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LPG Cylinder

LPG Cylinder Shortage विपक्ष ने संसद में किया जोरदार प्रदर्शन

देश में LPG Cylinder shortage और गैस की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की रसोई और राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। यह सिर्फ़ रसोई की समस्या नहीं रह गई, बल्कि संसद में हंगामा, विरोध प्रदर्शन और जनता की रोज़मर्रा की परेशानियों का बड़ा मुद्दा बन गया है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार स्थिति को छिपा रही है और जनता को सही जानकारी नहीं दे रही, जबकि केंद्र सरकार का कहना है कि घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति बनी हुई है। संसद में हंगामा और Opposition Protest संसद परिसर के अंदर और बाहर विपक्षी सांसदों ने LPG shortage को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने “नरेंद्र भी गायब, सिलेंडर भी गायब” जैसे नारों के माध्यम से सरकार से जवाब माँगा। उनका कहना था कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि आम परिवार और छोटे व्यवसायों के रोज़मर्रा जीवन पर भी सीधा असर डाल रहा है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी और सरकार इस संकट से निपटने में पीछे हैं और स्थिति की गंभीरता को जनता से छुपा रहे हैं। होटल, रेस्तरां और छोटे व्यवसाय सिलेंडर की कमी के कारण प्रभावित हो रहे हैं। LPG Crisis के मुख्य कारण विश्लेषकों के अनुसार, West Asia में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चेन पर असर के कारण देश में एलपीजी की उपलब्धता प्रभावित हुई है। कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति कम होने और घरेलू सिलेंडरों की बुकिंग प्रणाली में बदलाव के कारण आम जनता को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। सरकार ने बुकिंग अवधि बढ़ाकर वितरण को संतुलित करने की कोशिश की है। आम जनता पर असर LPG shortage का असर केवल राजनीतिक बयानबाज़ी तक सीमित नहीं है। आम जनता और व्यवसायिक क्षेत्र इसे सीधे महसूस कर रहे हैं: इस संकट ने रसोई की समस्याओं को बढ़ा दिया है और आम लोगों की रोज़मर्रा की जिंदगी कठिन बना दी है। Opposition की मांग और सरकार का रुख विपक्ष ने सरकार से स्पष्ट डेटा, स्टॉक जानकारी और समाधान योजना की मांग की है। उनका कहना है कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि देश में एलपीजी स्टॉक कितना है और यह कब तक चलेगा। केंद्र सरकार का दावा है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति लगातार सुनिश्चित की जा रही है और केवल कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई नियंत्रित की जा रही है ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता मिल सके। LPG Cylinder shortage अब केवल सामग्री की कमी नहीं है। यह राजनीतिक बहस, आम आदमी की रोज़मर्रा की चुनौतियाँ और सरकार‑विपक्ष के बीच जवाबदेही का विषय बन गया है। संसद की बेंचों से लेकर गैस एजेंसियों की कतारों तक, हर जगह इसका असर महसूस किया जा रहा है। जनता की नजरें अब सरकार और विपक्ष के अगले कदमों पर हैं, और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस संकट का समाधान कब और कैसे होता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Hemant Khandelwal

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की बेटी का असमय निधन

भाजपा के मध्यप्रदेश अध्यक्ष और बैतूल के विधायक हेमंत खंडेलवाल की बेटी Surabhi Khandelwal का 11 मार्च 2026 को असमय निधन हो गया। इस दुखद घटना ने न सिर्फ खंडेलवाल परिवार को बल्कि पूरे बैतूल जिले को गहरे शोक में डाल दिया है। निधन की वजह सूत्रों के अनुसार, Surabhi Khandelwal की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें हृदयाघात (Heart Attack) आया, जिससे उनका निधन हो गया। परिवार और करीबी मित्रों के अनुसार वह पहले से कुछ स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं। शोक और संवेदनाएँ सुरभि के निधन की खबर फैलते ही जिले में गहरा शोक व्याप्त हो गया। स्थानीय लोग, भाजपा कार्यकर्ता और राजनीतिक समुदाय ने खंडेलवाल परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। लोगों ने उनके लिए प्रार्थना की और परिवार के दुःख में शामिल होने के लिए उनके निवास स्थान बैतूल गंज का रुख किया। अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि उनकी अंतिम यात्रा आज शाम 5 बजे उनके निवास से शुरू होकर कोठी बाजार मोक्ष धाम तक जाएगी। अंतिम संस्कार वहीं संपन्न होगा। स्थानीय प्रशासन ने सभी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की हैं ताकि श्रद्धांजलि देने वाले सुरक्षित रूप से भाग ले सकें। राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएँ सुरभि के निधन पर कई नेताओं और समुदायिक संगठनों ने खंडेलवाल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर श्रद्धांजलि अर्पित की है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Weather

Weather Update राजस्थान-MP में तेज Heatwave की आहट, UP में Fog से बड़ा Accident

देश में मौसम का बदला मिजाज (India Weather Update) देश के कई हिस्सों में मौसम (Weather) ने अचानक करवट ले ली है। कहीं तेज गर्मी लोगों को परेशान कर रही है तो कहीं कोहरा और पहाड़ी इलाकों में बारिश-बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। मार्च की शुरुआत में ही बदलते मौसम ने आम लोगों की दिनचर्या और यात्रा दोनों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। राजस्थान में 40°C पार पहुंचा तापमान (Rajasthan Heat News) सबसे पहले बात करें राजस्थान की, तो यहां गर्मी ने समय से पहले ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। राज्य के कई शहरों में तापमान 39 से 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। बाड़मेर में पारा 40°C के पार दर्ज किया गया, जिससे दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा सा देखने को मिला। स्थानीय लोगों का कहना है कि मार्च में इतनी तेज गर्मी आमतौर पर कम ही देखने को मिलती है। मध्य प्रदेश में भी बढ़ी गर्मी (MP Weather Update) राजस्थान की गर्म हवाओं का असर अब मध्य प्रदेश में भी साफ दिखाई दे रहा है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान 39°C से अधिक दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार कुछ जगहों पर पारा सामान्य से करीब 5 से 6 डिग्री ज्यादा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में लू जैसी स्थिति भी बन सकती है। यूपी में कोहरे के कारण बड़ा सड़क हादसा (UP Fog Accident News) इसी बीच उत्तर प्रदेश से एक दुखद खबर सामने आई है। घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी बेहद कम हो गई, जिसके चलते सात वाहन आपस में टकरा गए। इस दर्दनाक सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य किया। पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी का अलर्ट (Rain & Snowfall Alert) दूसरी ओर उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज बिल्कुल अलग नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की वजह से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। आने वाले दिनों में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ गिरने और निचले इलाकों में बारिश होने की उम्मीद है। एक ही समय में दो तरह का मौसम मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि देश में इस समय दो तरह का मौसम देखने को मिल रहा है—एक तरफ मैदानी राज्यों में गर्मी तेजी से बढ़ रही है, वहीं पहाड़ी इलाकों में ठंड और बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम के बदलते हालात को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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LPG

LPG Gas Shortage देश के कई राज्यों में किल्लत, होटल-रेस्टोरेंट कारोबार पर भी पड़ा असर

देश के कई राज्यों में इन दिनों LPG गैस सिलेंडर की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि कई जगह गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं। लोग खाली सिलेंडर लेकर घंटों इंतजार कर रहे हैं ताकि उन्हें समय पर गैस मिल सके। उत्तर प्रदेश और बिहार के कई शहरों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की मौजूदगी में सिलेंडर बांटे जा रहे हैं। UP और Bihar में लंबी कतारें उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में एलपीजी सिलेंडर लेने के लिए लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लाइन लग जाती है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें कई दिनों से बुकिंग के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल पा रहा था, इसलिए वे खुद एजेंसी पहुंचकर इंतजार कर रहे हैं। भीड़ बढ़ने के कारण कुछ जगहों पर पुलिस को व्यवस्था संभालनी पड़ी। Rajasthan में कमर्शियल LPG पर असर राजस्थान में गैस की किल्लत का असर खास तौर पर होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट पर दिख रहा है। यहां कमर्शियल LPG सिलेंडर की नई बुकिंग पर अस्थायी रोक लगाए जाने की खबरें सामने आई हैं। इससे छोटे कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। इसी बीच कुछ जगहों पर सिलेंडर की कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आई हैं, जहां अधिक कीमत लेकर गैस बेचे जाने की बात कही जा रही है। आम लोगों की बढ़ी चिंता गैस की कमी की खबरों के बाद कई जगह लोगों में चिंता भी बढ़ गई है। कुछ उपभोक्ता एहतियात के तौर पर पहले से ही सिलेंडर बुक कराने की कोशिश कर रहे हैं। इससे एजेंसियों पर दबाव और बढ़ गया है। हालांकि कई गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह से खत्म होने वाली नहीं है, लेकिन सप्लाई में देरी जरूर हो रही है। क्यों आई LPG की किल्लत विशेषज्ञों के मुताबिक इस स्थिति के पीछे कई वजहें हो सकती हैं। सरकार की नजर स्थिति पर सरकार और तेल कंपनियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं। घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की नियमित सप्लाई बनाए रखने के लिए उत्पादन और वितरण को संतुलित करने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है और धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। उम्मीद जल्द सामान्य होंगे हालात फिलहाल कई शहरों में लोग थोड़ी असुविधा का सामना जरूर कर रहे हैं, लेकिन उम्मीद है कि सप्लाई व्यवस्था सुधरने के बाद हालात जल्द सामान्य हो जाएंगे। तब तक प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही गैस सिलेंडर बुक करें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Lok Sabha

Lok Sabha लोकसभा में Opposition का हंगामा, ‘Narendra-Surrender’ के नारे; आज Amit Shah देंगे जवाब

संसद में गरमाया माहौल संसद के बजट सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा (Lok Sabha) का माहौल काफी तनावपूर्ण रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और “Narendra-Surrender” के नारे लगाए। इस दौरान कई सांसद अपनी सीटों से उठकर नारेबाजी करते नजर आए, जिससे कुछ समय के लिए सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई। Speaker पर विपक्ष के आरोप विपक्षी दलों का आरोप है कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सदन की कार्यवाही निष्पक्ष तरीके से नहीं चला रहे हैं। उनका कहना है कि विपक्षी सांसदों को महत्वपूर्ण मुद्दों पर बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा। विपक्ष का यह भी कहना है कि कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों पर चर्चा की मांग के बावजूद उन्हें बार-बार रोका जा रहा है। विपक्षी नेताओं का मानना है कि संसद लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण मंच है और यहां सभी दलों को अपनी बात रखने का बराबर अधिकार होना चाहिए। इसी वजह से विपक्ष ने अध्यक्ष से निष्पक्ष होकर सदन चलाने की मांग भी की। सरकार ने आरोपों को किया खारिज वहीं सत्ता पक्ष ने विपक्ष के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। सरकार का कहना है कि लोकसभा अध्यक्ष नियमों के अनुसार ही सदन की कार्यवाही चला रहे हैं। सत्ता पक्ष के नेताओं का आरोप है कि विपक्ष जानबूझकर हंगामा कर रहा है और संसद की कार्यवाही को बाधित कर रहा है। आज सदन में Amit Shah देंगे जवाब इस पूरे विवाद के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज लोकसभा में सरकार का पक्ष रखते हुए जवाब देंगे। माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर सदन में विस्तृत चर्चा हो सकती है और दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क रखेंगे। आगे भी जारी रह सकता है टकराव राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद के मौजूदा सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव आगे भी देखने को मिल सकता है। कई अहम मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बने हुए हैं, ऐसे में आने वाले दिनों में संसद का माहौल और भी गरमा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Harish Rana

Harish Rana Euthanasia SC का ऐतिहासिक फैसला, लाइफ सपोर्ट हटाने की मिली अनुमति

भारत में इच्छामृत्यु (Euthanasia) को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला सामने आया है। Supreme Court ने 13 साल से कोमा में पड़े हरीश राणा के मामले में Passive Euthanasia की अनुमति दे दी है। यह फैसला न केवल कानूनी रूप से महत्वपूर्ण है बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी झकझोर देने वाला है। फैसला सुनाते समय अदालत का माहौल भावुक हो गया और जस्टिस पारदीवाला की आवाज भी भर आई। लंबे समय से अपने बेटे को बेहोशी की हालत में देख रहे परिवार के लिए यह फैसला राहत और दर्द दोनों लेकर आया। 13 साल पहले हुई थी दर्दनाक दुर्घटना हरीश राणा साल 2013 में एक गंभीर दुर्घटना का शिकार हो गए थे। चंडीगढ़ में एक इमारत की चौथी मंजिल से गिरने के कारण उनके सिर में गहरी चोट लगी थी। इसके बाद से वह Permanent Vegetative State में चले गए। डॉक्टरों के मुताबिक, वह पिछले 13 साल से न तो होश में आए और न ही अपने आसपास की किसी चीज़ पर प्रतिक्रिया दे पाए। उनका पूरा जीवन अस्पताल के बिस्तर, मशीनों और ट्यूब से दिए जाने वाले भोजन पर निर्भर हो गया था। पिता ने बेटे के लिए मांगी थी ‘सम्मानजनक मृत्यु’ समय के साथ परिवार के लिए यह स्थिति बेहद कठिन होती चली गई। हरीश राणा के पिता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा कि उनका बेटा वर्षों से सिर्फ मशीनों के सहारे जीवित है और उसके ठीक होने की कोई उम्मीद नहीं है। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि उनके बेटे को “Right to Die with Dignity” यानी सम्मान के साथ मृत्यु का अधिकार दिया जाए। परिवार का कहना था कि लगातार पीड़ा की स्थिति में उसे कृत्रिम रूप से जीवित रखना उचित नहीं है। मेडिकल रिपोर्ट ने साफ की स्थिति मामले की सुनवाई के दौरान मेडिकल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट अदालत के सामने रखी। रिपोर्ट में कहा गया कि हरीश राणा की हालत में सुधार की संभावना लगभग समाप्त हो चुकी है। डॉक्टरों की राय थी कि वह लंबे समय से स्थायी वेजिटेटिव अवस्था में हैं और सामान्य जीवन में लौटने की उम्मीद नहीं के बराबर है। सुप्रीम कोर्ट ने दी Passive Euthanasia की अनुमति जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की बेंच ने सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। अदालत ने हरीश राणा के लाइफ-सपोर्ट सिस्टम को हटाने की अनुमति दे दी। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में व्यक्ति को अनिश्चितकाल तक कृत्रिम जीवन में बनाए रखना मानवीय दृष्टि से उचित नहीं माना जा सकता। फैसला सुनाते वक्त भावुक हुए जज फैसला सुनाते समय अदालत में एक भावुक क्षण भी देखने को मिला। जस्टिस पारदीवाला निर्णय पढ़ते हुए कुछ पल के लिए रुक गए और उनकी आवाज भर आई। उन्होंने कहा कि यह अदालत के लिए आसान फैसला नहीं है, लेकिन किसी व्यक्ति को अनंत पीड़ा में बनाए रखना भी सही नहीं हो सकता। क्या होती है Passive Euthanasia Passive Euthanasia का मतलब है कि मरीज को जानबूझकर कोई घातक दवा नहीं दी जाती। इसके बजाय जीवन बनाए रखने वाले उपकरण या इलाज को धीरे-धीरे हटा दिया जाता है ताकि मृत्यु प्राकृतिक रूप से हो सके। भारत में 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में Right to Die with Dignity को मान्यता दी थी और कुछ शर्तों के साथ Passive Euthanasia को कानूनी माना था। क्यों महत्वपूर्ण है हरीश राणा केस हरीश राणा का मामला इसलिए खास माना जा रहा है क्योंकि यह उन मामलों में से एक है जहां सुप्रीम कोर्ट ने विस्तृत मेडिकल जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद किसी व्यक्ति के लिए Passive Euthanasia की अनुमति दी है। यह फैसला भविष्य में ऐसे मामलों के लिए एक अहम मिसाल बन सकता है, जहां मरीज लंबे समय तक कोमा में हो और उसके ठीक होने की कोई संभावना न बची हो। हरीश राणा की कहानी सिर्फ एक कानूनी केस नहीं है। यह एक परिवार की लंबी पीड़ा, उम्मीद और अंततः एक कठिन लेकिन मानवीय फैसले की कहानी भी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IndiGo CEO पीटर एलबर्स का इस्तीफा, राहुल भाटिया ने संभाली कमान

IndiGo CEO पीटर एलबर्स का इस्तीफा, राहुल भाटिया ने संभाली कमान

भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी IndiGo के CEO Pieter Elbers ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद कंपनी की कमान अब Rahul Bhatia को सौंपी गई है। कंपनी की ओर से बताया गया है कि यह फैसला प्रबंधन स्तर पर बदलाव के तहत लिया गया है। पीटर एलबर्स के कार्यकाल में IndiGo ने कई नए अंतरराष्ट्रीय रूट शुरू किए और अपने नेटवर्क का विस्तार किया। अब राहुल भाटिया के नेतृत्व में कंपनी से उम्मीद की जा रही है कि वह भारतीय एविएशन बाजार में अपनी मजबूत स्थिति को और आगे बढ़ाएगी। ईरान की 7 महिला खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया में मिली शरण दूसरी बड़ी खबर अंतरराष्ट्रीय खेल जगत से आई है। Iran की 7 महिला खिलाड़ियों को Australia ने शरण दे दी है। बताया जा रहा है कि इन खिलाड़ियों ने अपने देश में सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों के कारण सुरक्षा की चिंता जताई थी। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया सरकार ने मानवीय आधार पर उन्हें शरण देने का फैसला लिया। इस कदम को महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा और स्वतंत्रता के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय खेल समुदाय में भी इस फैसले की चर्चा हो रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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कई राज्यों में Commercial LPG Cylinder की सप्लाई बंद, होटल-रेस्टोरेंट पर संकट

कई राज्यों में Commercial LPG Cylinder की सप्लाई बंद, होटल-रेस्टोरेंट पर संकट

देश के कई राज्यों में इन दिनों Commercial LPG Cylinder की सप्लाई अचानक रुक गई है। इससे होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट चलाने वालों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। कई जगहों पर कारोबारियों का कहना है कि उन्हें समय पर गैस नहीं मिल रही, जिससे खाना बनाना मुश्किल हो गया है। स्थिति को देखते हुए सरकार ने Essential Commodity Act (आवश्यक वस्तु अधिनियम) लागू कर दिया है। इसका मकसद गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकना है, ताकि जरूरतमंद लोगों तक गैस सिलेंडर की सप्लाई सही तरीके से पहुंच सके। होटल और रेस्टोरेंट मालिकों की बढ़ी चिंता गैस की कमी से सबसे ज्यादा परेशानी होटल, ढाबे और छोटे रेस्टोरेंट चला रहे लोगों को हो रही है। कई कारोबारियों का कहना है कि अगर जल्द गैस की सप्लाई शुरू नहीं हुई तो उन्हें अपना कारोबार कुछ समय के लिए बंद करना पड़ सकता है। एक रेस्टोरेंट संचालक ने कहा,“हमारा पूरा काम गैस पर ही चलता है। अगर सिलेंडर नहीं मिलेगा तो खाना कैसे बनेगा? ऐसे में दुकान बंद करने की नौबत आ सकती है।” सरकार की सख्ती सरकार का कहना है कि गैस की कमी को लेकर शिकायतें मिलने के बाद यह कदम उठाया गया है। Essential Commodity Act लागू होने के बाद अब प्रशासन जमाखोरी करने वालों और ज्यादा कीमत पर गैस बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सकेगा। आम लोगों पर भी पड़ सकता है असर अगर कॉमर्शियल गैस की समस्या जल्दी हल नहीं हुई तो इसका असर आम लोगों पर भी पड़ सकता है। होटल-रेस्टोरेंट बंद होने से लोगों को बाहर खाने-पीने की सुविधा कम हो सकती है और खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही गैस सिलेंडर की सप्लाई सामान्य हो जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kejriwal

दिल्ली शराब घोटाला केस में नया मोड़ Kejriwal-Sisodia समेत 23 आरोपियों को High Court नोटिस

दिल्ली की चर्चित शराब नीति (Excise Policy) मामले में एक बार फिर कानूनी हलचल तेज हो गई है। Delhi High Court ने इस केस में पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal, पूर्व उपमुख्यमंत्री Manish Sisodia और अन्य आरोपियों सहित कुल 23 लोगों को नोटिस जारी किया है। अदालत ने इन सभी से जांच एजेंसी की अपील पर जवाब दाखिल करने को कहा है। यह मामला दिल्ली की राजनीति में लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है और अब एक बार फिर अदालत में इसकी सुनवाई से राजनीतिक और कानूनी बहस तेज हो गई है। कैसे फिर से अदालत पहुंचा Delhi Liquor Policy Case दरअसल, इस मामले में पहले दिल्ली की Rouse Avenue Court ने फरवरी 2026 में बड़ा फैसला सुनाया था। कोर्ट ने कहा था कि आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं, इसलिए केजरीवाल, सिसोदिया और अन्य आरोपियों को डिस्चार्ज (आरोपों से मुक्त) किया जाता है। लेकिन जांच एजेंसी Central Bureau of Investigation (CBI) इस फैसले से संतुष्ट नहीं थी। एजेंसी का मानना है कि ट्रायल कोर्ट ने सबूतों का सही तरीके से मूल्यांकन नहीं किया। इसी वजह से CBI ने इस आदेश को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की। High Court की सुनवाई में क्या हुआ CBI की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने कुछ अहम कदम उठाए: अब अदालत अगली सुनवाई में सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आगे का फैसला करेगी। क्या है पूरा Delhi Excise Policy Controversy यह विवाद दिल्ली सरकार की 2021-22 की नई शराब नीति से जुड़ा है। उस समय सरकार ने शराब की बिक्री से जुड़े नियमों में कई बदलाव किए थे। जांच एजेंसियों का आरोप है कि: इस मामले की जांच Central Bureau of Investigation के साथ-साथ Enforcement Directorate (ED) भी कर रही है। क्यों अहम है यह मामला दिल्ली की राजनीति में यह केस सिर्फ एक कानूनी विवाद नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा भी बन चुका है। पिछले कुछ सालों में इस मामले को लेकर कई बार गिरफ्तारी, पूछताछ और अदालत में सुनवाई हुई है। अब जब हाई कोर्ट ने दोबारा नोटिस जारी किया है, तो यह साफ है कि मामला अभी खत्म नहीं हुआ है और आने वाले समय में अदालत का फैसला इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IRAN युद्ध को लेकर संसद में हंगामा, लोकसभा में शोर-शराबा, जयशंकर बोले– भारतीयों को पहले ही किया था अलर्ट

IRAN युद्ध को लेकर संसद में हंगामा, लोकसभा में शोर-शराबा, जयशंकर बोले– भारतीयों को पहले ही किया था अलर्ट

IRAN में चल रहे युद्ध और उससे भारत पर पड़ने वाले असर को लेकर सोमवार को संसद में जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने इस मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा की मांग की, जबकि सरकार का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। लोकसभा में जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने ईरान युद्ध के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग उठाई। उनका कहना था कि इस संघर्ष का असर भारतीयों और देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है, इसलिए सरकार को साफ स्थिति बतानी चाहिए। इसी मांग को लेकर सदन में काफी शोर-शराबा हुआ। वहीं राज्यसभा में भी यही मुद्दा उठा। विपक्ष ने चर्चा की मांग करते हुए वॉकआउट कर दिया। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार को इस गंभीर अंतरराष्ट्रीय स्थिति पर संसद को भरोसे में लेना चाहिए। इस बीच विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि सरकार पहले से ही सतर्क है। उन्होंने बताया कि खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों को जनवरी महीने में ही संभावित खतरे को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया था। जयशंकर ने कहा कि सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और विदेशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए भी सभी जरूरी इंतजाम किए जाएंगे। गौरतलब है कि ईरान में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के कारण पूरे गल्फ क्षेत्र में चिंता का माहौल है। वहां बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं, इसलिए भारत सरकार भी इस मामले को गंभीरता से देख रही है। सरकार का कहना है कि भारतीय दूतावासों के जरिए लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मां कात्यायनी

Navratri 2026: छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा, जानें महिषासुर वध की कथा और मंत्र

नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। देवी दुर्गा का यह स्वरूप शक्ति, साहस और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में मां कात्यायनी को महिषासुर का वध करने वाली देवी के रूप में भी पूजा जाता है। मां कात्यायनी की पौराणिक कथा पौराणिक कथा के अनुसार, महर्षि कात्यायन ने देवी की कठोर आराधना की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर देवी ने उनके यहां पुत्री रूप में जन्म लिया और कात्यायनी कहलायीं। मान्यता है कि देवी ने महिषासुर का वध कर देवताओं को उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई। मां का स्वरूप और महत्त्व पूजा विधि मंत्र: ॐ देवी कात्यायन्यै नमः। भोग: मां को शहद अर्पित करने की परंपरा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

लिव-इन पार्टनर की हत्या कर दर्ज कराई गुमशुदगी, पुलिस पूछताछ में खुला राज

मध्यप्रदेश के भिंड में लिव-इन पार्टनर की हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि भिंड निवासी सत्यप्रकाश उर्फ बादशाह जाटव ने बिहार निवासी नर्सिंग ऑफिसर स्नेहलता की हत्या कर शव उत्तर प्रदेश के पचनदा में नदी में फेंक दिया। इसके बाद उसने पुलिस को गुमशुदगी का आवेदन देकर मामले को छिपाने की कोशिश की। पुलिस की पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल कर ली। फिलहाल पुलिस टीम नदी में शव की तलाश कर रही है। कॉलेज में हुई थी पहचान, लिव-इन में रहने लगे दोनों जानकारी के मुताबिक, सत्यप्रकाश पहले से शादीशुदा था और उसकी कोई संतान नहीं थी। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उसका संपर्क स्नेहलता से हुआ। बाद में दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। इस दौरान उनका एक बेटा भी हुआ। बताया जा रहा है कि सत्यप्रकाश का अपनी पत्नी से विवाद चल रहा था। इसी के चलते उसने स्नेहलता की हत्या की साजिश रची। 8 अक्टूबर को उसने अपने बेटे को पत्नी के हवाले कर दिया। कानपुर घुमाने के बहाने ले गया, रास्ते में हत्या का आरोप आरोप है कि बेटे को पत्नी को सौंपने के बाद सत्यप्रकाश स्नेहलता को कानपुर घुमाने के बहाने अपने साथ ले गया। इस दौरान एंबुलेंस चालक राजवीर खन्ना और एक अन्य साथी भी उसके साथ थे। पुलिस के मुताबिक, रास्ते में स्नेहलता की हत्या कर दी गई और शव उत्तर प्रदेश के पचनदा में नदी में फेंक दिया गया। गुमशुदगी का आवेदन देकर छिपाने की कोशिश हत्या के बाद सत्यप्रकाश ने सिटी कोतवाली पुलिस को लिखित आवेदन देकर स्नेहलता के लापता होने की सूचना दी। बताया गया है कि उसने गुमशुदगी को लेकर पर्चे भी छपवाए थे, ताकि किसी को उस पर शक न हो। हालांकि, पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और पूछताछ के दौरान सत्यप्रकाश ने हत्या की बात कबूल कर ली। अब पुलिस नदी में शव की तलाश कर रही है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और घटना से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है। पुलिस ने क्या कहा? सिटी कोतवाली थाना प्रभारी मुकेश शाक्य के मुताबिक, लापता युवती की हत्या किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस टीम शव की तलाश कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
PM Modi

PM Modi Ladakh Visit: लद्दाख की नई पीढ़ी पर फोकस, ₹3,350 करोड़ के Projects शुरू

लद्दाख में विकास को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने 15 अक्टूबर 2026 को लद्दाख में करीब ₹3,350 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लद्दाख का विकास केंद्र सरकार की प्राथमिकता है और यहां की नई पीढ़ी का भविष्य सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इन परियोजनाओं का सीधा संबंध लद्दाख की कनेक्टिविटी, बिजली, पानी, पर्यटन और स्थानीय लोगों की सुविधाओं से है। सरकार का जोर सिर्फ बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर नहीं, बल्कि युवाओं को शिक्षा, खेल और रोजगार के बेहतर अवसर देने पर भी है। लद्दाख के युवाओं के लिए क्या है सरकार का Plan? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में लद्दाख के युवाओं की क्षमता और उनके भविष्य पर जोर दिया। उनका कहना है कि क्षेत्र के युवाओं को बेहतर शिक्षा, आधुनिक तकनीक और खेलों में आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए। लद्दाख में पर्यटन के विस्तार, विंटर टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं। इससे होटल, परिवहन, स्थानीय कारोबार और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। सरकार ग्रीनहाउस खेती को भी बढ़ावा दे रही है। लद्दाख जैसे ठंडे क्षेत्र में खेती करना आसान नहीं है, इसलिए ग्रीनहाउस तकनीक किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। Leh Airport पर ₹640 करोड़ का बड़ा Investment लद्दाख में पर्यटन और हवाई यात्रा को बेहतर बनाने के लिए लेह के कुशोक बकुला रिम्पोछे एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया गया। इस परियोजना पर करीब ₹640 करोड़ खर्च किए गए हैं। लगभग 23,800 वर्ग मीटर में बने इस टर्मिनल की सालाना यात्री क्षमता 35 लाख बताई गई है। यहां आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ लद्दाख की स्थानीय संस्कृति और वास्तुकला की झलक भी देखने को मिलेगी। टर्मिनल में ऊर्जा की खपत कम करने के लिए जियोथर्मल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। बेहतर एयरपोर्ट से पर्यटकों को सुविधा मिलने के साथ लद्दाख के पर्यटन कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है। Nimmu-Padum-Darcha Road से आसान होगा सफर लद्दाख की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए 298 किलोमीटर लंबी निमू-पदुम-दरचा सड़क भी महत्वपूर्ण है। यह मार्ग लेह के निमू को हिमाचल प्रदेश के दरचा से जोड़ता है और जांस्कर घाटी से होकर गुजरता है। इस सड़क का सबसे बड़ा फायदा यह है कि लद्दाख पहुंचने के लिए एक अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध होगा। इससे स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों और सुरक्षा बलों की आवाजाही भी आसान हो सकती है। इस क्षेत्र में बेहतर सड़क संपर्क का मतलब सिर्फ कम समय में सफर पूरा करना नहीं है। इससे दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और जरूरी सामान तक पहुंच बनाने में भी मदद मिल सकती है। Power Projects से मजबूत होगी बिजली की व्यवस्था लद्दाख में बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए हाइड्रोपावर और ट्रांसमिशन से जुड़ी परियोजनाओं पर भी ध्यान दिया गया है। 9 मेगावाट क्षमता वाला हानू स्मॉल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है। वहीं, 66 केवी की दाह-हानू-खाल्त्सी ट्रांसमिशन लाइन बिजली नेटवर्क को मजबूत करने में मदद करेगी। इन परियोजनाओं से बिजली की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। इससे घरों के साथ स्थानीय कारोबार और दूसरी जरूरी सेवाओं को भी फायदा मिल सकता है। लद्दाख की ऐतिहासिक विरासत को मिलेगा संरक्षण विकास परियोजनाओं के बीच लद्दाख की प्राचीन विरासत को सुरक्षित रखने पर भी ध्यान दिया गया है। लेह के सिंधु घाट पर पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क का उद्घाटन किया गया। पेट्रोग्लिफ ऐसी प्राचीन आकृतियां होती हैं, जिन्हें चट्टानों पर उकेरा जाता है। इनमें उस दौर के लोगों के जीवन, जानवरों और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां मिल सकती हैं। ऐसी ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी है। इससे लद्दाख के इतिहास को समझने और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने में भी मदद मिल सकती है। Project Him Sarovar: 40 गांवों में बने जल निकाय लद्दाख में पानी की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती है। खासकर खेती के मौसम में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी जुटाना कई इलाकों में मुश्किल हो सकता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए Project Him Sarovar के तहत 40 गांवों में 40 जल निकाय विकसित किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य पानी को संरक्षित करना और जरूरत के समय उसका इस्तेमाल आसान बनाना है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए मदद मिल सकती है। साथ ही, जल संरक्षण की बेहतर व्यवस्था क्षेत्र की दीर्घकालिक जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी हो सकती है। Tourism और रोजगार पर भी रहेगा जोर लद्दाख अपनी प्राकृतिक सुंदरता, बौद्ध मठों, पहाड़ों और एडवेंचर गतिविधियों के लिए जाना जाता है। बेहतर एयरपोर्ट और सड़क संपर्क से यहां आने वाले पर्यटकों की यात्रा आसान हो सकती है। पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए गाइड, होटल, होमस्टे, परिवहन और स्थानीय उत्पादों से जुड़े काम के अवसर भी बढ़ सकते हैं। हालांकि, पर्यटन का विस्तार पर्यावरण और स्थानीय संस्कृति को ध्यान में रखकर करना जरूरी होगा। लद्दाख जैसे संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती है। लद्दाख के लिए क्यों अहम हैं ₹3,350 करोड़ के Projects? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित और शुरू की गई इन परियोजनाओं का महत्व केवल बड़ी रकम तक सीमित नहीं है। इनका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है। बेहतर सड़कें और एयरपोर्ट सफर को आसान बना सकते हैं। बिजली परियोजनाएं ऊर्जा व्यवस्था मजबूत कर सकती हैं, जबकि जल निकाय खेती में मदद कर सकते हैं। दूसरी ओर, शिक्षा, खेल और पर्यटन पर ध्यान देने से युवाओं के लिए नए अवसर तैयार हो सकते हैं। निष्कर्ष: लद्दाख में ₹3,350 करोड़ की विकास परियोजनाएं क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाएं देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। अब इनकी सफलता इस बात से तय होगी कि इनका लाभ स्थानीय लोगों, किसानों, कारोबारियों और युवाओं तक कितनी प्रभावी तरीके से पहुंचता है। प्रधानमंत्री का लद्दाख की नई पीढ़ी पर जोर इस बात को रेखांकित करता है कि विकास...

भोपाल न्यू मार्केट आग मामले में छोले-भटूरे दुकान संचालक पर FIR, आज से हॉकर्स की शिफ्टिंग

भोपाल। न्यू मार्केट में 8 अक्टूबर को लगी भीषण आग के मामले में पुलिस ने बालाजी छोले-भटूरे दुकान के संचालक दीप उर्फ दीपू अग्रवाल के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस की जांच में सामने आया कि दुकान में भट्टी के पास रखे कपड़े में आग लगी थी, जिसके बाद लपटें फैल गईं। हादसे में आसपास की चार अन्य दुकानों और 12 से ज्यादा रेहड़ियों को नुकसान पहुंचा था। आग से करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है। घटना के बाद नगर निगम ने न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन बनाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरुवार से हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास हाट बाजार में शिफ्ट करने की तैयारी है। निगम ने चेतावनी दी है कि तय स्थान पर नहीं जाने वाले हॉकर्स का सामान जब्त किया जा सकता है। भट्टी के पास रखे कपड़े में लगी थी आग पुलिस की जांच के मुताबिक, बालाजी छोले-भटूरे दुकान में भट्टी जल रही थी। इसके पास रखे कपड़े में आग लगने के बाद लपटें फैल गईं और आसपास की दुकानें भी इसकी चपेट में आ गईं। हादसे में आम्रपाली रेस्टोरेंट, विजय स्टोर, एक कैफे और मोबाइल दुकान को नुकसान पहुंचा था। घटना के बाद आम्रपाली रेस्टोरेंट के संचालक पवन अग्रवाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के आधार पर टीटी नगर पुलिस ने दुकान संचालक के खिलाफ लापरवाही और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। टीटी नगर थाना प्रभारी गौरव सिंह दोहर के मुताबिक, आग भट्टी के पास रखे कपड़े से शुरू हुई थी। वहीं, दुकान में अग्नि सुरक्षा के जरूरी इंतजाम मौजूद थे या नहीं, इसकी जांच नगर निगम कर रहा है। न्यू मार्केट में दमकल की पहुंच जांचने के लिए मॉकड्रिल आग की घटना के बाद नगर निगम ने न्यू मार्केट में दमकल की पहुंच और रास्तों में आने वाली बाधाओं की जांच शुरू की है। बुधवार को करीब तीन घंटे तक मॉकड्रिल की गई। इस दौरान दो दमकल वाहनों को पूरे मार्केट में घुमाया गया। जहां दमकल को रुकना पड़ा, वहां से निगम ने सामान जब्त किया। 8 अक्टूबर को आग लगने के दौरान दुकानों के सामने रखा सामान दमकल वाहनों के रास्ते में बाधा बना था। इसी को देखते हुए निगम ने बाजार में अतिक्रमण हटाने और रास्ते खाली रखने की कार्रवाई तेज की है। टीटी नगर स्टेडियम के पास शिफ्ट होंगे हॉकर्स नगर निगम ने बुधवार को पूरे दिन मुनादी कराकर हॉकर्स को गुरुवार से निर्धारित स्थान पर जाने की सूचना दी। अतिक्रमण अधिकारी शैलेंद्र सिंह भदौरिया के मुताबिक, न्यू मार्केट के नो-व्हीकल जोन में रेहड़ी लगाकर व्यवसाय करने वाले हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास स्थित हाट बाजार में विस्थापित किया जाएगा। निगम की योजना न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन बनाने की है, ताकि बाजार के रास्ते खुले रहें और आपात स्थिति में दमकल वाहनों को पहुंचने में परेशानी न हो। दुकानों के सामने पीली लाइन की दोबारा मार्किंग नगर निगम दुकानों के सामने पीली लाइन की दोबारा मार्किंग भी कर रहा है। बुधवार से यह प्रक्रिया शुरू की गई। दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि पीली लाइन से आगे सामान रखने पर जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। निगम का उद्देश्य दुकानों के सामने का रास्ता खाली रखना है, ताकि आग या किसी अन्य आपात स्थिति में बचाव कार्य प्रभावित न हो। आग वाली जगह से 100 फीट दूर भी जलती हैं भट्टियां आग लगने वाली जगह से करीब 100 फीट की दूरी पर छोले-भटूरे की दो अन्य दुकानें भी संचालित हो रही हैं। आसपास दो से तीन नमकीन की दुकानें भी हैं, जहां सुबह से रात तक भट्टियां जलती हैं। ऐसे में आग से बचाव के इंतजामों और भट्टियों के आसपास रखे सामान की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दुकानों में अग्नि सुरक्षा के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी नियमित जांच जरूरी मानी जा रही है। चौक बाजार में 22 लाख का फायर हाइड्रेंट सिस्टम भी सवालों में शहर के पुराने बाजारों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंताएं सामने आई हैं। जानकारी के मुताबिक, चौक बाजार और इब्राहिमपुरा की 10 से 12 फीट चौड़ी गलियों में आग बुझाने के लिए नगर निगम ने करीब 22 लाख रुपये की लागत से अंडरग्राउंड फायर हाइड्रेंट सिस्टम लगाया था। जुलाई 2026 में नेमा डिजाइनर स्टूडियो में आग लगने के दौरान इस सिस्टम के काम नहीं करने की बात सामने आई थी। इसके बाद सिस्टम की प्रेशर टेस्टिंग और रखरखाव को लेकर सवाल उठे। जुमेराती, इब्राहिमपुरा, नदीम रोड और घोड़ा नक्कास समेत शहर के आठ प्रमुख बाजारों में भी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच और रखरखाव की जरूरत बताई जा रही है। बैरागढ़ के फायर सेफ्टी सिस्टम के रखरखाव पर भी सवाल 17 दिसंबर 2017 को बैरागढ़ के संत हिरदाराम शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लगी थी, जिसमें 100 से ज्यादा कपड़े की दुकानें जलकर खाक हो गई थीं। घटना के बाद होज-रील पाइप, ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर और फायर वाटर पंप लगाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सिस्टम लगाने के बाद उसके रखरखाव में कमी और उपकरणों पर जंग लगने जैसी समस्याएं सामने आई हैं। मेन कॉरिडोर में अतिक्रमण और मॉकड्रिल नहीं होने की बात भी कही गई है। न्यू मार्केट की आग के बाद अब सवाल केवल अतिक्रमण हटाने का नहीं, बल्कि बाजारों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच, रखरखाव और आपातकालीन रास्ते खुले रखने का भी है।

भारत की हार पर भड़के सुनील गावस्कर, बोले- पिच नहीं, खराब गेंदबाजी जिम्मेदार

हैदराबाद। वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी-20 मुकाबले में भारतीय टीम की 24 रन से हार के बाद पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने गेंदबाजों के प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि भारत की हार की वजह पिच नहीं, बल्कि खराब गेंदबाजी थी। गावस्कर के मुताबिक, भारतीय गेंदबाजों ने कई फुलटॉस और खराब लेंथ की गेंदें डालीं, जिससे वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को बड़ा स्कोर बनाने का मौका मिला। गावस्कर ने कहा कि अगर गेंदबाज अपनी रणनीति को सही तरीके से लागू नहीं कर पाते, तो इसके लिए पिच को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी माना कि गेंदबाजी में तय योजनाओं को सही तरीके से लागू नहीं कर पाना टीम पर भारी पड़ा। गावस्कर बोले- फुलटॉस डालकर पिच को दोष नहीं दे सकते गावस्कर ने जियोहॉटस्टार पर कहा कि भारतीय गेंदबाजों की कमियों के कारण वेस्टइंडीज बड़ा स्कोर बनाने में सफल रहा। उन्होंने कहा कि अक्सर पिच को लेकर शिकायत की जाती है और कहा जाता है कि वह गेंदबाजों की मदद नहीं कर रही, लेकिन फुलटॉस डालने पर पिच को दोष देना सही नहीं है। उन्होंने गेंदबाजों को सलाह दी कि परिस्थितियों का फायदा उठाने के लिए सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करना जरूरी है। फुलटॉस और बल्लेबाजों के लिए अनुकूल लेंथ पर गेंद डालने से उन्हें आसानी से रन बनाने का मौका मिलता है। गावस्कर के मुताबिक, वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने बाद में सही लेंथ और यॉर्कर का इस्तेमाल किया, जिससे भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाया जा सका। दोबारा बिछाई गई पिच पर गेंद रुककर आने की शिकायत हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम की दोबारा बिछाई गई पिच से गेंदबाजों को कुछ मदद मिलने की बात सामने आई। खिलाड़ियों ने बताया कि कुछ मौकों पर गेंद पिच पर रुककर आई और उछाल में भी बदलाव देखने को मिला। हालांकि, गावस्कर का मानना था कि गेंदबाजों को इन परिस्थितियों का बेहतर इस्तेमाल करना चाहिए था। उनके अनुसार, पिच से मिलने वाली संभावित मदद तभी उपयोगी साबित होती है, जब गेंदबाज सही जगह गेंद डालें। इससे पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर भी ऐसी पिचों की जरूरत पर जोर दे चुके हैं, जिन पर बल्लेबाज और गेंद के बीच बेहतर मुकाबला देखने को मिले। शमार जोसेफ की गेंदबाजी पर भी उठाए सवाल गावस्कर ने वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शमार जोसेफ की गेंदबाजी के तरीके पर भी सवाल उठाए। मैच के दौरान जोसेफ की एक बाउंसर भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के कंधे पर लगी। इसके बाद अर्शदीप विकेट छोड़कर बल्लेबाजी करने लगे, लेकिन जोसेफ ने उनके खिलाफ बॉडीलाइन पर गेंदबाजी जारी रखी और एक और बाउंसर डाल दी। इस पर कमेंट्री के दौरान गावस्कर ने कहा कि जोसेफ स्टंप्स पर गेंदबाजी करने के बजाय अर्शदीप को निशाना बना रहे थे, जबकि उस समय स्टंप्स असुरक्षित थे। दूसरी बार चोटिल होने से बाल-बाल बचने के बाद अर्शदीप आगे बल्लेबाजी जारी नहीं रख सके और 5 रन पर रिटायर हर्ट हो गए। 24 रन से हारा भारत बुधवार को हैदराबाद में खेले गए चौथे टी-20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारत को 24 रन से हराया। मैच के बाद भारतीय गेंदबाजी की रणनीति और पिच की भूमिका पर चर्चा तेज हो गई है। गावस्कर की टिप्पणी ने साफ कर दिया कि उनके मुताबिक, हार के लिए परिस्थितियों से ज्यादा गेंदबाजों का प्रदर्शन जिम्मेदार था।

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