आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGBreaking NewsMallikarjun Kharge Shuddhikaran Row: मंच ‘शुद्ध’ कराने पर बवाल, Rahul Gandhi ने BJP-RSS को घेराBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़H-1B Rules में बड़ा बदलाव: Trump हटाएंगे 60 Days Grace Period? Indian IT Professionals पर असरBREAKINGदेश-हरपलPM Modi in Uzbekistan: SCO Summit से पहले पीएम मोदी का बड़ा बयानBREAKINGबिज़नेसEMI नहीं चुकाई तो क्या होगा? RBI Loan Recovery Rules में बदलाव, जानिए Bank क्या नहीं कर सकताBREAKINGबिज़नेसDelhi CNG Price: CNG के दाम में ₹3.89 की बढ़ोतरी, अब ₹86.98 प्रति किलो मिलेगा गैसBREAKINGदेश-हरपलMonsoon Alert: UP के 47 जिलों में बारिश का अलर्ट, Odisha में 67 हजार लोग Flood से प्रभावितBREAKINGस्पोर्ट्सT20 Captaincy से हटाए जाने पर Suryakumar Yadav ने तोड़ी चुप्पी, बोले- लगा था Olympics तक रहूंगा CaptainBREAKINGदेश-हरपलNepal Disaster: भूस्खलन से बनी झीलों ने बढ़ाई चिंता, 2500 Missing में 320 भारतीय शामिलBREAKINGBreaking NewsMallikarjun Kharge Shuddhikaran Row: मंच ‘शुद्ध’ कराने पर बवाल, Rahul Gandhi ने BJP-RSS को घेराBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़H-1B Rules में बड़ा बदलाव: Trump हटाएंगे 60 Days Grace Period? Indian IT Professionals पर असरBREAKINGदेश-हरपलPM Modi in Uzbekistan: SCO Summit से पहले पीएम मोदी का बड़ा बयानBREAKINGबिज़नेसEMI नहीं चुकाई तो क्या होगा? RBI Loan Recovery Rules में बदलाव, जानिए Bank क्या नहीं कर सकताBREAKINGबिज़नेसDelhi CNG Price: CNG के दाम में ₹3.89 की बढ़ोतरी, अब ₹86.98 प्रति किलो मिलेगा गैसBREAKINGदेश-हरपलMonsoon Alert: UP के 47 जिलों में बारिश का अलर्ट, Odisha में 67 हजार लोग Flood से प्रभावितBREAKINGस्पोर्ट्सT20 Captaincy से हटाए जाने पर Suryakumar Yadav ने तोड़ी चुप्पी, बोले- लगा था Olympics तक रहूंगा CaptainBREAKINGदेश-हरपलNepal Disaster: भूस्खलन से बनी झीलों ने बढ़ाई चिंता, 2500 Missing में 320 भारतीय शामिल

Latest Posts

PM Modi

PM Modi, Priyanka Gandhi और नेताओं की संसद बाद की Tea Party का संवाद

संसद के Winter Session 2025 के समापन के बाद संसद परिसर में एक अनौपचारिक Tea Party का आयोजन किया गया। यह बैठक न केवल नेताओं के बीच हल्के-फुल्के संवाद का अवसर थी, बल्कि राजनीतिक सौहार्द और सहयोग की भावना को भी बढ़ावा देती है। सांसदों का Human Touch इस Tea Party में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इसके अलावा राजनाथ सिंह, सुप्रिया सुले और धर्मेंद्र यादव जैसे नेता भी उपस्थित थे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी दलों के नेताओं को इस बैठक में आमंत्रित किया, ताकि सत्र के बाद बातचीत का सौहार्दपूर्ण माहौल बना रहे। विशेष रूप से इस बार की Tea Party में केवल सत्ताधारी दल ही नहीं, बल्कि मुख्य विपक्षी दलों के नेता भी शामिल थे। इससे यह संदेश गया कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सहयोग और समझ की गुंजाइश बनी रहती है। Political Dialogue और लोकतंत्र संसद सत्र के बाद की इस तरह की अनौपचारिक बैठकें लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ये न केवल कामकाज और विधायी मामलों पर चर्चा का अवसर देती हैं, बल्कि नेताओं के बीच सीधे संवाद और भरोसे का Human Touch भी बनाए रखती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रम राजनीतिक माहौल को शांत और सौहार्दपूर्ण बनाने में मदद करते हैं। जब सत्ता और विपक्ष के नेता एक-दूसरे के साथ अनौपचारिक तरीके से संवाद करते हैं, तो यह लोकतंत्र को मजबूती देने वाला संकेत माना जाता है। सोशल और राजनीतिक संदेश इस Tea Party ने यह भी दिखाया कि राजनीति सिर्फ़ बहस या मतभेद तक सीमित नहीं है। इसके पीछे सहयोग, समझ और संबंध बनाने की कला भी छिपी होती है। संसद में अनौपचारिक रूप से मिलने-जुलने से नेताओं के बीच भरोसा और मित्रता की भावना मजबूत होती है, जो भविष्य में राजनीतिक निर्णयों और संसद कार्यवाही में सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Bangladesh

Bangladesh India Tension बांग्लादेश में बढ़ती कट्टरता और Anti-India माहौल India की Security पर बढ़ रहा है खतरा

दक्षिण एशिया की राजनीति एक बार फिर अस्थिर दौर से गुजर रही है। इस बार केंद्र में है Bangladesh, जो अब तक भारत का भरोसेमंद पड़ोसी माना जाता रहा है। लेकिन हालिया घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या Bangladesh में बढ़ता Extremism और Anti-India Sentiment भारत की सुरक्षा के लिए नया खतरा बन सकता है? बांग्लादेश में क्या हो रहा है? पिछले कुछ दिनों में बांग्लादेश (Bangladesh) के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन देखने को मिले हैं। एक कट्टरपंथी नेता की मौत के बाद सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने न केवल सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया, बल्कि भारत के खिलाफ नारेबाज़ी भी की। कुछ जगहों पर भारतीय प्रतिष्ठानों और अवामी लीग के कार्यालयों को निशाना बनाया गया। यह केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहराती कट्टर सोच और राजनीतिक अस्थिरता की झलक भी दिखाई देती है। भारत-विरोधी माहौल क्यों बन रहा है? प्रदर्शनों के दौरान यह प्रचार किया गया कि इन घटनाओं के पीछे भारत की भूमिका है। भले ही इन आरोपों का कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया हो, लेकिन इस तरह की बातें आम लोगों के बीच भारत के प्रति अविश्वास को बढ़ा रही हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि चुनाव से पहले का माहौल, राजनीतिक ध्रुवीकरण और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहें इस नफरत को हवा दे रही हैं। India की Security क्यों चिंतित है? भारत और बांग्लादेश के बीच लंबी और संवेदनशील सीमा है। अगर बांग्लादेश में हालात बिगड़ते हैं, तो इसके असर भारत के पूर्वोत्तर राज्यों पर पड़ सकते हैं।संभावित खतरे: इन्हीं आशंकाओं को देखते हुए भारत ने ढाका में स्थित Indian Visa Application Centre को अस्थायी रूप से बंद कर दिया और बांग्लादेश सरकार से अपने मिशनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा। Pakistan Angle: सच्चाई या आशंका? कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और सुरक्षा विश्लेषणों में यह भी चर्चा है कि बांग्लादेश के कुछ कट्टरपंथी गुट पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठनों से प्रेरणा ले सकते हैं। हालांकि अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी, भारत के लिए यह एक चेतावनी है, क्योंकि अतीत में ऐसे संकेतों को नज़रअंदाज़ करना भारी पड़ चुका है। Election Pressure और Political Instability Bangladesh में आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल काफी गर्म है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव, सड़कों पर प्रदर्शन और कट्टर नारों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। इतिहास गवाह है कि चुनावी अस्थिरता के दौर में उग्रवादी ताकतें सक्रिय हो जाती हैं। यही कारण है कि भारत इस पूरे घटनाक्रम पर करीबी नज़र बनाए हुए है। India–Bangladesh Relations पर असर भारत और Bangladesh के रिश्ते सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं हैं। व्यापार, ट्रांजिट, सुरक्षा सहयोग और सांस्कृतिक रिश्ते भी इससे जुड़े हैं। मौजूदा तनाव अगर लंबा चला, तो इन सभी क्षेत्रों पर असर पड़ सकता है। हालांकि दोनों देशों की सरकारें अभी भी संवाद के रास्ते खुले रखने की कोशिश कर रही हैं। क्या बांग्लादेश “नया Pakistan” बन रहा है? इस सवाल का जवाब फिलहाल नहीं है। बांग्लादेश की स्थिति पाकिस्तान जैसी नहीं है, लेकिन जो संकेत सामने आ रहे हैं, वे भारत के लिए अलर्ट बेल ज़रूर हैं। कट्टरपंथ का बढ़ना, भारत-विरोधी सोच और राजनीतिक अस्थिरता—अगर इन पर समय रहते नियंत्रण नहीं पाया गया, तो भविष्य में हालात गंभीर हो सकते हैं। Bangladesh आज एक अहम मोड़ पर खड़ा है। यह तय होना अभी बाकी है कि वह स्थिरता और विकास का रास्ता चुनेगा या फिर कट्टरपंथ और अराजकता की ओर बढ़ेगा।भारत के लिए यह समय सतर्क रहने का है—न घबराने का, न लापरवाह होने का। आने वाले महीनों में बांग्लादेश की दिशा न केवल उसकी अपनी किस्मत तय करेगी, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया की शांति और सुरक्षा को भी प्रभावित करेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Javed Akhtar का नीतीश सरकार पर हमला, बोले– बिना शर्त माफी मांगें

Javed Akhtar का नीतीश सरकार पर हमला, बोले– बिना शर्त माफी मांगें

प्रसिद्ध गीतकार और लेखक Javed Akhtar ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि हिजाब से जुड़े फैसले को लेकर मुख्यमंत्री को बिना किसी शर्त के माफी मांगनी चाहिए। जावेद अख्तर का कहना है कि इस तरह के फैसले समाज में गलत संदेश देते हैं और अल्पसंख्यकों की भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं। वहीं दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नीतीश सरकार के फैसले का खुलकर समर्थन किया है। गिरिराज सिंह ने कहा कि हिजाब हटाने का फैसला बिल्कुल सही है, क्योंकि भारत कोई इस्लामिक देश नहीं है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर किसी को नौकरी चाहिए, तो उसे चेहरा दिखाना ही होगा। गिरिराज सिंह का कहना है कि सरकारी और निजी नौकरियों में नियम सभी के लिए समान होते हैं और किसी भी धर्म के आधार पर विशेष छूट नहीं दी जा सकती। उन्होंने यह भी कहा कि देश में संविधान सर्वोपरि है और उसी के अनुसार फैसले लिए जाते हैं। इस पूरे विवाद को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। एक तरफ जहां जावेद अख्तर इस फैसले को गलत बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ गिरिराज सिंह इसे राष्ट्रहित और संविधान के अनुरूप बता रहे हैं। हिजाब को लेकर शुरू हुई यह बहस अब सामाजिक और राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
जी राम जी

VB-जी राम जी Bill 2025 भारत में पारित मनरेगा का भविष्य और सांसदों का हंगामा

आज संसद में VB‑जी राम जी 2025 पारित हो गया, जो ग्रामीण रोजगार की पुरानी योजना मनरेगा (MGNREGA) का नया रूप है। सरकार का दावा है कि यह बिल ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसरों को आधुनिक और ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए लाया गया है। हालांकि, बिल के पारित होते ही लोकसभा में विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। कई सांसदों ने विरोध के रूप में बिल की प्रतियां फाड़ दीं, नारे लगाए और पारित प्रक्रिया पर सवाल उठाए। विपक्ष का कहना है कि इस बिल को संसदीय समिति में भेजकर विस्तार से चर्चा करनी चाहिए थी, न कि इसे जल्दबाजी में पारित किया जाए। विपक्ष की नाराजगी के मुख्य कारण: सरकार का पक्ष: सरकार का कहना है कि यह बिल ग्रामीण रोजगार योजनाओं को नवीन और अधिक व्यापक बनाने का प्रयास है। रिपोर्ट्स के अनुसार, नए बिल के लागू होने पर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के गारंटीकृत दिनों में वृद्धि हो सकती है। इस बीच, राज्यसभा में भी इस बिल को लेकर हंगामा और चर्चा की संभावना बनी हुई है। विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि वे बिल के खिलाफ सशक्त विरोध जारी रखेंगे। इस बिल का असर सीधे ग्रामीण रोजगार और रोज़गार सुरक्षा पर होगा, इसलिए जनता और स्थानीय प्रतिनिधियों की नजर इस बिल पर बनी रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Shehbaz Sharif

Pakistan PM Shehbaz Sharif का बयान Delhi से Mumbai तक India हार नहीं भूलेगा

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ (Shehbaz Sharif) ने हाल ही में दिए गए बयान में कहा कि “दिल्ली से मुंबई तक भारत इस हार को कभी नहीं भूल पाएगा।” यह बयान मई 2025 के भारत‑पाकिस्तान संघर्ष (India-Pakistan Conflict 2025) के संदर्भ में आया है, जिसमें दोनों देशों के बीच सीमाओं पर तनावपूर्ण हालात देखने को मिले थे। शहबाज़ शरीफ ने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना ने Operation Sindoor में भारत को “अविस्मरणीय सबक” दिया। उन्होंने कहा कि देश की जनता और सेना ने मिलकर इस उपलब्धि को हासिल किया। इसके अलावा, उन्होंने देश में Danish Schools खोलने और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार करने की योजना का भी ऐलान किया। पृष्ठभूमि: India-Pak Conflict 2025 मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष (Military Skirmish) हुआ। भारत ने आतंकवाद के आरोपों के बाद सीमावर्ती इलाकों में कार्रवाई की। पाकिस्तान ने बताया कि उसके पास मिसाइलों के जवाब के लिए सिर्फ 30-45 सेकंड का समय था। यह संघर्ष लगभग 87 घंटे तक चला और अमेरिका के मध्यस्थता प्रयासों से 10 मई को ceasefire लागू हुआ। दोनों देशों ने अपनी-अपनी सफलता का दावा किया। भारतीय अधिकारीयों ने कहा कि पाकिस्तान का दावा कि उसके वायु सेना ने कई भारतीय विमानों को मार गिराया, वास्तविकता से मेल नहीं खाता। Pakistan PM के बयान पर reactions शहबाज़ शरीफ का यह बयान क्षेत्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के कड़े शब्द diplomatic efforts को प्रभावित कर सकते हैं और तनाव को बढ़ावा दे सकते हैं। भारत की तरफ से भी इस पर प्रतिक्रिया आई है, जिसमें पाक द्वारा किए गए दावों को खारिज किया गया। पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपना airspace बंद करने का निर्णय 24 जनवरी तक बढ़ा दिया, जिससे दोनों देशों के बीच मौजूदा तनाव का संकेत मिलता है। शहबाज़ शरीफ का बयान न केवल सैन्य और राजनीतिक दृष्टिकोण दर्शाता है, बल्कि यह India-Pakistan संबंधों में बढ़ते तनाव की ओर भी इशारा करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के बयान क्षेत्रीय स्थिरता और कूटनीतिक प्रयासों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Air India

Air India Express Emergency Landing जेद्दा से आ रही फ्लाइट की कोच्चि में सुरक्षित लैंडिंग

जेद्दा से केरल के कोझिकोड जा रही Air India Express Flight को उस समय बीच रास्ते में ही अपना रूट बदलना पड़ा, जब उड़ान के दौरान विमान में तकनीकी खराबी का संकेत मिला। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पायलट ने विमान को कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Cochin International Airport) पर Emergency Landing के लिए उतारा। राहत की बात यह रही कि विमान सुरक्षित रूप से रनवे पर उतर गया और सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। क्या है पूरा मामला? (Air India Express News) Air India एक्सप्रेस की यह फ्लाइट IX 398 जेद्दा (सऊदी अरब) से कोझिकोड के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में लैंडिंग गियर से जुड़ी तकनीकी चेतावनी मिली। इसके बाद पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के बीच तत्काल संपर्क हुआ और एहतियातन कोच्चि में विमान उतारने का फैसला लिया गया। सुबह 9:07 बजे हुई सुरक्षित लैंडिंग जानकारी के अनुसार विमान ने सुबह करीब 9:07 बजे कोच्चि एयरपोर्ट पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग की। लैंडिंग से पहले ही एयरपोर्ट प्रशासन ने फायर ब्रिगेड, मेडिकल टीम और सुरक्षा बलों को रनवे के पास तैनात कर दिया था, ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके। लैंडिंग के बाद सामने आई असली वजह विमान के रनवे पर रुकते ही तकनीकी टीम ने जांच शुरू की। शुरुआती जांच में सामने आया कि विमान के दाईं ओर के टायर फट चुके थे (Burst Tyres)। माना जा रहा है कि इसी वजह से पायलट को इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लेना पड़ा। 160 यात्रियों की जान बची, कोई घायल नहीं इस फ्लाइट में करीब 160 यात्री और क्रू मेंबर सवार थे। एयरलाइन और एयरपोर्ट अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी को भी कोई चोट नहीं आई। यात्रियों को विमान से सुरक्षित बाहर निकाला गया और आगे की व्यवस्था के लिए सहायता दी गई। यात्रियों ने ली राहत की सांस विमान से उतरने के बाद कई यात्रियों के चेहरे पर डर साफ नजर आ रहा था, लेकिन सुरक्षित लैंडिंग के बाद सभी ने राहत की सांस ली। कुछ यात्रियों ने बताया कि उन्हें हल्का झटका महसूस हुआ, लेकिन पायलट और क्रू ने पूरे समय हालात पर नियंत्रण बनाए रखा। रनवे ऑपरेशन पर पड़ा असर इमरजेंसी लैंडिंग के बाद कुछ समय तक रनवे की जांच की गई, जिससे अन्य उड़ानों पर थोड़ा असर पड़ा। हालांकि सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद एयरपोर्ट का संचालन सामान्य कर दिया गया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
West Bengal

West Bengal Elections ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर विवाद, हिंदी बनाम सियासत की नई बहस

पश्चिम बंगाल (West Bengal) में विधानसभा चुनाव से पहले जारी हुई ड्राफ्ट मतदाता सूची (SIR – Special Intensive Revision) ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। करीब 58 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने के बाद यह मुद्दा अब सिर्फ चुनाव आयोग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि TMC और BJP के बीच सीधी राजनीतिक लड़ाई का रूप ले चुका है। हिंदी-भाषी क्षेत्रों में सबसे ज्यादा असर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के आंकड़ों पर नजर डालें तो साफ दिखता है कि हिंदी-भाषी आबादी वाले विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं के नाम सबसे ज्यादा कटे हैं। कई शहरी और औद्योगिक सीटों पर यह कटौती 15 से 30 प्रतिशत तक बताई जा रही है। इन्हीं इलाकों में बड़ी संख्या में मजदूर, प्रवासी और मध्यम वर्ग के मतदाता रहते हैं। बीजेपी का आरोप है कि इस प्रक्रिया से उन इलाकों के मतदाता ज्यादा प्रभावित हुए हैं, जहाँ पार्टी की पकड़ मानी जाती है। पार्टी इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था से छेड़छाड़ करार दे रही है। मुस्लिम-बहुल सीटों पर कम कटौती, सवाल खड़े वहीं दूसरी ओर, मुस्लिम-बहुल विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता नामों की कटौती अपेक्षाकृत कम देखने को मिली है। इसी आधार पर विपक्ष सवाल उठा रहा है कि एक ही राज्य में अलग-अलग क्षेत्रों में संशोधन का असर इतना अलग क्यों है। यह मुद्दा अब सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक भरोसे और निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े कर रहा है। ममता बनर्जी की सीट भवानीपुर भी विवाद में इस पूरे विवाद में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की विधानसभा सीट भवानीपुर का नाम सामने आना TMC के लिए भी झटका माना जा रहा है। यहां करीब 45 हजार मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए, जो कुल मतदाताओं का लगभग 22 प्रतिशत है। हालात को देखते हुए TMC ने अपने कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर वोटर वेरिफिकेशन करने के निर्देश दिए हैं, ताकि वास्तविक मतदाताओं के नाम अंतिम सूची में वापस जुड़ सकें। TMC का पक्ष: नियमों के तहत हुई कार्रवाई तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार की गई प्रशासनिक कवायद है। पार्टी के मुताबिक हटाए गए नामों में शामिल हैं: TMC का आरोप है कि बीजेपी इस तकनीकी प्रक्रिया को राजनीतिक और सामुदायिक रंग देने की कोशिश कर रही है। BJP का पलटवार: लोकतंत्र से खिलवाड़ बीजेपी ने चुनाव आयोग से पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा है कि अगर मतदाता सूची में सुधार निष्पक्ष नहीं हुआ, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक साबित होगा। पार्टी ने संकेत दिए हैं कि वह इस मुद्दे को चुनावी मंच तक ले जा सकती है। अभी अंतिम नहीं है वोटर लिस्ट चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जारी की गई सूची केवल ड्राफ्ट है। मतदाताओं को 45 दिनों तक दावा और आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया गया है। सभी आपत्तियों के निपटारे के बाद अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी। पश्चिम बंगाल में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट अब एक साधारण प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं रह गई है। हिंदी-भाषी इलाकों में ज्यादा नाम कटने, मुस्लिम-बहुल सीटों पर कम असर और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप ने इसे एक बड़ा चुनावी मुद्दा बना दिया है। आने वाले हफ्तों में यह विवाद और तेज होने की संभावना है, क्योंकि अंतिम सूची से ही यह तय होगा कि किसे राहत मिली और किसकी चिंता बढ़ी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
नीतीश कुमार

हिजाब Row में नीतीश कुमार के खिलाफ उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती का हमला

पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें वह एक महिला डॉक्टर के सिर से हिजाब/बुरका हटाते दिखाई दे रहे हैं। यह घटना देखते ही देखते राजनीतिक और सामाजिक सुर्खियों में आ गई। उमर अब्दुल्ला की प्रतिक्रिया जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नीतीश कुमार की इस हरकत की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि किसी महिला के पहनावे में हस्तक्षेप करना अस्वीकार्य है और यह एक वरिष्ठ नेता के लिए शर्मनाक उदाहरण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में व्यक्तिगत और धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान होना चाहिए। महबूबा मुफ्ती का तीखा हमला पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी इस घटना को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने इसे “चौंकाने वाला” बताते हुए कहा कि यह मुस्लिम महिलाओं के सार्वजनिक अपमान जैसा है। मुफ्ती ने सवाल उठाया कि क्या यह उम्र का असर है या फिर ऐसे व्यवहार अब सामान्य माने जाने लगे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि नीतीश कुमार को अपने पद पर बने रहने पर विचार करना चाहिए। राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएँ कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों से भी इस घटना की कड़ी निंदा की गई है। कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने इसे महिला की गरिमा, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन बताया। कुछ नेताओं ने बिहार के मुख्यमंत्री से सार्वजनिक माफी की भी मांग की। हिजाब विवाद का महत्व यह विवाद केवल एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं रहा। यह महिलाओं के अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता और सत्ता में बैठे नेताओं के आचरण पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। आने वाले दिनों में इस मामले पर और राजनीतिक बयानबाजी होने की संभावना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Indian Railways

Indian Railways अब 10 घंटे पहले बनेगा Reservation Chart वेटिंग यात्रियों की टेंशन खत्म

भारतीय रेलवे (Indian Railways) से यात्रा करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर है। रेलवे ने रिजर्वेशन चार्ट तैयार करने के समय में बड़ा बदलाव किया है। इस नए नियम के तहत अब यात्रियों को अपने टिकट का स्टेटस — कन्फर्म, RAC या वेटिंग — पहले से कहीं ज्यादा जल्दी पता चल सकेगा। यह बदलाव खासतौर पर उन यात्रियों के लिए फायदेमंद है, जो वेटिंग टिकट के साथ आखिरी समय तक असमंजस में रहते थे। पहले क्या था रेलवे का नियम? अब तक Indian Railways में रिजर्वेशन चार्ट ट्रेन के प्रस्थान से लगभग 4 घंटे पहले बनाया जाता था। इसका मतलब यह था कि कई यात्रियों को स्टेशन पहुंचने के बाद या यात्रा से ठीक पहले ही यह पता चलता था कि उनका टिकट कन्फर्म हुआ है या नहीं। इससे न सिर्फ मानसिक तनाव बढ़ता था, बल्कि वैकल्पिक यात्रा की योजना बनाना भी मुश्किल हो जाता था। Railway Reservation Chart New Rule क्या है? रेलवे बोर्ड ने इस समस्या को समझते हुए नियमों में बदलाव किया है। अब पहला रिजर्वेशन चार्ट ट्रेन के चलने से लगभग 10 घंटे पहले तैयार किया जाएगा। इससे यात्रियों को पर्याप्त समय मिलेगा और वे अपनी यात्रा को बेहतर तरीके से प्लान कर सकेंगे। नए चार्ट टाइमिंग का पूरा शेड्यूल Indian Railways ने ट्रेनों के प्रस्थान समय के अनुसार चार्ट बनाने का नया सिस्टम लागू किया है: यात्रियों को क्या मिलेगा सीधा फायदा? इस बदलाव से आम यात्रियों को कई तरह की राहत मिलेगी: रेलवे ने यह फैसला क्यों लिया? रेलवे अधिकारियों के अनुसार, लंबे समय से यात्रियों की ओर से यह मांग की जा रही थी कि टिकट स्टेटस की जानकारी पहले दी जाए। बड़ी संख्या में लोग वेटिंग टिकट के कारण असमंजस में रहते थे। यात्रियों की सुविधा और यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए यह फैसला लिया गया है। Indian Railways Reservation Chart Timing में यह बदलाव यात्रियों के लिए एक व्यावहारिक और ज़मीनी सुधार है। अब सफर से पहले अनिश्चितता कम होगी और लोग ज्यादा आत्मविश्वास के साथ यात्रा की तैयारी कर सकेंगे। यह कदम रेलवे को और ज्यादा यात्री-हितैषी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Delhi

Delhi Workers को Anti Pollution Measures में मिली ₹10,000 की राहत

राजधानी दिल्ली (Delhi) में हवा की गुणवत्ता में लगातार गिरावट के कारण सरकार ने सख्त Anti-Pollution Measures लागू किए हैं। इसके तहत GRAP Stage III और IV के नियमों के तहत निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है। इसका उद्देश्य वायु में धूल और प्रदूषक तत्वों को कम करना है, लेकिन इसका सीधा असर दैनिक वेतन पर काम करने वाले श्रमिकों पर पड़ा है। Construction Workers के लिए ₹10,000 की Financial Relief Delhi सरकार ने प्रभावित निर्माण श्रमिकों के लिए एक बार की 10,000 रुपये की मदद देने का फैसला किया है। यह राशि उन मजदूरों के लिए है, जिनकी कमाई GRAP के तहत निर्माण कार्य बंद होने के कारण प्रभावित हुई। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यह राहत पैकेज श्रमिकों की तात्कालिक आर्थिक मदद के लिए है। वहीं, श्रमिक संघों का कहना है कि राशि बढ़ाई जानी चाहिए और कई मजदूरों का पंजीकरण न होने के कारण वे इसका लाभ नहीं उठा पाएंगे। प्रदूषण नियंत्रण के अन्य कदम Delhi में वायु गुणवत्ता का स्तर Hazardous (AQI 400+) तक पहुंच गया है। स्वास्थ्य सुरक्षा को देखते हुए सरकार ने कई कदम उठाए हैं: इन कदमों का उद्देश्य हवा की गुणवत्ता में सुधार लाना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। Daily Wage Workers की मुश्किलें निर्माण कार्यों पर रोक के कारण कई Daily Wage Workers का रोजगार प्रभावित हुआ है। एक मजदूर ने कहा, “हमारे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है, घर चलाने के लिए रोज़ाना की कमाई जरूरी है।” यह राहत पैकेज थोड़ी मदद जरूर देगा, लेकिन लंबी अवधि में आर्थिक चुनौतियाँ बरकरार रहेंगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
1 139 140 141 142 143 216

Editor's Picks

Rahul Gandhi

Mallikarjun Kharge Shuddhikaran Row: मंच ‘शुद्ध’ कराने पर बवाल, Rahul Gandhi ने BJP-RSS को घेरा

 उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष Rahul Gandhi मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर मंच के ‘शुद्धिकरण’ को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर Rahul Gandhi ने BJP और RSS पर जातिगत भेदभाव तथा ‘मनुवादी सोच’ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। वहीं, BJP ने आरोपों से दूरी बनाते हुए मामले की जांच कराने की बात कही है। क्या है Haldwani Shuddhikaran विवाद? मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली को संबोधित किया था। रैली के कुछ दिन बाद कथित तौर पर कुछ लोगों ने मैदान में पूजा-पाठ और हवन कर ‘शुद्धिकरण’ किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई खड़गे के दलित समुदाय से होने के कारण की गई। पार्टी ने इसे छुआछूत और जातिगत भेदभाव की मानसिकता का उदाहरण बताया है। हालांकि, BJP की ओर से कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया गया है। BJP नेताओं का कहना है कि रैली के दौरान लगाए गए कुछ नारों से धार्मिक भावनाएं आहत हुई थीं और इसी वजह से धार्मिक अनुष्ठान किया गया था। BJP ने इस कार्रवाई को खड़गे की जाति से जोड़ने पर भी सवाल उठाए हैं। Mallikarjun Kharge ने राज्यसभा में उठाया मुद्दा मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मामले को राज्यसभा में भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाषण के बाद उस मंच का ‘शुद्धिकरण’ किया गया, जिससे उन्हें बेहद अपमानित महसूस हुआ। खड़गे ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी व्यक्ति को उसकी जाति के आधार पर अपवित्र मानना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ Untouchability Act के तहत कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की। खड़गे का कहना है कि ऐसी घटनाएं केवल किसी एक व्यक्ति का अपमान नहीं हैं, बल्कि देश में सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों पर भी सवाल खड़े करती हैं। Rahul Gandhi का BJP-RSS पर हमला हल्द्वानी के इस विवाद पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कथित ‘शुद्धिकरण’ को दलितों के अपमान से जोड़ते हुए BJP और RSS पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस तरह की सोच BJP-RSS की कथित ‘मनुवादी मानसिकता’ को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और छुआछूत तथा जातिगत भेदभाव के लिए आधुनिक भारत में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस ने इस मुद्दे को सामाजिक न्याय और दलित सम्मान से जोड़ते हुए सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। क्या Rahul Gandhi ने SC/ST Act के तहत FIR की मांग की? इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार SC/ST Act के तहत FIR दर्ज कराने की स्पष्ट मांग राहुल गांधी की ओर से नहीं बताई गई है। रिपोर्टों में मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा Untouchability Act के तहत मामला दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग का उल्लेख है। वहीं, राहुल गांधी ने घटना को दलितों के अपमान, जातिगत भेदभाव और कथित मनुवादी सोच से जोड़कर BJP-RSS पर राजनीतिक हमला किया। इसलिए खबर को पेश करते समय राहुल गांधी के बयान और खड़गे की कानूनी कार्रवाई की मांग को अलग-अलग रखना जरूरी है। BJP ने क्या कहा? BJP ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है। पार्टी की ओर से कहा गया कि वह किसी भी तरह के भेदभावपूर्ण व्यवहार का समर्थन नहीं करती। केंद्रीय मंत्री और BJP के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने मामले की जांच का आश्वासन दिया। BJP नेताओं का कहना है कि घटना के पीछे धार्मिक कारण हो सकते हैं और इसे खड़गे की जाति से जोड़ना उचित नहीं है। अब इस मामले में जांच के परिणाम महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि इसी से यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित ‘शुद्धिकरण’ किसने कराया और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था। कांग्रेस ने राज्यपाल से भी की शिकायत मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने उत्तराखंड के राज्यपाल से मुलाकात कर कथित ‘शुद्धिकरण’ की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है। कांग्रेस का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की जाति के आधार पर किसी सार्वजनिक स्थान या मंच को ‘अपवित्र’ माना गया है, तो यह गंभीर सामाजिक और संवैधानिक मुद्दा है। Haldwani Row बना Political मुद्दा हल्द्वानी का ‘शुद्धिकरण’ विवाद अब स्थानीय घटना से आगे बढ़कर राष्ट्रीय राजनीति का मुद्दा बन गया है। कांग्रेस इसे Dalit dignity, social equality और constitutional values से जोड़ रही है, जबकि BJP कांग्रेस पर घटना को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगा रही है। फिलहाल दोनों पक्षों के दावों के बीच इस मामले में जांच और संभावित कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजर है। विवाद के आगे बढ़ने के साथ Rahul Gandhi, Mallikarjun Kharge, Haldwani Shuddhikaran Row, FIR और SC/ST Act जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में बने हुए हैं।
H-1B

H-1B Rules में बड़ा बदलाव: Trump हटाएंगे 60 Days Grace Period? Indian IT Professionals पर असर

अमेरिका में काम करने वाले भारतीय H-1B visa holders के लिए Donald Trump administration की immigration policies लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। अब H-1B के तहत मिलने वाली 60 Days Grace Period को खत्म करने की तैयारी की खबरों ने भारतीय IT professionals के बीच नई चिंता पैदा कर दी है। अगर यह प्रस्ताव अंतिम रूप से लागू होता है, तो नौकरी जाने के बाद H-1B workers को अमेरिका में नई नौकरी तलाशने के लिए मिलने वाली मौजूदा 60 दिनों की राहत खत्म हो सकती है। इसके साथ ही H-1B visa से जुड़ी बढ़ी हुई लागत और दूसरे proposed immigration changes भी भारतीय professionals के लिए अमेरिका में नौकरी और long-term career planning को प्रभावित कर सकते हैं। क्या है H-1B 60 Days Grace Period? मौजूदा नियमों के तहत, अगर किसी H-1B worker की नौकरी समाप्त हो जाती है, तो कुछ परिस्थितियों में उसे अधिकतम 60 दिन या उसके authorized stay की समाप्ति तक, जो भी पहले हो, अमेरिका में रहने की अनुमति मिल सकती है। इस दौरान कर्मचारी: टेक्नोलॉजी सेक्टर में layoffs के दौरान यह grace period H-1B workers के लिए एक महत्वपूर्ण safety net बन गई है। Trump Administration क्यों बदलना चाहती है H-1B Rules? Trump administration लंबे समय से अमेरिकी workers को प्राथमिकता देने और foreign workers पर अमेरिकी कंपनियों की निर्भरता कम करने की नीति पर जोर देती रही है। प्रस्तावित बदलावों का व्यापक उद्देश्य H-1B program में ज्यादा सख्ती और oversight लाना है। हालांकि, 60-day grace period को खत्म करने का प्रस्ताव अभी अंतिम रूप से लागू नियम नहीं माना जा सकता। अंतिम regulatory process और effective date यह तय करेंगे कि बदलाव वास्तव में कब और किस रूप में लागू होगा। Indians पर सबसे बड़ा असर क्या होगा? H-1B program में भारतीय professionals की बड़ी हिस्सेदारी होने के कारण किसी भी बड़े बदलाव का असर भारतीयों पर विशेष रूप से पड़ सकता है। 1. Layoff के बाद बढ़ेगा Immigration Pressure अगर किसी भारतीय H-1B employee की नौकरी चली जाती है, तो मौजूदा 60 दिनों का buffer उपलब्ध नहीं होने पर उसे बहुत तेजी से नया employer या दूसरा वैध immigration option तलाशना पड़ सकता है। इससे layoffs का असर सिर्फ नौकरी खोने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अमेरिका में रहने की स्थिति भी तुरंत चिंता का विषय बन सकती है। 2. IT Professionals पर ज्यादा असर भारतीय H-1B workers की बड़ी संख्या technology और specialized professional roles में काम करती है। इसलिए software engineers, IT consultants, data professionals और दूसरे skilled workers के लिए नौकरी बदलने की समय-सीमा महत्वपूर्ण हो सकती है। नई व्यवस्था में companies के बीच job switch करने की प्रक्रिया को पहले से ज्यादा जल्दी पूरा करना जरूरी हो सकता है। 3. कम समय में Job Search का दबाव 60 दिन की grace period खत्म होने की स्थिति में कर्मचारी के पास नई नौकरी तलाशने के लिए कम flexibility होगी। ऐसे में कुछ workers को: H-1B Fee में भारी बढ़ोतरी से भी बढ़ी चिंता H-1B program में प्रस्तावित एक और बड़ा बदलाव इसकी लागत से जुड़ा है। Trump administration ने नए H-1B petitions से जुड़ी $103,265 की proposed fee को लेकर कदम उठाए हैं। यह समझना जरूरी है कि इसका अर्थ यह नहीं है कि हर H-1B employee को अपनी जेब से करीब $100,000 देना होगा। यह मुख्य रूप से employer-side cost से जुड़ा प्रस्ताव है। फिर भी इतनी बड़ी लागत कंपनियों के hiring decisions को प्रभावित कर सकती है। Indian IT Companies के लिए क्या बदल सकता है? H-1B rules में सख्ती और बढ़ी हुई लागत का असर भारतीय IT companies की US business strategy पर भी पड़ सकता है। कंपनियां संभावित रूप से: इसका मतलब यह हो सकता है कि आने वाले समय में भारतीय IT professionals के लिए US onsite opportunities की competition और बढ़ जाए। H-4 Visa पर रहने वाले परिवारों पर भी असर H-1B employee की immigration स्थिति का असर उसके परिवार पर भी पड़ सकता है। H-4 status पर अमेरिका में रहने वाले spouse और children के लिए भी primary H-1B holder की स्थिति महत्वपूर्ण होती है। अगर principal H-1B worker को नौकरी जाने के बाद जल्दी नया immigration solution नहीं मिलता, तो परिवार को भी relocation या दूसरे immigration options पर विचार करना पड़ सकता है। इसका असर बच्चों की schooling, spouse की employment और परिवार की financial planning पर भी पड़ सकता है। क्या हर H-1B worker को नौकरी जाते ही अमेरिका छोड़ना पड़ेगा? यह सबसे महत्वपूर्ण बात है। 60-day grace period खत्म करने का प्रस्ताव अगर लागू होता भी है, तो उसकी वास्तविक conditions अंतिम नियम में स्पष्ट होंगी। इसके अलावा H-1B worker की स्थिति उसके individual immigration circumstances, pending petitions, authorized stay और उपलब्ध दूसरे legal options पर निर्भर कर सकती है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि grace period हटते ही हर H-1B worker को नौकरी खत्म होने के अगले दिन अमेरिका छोड़ना पड़ेगा। क्या भारतीयों के लिए US में Jobs खत्म हो जाएंगी? ऐसा कहना भी सही नहीं होगा। अमेरिका की technology, healthcare, research, engineering और दूसरे specialized sectors में skilled professionals की मांग बनी हुई है। लेकिन नए नियमों से H-1B sponsorship की लागत और immigration uncertainty बढ़ सकती है। इसका सबसे बड़ा असर नए applicants और ऐसे professionals पर पड़ सकता है जिन्हें employer sponsorship की जरूरत है। H-1B Indians के लिए आगे क्या महत्वपूर्ण होगा? भारतीय H-1B professionals को आने वाले समय में immigration policy में होने वाले बदलावों पर नजर रखनी होगी। खासकर ये चार चीजें महत्वपूर्ण रहेंगी: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
PM Modi

PM Modi in Uzbekistan: SCO Summit से पहले पीएम मोदी का बड़ा बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) शनिवार को Uzbekistan और Kyrgyz Republic के चार दिवसीय दौरे के लिए रवाना हो गए। 29 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक चलने वाली इस यात्रा में पीएम मोदी पहले उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद जाएंगे। इसके बाद वह किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित होने वाले 26वें Shanghai Cooperation Organisation (SCO) Summit में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे से पहले कहा कि भारत SCO के सदस्य देशों के साथ मिलकर ऐसा क्षेत्र बनाने की दिशा में काम करेगा, जो आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से मुक्त हो। उन्होंने SCO के लिए भारत की प्राथमिकताओं को Security, Connectivity और Opportunity से जोड़ा है। PM Modi Uzbekistan Visit: द्विपक्षीय संबंधों पर होगी अहम बातचीत उज्बेकिस्तान की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दोनों नेताओं के बीच भारत और उज्बेकिस्तान के संबंधों को और मजबूत करने के लिए कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। इस दौरान Trade and Investment, Defence, Energy, Education और Digital Connectivity जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा। भारत के लिए उज्बेकिस्तान Central Asia का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। ऐसे में पीएम मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक, सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। Tashkent में Shastri Memorial और Mahatma Gandhi Centre जाएंगे PM Modi ताशकंद में प्रधानमंत्री मोदी Lal Bahadur Shastri Memorial और Mahatma Gandhi Centre का दौरा भी करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए भारत और उज्बेकिस्तान के बीच ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया जाएगा। भारत और Central Asia के बीच सदियों पुराने व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। मौजूदा दौर में दोनों पक्ष इन रिश्तों को आधुनिक आर्थिक और रणनीतिक सहयोग में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। SCO Summit 2026 में Terrorism पर भारत का सख्त रुख उज्बेकिस्तान दौरे के बाद पीएम मोदी 31 अगस्त और 1 सितंबर को बिश्केक में होने वाले 26वें SCO Summit में शामिल होंगे। यह सम्मेलन SCO की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। SCO Summit में regional security, terrorism, extremism, connectivity और economic cooperation जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे। भारत लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर मजबूत कार्रवाई की वकालत करता रहा है। पीएम मोदी ने कहा है कि भारत SCO के माध्यम से ऐसे क्षेत्र के निर्माण के लिए काम करेगा, जो terrorism, separatism और extremism से मुक्त हो। उनका यह संदेश SCO Summit में भारत की सुरक्षा प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है। Security और Connectivity पर भी रहेगा फोकस SCO के मंच पर भारत के लिए Security, Connectivity और Opportunity प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। मध्य एशिया के साथ बेहतर connectivity भारत के आर्थिक और रणनीतिक हितों के लिए महत्वपूर्ण है। व्यापार मार्गों, ऊर्जा सहयोग, डिजिटल कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देने से भारत और Central Asian देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूती मिल सकती है। प्रधानमंत्री मोदी SCO Summit के दौरान अन्य सदस्य देशों के नेताओं के साथ Bilateral Meetings भी कर सकते हैं। इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत की संभावना है। World Nomad Games के Opening Ceremony में शामिल होंगे PM Modi किर्गिस्तान दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी 6th World Nomad Games के Opening Ceremony में भी शामिल होंगे। यह आयोजन Central Asia की पारंपरिक संस्कृति, खेल और विरासत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करता है। पीएम मोदी की इस कार्यक्रम में भागीदारी भारत और किर्गिस्तान के बीच people-to-people और cultural ties को और मजबूत करने का अवसर भी होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
RBI

EMI नहीं चुकाई तो क्या होगा? RBI Loan Recovery Rules में बदलाव, जानिए Bank क्या नहीं कर सकता

अगर आपने Personal Loan, Home Loan, Car Loan या किसी अन्य तरह का Loan लिया है और किसी वजह से EMI समय पर नहीं चुका पा रहे हैं, तो आपके लिए RBI के Loan Recovery Rules जानना बेहद जरूरी है। EMI डिफॉल्ट होने पर बैंक या NBFC बकाया रकम की Recovery कर सकता है, लेकिन इसके लिए उसे RBI के नियमों का पालन करना जरूरी है। कई लोग यह मान लेते हैं कि EMI मिस होने के बाद Recovery Agent घर आकर धमका सकता है या किसी भी समय फोन कर सकता है। ऐसा नहीं है। RBI ने Loan Recovery के दौरान ग्राहकों के सम्मान, Privacy और उचित व्यवहार को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए हैं। EMI Miss होने पर सबसे पहले क्या होता है? अगर आपकी EMI तय तारीख पर जमा नहीं होती है, तो बैंक इसे Overdue Payment के रूप में दर्ज कर सकता है। Loan Agreement के मुताबिक बैंक बकाया रकम के साथ लागू ब्याज या अन्य वैध Charges की मांग कर सकता है। अगर EMI लगातार Miss होती रहती है, तो बैंक ग्राहक से संपर्क कर सकता है और बकाया रकम चुकाने के लिए कह सकता है। लंबे समय तक भुगतान न होने पर बैंक अपने नियमों और लागू कानून के अनुसार Recovery Process आगे बढ़ा सकता है। इसलिए RBI के नियमों का मतलब यह नहीं है कि EMI नहीं चुकाने पर बैंक पैसा नहीं मांग सकता। नियम मुख्य रूप से यह तय करते हैं कि Recovery किस तरीके से की जा सकती है। RBI Loan Recovery Rules: Bank आपको कब कॉल कर सकता है? RBI के निर्देशों के अनुसार Overdue Loan की Recovery के लिए ग्राहक से सुबह 8 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद संपर्क नहीं किया जाना चाहिए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि Recovery Agent ग्राहकों को अनुचित समय पर फोन करके परेशान न करें। अगर कोई Recovery Agent लगातार देर रात या सुबह-सुबह कॉल करता है, तो ग्राहक इस मामले की शिकायत संबंधित Bank या NBFC से कर सकता है। Recovery Agent आपको धमका नहीं सकता Loan की Recovery के लिए Bank या NBFC Recovery Agent की मदद ले सकता है, लेकिन Agent को ग्राहक के साथ धमकी, गाली-गलौज, अपमानजनक व्यवहार या मानसिक दबाव बनाने की अनुमति नहीं है। Recovery का उद्देश्य बकाया रकम की वसूली करना है, ग्राहक को डराना या परेशान करना नहीं। RBI ने Regulated Entities को अपने Recovery Agents की गतिविधियों पर उचित निगरानी रखने की जिम्मेदारी भी दी है। परिवार और दोस्तों को भी परेशान नहीं कर सकता Bank अगर आपकी EMI बकाया है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि Recovery Agent आपके परिवार, दोस्तों या परिचितों को परेशान करके आप पर दबाव बनाए। ग्राहक की Privacy और सम्मान का ध्यान रखना जरूरी है। किसी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करना या उसके कर्ज की जानकारी का अनुचित तरीके से इस्तेमाल करना Recovery का स्वीकार्य तरीका नहीं है। क्या Bank घर आकर Recovery कर सकता है? बकाया Loan की Recovery के लिए Bank या उसका अधिकृत Recovery Agent ग्राहक से संपर्क कर सकता है। हालांकि, Recovery करते समय निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। अगर Loan के बदले कोई Asset जैसे Car, Property या अन्य Security रखी गई है, तो Default की स्थिति में Bank के पास कानून और Loan Agreement के तहत Recovery के अधिकार हो सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि Recovery Agent अपनी मर्जी से जबरन सामान या संपत्ति पर कब्जा कर सकता है। Loan Default होने पर Credit Score पर भी असर पड़ सकता है EMI का लगातार भुगतान न करने का असर केवल Bank Recovery तक सीमित नहीं रहता। Loan Repayment History आपके Credit Profile को प्रभावित कर सकती है। अगर Loan Account में लगातार Default होता है, तो भविष्य में Loan या Credit Card लेने में परेशानी हो सकती है। इसलिए आर्थिक परेशानी होने पर EMI को नजरअंदाज करने के बजाय Bank से समय रहते संपर्क करना बेहतर होता है। Recovery Agent परेशान करे तो क्या करें? अगर कोई Recovery Agent RBI के नियमों का उल्लंघन करता है, तो ग्राहक को सबसे पहले संबंधित Bank या NBFC के Grievance Redressal Mechanism में शिकायत करनी चाहिए। शिकायत करते समय कॉल रिकॉर्ड, SMS, WhatsApp Message, Email या अन्य उपलब्ध सबूत सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है। अगर Bank या NBFC से शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो पात्र मामलों में RBI की Ombudsman व्यवस्था के तहत शिकायत की जा सकती है। क्या EMI नहीं भरने पर Bank Loan माफ कर देगा? नहीं। RBI के Recovery Rules का उद्देश्य ग्राहकों को अनुचित Recovery Practices से सुरक्षा देना है। इसका मतलब यह नहीं है कि EMI नहीं भरने पर Loan अपने आप माफ हो जाएगा। Bank अपने Loan Agreement और लागू कानून के अनुसार बकाया रकम की Recovery कर सकता है। लंबे समय तक Default की स्थिति में कानूनी कार्रवाई भी संभव है। EMI भरने में परेशानी हो तो क्या करें? अगर आपको लगता है कि किसी महीने या आने वाले समय में EMI भरना मुश्किल हो सकता है, तो Bank या NBFC से जल्द संपर्क करें। अपनी Financial Situation के बारे में जानकारी देकर उपलब्ध विकल्पों के बारे में पूछें। सबसे जरूरी बात यह है कि Recovery Agent के दबाव में आकर किसी अनजान व्यक्ति के Personal Account में पैसा जमा न करें। Payment हमेशा Bank/NBFC के अधिकृत माध्यम से ही करें। RBI Loan Recovery Rules का सबसे जरूरी सार EMI समय पर नहीं चुकाने पर Bank आपसे बकाया रकम की मांग कर सकता है और नियमों के अनुसार Recovery Process शुरू कर सकता है। लेकिन Recovery के दौरान Bank या उसके Agent को ग्राहक की Privacy और सम्मान का ध्यान रखना होगा। याद रखें: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CNG Price

Delhi CNG Price: CNG के दाम में ₹3.89 की बढ़ोतरी, अब ₹86.98 प्रति किलो मिलेगा गैस

दिल्ली-NCR में CNG इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। CNG Price Hike के तहत इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने CNG की कीमत में ₹3.89 प्रति किलो की बढ़ोतरी की है। नई कीमतें 29 अगस्त 2026 से लागू हो गई हैं। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में CNG का रेट ₹83.09 प्रति किलो से बढ़कर ₹86.98 प्रति किलो हो गया है। यह 2026 में दिल्ली-NCR में CNG की पांचवीं कीमत बढ़ोतरी है। लगातार हो रही बढ़ोतरी से CNG कार चलाने वाले लोगों के साथ-साथ ऑटो, टैक्सी, कैब और कमर्शियल वाहनों के ड्राइवरों पर भी ईंधन खर्च का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। Delhi CNG Price: अब कितना हुआ CNG का रेट? IGL की नई कीमतों के मुताबिक दिल्ली-NCR के अलग-अलग शहरों में CNG के दाम इस प्रकार हैं: दिल्ली में CNG की कीमत में सीधे ₹3.89 प्रति किलो की वृद्धि हुई है। इसका मतलब है कि जो वाहन रोजाना बड़ी मात्रा में CNG की खपत करते हैं, उनके लिए महीने का fuel budget पहले की तुलना में और बढ़ जाएगा। Why CNG Price Increased: क्यों बढ़े CNG के दाम? IGL के अनुसार, CNG की कीमत बढ़ाने की मुख्य वजह imported LNG की बढ़ी हुई लागत है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में LNG की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर गैस की supply और import cost पर पड़ा है। पश्चिम एशिया में तनाव के कारण LNG की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ी है। इसके चलते global energy market में कीमतों पर दबाव बना हुआ है। IGL ने इसी बढ़ी हुई input cost के एक हिस्से को CNG की कीमतों में शामिल किया है। 2026 में पांचवीं बार महंगी हुई CNG दिल्ली-NCR में वर्ष 2026 के दौरान CNG की कीमतों में यह पांचवीं बढ़ोतरी है। इससे पहले भी इस साल अलग-अलग चरणों में CNG के दाम बढ़ाए गए थे। बार-बार होने वाली price hike के कारण CNG को economical fuel मानकर इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिकों की लागत लगातार बढ़ रही है। हालांकि पेट्रोल और डीजल की तुलना में CNG अभी भी कई वाहन चालकों के लिए एक महत्वपूर्ण alternative fuel बनी हुई है। CNG Price Hike का आम लोगों पर क्या असर होगा? CNG की कीमत बढ़ने का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं। निजी CNG कारों के अलावा auto-rickshaw, taxi, cab और commercial vehicles चलाने वालों की operating cost भी बढ़ेगी। ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए बढ़ती fuel cost का सीधा असर उनकी daily earnings पर पड़ सकता है। अगर CNG की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो भविष्य में इसका असर transportation charges और passenger fares पर भी देखने को मिल सकता है। CNG महंगी होने से बढ़ सकता है Monthly Fuel Budget उदाहरण के तौर पर, अगर कोई वाहन प्रतिदिन 5 किलो CNG की खपत करता है, तो ₹3.89 प्रति किलो की अतिरिक्त कीमत के कारण उसका खर्च करीब ₹19.45 प्रतिदिन बढ़ जाएगा। 30 दिनों में यह अतिरिक्त खर्च लगभग ₹584 हो सकता है। जिन commercial vehicles की रोजाना CNG consumption इससे कहीं अधिक है, उनके लिए अतिरिक्त मासिक खर्च भी काफी ज्यादा होगा। आगे CNG के दाम पर क्या रहेगा असर? CNG की कीमतों पर आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय LNG prices, global gas supply और पश्चिम एशिया की स्थिति का असर महत्वपूर्ण रहेगा। अगर imported gas की लागत ऊंची बनी रहती है, तो domestic CNG prices पर भी दबाव बना रह सकता है। फिलहाल दिल्ली-NCR के लोगों को 29 अगस्त से CNG के लिए ₹3.89 प्रति किलो ज्यादा भुगतान करना होगा। दिल्ली में नई CNG कीमत ₹86.98 प्रति किलो पहुंच गई है, जबकि नोएडा और गाजियाबाद में यह ₹95.59 प्रति किलो हो गई है। CNG Price Hike 2026 की यह पांचवीं बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब बढ़ती fuel और transportation costs पहले से ही आम लोगों के बजट को प्रभावित कर रही हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.