सऊदी अरब (Saudi Arabia) में एयरपोर्ट और तेल ठिकाने पर हुए हमलों ने एक बार फिर पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। बुधवार, 21 अक्टूबर को दम्माम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और शायबाह ऑयल फील्ड के पास अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 10 लोग घायल हुए। घायलों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल है। इन घटनाओं के बाद अमेरिका ने सऊदी अरब में तैनात अपने गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश दिया है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली। लगातार बढ़ते हमलों ने सऊदी अरब की सुरक्षा, हवाई सेवाओं और तेल आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। Dammam Airport Attack: एयरपोर्ट पर हमले में एक की मौत सऊदी अरब के पूर्वी शहर दम्माम स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को 21 अक्टूबर की शाम निशाना बनाया गया। सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के मुताबिक, इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई और आठ लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि एयरपोर्ट की संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन शुरू किया गया। घटना के बाद हवाई यातायात पर असर पड़ा और कुछ विमानों को दूसरे एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट करना पड़ा। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। यात्रियों को अपनी उड़ान की ताजा स्थिति संबंधित एयरलाइन से जांचने की सलाह दी गई है। यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब सऊदी अरब के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमलों की खबरें सामने आ रही हैं। Shaybah Oil Field Attack: ड्रोन का मलबा गिरने से दो लोगों की मौत सऊदी अरब के शायबाह ऑयल फील्ड को निशाना बनाने की कोशिश भी की गई। सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक, तेल सुविधा की ओर आ रहे ड्रोन को एयर डिफेंस ने रोक दिया। इसके बाद गिरे मलबे से दो लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। मारे गए लोगों में नेपाल और फिलीपींस के नागरिक शामिल हैं। वहीं, घायलों में एक भारतीय और एक पाकिस्तानी नागरिक बताया गया है। मलबा गिरने से तेल ठिकाने के बाहर एक ठेकेदार के वाहन में आग भी लग गई। शायबाह ऑयल फील्ड सऊदी अरब की प्रमुख तेल उत्पादन सुविधाओं में से एक है। राहत की बात यह रही कि शुरुआती आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस घटना से तेल उत्पादन पर असर नहीं पड़ा। Indian Citizen Injured: भारतीय दूतावास ने क्या कहा? शायबाह ऑयल फील्ड के पास हुई घटना में भारतीय नागरिक के घायल होने के बाद रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने सऊदी अधिकारियों से संपर्क किया। दूतावास ने घायल भारतीय को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। फिलहाल उसकी स्वास्थ्य स्थिति से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है। सऊदी अरब में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक काम करते हैं। ऐसे में एयरपोर्ट और तेल सुविधाओं पर हमलों की खबरों से वहां रहने वाले भारतीय परिवारों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। भारतीय नागरिकों को स्थानीय प्रशासन और दूतावास की आधिकारिक सलाह पर ध्यान देना चाहिए। US Diplomats Exit: अमेरिका ने कर्मचारियों को देश छोड़ने को कहा सऊदी अरब में बढ़ते सुरक्षा खतरे के बीच अमेरिका ने अपने गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का निर्देश दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट के अनुसार, यह फैसला सऊदी अरब में नागरिक ठिकानों पर बढ़ते हमलों और उनसे पैदा हुए सुरक्षा जोखिम को देखते हुए लिया गया। अमेरिकी अधिकारियों ने क्षेत्र में संभावित नए हमलों की आशंका भी जताई है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका दूसरे खाड़ी देशों में स्थित अपने कुछ मिशनों से भी परिवार के सदस्यों को वापस बुलाने की तैयारी कर रहा है। हालांकि, सऊदी अरब के लिए जारी आदेश और दूसरे देशों में संभावित कदम अलग-अलग हैं। इस फैसले से संकेत मिलता है कि अमेरिकी प्रशासन क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति को गंभीरता से ले रहा है। हूती विद्रोहियों पर शक, पश्चिम एशिया में क्यों बढ़ रहा तनाव? यमन में सक्रिय हूती विद्रोही लंबे समय से सऊदी अरब और उसकी समर्थित यमनी सरकार के साथ संघर्ष में शामिल रहे हैं। हाल के दिनों में समूह ने सऊदी अरब के एयरपोर्ट और तेल से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाने की धमकियां दी हैं। हूतियों ने पहले रियाद में हुए कुछ हमलों की जिम्मेदारी भी ली थी। हालांकि, 21 अक्टूबर को दम्माम एयरपोर्ट और शायबाह ऑयल फील्ड से जुड़ी दोनों घटनाओं के लिए तत्काल कोई स्पष्ट सार्वजनिक जिम्मेदारी सामने नहीं आई थी। क्षेत्र में जारी व्यापक संघर्ष ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। सऊदी अरब के लिए चुनौती केवल अपने महत्वपूर्ण ठिकानों की सुरक्षा करना नहीं, बल्कि आम नागरिकों, विदेशी कर्मचारियों और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। Saudi Arabia News: पहले भी रियाद एयरपोर्ट पर हो चुके हैं हमले दम्माम की घटना से पहले राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी कई हमले हुए थे। रिपोर्टों के मुताबिक, अक्टूबर के शुरुआती दिनों में हुए हमलों में बड़ी संख्या में लोग मारे गए और 300 से अधिक लोग घायल हुए। इन घटनाओं के बाद हवाई सेवाएं प्रभावित हुईं और कई एयरलाइंस ने अपनी उड़ानों में बदलाव किए। हवाई अड्डों पर लगातार हमलों से यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय कारोबार और पर्यटन पर भी असर पड़ने की आशंका है। सऊदी अरब अपनी अर्थव्यवस्था को तेल के अलावा दूसरे क्षेत्रों में विस्तार देने की कोशिश कर रहा है, ऐसे में सुरक्षा संबंधी घटनाएं उसके लिए अतिरिक्त चुनौती बन सकती हैं। Crude Oil Price: हमलों के बाद कच्चा तेल महंगा सऊदी अरब दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादकों में शामिल है। इसलिए उसके तेल ठिकानों पर हमलों की खबर का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी पड़ता है। रॉयटर्स की 22 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत 2.82 डॉलर बढ़कर 111.64 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। अमेरिकी WTI क्रूड भी 2.24 डॉलर बढ़कर 99.39 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा। बाजार में तेजी की एक प्रमुख वजह यह चिंता है कि अगर हमले बढ़ते हैं या तेल उत्पादन और परिवहन बाधित होता है, तो वैश्विक आपूर्ति पर असर...