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Sensex

Sensex Crash Today सेंसेक्स 1000 अंक टूटा, दो दिन में 2000 पॉइंट गिरा; निफ्टी भी फिसला

भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन निवेशकों के लिए काफी मुश्किल भरा रहा। लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में तेज बिकवाली देखने को मिली, जिससे बीएसई सेंसेक्स (Sensex) करीब 1,000 अंक टूटकर 81,100 के स्तर तक आ गया। वहीं एनएसई निफ्टी भी 200 से 350 अंक तक गिर गया। महज दो दिनों में ही सेंसेक्स लगभग 2,000 अंक नीचे आ चुका है, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई है। बाजार में क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट? सुबह बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव साफ दिखने लगा। गिरावट के पीछे प्रमुख वजहें निवेशकों के लिए क्या संकेत? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट ज्यादातर भावनात्मक और वैश्विक कारणों से जुड़ी हुई है। आम निवेशकों की चिंता कई छोटे निवेशक इस तेज गिरावट से परेशान हैं। एक रिटेल निवेशक का कहना है,“पिछले कुछ महीनों की कमाई दो दिनों में मिट गई। अब समझ नहीं आ रहा कि होल्ड करें या बेच दें।” Sensex Crash Today ने एक बार फिर याद दिला दिया कि शेयर बाजार में उतार–चढ़ाव आम बात है। फिलहाल बाजार पर वैश्विक संकेत, एफआईआई की गतिविधि और कंपनियों के नतीजों का असर बना रहेगा। निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे घबराने के बजाय सोच-समझकर फैसले लें और लंबी अवधि की रणनीति पर टिके रहें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market गिरा Sensex और Nifty की बड़ी गिरावट के पीछे क्या है असली वजह?

आज भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में जो कुछ हुआ, उसने छोटे-बड़े हर निवेशक को थोड़ा चौंका दिया।सुबह बाजार खुलते ही कमजोरी दिखने लगी और कुछ ही देर में Sensex और Nifty दोनों लाल निशान में फिसल गए। जिन निवेशकों को कल तक तेजी की उम्मीद थी, आज उनके चेहरे पर चिंता साफ दिखी। Today’s Market Update: क्या हुआ आज बाजार में? आज के कारोबार में: कुल मिलाकर बाजार में “sell first, think later” वाला माहौल दिखा। आखिर Sensex-Nifty क्यों गिरे? जानिए असली कारण 1. Global Market से आए खराब संकेत अमेरिका और यूरोप के बाजार पहले से दबाव में थे।Trade tension और geopolitical issues ने दुनिया भर के निवेशकों को सतर्क बना दिया — और उसका असर सीधा भारत पर दिखा। 2. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली (FII Selling) Foreign investors पिछले कुछ सत्रों से भारतीय शेयर बेच रहे हैं।जब बड़े खिलाड़ी बाहर निकलते हैं, तो बाजार में डर फैलना स्वाभाविक है। 3. कंपनियों के कमजोर नतीजे कुछ बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे, खासकर IT सेक्टर में।नतीजों ने यह साफ किया कि फिलहाल growth थोड़ी धीमी हो रही है। 4. रुपये की कमजोरी डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हुआ है।इससे न सिर्फ import महंगा होता है, बल्कि foreign investors का भरोसा भी थोड़ा डगमगाता है। 5. अनिश्चित नीतियाँ और टैरिफ डर अमेरिका-यूरोप के बीच टैरिफ विवाद और policy uncertainty ने investors को risk लेने से रोका। कौन से सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए? आज गिरावट में सबसे आगे रहे:IT सेक्टर – कमजोर global demand की वजह सेBanking & Finance – profit booking और डर की वजह सेRealty और Media Stocks – भारी बिकवाली के शिकार कुछ defensive शेयरों में थोड़ी मजबूती जरूर दिखी, लेकिन overall mood bearish ही रहा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Silver

Gold & Silver Price चांदी ₹3.05 लाख, सोना ₹1.46 लाख तक पहुंचा

भारतीय मार्केट में सोना (Gold) और चांदी (Silver) ने निवेशकों के लिए रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया है। आज चांदी की कीमत में ₹10,888 की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह ₹3.05 लाख के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई। खास बात यह है कि केवल 20 दिनों में चांदी की कीमत में ₹74,000 का जोरदार उछाल देखा गया। सोने की कीमत में भी उछाल Gold भी Silver की तरह तेजी दिखा रहा है। आज सोने की कीमत ₹2,429 बढ़कर ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम हो गई। निवेशक इसे सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश के रूप में देख रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में कीमती धातुओं की मांग बढ़ी है, और इसका असर सीधे कीमतों पर दिखाई दे रहा है। तेजी के पीछे क्या कारण हैं? विशेषज्ञों के अनुसार, सोना और चांदी की बढ़ती कीमतों के पीछे कई कारण हैं: निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है? इस तेजी का सबसे बड़ा फायदा निवेशकों को हो रहा है। जो लोग लंबे समय से सोना और चांदी में निवेश कर रहे हैं, उनके पोर्टफोलियो में अच्छा रिटर्न देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि छोटी मात्रा में भी निवेश करना फायदेमंद हो सकता है। मार्केट ट्रेंड और भविष्य Silver की तेजी सोने की तुलना में अधिक रही है, और निवेशक इस समय चांदी की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। आने वाले महीनों में अगर वैश्विक मार्केट में कोई बड़ा बदलाव नहीं होता, तो यह बढ़त जारी रह सकती है। Gold और चांदी में निवेश अब केवल एक विकल्प नहीं बल्कि सुरक्षित निवेश का जरिया बन गया है। चाहे आप छोटे निवेशक हों या बड़े, यह समय सोने और चांदी में निवेश करने का सही मौका हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold Price Today & Silver Price कीमती धातुओं में भूचाल, चांदी ₹3 लाख पार, सोना ऑल-टाइम हाई पर

भारतीय सराफा और कमोडिटी बाजार में आज का दिन ऐतिहासिक बन गया। चांदी (Silver Price Today) ने ऐसा रिकॉर्ड बनाया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। एक ही झटके में ₹13,550 की तेजी के साथ चांदी का भाव ₹3,00,000 प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गया, वहीं सोना (Gold Price Today) भी नई ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया। इस तेज़ उछाल ने आम ग्राहकों से लेकर बड़े निवेशकों तक सभी को चौंका दिया है। Silver ने बनाया इतिहास, पहली बार ₹3 लाख के पार आज सुबह बाजार खुलते ही चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला। कुछ ही समय में चांदी ₹13 हजार से ज्यादा महंगी हो गई और ₹3 लाख प्रति किलो का अहम स्तर पार कर गई। यह अब तक का सबसे ऊंचा भाव माना जा रहा है।जानकारों के मुताबिक, जनवरी 2026 में ही चांदी की कीमतों में करीब ₹60,000 से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है, जिससे इसकी मांग और चर्चा दोनों तेज हो गई हैं। Gold Price Today: सोने ने भी छुआ नया रिकॉर्ड चांदी के साथ-साथ सोने की चमक भी फीकी नहीं पड़ी। 24 कैरेट सोने के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। सुरक्षित निवेश (Safe Investment) के तौर पर सोने की मांग लगातार बढ़ रही है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा है। शादी-विवाह के सीजन से पहले सोने की कीमतों में आई यह तेजी आम लोगों की जेब पर असर डाल सकती है। इतनी तेजी के पीछे क्या हैं वजहें? कीमती धातुओं में आई इस बंपर तेजी के पीछे कई बड़े कारण माने जा रहे हैं: इन सभी वजहों ने मिलकर सोने और चांदी को रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंचा दिया है। निवेशकों और आम लोगों के लिए क्या मायने? बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा स्तर पर निवेश सोच-समझकर करना जरूरी है। ऊंचे भाव पर मुनाफावसूली के चलते उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है। हालांकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोना और चांदी अब भी भरोसेमंद विकल्प बने हुए हैं। कुल मिलाकर, Silver Price का ₹3 लाख के पार जाना और Gold Price का नया रिकॉर्ड बनाना भारतीय बाजार के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक पल है। आने वाले दिनों में वैश्विक हालात, डॉलर-रुपया दर और अंतरराष्ट्रीय नीतियां तय करेंगी कि यह तेजी आगे कितनी दूर तक जाती है।फिलहाल, सोना और चांदी दोनों ही चर्चा के केंद्र में हैं और हर निवेशक की नजर अगले मूव पर टिकी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market Update 16 Jan 2026 Sensex-Nifty Today Highlights और Top Movers

आज, 16 जनवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) में जोरदार तेजी देखने को मिली। BSE Sensex ने लगभग 700 पॉइंट्स की बढ़त दर्ज की और Nifty 50 25,800 के ऊपर ट्रेड कर रहा है। निवेशकों का भरोसा IT और Banking सेक्टर के मजबूत प्रदर्शन से बढ़ा, जबकि बड़ी कंपनियों के तिमाही परिणाम ने बाजार को नई ऊर्जा दी। आज के Market Movers – IT और Tech Stocks की चमक Banking और Financial Stocks भी चमके Other Stocks on Radar Sensex और Nifty Levels Summary – क्या सीखें आज के Market से? 16 जनवरी 2026 का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक और उत्साहजनक रहा। आज का दिन यह साबित करता है कि सही सेक्टर और सही स्टॉक्स में निवेश, मार्केट मूड को बदल सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold & Silver Today चांदी ₹2.89 लाख/kg और सोना ₹1.47 लाख/10g तक पहुंचा

देश के बुलियन मार्केट (Bullion Market) में 2026 की शुरुआत में ही एक जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। चांदी (Silver) और सोना (Gold) दोनों ने नया ऑल टाइम हाई (All-Time High) छू लिया है, जिससे निवेशकों और ज्वैलर्स में उत्साह और उत्सुकता दोनों बढ़ गई है। चांदी (Silver) का नया रिकॉर्ड चांदी की कीमत ने लगभग ₹2,89,000 प्रति किलोग्राम का ऐतिहासिक स्तर पार किया। केवल पिछले चार दिनों में इसकी कीमत में ₹40,000 से अधिक की तेजी आई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह तेजी वैश्विक मार्केट अनिश्चितताओं, कमज़ोर डॉलर और औद्योगिक मांग में वृद्धि के कारण हो रही है। चांदी न केवल निवेश का सुरक्षित माध्यम है, बल्कि यह सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक वाहनों में उपयोग होने के कारण भी डिमांड बढ़ा रही है। सोना (Gold) की लगातार बढ़ती कीमत सोने ने भी रिकॉर्ड बनाया और आज ₹1,47,300 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। जनवरी की शुरुआत से लगभग 7% का उछाल देखा गया है। सोने की इस तेजी के पीछे निवेशक अर्थव्यवस्था और भू-राजनीतिक अस्थिरताओं में सुरक्षा तलाशते हुए इसमें निवेश कर रहे हैं। क्यों बढ़ रही हैं कीमतें? निवेशकों के लिए टिप्स विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि वर्तमान स्तर पर निवेश लाभ लेने और सावधानी के संतुलन के साथ किया जाए। मार्केट रुझान लगातार बदल रहे हैं, इसलिए अपडेटेड जानकारी पर ध्यान देना जरूरी है। आज का सारांश धातु वर्तमान कीमत (India) ट्रेंड चांदी (Silver) ₹2,89,000 / kg तेजी में सोना (Gold) ₹1,47,300 / 10g रिकॉर्ड हाई हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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TCS

Tata Consultancy Services Q3 Report TCS Profit Down, लेकिन Business Growth मजबूत

भारत की सबसे बड़ी आईटी सर्विस कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे जारी किए हैं। आंकड़े बताते हैं कि कंपनी की कमाई पर थोड़ा दबाव रहा, लेकिन कारोबार की रफ्तार बनी हुई है। यही वजह है कि बाजार की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही। मुनाफा घटा, लेकिन कारोबार बढ़ा इस तिमाही में TCS का शुद्ध मुनाफा (Net Profit) 14% घटकर ₹10,657 करोड़ रहा। पिछले साल की इसी अवधि में यह आंकड़ा करीब ₹12,380 करोड़ था। यानी कंपनी ने कमाई की, लेकिन लागत और कुछ एक-बार के खर्चों के कारण लाभ कम हुआ। वहीं दूसरी ओर, कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) 5% बढ़कर ₹67,087 करोड़ पर पहुंच गया। यह साफ संकेत है कि ग्राहकों से मिलने वाला काम और डील्स मजबूत बनी हुई हैं। डिविडेंड ने शेयरधारकों को दिया सुकून नतीजों के साथ TCS ने ₹57 प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया, जिसमें इंटरिम और स्पेशल डिविडेंड शामिल है। ऐसे समय में जब मुनाफा दबाव में है, यह कदम निवेशकों के लिए राहत भरा माना जा रहा है। मुनाफा क्यों घटा? कंपनी के अनुसार, इस तिमाही में कुछ एक-बार के खर्च और ऑपरेशनल लागत बढ़ने से प्रॉफिट पर असर पड़ा। हालांकि, यह कमजोरी कारोबार की मांग में गिरावट की वजह से नहीं, बल्कि अस्थायी खर्चों के कारण रही। यही वजह है कि कई निवेशक इसे लंबे समय के नजरिये से अभी भी सकारात्मक मान रहे हैं। AI और डिजिटल सेवाओं से उम्मीद TCS तेजी से AI, क्लाउड और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर फोकस बढ़ा रही है। कंपनी को उम्मीद है कि आने वाले समय में यही सेक्टर रेवेन्यू और मुनाफे को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे। कई बड़े क्लाइंट्स पहले ही इन सेवाओं में निवेश बढ़ा रहे हैं। शेयर बाजार की प्रतिक्रिया नतीजों के बाद TCS के शेयरों में ज्यादा बड़ी गिरावट नहीं दिखी। निवेशकों ने कमजोर मुनाफे से ज्यादा ध्यान रेवेन्यू ग्रोथ और डिविडेंड पर दिया, जिससे शेयर को सपोर्ट मिला। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold-Silver Price Alert सोने और चांदी की Record रैली, कब करें Investment

सोना (Gold) और चांदी (Silver) ने जनवरी 2026 की शुरुआत में इतिहास रच दिया है। दुनियाभर के बाजारों में ये दोनों धातुएं रिकॉर्ड हाई पर पहुँच गई हैं, और निवेशकों के लिए यह एक नई चर्चा का विषय बन गई हैं। International Market में सोना Gold और चांदी Silver की रफ्तार Global uncertainty और डॉलर की कमजोरी ने सोना और चांदी को और attractive बना दिया है। तेजी के मुख्य कारण (Reasons Behind Surge) इन तीन कारणों ने मिलकर Gold और Silver के भाव को इतिहास की ऊंचाई पर पहुँचाया। Investors और Buyers के लिए सुझाव Summary: Gold और Silver की Current Situation Gold और Silver आज निवेशकों के लिए opportunities और challenges दोनों लेकर आए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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US

US Sanctions Law 2025 रूस से तेल खरीदने पर 500% Tariff का खतरा

अमेरिका ने रूस के खिलाफ एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए “Sanctioning Russia Act 2025” को हरी झंडी दे दी है। इस नए कानून की सबसे बड़ी बात यह है कि इसके तहत रूस से तेल और ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर 500% तक टैरिफ लगाया जा सकता है।इस फैसले का असर सिर्फ रूस तक सीमित नहीं है, बल्कि India, China, Brazil जैसे देशों और पूरी दुनिया के Stock Market पर भी दिखने लगा है। US Sanctions Law 2025 क्या है? (What is Sanctioning Russia Act?) इस कानून का मकसद रूस को आर्थिक रूप से कमजोर करना है, ताकि उसकी तेल और गैस से होने वाली कमाई पर रोक लग सके।अमेरिका का मानना है कि जो देश रूस से सस्ता तेल खरीद रहे हैं, वे अप्रत्यक्ष रूप से उसकी अर्थव्यवस्था को सहारा दे रहे हैं। इसी वजह से अमेरिका अब ऐसे देशों पर: India पर कितना बड़ा असर पड़ सकता है? भारत पिछले कुछ समय से रूस से कच्चा तेल सस्ते दामों पर खरीद रहा है। इससे: लेकिन अगर अमेरिका ने यह 500% Tariff लागू कर दिया, तो: यानी सस्ता तेल मिलने का फायदा कहीं महंगा न पड़ जाए। Stock Market क्यों गिरा? (Market Fall Reasons) इस खबर के सामने आते ही निवेशकों में डर साफ दिखा। असल में बाजार को सबसे ज्यादा डर अनिश्चितता (Uncertainty) का है। निवेशक नहीं जानते कि यह कानून कब और कितनी सख्ती से लागू होगा। Global Oil Market में क्या बदलेगा? अगर रूस से तेल खरीदना मुश्किल हुआ तो: हालांकि इसी बीच अमेरिका ने Venezuela Oil Sanctions में राहत के संकेत दिए हैं, जिससे भारत को कुछ वैकल्पिक रास्ते मिल सकते हैं। यह भारत के लिए एक छोटी लेकिन अहम राहत मानी जा रही है। India-US Relations पर असर पड़ेगा? भारत और अमेरिका रणनीतिक साझेदार हैं, लेकिन यह कानून दोनों देशों के रिश्तों की परीक्षा ले सकता है।अब भारत के सामने तीन बड़ी चुनौतियां हैं: आने वाले दिनों में Diplomatic Talks और Trade Negotiations तेज होने की संभावना है। आगे क्या हो सकता है? (What’s Next?) अभी यह कानून पूरी तरह लागू नहीं हुआ है। अमेरिकी संसद में आगे की प्रक्रिया बाकी है।लेकिन इतना तय है कि: निवेशकों और सरकारों – दोनों को अब हर कदम सोच-समझकर उठाना होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Vedanta Group

Vedanta Group Agnivesh Agarwal का न्यूयॉर्क में निधन, अनिल अग्रवाल ने जताया गहरा दुख

वेदांता ग्रुप (Vedanta Group) के चेयरमैन और देश के जाने-माने उद्योगपति अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal) के बेटे अग्निवेश अग्रवाल (Agnivesh Agarwal) का निधन हो गया है। वह 49 वर्ष के थे। यह दुखद घटना अमेरिका के न्यूयॉर्क में हुई, जहां इलाज के दौरान उन्हें अचानक कार्डियक अरेस्ट आया। उनके निधन की खबर सामने आते ही देश और दुनिया के कारोबारी जगत में शोक की लहर दौड़ गई। इलाज के दौरान हुआ निधन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अग्निवेश अग्रवाल कुछ समय पहले अमेरिका में स्कीइंग के दौरान एक हादसे में घायल हो गए थे। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। परिवार और करीबी लोगों के लिए यह खबर किसी गहरे सदमे से कम नहीं है। पिता का दर्द छलका बेटे को खोने के बाद अनिल अग्रवाल का दर्द शब्दों में बयां करना मुश्किल है। उन्होंने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए लिखा कि यह उनकी जिंदगी का “सबसे अंधकारमय दिन” है। उन्होंने कहा कि अग्निवेश सिर्फ उनके बेटे नहीं थे, बल्कि एक अच्छे दोस्त, मार्गदर्शक और परिवार की मजबूत कड़ी थे। अनिल अग्रवाल ने यह भी कहा कि वे अपने बेटे के सपनों को अधूरा नहीं रहने देंगे। कौन थे Agnivesh Agarwal अग्निवेश अग्रवाल वेदांता ग्रुप में अहम जिम्मेदारियां संभाल रहे थे। वे हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के चेयरमैन सहित समूह की कई कंपनियों से जुड़े हुए थे। उन्होंने मायो कॉलेज, अजमेर से शिक्षा प्राप्त की थी और कम उम्र में ही बिजनेस की गहरी समझ विकसित कर ली थी। वे शांत स्वभाव, दूरदर्शी सोच और आधुनिक नेतृत्व के लिए जाने जाते थे। देश-विदेश से श्रद्धांजलि अग्निवेश अग्रवाल के असामयिक निधन पर उद्योग जगत, राजनीतिक नेताओं और सामाजिक हस्तियों ने शोक व्यक्त किया है। कई लोगों ने इसे भारतीय कॉरपोरेट सेक्टर के लिए एक बड़ी और अपूरणीय क्षति बताया है। एक व्यक्तिगत और अपूरणीय क्षति यह सिर्फ एक बिजनेस लीडर का जाना नहीं है, बल्कि एक बेटे, एक परिवार के सदस्य और एक इंसान का असमय चले जाना है। अनिल अग्रवाल परिवार इस समय गहरे दुख में है और उन्होंने सभी से इस कठिन घड़ी में उनकी निजता का सम्मान करने की अपील की है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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बिलासपुर केंद्रीय जेल से 19 बंदी रिहा, 15 से 16 साल की सजा काटने के बाद मिली मुक्ति

बिलासपुर केंद्रीय जेल में लंबे समय से बंद 19 पुरुष बंदियों को शुक्रवार को रिहा कर दिया गया। ये बंदी 15 से 16 साल तक जेल में सजा काट चुके थे। सजा की अवधि पूरी होने के बावजूद शासन स्तर से माफी संबंधी स्वीकृति नहीं मिलने के कारण उनकी रिहाई लंबित थी। जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता के निरीक्षण के दौरान यह मामला सामने आया था। इसके बाद संबंधित बंदियों के प्रकरणों की समीक्षा की गई और रिहाई का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। स्वीकृति मिलने के बाद सभी 19 बंदियों को जेल से रिहा कर दिया गया। बंदियों से बातचीत में सामने आई थी समस्या केंद्रीय जेल के निरीक्षण के दौरान जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता ने बंदियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी थीं। इस दौरान कुछ बंदियों ने बताया कि वे अपनी सजा की अवधि पूरी कर चुके हैं, लेकिन माफी संबंधी स्वीकृति नहीं मिलने के कारण उनकी रिहाई नहीं हो पा रही है। मामले की जानकारी मिलने के बाद संबंधित बंदियों के आचरण और जेल के अभिलेखों की जांच कराई गई। परीक्षण के दौरान अच्छे आचरण वाले और अधिक उम्र के बंदियों के प्रकरणों पर विचार करते हुए रिहाई के प्रस्ताव तैयार किए गए और शासन को भेजे गए। परिवार के बीच लौटकर नई शुरुआत का अवसर शासन से स्वीकृति मिलने के बाद शुक्रवार को 19 पुरुष बंदियों की रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद अब ये बंदी अपने परिवारों के बीच लौट सकेंगे और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर नई शुरुआत कर सकेंगे। रिहाई के दौरान केंद्रीय जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी, जेलर विजयानंद सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों के अनुसार, सभी 19 बंदियों को शासन के निर्देश पर रिहा किया गया है।

ग्वालियर के दारुल कुरआन मदरसे पर कार्रवाई की मांग, 4 दिन में तालाबंदी का अल्टीमेटम

ग्वालियर के एजी ऑफिस स्थित ‘दारुल कुरआन’ मदरसे में मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम के निरीक्षण के बाद विवाद बढ़ गया है। मदरसे में बच्चों की देखरेख, साफ-सफाई और जरूरी दस्तावेजों को लेकर सामने आई कथित अनियमितताओं के विरोध में राष्ट्रीय सनातन सेना ने प्रदर्शन किया। संगठन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि चार दिन के भीतर मदरसे पर ताला नहीं लगाया गया, तो उसके कार्यकर्ता खुद तालाबंदी करेंगे। संगठन के पदाधिकारियों ने बच्चों के साथ किसी भी तरह की गलत हरकत सामने आने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की। निरीक्षण के दौरान मिले थे 26 बच्चे शुक्रवार को मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता ने बाल कल्याण समिति (CWC) की टीम के साथ मदरसे का औचक निरीक्षण किया था। मौके पर 4 से 14 वर्ष की उम्र के 8 बच्चियां और 18 बच्चे मिले थे। इस तरह कुल 26 बच्चे मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि रजिस्टर्ड 15 बच्चियों में से मौके पर केवल 8 मौजूद थीं। खबर के अनुसार, कुछ बच्चियों को पिछले रास्ते से बाहर भेजे जाने की आशंका भी जताई गई। हालांकि, इस संबंध में जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी हैं। टीम के मुताबिक, मदरसा प्रबंधन मौके पर मान्यता और पंजीकरण से जुड़े जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। बच्चों की सुरक्षा और संस्थान के संचालन से संबंधित पहलुओं की जांच की जा रही है। रसोई और टॉयलेट में मिली गंदगी निरीक्षण के दौरान टीम को रसोईघर और टॉयलेट में गंदगी मिली। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ जगहों पर दरवाजे भी नहीं थे। बच्चों के सोने की व्यवस्था पर भी सवाल उठे। बताया गया कि 42 पंजीकृत बच्चों के लिए एक छोटे हॉल में पलंग के बजाय पतली चादरों पर सोने की व्यवस्था थी। इन स्थितियों को लेकर बाल अधिकारों और बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही बुनियादी सुविधाओं पर सवाल उठाए गए हैं। राष्ट्रीय सनातन सेना ने की सख्त कार्रवाई की मांग राष्ट्रीय सनातन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवती शुक्ला ने मदरसे में कथित अनियमितताओं पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की। संगठन ने आरोप लगाया कि ऐसे संस्थानों में बच्चों को भड़काऊ शिक्षा दी जा रही है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। फिलहाल, मदरसे के संचालन, निर्माण, जमीन और फंडिंग के स्रोतों से जुड़े पहलुओं की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई और आधिकारिक निष्कर्षों पर नजर रहेगी।
Vishwas Sarang

Vishwas Sarang खेड़ापति हनुमान मंदिर पहुंचे मंत्री, कॉरिडोर और दशहरा मैदान का लिया जायजा

राजधानी भोपाल के छोला स्थित श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर को आने वाले समय में नई पहचान मिलने जा रही है। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से यहां भव्य श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। मंत्री विश्वास सारंग (Vishwas Sarang) ने रावतपुरा सरकार के साथ मंदिर में दर्शन किए और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों और छोला दशहरा मैदान का निरीक्षण कर अधिकारियों से परियोजना की प्रगति की जानकारी ली। इस परियोजना का मकसद सिर्फ मंदिर परिसर का विस्तार करना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को बेहतर दर्शन व्यवस्था, आधुनिक सुविधाएं और धार्मिक वातावरण उपलब्ध कराना भी है। योजना को ‘विरासत भी और विकास भी’ की भावना के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। 100 करोड़ रुपये से बदलेगा खेड़ापति हनुमान मंदिर का स्वरूप श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर को लगभग 21 एकड़ क्षेत्र में विकसित करने की योजना है। जुलाई 2026 में प्रकाशित परियोजना संबंधी रिपोर्टों के अनुसार, इसके निर्माण में राजस्थान के व्हाइट मार्बल और प्राचीन नागर शैली की वास्तुकला का इस्तेमाल किया जाना है। मंत्री विश्वास सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूरा किया जाए और गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न हो। साथ ही मंदिर के पुराने गर्भगृह की मूल संरचना और धार्मिक स्वरूप को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया है। सुंदरकांड की झलक से सजेगा भव्य कॉरिडोर हनुमान लोक कॉरिडोर की खास बात यह होगी कि इसमें सुंदरकांड से जुड़े प्रसंगों की झलक देखने को मिलेगी। इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव भी मिलेगा। कॉरिडोर को पारंपरिक वास्तुकला और आधुनिक निर्माण के मेल से विकसित करने की योजना है। इससे मंदिर परिसर की सुंदरता बढ़ने के साथ भोपाल की धार्मिक पहचान को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं को मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं परियोजना के तहत श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई तरह के विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य खासतौर पर धार्मिक आयोजनों और त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं को होने वाली परेशानियों को कम करना है। Chhola Dussehra Maidan का भी होगा विकास मंत्री विश्वास सारंग ((Vishwas Sarang)) ने छोला दशहरा मैदान का भी निरीक्षण किया। योजना के तहत मैदान के खुले स्वरूप को बनाए रखते हुए सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित की जानी हैं। यहां दर्शक दीर्घा, मंच और दशहरा जैसे आयोजनों के लिए आवश्यक अधोसंरचना तैयार करने की योजना है। इससे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। स्थानीय लोगों और कारोबारियों का भी रखा जाएगा ध्यान निर्माण कार्यों के दौरान श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय रहवासियों और व्यापारियों की सुविधाओं का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि यातायात व्यवस्था सुचारु रहे और लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। परियोजना से संबंधित पूर्व में प्रकाशित जानकारी में दर्शक दीर्घा के नीचे 100 से अधिक दुकानों के निर्माण का प्रस्ताव भी सामने आया था। इसका उद्देश्य स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। Bhopal की धार्मिक पहचान को मिलेगी नई पहचान श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर भोपाल के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। ऐसे में कॉरिडोर का विकास शहर के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद मंदिर परिसर में दर्शन व्यवस्था और सार्वजनिक आयोजनों के लिए सुविधाओं में सुधार होने की उम्मीद है। हालांकि, निर्माण पूरा होने की निश्चित तारीख और वर्तमान प्रगति की ताजा आधिकारिक स्थिति की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। कुल मिलाकर, श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर भोपाल में आस्था और आधुनिक विकास को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण परियोजना है। अब श्रद्धालुओं को इंतजार है कि यह भव्य परिसर कब पूरी तरह तैयार होकर उनके लिए नई सुविधाओं के साथ खुलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Philippines

Philippines Plane Crash: ट्रेनिंग के दौरान बड़ा हादसा, 4 पायलटों की गई जान

फिलीपींस (Philippines) से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां ट्रेनिंग के दौरान वायुसेना के दो सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गए। इस हादसे में चार पायलटों की मौत हो गई। घटना के बाद फिलीपींस एयर फोर्स ने एहतियात के तौर पर SF-260 ट्रेनिंग विमानों की उड़ान पर रोक लगा दी है। वहीं, दुर्घटना की असली वजह जानने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। Philippines Plane Crash: कहां और कब हुआ हादसा? यह हादसा 23 अक्टूबर 2026 को फिलीपींस के बटांगस प्रांत के लिपा शहर में स्थित फर्नांडो एयर बेस के पास हुआ। वायुसेना के अनुसार, दुर्घटना स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 3:51 बजे हुई। दोनों विमान ट्रेनिंग फ्लाइट पर थे। शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि उड़ान के दौरान दोनों विमान हवा में टकरा गए, जिसके बाद वे दुर्घटनाग्रस्त हो गए। हालांकि, टक्कर किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे क्या वजह थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। हादसे में चार पायलटों की मौत इस दुर्घटना में दोनों विमानों में सवार चारों पायलटों की जान चली गई। इस खबर के सामने आने के बाद वायुसेना ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। अधिकारियों ने परिवारों को जरूरी सहायता देने की बात भी कही है। वायुसेना के मुताबिक, हादसा एयर बेस की सीमा के भीतर हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, जमीन पर मौजूद किसी अन्य व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है। दुर्घटना के बाद SF-260 विमानों की उड़ान पर रोक हादसे के बाद फिलीपींस एयर फोर्स ने एहतियाती कदम उठाते हुए SF-260 ट्रेनिंग विमानों के पूरे बेड़े की उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी हैं। जांच के दौरान इन विमानों को उड़ान भरने की अनुमति नहीं होगी। इस फैसले का उद्देश्य दुर्घटना की वजह का पता लगाना और विमानों की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की जांच करना है। फिलहाल तकनीकी खराबी, मानवीय चूक या किसी अन्य कारण की पुष्टि नहीं हुई है। जांच के नतीजे आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पहले भी हो चुका है SF-260 विमान हादसा फिलीपींस में SF-260 विमान से जुड़ी दुर्घटना पहले भी सामने आ चुकी है। मई 2026 में उत्तरी फिलीपींस के बेंगुएट प्रांत में एक ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। उस हादसे में दो सैन्य पायलटों की मौत हुई थी। ताजा दुर्घटना के बाद सैन्य ट्रेनिंग विमानों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। जांच के बाद सामने आएगी हादसे की वजह फिलीपींस एयर फोर्स ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि दोनों विमान किस परिस्थिति में दुर्घटनाग्रस्त हुए और क्या इसमें किसी तकनीकी समस्या की भूमिका थी। फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि हादसे में चार पायलटों की जान चली गई है। वायुसेना ने संबंधित विमानों की उड़ान रोक दी है और जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Yogi Adityanath

Yogi Adityanath जिस जमीन पर था भू-माफिया का कब्जा, वहां अब बना फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने भू-माफिया से सरकारी जमीन वापस लेने की कहानी सुनाते हुए बताया कि जिस जमीन को कभी कब्जे से मुक्त कराना मुश्किल हो रहा था, आज उसी पर स्टेट फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट (State Forensic Science Institute) बनाया गया है। इस उदाहरण के जरिए उन्होंने प्रदेश में जमीनों को कब्जे से मुक्त कराने, कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों का जिक्र किया। सीएम योगी ने यह बात 15 जून 2026 को लखनऊ में आयोजित डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग ‘त्रिवेणी’ के समापन सत्र में कही। उन्होंने बताया कि सरकारी जमीन को वापस लेकर उसका इस्तेमाल एक महत्वपूर्ण संस्थान बनाने के लिए किया गया। कैसे भू-माफिया के कब्जे में पहुंची सरकारी जमीन? लखनऊ के सरोजनी नगर इलाके में स्थित इस जमीन का मामला कई साल पुराना है। रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 57 एकड़ जमीन वर्ष 1955 में एक ट्रैक्टर कंपनी को 10 साल की लीज पर दी गई थी। लीज की अवधि पूरी होने के बाद जमीन ग्राम सभा के नाम दर्ज की गई। बाद में जमीन के दस्तावेजों में कथित हेराफेरी कर उसे दूसरे नाम पर दर्ज कराने के आरोप सामने आए। जांच में जमीन को वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज कराने और फिर रियल एस्टेट कंपनियों के बीच हस्तांतरित करने से जुड़े आरोपों की पड़ताल की गई। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर शिकायतें हुईं। इसके बाद प्रशासन और पुलिस ने दस्तावेजों की जांच शुरू की। जमीन के स्वामित्व और कथित अवैध हस्तांतरण का मामला प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंचा। 2015 में वापस मिली जमीन, फिर शुरू हुई संस्थान बनाने की तैयारी उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 17 दिसंबर 2015 को जिला प्रशासन ने जमीन को कब्जे से मुक्त कराया। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई थी। कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई। जमीन वापस मिलने के बाद इसके इस्तेमाल को लेकर योजना बनाई गई। आगे चलकर इसी जगह उत्तर प्रदेश स्टेट फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट स्थापित करने का फैसला हुआ। यह मामला इसलिए भी चर्चा में आया, क्योंकि जमीन को लेकर विवाद और कब्जे की शिकायतों के बाद उसका इस्तेमाल सार्वजनिक उद्देश्य के लिए किए जाने की योजना बनी। ₹200 करोड़ की लागत से बना Forensic Science Institute लखनऊ के सरोजनी नगर में इस संस्थान की आधारशिला 1 अगस्त 2021 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रखी थी। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। शुरुआती रिपोर्टों में परियोजना की लागत करीब 200 करोड़ रुपये बताई गई थी। संस्थान का उद्देश्य फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में विशेषज्ञ तैयार करना और पुलिस व जांच एजेंसियों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना है। यहां वैज्ञानिक जांच, साइबर सुरक्षा और अपराध से जुड़े साक्ष्यों के विश्लेषण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। आज के समय में आपराधिक मामलों की जांच केवल गवाहों और बयानों तक सीमित नहीं है। डीएनए जांच, डिजिटल साक्ष्य और दूसरे वैज्ञानिक तरीकों की मदद से जांच को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। ऐसे संस्थान इसी जरूरत को पूरा करने में अहम भूमिका निभाते हैं। CM Yogi ने क्यों सुनाया जमीन का यह किस्सा? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस उदाहरण के जरिए बताया कि सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराकर उसका इस्तेमाल विकास कार्यों में किया जा सकता है। उनके बयान का मुख्य संदेश यह था कि जिस जमीन पर कभी कब्जे की समस्या थी, उसी पर अब शिक्षा और आधुनिक तकनीक से जुड़ा संस्थान बनाया गया है। सीएम योगी ने इसे प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुधारने और भू-माफिया के खिलाफ कार्रवाई से जोड़कर पेश किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास, डिफेंस कॉरिडोर और ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। हालांकि, जमीन से जुड़े आरोपों और कानूनी दावों को समझने के लिए प्रशासनिक रिकॉर्ड तथा जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण हैं। भू-माफिया से मुक्त जमीन पर आवास योजना भी चर्चा में उत्तर प्रदेश में कब्जे से मुक्त कराई गई जमीनों का सार्वजनिक इस्तेमाल हाल के महीनों में भी चर्चा में रहा है। अक्टूबर 2026 में प्रयागराज के कसारी-मसारी इलाके में माफिया अतीक अहमद से जुड़ी बताई गई जमीन पर आवासीय परियोजना की शुरुआत की खबर सामने आई। 15 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पद्मलोक आवास योजना के तहत 602 फ्लैटों की परियोजना का भूमि पूजन किया। परियोजना की लागत 191 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई। इसी दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पीपलगांव में बने 556 घरों के लाभार्थियों को चाबियां सौंपने की जानकारी भी सामने आई। इन परियोजनाओं को राज्य सरकार जमीन के इस्तेमाल को आम लोगों के आवास और विकास से जोड़ने के उदाहरण के तौर पर पेश कर रही है। सरकारी जमीन से संस्थान तक, क्या है इस खबर का महत्व? लखनऊ के फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट की कहानी में जमीन का पुराना विवाद, प्रशासनिक कार्रवाई और सार्वजनिक उपयोग के लिए संस्थान बनाने की प्रक्रिया शामिल है। यह मामला दिखाता है कि सरकारी जमीन को लेकर विवाद सुलझने के बाद उसका इस्तेमाल शिक्षा और वैज्ञानिक जांच जैसी जरूरतों के लिए किया जा सकता है। सीएम योगी के बयान ने इस पुराने मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। अब यह कहानी सिर्फ जमीन वापस लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि इस बात पर भी ध्यान खींचती है कि सरकारी संपत्ति का इस्तेमाल किस तरह सार्वजनिक सुविधाओं के निर्माण में किया जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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