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Silver

सोना-चांदी में बड़ी गिरावट Silver ₹1.06 लाख टूटी, Gold हुआ ₹20 हजार सस्ता

बुलियन बाजार में गुरुवार को जोरदार गिरावट देखने को मिली। लगातार रिकॉर्ड ऊंचाई पर रहने के बाद सोना (Gold) और चांदी (Silver) दोनों में मुनाफा वसूली हावी हो गई, जिससे कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। सबसे ज्यादा असर चांदी की कीमतों पर पड़ा। चांदी (Silver) करीब ₹1.06 लाख टूटकर ₹2.93 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई। वहीं सोना (Gold) भी करीब ₹20,000 सस्ता होकर ₹1.49 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। क्यों आई सोना-चांदी में गिरावट? बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक हालिया तेजी के बाद निवेशकों ने ऊंचे भाव पर बिकवाली शुरू कर दी। इसे सीधे तौर पर Profit Booking माना जा रहा है। इसके अलावा, ने भी बुलियन बाजार पर दबाव बनाया। चांदी क्यों ज्यादा टूटी? Silver की कीमतों में गिरावट ज्यादा रही क्योंकि इसकी मांग का बड़ा हिस्सा इंडस्ट्रियल यूज़ से जुड़ा होता है। ग्लोबल ग्रोथ को लेकर बनी चिंताओं का असर सीधे चांदी पर देखने को मिला। निवेशकों के लिए क्या संकेत? जानकारों का मानना है कि यह गिरावट किसी बड़े ट्रेंड के खत्म होने का संकेत नहीं है, बल्कि एक Healthy Correction हो सकती है।लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मौजूदा स्तर मौका बन सकते हैं, हालांकि शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold Silver Price ऊंचे स्तर पर पहुंचते ही फिसला बाजार, एक दिन में सोना-चांदी हुए सस्ते

लगातार नई ऊंचाइयों को छूने के बाद आखिरकार सोना और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट देखने को मिली। बाजार में आई इस अचानक टूटन ने निवेशकों को चौंका दिया। एक ही दिन में सोना (Gold) ₹6,865 प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया, जबकि चांदी (Silver) ₹22,825 प्रति किलो तक टूट गई। तेजी के माहौल के बीच आई इस गिरावट ने साफ कर दिया कि बाजार अब थोड़ा ठहरना चाहता है। रिकॉर्ड हाई के बाद बदला मूड पिछले कुछ सत्रों में सोना (Gold) और चांदी (Silver) लगातार रिकॉर्ड बना रहे थे। घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कीमती धातुओं में मजबूत तेजी थी। कई निवेशकों को लगने लगा था कि दाम और ऊपर जाएंगे। लेकिन जैसे ही कीमतें ऑल-टाइम हाई के करीब पहुंचीं, बड़े निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू कर दिया। Gold Silver गिरने की बड़ी वजहें बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस गिरावट के पीछे एक नहीं बल्कि कई कारण हैं: आगे क्या करें निवेशक? जानकार मानते हैं कि यह गिरावट कोई बड़ी कमजोरी नहीं बल्कि तेज तेजी के बाद का स्वाभाविक करेक्शन है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें और भू-राजनीतिक हालात अभी भी लंबी अवधि में सोने-चांदी को सपोर्ट दे सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rupee

Rupee vs Dollar 2026 क्यों गिर रहा है INR और आगे क्या होगा?

भारतीय Rupee (INR) इतिहास के सबसे कमजोर स्तर पर पहुंच गया है। जनवरी 2026 में, 1 अमेरिकी डॉलर (USD) की कीमत लगभग ₹92 तक पहुंच गई। दिन के अंत में यह थोड़ा सुधारकर ₹91.88 पर बंद हुआ, लेकिन बाजार में चिंता अब भी कायम है। इस गिरावट का असर न सिर्फ निवेशकों पर बल्कि आम आदमी की जेब पर भी देखने को मिल रहा है। क्यों गिर रहा है रुपया? 1. डॉलर की मजबूती (Strong US Dollar) वैश्विक बाजारों में अमेरिकी डॉलर की बढ़ती मांग और डॉलर इंडेक्स की मजबूती ने रुपये पर दबाव डाला है। डॉलर की ताकत के सामने रुपया कमजोर नजर आ रहा है। 2. विदेशी निवेश बहिर्गमन (FII Outflows) भारतीय शेयर बाजारों से विदेशी निवेश (FII/FPI) लगातार बाहर जा रहा है। इससे रुपये की मांग कम हो रही है और इसकी कीमत गिर रही है। 3. ग्लोबल और भू‑राजनीतिक तनाव (Global & Geopolitical Risk) विश्व स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता और राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की धारणा पर असर डाला है। इसके चलते रुपये की तुलना में डॉलर की डिमांड बढ़ गई है। 4. चालू खाता घाटा (Rising Current Account Deficit) भारत का चालू खाता घाटा बढ़ रहा है। आयात‑निर्यात के असंतुलन से विदेशी मुद्रा की आवश्यकता बढ़ती है, और रुपया कमजोर होता है। 5. महंगे आयात (Expensive Imports) तेल, गैस और अन्य जरूरी आयात वस्तुओं की कीमत बढ़ने से डॉलर की मांग और बढ़ती है, जो रुपये के कमजोर होने का एक बड़ा कारण है। RBI और मार्केट की प्रतिक्रिया भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने बाजार में हस्तक्षेप कर गिरावट को नियंत्रित करने की कोशिश की है। RBI ने कहा है कि उनका मकसद किसी निश्चित स्तर तक रुपये को रोकना नहीं है, बल्कि अत्यधिक उतार‑चढ़ाव को सीमित करना है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि विदेशी निवेश बहिर्गमन जारी रहता है और अमेरिकी ब्याज दरें उच्च बनी रहती हैं, तो रुपये में कमजोरी ₹93‑₹94 तक जारी रह सकती है। आम आदमी पर असर संक्षेप में हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Budget से बड़ी उम्मीदें: 300 नई ट्रेनों का ऐलान संभव, 13 लाख तक की कमाई टैक्स फ्री हो सकती है

Budget से बड़ी उम्मीदें: 300 नई ट्रेनों का ऐलान संभव, 13 लाख तक की कमाई टैक्स फ्री हो सकती है

देश का आम आदमी, नौकरीपेशा वर्ग और किसान – सभी की नजरें आने वाले केंद्रीय budget पर टिकी हैं। हर किसी को उम्मीद है कि इस बार बजट में राहत भरे फैसले होंगे। सूत्रों के मुताबिक, सरकार 300 नई ट्रेनों की घोषणा कर सकती है और 13 लाख रुपए तक की सालाना आय को टैक्स फ्री करने पर भी विचार चल रहा है। इसके साथ ही बजट में 5 बड़े ऐलान संभव बताए जा रहे हैं। मुख्य बिंदु : अगर ये घोषणाएं बजट में शामिल होती हैं, तो आम जनता की जेब को सीधी राहत मिलेगी और देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। अब सभी को इंतजार है बजट के दिन का, जब पता चलेगा कि सरकार आम लोगों की उम्मीदों पर कितना खरी उतरती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market Today 29 जनवरी Sensex Nifty Updates और Gold Silver की तेजी

आज, 29 जनवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) की शुरुआत कमजोर रही। BSE Sensex लगभग 250–300 अंक नीचे और Nifty 50 25,300 के स्तर से नीचे खुला। शुरुआती कारोबार में निवेशकों की नजरें आगामी Union Budget और कंपनियों के तिमाही (Quarterly) रिज़ल्ट्स पर रही। बाजार की प्रमुख चाल ग्लोबल और आर्थिक असर आज की मुख्य खबरें विशेषज्ञों की राय विश्लेषक मानते हैं कि इस समय निवेशक सतर्क रहें। बजट और वैश्विक आर्थिक नीतियों का प्रभाव बाजार पर स्पष्ट दिख रहा है। जो निवेशक लंबी अवधि के लिए सोच रहे हैं, उनके लिए यह समय सावधानी और अवसर का मिश्रण है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sensex

Sensex-Nifty Market Vodafone Idea, Vedanta और Axis Bank की हलचल

28 जनवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार (Stock Market India) ने मजबूत शुरुआत की। BSE Sensex ने 500–600 अंकों की तेजी दिखाई, जबकि Nifty 50 25,300 के ऊपर कारोबार कर रहा था। शुरुआती बुलिश मूड ने निवेशकों का आत्मविश्वास बढ़ाया और बाजार में सकारात्मक ऊर्जा का माहौल बना। आज के प्रमुख मार्केट ड्राइवर्स आज कौन से स्टॉक्स हैं फोकस में? आज लगभग 126 कंपनियां Q3 results घोषित करेंगी, जिनमें BEL, SBI Life, L&T, Maruti शामिल हैं। ये रिपोर्ट्स बाजार के मूड को दिशा देंगी। Global Market Signals Market Insight – निवेशक के लिए आज की शुरुआती तेजी से पता चलता है कि bullish sentiment मजबूत है। निवेशक विशेष रूप से Vodafone Idea, Vedanta, Axis Bank, Bajaj Twins और Q3 रिपोर्ट देने वाली कंपनियों पर नजर रख सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

आज सोना ₹5,000 महंगा चांदी Silver की तेजी ने Investors को किया उत्साहित

आज कीमती धातुओं के बाजार में तेज़ी देखने को मिली है। सोना (Gold) और चांदी (Silver) दोनों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे निवेशकों की नजरें इन धातुओं पर और बढ़ गई हैं। सोने की कीमतें (Gold Price): सोने में आज ₹5,000 की बढ़ोतरी हुई है और इसकी कीमत अब ₹1,59,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई है। पिछले कुछ हफ्तों में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन इस नई तेजी ने निवेशकों में उत्साह पैदा कर दिया है। चांदी की कीमतें (Silver Price): चांदी में भी आज ₹25,000 की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस साल सिर्फ 27 दिनों में चांदी की कीमतों में कुल ₹1,12,000 की तेजी आई है। इस उछाल ने चांदी को शॉर्ट टर्म निवेशकों के लिए भी आकर्षक बना दिया है। विशेषज्ञों की राय: बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और मुद्रास्फीति के बढ़ते दबाव के चलते निवेशक सुरक्षित विकल्प की ओर बढ़ रहे हैं। सोना (Gold) लंबे समय तक सुरक्षित निवेश माना जाता है, जबकि चांदी (Silver) की तेज़ बढ़ोतरी शॉर्ट टर्म निवेश के लिए अवसर प्रदान करती है। निवेशकों के लिए सुझाव: विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि निवेशक धैर्य रखें और बाजार की चाल को समझकर ही निवेश करें। कीमती धातुओं में निवेश करने से पहले हाल की कीमतों और वैश्विक मार्केट ट्रेंड पर ध्यान देना ज़रूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold & Silver Market Trend सोना और चांदी की कीमतें बढ़ीं निवेशक खुश

सोने की कीमतों में लगातार तेजी सोना (Gold) निवेशकों के लिए खुशखबरी है। हाल ही में सोने की कीमत ₹1.55 लाख प्रति 10 ग्राम के ऑल टाइम हाई पर पहुँच गई है। पिछले 23 दिनों में सोने की कीमत में कुल ₹22,000 की बढ़ोतरी हुई है। हाल ही में ₹4,300 की तेजी ने निवेशकों के लिए अच्छे संकेत दिए हैं। चांदी की कीमतें भी हुई बढ़त चांदी (Silver) के दाम भी तेजी से बढ़ रहे हैं। आज चांदी की कीमत ₹3.19 लाख प्रति किलो तक पहुँच गई है, जिसमें हाल ही में ₹19,249 का इजाफा हुआ है। यह तेजी निवेशकों की सुरक्षित निवेश विकल्पों में रुचि बढ़ने का संकेत है। विशेषज्ञों की राय विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी की कीमतों में यह उछाल वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, डॉलर की मजबूती और निवेशकों की बढ़ती मांग की वजह से है। हालांकि, बाजार में तेजी के बावजूद निवेशकों को जल्दबाजी करने के बजाय सोच-समझकर कदम उठाने की सलाह दी जा रही है। निवेशकों के लिए सुझाव सोना और चांदी में निवेश वर्तमान में लाभदायक हो सकता है, लेकिन बाजार की अस्थिरता और वैश्विक आर्थिक हालात को ध्यान में रखते हुए ही कोई निर्णय लेना चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold Silver Price Today ट्रंप के फैसले का असर, सोना और चांदी हुए सस्ते

आज सर्राफा बाजार में हलचल है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक अहम फैसले के बाद सोने (Gold)और चांदी (Silver) की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली है। अगर आप सोना या चांदी खरीदने की सोच रहे थे, तो यह खबर आपके लिए राहत भरी हो सकती है। क्यों सस्ता हुआ सोना-चांदी? हाल ही में ट्रंप की ओर से टैरिफ से जुड़े फैसले को लेकर आए संकेतों ने ग्लोबल मार्केट में भरोसा बढ़ाया है। इससे निवेशक सुरक्षित निवेश यानी गोल्ड और सिल्वर से थोड़ा पीछे हटे हैं। नतीजा यह हुआ कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में दाम गिरे और उसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखा। आज के ताजा भाव (संकेतात्मक) एमसीएक्स और स्थानीय सर्राफा बाजार दोनों में कीमतों में नरमी रही है। हालांकि शहर और शुद्धता के हिसाब से भावों में थोड़ा फर्क हो सकता है। निवेशकों के लिए क्या मतलब? अगर आप लंबे समय के लिए निवेश की योजना बना रहे हैं, तो यह गिरावट एक अच्छा मौका हो सकती है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अभी बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, इसलिए एक साथ बड़ी रकम लगाने से पहले सोच-समझकर फैसला लें। खरीदने से पहले ध्यान दें ट्रंप के फैसले का असर सीधे सोने-चांदी (Gold-Silver) की कीमतों पर पड़ा है और आज खरीदारों के लिए माहौल अनुकूल नजर आ रहा है। अगर आप गहने खरीदने या निवेश करने की सोच रहे हैं, तो आज का दिन आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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GOLD पहली बार ₹1.5 लाख के पार, आम लोगों की पहुंच से हुआ दूर

GOLD पहली बार ₹1.5 लाख के पार, आम लोगों की पहुंच से हुआ दूर

देश में GOLD की कीमतों ने नया इतिहास रच दिया है। पहली बार सोना ₹1.5 लाख के पार पहुंच गया है। बीते कुछ ही दिनों में सोने के दामों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। सोमवार को सोना एक ही दिन में ₹7,795 महंगा हो गया, जिससे आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। पिछले 21 दिनों की बात करें तो सोना करीब ₹22,000 तक महंगा हो चुका है। शादी-ब्याह और निवेश के लिए सोना खरीदने वालों को अब ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ रही है। चांदी भी नहीं रही पीछे सिर्फ सोना ही नहीं, चांदी की कीमतों में भी भारी उछाल आया है। चांदी ₹10,000 बढ़कर ₹3.20 लाख प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई है। बाजार में चांदी के दामों ने भी निवेशकों को हैरान कर दिया है। क्यों बढ़ रहे हैं सोना-चांदी के दाम? जानकारों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती, डॉलर में उतार-चढ़ाव और वैश्विक अनिश्चितताओं की वजह से लोग सुरक्षित निवेश के तौर पर सोना-चांदी की ओर ज्यादा रुख कर रहे हैं। इसी कारण इनके दाम लगातार बढ़ रहे हैं। आम आदमी पर असर तेजी से बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। शादी के लिए गहने खरीदने वाले परिवार परेशान हैं, वहीं छोटे निवेशकों के लिए सोना अब पहले से कहीं ज्यादा महंगा हो गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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बिलासपुर केंद्रीय जेल से 19 बंदी रिहा, 15 से 16 साल की सजा काटने के बाद मिली मुक्ति

बिलासपुर केंद्रीय जेल में लंबे समय से बंद 19 पुरुष बंदियों को शुक्रवार को रिहा कर दिया गया। ये बंदी 15 से 16 साल तक जेल में सजा काट चुके थे। सजा की अवधि पूरी होने के बावजूद शासन स्तर से माफी संबंधी स्वीकृति नहीं मिलने के कारण उनकी रिहाई लंबित थी। जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता के निरीक्षण के दौरान यह मामला सामने आया था। इसके बाद संबंधित बंदियों के प्रकरणों की समीक्षा की गई और रिहाई का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। स्वीकृति मिलने के बाद सभी 19 बंदियों को जेल से रिहा कर दिया गया। बंदियों से बातचीत में सामने आई थी समस्या केंद्रीय जेल के निरीक्षण के दौरान जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता ने बंदियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी थीं। इस दौरान कुछ बंदियों ने बताया कि वे अपनी सजा की अवधि पूरी कर चुके हैं, लेकिन माफी संबंधी स्वीकृति नहीं मिलने के कारण उनकी रिहाई नहीं हो पा रही है। मामले की जानकारी मिलने के बाद संबंधित बंदियों के आचरण और जेल के अभिलेखों की जांच कराई गई। परीक्षण के दौरान अच्छे आचरण वाले और अधिक उम्र के बंदियों के प्रकरणों पर विचार करते हुए रिहाई के प्रस्ताव तैयार किए गए और शासन को भेजे गए। परिवार के बीच लौटकर नई शुरुआत का अवसर शासन से स्वीकृति मिलने के बाद शुक्रवार को 19 पुरुष बंदियों की रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद अब ये बंदी अपने परिवारों के बीच लौट सकेंगे और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर नई शुरुआत कर सकेंगे। रिहाई के दौरान केंद्रीय जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी, जेलर विजयानंद सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों के अनुसार, सभी 19 बंदियों को शासन के निर्देश पर रिहा किया गया है।

ग्वालियर के दारुल कुरआन मदरसे पर कार्रवाई की मांग, 4 दिन में तालाबंदी का अल्टीमेटम

ग्वालियर के एजी ऑफिस स्थित ‘दारुल कुरआन’ मदरसे में मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम के निरीक्षण के बाद विवाद बढ़ गया है। मदरसे में बच्चों की देखरेख, साफ-सफाई और जरूरी दस्तावेजों को लेकर सामने आई कथित अनियमितताओं के विरोध में राष्ट्रीय सनातन सेना ने प्रदर्शन किया। संगठन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि चार दिन के भीतर मदरसे पर ताला नहीं लगाया गया, तो उसके कार्यकर्ता खुद तालाबंदी करेंगे। संगठन के पदाधिकारियों ने बच्चों के साथ किसी भी तरह की गलत हरकत सामने आने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की। निरीक्षण के दौरान मिले थे 26 बच्चे शुक्रवार को मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता ने बाल कल्याण समिति (CWC) की टीम के साथ मदरसे का औचक निरीक्षण किया था। मौके पर 4 से 14 वर्ष की उम्र के 8 बच्चियां और 18 बच्चे मिले थे। इस तरह कुल 26 बच्चे मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि रजिस्टर्ड 15 बच्चियों में से मौके पर केवल 8 मौजूद थीं। खबर के अनुसार, कुछ बच्चियों को पिछले रास्ते से बाहर भेजे जाने की आशंका भी जताई गई। हालांकि, इस संबंध में जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी हैं। टीम के मुताबिक, मदरसा प्रबंधन मौके पर मान्यता और पंजीकरण से जुड़े जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। बच्चों की सुरक्षा और संस्थान के संचालन से संबंधित पहलुओं की जांच की जा रही है। रसोई और टॉयलेट में मिली गंदगी निरीक्षण के दौरान टीम को रसोईघर और टॉयलेट में गंदगी मिली। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ जगहों पर दरवाजे भी नहीं थे। बच्चों के सोने की व्यवस्था पर भी सवाल उठे। बताया गया कि 42 पंजीकृत बच्चों के लिए एक छोटे हॉल में पलंग के बजाय पतली चादरों पर सोने की व्यवस्था थी। इन स्थितियों को लेकर बाल अधिकारों और बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही बुनियादी सुविधाओं पर सवाल उठाए गए हैं। राष्ट्रीय सनातन सेना ने की सख्त कार्रवाई की मांग राष्ट्रीय सनातन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवती शुक्ला ने मदरसे में कथित अनियमितताओं पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की। संगठन ने आरोप लगाया कि ऐसे संस्थानों में बच्चों को भड़काऊ शिक्षा दी जा रही है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। फिलहाल, मदरसे के संचालन, निर्माण, जमीन और फंडिंग के स्रोतों से जुड़े पहलुओं की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई और आधिकारिक निष्कर्षों पर नजर रहेगी।
Vishwas Sarang

Vishwas Sarang खेड़ापति हनुमान मंदिर पहुंचे मंत्री, कॉरिडोर और दशहरा मैदान का लिया जायजा

राजधानी भोपाल के छोला स्थित श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर को आने वाले समय में नई पहचान मिलने जा रही है। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से यहां भव्य श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। मंत्री विश्वास सारंग (Vishwas Sarang) ने रावतपुरा सरकार के साथ मंदिर में दर्शन किए और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों और छोला दशहरा मैदान का निरीक्षण कर अधिकारियों से परियोजना की प्रगति की जानकारी ली। इस परियोजना का मकसद सिर्फ मंदिर परिसर का विस्तार करना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को बेहतर दर्शन व्यवस्था, आधुनिक सुविधाएं और धार्मिक वातावरण उपलब्ध कराना भी है। योजना को ‘विरासत भी और विकास भी’ की भावना के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। 100 करोड़ रुपये से बदलेगा खेड़ापति हनुमान मंदिर का स्वरूप श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर को लगभग 21 एकड़ क्षेत्र में विकसित करने की योजना है। जुलाई 2026 में प्रकाशित परियोजना संबंधी रिपोर्टों के अनुसार, इसके निर्माण में राजस्थान के व्हाइट मार्बल और प्राचीन नागर शैली की वास्तुकला का इस्तेमाल किया जाना है। मंत्री विश्वास सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूरा किया जाए और गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न हो। साथ ही मंदिर के पुराने गर्भगृह की मूल संरचना और धार्मिक स्वरूप को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया है। सुंदरकांड की झलक से सजेगा भव्य कॉरिडोर हनुमान लोक कॉरिडोर की खास बात यह होगी कि इसमें सुंदरकांड से जुड़े प्रसंगों की झलक देखने को मिलेगी। इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव भी मिलेगा। कॉरिडोर को पारंपरिक वास्तुकला और आधुनिक निर्माण के मेल से विकसित करने की योजना है। इससे मंदिर परिसर की सुंदरता बढ़ने के साथ भोपाल की धार्मिक पहचान को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं को मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं परियोजना के तहत श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई तरह के विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य खासतौर पर धार्मिक आयोजनों और त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं को होने वाली परेशानियों को कम करना है। Chhola Dussehra Maidan का भी होगा विकास मंत्री विश्वास सारंग ((Vishwas Sarang)) ने छोला दशहरा मैदान का भी निरीक्षण किया। योजना के तहत मैदान के खुले स्वरूप को बनाए रखते हुए सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित की जानी हैं। यहां दर्शक दीर्घा, मंच और दशहरा जैसे आयोजनों के लिए आवश्यक अधोसंरचना तैयार करने की योजना है। इससे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। स्थानीय लोगों और कारोबारियों का भी रखा जाएगा ध्यान निर्माण कार्यों के दौरान श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय रहवासियों और व्यापारियों की सुविधाओं का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि यातायात व्यवस्था सुचारु रहे और लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। परियोजना से संबंधित पूर्व में प्रकाशित जानकारी में दर्शक दीर्घा के नीचे 100 से अधिक दुकानों के निर्माण का प्रस्ताव भी सामने आया था। इसका उद्देश्य स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। Bhopal की धार्मिक पहचान को मिलेगी नई पहचान श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर भोपाल के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। ऐसे में कॉरिडोर का विकास शहर के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद मंदिर परिसर में दर्शन व्यवस्था और सार्वजनिक आयोजनों के लिए सुविधाओं में सुधार होने की उम्मीद है। हालांकि, निर्माण पूरा होने की निश्चित तारीख और वर्तमान प्रगति की ताजा आधिकारिक स्थिति की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। कुल मिलाकर, श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर भोपाल में आस्था और आधुनिक विकास को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण परियोजना है। अब श्रद्धालुओं को इंतजार है कि यह भव्य परिसर कब पूरी तरह तैयार होकर उनके लिए नई सुविधाओं के साथ खुलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Philippines

Philippines Plane Crash: ट्रेनिंग के दौरान बड़ा हादसा, 4 पायलटों की गई जान

फिलीपींस (Philippines) से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां ट्रेनिंग के दौरान वायुसेना के दो सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गए। इस हादसे में चार पायलटों की मौत हो गई। घटना के बाद फिलीपींस एयर फोर्स ने एहतियात के तौर पर SF-260 ट्रेनिंग विमानों की उड़ान पर रोक लगा दी है। वहीं, दुर्घटना की असली वजह जानने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। Philippines Plane Crash: कहां और कब हुआ हादसा? यह हादसा 23 अक्टूबर 2026 को फिलीपींस के बटांगस प्रांत के लिपा शहर में स्थित फर्नांडो एयर बेस के पास हुआ। वायुसेना के अनुसार, दुर्घटना स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 3:51 बजे हुई। दोनों विमान ट्रेनिंग फ्लाइट पर थे। शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि उड़ान के दौरान दोनों विमान हवा में टकरा गए, जिसके बाद वे दुर्घटनाग्रस्त हो गए। हालांकि, टक्कर किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे क्या वजह थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। हादसे में चार पायलटों की मौत इस दुर्घटना में दोनों विमानों में सवार चारों पायलटों की जान चली गई। इस खबर के सामने आने के बाद वायुसेना ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। अधिकारियों ने परिवारों को जरूरी सहायता देने की बात भी कही है। वायुसेना के मुताबिक, हादसा एयर बेस की सीमा के भीतर हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, जमीन पर मौजूद किसी अन्य व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है। दुर्घटना के बाद SF-260 विमानों की उड़ान पर रोक हादसे के बाद फिलीपींस एयर फोर्स ने एहतियाती कदम उठाते हुए SF-260 ट्रेनिंग विमानों के पूरे बेड़े की उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी हैं। जांच के दौरान इन विमानों को उड़ान भरने की अनुमति नहीं होगी। इस फैसले का उद्देश्य दुर्घटना की वजह का पता लगाना और विमानों की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की जांच करना है। फिलहाल तकनीकी खराबी, मानवीय चूक या किसी अन्य कारण की पुष्टि नहीं हुई है। जांच के नतीजे आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पहले भी हो चुका है SF-260 विमान हादसा फिलीपींस में SF-260 विमान से जुड़ी दुर्घटना पहले भी सामने आ चुकी है। मई 2026 में उत्तरी फिलीपींस के बेंगुएट प्रांत में एक ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। उस हादसे में दो सैन्य पायलटों की मौत हुई थी। ताजा दुर्घटना के बाद सैन्य ट्रेनिंग विमानों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। जांच के बाद सामने आएगी हादसे की वजह फिलीपींस एयर फोर्स ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि दोनों विमान किस परिस्थिति में दुर्घटनाग्रस्त हुए और क्या इसमें किसी तकनीकी समस्या की भूमिका थी। फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि हादसे में चार पायलटों की जान चली गई है। वायुसेना ने संबंधित विमानों की उड़ान रोक दी है और जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Yogi Adityanath

Yogi Adityanath जिस जमीन पर था भू-माफिया का कब्जा, वहां अब बना फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने भू-माफिया से सरकारी जमीन वापस लेने की कहानी सुनाते हुए बताया कि जिस जमीन को कभी कब्जे से मुक्त कराना मुश्किल हो रहा था, आज उसी पर स्टेट फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट (State Forensic Science Institute) बनाया गया है। इस उदाहरण के जरिए उन्होंने प्रदेश में जमीनों को कब्जे से मुक्त कराने, कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों का जिक्र किया। सीएम योगी ने यह बात 15 जून 2026 को लखनऊ में आयोजित डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग ‘त्रिवेणी’ के समापन सत्र में कही। उन्होंने बताया कि सरकारी जमीन को वापस लेकर उसका इस्तेमाल एक महत्वपूर्ण संस्थान बनाने के लिए किया गया। कैसे भू-माफिया के कब्जे में पहुंची सरकारी जमीन? लखनऊ के सरोजनी नगर इलाके में स्थित इस जमीन का मामला कई साल पुराना है। रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 57 एकड़ जमीन वर्ष 1955 में एक ट्रैक्टर कंपनी को 10 साल की लीज पर दी गई थी। लीज की अवधि पूरी होने के बाद जमीन ग्राम सभा के नाम दर्ज की गई। बाद में जमीन के दस्तावेजों में कथित हेराफेरी कर उसे दूसरे नाम पर दर्ज कराने के आरोप सामने आए। जांच में जमीन को वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज कराने और फिर रियल एस्टेट कंपनियों के बीच हस्तांतरित करने से जुड़े आरोपों की पड़ताल की गई। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर शिकायतें हुईं। इसके बाद प्रशासन और पुलिस ने दस्तावेजों की जांच शुरू की। जमीन के स्वामित्व और कथित अवैध हस्तांतरण का मामला प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंचा। 2015 में वापस मिली जमीन, फिर शुरू हुई संस्थान बनाने की तैयारी उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 17 दिसंबर 2015 को जिला प्रशासन ने जमीन को कब्जे से मुक्त कराया। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई थी। कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई। जमीन वापस मिलने के बाद इसके इस्तेमाल को लेकर योजना बनाई गई। आगे चलकर इसी जगह उत्तर प्रदेश स्टेट फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट स्थापित करने का फैसला हुआ। यह मामला इसलिए भी चर्चा में आया, क्योंकि जमीन को लेकर विवाद और कब्जे की शिकायतों के बाद उसका इस्तेमाल सार्वजनिक उद्देश्य के लिए किए जाने की योजना बनी। ₹200 करोड़ की लागत से बना Forensic Science Institute लखनऊ के सरोजनी नगर में इस संस्थान की आधारशिला 1 अगस्त 2021 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रखी थी। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। शुरुआती रिपोर्टों में परियोजना की लागत करीब 200 करोड़ रुपये बताई गई थी। संस्थान का उद्देश्य फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में विशेषज्ञ तैयार करना और पुलिस व जांच एजेंसियों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना है। यहां वैज्ञानिक जांच, साइबर सुरक्षा और अपराध से जुड़े साक्ष्यों के विश्लेषण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। आज के समय में आपराधिक मामलों की जांच केवल गवाहों और बयानों तक सीमित नहीं है। डीएनए जांच, डिजिटल साक्ष्य और दूसरे वैज्ञानिक तरीकों की मदद से जांच को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। ऐसे संस्थान इसी जरूरत को पूरा करने में अहम भूमिका निभाते हैं। CM Yogi ने क्यों सुनाया जमीन का यह किस्सा? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस उदाहरण के जरिए बताया कि सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराकर उसका इस्तेमाल विकास कार्यों में किया जा सकता है। उनके बयान का मुख्य संदेश यह था कि जिस जमीन पर कभी कब्जे की समस्या थी, उसी पर अब शिक्षा और आधुनिक तकनीक से जुड़ा संस्थान बनाया गया है। सीएम योगी ने इसे प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुधारने और भू-माफिया के खिलाफ कार्रवाई से जोड़कर पेश किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास, डिफेंस कॉरिडोर और ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। हालांकि, जमीन से जुड़े आरोपों और कानूनी दावों को समझने के लिए प्रशासनिक रिकॉर्ड तथा जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण हैं। भू-माफिया से मुक्त जमीन पर आवास योजना भी चर्चा में उत्तर प्रदेश में कब्जे से मुक्त कराई गई जमीनों का सार्वजनिक इस्तेमाल हाल के महीनों में भी चर्चा में रहा है। अक्टूबर 2026 में प्रयागराज के कसारी-मसारी इलाके में माफिया अतीक अहमद से जुड़ी बताई गई जमीन पर आवासीय परियोजना की शुरुआत की खबर सामने आई। 15 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पद्मलोक आवास योजना के तहत 602 फ्लैटों की परियोजना का भूमि पूजन किया। परियोजना की लागत 191 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई। इसी दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पीपलगांव में बने 556 घरों के लाभार्थियों को चाबियां सौंपने की जानकारी भी सामने आई। इन परियोजनाओं को राज्य सरकार जमीन के इस्तेमाल को आम लोगों के आवास और विकास से जोड़ने के उदाहरण के तौर पर पेश कर रही है। सरकारी जमीन से संस्थान तक, क्या है इस खबर का महत्व? लखनऊ के फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट की कहानी में जमीन का पुराना विवाद, प्रशासनिक कार्रवाई और सार्वजनिक उपयोग के लिए संस्थान बनाने की प्रक्रिया शामिल है। यह मामला दिखाता है कि सरकारी जमीन को लेकर विवाद सुलझने के बाद उसका इस्तेमाल शिक्षा और वैज्ञानिक जांच जैसी जरूरतों के लिए किया जा सकता है। सीएम योगी के बयान ने इस पुराने मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। अब यह कहानी सिर्फ जमीन वापस लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि इस बात पर भी ध्यान खींचती है कि सरकारी संपत्ति का इस्तेमाल किस तरह सार्वजनिक सुविधाओं के निर्माण में किया जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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