भारत की सबसे बड़ी आईटी सर्विस कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे जारी किए हैं। आंकड़े बताते हैं कि कंपनी की कमाई पर थोड़ा दबाव रहा, लेकिन कारोबार की रफ्तार बनी हुई है। यही वजह है कि बाजार की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही।
मुनाफा घटा, लेकिन कारोबार बढ़ा
इस तिमाही में TCS का शुद्ध मुनाफा (Net Profit) 14% घटकर ₹10,657 करोड़ रहा। पिछले साल की इसी अवधि में यह आंकड़ा करीब ₹12,380 करोड़ था। यानी कंपनी ने कमाई की, लेकिन लागत और कुछ एक-बार के खर्चों के कारण लाभ कम हुआ।
वहीं दूसरी ओर, कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) 5% बढ़कर ₹67,087 करोड़ पर पहुंच गया। यह साफ संकेत है कि ग्राहकों से मिलने वाला काम और डील्स मजबूत बनी हुई हैं।
डिविडेंड ने शेयरधारकों को दिया सुकून
नतीजों के साथ TCS ने ₹57 प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया, जिसमें इंटरिम और स्पेशल डिविडेंड शामिल है। ऐसे समय में जब मुनाफा दबाव में है, यह कदम निवेशकों के लिए राहत भरा माना जा रहा है।
मुनाफा क्यों घटा?
कंपनी के अनुसार, इस तिमाही में कुछ एक-बार के खर्च और ऑपरेशनल लागत बढ़ने से प्रॉफिट पर असर पड़ा। हालांकि, यह कमजोरी कारोबार की मांग में गिरावट की वजह से नहीं, बल्कि अस्थायी खर्चों के कारण रही।
यही वजह है कि कई निवेशक इसे लंबे समय के नजरिये से अभी भी सकारात्मक मान रहे हैं।
AI और डिजिटल सेवाओं से उम्मीद
TCS तेजी से AI, क्लाउड और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर फोकस बढ़ा रही है। कंपनी को उम्मीद है कि आने वाले समय में यही सेक्टर रेवेन्यू और मुनाफे को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे। कई बड़े क्लाइंट्स पहले ही इन सेवाओं में निवेश बढ़ा रहे हैं।
शेयर बाजार की प्रतिक्रिया
नतीजों के बाद TCS के शेयरों में ज्यादा बड़ी गिरावट नहीं दिखी। निवेशकों ने कमजोर मुनाफे से ज्यादा ध्यान रेवेन्यू ग्रोथ और डिविडेंड पर दिया, जिससे शेयर को सपोर्ट मिला।
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