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इंग्लैंड से टी-20 सीरीज हार के बाद BCCI करेगा टीम इंडिया के प्रदर्शन की समीक्षा, गौतम गंभीर और श्रेयस अय्यर पर भी रहेगी नजर

नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) टीम इंडिया के प्रदर्शन की व्यापक समीक्षा करने की तैयारी में है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस समीक्षा में हेड कोच गौतम गंभीर, टीम की रणनीति, चयन प्रक्रिया और कप्तान श्रेयस अय्यर के नेतृत्व का भी आकलन किया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ लगातार खराब प्रदर्शन के बाद बोर्ड यह जानना चाहता है कि टीम की रणनीति और चयन में कहां कमी रह गई। हालांकि, फिलहाल गौतम गंभीर या श्रेयस अय्यर के भविष्य को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। लगातार दो टी-20 सीरीज हारी टीम इंडिया भारतीय टीम को हाल ही में आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी-20 सीरीज में 0-2 से क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा था। इसके बाद इंग्लैंड दौरे पर भी टीम का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। पांच मैचों की टी-20 सीरीज में भारत 0-3 से पिछड़ गया, जबकि एक मुकाबला बेनतीजा (No Result) रहा। चौथे टी-20 में भारत को 9 विकेट से हार का सामना करना पड़ा, जिसके साथ सीरीज भी हाथ से निकल गई। 12 साल बाद इंग्लैंड ने जीती टी-20 सीरीज इंग्लैंड ने 2014 के बाद पहली बार भारत को द्विपक्षीय टी-20 सीरीज में हराया है। दोनों देशों के बीच अब तक 10 टी-20 सीरीज खेली गई हैं, जिनमें भारत ने 5, इंग्लैंड ने 4 और एक सीरीज ड्रॉ रही। इसके अलावा इंग्लैंड ने पहली बार भारत के खिलाफ दो या उससे अधिक मैचों वाली द्विपक्षीय टी-20 सीरीज अपने नाम की है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी पर भी समीक्षा टी-20 विश्व कप जीतने वाले कप्तान सूर्यकुमार यादव की जगह हाल ही में श्रेयस अय्यर को टी-20 टीम की कमान सौंपी गई थी। लेकिन उनकी कप्तानी में भारत लगातार दो टी-20 सीरीज हार चुका है। आयरलैंड के खिलाफ मिली हार भारत की उस टीम के खिलाफ पहली द्विपक्षीय टी-20 सीरीज हार थी। ब्रिस्टल टी-20 में मिली एकतरफा हार ब्रिस्टल में खेले गए चौथे टी-20 मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 158 रन बनाए। कप्तान श्रेयस अय्यर ने 49 गेंदों में नाबाद 80 रन की शानदार पारी खेली, लेकिन अन्य बल्लेबाज बड़ा योगदान नहीं दे सके। जवाब में इंग्लैंड ने 159 रन का लक्ष्य सिर्फ 13.5 ओवर में एक विकेट खोकर हासिल कर लिया और मुकाबला 9 विकेट से जीत लिया। गौतम गंभीर का कार्यकाल 2027 तक हेड कोच गौतम गंभीर का अनुबंध 2027 तक है। ऐसे में BCCI की समीक्षा बैठक में टीम के प्रदर्शन, रणनीति और भविष्य की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। अधिक जानकारी क्रिकेट और खेल जगत की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
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IND vs ENG महिला टेस्ट: स्मृति मंधाना की फिफ्टी, लंच तक भारत 122/3; लॉर्ड्स में रचा गया इतिहास

लंदन। लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे पहले महिला टेस्ट मैच में भारतीय टीम ने पहले दिन शानदार शुरुआत की। लंच तक भारत ने 25 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 122 रन बना लिए। अपने करियर का 300वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहीं स्मृति मंधाना 67 गेंदों में 56 रन बनाकर नाबाद रहीं, जबकि कप्तान हरमनप्रीत कौर 14 रन बनाकर उनका साथ दे रही हैं। इससे पहले इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। शुरुआती झटकों के बाद संभली भारतीय पारी भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। शेफाली वर्मा दूसरे ओवर में बिना खाता खोले लॉरेन फिलर का शिकार बनीं। इसके बाद यस्तिका भाटिया 12 रन बनाकर लॉरेन बेल की गेंद पर बोल्ड हो गईं। 37 रन पर दो विकेट गिरने के बाद स्मृति मंधाना और जेमिमा रोड्रिग्स ने तीसरे विकेट के लिए 64 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को संभाला। जेमिमा ने 38 गेंदों में 35 रन बनाए, लेकिन इजी वोंग ने उन्हें बोल्ड कर यह साझेदारी तोड़ी। 300वें इंटरनेशनल मैच में मंधाना का शानदार रिकॉर्ड 29 वर्षीय स्मृति मंधाना ने अपने करियर का 300वां अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलकर नया इतिहास रच दिया। वह इस उपलब्धि तक पहुंचने वाली भारत की तीसरी और दुनिया की 12वीं महिला क्रिकेटर बनीं। इसके साथ ही वह सबसे कम उम्र में 300 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली महिला खिलाड़ी भी बन गई हैं। लंच तक मंधाना ने अपनी नाबाद पारी में 9 चौके और 1 छक्का लगाया। लॉर्ड्स में पहली बार महिला टेस्ट 142 साल पुराने लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड के इतिहास में यह पहला महिला टेस्ट मैच खेला जा रहा है। भारत और इंग्लैंड के बीच यह 16वां महिला टेस्ट है। इससे पहले दोनों टीमों के बीच खेले गए 15 टेस्ट मैचों में भारत ने 3, इंग्लैंड ने 1 मुकाबला जीता, जबकि 11 मैच ड्रॉ रहे। टैमी ब्यूमोंट का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच इंग्लैंड की अनुभवी ओपनर टैमी ब्यूमोंट के करियर का यह आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला है। 35 वर्षीय ब्यूमोंट 17 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर के बाद संन्यास ले रही हैं। उन्होंने इंग्लैंड के लिए 260 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं और महिला वनडे क्रिकेट में 12 शतक लगाकर इंग्लैंड की सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल हैं। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 भारत: स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, यस्तिका भाटिया, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), जेमिमा रोड्रिग्स, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, स्नेह राणा, सयाली सतघरे, श्री चरणी, क्रांति गौड़। इंग्लैंड: टैमी ब्यूमोंट, माया बाउशियर, हीदर नाइट, नैट सिवर-ब्रंट (कप्तान), एलिस कैप्सी, एमी जोन्स (विकेटकीपर), मैडी विलियर्स, सोफी एक्लेस्टोन, इजी वोंग, लॉरेन बेल, लॉरेन फिलर। अधिक जानकारी क्रिकेट और खेल जगत की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
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Big Bash League

Big Bash League India: PM Modi की बड़ी घोषणा, Chennai में खेला जाएगा पहला Official Match

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे से भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्तों में एक नया अध्याय जुड़ गया है। इस दौरे की सबसे बड़ी घोषणा क्रिकेट प्रेमियों के लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं रही। पहली बार ऑस्ट्रेलिया की मशहूर Big Bash League (BBL) का आधिकारिक मुकाबला भारत में खेला जाएगा। यह ऐतिहासिक मैच चेन्नई के एम. ए. चिदंबरम (चेपॉक) स्टेडियम में आयोजित होगा। इसके साथ ही दोनों देशों ने खेल सहयोग को मजबूत बनाने के लिए नई Sports Partnership Roadmap पर भी सहमति जताई। ऑस्ट्रेलिया दौरा पूरा करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी अब अपने अगले विदेशी दौरे के तहत न्यूजीलैंड के लिए रवाना हो गए हैं। Chennai में होगा Big Bash League का ऐतिहासिक मुकाबला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेलबर्न में आयोजित कार्यक्रम के दौरान घोषणा की कि Big Bash League 2026-27 के नए सीजन का उद्घाटन मैच भारत में खेला जाएगा। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अनुसार यह मुकाबला Melbourne Renegades और Perth Scorchers के बीच चेन्नई में आयोजित होगा। Big Bash League के इतिहास में यह पहला मौका होगा, जब लीग का कोई आधिकारिक मैच ऑस्ट्रेलिया से बाहर खेला जाएगा। भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यह एक यादगार अवसर माना जा रहा है। India-Australia Sports Partnership को मिली नई दिशा दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने दोनों देशों के बीच खेल सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से नई Sports Partnership Roadmap लॉन्च की। इस पहल के तहत खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, कोचिंग, खेल विज्ञान, स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी और खेल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के लोगों को जोड़ने वाला एक मजबूत सांस्कृतिक रिश्ता भी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पहल दोनों देशों के खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं के लिए नए अवसर तैयार करेगी। भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए क्यों है खास? अब तक Big Bash League के सभी मुकाबले केवल ऑस्ट्रेलिया में खेले जाते रहे हैं। ऐसे में चेन्नई में होने वाला यह मैच भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए बेहद खास रहेगा। इससे न केवल विदेशी क्रिकेट लीग को भारत में नई पहचान मिलेगी, बल्कि भविष्य में अन्य अंतरराष्ट्रीय फ्रेंचाइज़ी लीगों के मुकाबले भी भारत में आयोजित होने की संभावनाएं बढ़ेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का विशाल क्रिकेट बाजार Big Bash League की लोकप्रियता और व्यावसायिक विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। खेल के साथ व्यापार और पर्यटन को भी मिलेगा फायदा इस फैसले का असर केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं रहेगा। खेल पर्यटन, प्रसारण अधिकार, स्पॉन्सरशिप, आयोजन उद्योग और स्थानीय कारोबार को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमियों के चेन्नई पहुंचने से पर्यटन और होटल उद्योग को भी बढ़ावा मिल सकता है। ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद न्यूजीलैंड पहुंचे पीएम मोदी ऑस्ट्रेलिया में कई अहम कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न्यूजीलैंड के लिए रवाना हो गए हैं। उनके इस दौरे में व्यापार, निवेश, शिक्षा, रक्षा सहयोग, हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। भारत की विदेश नीति के लिहाज से यह दौरा भी काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि न्यूजीलैंड के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर दोनों देशों का विशेष फोकस रहेगा। भारत-ऑस्ट्रेलिया रिश्तों के लिए क्यों अहम है यह फैसला? भारत में पहली बार किसी विदेशी घरेलू टी-20 क्रिकेट लीग का आधिकारिक मैच आयोजित होना अपने आप में ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे भारत की वैश्विक खेल मेजबानी क्षमता को नई पहचान मिलेगी और दोनों देशों के बीच खेल कूटनीति को भी मजबूती मिलेगी। क्रिकेट के जरिए बढ़ता यह सहयोग आने वाले वर्षों में भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।
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Shreyas Iyer

IND vs ENG: Shreyas Iyer का रिकॉर्ड, लेकिन England की ऐतिहासिक जीत; Team India की बढ़ी चिंता

भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही टी-20 सीरीज भारतीय टीम के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। चौथे मुकाबले में कप्तान Shreyas Iyer ने शानदार अर्धशतक लगाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया और विराट कोहली के एक बड़े रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली। लेकिन बाकी बल्लेबाजों के निराशाजनक प्रदर्शन और गेंदबाजों की फीकी शुरुआत के कारण भारत को 9 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी-20 सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली। इतना ही नहीं, उसने भारत के खिलाफ पहली बार किसी द्विपक्षीय टी-20 सीरीज में दो या उससे अधिक मैच जीतकर नया इतिहास भी रच दिया। Shreyas Iyer ने कप्तानी पारी खेलकर बचाई टीम की लाज पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली। उन्होंने संयम और आक्रामकता का शानदार संतुलन दिखाते हुए 49 गेंदों में नाबाद 80 रन बनाए। यह पारी सिर्फ टीम के लिए अहम नहीं रही, बल्कि रिकॉर्ड बुक में भी दर्ज हो गई। श्रेयस ने इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 इंटरनेशनल में भारतीय कप्तान के रूप में सबसे बड़े व्यक्तिगत स्कोर के मामले में विराट कोहली की बराबरी कर ली। हालांकि दूसरे बल्लेबाज उनका साथ नहीं दे सके और भारत 20 ओवर में 158/7 रन ही बना पाया। Vaibhav Suryavanshi से फिर टूटी उम्मीद युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को इस सीरीज में खुद को साबित करने का सुनहरा मौका मिला था, लेकिन वह लगातार बड़ी पारी खेलने में असफल रहे। चौथे मुकाबले में भी उनका बल्ला शांत रहा, जिससे भारत को शुरुआत में ही दबाव झेलना पड़ा। लगातार खराब प्रदर्शन के बाद अब टीम प्रबंधन के सामने यह सवाल खड़ा हो गया है कि निर्णायक मुकाबलों में युवा खिलाड़ियों पर कितना भरोसा किया जाए। Harry Brook और Phil Salt ने भारत से छीन ली जीत 159 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। एक विकेट गिरने के बाद कप्तान हैरी ब्रूक और फिल सॉल्ट ने भारतीय गेंदबाजों को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। ब्रूक ने 35 गेंदों में नाबाद 79 रन बनाए, जबकि फिल सॉल्ट ने 42 गेंदों पर नाबाद 59 रन की शानदार पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 146 रन की अविजित साझेदारी की और इंग्लैंड ने लक्ष्य केवल 13.5 ओवर में हासिल कर लिया। England ने बनाया नया इतिहास यह जीत इंग्लैंड के लिए कई मायनों में खास रही। टीम ने भारत के खिलाफ पहली बार किसी द्विपक्षीय टी-20 सीरीज में दो से अधिक मुकाबले जीतकर सीरीज अपने नाम कर ली। हैरी ब्रूक की कप्तानी में इंग्लैंड ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग—तीनों विभागों में बेहतरीन प्रदर्शन किया और भारतीय टीम पर पूरी तरह हावी रही। भारत की बढ़ी मुश्किलें भारतीय टीम के लिए यह हार कई सवाल छोड़ गई है। शीर्ष क्रम का लगातार फ्लॉप होना, मध्यक्रम पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता और गेंदबाजों का शुरुआती ओवरों में असर नहीं छोड़ पाना टीम की सबसे बड़ी कमजोरी बनकर सामने आया है। हालांकि कप्तान श्रेयस अय्यर की शानदार पारी टीम के लिए एक सकारात्मक संकेत जरूर है। अब भारत की कोशिश आखिरी मुकाबले में जीत दर्ज कर सीरीज का अंत सम्मानजनक तरीके से करने की होगी, जबकि इंग्लैंड क्लीन स्वीप के इरादे से मैदान में उतरेगा। Match Highlights हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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विंबलडन 2026: कारोलिना मुचोवा ने कोको गॉफ को हराकर पहली बार महिला सिंगल्स फाइनल में बनाई जगह

लंदन। चेक गणराज्य की कारोलिना मुचोवा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अमेरिका की सातवीं वरीयता प्राप्त कोको गॉफ को रोमांचक मुकाबले में 6-2, 1-6, 7-6 (12-10) से हराकर पहली बार विंबलडन महिला सिंगल्स फाइनल में जगह बना ली। सेंटर कोर्ट पर खेले गए इस मुकाबले में जीत-हार का फैसला 2 घंटे 35 मिनट तक चले संघर्ष के बाद तीसरे सेट के टाई-ब्रेकर में हुआ। यह मुचोवा के करियर का दूसरा ग्रैंड स्लैम फाइनल है। इससे पहले वह 2023 फ्रेंच ओपन में उपविजेता रही थीं। अब फाइनल में उनका मुकाबला चेक गणराज्य की लिंडा नोस्कोवा या यूक्रेन की मार्ता कोस्त्युक से होगा। टाई-ब्रेकर में पलटा मैच निर्णायक तीसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। टाई-ब्रेकर में स्कोर 8-8 होने पर सर्विस में देरी के कारण मुचोवा को टाइम वॉयलेशन की चेतावनी मिली। इसके बाद उनका एक फोरहैंड शॉट बाहर चला गया और कोको गॉफ को मैच प्वाइंट मिल गया। हालांकि, गॉफ इस मौके का फायदा नहीं उठा सकीं और नेट पर ड्रॉप शॉट खेलने में चूक गईं। मुचोवा ने शानदार वापसी करते हुए लगातार दो अंक जीते और फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। डॉक्टरों ने दी थी टेनिस छोड़ने की सलाह कारोलिना मुचोवा का करियर लगातार चोटों से प्रभावित रहा है। वह कलाई, पेट, पीठ, जांघ, टखने और पैर की गंभीर चोटों से जूझ चुकी हैं। वर्ष 2022 में डॉक्टरों ने उन्हें टेनिस छोड़ने तक की सलाह दी थी। इसके बाद 2023 और 2024 में उनकी दाईं कलाई की सर्जरी हुई, जिसके कारण वह लगभग 10 महीने तक कोर्ट से बाहर रहीं। अब शानदार वापसी करते हुए मुचोवा अपने करियर के पहले ग्रैंड स्लैम खिताब से सिर्फ एक जीत दूर हैं। गॉफ की सर्विस बनी हार की वजह पहले सेट में मुचोवा ने कोको गॉफ की कमजोर सर्विस का पूरा फायदा उठाया। उन्होंने तीसरे और पांचवें गेम में सर्विस ब्रेक करते हुए 6-2 से पहला सेट अपने नाम किया। दूसरे सेट में गॉफ ने दमदार वापसी करते हुए 6-1 से जीत दर्ज की और मुकाबले को निर्णायक सेट तक पहुंचाया। हालांकि, अंतिम सेट के दबाव भरे क्षणों में मुचोवा ने संयम बनाए रखा और जीत हासिल कर ली। जीत के बाद क्या बोलीं मुचोवा फाइनल में पहुंचने के बाद कारोलिना मुचोवा ने कहा, “फाइनल में पहुंचना मेरे लिए बेहद खास पल है। मुकाबला बहुत कठिन था और पूरे मैच में लगातार उतार-चढ़ाव आते रहे। कोर्ट पर सोचने का ज्यादा समय नहीं था। आखिर तक मुकाबला काफी तनावपूर्ण रहा।” अधिक जानकारी खेल जगत और विंबलडन की ताजा खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
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श्रीलंका अंडर-19 ने भारत को 1 विकेट से हराया, 2-1 से जीती यूथ वनडे सीरीज

हम्बनटोटा। श्रीलंका अंडर-19 टीम ने तीसरे और निर्णायक यूथ वनडे मुकाबले में भारत अंडर-19 को 1 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। रोमांचक मुकाबले में श्रीलंका ने आखिरी गेंद पर जीत हासिल करते हुए सीरीज पर कब्जा जमाया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित 50 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 290 रन बनाए। जवाब में श्रीलंका ने अंतिम गेंद पर लक्ष्य हासिल कर मैच जीत लिया। वीके विनीत का शानदार शतक भारतीय टीम के लिए वीके विनीत ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 136 गेंदों में 131 रन बनाए। उनकी पारी में 13 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। वहीं लक्ष्य रायचंदानी ने 63 गेंदों में 61 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 108 रन की साझेदारी कर भारतीय पारी को मजबूत आधार दिया। हालांकि, भारतीय शीर्ष क्रम उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सका। कप्तान यशवर्धन चौहान 6 रन, रजत बघेल 8 रन, कुशाग्र ओझा 3 रन और अर्जुन राजपूत 14 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। निचले क्रम में शाविन विनोद ने 26 और मोहित ने नाबाद 19 रन का योगदान दिया। श्रीलंका के गेंदबाजों का प्रदर्शन श्रीलंका की ओर से सेथमिका सेनेविरात्ने ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके। गिम्हान मेंडिस को 2 विकेट, जबकि कविजा गामगे को 1 सफलता मिली। चमिका हीनातिगला ने खेली मैच जिताऊ पारी 291 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत अच्छी नहीं रही, लेकिन सेनुजा वेकुनागोडा ने 67 रन बनाकर टीम को संभाला। कविजा गामगे (29) और किथमा विथानापथिराना (31) ने भी उपयोगी पारियां खेलीं। अंत में चमिका हीनातिगला ने 68 गेंदों में नाबाद 84 रन की विस्फोटक पारी खेलकर श्रीलंका को यादगार जीत दिलाई। आखिरी ओवर में पलटा मैच श्रीलंका को अंतिम ओवर में जीत के लिए 11 रन की जरूरत थी। चमिका हीनातिगला ने दूसरी गेंद पर चौका लगाया, फिर दो डॉट गेंदों के बाद पांचवीं गेंद पर शानदार छक्का जड़ दिया। आखिरी गेंद पर एक रन लेकर उन्होंने टीम को 1 विकेट से जीत दिलाई और श्रीलंका ने 2-1 से सीरीज अपने नाम कर ली। अधिक जानकारी क्रिकेट और अन्य खेलों की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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Messi

Messi Magic: Argentina ने 13 मिनट में किए 3 Goals, रोमांचक जीत के साथ Quarter Final में एंट्री

Argentina Football Team ने फीफा वर्ल्ड कप के प्री-क्वार्टर फाइनल में ऐसा कमाल किया, जिसे फुटबॉल प्रेमी लंबे समय तक याद रखेंगे। मैच में एक समय अर्जेंटीना 2-0 से पिछड़ रही थी, लेकिन टीम ने हार नहीं मानी। दूसरे हाफ में सिर्फ 13 मिनट के भीतर तीन शानदार गोल दागकर मुकाबला 3-2 से अपने नाम कर लिया और क्वार्टर फाइनल का टिकट भी पक्का कर लिया। इस जीत के हीरो कप्तान Lionel Messi भी रहे। उन्होंने अहम मौके पर गोल कर टूर्नामेंट में अपना आठवां गोल पूरा किया और एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मैचों में उनका अनुभव टीम के लिए कितना महत्वपूर्ण है। 2 गोल से पिछड़ने के बाद बदला मैच का पूरा माहौल मुकाबले की शुरुआत अर्जेंटीना के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। विपक्षी टीम ने पहले हाफ में लगातार दो गोल कर अर्जेंटीना को दबाव में ला दिया। टीम की डिफेंस संघर्ष करती नजर आई और स्टेडियम में मौजूद समर्थकों के चेहरे पर चिंता साफ दिखाई देने लगी। लेकिन ब्रेक के बाद मैदान पर उतरी अर्जेंटीना बिल्कुल अलग अंदाज में खेलती नजर आई। खिलाड़ियों ने तेज पासिंग, आक्रामक अटैक और बेहतर तालमेल के दम पर विपक्षी टीम पर लगातार दबाव बनाया। सिर्फ 13 मिनट में कर दिया बड़ा उलटफेर दूसरे हाफ का वह दौर मैच का सबसे रोमांचक पल साबित हुआ। अर्जेंटीना ने महज 13 मिनट के अंदर लगातार तीन गोल दागकर पूरे मुकाबले की कहानी बदल दी। पहला गोल टीम के आत्मविश्वास को लौटाने वाला था, दूसरे गोल ने स्कोर बराबर कर दिया और तीसरे गोल ने विपक्षी टीम को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। इसके बाद अर्जेंटीना ने बढ़त बनाए रखी और 3-2 से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। Messi ने फिर निभाई कप्तान की जिम्मेदारी जब टीम को सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब Lionel Messi ने आगे बढ़कर जिम्मेदारी संभाली। उनके गोल ने न सिर्फ टीम को नई ऊर्जा दी, बल्कि टूर्नामेंट में उनके गोलों की संख्या भी आठ हो गई। मेसी लगातार बड़े मुकाबलों में अपनी उपयोगिता साबित कर रहे हैं। उनका अनुभव और शांत स्वभाव युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है। Quarter Final में मजबूत दावेदार बनकर उतरेगी अर्जेंटीना इस शानदार जीत के साथ अर्जेंटीना ने क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। जिस तरह टीम ने दबाव में वापसी की, उससे साफ है कि वह खिताब की सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल है। अगर टीम अगले मुकाबलों में भी इसी आत्मविश्वास और आक्रामक खेल को जारी रखती है, तो उसके लिए ट्रॉफी तक का सफर आसान हो सकता है। मैच की 5 बड़ी बातें हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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T20

IND vs ENG T20 Disaster Team India की बल्लेबाजी हुई फेल, 76 रन पर खत्म पारी

भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए तीसरे T20 मुकाबले ने भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को निराश कर दिया। 202 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया महज 76 रन पर सिमट गई और इंग्लैंड ने 125 रन से मुकाबला अपने नाम कर लिया। यह हार सिर्फ एक मैच की हार नहीं रही, बल्कि भारतीय टी20 इतिहास की सबसे बड़ी हार के रूप में दर्ज हो गई। इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह बिखरी हुई नजर आई। शुरुआत से ही विकेट गिरने का सिलसिला शुरू हुआ, जो आखिर तक नहीं रुका। कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका और पूरी टीम केवल 11.4 ओवर में ऑलआउट हो गई। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बनाया मजबूत स्कोर टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने भारतीय गेंदबाजों पर शुरुआत से दबाव बनाए रखा। नियमित अंतराल पर रन बनाते हुए टीम ने 20 ओवर में 201 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। भारतीय गेंदबाज बीच के ओवरों में रन गति रोकने में सफल नहीं रहे, जिसका फायदा इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने उठाया। Team India की बल्लेबाजी पूरी तरह हुई फेल 202 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने से बल्लेबाजी क्रम दबाव में आ गया। मिडिल ऑर्डर भी जिम्मेदारी नहीं निभा सका और पूरी टीम देखते ही देखते 76 रन पर सिमट गई। यह भारत का टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दूसरा सबसे कम स्कोर है। इससे पहले टीम इंडिया साल 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 74 रन पर ऑलआउट हुई थी। वहीं, 125 रन के अंतर से मिली यह हार टी20 इंटरनेशनल में भारत की सबसे बड़ी हार बन गई। Vaibhav Suryavanshi एक बार फिर उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी से इस मुकाबले में अच्छी पारी की उम्मीद थी। उन्होंने शुरुआत में कुछ अच्छे शॉट जरूर लगाए, लेकिन बड़ी पारी खेलने में फिर असफल रहे। लगातार दूसरे मैच में उनका बल्ला शांत रहा, जिससे टीम को मजबूत शुरुआत नहीं मिल सकी। युवा खिलाड़ी होने के कारण उनसे आगे के मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद बनी हुई है। Dhoni Birthday पर Stadium में दिखे ‘Captain Cool’ मैच के दौरान एक खास पल तब देखने को मिला, जब भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अपने जन्मदिन के अवसर पर स्टेडियम पहुंचे। कैमरा जैसे ही धोनी की ओर गया, पूरा स्टेडियम तालियों और जयकारों से गूंज उठा। सोशल मीडिया पर भी धोनी की मौजूदगी और उनके रिएक्शन की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल होने लगे। Team India के नाम दर्ज हुए कई अनचाहे रिकॉर्ड इस मुकाबले के बाद भारतीय टीम के नाम कई ऐसे रिकॉर्ड दर्ज हुए, जिन्हें कोई भी टीम अपने नाम नहीं करना चाहेगी। अब अगले मुकाबले पर होगी नजर इस करारी हार के बाद भारतीय टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती आत्मविश्वास वापस पाने की होगी। बल्लेबाजों को जिम्मेदारी के साथ खेलना होगा, जबकि गेंदबाजों को भी बेहतर रणनीति के साथ मैदान में उतरना पड़ेगा। क्रिकेट में हार और जीत खेल का हिस्सा होती है, लेकिन जिस तरह से टीम इंडिया इस मुकाबले में संघर्ष करती नजर आई, उसने प्रशंसकों की चिंता जरूर बढ़ा दी है। अब सभी की नजर अगले टी20 मुकाबले पर रहेगी, जहां भारतीय टीम दमदार वापसी कर इस हार की भरपाई करने की कोशिश करेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Donald Trump ने FIFA अध्यक्ष पर बनाया दबाव! अमेरिकी खिलाड़ी का रेड कार्ड हटवाया

Donald Trump ने FIFA अध्यक्ष पर बनाया दबाव! अमेरिकी खिलाड़ी का रेड कार्ड हटवाया

Fifa World Cup के दौरान एक बड़ा विवाद सामने आया है। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump पर आरोप है कि उन्होंने फीफा अध्यक्ष को फोन कर अमेरिकी फुटबॉल खिलाड़ी का रेड कार्ड रद्द करवाने का दबाव बनाया। हालांकि, इस पूरे विवाद के बावजूद अमेरिका की टीम बेल्जियम के खिलाफ मुकाबला हार गई और वर्ल्ड कप से बाहर हो गई। बताया जा रहा है कि मैच के दौरान अमेरिका के एक अहम खिलाड़ी को रेफरी ने रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर भेज दिया था। इस फैसले के बाद ट्रम्प काफी नाराज हो गए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने सीधे फीफा अध्यक्ष से फोन पर बात की और रेड कार्ड हटाने की मांग की। कुछ समय बाद रेड कार्ड को लेकर फैसला बदला गया, जिससे विवाद और गहरा गया। खेल जगत में कई लोगों ने इसे खेल की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करने वाला मामला बताया। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। हालांकि, रेड कार्ड विवाद के बावजूद अमेरिकी टीम मैदान पर जीत हासिल नहीं कर सकी। बेल्जियम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अमेरिका को हराया और उसे टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। फुटबॉल विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी बड़े टूर्नामेंट में राजनीतिक या बाहरी हस्तक्षेप की खबरें खेल की साख को नुकसान पहुंचाती हैं। अब सभी की नजर फीफा पर है कि वह इस पूरे मामले पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया देता है। इस घटना ने एक बार फिर खेल और राजनीति के रिश्ते पर बहस छेड़ दी है। वहीं, अमेरिकी टीम के प्रशंसकों के लिए यह हार काफी निराशाजनक रही, क्योंकि विवाद के बाद भी टीम जीत दर्ज नहीं कर सकी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Spain ने Portugal को FIFA World Cup से किया बाहर, PM Modi के Indonesia दौरे पर BrahMos Deal संभव

Spain ने Portugal को FIFA World Cup से किया बाहर, PM Modi के Indonesia दौरे पर BrahMos Deal संभव

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोमवार का दिन खेल और कूटनीति, दोनों ही मोर्चों पर काफी अहम रहा। एक ओर फीफा विश्व कप में स्पेन ने पुर्तगाल को हराकर टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया दौरे को लेकर रक्षा क्षेत्र में बड़े समझौते की उम्मीद जताई जा रही है। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच BrahMos Missile System को लेकर महत्वपूर्ण बातचीत हो सकती है। Spain ने Portugal का सफर किया खत्म फीफा विश्व कप के नॉकआउट मुकाबले में स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुर्तगाल को 1-0 से हराया। इस जीत के साथ स्पेन ने क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली, जबकि पुर्तगाल का विश्व कप अभियान समाप्त हो गया। पूरे मैच में स्पेन ने गेंद पर बेहतर नियंत्रण रखा और कई आक्रामक मौके बनाए। पुर्तगाल ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन स्पेन की मजबूत रक्षा पंक्ति के सामने वह सफल नहीं हो सका। स्पेन की नजर अब क्वार्टर फाइनल पर इस जीत के बाद स्पेन का आत्मविश्वास बढ़ा है। टीम अब क्वार्टर फाइनल में अगले मुकाबले की तैयारी में जुट गई है। फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा प्रदर्शन को देखते हुए स्पेन खिताब का मजबूत दावेदार बनकर उभरा है। PM Modi के Indonesia दौरे पर BrahMos Deal की उम्मीद इधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया के दौरे पर हैं, जहां भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा, व्यापार, समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को लेकर कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, इस दौरे के दौरान BrahMos सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल की संभावित बिक्री या रक्षा सहयोग को लेकर भी बातचीत हो सकती है। यदि यह समझौता होता है तो यह भारत की रक्षा निर्यात नीति के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी। भारत-इंडोनेशिया संबंध होंगे और मजबूत विशेषज्ञों का मानना है कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ती रणनीतिक चुनौतियों के बीच भारत और इंडोनेशिया के रक्षा संबंधों को मजबूत करना दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है। ब्रह्मोस सौदे के अलावा समुद्री सुरक्षा, निवेश और व्यापार पर भी अहम चर्चा होने की उम्मीद है।
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Editor's Picks

Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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