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Stock Market

Stock Market Crash शेयर बाजार में Black Monday, Sensex-Nifty भारी गिरावट से निवेशकों का नुकसान

Black Monday: Sensex-Nifty में बड़ी गिरावट सोमवार, 28 जुलाई 2025 को भारतीय Stock Market (शेयर बाजार) में Black Monday देखने को मिला। कमजोर ग्लोबल संकेतों, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कमजोर तिमाही नतीजों के कारण Sensex और Nifty दोनों प्रमुख इंडेक्स में बड़ी गिरावट दर्ज हुई। Market Closing Updates Sector-wise Performance Market Crash के मुख्य कारण Investors Loss इस Stock Market Crash में निवेशकों को करीब ₹13 लाख करोड़ का नुकसान हुआ। कई ब्लूचिप शेयरों में 5–7% तक की गिरावट दर्ज की गई। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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UPI New Rules from August 1 : जानिए क्या असर पड़ेगा आप पर

UPI New Rules from August 1 : जानिए क्या असर पड़ेगा आप पर

अगर आप रोज़ाना UPI से पेमेंट करते हैं, तो ये खबर आपके लिए जरूरी है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने 1 अगस्त 2025 से कुछ नए नियम लागू करने का फैसला लिया है। इन बदलावों का सीधा असर आम लोगों की जेब और डिजिटल आदतों पर पड़ेगा। कई लोग दिन में बार-बार बैलेंस चेक करते हैं, खासकर वो लोग जो हर छोटी पेमेंट पर नज़र रखते हैं। अब NPCI ने लिमिट तय की है – आप एक दिन में सिर्फ 50 बार ही अपने बैंक अकाउंट का बैलेंस चेक कर पाएंगे। इसके बाद आपको मैसेज मिलेगा कि “limit exceeded”। जो लोग मोबाइल रिचार्ज, Netflix, EMI या किसी भी सर्विस का ऑटोमैटिक पेमेंट (AutoPay) इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए भी एक बड़ा बदलाव हुआ है। अब NPCI ने ऑटो-पे के लिए नया टाइम स्लॉट तय किया है। पहले ये पेमेंट किसी भी समय हो जाता था, लेकिन अब सुबह 12 बजे से लेकर रात 11 बजे के बीच ही ऑटो-पेमेंट होंगे। ये बदलाव NPCI ने सिस्टम पर लोड कम करने और फ्रॉड रोकने के लिए किए हैं। लेकिन आम लोगों को थोड़ा अलर्ट रहना होगा – डिजिटल पेमेंट ने हमारी जिंदगी आसान बना दी है, लेकिन इसके साथ कुछ जिम्मेदारियां भी आती हैं। NPCI के ये नए नियम डिजिटल सिस्टम को सुरक्षित और ज्यादा व्यवस्थित बनाने की कोशिश हैं। जरूरी है कि हम समय रहते इन्हें समझें और अपनी आदतों को थोड़ा-बहुत ढालें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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TCS

TCS Job Cuts 12,000 नौकरियों पर असर, CEO ने बताया छंटनी का असली कारण

आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की है कि वित्त वर्ष 2026 में कंपनी अपने ग्लोबल वर्कफोर्स में 2% यानी करीब 12,200 कर्मचारियों की छंटनी करेगी। यह कदम मुख्य रूप से मिडिल और सीनियर लेवल मैनेजमेंट को प्रभावित करेगा। AI नहीं, Skill Mismatch है छंटनी का कारण TCS के सीईओ के. कृतिवासन ने स्पष्ट किया कि यह छंटनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कारण नहीं हो रही है। असली वजह स्किल गैप और बिजनेस री-स्ट्रक्चरिंग है। कंपनी ने कर्मचारियों को नई टेक्नोलॉजीज में रिस्किल करने की कोशिश की थी, लेकिन कई भूमिकाएं बदलती जरूरतों के अनुरूप एडजस्ट नहीं हो पाईं। बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन और AI फोकस TCS अब एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग और नेक्स्ट-जेन टेक्नोलॉजीज पर जोर दे रही है। साथ ही, ग्लोबल इकोनॉमिक स्लोडाउन, प्रोजेक्ट डिलेज़ और क्लाइंट्स द्वारा टेक्नोलॉजी बजट में कटौती ने भी इस छंटनी को जरूरी बना दिया। प्रभावित कर्मचारियों को सपोर्ट कंपनी ने कहा कि जिन कर्मचारियों की नौकरियां जाएंगी उन्हें – आईटी सेक्टर पर बड़ा असर टीसीएस की यह छंटनी भारतीय आईटी इंडस्ट्री में बड़े बदलाव का संकेत देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इंफोसिस, विप्रो जैसी अन्य कंपनियां भी AI-ड्रिवन सर्विस मॉडल की ओर बढ़ेंगी और पारंपरिक लेबर-इंटेंसिव मॉडल कम होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market Crash Today शेयर बाजार में हाहाकार, Nifty 24,900 के नीचे, Sensex गिरा 700 Points

आज के शेयर बाजार (Stock Market Today) में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स (Sensex) 700 अंक टूट गया जबकि निफ्टी (Nifty 50) 24,900 के नीचे आ गया। Bajaj Finance, Reliance Industries और Infosys जैसे दिग्गज शेयरों में भारी बिकवाली हुई, जिससे बाजार की धारणा और खराब हो गई। Stock Market Crash के पीछे की बड़ी वजहें: आज का Market Summary: सूचकांक अंतिम स्तर गिरावट Sensex ~81,800 -700 अंक Nifty 50 ~24,850 -200 अंक India VIX ~5% ऊपर अस्थिरता में तेजी गिरावट वाले प्रमुख सेक्टर: Global और Domestic Factors: Investor के लिए जरूरी संकेत: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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OTT Apps

Govt Ban on Ullu, Desiflix जैसे OTT Apps 18 Platforms और 57 Social Media Accounts Blocked

भारत सरकार ने देश में बढ़ रहे अश्लील और भड़काऊ कंटेंट पर बड़ी कार्रवाई की है। Ullu, Desiflix, Big Shots, MoodX, Prime Play जैसे लोकप्रिय OTT Apps पर सरकार ने प्रतिबंध (Ban) लगा दिया है। इस कार्रवाई के तहत कुल 18 OTT प्लेटफॉर्म, 19 वेबसाइट, 10 मोबाइल ऐप और 57 सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक किया गया है। क्यों हुई ये कार्रवाई? किन-किन OTT Apps पर लगी रोक? सरकार की इस लिस्ट में शामिल प्रमुख प्लेटफॉर्म्स हैं: पहले भी मिल चुकी थी चेतावनी सरकार का बयान सरकार का कहना है कि: “देश में डिजिटल माध्यमों के जरिए फैल रहे अश्लील कंटेंट पर रोक लगाना ज़रूरी है। ये ना सिर्फ समाज की मर्यादाओं के खिलाफ है, बल्कि युवाओं पर भी बुरा असर डालता है।” कौन-कौन से कानून लागू हुए? 📖 धारा/कानून 📌 विवरण IT Act – Section 67, 67A इलेक्ट्रॉनिक माध्यम पर अश्लील कंटेंट की रोक IPC – Section 292, 293 अश्लील किताबों, चित्रों के वितरण और प्रदर्शन पर रोक IT Rules 2021 OTT कंटेंट के लिए आचार संहिता Indecent Representation of Women Act महिलाओं की अशोभनीय प्रस्तुति पर प्रतिबंध Impact of OTT Ban on Digital Platforms हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Anil Ambani पर ED की बड़ी कार्रवाई: लोन धोखाधड़ी के केस में कई ठिकानों पर छापेमारी

Anil Ambani पर ED की बड़ी कार्रवाई: लोन धोखाधड़ी के केस में कई ठिकानों पर छापेमारी

मशहूर उद्योगपति Anil Ambani एक बार फिर सुर्खियों में हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अनिल अंबानी से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) द्वारा दर्ज कराए गए फ्रॉड केस के बाद हुई है, जिसमें उनके ग्रुप पर लोन धोखाधड़ी का आरोप है। सूत्रों के मुताबिक, यह मामला करोड़ों रुपये के लोन से जुड़ा है, जिसे कथित तौर पर फर्जी तरीके से लिया गया और सही उपयोग नहीं किया गया। SBI ने अनिल अंबानी की कंपनियों के कुछ अकाउंट को ‘फ्रॉड’ घोषित किया था, जिसके बाद ED ने अपनी जांच शुरू की। छापेमारी मुंबई समेत अन्य कुछ शहरों में हुई है। ED इस बात की पड़ताल कर रहा है कि लोन की रकम कहां और कैसे इस्तेमाल की गई। इसके अलावा पैसों की हेराफेरी और मनी लॉन्ड्रिंग की एंगल से भी जांच की जा रही है। अनिल अंबानी पहले ही कई वित्तीय संकटों से जूझ रहे हैं। उनकी कंपनियों पर पहले भी कर्ज और भुगतान को लेकर सवाल उठ चुके हैं। यह मामला क्यों है अहम? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Nifty

शेयर बाजार में जोरदार तेजी Sensex-Nifty में उछाल, US-Japan Trade Deal और DII Buying बने बढ़त के कारण

23 जुलाई 2025 — आज के Stock Market (शेयर बाजार) में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। Sensex और Nifty 50 ने ऊंचाई छूते हुए निवेशकों को राहत दी। इस तेजी की प्रमुख वजह रही US-Japan Trade Deal, सकारात्मक वैश्विक संकेत और Domestic Institutional Investors (DII) की भारी खरीदारी। दिनभर बाजार में तेजी का माहौल बना रहा, जिससे निवेशकों के बीच उत्साह दिखाई दिया। Sensex-Nifty Update: निफ्टी 25,190 पार, सेंसेक्स 82,660 के करीब Global Cues और Trade Deal ने दिया Boost FII-DII Activity: विदेशी बिकवाली लेकिन घरेलू निवेश मजबूत सेक्टर और शेयरों की चाल Nifty-Sensex Technical Analysis हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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India US Trade Deal, 1 August Tariff, US Delegation Visit India, Dairy Sector Employment, India Agriculture Tariff, Biden Trade Policy, BRICS Tariff Warning, Russia Oil Ban

Trade Tension: भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अधर में, क्या 1 अगस्त से लागू होगा 26% टैरिफ?

देश हरपल ब्यूरो | नई दिल्ली, 22 जुलाई 2025 India-US Trade Deal को लेकर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं, लेकिन वाशिंगटन में हुई बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई। भारत का डेलिगेशन अमेरिका से लौट चुका है और अब अमेरिका के डेलिगेशन के अगस्त के दूसरे हफ्ते भारत आने की उम्मीद है। लेकिन बड़ा सवाल ये है – क्या 1 अगस्त से भारत को 26% टैरिफ देना पड़ेगा? अमेरिकी चेतावनी: “1 अगस्त से टैरिफ तय हैं” US Commerce Secretary हॉवर्ड लुटनिक ने 20 जुलाई को दिए गए एक इंटरव्यू में साफ कर दिया: “1 अगस्त से नई टैरिफ दरें लागू होंगी। उसके बाद भी बात हो सकती है, लेकिन टैरिफ देना ही होगा।” इस बयान के बाद भारत में एग्रीकल्चर और डेयरी सेक्टर से जुड़े करोड़ों लोगों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि यही दो क्षेत्र अमेरिका के मुख्य दबाव बिंदु हैं। भारत का रुख: “डेयरी और मक्का पर नहीं होगा समझौता” सूत्रों के अनुसार, भारत ने अमेरिका की उन मांगों को मानने से इनकार कर दिया है जिनका सीधा असर देश के कृषि ढांचे और 8 करोड़ डेयरी वर्कर्स की आजीविका पर पड़ता। भारत न तो मक्का (corn) और न ही सोयाबीन पर टैरिफ में कटौती को लेकर राजी है। बातचीत में देरी: अमेरिका ने क्यों नहीं भेजा टैरिफ नोटिस? अब तक अमेरिका ने कम से कम 14 देशों को 25% से 40% टैरिफ को लेकर चिट्ठी भेज दी है। लेकिन भारत को ऐसी कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली है, जिससे ये उम्मीद बनी हुई है कि बातचीत पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है। ट्रंप की BRICS चेतावनी और रूस फैक्टर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि BRICS देश डॉलर का विकल्प तलाशते हैं, तो उन पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा। साथ ही, रूसी वस्तुओं पर 100% टैरिफ और रूसी तेल खरीदने वालों पर सख्ती के संकेत भी दिए हैं। भारत इस समय रूसी कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है, ऐसे में यह चेतावनी भारत की ऊर्जा नीति को प्रभावित कर सकती है। निष्कर्ष: क्या है अगला कदम? अब सबकी निगाहें अगस्त के दूसरे हफ्ते पर हैं, जब अमेरिकी ट्रेड डेलीगेशन भारत आएगा। अगर तब तक समाधान नहीं निकला, तो भारत को बड़ी आर्थिक चोट झेलनी पड़ सकती है, खासतौर पर एक्सपोर्ट और कृषि-आधारित उद्योगों में।
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CoinDCX hack, crypto security breach India, $44 million crypto theft, बिटकॉइन प्राइस इंडिया, ट्रंप क्रिप्टो कानून, GENIUS Act, स्टेबलकॉइन कानून

CoinDCX में आपका खाता तो नहीं है? हैकर्स ने पलक झपकते उड़ा दिए 379 करोड़ रुपये!

India के टॉप क्रिप्टो प्लेटफॉर्म CoinDCX पर हुआ बड़ा सिक्योरिटी ब्रीच। कंपनी को हुआ $44 मिलियन का नुकसान, लेकिन यूज़र्स के फंड सुरक्षित। जानिए पूरी जानकारी।देश हरपल न्यूज़ डेस्क | 21 जुलाई 2025भारत के प्रमुख क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म CoinDCX को एक बड़े सिक्योरिटी ब्रीच का सामना करना पड़ा है, जिसमें कंपनी को करीब $44 मिलियन (लगभग 379 करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ है। CoinDCX ने रविवार 20 जुलाई को इस बात की जानकारी देते हुए यूजर्स को आश्वस्त किया कि उनके फंड्स पूरी तरह से सुरक्षित हैं और निकासी (withdrawal) पर कोई असर नहीं पड़ा है। क्या हुआ CoinDCX के साथ? कंपनी के अनुसार, यह सिक्योरिटी ब्रीच इंटरनल ऑपरेशनल अकाउंट में हुआ था, न कि कस्टमर के वॉलेट्स में। CoinDCX की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस हैक को सीमित कर दिया और कहा कि, “हमारे यूज़र्स का एक भी पैसा प्रभावित नहीं हुआ है। जो अकाउंट प्रभावित हुआ, वह लिक्विडिटी मैनेजमेंट से जुड़ा इंटरनल अकाउंट था।” – सुमित गुप्ता, CEO, CoinDCX CoinDCX के बयान के मुताबिक़, प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग और विड्रॉल सुचारु रूप से जारी हैं और जिस वॉलेट में फंड ट्रांसफर किए गए हैं, उसपर निगरानी की जा रही है। Crypto Regulations और अमेरिका का असर इस घटना के ठीक दो दिन पहले ही अमेरिका में क्रिप्टो को लेकर बड़ा क़ानूनी कदम सामने आया। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 18 जुलाई को स्टेबलकॉइन को लेकर एक ऐतिहासिक कानून पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसे GENIUS Act नाम दिया गया है। इस कानून से वैश्विक क्रिप्टो मार्केट में सकारात्मक असर पड़ा है। Binance के आंकड़ों के अनुसार: वहीं इथेरियम 2.79% की बढ़त के साथ ₹3,24,386 पर बना रहा। बिटकॉइन की कीमत 1,20,000 डॉलर को पार कर गई थी। 21 जुलाई को यह ₹1,02,31,343 पर ट्रेड कर रहा था। CoinDCX का मौजूदा यूज़र बेस और एसेट्स CoinDCX की वेबसाइट के मुताबिक़, प्लेटफॉर्म पर: क्या इससे यूज़र्स को डरना चाहिए? इस घटना के बाद CoinDCX ने यूज़र्स को भरोसा दिलाया है कि उनकी फंडिंग से जुड़ा कोई खतरा नहीं है और वे कभी भी अपने पैसे निकाल सकते हैं। यह ब्रीच किसी बाहरी हमले से ज्यादा एक इंटरनल गड़बड़ी लगती है, जिसपर कंपनी गंभीरता से काम कर रही है।
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Share Market

Share Market Today: Axis Bank Q1 Result के बाद Sensex-Nifty में भारी गिरावट

Sensex-Nifty में बड़ी गिरावट, बाजार में छाई मंदी भारतीय Share Market में शुक्रवार को जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। Sensex और Nifty ने दिन के निचले स्तरों को छुआ। इसका मुख्य कारण Axis Bank के खराब Q1 परिणाम, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत रहे। Share Market Highlights: गिरावट के Top 5 कारण: Sector Performance (सेक्टर्स का प्रदर्शन): Technical View: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Editor's Picks

Abhijeet Dipke

Education Politics: Dharmendra Pradhan Resignation के बाद Abhijeet Dipke ने बताया आंदोलन का अगला कदम

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर छात्र आंदोलन और शिक्षा व्यवस्था पर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) ने इस पूरे घटनाक्रम को आंदोलन की पहली जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है और छात्रों के अधिकार, परीक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। Abhijeet Dipke के इस बयान के बाद शिक्षा जगत और राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है। छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर लंबे समय से उठ रही आवाज अब एक बड़े आंदोलन का रूप लेती नजर आ रही है। Dharmendra Pradhan Resignation पर Abhijeet Dipke का बड़ा बयान धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने के बाद Abhijeet Dipke ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल किसी एक व्यक्ति के इस्तीफे तक सीमित नहीं था। उनका कहना है कि असली मुद्दा शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षाओं में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करना है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि “अभी तो ये शुरुआत हुई है।” उनके अनुसार आने वाले समय में छात्रों से जुड़े कई अन्य मुद्दों को लेकर भी आवाज उठाई जाएगी। NEET Controversy और Student Protest बना बड़ा मुद्दा NEET परीक्षा और कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्रों के बीच नाराजगी देखने को मिली थी। कई छात्र संगठनों और युवाओं ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है, क्योंकि लाखों छात्रों का भविष्य इन परीक्षाओं पर निर्भर करता है। Jantar Mantar Protest से तेज हुई थी मांग धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर सहित कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किए गए। CJP और अन्य प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने और छात्रों की समस्याओं के समाधान की मांग रखी। आंदोलन के दौरान युवाओं ने परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और भविष्य की परीक्षाओं को बेहतर तरीके से आयोजित करने की जरूरत पर जोर दिया। “लड़ाई अभी बाकी है” — युवाओं को लेकर दीपके का संदेश अभिजीत दीपके का कहना है कि शिक्षा से जुड़े मुद्दे किसी एक घटना तक सीमित नहीं हैं। उनका फोकस युवाओं की आवाज को मजबूत करना और शिक्षा क्षेत्र में स्थायी बदलाव की मांग करना है। उनके बयान से साफ है कि आंदोलनकारी अब आगे की रणनीति बनाने में जुटे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच किस तरह की बातचीत होती है। Education Reform को लेकर बढ़ी बहस धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद एक बार फिर देश में शिक्षा सुधार, परीक्षा सुरक्षा और छात्रों के अधिकारों को लेकर बहस तेज हो गई है। युवाओं का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बनाए रखने के लिए मजबूत नियम, पारदर्शी प्रक्रिया और समय पर समाधान जरूरी हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले समय में शिक्षा क्षेत्र को लेकर क्या बड़े फैसले सामने आते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sonam Wangchuk

Youth Power & Education Debate: Sonam Wangchuk बोले- Gen Z की आवाज से शुरू होगा Accountability और सुधार का दौर

शिक्षा और राजनीति से जुड़े विवाद के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) के एक बयान ने नई चर्चा शुरू कर दी है। धर्मेंद्र प्रधान को लेकर चल रहे विवाद और इस्तीफे की मांग के बीच वांगचुक ने Gen Z युवाओं की सक्रियता की तारीफ की और कहा कि जवाबदेही (Accountability) किसी भी व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में पहला कदम होती है। उन्होंने युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि अब जरूरत सिर्फ सवाल उठाने की नहीं, बल्कि सुधार और समाधान की ओर बढ़ने की है। Sonam Wangchuk ने Gen Z की आवाज को बताया बदलाव की ताकत Sonam Wangchuk ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी अपने अधिकारों और भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक है। सोशल मीडिया और लोकतांत्रिक माध्यमों से Gen Z लगातार अपनी बात रख रही है। उनके अनुसार, जब युवा शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सवाल उठाते हैं, तो इससे संस्थानों को अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान देने का मौका मिलता है। Dharmendra Pradhan Controversy: शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवाल धर्मेंद्र प्रधान को लेकर विवाद की शुरुआत शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर उठे सवालों के बाद तेज हुई। विपक्ष और कई छात्र संगठनों ने सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की है। छात्रों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता, परीक्षा प्रणाली में सुधार और बेहतर व्यवस्था को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। वहीं सरकार की ओर से भी कई बार कहा गया है कि शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। Accountability से Reform तक का संदेश सोनम वांगचुक ने अपने बयान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि किसी भी व्यवस्था में सुधार के लिए जिम्मेदारी तय होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बदलाव केवल विरोध से नहीं, बल्कि संवाद और सकारात्मक प्रयासों से आता है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में युवाओं की भागीदारी और उनकी आवाज को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। Gen Z और Youth Movement क्यों बन रहा चर्चा का विषय? आज की युवा पीढ़ी शिक्षा, रोजगार, परीक्षा प्रक्रिया और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रख रही है। इंटरनेट और सोशल मीडिया ने युवाओं को अपनी बात बड़े स्तर तक पहुंचाने का मंच दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी लोकतंत्र को मजबूत बनाती है और नीतियों में सुधार की प्रक्रिया को गति दे सकती है। धर्मेंद्र प्रधान मामले पर आगे की नजर धर्मेंद्र प्रधान से जुड़े इस विवाद के बीच सोनम वांगचुक का बयान राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। जहां एक ओर इसे युवाओं की ताकत और जवाबदेही से जोड़ा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार के अगले कदमों पर भी नजर बनी हुई है। फिलहाल, शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दे आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का बड़ा हिस्सा बने रह सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Dharmendra Pradhan

Education Politics: Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग पर सियासत गर्म

शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों के बीच अब उनके इस्तीफे को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। इसी बीच दीपक के बयान ने इस पूरे मामले को और ज्यादा सुर्खियों में ला दिया है। दीपक ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक समय कहा जाता था कि “इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते”, लेकिन जब जनता और विपक्ष की आवाज मजबूत होती है तो हालात बदल सकते हैं। उन्होंने कहा, “झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है। Paper Leak और Education System को लेकर बढ़ा दबाव शिक्षा मंत्रालय लगातार कई मुद्दों को लेकर विपक्ष के निशाने पर रहा है। खासतौर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाब मांगा जाता रहा है। विपक्ष का आरोप है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए। वहीं सरकार का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। दीपक का बयान बना चर्चा का विषय दीपक के बयान ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक चर्चा बढ़ा दी है। उनके शब्दों को सरकार पर दबाव बनाने वाले राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने इशारों में कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे अहम होती है और जब किसी मुद्दे पर लगातार सवाल उठते हैं तो सरकारों को उसका जवाब देना पड़ता है। क्या धर्मेंद्र प्रधान देंगे इस्तीफा? फिलहाल शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। सरकार की ओर से भी इस मामले में कोई संकेत नहीं दिया गया है। हालांकि, विपक्ष लगातार शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेर रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन सकता है। राजनीतिक घमासान जारी Education Sector से जुड़े फैसले और परीक्षाओं की विश्वसनीयता इस समय देश में बड़ा मुद्दा बने हुए हैं। जहां विपक्ष सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं सरकार अपने काम और सुधारों को लेकर अपना पक्ष रख रही है। धर्मेंद्र प्रधान को लेकर शुरू हुई यह Resignation Controversy फिलहाल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित है, लेकिन इसने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था और सरकार की जिम्मेदारी पर बहस को तेज कर दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CJP Protest

CJP Protest Controversy: Fake News पर Delhi Police सख्त, Social Media Accounts की जांच शुरू

दिल्ली में चल रहे CJP Protest के बीच दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रही गलत सूचनाओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि प्रदर्शन से जुड़े मामले में कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए भ्रामक और झूठे पोस्ट वायरल किए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, इनमें से कुछ अकाउंट्स को पाकिस्तान से संचालित किया जा रहा है और इनके जरिए माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। Delhi Police ने Social Media Campaign पर जताई चिंता दिल्ली पुलिस ने बताया कि वह प्रदर्शन से जुड़ी हर गतिविधि पर नजर रख रही है। अधिकारियों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे पोस्ट सामने आए हैं जिनमें तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया गया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वायरल मैसेज, वीडियो या पोस्ट को बिना पुष्टि किए शेयर न करें। अधिकारियों का कहना है कि अफवाहों से बचना बेहद जरूरी है, क्योंकि गलत जानकारी से स्थिति बिगड़ सकती है। Protest को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था सख्त CJP Protest को देखते हुए दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रदर्शन स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाली किसी भी गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। Fake News फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर फर्जी जानकारी फैलाने वाले अकाउंट्स की पहचान की जा रही है। जांच के दौरान संदिग्ध गतिविधियों वाले अकाउंट्स को ट्रैक किया जा रहा है। पुलिस ने साफ किया कि इंटरनेट प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल कर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लोगों से जिम्मेदारी के साथ Social Media इस्तेमाल करने की अपील आज के समय में सोशल मीडिया खबरों का तेज माध्यम बन चुका है, लेकिन कई बार इसका गलत इस्तेमाल भी देखने को मिलता है। दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी जानकारी को आगे बढ़ाने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और जरूरत पड़ने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। CJP Protest Latest Update फिलहाल CJP Protest को लेकर दिल्ली पुलिस अलर्ट मोड में है। सोशल मीडिया गतिविधियों की निगरानी बढ़ा दी गई है और संदिग्ध पोस्ट करने वाले अकाउंट्स पर नजर रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि राजधानी में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
EPFO

PF Interest Update: EPFO खाते में आया ब्याज, Missed Call और SMS से ऐसे Check करें PF Balance

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े लाखों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। PF Account में जमा राशि पर मिलने वाला ब्याज (PF Interest) अब कई सदस्यों के खातों में दिखना शुरू हो गया है। अगर आप भी यह जानना चाहते हैं कि आपके PF खाते में ब्याज आया है या नहीं, तो इसे घर बैठे आसानी से चेक किया जा सकता है। EPFO ने कर्मचारियों के लिए PF Balance Check करने के कई आसान विकल्प उपलब्ध कराए हैं। अब न तो ऑफिस के चक्कर लगाने की जरूरत है और न ही लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। मोबाइल फोन से सिर्फ कुछ मिनटों में Missed Call, SMS, UMANG App और EPFO Portal के जरिए PF Account की जानकारी मिल सकती है। PF Interest Update: खाते में कैसे जुड़ता है ब्याज? EPFO हर वित्त वर्ष के लिए PF खाताधारकों को ब्याज देता है। कर्मचारी और कंपनी की ओर से जमा किए गए अंशदान पर यह ब्याज तय नियमों के अनुसार जोड़ा जाता है। ब्याज राशि अपडेट होने के बाद कर्मचारी अपनी EPF Passbook में जाकर देख सकते हैं कि उनके खाते में कितनी राशि जमा हुई है और कितना ब्याज मिला है। Missed Call से Check करें PF Balance अगर आपके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है, तब भी आप आसानी से PF Balance पता कर सकते हैं। ऐसे करें PF Balance Check: ध्यान रखें कि यह सुविधा लेने के लिए आपका UAN Active होना और मोबाइल नंबर EPFO खाते से लिंक होना जरूरी है। SMS के जरिए जानें PF Account की पूरी जानकारी EPFO अपने सदस्यों को SMS Service की सुविधा भी देता है। Process: अगर आपको हिंदी में जानकारी चाहिए तो ENG की जगह HIN लिखकर भेज सकते हैं। UMANG App से घर बैठे देखें PF Balance सरकार का UMANG App भी PF Account की जानकारी देखने का आसान माध्यम है। Steps Follow करें: EPFO Website से Online Check करें PF Passbook जो कर्मचारी ऑनलाइन सुविधा का इस्तेमाल करना चाहते हैं, वे EPFO Portal के जरिए भी अपना PF Balance देख सकते हैं। कैसे देखें: PF Balance Check करने से पहले रखें इन बातों का ध्यान PF खाते की जानकारी देखने से पहले इन जरूरी बातों को जरूर जांच लें: कर्मचारियों के लिए क्यों खास है PF Interest Update? PF सिर्फ नौकरी के दौरान जमा होने वाली बचत नहीं है, बल्कि यह भविष्य की आर्थिक सुरक्षा का बड़ा साधन भी है। खाते में ब्याज जुड़ने से कर्मचारियों की कुल जमा राशि बढ़ती है और रिटायरमेंट के समय उन्हें इसका फायदा मिलता है। EPFO की डिजिटल सुविधाओं ने अब PF Account को Manage करना पहले से काफी आसान बना दिया है। कर्मचारी कभी भी अपने मोबाइल से यह पता कर सकते हैं कि उनके खाते में कितना Balance है और ब्याज की राशि अपडेट हुई है या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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