अयोध्या के राम मंदिर (Ram Mandir) की व्यवस्थाओं को लेकर आज का दिन काफी अहम माना जा रहा है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में मंदिर के पहले Chief Executive Officer (CEO) की नियुक्ति पर चर्चा हो सकती है। इस पद के लिए पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। हालांकि, अंतिम फैसला ट्रस्ट की बैठक में ही होने की उम्मीद है।
राम मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और मंदिर से जुड़े प्रशासनिक कामकाज के विस्तार के बीच CEO की नियुक्ति को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस पद के जरिए मंदिर की रोजमर्रा की व्यवस्थाओं से लेकर अलग-अलग प्रशासनिक कार्यों के बीच बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश की जा सकती है।
CEO पद के लिए हजारों लोगों ने किया था आवेदन
राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से CEO पद के लिए आवेदन मांगे गए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्रक्रिया में 5,585 आवेदन प्राप्त हुए। शुरुआती छंटनी के बाद उम्मीदवारों की संख्या कम की गई और चयन प्रक्रिया आगे बढ़ी।
बताया जा रहा है कि चयन प्रक्रिया के अंतिम चरण में कुछ नामों पर विचार किया जा रहा है। इनमें पूर्व IPS राजेश पांडेय का नाम प्रमुखता से सामने आया है। हालांकि उनकी नियुक्ति को लेकर आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।
Rajesh Pandey के नाम पर क्यों टिकी नजर?
राजेश पांडेय के प्रशासनिक और पुलिस सेवा के अनुभव को देखते हुए उनका नाम CEO पद के संभावित उम्मीदवार के तौर पर सामने आया है। अगर ट्रस्ट की ओर से उनके नाम को मंजूरी मिलती है तो वह राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था में इस पद पर जिम्मेदारी संभालने वाले पहले CEO होंगे।
फिलहाल यह देखना अहम होगा कि बैठक में ट्रस्ट किस नाम पर अपनी अंतिम सहमति देता है।
Sharad Sharma को मिल सकती है प्रवक्ता की जिम्मेदारी
CEO की नियुक्ति के साथ ही ट्रस्ट की Communication व्यवस्था को लेकर भी चर्चा है। शरद शर्मा को प्रवक्ता की जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना की खबरें सामने आई हैं। हालांकि, इस संबंध में भी अंतिम तस्वीर आधिकारिक फैसले के बाद ही साफ होगी।
चढ़ावा चोरी के मामले ने बढ़ाई चिंता
राम मंदिर की व्यवस्था के बीच चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी के मामले ने भी ट्रस्ट की चिंताएं बढ़ाई हैं। इस मामले में कर्मचारियों पर कार्रवाई और पुलिस जांच के बाद मंदिर की आंतरिक व्यवस्था तथा निगरानी को लेकर सवाल उठे हैं।
ऐसे में आज की बैठक सिर्फ CEO की नियुक्ति के लिहाज से ही नहीं, बल्कि मंदिर की security, donation management और administrative monitoring को मजबूत करने के नजरिए से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मंदिर की बढ़ती व्यवस्था के बीच बड़ा फैसला
राम मंदिर में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं का दायरा भी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में एक पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति से प्रशासनिक जिम्मेदारियों को व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि ट्रस्ट की बैठक में Rajesh Pandey के नाम पर मुहर लगती है या किसी दूसरे उम्मीदवार को यह जिम्मेदारी मिलती है। बैठक के बाद ही राम मंदिर के नए प्रशासनिक ढांचे की तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।
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