आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGछत्तीसगढ़बिलासपुर केंद्रीय जेल से 19 बंदी रिहा, 15 से 16 साल की सजा काटने के बाद मिली मुक्ति◆BREAKINGमध्य प्रदेशग्वालियर के दारुल कुरआन मदरसे पर कार्रवाई की मांग, 4 दिन में तालाबंदी का अल्टीमेटम◆BREAKINGप्रदेशVishwas Sarang खेड़ापति हनुमान मंदिर पहुंचे मंत्री, कॉरिडोर और दशहरा मैदान का लिया जायजा◆BREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Philippines Plane Crash: ट्रेनिंग के दौरान बड़ा हादसा, 4 पायलटों की गई जान◆BREAKINGदेश-हरपलYogi Adityanath जिस जमीन पर था भू-माफिया का कब्जा, वहां अब बना फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट◆BREAKINGदेश-हरपलRahul Gandhi Rally: दिवाली से पहले रैली टालने की मांग, दिल्ली के कारोबारियों को ₹10,000 करोड़ के नुकसान का डर◆BREAKINGबिज़नेसStock Market Update 4 दिन की गिरावट से निवेशकों को झटका, ₹20 लाख करोड़ से ज्यादा घटा मार्केट कैप◆BREAKINGस्पोर्ट्सIND vs NZ 2nd T20: आज भारत-न्यूजीलैंड की भिड़ंत, ईशान किशन बाहर; वैभव सूर्यवंशी को मौका?◆BREAKINGछत्तीसगढ़बिलासपुर केंद्रीय जेल से 19 बंदी रिहा, 15 से 16 साल की सजा काटने के बाद मिली मुक्ति◆BREAKINGमध्य प्रदेशग्वालियर के दारुल कुरआन मदरसे पर कार्रवाई की मांग, 4 दिन में तालाबंदी का अल्टीमेटम◆BREAKINGप्रदेशVishwas Sarang खेड़ापति हनुमान मंदिर पहुंचे मंत्री, कॉरिडोर और दशहरा मैदान का लिया जायजा◆BREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Philippines Plane Crash: ट्रेनिंग के दौरान बड़ा हादसा, 4 पायलटों की गई जान◆BREAKINGदेश-हरपलYogi Adityanath जिस जमीन पर था भू-माफिया का कब्जा, वहां अब बना फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट◆BREAKINGदेश-हरपलRahul Gandhi Rally: दिवाली से पहले रैली टालने की मांग, दिल्ली के कारोबारियों को ₹10,000 करोड़ के नुकसान का डर◆BREAKINGबिज़नेसStock Market Update 4 दिन की गिरावट से निवेशकों को झटका, ₹20 लाख करोड़ से ज्यादा घटा मार्केट कैप◆BREAKINGस्पोर्ट्सIND vs NZ 2nd T20: आज भारत-न्यूजीलैंड की भिड़ंत, ईशान किशन बाहर; वैभव सूर्यवंशी को मौका?◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

सर्विस चार्ज नहीं लगेगा

अब रेस्टोरेंट में सर्विस चार्ज नहीं लगेगा! दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

क्या है मामला? अगर आप किसी होटल या रेस्टोरेंट में खाने जाते हैं, तो अकसर आपने बिल में सर्विस चार्ज जुड़ा हुआ देखा होगा। यह चार्ज 5% या उससे ज्यादा हो सकता है, जो ग्राहकों को बिना पूछे उनके बिल में जोड़ दिया जाता है। दिल्ली हाईकोर्ट ने अब इस पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने साफ कहा कि कोई भी होटल या रेस्टोरेंट फूड बिल में अनिवार्य सर्विस चार्ज नहीं जोड़ सकते। यह फैसला 28 मार्च 2025 को सुनाया गया, जिसमें हाईकोर्ट ने सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) के 2022 में जारी किए गए नियमों को सही ठहराया। रेस्टोरेंट एसोसिएशन को झटका, लगा ₹1 लाख का जुर्माना इस मामले में नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) और फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FHRAI) ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। इन संगठनों का कहना था कि कोई कानून ऐसा नहीं है जो सर्विस चार्ज को गैरकानूनी ठहराता हो। इसलिए, वे अपने ग्राहकों से यह चार्ज ले सकते हैं। लेकिन, कोर्ट ने इस तर्क को खारिज कर दिया और इन संगठनों पर ₹1 लाख का जुर्माना भी लगा दिया। क्या था CCPA का नियम? CCPA (सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी) ने जुलाई 2022 में एक गाइडलाइन जारी की थी, जिसमें कहा गया था कि:कोई होटल या रेस्टोरेंट सर्विस चार्ज को ऑटोमेटिक रूप से बिल में नहीं जोड़ सकता।ग्राहक से सर्विस चार्ज लेना अनैतिक व्यापारिक तरीका है।अगर कोई रेस्टोरेंट जबरदस्ती सर्विस चार्ज वसूलता है, तो ग्राहक इसकी शिकायत कर सकते हैं। लेकिन, 20 जुलाई 2022 को हाईकोर्ट ने इस गाइडलाइन पर अस्थायी रोक लगा दी थी। अब, 28 मार्च 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट ने इस रोक को हटा दिया है और CCPA के फैसले को सही बताया। सर्विस चार्ज क्या होता है? जब आप किसी होटल या रेस्टोरेंट में जाते हैं, तो वे खाने के साथ-साथ सर्विस देने के लिए एक अतिरिक्त चार्ज वसूलते हैं। इसे ही सर्विस चार्ज कहा जाता है। ये बिल का 5% या ज्यादा हो सकता है। यह टैक्स से अलग होता है, यानी यह सरकार को नहीं जाता, बल्कि रेस्टोरेंट रख लेते हैं। ग्राहकों को इस चार्ज का भुगतान करना अनिवार्य नहीं होना चाहिए। अब ग्राहकों के लिए राहत! अब ग्राहक बिना किसी डर के अपने बिल को ध्यान से देख सकते हैं। अगर बिल में सर्विस चार्ज जुड़ा है, तो आप इसे हटाने की मांग कर सकते हैं। अगर कोई होटल या रेस्टोरेंट जबरदस्ती सर्विस चार्ज लेता है, तो आप इसकी शिकायत कर सकते हैं:📞 कंज्यूमर हेल्पलाइन नंबर: 1800-11-4000💻 ईमेल: consumerhelpline.gov.in📲 CPGRAMS पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। निष्कर्ष दिल्ली हाईकोर्ट का यह फैसला ग्राहकों के पक्ष में आया है। अब कोई भी होटल या रेस्टोरेंट आपसे जबरदस्ती सर्विस चार्ज नहीं ले सकता। यह पूरी तरह से स्वैच्छिक होगा, यानी ग्राहक अपनी मर्जी से दे सकते हैं या नहीं।
Read more
बाजार में कौन आगे? F&O में FIIs, DIIs या रिटेल निवेशक

बाजार में कौन आगे? F&O में FIIs, DIIs या रिटेल निवेशक

भारतीय शेयर बाजार में इन दिनों जबरदस्त हलचल देखी जा रही है। खासकर फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट में विदेशी निवेशकों (FIIs), घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) और रिटेल निवेशकों की रणनीतियों पर सबकी नजर है। मार्च सीरीज के आखिरी दिन निफ्टी 1,047 अंकों की उछाल के साथ 23,592 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी और मिडकैप निफ्टी में भी क्रमश: 5.8% और 5.1% की तेजी रही। FIIs की बढ़ती खरीदारी – बाजार में तेजी का संकेत F&O डेटा के अनुसार, FIIs ने बीते 9 ट्रेडिंग सेशंस में ₹17,433.78 करोड़ की नेट खरीदारी की है। इसके अलावा, उन्होंने अपनी शॉर्ट पोजीशन में कटौती की है, जिससे बाजार में तेजी का संकेत मिल रहा है। DIIs और रिटेल निवेशकों की स्थिति कैसी? घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) का भरोसा भी बाजार में मजबूत बना हुआ है। तकनीकी विश्लेषण – बाजार का अगला कदम क्या? तकनीकी चार्ट्स के अनुसार, निफ्टी को 200-दिनों की मूविंग एवरेज (EMA) से मजबूत सपोर्ट मिल रहा है। किन शेयरों में जोरदार मूवमेंट? तेजी वाले शेयर: बिकवाली दबाव वाले शेयर: निष्कर्ष – आगे क्या करें? बाजार में मजबूती बनी हुई है, खासकर FIIs और DIIs की बढ़ती खरीदारी इसे सपोर्ट दे रही है। हालांकि, शॉर्ट टर्म में 24,000 के आस-पास रेजिस्टेंस दिख सकता है। निवेशकों को समझदारी से ट्रेडिंग करनी चाहिए और 23,500 के स्तर को खरीदारी का अच्छा मौका मानना चाहिए। बाजार की हर हलचल पर नजर रखने के लिए जुड़े रहें Deshharpal के साथ!
Read more

मुकेश अंबानी भारत के सबसे अमीर व्यक्ति अडानी दुसरे नम्बर पर

हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट 2025 के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने भारत के सबसे अमीर व्यक्ति का खिताब बरकरार रखा है। वह विश्व स्तर पर 10वें स्थान पर हैं, उनकी संपत्ति में 40% की वृद्धि हुई है, जिससे उनकी कुल संपत्ति 11.5 अरब डॉलर हो गई है अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी 15वें स्थान पर हैं, जिनकी शुद्ध संपत्ति 86 अरब डॉलर है। उनकी संपत्ति में 33 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है, जिसमें 2023 में उनकी कंपनियों के शेयरों में तेज सुधार का महत्वपूर्ण योगदान रहा है。 एचसीएल की रोशनी नाडार तीसरे स्थान पर हैं और भारत के शीर्ष 10 सबसे अमीर व्यक्तियों में इकलौती महिला हैं।​ हुरुन लिस्ट 2025 से जुड़ी प्रमुख बातें: इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि भारत में आर्थिक विकास के साथ-साथ अरबपतियों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है, जो देश की बढ़ती आर्थिक प्रमुखता को दर्शाता है।
Read more
टैक्स घोटाला

₹250 करोड़ टैक्स घोटाला: WhatsApp- Google Maps से खुलासा, सीतारमण के बड़े खुलासे!

नई इनकम टैक्स बिल 2025: डिजिटल एविडेंस से नहीं बच पाएंगे टैक्स चोर देश में एक बड़ा टैक्स घोटाला सामने आया है, जिसमें ₹250 करोड़ की अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ है। इस घोटाले को पकड़ने में WhatsApp चैट, Google Maps और Instagram जैसी डिजिटल तकनीकों ने अहम भूमिका निभाई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में Income Tax Bill 2025 पर चर्चा करते हुए बताया कि अब डिजिटल रिकॉर्ड को भी टैक्स जांच के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इससे टैक्स चोरी करने वालों पर शिकंजा कसना और आसान होगा। WhatsApp और Google Maps से कैसे पकड़ा ₹250 करोड़ का काला धन? निर्मला सीतारमण ने बताया कि जांच एजेंसियों ने डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल कर टैक्स चोरों को बेनकाब किया। कुछ बड़े खुलासे: WhatsApp Chats – क्रिप्टो करेंसी से जुड़े लेन-देन की गुप्त चैट से ₹250 करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा हुआ।Google Maps Location – अधिकारियों ने लोकेशन हिस्ट्री से संदिग्ध जगहों की पहचान की और वहां छिपे कैश को जब्त किया।Instagram Activity – सोशल मीडिया पर लक्जरी लाइफस्टाइल दिखाने वाले कई लोगों की बेनामी संपत्तियां जांच में पकड़ी गईं। Income Tax Bill 2025: टैक्स चोरी रोकने के लिए नया कानून 13 फरवरी 2025 को लोकसभा में पेश किया गया Income Tax Bill 2025 पुराने 1961 के कानून को हटाकर नए डिजिटल युग के अनुसार बनाया गया है। डिजिटल डेटा की जांच संभव होगी – अब टैक्स अधिकारी WhatsApp, Telegram, Emails, और बिजनेस सॉफ्टवेयर का डेटा भी देख सकेंगे। क्रिप्टोकरेंसी होगी कड़ी निगरानी में – अब Bitcoin, डिजिटल टोकन और क्रिप्टो संपत्तियां अघोषित आय मानी जाएंगी। टैक्स कानून होगा सरल और छोटा – पुराने 5.12 लाख शब्दों वाले कानून की जगह, नया बिल 2.6 लाख शब्दों का होगा। नया ‘टैक्स ईयर’ सिस्टम क्या है? इस बिल में नया टैक्स ईयर सिस्टम लाया गया है, जो ‘असेसमेंट ईयर’ और ‘पिछला वित्त वर्ष’ जैसी जटिलताओं को खत्म कर देगा। उदाहरण के लिए, अगर आपने अप्रैल 2024 से मार्च 2025 के बीच कमाई की है, तो इसे सीधे टैक्स ईयर 2024-25 कहा जाएगा। यह बिल मानसून सत्र में चर्चा के बाद पास हो सकता है। अगर यह लागू हुआ, तो टैक्स चोरी के खिलाफ डिजिटल एविडेंस का इस्तेमाल और आसान हो जाएगा। अब टैक्स चोरों के लिए काले धन को छिपाना मुश्किल होगा! Deshharpal पर पढ़ते रहें देश-विदेश की ताज़ा खबरें!
Read more
चीन बनाम अमेरिका EV स्टॉक वॉर

चीन बनाम अमेरिका EV स्टॉक वॉर: कौन आगे – BYD या टेस्ला?

दुनिया में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की दौड़ तेज हो गई है और चीन की BYD ने एलन मस्क की टेस्ला को पीछे छोड़ दिया है। BYD ने 2024 में 100 अरब डॉलर से ज्यादा का रेवेन्यू हासिल कर लिया है, जिससे वह टेस्ला से आगे निकल गई है। आइए जानते हैं पूरा मामला! BYD बनाम टेस्ला: कौन आगे रेवेन्यू में? चीन की इलेक्ट्रिक वाहन कंपनी BYD ने 2024 में 107.2 अरब डॉलर का रेवेन्यू दर्ज किया, जो 2023 से 29% ज्यादा है। वहीं, टेस्ला ने 97.7 अरब डॉलर का रेवेन्यू पोस्ट किया, जिससे वह BYD से पीछे रह गई। सिर्फ रेवेन्यू ही नहीं, BYD का नेट प्रॉफिट भी 2024 में 40.3 अरब युआन (5.6 अरब डॉलर) तक पहुंच गया, जो पिछले साल से 34% ज्यादा है। इससे साफ है कि कंपनी तेजी से आगे बढ़ रही है। स्टॉक परफॉर्मेंस: BYD बनाम टेस्ला हालांकि टेस्ला EV बाजार में बड़ा नाम है, लेकिन स्टॉक परफॉर्मेंस के मामले में BYD ने उसे पीछे छोड़ दिया है। BYD के शेयर हांगकांग स्टॉक एक्सचेंज (HKG) और शेन्ज़ेन स्टॉक एक्सचेंज (SHE) पर लिस्टेड हैं, जबकि टेस्ला नैस्डैक (USA) पर ट्रेड होती है। BYD की गेम-चेंजिंग बैटरी टेक्नोलॉजी BYD के तेजी से बढ़ने की एक बड़ी वजह उसकी नई बैटरी टेक्नोलॉजी है। कंपनी ने ऐसी बैटरी पेश की है जो सिर्फ 5 मिनट की चार्जिंग में 470 किमी (292 मील) तक की रेंज दे सकती है! इस नई बैटरी और चार्जिंग सिस्टम की स्पीड 1,000 kW है, जो कि टेस्ला के सुपरचार्जर (500 kW) से दोगुनी तेज है। यह EV इंडस्ट्री में एक बड़ा बदलाव ला सकता है और BYD को EV मार्केट का बादशाह बना सकता है। निष्कर्ष: क्या टेस्ला वापसी कर पाएगी? एलन मस्क की टेस्ला अब भी EV इंडस्ट्री की बड़ी कंपनी है, लेकिन BYD तेजी से आगे बढ़ रही है। रेवेन्यू, स्टॉक परफॉर्मेंस और बैटरी टेक्नोलॉजी के मामले में BYD ने बढ़त बना ली है। अब सवाल यह है – क्या टेस्ला वापसी कर पाएगी या BYD EV मार्केट पर राज करेगा?
Read more
1 … 50 51 52

Trending News

Editor's Picks

बिलासपुर केंद्रीय जेल से 19 बंदी रिहा, 15 से 16 साल की सजा काटने के बाद मिली मुक्ति

बिलासपुर केंद्रीय जेल में लंबे समय से बंद 19 पुरुष बंदियों को शुक्रवार को रिहा कर दिया गया। ये बंदी 15 से 16 साल तक जेल में सजा काट चुके थे। सजा की अवधि पूरी होने के बावजूद शासन स्तर से माफी संबंधी स्वीकृति नहीं मिलने के कारण उनकी रिहाई लंबित थी। जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता के निरीक्षण के दौरान यह मामला सामने आया था। इसके बाद संबंधित बंदियों के प्रकरणों की समीक्षा की गई और रिहाई का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। स्वीकृति मिलने के बाद सभी 19 बंदियों को जेल से रिहा कर दिया गया। बंदियों से बातचीत में सामने आई थी समस्या केंद्रीय जेल के निरीक्षण के दौरान जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता ने बंदियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी थीं। इस दौरान कुछ बंदियों ने बताया कि वे अपनी सजा की अवधि पूरी कर चुके हैं, लेकिन माफी संबंधी स्वीकृति नहीं मिलने के कारण उनकी रिहाई नहीं हो पा रही है। मामले की जानकारी मिलने के बाद संबंधित बंदियों के आचरण और जेल के अभिलेखों की जांच कराई गई। परीक्षण के दौरान अच्छे आचरण वाले और अधिक उम्र के बंदियों के प्रकरणों पर विचार करते हुए रिहाई के प्रस्ताव तैयार किए गए और शासन को भेजे गए। परिवार के बीच लौटकर नई शुरुआत का अवसर शासन से स्वीकृति मिलने के बाद शुक्रवार को 19 पुरुष बंदियों की रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद अब ये बंदी अपने परिवारों के बीच लौट सकेंगे और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर नई शुरुआत कर सकेंगे। रिहाई के दौरान केंद्रीय जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी, जेलर विजयानंद सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों के अनुसार, सभी 19 बंदियों को शासन के निर्देश पर रिहा किया गया है।

ग्वालियर के दारुल कुरआन मदरसे पर कार्रवाई की मांग, 4 दिन में तालाबंदी का अल्टीमेटम

ग्वालियर के एजी ऑफिस स्थित ‘दारुल कुरआन’ मदरसे में मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम के निरीक्षण के बाद विवाद बढ़ गया है। मदरसे में बच्चों की देखरेख, साफ-सफाई और जरूरी दस्तावेजों को लेकर सामने आई कथित अनियमितताओं के विरोध में राष्ट्रीय सनातन सेना ने प्रदर्शन किया। संगठन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि चार दिन के भीतर मदरसे पर ताला नहीं लगाया गया, तो उसके कार्यकर्ता खुद तालाबंदी करेंगे। संगठन के पदाधिकारियों ने बच्चों के साथ किसी भी तरह की गलत हरकत सामने आने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की। निरीक्षण के दौरान मिले थे 26 बच्चे शुक्रवार को मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता ने बाल कल्याण समिति (CWC) की टीम के साथ मदरसे का औचक निरीक्षण किया था। मौके पर 4 से 14 वर्ष की उम्र के 8 बच्चियां और 18 बच्चे मिले थे। इस तरह कुल 26 बच्चे मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि रजिस्टर्ड 15 बच्चियों में से मौके पर केवल 8 मौजूद थीं। खबर के अनुसार, कुछ बच्चियों को पिछले रास्ते से बाहर भेजे जाने की आशंका भी जताई गई। हालांकि, इस संबंध में जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी हैं। टीम के मुताबिक, मदरसा प्रबंधन मौके पर मान्यता और पंजीकरण से जुड़े जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। बच्चों की सुरक्षा और संस्थान के संचालन से संबंधित पहलुओं की जांच की जा रही है। रसोई और टॉयलेट में मिली गंदगी निरीक्षण के दौरान टीम को रसोईघर और टॉयलेट में गंदगी मिली। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ जगहों पर दरवाजे भी नहीं थे। बच्चों के सोने की व्यवस्था पर भी सवाल उठे। बताया गया कि 42 पंजीकृत बच्चों के लिए एक छोटे हॉल में पलंग के बजाय पतली चादरों पर सोने की व्यवस्था थी। इन स्थितियों को लेकर बाल अधिकारों और बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही बुनियादी सुविधाओं पर सवाल उठाए गए हैं। राष्ट्रीय सनातन सेना ने की सख्त कार्रवाई की मांग राष्ट्रीय सनातन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवती शुक्ला ने मदरसे में कथित अनियमितताओं पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की। संगठन ने आरोप लगाया कि ऐसे संस्थानों में बच्चों को भड़काऊ शिक्षा दी जा रही है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। फिलहाल, मदरसे के संचालन, निर्माण, जमीन और फंडिंग के स्रोतों से जुड़े पहलुओं की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई और आधिकारिक निष्कर्षों पर नजर रहेगी।
Vishwas Sarang

Vishwas Sarang खेड़ापति हनुमान मंदिर पहुंचे मंत्री, कॉरिडोर और दशहरा मैदान का लिया जायजा

राजधानी भोपाल के छोला स्थित श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर को आने वाले समय में नई पहचान मिलने जा रही है। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से यहां भव्य श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। मंत्री विश्वास सारंग (Vishwas Sarang) ने रावतपुरा सरकार के साथ मंदिर में दर्शन किए और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों और छोला दशहरा मैदान का निरीक्षण कर अधिकारियों से परियोजना की प्रगति की जानकारी ली। इस परियोजना का मकसद सिर्फ मंदिर परिसर का विस्तार करना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को बेहतर दर्शन व्यवस्था, आधुनिक सुविधाएं और धार्मिक वातावरण उपलब्ध कराना भी है। योजना को ‘विरासत भी और विकास भी’ की भावना के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। 100 करोड़ रुपये से बदलेगा खेड़ापति हनुमान मंदिर का स्वरूप श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर को लगभग 21 एकड़ क्षेत्र में विकसित करने की योजना है। जुलाई 2026 में प्रकाशित परियोजना संबंधी रिपोर्टों के अनुसार, इसके निर्माण में राजस्थान के व्हाइट मार्बल और प्राचीन नागर शैली की वास्तुकला का इस्तेमाल किया जाना है। मंत्री विश्वास सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूरा किया जाए और गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न हो। साथ ही मंदिर के पुराने गर्भगृह की मूल संरचना और धार्मिक स्वरूप को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया है। सुंदरकांड की झलक से सजेगा भव्य कॉरिडोर हनुमान लोक कॉरिडोर की खास बात यह होगी कि इसमें सुंदरकांड से जुड़े प्रसंगों की झलक देखने को मिलेगी। इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव भी मिलेगा। कॉरिडोर को पारंपरिक वास्तुकला और आधुनिक निर्माण के मेल से विकसित करने की योजना है। इससे मंदिर परिसर की सुंदरता बढ़ने के साथ भोपाल की धार्मिक पहचान को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं को मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं परियोजना के तहत श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई तरह के विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य खासतौर पर धार्मिक आयोजनों और त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं को होने वाली परेशानियों को कम करना है। Chhola Dussehra Maidan का भी होगा विकास मंत्री विश्वास सारंग ((Vishwas Sarang)) ने छोला दशहरा मैदान का भी निरीक्षण किया। योजना के तहत मैदान के खुले स्वरूप को बनाए रखते हुए सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित की जानी हैं। यहां दर्शक दीर्घा, मंच और दशहरा जैसे आयोजनों के लिए आवश्यक अधोसंरचना तैयार करने की योजना है। इससे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। स्थानीय लोगों और कारोबारियों का भी रखा जाएगा ध्यान निर्माण कार्यों के दौरान श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय रहवासियों और व्यापारियों की सुविधाओं का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि यातायात व्यवस्था सुचारु रहे और लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। परियोजना से संबंधित पूर्व में प्रकाशित जानकारी में दर्शक दीर्घा के नीचे 100 से अधिक दुकानों के निर्माण का प्रस्ताव भी सामने आया था। इसका उद्देश्य स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। Bhopal की धार्मिक पहचान को मिलेगी नई पहचान श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर भोपाल के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। ऐसे में कॉरिडोर का विकास शहर के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद मंदिर परिसर में दर्शन व्यवस्था और सार्वजनिक आयोजनों के लिए सुविधाओं में सुधार होने की उम्मीद है। हालांकि, निर्माण पूरा होने की निश्चित तारीख और वर्तमान प्रगति की ताजा आधिकारिक स्थिति की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। कुल मिलाकर, श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर भोपाल में आस्था और आधुनिक विकास को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण परियोजना है। अब श्रद्धालुओं को इंतजार है कि यह भव्य परिसर कब पूरी तरह तैयार होकर उनके लिए नई सुविधाओं के साथ खुलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Philippines

Philippines Plane Crash: ट्रेनिंग के दौरान बड़ा हादसा, 4 पायलटों की गई जान

फिलीपींस (Philippines) से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां ट्रेनिंग के दौरान वायुसेना के दो सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गए। इस हादसे में चार पायलटों की मौत हो गई। घटना के बाद फिलीपींस एयर फोर्स ने एहतियात के तौर पर SF-260 ट्रेनिंग विमानों की उड़ान पर रोक लगा दी है। वहीं, दुर्घटना की असली वजह जानने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। Philippines Plane Crash: कहां और कब हुआ हादसा? यह हादसा 23 अक्टूबर 2026 को फिलीपींस के बटांगस प्रांत के लिपा शहर में स्थित फर्नांडो एयर बेस के पास हुआ। वायुसेना के अनुसार, दुर्घटना स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 3:51 बजे हुई। दोनों विमान ट्रेनिंग फ्लाइट पर थे। शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि उड़ान के दौरान दोनों विमान हवा में टकरा गए, जिसके बाद वे दुर्घटनाग्रस्त हो गए। हालांकि, टक्कर किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे क्या वजह थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। हादसे में चार पायलटों की मौत इस दुर्घटना में दोनों विमानों में सवार चारों पायलटों की जान चली गई। इस खबर के सामने आने के बाद वायुसेना ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। अधिकारियों ने परिवारों को जरूरी सहायता देने की बात भी कही है। वायुसेना के मुताबिक, हादसा एयर बेस की सीमा के भीतर हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, जमीन पर मौजूद किसी अन्य व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है। दुर्घटना के बाद SF-260 विमानों की उड़ान पर रोक हादसे के बाद फिलीपींस एयर फोर्स ने एहतियाती कदम उठाते हुए SF-260 ट्रेनिंग विमानों के पूरे बेड़े की उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी हैं। जांच के दौरान इन विमानों को उड़ान भरने की अनुमति नहीं होगी। इस फैसले का उद्देश्य दुर्घटना की वजह का पता लगाना और विमानों की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की जांच करना है। फिलहाल तकनीकी खराबी, मानवीय चूक या किसी अन्य कारण की पुष्टि नहीं हुई है। जांच के नतीजे आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पहले भी हो चुका है SF-260 विमान हादसा फिलीपींस में SF-260 विमान से जुड़ी दुर्घटना पहले भी सामने आ चुकी है। मई 2026 में उत्तरी फिलीपींस के बेंगुएट प्रांत में एक ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। उस हादसे में दो सैन्य पायलटों की मौत हुई थी। ताजा दुर्घटना के बाद सैन्य ट्रेनिंग विमानों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। जांच के बाद सामने आएगी हादसे की वजह फिलीपींस एयर फोर्स ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि दोनों विमान किस परिस्थिति में दुर्घटनाग्रस्त हुए और क्या इसमें किसी तकनीकी समस्या की भूमिका थी। फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि हादसे में चार पायलटों की जान चली गई है। वायुसेना ने संबंधित विमानों की उड़ान रोक दी है और जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Yogi Adityanath

Yogi Adityanath जिस जमीन पर था भू-माफिया का कब्जा, वहां अब बना फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने भू-माफिया से सरकारी जमीन वापस लेने की कहानी सुनाते हुए बताया कि जिस जमीन को कभी कब्जे से मुक्त कराना मुश्किल हो रहा था, आज उसी पर स्टेट फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट (State Forensic Science Institute) बनाया गया है। इस उदाहरण के जरिए उन्होंने प्रदेश में जमीनों को कब्जे से मुक्त कराने, कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों का जिक्र किया। सीएम योगी ने यह बात 15 जून 2026 को लखनऊ में आयोजित डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग ‘त्रिवेणी’ के समापन सत्र में कही। उन्होंने बताया कि सरकारी जमीन को वापस लेकर उसका इस्तेमाल एक महत्वपूर्ण संस्थान बनाने के लिए किया गया। कैसे भू-माफिया के कब्जे में पहुंची सरकारी जमीन? लखनऊ के सरोजनी नगर इलाके में स्थित इस जमीन का मामला कई साल पुराना है। रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 57 एकड़ जमीन वर्ष 1955 में एक ट्रैक्टर कंपनी को 10 साल की लीज पर दी गई थी। लीज की अवधि पूरी होने के बाद जमीन ग्राम सभा के नाम दर्ज की गई। बाद में जमीन के दस्तावेजों में कथित हेराफेरी कर उसे दूसरे नाम पर दर्ज कराने के आरोप सामने आए। जांच में जमीन को वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज कराने और फिर रियल एस्टेट कंपनियों के बीच हस्तांतरित करने से जुड़े आरोपों की पड़ताल की गई। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर शिकायतें हुईं। इसके बाद प्रशासन और पुलिस ने दस्तावेजों की जांच शुरू की। जमीन के स्वामित्व और कथित अवैध हस्तांतरण का मामला प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंचा। 2015 में वापस मिली जमीन, फिर शुरू हुई संस्थान बनाने की तैयारी उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 17 दिसंबर 2015 को जिला प्रशासन ने जमीन को कब्जे से मुक्त कराया। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई थी। कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई। जमीन वापस मिलने के बाद इसके इस्तेमाल को लेकर योजना बनाई गई। आगे चलकर इसी जगह उत्तर प्रदेश स्टेट फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट स्थापित करने का फैसला हुआ। यह मामला इसलिए भी चर्चा में आया, क्योंकि जमीन को लेकर विवाद और कब्जे की शिकायतों के बाद उसका इस्तेमाल सार्वजनिक उद्देश्य के लिए किए जाने की योजना बनी। ₹200 करोड़ की लागत से बना Forensic Science Institute लखनऊ के सरोजनी नगर में इस संस्थान की आधारशिला 1 अगस्त 2021 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रखी थी। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। शुरुआती रिपोर्टों में परियोजना की लागत करीब 200 करोड़ रुपये बताई गई थी। संस्थान का उद्देश्य फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में विशेषज्ञ तैयार करना और पुलिस व जांच एजेंसियों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना है। यहां वैज्ञानिक जांच, साइबर सुरक्षा और अपराध से जुड़े साक्ष्यों के विश्लेषण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। आज के समय में आपराधिक मामलों की जांच केवल गवाहों और बयानों तक सीमित नहीं है। डीएनए जांच, डिजिटल साक्ष्य और दूसरे वैज्ञानिक तरीकों की मदद से जांच को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। ऐसे संस्थान इसी जरूरत को पूरा करने में अहम भूमिका निभाते हैं। CM Yogi ने क्यों सुनाया जमीन का यह किस्सा? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस उदाहरण के जरिए बताया कि सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराकर उसका इस्तेमाल विकास कार्यों में किया जा सकता है। उनके बयान का मुख्य संदेश यह था कि जिस जमीन पर कभी कब्जे की समस्या थी, उसी पर अब शिक्षा और आधुनिक तकनीक से जुड़ा संस्थान बनाया गया है। सीएम योगी ने इसे प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुधारने और भू-माफिया के खिलाफ कार्रवाई से जोड़कर पेश किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास, डिफेंस कॉरिडोर और ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। हालांकि, जमीन से जुड़े आरोपों और कानूनी दावों को समझने के लिए प्रशासनिक रिकॉर्ड तथा जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण हैं। भू-माफिया से मुक्त जमीन पर आवास योजना भी चर्चा में उत्तर प्रदेश में कब्जे से मुक्त कराई गई जमीनों का सार्वजनिक इस्तेमाल हाल के महीनों में भी चर्चा में रहा है। अक्टूबर 2026 में प्रयागराज के कसारी-मसारी इलाके में माफिया अतीक अहमद से जुड़ी बताई गई जमीन पर आवासीय परियोजना की शुरुआत की खबर सामने आई। 15 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पद्मलोक आवास योजना के तहत 602 फ्लैटों की परियोजना का भूमि पूजन किया। परियोजना की लागत 191 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई। इसी दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पीपलगांव में बने 556 घरों के लाभार्थियों को चाबियां सौंपने की जानकारी भी सामने आई। इन परियोजनाओं को राज्य सरकार जमीन के इस्तेमाल को आम लोगों के आवास और विकास से जोड़ने के उदाहरण के तौर पर पेश कर रही है। सरकारी जमीन से संस्थान तक, क्या है इस खबर का महत्व? लखनऊ के फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट की कहानी में जमीन का पुराना विवाद, प्रशासनिक कार्रवाई और सार्वजनिक उपयोग के लिए संस्थान बनाने की प्रक्रिया शामिल है। यह मामला दिखाता है कि सरकारी जमीन को लेकर विवाद सुलझने के बाद उसका इस्तेमाल शिक्षा और वैज्ञानिक जांच जैसी जरूरतों के लिए किया जा सकता है। सीएम योगी के बयान ने इस पुराने मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। अब यह कहानी सिर्फ जमीन वापस लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि इस बात पर भी ध्यान खींचती है कि सरकारी संपत्ति का इस्तेमाल किस तरह सार्वजनिक सुविधाओं के निर्माण में किया जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.