आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGमध्य प्रदेशरानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन◆BREAKINGमध्य प्रदेशमध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव◆BREAKINGस्पोर्ट्सएशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए◆BREAKINGदेश-हरपलSBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल◆BREAKINGबिज़नेसShare Market Update सेंसेक्स की तेजी पर लगा ब्रेक, Auto-Metal Stocks में दबाव◆BREAKINGमध्य प्रदेशमध्यप्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में विवादों की लंबी फेहरिस्त, खरीदी से लेकर भर्ती तक उठे सवाल◆BREAKINGबिज़नेसGold-Silver Rate सोना लगातार दूसरे दिन हुआ सस्ता, चांदी के दाम भी गिरे◆BREAKINGमध्य प्रदेशरानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन◆BREAKINGमध्य प्रदेशमध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव◆BREAKINGस्पोर्ट्सएशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए◆BREAKINGदेश-हरपलSBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल◆BREAKINGबिज़नेसShare Market Update सेंसेक्स की तेजी पर लगा ब्रेक, Auto-Metal Stocks में दबाव◆BREAKINGमध्य प्रदेशमध्यप्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में विवादों की लंबी फेहरिस्त, खरीदी से लेकर भर्ती तक उठे सवाल◆BREAKINGबिज़नेसGold-Silver Rate सोना लगातार दूसरे दिन हुआ सस्ता, चांदी के दाम भी गिरे◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

WTC Final

WTC Final 2027: श्रीलंका सीरीज बनेगी Turning Point, भारत को अब नहीं करनी होगी कोई बड़ी गलती

WTC Final 2027 में Team India पहुंचेगी या नहीं? यह सवाल अब भारतीय क्रिकेट फैंस के बीच चर्चा का विषय बन गया है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा चक्र में भारत की स्थिति उतनी मजबूत नहीं है, जितनी टीम और उसके समर्थक चाहेंगे। अब बचे हुए हर टेस्ट का महत्व बढ़ गया है और खासकर श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज भारत के अभियान की दिशा तय कर सकती है। भारत के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती Points Percentage को ऊपर ले जाने की है। इसके लिए टीम को आने वाले मुकाबलों में लगातार जीत दर्ज करनी होगी। हालांकि, सिर्फ अपने मैचों का परिणाम ही काफी नहीं होगा, क्योंकि WTC में दूसरी टीमों के प्रदर्शन का असर भी अंतिम समीकरण पर पड़ता है। श्रीलंका सीरीज क्यों है इतनी महत्वपूर्ण? भारत को श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैच खेलने हैं। यह दोनों मुकाबले WTC 2025-27 का हिस्सा हैं। ऐसे समय में जब भारत को फाइनल की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत करनी है, श्रीलंका के खिलाफ सीरीज किसी बड़े मौके से कम नहीं है। अगर भारत दोनों टेस्ट जीतने में सफल रहता है तो उसे जरूरी अंक मिलेंगे और Points Percentage में भी सुधार होगा। इसके उलट श्रीलंका से हार भारत के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है। यही वजह है कि भारतीय टीम के लिए इस सीरीज में शुरुआत से ही दबाव रहेगा। एक जीत राहत दे सकती है, लेकिन हार आगे की राह को और पेचीदा बना सकती है। क्या भारत को सभी 9 मैच जीतने होंगे? भारत के WTC अभियान में अभी नौ टेस्ट मैच बाकी हैं। फाइनल में जगह पक्की करने के लिए सभी नौ मैच जीतना सबसे मजबूत समीकरण जरूर होगा, लेकिन इसे सीधे तौर पर 100% क्वालिफिकेशन की गारंटी कहना सही नहीं है। WTC में टीमों की रैंकिंग Points Percentage (PCT) के आधार पर होती है। इसलिए भारत के अलावा बाकी दावेदारों के नतीजे भी काफी मायने रखते हैं। सीधी भाषा में समझें तो भारत जितने ज्यादा मैच जीतेगा, फाइनल की राह उतनी आसान होगी। वहीं कुछ हार के बाद टीम को दूसरी टीमों के नतीजों पर निर्भर रहना पड़ सकता है। एक हार से खत्म नहीं होगी उम्मीद, लेकिन मुश्किल बढ़ेगी क्रिकेट में किसी एक मैच का नतीजा पूरी कहानी तय नहीं करता। इसलिए अगर भारत श्रीलंका के खिलाफ कोई मुकाबला हार भी जाता है तो WTC Final की उम्मीद तुरंत खत्म नहीं होगी। लेकिन इसके बाद टीम के पास गलती की गुंजाइश बहुत कम रह जाएगी। बाकी मुकाबलों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा और साथ ही दूसरी टीमों के परिणामों पर भी नजर रखनी पड़ेगी। यही वह स्थिति है जिससे भारतीय टीम बचना चाहेगी। आगे न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया की चुनौती श्रीलंका के बाद भारत को न्यूजीलैंड और फिर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अहम टेस्ट मुकाबले खेलने हैं। खासतौर पर Australia के खिलाफ Border-Gavaskar Trophy WTC पॉइंट्स टेबल में बड़ा बदलाव ला सकती है। ऑस्ट्रेलिया की परिस्थितियों में टेस्ट जीतना कभी आसान नहीं रहा है। ऐसे में भारतीय टीम के लिए यह सीरीज WTC Final की रेस में सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक हो सकती है। अगर भारत श्रीलंका से अच्छी शुरुआत करता है और उसके बाद न्यूजीलैंड तथा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी जरूरी जीत हासिल करता है, तो फाइनल की उम्मीदें काफी मजबूत हो सकती हैं। Team India को अब क्या करना होगा? भारत के सामने फिलहाल सबसे सीधा रास्ता है—ज्यादा से ज्यादा टेस्ट जीतना और हार से बचना। श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में जीत से शुरुआत, न्यूजीलैंड के खिलाफ मजबूत प्रदर्शन और ऑस्ट्रेलिया में अहम मुकाबलों में जीत भारत की स्थिति को काफी बेहतर कर सकती है। वहीं लगातार हार होने पर समीकरण तेजी से मुश्किल होते जाएंगे। WTC Final का टिकट अभी भी संभव भारतीय टीम के फैंस के लिए सबसे अच्छी खबर यही है कि WTC Final 2027 का रास्ता अभी बंद नहीं हुआ है। टीम को बस आने वाले मुकाबलों में अपनी गलतियों से सीखते हुए लगातार बेहतर प्रदर्शन करना होगा। फाइनल में पहुंचने के लिए कोई एक जादुई फॉर्मूला नहीं है। WTC की गणित में हर जीत और हर अंक महत्वपूर्ण होता है। इसलिए आने वाली श्रीलंका सीरीज से लेकर ऑस्ट्रेलिया दौरे तक हर टेस्ट भारत के लिए बेहद अहम रहने वाला है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
India vs Afghanistan

India vs Afghanistan T20 Series: 13, 15 और 17 सितंबर को Delhi में मुकाबले, Bangladesh Tour अटका

भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए सितंबर का महीना एक बार फिर क्रिकेट के रोमांच से भरने वाला है। India vs Afghanistan T20 Series 2026 के तहत दोनों टीमें तीन मैचों में आमने-सामने होंगी। खास बात यह है कि तीनों मुकाबले नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जाएंगे। मैच 13, 15 और 17 सितंबर को होंगे। इस सीरीज की घोषणा के साथ ही भारतीय क्रिकेट के शेड्यूल में एक नया मोड़ भी आ गया है। अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबलों की तारीखें सामने आने के बाद भारत के प्रस्तावित Bangladesh Tour पर संकट गहराता नजर आ रहा है। Delhi में लगातार तीन T20 मुकाबले भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाली T20 सीरीज के तीनों मैच दिल्ली में खेले जाएंगे। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह किसी खास मौके से कम नहीं होगा, क्योंकि एक ही मैदान पर लगातार तीन मुकाबले देखने को मिलेंगे। India vs Afghanistan T20I Schedule: अफगानिस्तान को इस सीरीज का मेजबान माना जा रहा है, लेकिन घरेलू परिस्थितियों के चलते मुकाबले भारत में आयोजित किए जा रहे हैं। Bangladesh Tour पर क्यों आया संकट? अफगानिस्तान सीरीज की घोषणा के बाद सबसे बड़ा सवाल भारत के बांग्लादेश दौरे को लेकर खड़ा हो गया है। भारत के सितंबर में बांग्लादेश दौरे का कार्यक्रम प्रस्तावित था, लेकिन अब तारीखों में टकराव की स्थिति बन रही है। यही वजह है कि Bangladesh Tour 2026 को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। दौरे को बचाने के लिए कार्यक्रम में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन फिलहाल अंतिम तस्वीर साफ नहीं है। क्रिकेट कैलेंडर में भारत के व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए दोनों सीरीज को एक साथ आयोजित करना आसान नहीं होगा। ऐसे में आने वाले दिनों में BCCI और संबंधित क्रिकेट बोर्ड के बीच बातचीत पर सबकी नजर रहेगी। Asian Games से पहले टीम इंडिया के लिए अहम मौका अफगानिस्तान के खिलाफ यह T20 सीरीज भारतीय टीम के लिए सिर्फ तीन मुकाबलों तक सीमित नहीं होगी। सितंबर के बाद होने वाले Asian Games को देखते हुए ये मैच खिलाड़ियों को अपनी तैयारियों को परखने का मौका भी दे सकते हैं। T20 क्रिकेट में अफगानिस्तान की टीम पिछले कुछ वर्षों में मजबूत चुनौती बनकर सामने आई है। उसके पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो मैच का रुख कुछ ही ओवर में बदलने की क्षमता रखते हैं। इसलिए टीम इंडिया के लिए घरेलू मैदान पर भी मुकाबले आसान नहीं माने जा सकते। Fans की नजर अब Bangladesh Tour पर फिलहाल क्रिकेट फैंस के लिए सबसे बड़ा आकर्षण दिल्ली में होने वाली India-Afghanistan T20 सीरीज है। लेकिन इसके साथ ही सबकी नजर इस बात पर भी रहेगी कि भारत का Bangladesh Tour होगा या नहीं। अगर कार्यक्रम में बदलाव नहीं हुआ तो सितंबर का क्रिकेट कैलेंडर काफी दिलचस्प होने वाला है। एक तरफ दिल्ली में भारत-अफगानिस्तान की T20 भिड़ंत होगी, तो दूसरी ओर बांग्लादेश दौरे को लेकर लगातार अटकलें जारी रहेंगी। कुल मिलाकर, 13, 15 और 17 सितंबर को होने वाली India vs Afghanistan T20 Series ने भारतीय क्रिकेट के शेड्यूल को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि बांग्लादेश दौरे को लेकर बोर्ड क्या फैसला लेते हैं और टीम इंडिया का अगला सफर किस दिशा में जाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more

भारत-श्रीलंका टेस्ट सीरीज में दर्शकों को मिलेगी फ्री एंट्री, श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड का बड़ा फैसला

भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के दौरान क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (SLC) ने घोषणा की है कि दोनों टेस्ट मैचों में दर्शकों को फ्री एंट्री दी जाएगी। बोर्ड का उद्देश्य टेस्ट क्रिकेट के प्रति दर्शकों की रुचि बढ़ाना और स्टेडियम में अधिक से अधिक भीड़ जुटाना है। गॉल और कोलंबो में मिलेगी मुफ्त एंट्री भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट मैच 15 अगस्त से गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। इस मुकाबले के लिए दर्शकों को गेट नंबर-4 से निशुल्क प्रवेश मिलेगा। वहीं दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो के एसएससी (SSC) मैदान में खेला जाएगा। यहां दर्शकों को गेट नंबर 3, 4, 5 और 7 से बिना टिकट प्रवेश दिया जाएगा। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने क्रिकेट प्रशंसकों से बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंचकर टेस्ट क्रिकेट का समर्थन करने की अपील की है। टेस्ट मैचों में घट रही है दर्शकों की संख्या पिछले कुछ वर्षों में उपमहाद्वीप में टेस्ट क्रिकेट के दौरान स्टेडियमों में दर्शकों की संख्या लगातार कम होती गई है। भारत के पिछले श्रीलंका दौरे और इसी वर्ष श्रीलंका में खेले गए अफगानिस्तान टेस्ट मैच में भी स्टैंड काफी हद तक खाली रहे थे। इसी स्थिति को देखते हुए श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने यह पहल की है। WTC के लिहाज से अहम है सीरीज भारत फिलहाल वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की अंक तालिका में पांचवें स्थान पर है, जबकि श्रीलंका छठे नंबर पर मौजूद है। ऐसे में दोनों टीमों के लिए यह टेस्ट सीरीज WTC अंक तालिका के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 2017 में भारत ने किया था क्लीन स्वीप भारत ने श्रीलंका के अपने पिछले टेस्ट दौरे (2017) में शानदार प्रदर्शन करते हुए 3-0 से सीरीज अपने नाम की थी। श्रीलंका पर रहेगा वापसी का दबाव श्रीलंका की टीम इस सीरीज में वेस्टइंडीज के खिलाफ हाल ही में खेली गई दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की हार के बाद उतर रही है। ऐसे में मेजबान टीम घरेलू मैदान पर वापसी करने की कोशिश करेगी, जबकि भारत की नजर WTC में अपनी स्थिति मजबूत करने पर होगी। क्रिकेट से जुड़ी हर बड़ी खबर और लाइव अपडेट्स के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more
R Praggnanandhaa

R Praggnanandhaa ने रचा इतिहास, एक Round पहले बने Saint Louis Rapid & Blitz Champion

भारतीय शतरंज के युवा ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा (R Praggnanandhaa) ने एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने Saint Louis Rapid & Blitz 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया। खास बात यह रही कि प्रज्ञानानंदा ने टूर्नामेंट का खिताब एक राउंड बाकी रहते ही पक्का कर लिया। सेंट लुइस में खेली गई इस प्रतियोगिता में दुनिया के कई दिग्गज शतरंज खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। ऐसे मजबूत मैदान में प्रज्ञानानंदा का लगातार बेहतर प्रदर्शन करना उनकी बढ़ती ताकत को दिखाता है। Rapid में बनाई मजबूत पकड़ टूर्नामेंट के Rapid चरण से ही प्रज्ञानानंदा ने अपनी स्थिति मजबूत कर ली थी। नौ राउंड के Rapid मुकाबलों के बाद वह 12 अंकों के साथ सबसे आगे थे। उन्होंने कई अहम मुकाबलों में जीत दर्ज की, जबकि कुछ बाजियां ड्रॉ भी रहीं। Rapid में मिली बढ़त का फायदा उन्हें Blitz चरण में मिला। तेज रफ्तार वाले मुकाबलों में जहां एक छोटी गलती भी पूरा खेल बदल सकती है, वहां प्रज्ञानानंदा ने धैर्य बनाए रखा और जरूरी अंक हासिल करते रहे। Sindarov के खिलाफ ड्रॉ ने तय किया खिताब खिताब की दौड़ में उज़्बेकिस्तान के Javokhir Sindarov उनके प्रमुख प्रतिद्वंद्वी बने हुए थे। दोनों के बीच मुकाबले पर सबकी नजर थी। प्रज्ञानानंदा ने इस अहम मुकाबले में ड्रॉ हासिल किया और इसके बाद उनकी बढ़त इतनी मजबूत हो गई कि बाकी खिलाड़ियों के लिए उन्हें पीछे छोड़ना मुश्किल हो गया। एक राउंड अभी बाकी था, लेकिन प्रज्ञानानंदा ने चैंपियन बनने की जरूरी बढ़त हासिल कर ली थी। इसके साथ ही उन्होंने पहली बार Saint Louis Rapid & Blitz का खिताब अपने नाम किया। बड़े खिलाड़ियों के बीच दिखाया दम इस प्रतियोगिता में प्रज्ञानानंदा के सामने दुनिया के कई अनुभवी खिलाड़ी थे। Fabiano Caruana, Wesley So, Anish Giri, Levon Aronian, Vincent Keymer और Javokhir Sindarov जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी ने टूर्नामेंट को बेहद प्रतिस्पर्धी बना दिया था। ऐसे खिलाड़ियों के बीच शुरुआत से लेकर खिताब तक अपनी बढ़त बनाए रखना प्रज्ञानानंदा के प्रदर्शन की सबसे बड़ी खासियत रही। भारतीय Chess के लिए बड़ी उपलब्धि प्रज्ञानानंदा की इस जीत को सिर्फ एक टूर्नामेंट की सफलता के तौर पर नहीं देखा जा सकता। कम उम्र में उन्होंने दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ लगातार अपनी पहचान बनाई है। Saint Louis में मिली यह ट्रॉफी उनके करियर में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव जोड़ती है। Rapid और Blitz जैसे तेज फॉर्मेट में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए सिर्फ आक्रामक खेल ही नहीं, बल्कि सटीक फैसले, समय का बेहतर इस्तेमाल और दबाव संभालने की क्षमता भी जरूरी होती है। प्रज्ञानानंदा ने पूरे टूर्नामेंट में इन पहलुओं पर मजबूत पकड़ दिखाई। Grand Chess Tour में भी बढ़ी उम्मीदें Saint Louis Rapid & Blitz में शानदार प्रदर्शन का असर Grand Chess Tour 2026 में उनकी स्थिति पर भी पड़ा है। इस जीत से प्रज्ञानानंदा का आत्मविश्वास निश्चित तौर पर बढ़ेगा और आने वाले मुकाबलों में भी उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। भारतीय शतरंज के लिए यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि प्रज्ञानानंदा लगातार उस पीढ़ी का हिस्सा बन रहे हैं जो दुनिया के सबसे बड़े Chess मंचों पर भारत की मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रही है। एक राउंड पहले चैंपियन बनकर रचा इतिहास Saint Louis में प्रज्ञानानंदा ने सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं जीती, बल्कि मुश्किल परिस्थितियों में लगातार अच्छा खेल दिखाकर यह साबित किया कि वह अब दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों के बीच अपनी जगह बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। एक राउंड बाकी रहते Saint Louis Rapid & Blitz Champion बनना उनके करियर की यादगार उपलब्धियों में शामिल हो गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more

टॉप नेशनल शूटिंग कोच पर हितों के टकराव के आरोप, SAI ने शुरू कराई जांच

नई दिल्ली। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने एक शीर्ष राष्ट्रीय शूटिंग कोच के खिलाफ मिली शिकायत पर जांच के निर्देश दिए हैं। कोच पर चेन्नई में प्रस्तावित शूटिंग रेंज निर्माण परियोजना का ठेका हासिल करने की कोशिश करने का आरोप है। SAI ने इसे संभावित हितों के टकराव (Conflict of Interest) का मामला मानते हुए जांच शुरू की है। फिलहाल संबंधित कोच का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि संबंधित कोच नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के साथ मिलकर भारतीय शॉटगन निशानेबाजों को ओलंपिक, ISSF वर्ल्ड कप, वर्ल्ड चैंपियनशिप और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए प्रशिक्षण देते हैं। SAI ने मांगी जांच रिपोर्ट SAI के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस मामले में नाम सहित औपचारिक शिकायत प्राप्त हुई है। इसके बाद स्टेडियम डिवीजन और दिल्ली के क्षेत्रीय निदेशक को जांच के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारी ने बताया कि फिलहाल जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। चेन्नई शूटिंग रेंज परियोजना से जुड़ा मामला सूत्रों के मुताबिक, शिकायत चेन्नई में लगभग 15 से 16 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली पांच शॉटगन शूटिंग रेंज की टेंडर प्रक्रिया से जुड़ी है। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया से असंतुष्ट एक बोलीदाता ने मामले को विजिलेंस विभाग के समक्ष उठाया है। एशियन गेम्स कोचिंग स्टाफ से हटाए जाने की चर्चा जानकारी के अनुसार, इस मामले के चलते संबंधित कोच को 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स के लिए भारतीय कोचिंग स्टाफ से बाहर रखा जा सकता है। हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। NRAI ने कहा- जानकारी नहीं NRAI ने अपने बयान में कहा कि फेडरेशन को किसी कोच की निजी व्यावसायिक गतिविधियों या उनके खिलाफ चल रही विजिलेंस जांच की जानकारी नहीं है। फेडरेशन ने यह भी बताया कि एशियन गेम्स प्रशिक्षण शिविर के लिए कोचों की सूची को आंशिक मंजूरी मिली है, जिसमें कुछ नाम शामिल नहीं हैं। इस संबंध में SAI के अंतिम निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है। राइफल कोच भी जांच के दायरे में इसी बीच, भारतीय राइफल टीम के एक हाई परफॉर्मेंस कोच भी SAI की जांच का सामना कर रहे हैं। उन पर नई दिल्ली स्थित कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में निजी कोचिंग चलाने और अपनी निजी क्लास में शामिल न होने वाले निशानेबाजों के साथ कथित भेदभाव करने के आरोप लगे हैं। सूत्रों के अनुसार, 50 मीटर राइफल इवेंट के हेड कोच मनोज कुमार से जुड़े मामले में हाल ही में SAI मुख्यालय में सुनवाई हुई, जिसमें खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों की शिकायतें दर्ज की गईं। फिलहाल दोनों मामलों में जांच जारी है और संबंधित एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। खेल जगत की ताजा और विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
Read more
ODI World Cup 2027

ODI World Cup 2027 Update: कई बड़ी Teams की बढ़ी मुश्किलें, बिना Qualification नहीं मिलेगा मौका

ICC ODI World Cup 2027 से पहले क्रिकेट जगत में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। इस बार कई टीमों के लिए वर्ल्ड कप का सफर आसान नहीं रहने वाला है। ICC ने टूर्नामेंट के Qualification Rules में बदलाव किया है, जिसके बाद अब हर टीम को सीधे World Cup में खेलने का मौका नहीं मिलेगा। पहले कुछ बड़ी टीमों को अपने प्रदर्शन और ICC की स्थिति के कारण वर्ल्ड कप में जगह बनाना आसान होता था, लेकिन अब नए नियमों के तहत टीमों को लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। ODI Ranking में मजबूत स्थिति बनाए रखना और जरूरत पड़ने पर Qualifier मुकाबलों में जीत हासिल करना बेहद जरूरी होगा। ICC ODI World Cup 2027 में कैसे मिलेगी Entry? ODI World Cup 2027 की मेजबानी South Africa, Zimbabwe और Namibia करेंगे। इस टूर्नामेंट में कुल 14 टीमें हिस्सा लेंगी। मेजबान देशों को सीधे टूर्नामेंट में जगह मिलेगी, जबकि बाकी टीमों को अपनी स्थिति के आधार पर क्वालिफाई करना होगा। नए Qualification System के अनुसार: इसका मतलब यह है कि अब सिर्फ बड़ी टीम का दर्जा होना काफी नहीं होगा। टीमों को हर सीरीज और हर मुकाबले में अच्छा प्रदर्शन करना पड़ेगा। West Indies जैसी बड़ी Teams पर बढ़ा खतरा वर्ल्ड क्रिकेट की दिग्गज टीमों में शामिल West Indies के लिए यह बदलाव बड़ी चुनौती बन सकता है। खराब ODI प्रदर्शन के कारण टीम को अब सीधे World Cup Qualification के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है। दो बार की ODI World Cup Champion West Indies पहले भी 2023 World Cup से बाहर रह चुकी है। ऐसे में 2027 टूर्नामेंट के लिए टीम को अपनी Ranking सुधारने और लगातार जीत हासिल करने की जरूरत होगी। India की World Cup 2027 Qualification मजबूत भारतीय क्रिकेट टीम की स्थिति फिलहाल काफी मजबूत नजर आ रही है। लगातार शानदार प्रदर्शन और ICC ODI Ranking में अच्छी स्थिति के कारण Team India के Direct Qualification हासिल करने की संभावना काफी ज्यादा है। भारत के अलावा Australia, England, New Zealand, Pakistan, South Africa और Afghanistan जैसी टीमें भी World Cup Qualification की रेस में मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं। छोटे देशों के लिए भी मिलेगा मौका ICC के नए नियम सिर्फ बड़ी टीमों को ध्यान में रखकर नहीं बनाए गए हैं। Associate Nations और उभरती हुई टीमों के लिए भी World Cup तक पहुंचने का रास्ता खुला रहेगा। जो टीमें Direct Qualification हासिल नहीं कर पाएंगी, वे Qualifier मुकाबलों के जरिए अपनी जगह पक्की कर सकती हैं। इससे छोटी टीमों को बड़े मंच पर पहुंचने का मौका मिलेगा। नए Rules से बढ़ेगा Competition ODI World Cup 2027 का नया Qualification Format क्रिकेट को और ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनाने वाला है। अब हर मैच का महत्व बढ़ जाएगा क्योंकि Ranking Points सीधे World Cup की टिकट से जुड़े होंगे। कई बड़ी टीमें जहां Direct Entry के लिए संघर्ष करेंगी, वहीं नई टीमें इतिहास बनाने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी।
Read more

भारत-पाकिस्तान महामुकाबला, ACC ने जारी किया पूरा शेड्यूल

दुबई। एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) ने विमेंस एशिया कप 2026 का शेड्यूल जारी कर दिया है। टूर्नामेंट का सबसे बहुप्रतीक्षित मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच 5 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। टी-20 फॉर्मेट में आयोजित होने वाला यह टूर्नामेंट 28 अगस्त से शुरू होगा। उद्घाटन मैच में थाईलैंड और हांगकांग-चीन की टीमें आमने-सामने होंगी। 8 टीमें लेंगी हिस्सा विमेंस एशिया कप 2026 में कुल आठ टीमें भाग लेंगी, जिन्हें दो ग्रुप में बांटा गया है। ग्रुप-A ग्रुप-B ग्रुप चरण के बाद दोनों ग्रुप की शीर्ष दो-दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला 13 सितंबर को खेला जाएगा। सभी मुकाबले दुबई में होंगे पूरे टूर्नामेंट के सभी मैच दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित किए जाएंगे। भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला मुकाबला टूर्नामेंट का सबसे चर्चित मैच माना जा रहा है, जिस पर दुनियाभर के क्रिकेट प्रशंसकों की नजर रहेगी। भारत सबसे सफल टीम टी-20 फॉर्मेट में अब तक खेले गए पांच विमेंस एशिया कप में भारतीय महिला टीम सबसे सफल रही है। भारत ने तीन बार खिताब अपने नाम किया है, जबकि बांग्लादेश और श्रीलंका ने एक-एक बार ट्रॉफी जीती है। श्रीलंका मौजूदा चैंपियन के रूप में इस टूर्नामेंट में उतरेगा। खेल जगत की ताजा और विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
Read more

4 साल बाद टेस्ट शतक के करीब पहुंचे बाबर आजम, वेस्टइंडीज के खिलाफ 88 रन बनाकर नाबाद

स्पोर्ट्स डेस्क। पाकिस्तान के टेस्ट कप्तान बाबर आजम चार साल बाद टेस्ट क्रिकेट में शतक के बेहद करीब पहुंच गए हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले जा रहे दूसरे टेस्ट की दूसरी पारी में बाबर 88 रन बनाकर नाबाद हैं और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा चुके हैं। बाबर आजम ने अपना पिछला टेस्ट शतक वर्ष 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ कराची टेस्ट में लगाया था। उस मुकाबले में उन्होंने 161 रन की शानदार पारी खेली थी। संयोग से उस समय भी वह पाकिस्तान की कप्तानी कर रहे थे। कप्तानी में वापसी के बाद शानदार प्रदर्शन खराब फॉर्म के चलते बाबर आजम ने वर्ष 2023 में टेस्ट कप्तानी छोड़ दी थी, जिसके बाद शान मसूद को नियमित कप्तान बनाया गया। हालांकि, 5 जुलाई 2026 को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने एक बार फिर बाबर को टेस्ट टीम की कमान सौंपी। कप्तानी में वापसी के बाद उनका यह प्रदर्शन टीम के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। अब्दुल्ला शफीक के शतक से पाकिस्तान मजबूत दूसरी पारी में अब्दुल्ला शफीक के शानदार नाबाद शतक और बाबर आजम की अर्धशतकीय पारी की बदौलत पाकिस्तान ने 2 विकेट पर 273 रन बना लिए हैं। दोनों बल्लेबाजों के बीच तीसरे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी हो चुकी है। पहली पारी के आधार पर पाकिस्तान अब वेस्टइंडीज से केवल 71 रन पीछे है। दो साल बाद शतक लगाने में सफल रहे शफीक अब्दुल्ला शफीक ने अपने टेस्ट करियर का छठा शतक लगाया। यह उनका 2024 के बाद पहला टेस्ट शतक है। वह लंबे समय तक 99 रन पर रुके रहे, लेकिन बाद में जोमेल वॉरिकन की गेंद पर मिडविकेट की दिशा में चौका लगाकर तीन अंकों तक पहुंचे। अजान ओवैस ने दिलाई तेज शुरुआत पाकिस्तान की दूसरी पारी की शुरुआत युवा बल्लेबाज अजान ओवैस ने आक्रामक अंदाज में की। उन्होंने दूसरे ही ओवर में तेज गेंदबाज केमार रोच के खिलाफ लगातार तीन चौके जड़कर टीम को तेज शुरुआत दिलाई। हालांकि, इमाम-उल-हक तेज गेंदबाज शमार जोसेफ की गेंद पर स्लिप में कैच देकर आउट हो गए। ओवैस ने अर्धशतक जरूर पूरा किया, लेकिन बाद में जोमेल वॉरिकन की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हो गए। पहली पारी में 344 रन पर सिमटी थी वेस्टइंडीज इससे पहले वेस्टइंडीज की पहली पारी 344 रन पर समाप्त हुई थी। टीम की ओर से जस्टिन ग्रीव्स और रोस्टन चेज ने अर्धशतकीय पारियां खेलीं। पाकिस्तान के लिए अली उस्मान ने पहली ही गेंद पर जस्टिन ग्रीव्स का विकेट लिया। उबैद शाह ने रोस्टन चेज को बोल्ड किया, जबकि साजिद खान ने शमार जोसेफ का विकेट लेकर वेस्टइंडीज की पारी का अंत किया। क्रिकेट और खेल जगत की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
Read more

बेन स्टोक्स ने इंग्लैंड टीम के ‘ड्रिंकिंग कल्चर’ के आरोपों को किया खारिज, बोले- ऐसी कोई समस्या नहीं

लंदन। इंग्लैंड के पूर्व टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स ने इंग्लैंड क्रिकेट टीम में कथित ‘ड्रिंकिंग कल्चर’ की धारणा को खारिज करते हुए कहा है कि सीनियर टीम में शराब से जुड़ी किसी तरह की संस्कृति या समस्या नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह जरूर माना कि यूनाइटेड किंगडम में क्रिकेट और शराब का ऐतिहासिक संबंध रहा है। 35 वर्षीय स्टोक्स ने पूर्व क्रिकेटरों स्टुअर्ट ब्रॉड और जोस बटलर के पॉडकास्ट ‘For The Love of Cricket’ में यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड की सीनियर टीम को शराब की समस्या से जोड़ना सही नहीं है। एशेज सीरीज के दौरान उठा था विवाद इंग्लैंड क्रिकेट में शराब को लेकर बहस उस समय तेज हुई थी, जब एशेज सीरीज के दौरान कुछ खिलाड़ियों के शराब पीने की खबरें सामने आई थीं। विवाद तब और बढ़ गया था, जब सलामी बल्लेबाज बेन डकेट टीम के मिड-सीरीज ब्रेक के दौरान ऑस्ट्रेलिया के नूसा में कथित तौर पर नशे की हालत में नजर आए थे। इसके अलावा, न्यूजीलैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में जीत के बाद बेन स्टोक्स तेज गेंदबाज गस एटकिंसन के साथ बाहर गए थे। इस दौरान एक नाइटक्लब में हुई घटना के बाद उन्हें अगले टेस्ट मैच से बाहर बैठना पड़ा था। कोचिंग में बनाना चाहते हैं करियर बेन स्टोक्स ने बताया कि वह इस समय लेवल-3 कोचिंग क्वालिफिकेशन पूरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सक्रिय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी वह खेल से जुड़े रहना चाहते हैं और भविष्य में कोचिंग की भूमिका निभाने की इच्छा रखते हैं। स्टोक्स ने कहा कि उनका लक्ष्य है कि क्रिकेट छोड़ने से पहले कोचिंग की सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर लें, ताकि वह भविष्य में टीमों के साथ प्रभावी भूमिका निभा सकें। जो रूट की कप्तानी को लेकर जताई चिंता स्टोक्स ने इंग्लैंड के नए टेस्ट कप्तान जो रूट को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि रूट हमेशा टीम को खुद से पहले रखते हैं और यही बात उन्हें परेशान करती है। उन्होंने बताया कि कप्तान के रूप में रूट पहले भी खुद पर काफी दबाव लेते थे और वह नहीं चाहते कि दोबारा उन्हें उसी मानसिक दबाव का सामना करना पड़े। बेन स्टोक्स ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में इंग्लैंड के लिए 122 टेस्ट, 114 वनडे और 43 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। उनकी कप्तानी में इंग्लैंड ने आक्रामक ‘बैजबॉल’ शैली से टेस्ट क्रिकेट में नई पहचान बनाई। खेल जगत की ताजा और विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
Read more

पाकिस्तान क्रिकेट टीम को मिला नया बैटिंग कोच, माइक स्मिथ संभालेंगे जिम्मेदारी

लगातार खराब बल्लेबाजी प्रदर्शन और बार-बार होने वाले बैटिंग कोलैप्स से जूझ रही पाकिस्तान क्रिकेट टीम को नया बैटिंग कोच मिल गया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने दक्षिण अफ्रीका के पूर्व फर्स्ट क्लास क्रिकेटर माइक स्मिथ को टीम का नया बैटिंग कोच नियुक्त किया है। माइक स्मिथ आगामी 19 अगस्त से इंग्लैंड में शुरू होने वाली तीन टेस्ट मैचों की सीरीज से पाकिस्तान टीम के साथ अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। बोर्ड को उम्मीद है कि उनकी नियुक्ति से टीम की बल्लेबाजी में स्थिरता आएगी और लगातार खराब प्रदर्शन पर अंकुश लगेगा। आवेदन प्रक्रिया के बाद हुआ चयन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने स्थायी बैटिंग कोच की नियुक्ति के लिए सार्वजनिक रूप से आवेदन आमंत्रित किए थे। कई उम्मीदवारों के इंटरव्यू और मूल्यांकन के बाद माइक स्मिथ का चयन किया गया। बोर्ड ने उनके अनुभव और आधुनिक बल्लेबाजी कोचिंग शैली को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया। फ्रेंचाइजी क्रिकेट में लंबा अनुभव माइक स्मिथ लेवल-4 क्वालिफाइड कोच हैं और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में बल्लेबाजी कोच के रूप में अच्छी पहचान रखते हैं। वह विभिन्न टी-20 लीग और कई फ्रेंचाइजी टीमों के साथ काम कर चुके हैं। इसके अलावा पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) का भी उन्हें अनुभव है, जिससे वे पाकिस्तान के खिलाड़ियों और वहां की क्रिकेट परिस्थितियों से अच्छी तरह परिचित हैं। असद शफीक की लेंगे जगह माइक स्मिथ पूर्व पाकिस्तानी बल्लेबाज और मौजूदा राष्ट्रीय चयनकर्ता असद शफीक की जगह बैटिंग कोच की जिम्मेदारी संभालेंगे। शफीक हाल के समय में अंतरिम बैटिंग कोच की भूमिका निभा रहे थे। फिलहाल वह पाकिस्तान टीम के साथ वेस्टइंडीज दौरे पर मौजूद हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को उम्मीद है कि माइक स्मिथ के मार्गदर्शन में टीम की बल्लेबाजी मजबूत होगी और आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन देखने को मिलेगा। क्रिकेट और खेल जगत की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
Read more
1 … 7 8 9 10 11 … 49

Trending News

Editor's Picks

रानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन

भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई। घटना सुबह करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। सामान चढ़ाने और यात्रियों के आने-जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ गया, जिसके चलते ट्रेन करीब 29 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। आरोप है कि पैंट्री कर्मचारियों ने एकजुट होकर यात्रियों पर हमला किया। विवाद के दौरान कर्मचारियों द्वारा चेन पुलिंग किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन पर पहले ही निर्धारित समय से 3 घंटे 33 मिनट की देरी से पहुंची थी। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया विवाद घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और यात्रियों व पैंट्री कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद को शांत कराया। जीआरपी टीआई अमित शर्मा के मुताबिक, पीड़ित यात्री बेंगलुरु जा रहा था। उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन पर इस मामले में शिकायत नहीं मिली। वहीं, नागपुर में जीरो पर प्रकरण दर्ज किए जाने की सूचना है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित जीआरपी के स्तर पर की जाएगी।

मध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव

मध्यप्रदेश में पारंपरिक और आंचलिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार करीब साढ़े सात करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर रही है। खेल विभाग ने इसके लिए छोटे शहरों में प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना बनाई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 330 विकासखंडों में हर साल पारंपरिक खेल महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेलों को संरक्षण देना और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है। सरकार की इस पहल से स्थानीय खेलों को प्रतियोगिताओं और व्यवस्थित प्रशिक्षण के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। पिट्ठू से मलखंभ तक, कई खेल होंगे शामिल प्रस्तावित योजना में पिट्ठू, गदा और साइकिल रेस जैसे पारंपरिक व आंचलिक खेलों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कबड्डी, खो-खो, पैदल चाल, तीरंदाजी और मलखंभ जैसे खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पारंपरिक खेल महोत्सव में विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इन स्पर्धाओं के लिए पूरे प्रदेश में एक समान नियम तैयार किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के समान अवसर मिल सकें। छोटे शहरों में खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र खेल विभाग का मानना है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई पारंपरिक खेल लंबे समय से स्थानीय संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को अक्सर औपचारिक प्रशिक्षण और बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर नहीं मिल पाता। प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से ऐसे खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। आधुनिक खेलों से जोड़ने की भी तैयारी खेल विभाग इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेगा। इसके बाद उन्हें आगे के प्रशिक्षण के लिए तैयार करने की योजना है। विभाग पारंपरिक खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को आधुनिक खेल व्यवस्था से जोड़ने के विकल्पों पर भी काम कर रहा है। इस पहल के जरिए पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पारंपरिक खेलों के केंद्र स्थापित किए जाएंगे: विश्वास सारंग खेल मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कई देशी खेल प्रचलित हैं, लेकिन उन्हें बड़े पैमाने पर खेलने के अवसर सीमित हैं। अब इनके केंद्र स्थापित कर इन खेलों को बढ़ावा देने की योजना है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित योजना में टीम आधारित और व्यक्तिगत, दोनों तरह के खेलों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।

एशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने 24 मेडल जीते, जिनमें 5 गोल्ड, 6 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं। दूसरे दिन एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज तीनों मेडल जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। वहीं, निषाद कुमार ने हाई जंप में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। सिमरन शर्मा और दीप्ति जीवनजी ने भी क्रमशः 200 मीटर और 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। शूटिंग में मनीष नरवाल ने सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक्स के लिए कोटा भी हासिल किया। डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक जीतकर अपना दबदबा कायम किया। देवेंद्र कुमार ने 781 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। राकेश ने 771 पॉइंट्स लेकर सिल्वर, जबकि प्रदीप कुमार ने 669 पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस मुकाबले की खास बात यह रही कि प्रदीप कुमार ने 51.15 मीटर का सबसे लंबा थ्रो किया, इसके बावजूद उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। इसकी वजह यह है कि इस स्पर्धा में अलग-अलग तरह की शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी एक साथ मुकाबला करते हैं। इसमें F43, F44, F62 और F64 कैटेगरी के खिलाड़ी शामिल थे। खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति और थ्रो करने की क्षमता में अंतर होने के कारण उनके प्रदर्शन का आकलन रजा पॉइंट्स सिस्टम के आधार पर किया जाता है। इस प्रणाली में खिलाड़ी की कैटेगरी के अनुसार प्रदर्शन को अंक दिए जाते हैं, जिससे अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के परिणामों की निष्पक्ष तुलना की जा सके। निषाद कुमार ने हाई जंप में जीता दूसरा गोल्ड भारतीय पैरा-एथलीट निषाद कुमार ने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.02 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। यह इन गेम्स में उनका दूसरा गोल्ड है। इससे पहले वह लॉन्ग जंप में भी पहला स्थान हासिल कर चुके हैं। हाई जंप में खिलाड़ियों को एक निश्चित ऊंचाई पर रखी बार को बिना गिराए पार करना होता है। हर सफल प्रयास के बाद बार की ऊंचाई बढ़ाई जाती है और सबसे अधिक ऊंचाई पार करने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। T47 पैरा-एथलेटिक्स की वह श्रेणी है, जिसमें हाथ से जुड़ी शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। निषाद की इस उपलब्धि से भारत के पदक अभियान को मजबूती मिली है। प्रणव सूरमा को गोल्ड, राम रतन सिंह ने जीता सिल्वर पुरुषों की डिस्कस थ्रो F51/F52/F53 स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रणव सूरमा ने 932 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि राम रतन सिंह 809 पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। प्रणव ने अपने छह प्रयासों में 11.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इस स्पर्धा में भी अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना रजा पॉइंट्स के आधार पर की जाती है। इसलिए केवल थ्रो की दूरी के आधार पर विजेता तय नहीं होता। प्रणव और राम रतन के अंकों ने उन्हें क्रमशः पहला और दूसरा स्थान दिलाया। भारत की पदक तालिका पर नजर दूसरे दिन के शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। एथलेटिक्स में लगातार मिल रही सफलताओं और शूटिंग में मनीष नरवाल की उपलब्धि ने भारतीय अभियान को नई गति दी है। प्रतियोगिता के अगले दिनों में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
SBI

SBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने का मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड में व्यक्तिगत जानकारी उजागर होने की पहचान की गई है। इनमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पते जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों की डेटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। SBI ने कहा है कि इस घटना से बैंक के सामान्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन और सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। वहीं, डेटा कहां से आया, कितने ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच की जा रही है। SBI Data Leak: कैसे सामने आया डेटा लीक का मामला? बैंक के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को उसे अपने Threat Intelligence Service Provider, Defence Cyber Agency और भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा उपलब्ध होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद SBI ने शुरुआती स्तर पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। हालांकि, डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डेटा कितना वास्तविक है और किस माध्यम से बाहर पहुंचा। ग्राहकों की कौन-सी निजी जानकारी हुई उजागर? शुरुआती जांच में सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: इनमें से कुछ जानकारियों का इस्तेमाल साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी पता होने पर ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ग्राहकों के बैंक खातों से पैसे निकलने या किसी खास तरह की धोखाधड़ी होने की पुष्टि नहीं हुई है। SBI ने जांच के लिए उठाए जरूरी कदम डेटा लीक की जानकारी मिलने के बाद बैंक ने अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच के लिए CERT-In से सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है कि डेटा का स्रोत क्या था, जानकारी कैसे उजागर हुई और इससे ग्राहकों की सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता है। बैंक के अनुसार, जांच के नतीजों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डेटा लीक के पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। क्या SBI ग्राहकों के बैंक खाते खतरे में हैं? डेटा लीक की खबर सुनकर ग्राहकों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या उनके बैंक खाते सुरक्षित हैं? यहां एक बात समझना जरूरी है। ग्राहकों का नाम, मोबाइल नंबर या पता सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उनके बैंक खाते भी हैक हो गए हैं। निजी जानकारी का उजागर होना और खाते से पैसे निकलना दो अलग-अलग बातें हैं। SBI ने कहा है कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज और सेवाओं पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ा है। हालांकि, निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके फर्जी कॉल, मैसेज और ऑनलाइन ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसलिए ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। Data Leak के बाद ग्राहकों को क्या करना चाहिए? डिजिटल बैंकिंग के दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में SBI ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। 1. OTP और PIN किसी को न बताएं: बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति भी आपसे OTP, ATM PIN या CVV मांगे, तो जानकारी साझा न करें। 2. संदिग्ध लिंक से बचें: KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या रिफंड मिलने के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। 3. बैंक खाते पर नजर रखें: अपने खाते के लेनदेन की नियमित जांच करें। कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। 4. फर्जी कॉल से सावधान रहें: अगर कोई व्यक्ति बैंकिंग जानकारी बताकर आपका भरोसा जीतने की कोशिश करे, तो उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। 5. साइबर ठगी होने पर शिकायत करें: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ध्यान रखें कि किसी ठग के पास आपकी कुछ निजी जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि है। SBI Data Leak मामले में अब आगे क्या होगा? फिलहाल SBI डेटा लीक मामले की जांच जारी है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि डार्क वेब पर उपलब्ध जानकारी कहां से आई और घटना का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही डेटा लीक की वजह और ग्राहकों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर ज्यादा स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक ग्राहकों के लिए अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखना और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहना सबसे जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Delhi HighCourt

Delhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi HighCourt) में बुधवार, 21 अक्टूबर को CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों नेताओं ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के बाद दोनों ने अपनी याचिका वापस ले ली। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब इस मामले में दूसरी कानूनी प्रक्रिया अपनाने का विकल्प मौजूद है, तो सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया गया। कोर्ट ने दोनों नेताओं की ओर से शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों पर भी टिप्पणी की। Jantar Mantar Protest Case: क्या है पूरा मामला? सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर उस स्थान पर प्रवेश किया था, जिसे प्रदर्शन स्थल के रूप में पहले ही अधिसूचित सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। शुरुआत में उनकी हिरासत पांच दिन के लिए तय की गई थी। 19 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ाने का आदेश दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। Court Remarks: बॉन्ड की शर्तों पर क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड और उसके कथित उल्लंघन को लेकर सवाल उठाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटना के बाद दूसरे लोगों के भी नियमों का उल्लंघन करने की आशंका बढ़ सकती है। दोनों नेताओं की ओर से पेश वकील ने हिरासत बढ़ाने के आदेश और जमानतदारों से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका पक्ष था कि दोनों ने आवश्यक जमानतदार पेश किए थे, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में रखा गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में उपलब्ध वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाने की बात कही। इसके बाद दोनों नेताओं की ओर से याचिका वापस लेने का फैसला किया गया। याचिका वापस लेने का क्या मतलब है? सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका वापस लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हाईकोर्ट ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को सही ठहरा दिया है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय दिए बिना याचिका वापस लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को पहले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष चल रही प्रक्रिया के नतीजे का इंतजार करने और जरूरत पड़ने पर उचित अपीलीय मंच का रुख करने की सलाह दी। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.