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सेंसेक्स 1500 अंक उछला

Stock Market Today: Infosys, RIL और Airtel की तेजी से सेंसेक्स 1500 अंक उछला, निफ्टी 22,600 के पार पहुंचा

भारतीय शेयर बाजार में आज ज़बरदस्त तेजी देखने को मिली। Infosys, Reliance Industries और Bharti Airtel जैसे हैवीवेट स्टॉक्स में शानदार खरीदारी के चलते बाजार में तगड़ा उछाल दर्ज हुआ। एशियाई बाजारों में मजबूती और ग्लोबल संकेतों के सपोर्ट से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही इंडेक्स रिकॉर्ड तेजी के साथ ट्रेंड कर रहे हैं। बाजार की ओपनिंग – दमदार शुरुआत! आज सुबह बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 900 अंकों की छलांग लगाकर 74,013.73 पर खुला। दोपहर 1 बजे तक सेंसेक्स में 1585.76 अंकों की बढ़त दर्ज की गई और यह 2.17% की तेजी के साथ 74,723.66 पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी-50 (Nifty-50) ने भी कमाल की शुरुआत की। यह 22,446.75 पर खुला और दोपहर होते-होते 467.80 अंक या 2.11% उछलकर 22,629.40 पर ट्रेड कर रहा था। कल कैसा था बाजार का हाल? सोमवार (7 अप्रैल) को बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली थी। सेंसेक्स 2,226.79 अंक या 2.95% गिरकर 73,137.90 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 742.85 अंक या 3.24% गिरकर 22,161.60 पर आ गया था। यह गिरावट 4 जून 2024 के बाद की सबसे बड़ी थी। ग्लोबल मार्केट्स से क्या मिल रहे संकेत? हालांकि, सोमवार को Dow Jones और S&P 500 में थोड़ी गिरावट रही थी, लेकिन निवेशकों की नजर अब वापसी की ओर है। US अमेरिका-चीन टकराव का असर? अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर दबाव बनाते हुए “रेसिप्रोकल टैरिफ” को हटाने की मांग की है। चीन इस पर सख्त स्टैंड लेने की तैयारी में है। इस तनाव का असर ग्लोबल सेंटिमेंट पर नजर आ सकता है। निवेशकों की नजर RBI की मीटिंग पर अब सबकी नजर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मौद्रिक नीति समिति की बैठक पर है, जिसका फैसला कल (9 अप्रैल) आएगा। इसके अलावा कंपनियों के Q4 रिजल्ट्स और इस हफ्ते आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर भी बाजार की नजर टिकी हुई है।
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Petrol – Diesel  पर 2 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी बढ़ी, आम जनता की जेब पर फिर पड़ेगा असर

नई दिल्ली, 7 अप्रैल 2025 | देश हरपल ब्यूरो Government Increased Excise Duty: सरकार ने सोमवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए पेट्रोल और डीज़ल पर एक्साइज ड्यूटी मेंआज रात 12 बजे से 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। यह फैसला आज रात 12 बजे से ही लागू हो जायेगा, जिससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। सरकार के इस कदम को आर्थिक राजस्व बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन इससे महंगाई की मार झेल रही जनता पर और बोझ बढ़ेगा। क्या है फैसला?वित्त मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, अब पेट्रोल और डीज़ल दोनों पर बेसिक एक्साइज ड्यूटी 2 रुपये बढ़ाकर लागू की गई है। भारत में वर्तमान में पेट्रोल-डीजल का बेस प्राइस करीब 32 रुपये है. इस पर केंद्र सरकार 33 रुपये एक्साइज ड्यूटी वसूल रही है और बाद में अलग-अलग राज्य सरकारें अपने-अपने हिसाब से वैट और सेस वसूलती हैं, जिससे डीजल और पेट्रोल के दाम तीन गुना तक बढ़ जाते हैं. क्यों बढ़ाई गई ड्यूटी?सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह कदम केंद्र सरकार द्वारा राजस्व में वृद्धि के प्रयासों के तहत उठाया गया है। हाल ही में सरकार की वित्तीय स्थिति पर दबाव बढ़ा है, खासकर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और सब्सिडी खर्चों को देखते हुए। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव का असर भारत पर पड़ा है। जनता की प्रतिक्रियादिल्ली, मुंबई, पटना, भोपाल जैसे शहरों में लोगों ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है। एक ऑटो चालक ने “देश हरपल” से बातचीत में कहा, “कमाई पहले ही कम हो रही है, अब पेट्रोल और डीज़ल की कीमत बढ़ने से रोज़ाना का खर्चा और बढ़ जाएगा। सरकार को आम लोगों की स्थिति समझनी चाहिए।“ विशेषज्ञों की रायआर्थिक मामलों के जानकारों का मानना है कि यह कदम अल्पकालिक राजस्व वृद्धि तो देगा, लेकिन इससे महंगाई दर में और उछाल आने की संभावना है। परिवहन लागत बढ़ने से फल-सब्ज़ी, अनाज, दूध और अन्य आवश्यक वस्तुएं भी महंगी हो सकती हैं। राजनीतिक हलचलविपक्षी दलों ने इस बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि सरकार चुनावी वादों को भूल चुकी है और अब सिर्फ टैक्स वसूली के जरिए आम आदमी को दबा रही है। निष्कर्ष:एक्साइज ड्यूटी में इस बढ़ोतरी से जहां सरकार को तात्कालिक लाभ मिलेगा, वहीं इसका सीधा असर आम जनता की रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर पड़ेगा। आने वाले दिनों में महंगाई और सार्वजनिक प्रतिक्रिया इस फैसले की वास्तविक कीमत तय करेंगे।
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शेयर बाजार

Stock Market Crash: 10 मिनट में ₹18 लाख करोड़ की डूबत – Investors को संभलने का मौका तक नहीं मिला

सोमवार, 7 अप्रैल 2025 को भारतीय शेयर बाजार में अचानक आई भारी गिरावट ने निवेशकों को झकझोर कर रख दिया। बाजार खुलते ही सिर्फ 10 मिनट में निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹18 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो गया। ये गिरावट इतनी तेज थी कि कई निवेशक बाजार को समझने से पहले ही भारी नुकसान झेल गए। कैसे हुआ इतना बड़ा नुकसान? बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) शुक्रवार को ₹4,04 लाख करोड़ था, जो सोमवार को सिर्फ 10 मिनट के भीतर घटकर ₹3,86 लाख करोड़ पर पहुंच गया। यानी कुल ₹18,07,639 करोड़ की संपत्ति महज कुछ मिनटों में वाष्पित हो गई। इस गिरावट की वजहें वैश्विक स्तर पर फैली चिंता से जुड़ी हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा घोषित नए और सख्त टैरिफ, दुनिया भर के निवेशकों के लिए झटका साबित हुए। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने पहले ही महंगाई और विकास दर को लेकर चिंता जताई थी, और अब इन टैरिफ्स ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। सेक्टर्स पर असर: आईटी, मेटल और मिडकैप्स सबसे ज्यादा गिरे इस गिरावट का असर हर सेक्टर पर दिखाई दिया। बीएसई के सभी 13 प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में रहे। सबसे ज्यादा गिरावट मेटल और आईटी सेक्टर में दर्ज की गई: क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ? बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट सिर्फ एक शुरुआत हो सकती है। बार्कलेज ने वित्त वर्ष 2026 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ में 0.30% की कटौती का अनुमान लगाया है, वहीं गोल्डमैन सैक्स ने अगले कुछ वर्षों में कॉर्पोरेट आय में 2-3% की गिरावट की आशंका जताई है। वैश्विक बाजारों की स्थिति भी चिंताजनक यह सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। जापान का Nikkei 225 इंडेक्स भी 6.5% तक गिरा है, जिससे साफ है कि वैश्विक बाजारों में भी डर का माहौल है। निवेशक फिलहाल जोखिम से दूर रहना चाहते हैं और इसलिए बिकवाली का सिलसिला जारी है। निष्कर्ष: क्या निवेशकों को घबराना चाहिए? अभी बाजार में अस्थिरता का दौर है और ऐसे में घबराकर कोई भी बड़ा निर्णय लेना नुकसानदेह हो सकता है। विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि निवेशक फिलहाल धैर्य रखें, पोर्टफोलियो को दोबारा परखें और लॉन्ग टर्म दृष्टिकोण अपनाएं।
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Wall Street में भारी गिरावट

Wall Street में भारी गिरावट: Trump के tariff फैसले से Nasdaq bear market के करीब, $4 trillion का नुकसान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आयातित वस्तुओं पर भारी टैरिफ लगाने के फैसले ने वॉल स्ट्रीट को हिला कर रख दिया है। शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की चिंताएं और भी गहरी हो गई हैं। महज दो दिनों में अमेरिकी शेयर बाजारों से करीब 4 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 334 लाख करोड़ रुपये) की संपत्ति का नुकसान हुआ है। Nasdaq बेयर मार्केट के करीब टेक कंपनियों से जुड़ा Nasdaq Composite इंडेक्स इस गिरावट से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। यह इंडेक्स लगभग 4.5% से अधिक गिर चुका है, जिससे यह बेयर मार्केट के करीब पहुंच गया है। Nasdaq की यह स्थिति 2020 में कोविड-19 के दौरान आई मंदी के बाद सबसे खराब मानी जा रही है। Dow Jones और S&P 500 भी लुढ़के Dow Jones Industrial Average और S&P 500 इंडेक्स में भी भारी गिरावट देखी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका असर वैश्विक बाजारों पर भी पड़ सकता है। चीन ने दी जवाबी कार्रवाई, तनाव और गहरा ट्रंप के टैरिफ के जवाब में चीन ने भी अमेरिकी वस्तुओं पर 34% तक आयात शुल्क लगा दिया है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार युद्ध और गहरा गया है, जिससे निवेशकों की बेचैनी और बढ़ गई है। मंदी का खतरा मंडराने लगा आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि इन टैरिफ्स के चलते महंगाई बढ़ सकती है और इससे अमेरिका समेत पूरी दुनिया में आर्थिक मंदी की स्थिति बन सकती है। इस बीच अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने भी यह साफ कर दिया है कि ब्याज दरों में जल्द कोई राहत नहीं दी जाएगी, जिससे बाजार की गिरावट और तेज हो गई। निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा हालात में निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए और जल्दबाज़ी में किसी भी प्रकार का बड़ा निवेश करने से बचना चाहिए। यह स्थिति अभी कुछ हफ्तों तक बनी रह सकती है।
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सोना 3,200 डॉलर पार!

सोना 3,200 डॉलर पार! ट्रंप के टैरिफ ऐलान के बाद रिकॉर्ड हाई, जानिए कीमतों में तेजी की वजह

गोल्ड ने फिर बनाया नया रिकॉर्ड! अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ ऐलान के बाद गोल्ड की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई हैं। COMEX पर सोना $3,200 के पार निकल गया, जबकि MCX पर 91,423 रुपये तक चढ़ा। इस साल अब तक सोने में 20% की बढ़त दर्ज की गई है। क्यों बढ़ी सोने की कीमतें? गोल्ड ETF में निवेश बढ़ा इन्वेस्टर्स तेजी से गोल्ड ETF में निवेश कर रहे हैं। पिछले 8 हफ्तों से लगातार इनफ्लो बना हुआ है, जिससे कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है। घरेलू और ग्लोबल बाजार में ताजा भाव क्या आगे भी बढ़ेगी कीमत? विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रेड वॉर, जियो-पॉलिटिकल टेंशन और महंगाई के चलते सोने की मांग बनी रहेगी। अगर फेड ब्याज दरों में कटौती करता है, तो सोने की कीमतें और बढ़ सकती हैं।
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आरबीआई की नई डिप्टी गवर्नर बनीं पूनम गुप्ता

आरबीआई की नई डिप्टी गवर्नर बनीं पूनम गुप्ता, सरकार ने दी तीन साल की नियुक्ति

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को आखिरकार नया डिप्टी गवर्नर मिल गया है। सरकार ने पूनम गुप्ता को तीन साल के लिए आरबीआई का डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति को मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) ने मंजूरी दी है। पूनम गुप्ता इससे पहले नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लायड इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) की महानिदेशक थीं। डिप्टी गवर्नर का पद खाली था जनवरी 2024 में माइकल देबव्रत पात्रा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद आरबीआई का एक डिप्टी गवर्नर पद खाली था। अब सरकार ने इस अहम पद के लिए पूनम गुप्ता को चुना, जो एक जानी-मानी अर्थशास्त्री हैं और कई प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़ी रही हैं। कौन हैं पूनम गुप्ता? मौद्रिक नीति समिति (MPC) में होंगी अहम सदस्य आरबीआई की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) में अब पूनम गुप्ता भी शामिल होंगी। यह समिति रेपो रेट और अन्य मौद्रिक नीतियों से जुड़े अहम फैसले लेती है। शैक्षिक योग्यता और उपलब्धियां अर्थव्यवस्था और बैंकिंग सेक्टर के लिए क्या होगा असर?
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Travel Pass

Paytm Travel ने किया Travel Pass सब्सक्रिप्शन लॉन्च, जिसमें मुफ्त रद्दीकरण, बीमा, और ₹15,200 तक की सीट बुकिंग छूट शामिल

Paytm Travel Pass: व्यवसायिक यात्रियों और फ्रीक्वेंट फ्लायर्स के लिए एक नई सुविधा भारत की प्रमुख भुगतान और वित्तीय सेवा वितरण कंपनी Paytm (One97 Communications Limited) ने हाल ही में एक नई सेवा, Paytm Travel Pass, लॉन्च की है। यह विशेष रूप से उन यात्रियों को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन किया गया है जो नियमित रूप से यात्रा करते हैं या व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए उड़ानें भरते हैं। ₹1,299 में उपलब्ध यह सब्सक्रिप्शन-आधारित पास यात्रियों को कई फायदे प्रदान करता है, जिनमें लागत में बचत, यात्रा सुरक्षा, और बदलाव की सुविधा शामिल है। Paytm Travel Pass की विशेषताएँ: Vikash Jalan, CEO – Paytm Travel, ने इस पहल पर कहा:“हमारा उद्देश्य उन यात्रियों को सेवाएँ प्रदान करना है जो अक्सर यात्रा करते हैं और व्यावसायिक यात्रियों के बढ़ते वर्ग को लक्षित कर रहे हैं। Paytm Travel Pass के साथ, यात्रियों को मुफ्त रद्दीकरण, यात्रा बीमा और सीट छूट का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी यात्रा और अधिक सुखद और किफायती बनेगी। यह हमारे दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसमें हम यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए अभिनव समाधान प्रदान कर रहे हैं।” इस नई पेशकश से यात्रियों को न केवल वित्तीय लचीलापन मिलेगा, बल्कि यात्रा की मानसिक शांति भी मिलेगी। Paytm Travel Pass एक ऐसा आदर्श समाधान बनता जा रहा है जो यात्रियों के लिए किफायती, सुविधाजनक और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करता है।
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1 अप्रैल से बदल गए कई नियम: टैक्स छूट, सिलेंडर सस्ता, कारें महंगी, यूनिफाइड पेंशन स्कीम शुरू

1 अप्रैल से बदल गए कई नियम: टैक्स छूट, सिलेंडर सस्ता, कारें महंगी, यूनिफाइड पेंशन स्कीम शुरू

नया महीना यानी अप्रैल 2025 कई बड़े बदलाव लेकर आया है। इन बदलावों का असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। इनकम टैक्स में छूट से लेकर सिलेंडर की कीमतों में गिरावट और कारों के दाम बढ़ने तक, यहां जानिए 1 अप्रैल से लागू हुए 10 बड़े बदलाव: 1. कॉमर्शियल सिलेंडर हुआ सस्ता अगर आप होटल या रेस्तरां चलाते हैं, तो यह आपके लिए राहत की खबर है। 19 किलो वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में ₹44.50 तक की गिरावट आई है। हालांकि, घरेलू गैस सिलेंडर (14.2 किलो) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में यह अभी भी ₹803 और मुंबई में ₹802.50 पर मिल रहा है। 2. 12 लाख तक की इनकम टैक्स फ्री अब नई टैक्स व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये तक की सालाना आय पर कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा। नौकरीपेशा लोगों को 75 हजार रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा मिलेगा, जिससे यह छूट 12.75 लाख रुपये तक हो जाएगी। 3. महिला सम्मान सेविंग्स सर्टिफिकेट स्कीम बंद महिलाओं के लिए खास महिला सम्मान सेविंग्स सर्टिफिकेट स्कीम (MSSC) को सरकार ने बंद कर दिया है। इसमें 7.5% का सालाना ब्याज मिलता था और 2 लाख रुपये तक निवेश की सीमा थी। 4. गाड़ियों की कीमतों में इजाफा अगर आप नई कार खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो अब ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स, किआ इंडिया, हुंडई और होंडा ने अपने वाहनों की कीमतें बढ़ा दी हैं। 5. इनएक्टिव मोबाइल नंबरों पर UPI बंद अगर आपका बैंक से लिंक किया हुआ मोबाइल नंबर लंबे समय से इनएक्टिव है, तो अब उस नंबर से UPI पेमेंट नहीं कर पाएंगे। ऐसे नंबर UPI सिस्टम से हटा दिए जाएंगे। 6. सीनियर सिटीजन को ब्याज पर दोगुनी टैक्स छूट अब वरिष्ठ नागरिकों को बैंक और पोस्ट ऑफिस में जमा राशि के ब्याज पर टैक्स छूट 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है। इससे उन्हें ज्यादा बचत करने का मौका मिलेगा। 7. केंद्रीय कर्मचारियों के लिए यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) अब नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) के तहत आने वाले केंद्रीय कर्मचारी यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) का लाभ उठा सकेंगे। 8. ULIP पर कैपिटल गेन टैक्स अगर आपका यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (ULIP) का सालाना प्रीमियम ₹2.5 लाख से ज्यादा है, तो अब उस पर कैपिटल गेन टैक्स लगेगा। 9. बैंक में मिनिमम बैलेंस से जुड़े नियम बदले SBI, PNB और केनरा बैंक समेत कई बैंकों ने मिनिमम बैलेंस रखने के नियमों में बदलाव किया है। अब यह बैलेंस इस बात पर निर्भर करेगा कि खाता शहरी, अर्ध-शहरी या ग्रामीण इलाके में है। न्यूनतम बैलेंस न रखने पर जुर्माना भी लग सकता है। 10. हवाई सफर हो सकता है सस्ता एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतें ₹6,064.1 तक घटाई गई हैं। इससे हवाई टिकटों के दाम कम होने की संभावना है। निष्कर्ष 1 अप्रैल से लागू इन बदलावों का असर हर किसी पर पड़ेगा। कुछ मामलों में राहत मिलेगी, तो कुछ चीजें महंगी हो जाएंगी। इनकम टैक्स की छूट और पेंशन स्कीम जैसी सुविधाएं फायदेमंद साबित हो सकती हैं, जबकि कारों की कीमत बढ़ने और बैंक नियमों के बदलाव से लोगों की जेब पर असर पड़ेगा। अगर आप इन परिवर्तनों के बारे में अपडेट रहना चाहते हैं, तो देश हरपाल न्यूज के साथ जुड़े रहें!
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1 अप्रैल 2025 से बदल जाएंगे ये 6 बड़े नियम: नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग को मिलेगा बड़ा फायदा

1 अप्रैल 2025 से बदल जाएंगे ये 6 बड़े नियम: नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग को मिलेगा बड़ा फायदा

1 अप्रैल 2025 से नया बजट लागू हो रहा है। 1 फरवरी को पेश किए गए बजट में कई बड़े बदलाव किए गए थे, जो अब लागू होंगे। इनमें टैक्स में राहत, रेंटल इनकम पर छूट और विदेश में पढ़ाई के लिए फंड ट्रांसफर पर टैक्स में बदलाव शामिल हैं। आइए जानते हैं कि इस बार के बजट में क्या-क्या बदलेगा और इसका आप पर क्या असर पड़ेगा। 1. टैक्स स्लैब में बदलाव: नौकरीपेशा लोगों को 75 हजार की अतिरिक्त राहत बदलाव: असर: 2. TDS छूट बढ़ी: रेंटल इनकम और सीनियर सिटीजन्स को राहत बदलाव: असर: 3. विदेश में पढ़ाई के लिए टैक्स छूट: अब 10 लाख तक बिना TCS कटे भेज सकेंगे पैसा बदलाव: असर: 4. अपडेटेड रिटर्न फाइल करने के लिए अब 48 महीने तक का समय बदलाव: असर: 5. यूलिप पर कैपिटल गेन टैक्स: हाई-इनकम ग्रुप के लिए नया नियम बदलाव: असर: 6. कस्टम ड्यूटी में बदलाव: 150-200 प्रोडक्ट होंगे सस्ते या महंगे बदलाव: सस्ते होंगे: महंगे होंगे: असर: सरकारी योजनाओं का फायदा कब से मिलेगा?
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ लागू होने से पहले वैश्विक शेयर बाजारों में हड़कंप

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ (Reciprocal Tariff) अगले महीने 2 अप्रैल से लागू होने जा रहा है। इससे पहले ही दुनियाभर के शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी जा रही है। जापान का निक्केई (Nikkei), दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) और अन्य एशियाई शेयर बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। अमेरिकी बाजारों पर भी इसका असर दिख रहा है। क्या है रेसिप्रोकल टैरिफ? रेसिप्रोकल टैरिफ अमेरिकी व्यापार नीति का हिस्सा है, जिसके तहत अमेरिका उन देशों पर समान शुल्क लगाएगा जो अमेरिकी उत्पादों पर ऊंचा आयात शुल्क लगाते हैं। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि यह नीति अमेरिकी कंपनियों और निर्यातकों के हितों की रक्षा करेगी। वैश्विक बाजारों पर असर भारतीय बाजारों पर असर भारतीय शेयर बाजार भी वैश्विक गिरावट की चपेट में आ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका अपने टैरिफ नीति को सख्ती से लागू करता है, तो भारतीय कंपनियों को भी नुकसान हो सकता है, खासतौर पर आईटी, फार्मा और ऑटोमोबाइल सेक्टर को। आगे क्या? विशेषज्ञों के अनुसार, यदि अमेरिका अपनी इस नीति को पूरी तरह लागू करता है तो यह कई देशों के लिए चुनौती बन सकता है। कई सरकारें अमेरिका के इस फैसले का विरोध कर सकती हैं, जिससे आने वाले दिनों में व्यापार युद्ध (Trade War) की स्थिति भी बन सकती है। (देश हरपल के लिए विशेष रिपोर्ट)
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Vishwas Sarang

Vishwas Sarang को बहनों का बेशुमार प्यार, Narela Rakshabandhan Mahotsav में बना नया उत्साह

नरेला विधानसभा क्षेत्र में चल रहे Rakshabandhan Mahotsav 2026 में रविवार को भाई-बहन के रिश्ते की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। वार्ड नंबर 36, 37 और 70 में आयोजित कार्यक्रम के पांचवें दिन 24 हजार 604 बहनों ने मंत्री Vishwas Sarang को रक्षासूत्र बांधा। बहनों ने राखी बांधकर उनके प्रति स्नेह और आशीर्वाद जताया। कार्यक्रम में पहुंचते ही मंत्री विश्वास सारंग का स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। ढोल-ताशों और DJ की गूंज के बीच उन्हें बग्गी से मुख्य कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया। इस दौरान आतिशबाजी भी हुई। मंच पर पहुंचने के बाद सारंग ने बहनों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। बहनों के प्यार को बताया अपनी ताकत रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वास सारंग ने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच विश्वास, स्नेह और अपनत्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हर साल बड़ी संख्या में बहनों का प्यार और आशीर्वाद मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। कार्यक्रम में पहुंचीं बहनों से उन्होंने राखी बंधवाई और उनका आशीर्वाद लिया। सारंग ने कहा कि लाखों बहनों का स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। चौथे दिन भी उमड़ा था बहनों का सैलाब नरेला रक्षाबंधन महोत्सव के चौथे दिन भी बड़ी संख्या में बहनें कार्यक्रम में पहुंची थीं। उस दिन 31,117 बहनों ने मंत्री विश्वास सारंग को रक्षासूत्र बांधा था। आयोजकों के अनुसार, पिछले साल के महोत्सव में कुल 1 लाख 84 हजार 632 बहनों ने रक्षासूत्र बांधा था। इस बार भी लगातार बढ़ रही भागीदारी को देखते हुए पिछले साल का आंकड़ा पार होने की उम्मीद जताई जा रही है। 7 सितंबर को इन दो वार्डों में होगा आयोजन नरेला रक्षाबंधन महोत्सव का अगला चरण 7 सितंबर 2026 को होगा। इस दिन दो वार्डों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में भी बड़ी संख्या में बहनों के शामिल होने की उम्मीद है। महोत्सव के जरिए रक्षाबंधन के पारंपरिक रिश्ते को सामाजिक जुड़ाव और भाईचारे के भाव से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। नरेला क्षेत्र में लगातार कई दिनों से चल रहे इस आयोजन में बहनों की बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है। पांचवें दिन 24,604 रक्षासूत्र बांधे जाने के साथ महोत्सव का उत्साह और बढ़ गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CM रेखा गुप्ता

Satya Niketan हादसे पर CM रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला, Deputy Commissioner समेत 5 Suspend

दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। पांच मंजिला इमारत के अचानक गिरने से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे के बाद CM रेखा गुप्ता ने जिम्मेदारी तय करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। MCD के साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर समेत 5 अधिकारियों को Suspend कर दिया गया है। सरकार के इस एक्शन के बाद नगर निगम के कामकाज और इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हादसे के बाद MCD में बड़ा Action सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद MCD ने पांच अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। इनमें साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर सहित इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े अधिकारी शामिल हैं। जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि इमारत की हालत को लेकर पहले कोई शिकायत या नोटिस जारी हुआ था या नहीं और निर्माण या मरम्मत के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी इमारत बताया जा रहा है कि जिस बिल्डिंग का हिस्सा ढहा, उसका इस्तेमाल PG accommodation के तौर पर किया जा रहा था। हादसे के समय वहां कई लोग मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धूल का गुबार उठ गया और लोग मदद के लिए मौके पर पहुंचने लगे। इसके बाद दिल्ली फायर सर्विस, NDRF और अन्य बचाव दलों ने मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। 7 लोगों की मौत, कई घायल रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे से कई लोगों को बाहर निकाला गया। हादसे में अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद आसपास के लोगों में भी डर का माहौल है। स्थानीय स्तर पर दूसरी पुरानी और कमजोर इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। Building Owner भी पुलिस की गिरफ्त में मामले में पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक हरिराम के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए कई टीमें लगाई थीं। बाद में उसे भिवाड़ी से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस अब हादसे से जुड़े दस्तावेज, बिल्डिंग की स्थिति और निर्माण या मरम्मत से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे और लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। आसपास की इमारतों की भी जांच सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने आसपास की इमारतों की स्थिति को लेकर भी जांच शुरू की है। अधिकारियों की नजर खास तौर पर उन भवनों पर है जो पुराने हैं या जिनमें निर्माण और मरम्मत का काम चल रहा है। इस घटना ने दिल्ली में old buildings, PG और construction safety को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर इमारत में पहले से कोई खामी थी, तो उसे समय रहते क्यों नहीं रोका गया? सरकार के Action से उठे कई सवाल MCD के पांच अधिकारियों का निलंबन सरकार की ओर से उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, असली तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी। सत्य निकेतन की इस घटना ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि जांच में हादसे की असली वजह क्या सामने आती है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CM House

CM House March पर Police का पहरा, Hamidia में Intern Doctors से धक्का-मुक्की

अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे इंटर्न डॉक्टर सोमवार को मुख्यमंत्री आवास (CM House) की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन हमीदिया अस्पताल के पास पुलिस ने उनका रास्ता रोक दिया। डॉक्टरों को आगे जाने से रोकने के लिए पुलिस ने आसपास के रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी। इस दौरान डॉक्टरों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। प्रदर्शन को देखते हुए हमीदिया अस्पताल परिसर और आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए मौके पर Water Cannon भी तैयार रखा गया। CM House की तरफ मार्च करना चाहते थे डॉक्टर इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। इसी सिलसिले में डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने का फैसला किया। डॉक्टरों का समूह हमीदिया अस्पताल से आगे बढ़ने लगा तो पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। पुलिस की Barricading के बाद डॉक्टरों ने मौके पर नारेबाजी शुरू कर दी। आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थान से आगे नहीं जाने के लिए समझाती रही। चारों तरफ से रास्ते किए गए बंद प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हमीदिया के आसपास कई रास्तों को बंद कर दिया। बैरिकेड लगाकर आवाजाही को नियंत्रित किया गया। मौके पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई, ताकि भीड़ को संभाला जा सके। Water Cannon की मौजूदगी से साफ था कि प्रशासन किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी में था। हालांकि, डॉक्टरों का प्रदर्शन अपनी मांगों को लेकर जारी रहा। मांगों पर सरकार से जवाब चाहते हैं Intern Doctors प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि वे अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। CM House तक मार्च के जरिए उनका उद्देश्य सीधे सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर खींचना था। फिलहाल पुलिस ने डॉक्टरों को मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने से रोक दिया है। हमीदिया अस्पताल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और स्थिति पर पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे ज्यादा चर्चा डॉक्टरों की मांगों और सरकार की ओर से संभावित बातचीत को लेकर है। अब देखना होगा कि प्रदर्शन के बाद प्रशासन और इंटर्न डॉक्टरों के बीच क्या समाधान निकलता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold

Gold Rate Today: सोने की कीमत ₹2409 गिरी, चांदी भी ₹3967 सस्ती

सोना खरीदने वालों के लिए सोमवार को बाजार से थोड़ी राहत की खबर आई। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोने (Gold) और चांदी (Silver) दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। आपके दिए बाजार आंकड़ों के मुताबिक सोना करीब ₹2,409 और चांदी करीब ₹3,967 सस्ती हुई है। इसके बाद 10 ग्राम सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख, जबकि एक किलो चांदी करीब ₹2.35 लाख के आसपास पहुंच गई। हालांकि, अलग-अलग बाजार, शुद्धता और कारोबार के समय के हिसाब से रेट में अंतर हो सकता है। सोमवार को एक अन्य बाजार रिपोर्ट में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,52,590 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,36,240 प्रति किलो बताया गया। सोने के भाव में फिर आई नरमी पिछले कुछ समय से रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास कारोबार कर रहा Gold सोमवार को दबाव में नजर आया। घरेलू बाजार में भी इसकी कीमत में कमजोरी देखने को मिली। MCX पर अक्टूबर गोल्ड फ्यूचर्स में भी गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत इससे कम है। अगर आप ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं तो ध्यान रखें कि दुकान पर मिलने वाला अंतिम रेट बाजार भाव से अलग हो सकता है। Silver Price Today: चांदी भी हुई सस्ती सोने के साथ चांदी में भी कमजोरी रही। चांदी करीब ₹3,967 प्रति किलो सस्ती होने के बाद लगभग ₹2.35 लाख प्रति किलो के स्तर पर आ गई है। हालांकि, सोमवार के अलग-अलग बाजार अपडेट में चांदी का भाव करीब ₹2.36 लाख प्रति किलो भी बताया गया है। इससे साफ है कि कारोबार के समय के साथ कीमतों में बदलाव हो रहा है। आखिर क्यों गिर रहे हैं सोना और चांदी? कीमती धातुओं में इस गिरावट का कनेक्शन सीधे ग्लोबल मार्केट से जुड़ा है। अमेरिका के रोजगार आंकड़े उम्मीद से मजबूत रहने के बाद वहां Federal Reserve की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें बदली हैं। मजबूत अमेरिकी जॉब डेटा के बाद सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना को लेकर दांव बढ़े हैं। इसका असर सोने पर पड़ा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में Spot Gold करीब 0.7% नीचे आया। वहीं Silver में भी लगभग 1% की गिरावट दर्ज की गई। अब आगे क्या होगा? अब बाजार की नजर अमेरिका से आने वाले महंगाई के आंकड़ों पर है। इस सप्ताह PPI और CPI जैसे महत्वपूर्ण आंकड़े जारी होने हैं। इनसे Federal Reserve की अगली ब्याज दर नीति को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में Gold और Silver में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। निवेशकों के साथ-साथ शादी या त्योहार के लिए खरीदारी करने वाले लोगों की भी बाजार पर नजर बनी हुई है। Gold खरीदते समय सिर्फ भाव न देखें अगर आप आज सोना खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो सिर्फ 10 ग्राम का बाजार भाव देखकर फैसला न लें। 22K या 24K purity, GST, making charges और ज्वेलर के अन्य शुल्क अंतिम कीमत को बदल सकते हैं। अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के बीच भी रेट में अंतर हो सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले अपने स्थानीय ज्वेलर से उसी समय का ताजा रेट जरूर पता करें। बाजार में तेजी से बदलाव होने के कारण सुबह और शाम के भाव में भी अंतर देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sagar

Sagar में जहरीली शराब का कहर: 19 मौत, 112 मरीज भर्ती; Liquor Network पर पुलिस का शिकंजा

मध्य प्रदेश के सागर (Sagar) जिले में जहरीली शराब ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने का सिलसिला शुरू हुआ और देखते ही देखते अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती चली गई। अब तक 19 लोगों की मौत की बात सामने आई है, जबकि 112 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती बताए जा रहे हैं। मृतकों में पिता-पुत्र के शामिल होने की जानकारी ने इस घटना को और दर्दनाक बना दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने लाइसेंसी शराब ठेकेदारों समेत 30 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें से 10 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। अधिकारियों की नजर अब उस पूरे नेटवर्क पर है, जिसके जरिए कथित तौर पर मिलावटी या जहरीली शराब लोगों तक पहुंची। शराब पीने के बाद बिगड़ी लोगों की तबीयत जानकारी के मुताबिक, सागर जिले के बंडा क्षेत्र में कई लोगों ने शराब का सेवन किया था। इसके बाद एक के बाद एक लोगों की तबीयत खराब होने लगी। कुछ लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। स्थानीय स्तर पर इलाज के बाद गंभीर मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया। अस्पतालों में अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया। प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीमों को भेजकर लोगों की जांच की जा रही है। प्रशासन यह भी पता लगाने में जुटा है कि कितने लोगों ने संदिग्ध शराब का सेवन किया था। 112 मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जहरीली शराब की आशंका के बाद अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या लगातार चिंता बढ़ा रही है। 112 लोगों के इलाज की जानकारी सामने आई है। इनमें कुछ मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में पहुंचकर स्थिति पर नजर रख रही हैं। अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि संदिग्ध शराब पीने वाले किसी व्यक्ति की हालत बिगड़ने पर उसे समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सके। पिता-पुत्र की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ इस हादसे में पिता-पुत्र की मौत की खबर ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। एक ही परिवार के दो सदस्यों की जान जाने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद प्रभावित इलाकों में मातम का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि शराब की एक बोतल इतनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। अब लोगों में अवैध और संदिग्ध शराब की बिक्री को लेकर डर भी है और गुस्सा भी। 30 नामजद आरोपियों पर FIR, 10 गिरफ्तार पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 30 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें लाइसेंसी शराब कारोबार से जुड़े लोगों के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब की सप्लाई कहां से हुई और इसे किन लोगों तक पहुंचाया गया। अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी है। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है। जांच में जिस किसी की भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है। लाइसेंसी ठेकेदारों की भूमिका भी जांच के घेरे में मामले में लाइसेंसी शराब ठेकेदारों के नाम सामने आने के बाद आबकारी विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच एजेंसियां यह पता कर रही हैं कि यदि शराब की बिक्री वैध दुकानों से हुई थी, तो उसमें मिलावट कैसे पहुंची। अधिकारियों की जिम्मेदारी और संभावित लापरवाही की भी जांच की जा रही है। प्रशासन की कोशिश है कि शराब के स्रोत से लेकर इसकी बिक्री तक पूरी चेन का पता लगाया जाए। जहरीली शराब की सप्लाई का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस पुलिस को शक है कि इस मामले के पीछे सिर्फ कुछ स्थानीय लोगों का हाथ नहीं, बल्कि शराब की सप्लाई से जुड़ा बड़ा नेटवर्क भी हो सकता है। जांच एजेंसियां शराब की बोतल, लेबल और सप्लाई चैन से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही हैं। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि जहरीली शराब लोगों तक कैसे पहुंची और इस लापरवाही के पीछे कौन जिम्मेदार है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। प्रशासन की नजर अब हर कड़ी पर सागर की इस घटना ने अवैध और मिलावटी शराब के कारोबार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग भी प्रभावित लोगों की निगरानी कर रहा है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल परिवार अपनों को खोने के दर्द में हैं और अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजन उनके जल्द ठीक होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा कि इस जहरीली शराब की असली सप्लाई कहां से हुई और इस पूरे मामले में किसकी कितनी भूमिका थी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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