेना ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। अधिकारियों ने परिवारों को जरूरी सहायता देने की बात भी कही है। वायुसेना के मुताबिक, हादसा एयर बेस की सीमा के भीतर हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, जमीन पर मौजूद किसी अन्य व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है। दुर्घटना के बाद SF-260 विमानों की उड़ान पर रोक हादसे के बाद फिलीपींस एयर फोर्स ने एहतियाती कदम उठाते हुए SF-260 ट्रेनिंग विमानों के पूरे बेड़े की उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी हैं। जांच के दौरान इन विमानों को उड़ान भरने की अनुमति नहीं होगी। इस फैसले का उद्देश्य दुर्घटना की वजह का पता लगाना और विमानों की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की जांच करना है। फिलहाल तकनीकी खराबी, मानवीय चूक या किसी अन्य कारण की पुष्टि नहीं हुई है। जांच के नतीजे आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पहले भी हो चुका है SF-260 विमान हादसा फिलीपींस में SF-260 विमान से जुड़ी दुर्घटना पहले भी सामने आ चुकी है। मई 2026 में उत्तरी फिलीपींस के बेंगुएट प्रांत में एक ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। उस हादसे में दो सैन्य पायलटों की मौत हुई थी। ताजा दुर्घटना के बाद सैन्य ट्रेनिंग विमानों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। जांच के बाद सामने आएगी हादसे की वजह फिलीपींस एयर फोर्स ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि दोनों विमान किस परिस्थिति में दुर्घटनाग्रस्त हुए और क्या इसमें किसी तकनीकी समस्या की भूमिका थी। फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि हादसे में चार पायलटों की जान चली गई है। वायुसेना ने संबंधित विमानों की उड़ान रोक दी है और जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Yogi Adityanath

Yogi Adityanath जिस जमीन पर था भू-माफिया का कब्जा, वहां अब बना फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने भू-माफिया से सरकारी जमीन वापस लेने की कहानी सुनाते हुए बताया कि जिस जमीन को कभी कब्जे से मुक्त कराना मुश्किल हो रहा था, आज उसी पर स्टेट फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट (State Forensic Science Institute) बनाया गया है। इस उदाहरण के जरिए उन्होंने प्रदेश में जमीनों को कब्जे से मुक्त कराने, कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों का जिक्र किया। सीएम योगी ने यह बात 15 जून 2026 को लखनऊ में आयोजित डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग ‘त्रिवेणी’ के समापन सत्र में कही। उन्होंने बताया कि सरकारी जमीन को वापस लेकर उसका इस्तेमाल एक महत्वपूर्ण संस्थान बनाने के लिए किया गया। कैसे भू-माफिया के कब्जे में पहुंची सरकारी जमीन? लखनऊ के सरोजनी नगर इलाके में स्थित इस जमीन का मामला कई साल पुराना है। रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 57 एकड़ जमीन वर्ष 1955 में एक ट्रैक्टर कंपनी को 10 साल की लीज पर दी गई थी। लीज की अवधि पूरी होने के बाद जमीन ग्राम सभा के नाम दर्ज की गई। बाद में जमीन के दस्तावेजों में कथित हेराफेरी कर उसे दूसरे नाम पर दर्ज कराने के आरोप सामने आए। जांच में जमीन को वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज कराने और फिर रियल एस्टेट कंपनियों के बीच हस्तांतरित करने से जुड़े आरोपों की पड़ताल की गई। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर शिकायतें हुईं। इसके बाद प्रशासन और पुलिस ने दस्तावेजों की जांच शुरू की। जमीन के स्वामित्व और कथित अवैध हस्तांतरण का मामला प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंचा। 2015 में वापस मिली जमीन, फिर शुरू हुई संस्थान बनाने की तैयारी उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 17 दिसंबर 2015 को जिला प्रशासन ने जमीन को कब्जे से मुक्त कराया। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई थी। कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई। जमीन वापस मिलने के बाद इसके इस्तेमाल को लेकर योजना बनाई गई। आगे चलकर इसी जगह उत्तर प्रदेश स्टेट फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट स्थापित करने का फैसला हुआ। यह मामला इसलिए भी चर्चा में आया, क्योंकि जमीन को लेकर विवाद और कब्जे की शिकायतों के बाद उसका इस्तेमाल सार्वजनिक उद्देश्य के लिए किए जाने की योजना बनी। ₹200 करोड़ की लागत से बना Forensic Science Institute लखनऊ के सरोजनी नगर में इस संस्थान की आधारशिला 1 अगस्त 2021 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रखी थी। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। शुरुआती रिपोर्टों में परियोजना की लागत करीब 200 करोड़ रुपये बताई गई थी। संस्थान का उद्देश्य फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में विशेषज्ञ तैयार करना और पुलिस व जांच एजेंसियों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना है। यहां वैज्ञानिक जांच, साइबर सुरक्षा और अपराध से जुड़े साक्ष्यों के विश्लेषण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। आज के समय में आपराधिक मामलों की जांच केवल गवाहों और बयानों तक सीमित नहीं है। डीएनए जांच, डिजिटल साक्ष्य और दूसरे वैज्ञानिक तरीकों की मदद से जांच को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। ऐसे संस्थान इसी जरूरत को पूरा करने में अहम भूमिका निभाते हैं। CM Yogi ने क्यों सुनाया जमीन का यह किस्सा? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस उदाहरण के जरिए बताया कि सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराकर उसका इस्तेमाल विकास कार्यों में किया जा सकता है। उनके बयान का मुख्य संदेश यह था कि जिस जमीन पर कभी कब्जे की समस्या थी, उसी पर अब शिक्षा और आधुनिक तकनीक से जुड़ा संस्थान बनाया गया है। सीएम योगी ने इसे प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुधारने और भू-माफिया के खिलाफ कार्रवाई से जोड़कर पेश किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास, डिफेंस कॉरिडोर और ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। हालांकि, जमीन से जुड़े आरोपों और कानूनी दावों को समझने के लिए प्रशासनिक रिकॉर्ड तथा जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण हैं। भू-माफिया से मुक्त जमीन पर आवास योजना भी चर्चा में उत्तर प्रदेश में कब्जे से मुक्त कराई गई जमीनों का सार्वजनिक इस्तेमाल हाल के महीनों में भी चर्चा में रहा है। अक्टूबर 2026 में प्रयागराज के कसारी-मसारी इलाके में माफिया अतीक अहमद से जुड़ी बताई गई जमीन पर आवासीय परियोजना की शुरुआत की खबर सामने आई। 15 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पद्मलोक आवास योजना के तहत 602 फ्लैटों की परियोजना का भूमि पूजन किया। परियोजना की लागत 191 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई। इसी दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पीपलगांव में बने 556 घरों के लाभार्थियों को चाबियां सौंपने की जानकारी भी सामने आई। इन परियोजनाओं को राज्य सरकार जमीन के इस्तेमाल को आम लोगों के आवास और विकास से जोड़ने के उदाहरण के तौर पर पेश कर रही है। सरकारी जमीन से संस्थान तक, क्या है इस खबर का महत्व? लखनऊ के फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट की कहानी में जमीन का पुराना विवाद, प्रशासनिक कार्रवाई और सार्वजनिक उपयोग के लिए संस्थान बनाने की प्रक्रिया शामिल है। यह मामला दिखाता है कि सरकारी जमीन को लेकर विवाद सुलझने के बाद उसका इस्तेमाल शिक्षा और वैज्ञानिक जांच जैसी जरूरतों के लिए किया जा सकता है। सीएम योगी के बयान ने इस पुराने मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। अब यह कहानी सिर्फ जमीन वापस लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि इस बात पर भी ध्यान खींचती है कि सरकारी संपत्ति का इस्तेमाल किस तरह सार्वजनिक सुविधाओं के निर्माण में किया जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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