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Indian Cricket Team

Indian Cricket Team फिलहाल Break पर, अगली International Series के लिए जल्द चुनी जाएगी टीम

भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) फिलहाल अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों से कुछ समय के लिए ब्रेक पर है। लगातार व्यस्त क्रिकेट कैलेंडर के बाद खिलाड़ियों को आराम दिया गया है, ताकि वे आगामी चुनौतियों के लिए खुद को पूरी तरह तैयार कर सकें। अब क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें बीसीसीआई (BCCI) की ओर हैं, क्योंकि जल्द ही अगली इंटरनेशनल सीरीज के लिए टीम इंडिया के स्क्वाड का ऐलान होने की उम्मीद है। लगातार क्रिकेट के बाद मिला आराम पिछले कुछ महीनों में भारतीय टीम (Indian Cricket Team) ने लगातार अलग-अलग प्रारूपों में क्रिकेट खेला। ऐसे व्यस्त कार्यक्रम के बाद खिलाड़ियों को आराम देना टीम मैनेजमेंट की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। यह ब्रेक खिलाड़ियों को शारीरिक और मानसिक रूप से तरोताजा होने का मौका देगा, जिससे वे अगले दौरे में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। जल्द घोषित हो सकता है नया Squad सूत्रों के अनुसार, चयन समिति अगले कुछ दिनों में आगामी सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा कर सकती है। चयन के दौरान खिलाड़ियों की मौजूदा फॉर्म, फिटनेस और हालिया प्रदर्शन को प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे में कुछ नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना भी जताई जा रही है, जबकि अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी पर भी सभी की नजर रहेगी। युवा खिलाड़ियों के लिए सुनहरा अवसर घरेलू क्रिकेट और हाल के टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन करने वाले कई युवा खिलाड़ी चयनकर्ताओं की नजर में हैं। यदि उन्हें टीम में जगह मिलती है तो यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की बड़ी शुरुआत साबित हो सकती है। दूसरी ओर, नियमित खिलाड़ियों को भी अपनी जगह बनाए रखने के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। अगले दौरे की तैयारियां होंगी तेज स्क्वाड की घोषणा के बाद भारतीय टीम का ट्रेनिंग कैंप शुरू होने की संभावना है। यहां खिलाड़ी अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देंगे और टीम मैनेजमेंट आगामी सीरीज के लिए रणनीति तय करेगा। भारत का लक्ष्य अगले दौरे में जीत की लय को बरकरार रखते हुए मजबूत शुरुआत करना होगा। फैंस की नजर BCCI के फैसले पर देशभर के क्रिकेट प्रशंसक अब आधिकारिक टीम घोषणा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। हर किसी के मन में यही सवाल है कि इस बार किन खिलाड़ियों को मौका मिलेगा और क्या टीम में कोई बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। स्क्वाड सामने आने के बाद इन सभी सवालों के जवाब मिल जाएंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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भारत ने जिम्बाब्वे को तीसरे टी-20 में हराकर 3-0 से जीती सीरीज, वैभव सूर्यवंशी बने जीत के हीरो

भारतीय क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी-20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए 35 रन से जीत दर्ज की और तीन मैचों की सीरीज पर 3-0 से कब्जा कर लिया। हरारे में खेले गए मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 192 रन बनाए। जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 7 विकेट पर 157 रन ही बना सकी। भारत की जीत के सबसे बड़े नायक युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी रहे। उन्होंने 49 गेंदों पर 81 रन की शानदार पारी खेली और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। वहीं गेंदबाजी में मयंक यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट झटके, जबकि यश ठाकुर ने 2 विकेट लेकर मेजबान टीम की कमर तोड़ दी। भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही और अभिषेक शर्मा सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन ने पारी को संभाला। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 75 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। ईशान किशन ने 29 रन बनाए। ईशान के आउट होने के बाद वैभव ने कप्तान श्रेयस अय्यर के साथ मिलकर 50 रन की साझेदारी की। वैभव ने 31 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और अंत तक आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी। तिलक वर्मा 11 रन बनाकर नाबाद रहे। जिम्बाब्वे की ओर से ब्रैड इवांस ने 2 विकेट लिए, जबकि ब्लेसिंग मुजरबानी, सिकंदर रजा और वेस्ली मधेवेरे को एक-एक सफलता मिली। 193 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत बेहद खराब रही। पहली ही गेंद पर मयंक यादव ने ब्रायन बेनेट को आउट कर दिया। इसके बाद यश ठाकुर ने डिओन मायर्स और सिकंदर रजा को लगातार पवेलियन भेजकर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। बाद में रवि बिश्नोई और अशोक शर्मा ने भी एक-एक विकेट लेकर जिम्बाब्वे की उम्मीदों को खत्म कर दिया। भारतीय गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया ने मुकाबला अपने नाम किया और सीरीज में क्लीन स्वीप कर लिया।
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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: ऋषिकांत सिंह ने दिलाया भारत को दूसरा मेडल, 60 किग्रा वेटलिफ्टिंग में जीता सिल्वर

नई दिल्ली: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए शानदार खबर आई है। चौथे दिन पुरुषों की 60 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में ऋषिकांत सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। उन्होंने स्नैच और क्लीन एंड जर्क मिलाकर कुल 264 किलोग्राम वजन उठाया और दूसरे स्थान पर रहे। मलेशिया के अनिक कसदान ने कुल 266 किलोग्राम वजन उठाकर गोल्ड मेडल जीता, जबकि केन्या के मबोया ने 260 किलोग्राम के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। स्नैच और क्लीन एंड जर्क में दमदार प्रदर्शन ऋषिकांत सिंह ने स्नैच में 121 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 143 किलोग्राम वजन उठाया। दोनों इवेंट के कुल 264 किलोग्राम के साथ उन्होंने भारत की झोली में गेम्स का दूसरा पदक डाला। इससे पहले भारत के झंडू कुमार ने पुरुष पैरा पावरलिफ्टिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। अब भारत के खाते में 1 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज के साथ कुल दो पदक हो गए हैं और टीम मेडल तालिका में 10वें स्थान पर है। ऑस्ट्रेलिया 12 गोल्ड सहित 23 पदकों के साथ शीर्ष पर बना हुआ है। ऋषिकांत का दूसरा कॉमनवेल्थ गेम्स यह ऋषिकांत सिंह का दूसरा कॉमनवेल्थ गेम्स है। इससे पहले उन्होंने बर्मिंघम 2022 में 55 किलोग्राम वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इस बार उन्होंने पहली बार 60 किलोग्राम वर्ग में हिस्सा लिया और सिल्वर मेडल जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की। वह मौजूदा कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप के भी चैंपियन हैं। 2009 से शुरू हुआ सफर मणिपुर वेटलिफ्टिंग एसोसिएशन के सचिव और उनके शुरुआती कोच ब्रोजेंद्रो सिंह के अनुसार, ऋषिकांत ने वर्ष 2009 में मणिपुर स्पोर्ट्स अकादमी से वेटलिफ्टिंग की शुरुआत की थी। बाद में उनका चयन स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) में हुआ। इसके बाद वे भारतीय नौसेना और फिर भारतीय सेना के खेल ढांचे से जुड़े, जहां उनकी प्रतिभा और निखरी। ऋषिकांत मणिपुर के इंफाल वेस्ट के रहने वाले हैं। उनके परिवार में दो भाई हैं, जिनमें बड़े भाई भारतीय सेना में कार्यरत हैं। वेटलिफ्टिंग में विजेता कैसे तय होता है? वेटलिफ्टिंग में दो इवेंट होते हैं— दोनों इवेंट में तीन-तीन प्रयास मिलते हैं। स्नैच और क्लीन एंड जर्क में उठाए गए सर्वश्रेष्ठ वजन को जोड़कर कुल स्कोर बनाया जाता है। सबसे अधिक कुल वजन उठाने वाला खिलाड़ी विजेता घोषित होता है। अन्य मुकाबलों पर भी नजर भारत को उम्मीद है कि आने वाले मुकाबलों में उसके खिलाड़ी और पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाएंगे। deshharpal.comअधिक जानकारी और ताज़ा राष्ट्रीय खबरों के लिए विजिट करें:
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भारत vs जिम्बाब्वे तीसरा टी20 आज: टीम इंडिया की नजर क्लीन स्वीप पर, टॉस जीतकर चुनी बल्लेबाजी

भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला आज हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जा रहा है। भारतीय टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे शुरू होगा। टीम इंडिया इस सीरीज में शानदार प्रदर्शन करते हुए शुरुआती दोनों मैच जीत चुकी है और 2-0 की अजेय बढ़त बना चुकी है। ऐसे में भारतीय टीम की नजर तीसरा मुकाबला जीतकर जिम्बाब्वे का क्लीन स्वीप करने पर होगी। वहीं मेजबान जिम्बाब्वे सम्मान बचाने के इरादे से मैदान में उतरेगी। संभावित प्लेइंग इलेवन भारत अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, रवि बिश्नोई, प्रिंस यादव, मयंक यादव और यश ठाकुर। जिम्बाब्वे ब्रायन बेनेट, तादीवानाशे मरुमानी, बेन करन, डिओन मायर्स, सिकंदर रजा (कप्तान), रयान बर्ल, वेस्ली मधेवेरे, ब्रैड इवांस, न्यूमैन न्यामहुरी, रिचर्ड नगारवा और ब्लेसिंग मुजरबानी। अधिक खेल समाचार और ताजा अपडेट के लिए DeshHarpal की वेबसाइट देखें:deshharpal.com
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Abhishek Sharma

Abhishek Sharma Record: Batting में नहीं चला जादू, लेकिन Bowling से Team India के स्टार ने किया कमाल

भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेले गए T20 मुकाबले में टीम इंडिया के युवा स्टार Abhishek Sharma ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह सिर्फ विस्फोटक बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर टीम के लिए शानदार ऑलराउंडर भी बन सकते हैं। इस मैच में भले ही अभिषेक शर्मा का बल्ला ज्यादा कमाल नहीं दिखा पाया, लेकिन गेंद से उन्होंने ऐसा प्रदर्शन किया कि उनका नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गया। Batting में खामोशी, Bowling में दिखा अभिषेक का जलवा मैच में अभिषेक शर्मा से फैंस को एक बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वह बल्लेबाजी में ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सके। हालांकि इसके बाद उन्होंने गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभाली और अपनी शानदार स्पिन गेंदों से जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को परेशान कर दिया। Abhishek Sharma ने अपनी गेंदबाजी से अहम विकेट हासिल किए और भारतीय टीम को मुकाबले में मजबूत स्थिति में पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई। उनका यह प्रदर्शन इस बात का सबूत है कि वह आने वाले समय में टीम इंडिया के लिए एक उपयोगी ऑलराउंड विकल्प बन सकते हैं। Abhishek Sharma ने बनाया खास T20I Record जिम्बाब्वे के खिलाफ गेंद से शानदार प्रदर्शन करते हुए अभिषेक शर्मा ने एक खास उपलब्धि हासिल की। वह T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भारतीय ओपनर बल्लेबाजों में बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए। यह रिकॉर्ड इसलिए भी खास है क्योंकि आमतौर पर ओपनिंग बल्लेबाजों से गेंदबाजी में बड़ी भूमिका की उम्मीद नहीं की जाती, लेकिन अभिषेक ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से खुद को अलग साबित किया। India की जीत में Abhishek बने अहम कड़ी मुकाबले में भारतीय टीम ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में शानदार प्रदर्शन किया। जहां बल्लेबाजों ने स्कोरबोर्ड पर बड़ा लक्ष्य खड़ा किया, वहीं गेंदबाजों ने जिम्बाब्वे की टीम पर लगातार दबाव बनाए रखा। अभिषेक शर्मा के अलावा टीम इंडिया के अन्य खिलाड़ियों ने भी बेहतरीन योगदान दिया। बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में रन बनाए और गेंदबाजों ने सही समय पर विकेट लेकर जिम्बाब्वे की वापसी की उम्मीदों को खत्म कर दिया। युवा खिलाड़ी के तौर पर बढ़ी Abhishek Sharma की अहमियत पिछले कुछ समय में अभिषेक शर्मा ने अपनी बल्लेबाजी से क्रिकेट फैंस का ध्यान खींचा है। उनकी लंबे छक्के लगाने की क्षमता और आक्रामक अंदाज उन्हें T20 क्रिकेट के लिए खास बनाता है। अब गेंद से शानदार प्रदर्शन करने के बाद उनकी उपयोगिता टीम के लिए और बढ़ गई है। एक ऐसा खिलाड़ी जो बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी में भी योगदान दे सकता है, किसी भी टीम के लिए बड़ा हथियार साबित होता है। Team India को मिला भरोसेमंद All-Round Option Abhishek Sharma का यह प्रदर्शन उनके करियर के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने दिखा दिया कि वह सिर्फ एक बल्लेबाज नहीं बल्कि मैच की परिस्थितियों के हिसाब से खुद को बदलने की क्षमता रखते हैं। IND vs ZIM मुकाबले में उनका यह ऑलराउंड प्रदर्शन लंबे समय तक याद रखा जाएगा। बल्ले से शांत रहने के बावजूद गेंद से इतिहास रचकर अभिषेक ने साबित कर दिया कि बड़े खिलाड़ी वही होते हैं जो मुश्किल समय में टीम के काम आएं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Commonwealth Games 2026

India First Medal in Commonwealth Games 2026: झंडू कुमार का कमाल, Boxing में जादुमणि की जीत

Commonwealth Games 2026 में भारत का पदकों का इंतजार खत्म हो गया है। भारतीय पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार (Jhandu Kumar) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को पहला Bronze Medal दिलाया। उन्होंने पुरुषों की पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में 190 किलोग्राम वजन उठाकर तीसरा स्थान हासिल किया। वहीं, बॉक्सिंग रिंग से भी अच्छी खबर आई, जहां भारतीय मुक्केबाज जादुमणि सिंह (Jadumani Singh) ने अपना पहला मुकाबला जीतकर अगले दौर में जगह बना ली। 190 Kg वजन उठाकर रचा इतिहास झंडू कुमार ने प्रतियोगिता के दौरान अपने दमदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। उन्होंने 190 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया और कांस्य पदक अपने नाम किया। यह केवल उनके करियर की बड़ी उपलब्धि नहीं, बल्कि Commonwealth Games 2026 में भारत का पहला मेडल भी है। इस सफलता के साथ भारतीय दल का मनोबल भी काफी बढ़ गया है। संघर्ष से सफलता तक का सफर झंडू कुमार की कहानी किसी प्रेरणादायक फिल्म से कम नहीं है। बिहार के रहने वाले झंडू ने आर्थिक तंगी के बीच अपना सपना जिंदा रखा। परिवार की मदद के लिए उन्होंने कभी सब्जियां बेचीं तो कभी ई-रिक्शा चलाया। कठिन हालात के बावजूद उन्होंने खेल से दूरी नहीं बनाई। लगातार मेहनत और मजबूत इरादों का नतीजा आज पूरी दुनिया के सामने है। उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि संसाधनों की कमी प्रतिभा को नहीं रोक सकती। यही वजह है कि उनकी जीत को सिर्फ एक पदक नहीं, बल्कि संघर्ष और हौसले की जीत भी माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई झंडू कुमार की ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि उनका प्रदर्शन पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने झंडू के संघर्ष और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सफलता लाखों युवाओं को अपने सपनों के लिए मेहनत करने की प्रेरणा देगी। Boxing में भी भारत की मजबूत शुरुआत पैरा पावरलिफ्टिंग के बाद भारतीय बॉक्सिंग टीम ने भी शानदार शुरुआत की। मुक्केबाज जादुमणि सिंह ने अपने पहले मुकाबले में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की और प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया। उनकी जीत से भारत की पदक उम्मीदें और मजबूत हुई हैं। अब इन खेलों पर रहेगी नजर भारत की शुरुआत बेहद सकारात्मक रही है। आने वाले दिनों में कुश्ती, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, हॉकी, एथलेटिक्स और बॉक्सिंग जैसी स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों से कई और पदकों की उम्मीद की जा रही है। यदि शुरुआती प्रदर्शन इसी तरह जारी रहा तो भारत इस बार भी पदक तालिका में मजबूत स्थिति बना सकता है। Commonwealth Games 2026 का पहला पदक जीतकर झंडू कुमार ने न केवल इतिहास रचा, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के दम पर किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है। वहीं, जादुमणि सिंह की जीत ने भारतीय खेल प्रेमियों की उम्मीदों को और बढ़ा दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स: पैरा पावरलिफ्टिंग में भारत पदक से चूका, स्विमिंग और बॉक्सिंग में बढ़ीं उम्मीदें

ग्लासगो। कॉमनवेल्थ गेम्स के दूसरे दिन भारत को पैरा पावरलिफ्टिंग के पहले मेडल इवेंट में निराशा हाथ लगी। पुरुष लाइटवेट वर्ग में अशोक कुमार मलिक पदक से मामूली अंतर से चूकते हुए चौथे स्थान पर रहे, जबकि परमजीत कुमार छठे स्थान पर रहे। हालांकि स्विमिंग, जिम्नास्टिक्स और बॉक्सिंग में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने पदकों की उम्मीदें बरकरार रखी हैं। पैरा पावरलिफ्टिंग में अशोक चौथे स्थान पर पुरुष लाइटवेट फाइनल में नौ बार के राष्ट्रीय चैंपियन अशोक कुमार मलिक ने पहली कोशिश में 195 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया। दूसरी कोशिश में उन्होंने 200 किलोग्राम की अपनी व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ (Personal Best) लिफ्ट पूरी कर 143.8 अंक हासिल किए। तीसरे प्रयास में 205 किलोग्राम वजन उठाने में असफल रहने के कारण वह चौथे स्थान पर रहे और पदक से चूक गए। वहीं परमजीत कुमार ने पहले प्रयास में 176 किलोग्राम वजन उठाकर 135.6 अंक अर्जित किए। इसके बाद 179 किलोग्राम वजन उठाने के दोनों प्रयास असफल रहे और वह छठे स्थान पर रहे। अब महिला लाइटवेट वर्ग में जसप्रीत कौर और सुमन देवी, जबकि महिला हेवीवेट में कस्तूरी राजामणि तथा पुरुष हेवीवेट में झंडू कुमार और सुधीर भारत की ओर से पदक की चुनौती पेश करेंगे। स्विमिंग में भारतीय खिलाड़ियों ने बनाई फाइनल और सेमीफाइनल में जगह भारत के लिए अच्छी खबर स्विमिंग से आई। इस स्पर्धा में कुल आठ प्रतिभागी होने के कारण दोनों भारतीय तैराक फाइनल में पहुंच गए हैं। वहीं स्टार तैराक श्रीहरि नटराज ने पुरुष 50 मीटर बैकस्ट्रोक हीट में 25.52 सेकेंड का समय निकालते हुए अपनी हीट में पांचवां और कुल मिलाकर 14वां स्थान हासिल किया। इसके साथ उन्होंने सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया। जिम्नास्टिक्स में भारत मजबूत स्थिति में आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स की पुरुष टीम ऑलराउंड स्पर्धा में दो उपकरणों के बाद भारत सब-डिवीजन-2 में सिंगापुर के बाद दूसरे स्थान पर चल रहा है। भारतीय टीम में तपन मोहंती, स्वाथिश केपी, तपेश्वरनाथ दास और योगेश्वर सिंह शामिल हैं। बॉक्सिंग में आज से भारत का अभियान बॉक्सिंग में भारत की ओर से जदुमणि सिंह पुरुष 55 किलोग्राम वर्ग के राउंड ऑफ-32 मुकाबले में स्कॉटलैंड के आरोन कुलेन का सामना करेंगे। वहीं ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन को महिला 75 किलोग्राम वर्ग में बाय मिला है, जिससे वह सीधे सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स के नियमों के अनुसार दोनों सेमीफाइनल में हारने वाले खिलाड़ियों को भी कांस्य पदक दिया जाता है। ऐसे में लवलीना का कम से कम ब्रॉन्ज मेडल सुनिश्चित हो गया है। जूडो में भारत को झटका भारत की जूडो खिलाड़ी तूलिका मान को पिछले 12 महीनों में तीन बार वेयरअबाउट्स नियम के उल्लंघन के कारण NADA ने अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। इसके चलते उन्हें भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया है। इससे पहले पुरुष 73 किलोग्राम वर्ग के अरुण कुमार भी प्रतियोगिता से बाहर हो चुके हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स, भारतीय खिलाड़ियों और खेल जगत की हर बड़ी खबर के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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सचिन ने कहा- पेपर लीक पर नाराजगी जायज:शुभमन गिल ने शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट का समर्थन किया; कैफ बोले- छात्रों पर लाठीचार्ज गलत

पेपर लीक और देशभर में हो रहे छात्र आंदोलन पर कई खिलाड़ियों ने प्रतिक्रिया दी है। सचिन तेंदुलकर, शुभमन गिल, इरफान पठान, मोहम्मद कैफ, शिखर धवन और अभिनव बिंद्रा ने एजुकेशन में मेरिट, ईमानदारी और छात्रों के भविष्य पर जोर दिया। सचिन ने छात्रों की नाराजगी को जायज बताया है। भारतीय कप्तान गिल ने कहा कि हमें छात्रों के हित को ध्यान में रखकर आगे बढ़ना चाहिए। वहीं कैफ ने कहा है कि छात्रों पर लाठी चार्ज नहीं होना चाहिए। सचिन बोले- मेहनत का सम्मान हो, मेरिट जीते सचिन तेंदुलकर ने कहा कि उनके पिता ने बचपन में सिखाया था, ‘असफल होना ठीक है, लेकिन चीटिंग नहीं।’ उन्होंने कहा कि ‘अगर छात्रों को लगे कि उनकी मेहनत का फल नहीं मिला, तो उनका निराश होना स्वाभाविक है। समाज को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए, जहां मेहनत का सम्मान हो, ईमानदारी को बढ़ावा मिले और मेरिट की जीत हो।’
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IND vs ZIM: वैभव सूर्यवंशी ने तोड़ा सचिन का रिकॉर्ड, पहले टी-20 में भारत की जीत के 5 बड़े मोमेंट्स

भारत ने हरारे में खेले गए पहले टी-20 मुकाबले में जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। 126 रन के लक्ष्य को भारतीय टीम ने 13.2 ओवर में सिर्फ तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया। मैच के दौरान कई ऐसे पल देखने को मिले, जिन्होंने मुकाबले को खास बना दिया। सबसे ज्यादा चर्चा 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की रही, जिन्होंने रिकॉर्डतोड़ अर्धशतक जड़कर इतिहास रच दिया। मैच के 5 बड़े मोमेंट्स 1. वैभव सूर्यवंशी ने तोड़ा सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्डवैभव सूर्यवंशी ने 15 साल 118 दिन की उम्र में अर्धशतक लगाकर फुल मेंबर देशों के बीच इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे कम उम्र में फिफ्टी लगाने वाले खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ 16 साल 213 दिन की उम्र में अर्धशतक लगाया था। इसके साथ ही वैभव ने नेपाल के कुशल मल्ला का ओवरऑल इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। 2. टी-20 इंटरनेशनल में सबसे कम उम्र में फिफ्टीवैभव सूर्यवंशी अब टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज भी बन गए हैं। उन्होंने जिब्राल्टर के लुई ब्रूस का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 16 साल 56 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी। 3. मां के नाम किया अर्धशतकफिफ्टी पूरी करने के बाद वैभव ने अपने जश्न से सभी का दिल जीत लिया। उन्होंने हवा में ‘A’ का साइन बनाकर अपनी मां आरती सूर्यवंशी को यह उपलब्धि समर्पित की। 4. मयंक यादव ने फिर पहली गेंद पर लिया विकेटतेज गेंदबाज मयंक यादव ने जिम्बाब्वे की पारी की पहली ही गेंद पर ब्रायन बेनेट को आउट कर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। यह उनके टी-20 अंतरराष्ट्रीय करियर में दूसरी बार था, जब उन्होंने पारी की पहली गेंद पर विकेट हासिल किया। इस मामले में भुवनेश्वर कुमार तीन बार ऐसा कर भारत के शीर्ष गेंदबाज हैं। 5. भारत ने 40 गेंद पहले हासिल किया लक्ष्यभारतीय टीम ने 126 रन का लक्ष्य 40 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया। 120 से अधिक रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए यह भारत का चौथा सबसे तेज सफल रनचेज रहा। अशोक शर्मा का टी-20 डेब्यू राजस्थान के तेज गेंदबाज अशोक शर्मा ने इस मुकाबले से भारत के लिए टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटंस की ओर से खेलते हुए उन्होंने 6 मैचों में 6 विकेट लिए थे। जिम्बाब्वे में टी-20 डेब्यू करने वाले वह 23वें भारतीय खिलाड़ी बने। Read More:deshharpal.com
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China Open 2026: 4 मैच प्वाइंट गंवाकर फाइनल में हारीं PV Sindhu, खिताब जीतने का सपना टूटा

China Open 2026: 4 मैच प्वाइंट गंवाकर फाइनल में हारीं PV Sindhu, खिताब जीतने का सपना टूटा

भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी PV Sindhu चाइना ओपन 2026 का खिताब जीतने से सिर्फ एक कदम दूर थीं, लेकिन किस्मत ने आखिरी समय पर उनका साथ नहीं दिया। फाइनल मुकाबले में सिंधु के पास जीत के चार मैच प्वाइंट थे, लेकिन वह उन्हें भुना नहीं सकीं और आखिरकार मुकाबला हार गईं। यह हार सिर्फ एक मैच की हार नहीं थी, बल्कि करोड़ों भारतीय प्रशंसकों की उम्मीदों को भी झटका देने वाली रही। पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाली सिंधु ने फाइनल में भी दमदार खेल दिखाया, लेकिन निर्णायक क्षणों में विपक्षी खिलाड़ी ने शानदार वापसी करते हुए मैच अपने नाम कर लिया। मैच के दौरान सिंधु ने कई बेहतरीन रैलियां खेलीं और लंबे समय तक मुकाबले पर अपनी पकड़ बनाए रखी। ऐसा लग रहा था कि ट्रॉफी अब भारत आने वाली है, लेकिन चार मैच प्वाइंट गंवाने के बाद मैच का रुख पूरी तरह बदल गया। हालांकि, हार के बावजूद सिंधु का प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में शानदार रहा। उन्होंने लगातार बेहतरीन खेल दिखाकर फाइनल तक का सफर तय किया और यह साबित किया कि वह आज भी दुनिया की सबसे मजबूत बैडमिंटन खिलाड़ियों में शामिल हैं। इस हार से सिंधु और उनके प्रशंसक जरूर निराश होंगे, लेकिन खेल में जीत और हार दोनों का हिस्सा होती हैं। भारतीय फैंस को उम्मीद है कि पीवी सिंधु जल्द ही इस हार से उबरकर आने वाले टूर्नामेंट में और भी मजबूत वापसी करेंगी। चाइना ओपन 2026 का यह फाइनल लंबे समय तक याद रखा जाएगा, क्योंकि जीत सिंधु के बेहद करीब थी, लेकिन आखिर में किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। भारतीय खेल प्रेमियों को अब उनकी अगली बड़ी जीत का इंतजार रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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रानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन

भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई। घटना सुबह करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। सामान चढ़ाने और यात्रियों के आने-जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ गया, जिसके चलते ट्रेन करीब 29 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। आरोप है कि पैंट्री कर्मचारियों ने एकजुट होकर यात्रियों पर हमला किया। विवाद के दौरान कर्मचारियों द्वारा चेन पुलिंग किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन पर पहले ही निर्धारित समय से 3 घंटे 33 मिनट की देरी से पहुंची थी। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया विवाद घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और यात्रियों व पैंट्री कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद को शांत कराया। जीआरपी टीआई अमित शर्मा के मुताबिक, पीड़ित यात्री बेंगलुरु जा रहा था। उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन पर इस मामले में शिकायत नहीं मिली। वहीं, नागपुर में जीरो पर प्रकरण दर्ज किए जाने की सूचना है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित जीआरपी के स्तर पर की जाएगी।

मध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव

मध्यप्रदेश में पारंपरिक और आंचलिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार करीब साढ़े सात करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर रही है। खेल विभाग ने इसके लिए छोटे शहरों में प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना बनाई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 330 विकासखंडों में हर साल पारंपरिक खेल महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेलों को संरक्षण देना और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है। सरकार की इस पहल से स्थानीय खेलों को प्रतियोगिताओं और व्यवस्थित प्रशिक्षण के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। पिट्ठू से मलखंभ तक, कई खेल होंगे शामिल प्रस्तावित योजना में पिट्ठू, गदा और साइकिल रेस जैसे पारंपरिक व आंचलिक खेलों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कबड्डी, खो-खो, पैदल चाल, तीरंदाजी और मलखंभ जैसे खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पारंपरिक खेल महोत्सव में विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इन स्पर्धाओं के लिए पूरे प्रदेश में एक समान नियम तैयार किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के समान अवसर मिल सकें। छोटे शहरों में खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र खेल विभाग का मानना है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई पारंपरिक खेल लंबे समय से स्थानीय संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को अक्सर औपचारिक प्रशिक्षण और बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर नहीं मिल पाता। प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से ऐसे खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। आधुनिक खेलों से जोड़ने की भी तैयारी खेल विभाग इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेगा। इसके बाद उन्हें आगे के प्रशिक्षण के लिए तैयार करने की योजना है। विभाग पारंपरिक खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को आधुनिक खेल व्यवस्था से जोड़ने के विकल्पों पर भी काम कर रहा है। इस पहल के जरिए पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पारंपरिक खेलों के केंद्र स्थापित किए जाएंगे: विश्वास सारंग खेल मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कई देशी खेल प्रचलित हैं, लेकिन उन्हें बड़े पैमाने पर खेलने के अवसर सीमित हैं। अब इनके केंद्र स्थापित कर इन खेलों को बढ़ावा देने की योजना है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित योजना में टीम आधारित और व्यक्तिगत, दोनों तरह के खेलों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।

एशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने 24 मेडल जीते, जिनमें 5 गोल्ड, 6 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं। दूसरे दिन एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज तीनों मेडल जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। वहीं, निषाद कुमार ने हाई जंप में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। सिमरन शर्मा और दीप्ति जीवनजी ने भी क्रमशः 200 मीटर और 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। शूटिंग में मनीष नरवाल ने सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक्स के लिए कोटा भी हासिल किया। डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक जीतकर अपना दबदबा कायम किया। देवेंद्र कुमार ने 781 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। राकेश ने 771 पॉइंट्स लेकर सिल्वर, जबकि प्रदीप कुमार ने 669 पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस मुकाबले की खास बात यह रही कि प्रदीप कुमार ने 51.15 मीटर का सबसे लंबा थ्रो किया, इसके बावजूद उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। इसकी वजह यह है कि इस स्पर्धा में अलग-अलग तरह की शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी एक साथ मुकाबला करते हैं। इसमें F43, F44, F62 और F64 कैटेगरी के खिलाड़ी शामिल थे। खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति और थ्रो करने की क्षमता में अंतर होने के कारण उनके प्रदर्शन का आकलन रजा पॉइंट्स सिस्टम के आधार पर किया जाता है। इस प्रणाली में खिलाड़ी की कैटेगरी के अनुसार प्रदर्शन को अंक दिए जाते हैं, जिससे अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के परिणामों की निष्पक्ष तुलना की जा सके। निषाद कुमार ने हाई जंप में जीता दूसरा गोल्ड भारतीय पैरा-एथलीट निषाद कुमार ने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.02 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। यह इन गेम्स में उनका दूसरा गोल्ड है। इससे पहले वह लॉन्ग जंप में भी पहला स्थान हासिल कर चुके हैं। हाई जंप में खिलाड़ियों को एक निश्चित ऊंचाई पर रखी बार को बिना गिराए पार करना होता है। हर सफल प्रयास के बाद बार की ऊंचाई बढ़ाई जाती है और सबसे अधिक ऊंचाई पार करने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। T47 पैरा-एथलेटिक्स की वह श्रेणी है, जिसमें हाथ से जुड़ी शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। निषाद की इस उपलब्धि से भारत के पदक अभियान को मजबूती मिली है। प्रणव सूरमा को गोल्ड, राम रतन सिंह ने जीता सिल्वर पुरुषों की डिस्कस थ्रो F51/F52/F53 स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रणव सूरमा ने 932 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि राम रतन सिंह 809 पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। प्रणव ने अपने छह प्रयासों में 11.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इस स्पर्धा में भी अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना रजा पॉइंट्स के आधार पर की जाती है। इसलिए केवल थ्रो की दूरी के आधार पर विजेता तय नहीं होता। प्रणव और राम रतन के अंकों ने उन्हें क्रमशः पहला और दूसरा स्थान दिलाया। भारत की पदक तालिका पर नजर दूसरे दिन के शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। एथलेटिक्स में लगातार मिल रही सफलताओं और शूटिंग में मनीष नरवाल की उपलब्धि ने भारतीय अभियान को नई गति दी है। प्रतियोगिता के अगले दिनों में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
SBI

SBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने का मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड में व्यक्तिगत जानकारी उजागर होने की पहचान की गई है। इनमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पते जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों की डेटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। SBI ने कहा है कि इस घटना से बैंक के सामान्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन और सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। वहीं, डेटा कहां से आया, कितने ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच की जा रही है। SBI Data Leak: कैसे सामने आया डेटा लीक का मामला? बैंक के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को उसे अपने Threat Intelligence Service Provider, Defence Cyber Agency और भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा उपलब्ध होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद SBI ने शुरुआती स्तर पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। हालांकि, डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डेटा कितना वास्तविक है और किस माध्यम से बाहर पहुंचा। ग्राहकों की कौन-सी निजी जानकारी हुई उजागर? शुरुआती जांच में सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: इनमें से कुछ जानकारियों का इस्तेमाल साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी पता होने पर ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ग्राहकों के बैंक खातों से पैसे निकलने या किसी खास तरह की धोखाधड़ी होने की पुष्टि नहीं हुई है। SBI ने जांच के लिए उठाए जरूरी कदम डेटा लीक की जानकारी मिलने के बाद बैंक ने अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच के लिए CERT-In से सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है कि डेटा का स्रोत क्या था, जानकारी कैसे उजागर हुई और इससे ग्राहकों की सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता है। बैंक के अनुसार, जांच के नतीजों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डेटा लीक के पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। क्या SBI ग्राहकों के बैंक खाते खतरे में हैं? डेटा लीक की खबर सुनकर ग्राहकों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या उनके बैंक खाते सुरक्षित हैं? यहां एक बात समझना जरूरी है। ग्राहकों का नाम, मोबाइल नंबर या पता सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उनके बैंक खाते भी हैक हो गए हैं। निजी जानकारी का उजागर होना और खाते से पैसे निकलना दो अलग-अलग बातें हैं। SBI ने कहा है कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज और सेवाओं पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ा है। हालांकि, निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके फर्जी कॉल, मैसेज और ऑनलाइन ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसलिए ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। Data Leak के बाद ग्राहकों को क्या करना चाहिए? डिजिटल बैंकिंग के दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में SBI ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। 1. OTP और PIN किसी को न बताएं: बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति भी आपसे OTP, ATM PIN या CVV मांगे, तो जानकारी साझा न करें। 2. संदिग्ध लिंक से बचें: KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या रिफंड मिलने के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। 3. बैंक खाते पर नजर रखें: अपने खाते के लेनदेन की नियमित जांच करें। कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। 4. फर्जी कॉल से सावधान रहें: अगर कोई व्यक्ति बैंकिंग जानकारी बताकर आपका भरोसा जीतने की कोशिश करे, तो उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। 5. साइबर ठगी होने पर शिकायत करें: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ध्यान रखें कि किसी ठग के पास आपकी कुछ निजी जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि है। SBI Data Leak मामले में अब आगे क्या होगा? फिलहाल SBI डेटा लीक मामले की जांच जारी है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि डार्क वेब पर उपलब्ध जानकारी कहां से आई और घटना का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही डेटा लीक की वजह और ग्राहकों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर ज्यादा स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक ग्राहकों के लिए अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखना और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहना सबसे जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Delhi HighCourt

Delhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi HighCourt) में बुधवार, 21 अक्टूबर को CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों नेताओं ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के बाद दोनों ने अपनी याचिका वापस ले ली। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब इस मामले में दूसरी कानूनी प्रक्रिया अपनाने का विकल्प मौजूद है, तो सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया गया। कोर्ट ने दोनों नेताओं की ओर से शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों पर भी टिप्पणी की। Jantar Mantar Protest Case: क्या है पूरा मामला? सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर उस स्थान पर प्रवेश किया था, जिसे प्रदर्शन स्थल के रूप में पहले ही अधिसूचित सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। शुरुआत में उनकी हिरासत पांच दिन के लिए तय की गई थी। 19 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ाने का आदेश दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। Court Remarks: बॉन्ड की शर्तों पर क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड और उसके कथित उल्लंघन को लेकर सवाल उठाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटना के बाद दूसरे लोगों के भी नियमों का उल्लंघन करने की आशंका बढ़ सकती है। दोनों नेताओं की ओर से पेश वकील ने हिरासत बढ़ाने के आदेश और जमानतदारों से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका पक्ष था कि दोनों ने आवश्यक जमानतदार पेश किए थे, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में रखा गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में उपलब्ध वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाने की बात कही। इसके बाद दोनों नेताओं की ओर से याचिका वापस लेने का फैसला किया गया। याचिका वापस लेने का क्या मतलब है? सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका वापस लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हाईकोर्ट ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को सही ठहरा दिया है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय दिए बिना याचिका वापस लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को पहले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष चल रही प्रक्रिया के नतीजे का इंतजार करने और जरूरत पड़ने पर उचित अपीलीय मंच का रुख करने की सलाह दी। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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