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Air India

Air India ने 7 Flights की Cancel, वजह बनी Safety और Maintenance

एयर इंडिया (Air India) ने 20 जून 2025 को 7 फ्लाइट्स को रद्द (Cancelled Flights) कर दिया है, जिसमें 4 अंतरराष्ट्रीय (International) और 3 घरेलू (Domestic) उड़ानें शामिल हैं। एयरलाइन ने इन रद्दीकरणों के पीछे मेंटेनेंस और ऑपरेशनल समस्याओं (Maintenance & Operational Reasons) को जिम्मेदार ठहराया है। यह फैसला हाल ही में हुए एक भीषण विमान हादसे और सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। क्यों रद्द हो रही हैं Air India की फ्लाइट्स? 12 जून को एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 (अहमदाबाद से लंदन) के क्रैश में 242 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद से DGCA ने एयर इंडिया के विमानों की सख्त जांच (Aircraft Inspection) के आदेश दिए हैं। DGCA द्वारा उठाए गए कदम: International Flight Operations में कटौती एयर इंडिया ने 15 जुलाई तक अपनी International Wide-Body Flights में 15% कटौती करने का फैसला लिया है। इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं: रद्द की गई प्रमुख फ्लाइट्स की सूची: साथ ही, 17 जून को भी 6 फ्लाइट्स कैंसिल की गई थीं। एयर इंडिया का आधिकारिक बयान “हम यात्रियों की सुरक्षा और विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। वर्तमान स्थिति को देखते हुए ये आवश्यक लेकिन कठिन निर्णय हैं।” – Air India हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IndiGo

IndiGo Flight Emergency Landing दिल्ली से लेह जा रही फ्लाइट में Technical Fault

IndiGo की Delhi to Leh जाने वाली फ्लाइट 6E2006 को आज सुबह तकनीकी खराबी (Technical Fault) के कारण उड़ान भरने के दो घंटे बाद दिल्ली एयरपोर्ट (Delhi Airport) पर वापस लौटना पड़ा। यह फ्लाइट एक Airbus A320-251N थी, जिसने सुबह 6:30 AM के करीब उड़ान भरी थी, लेकिन कुछ समय बाद तकनीकी समस्या सामने आई, जिससे विमान को सुरक्षित Emergency Landing करानी पड़ी। फ्लाइट में करीब 180 यात्री और क्रू मेंबर्स सवार थे। अच्छी खबर यह रही कि सभी यात्री सुरक्षित हैं और किसी को चोट नहीं आई। इंडिगो ने साफ किया कि यह कोई declared emergency नहीं थी, बल्कि सावधानी के तौर पर विमान को वापस लाया गया। क्या हुआ टेक्निकल फॉल्ट? IndiGo ने जानकारी दी कि विमान में ऐसी तकनीकी समस्या आई थी जिससे लेह में लैंडिंग संभव नहीं थी। इस वजह से mid-air यू-टर्न (U-Turn) लेकर फ्लाइट को दोबारा दिल्ली लाया गया। अब इस विमान की मैकेनिकल जांच की जा रही है और यात्रियों को वैकल्पिक विमान से लेह भेजा जा रहा है। एक दिन पहले भी सामने आया था बड़ा Fault 18 जून को भी इंडिगो की एक फ्लाइट में बड़ा तकनीकी फॉल्ट आया था। रायपुर लौट रही फ्लाइट में फ्लाइट का दरवाज़ा जाम हो गया था, जिससे यात्रियों को 40 मिनट तक अंदर फंसे रहना पड़ा। इस फ्लाइट में पूर्व सीएम भूपेश बघेल और रायपुर के मेयर भी सवार थे। लगातार दो दिनों में आई इन घटनाओं ने इंडिगो की तकनीकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, एयरलाइन का कहना है कि वे पूरी तरह से सेफ्टी प्रोटोकॉल फॉलो करते हैं और यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। IndiGo का बयान: “हमने फ्लाइट 6E2006 को एहतियातन दिल्ली वापस बुलाया है। सभी यात्री सुरक्षित हैं। किसी प्रकार की declared emergency नहीं थी।” हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sindhu

Iran Israel War ऑपरेशन Sindhu से 110 Indian Students की वतन वापसी, मिसाइल-ड्रोन के बीच किया गया रेस्क्यू

ईरान-इज़राइल युद्ध (Iran Israel Conflict) के बीच फंसे भारतीय छात्रों (Indian Students in Iran) को सुरक्षित वापस लाने के लिए भारत सरकार ने “Operation Sindhu” नाम का विशेष मिशन चलाया। इस मिशन के तहत 110 छात्रों को ईरान से निकाला गया और वे 18 जून को भारत पहुंच गए। ऑपरेशन Sindhu: ईरान से भारत तक का सफर भारतीय छात्रों को पहले सड़क मार्ग से तेहरान (Tehran) से येरेवन (Yerevan, Armenia) ले जाया गया। वहां से विशेष फ्लाइट के ज़रिए सभी छात्रों को नई दिल्ली (New Delhi) लाया गया। इस ऑपरेशन को विदेश मंत्रालय (MEA) और ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने मिलकर अंजाम दिया। छात्रों की जुबानी: “हमने Drone और Missile अपनी आंखों से देखे” वतन लौटे छात्रों ने बताया कि युद्ध का माहौल बेहद डरावना था। Iran Israel Conflict: क्यों बिगड़ा मामला? 13 जून 2025 को इज़राइल ने ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की। जवाब में ईरान ने इज़राइल पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। इससे Middle East का हवाई क्षेत्र बंद हो गया और हजारों लोग फंस गए। भारत सरकार की तैयारियां हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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FASTag

FASTag Annual Pass निजी वाहनों के लिए ₹3,000 में सालभर टोल फ्री यात्रा, 15 अगस्त से लागू

नई दिल्ली | देश हरपल ब्यूरोदेशभर के लाखों निजी वाहन चालकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने एक ऐतिहासिक पहल की घोषणा करते हुए बताया कि ₹3,000 में FASTag आधारित वार्षिक पास की सुविधा 15 अगस्त 2025 से लागू की जा रही है। क्या है यह ₹3,000 वाला FASTag वार्षिक पास? इस पास के जरिए कोई भी निजी वाहन (Car, Jeep, Van आदि) देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर बिना बार-बार टोल देने के अधिकतम 200 यात्राओं या एक साल तक (जो भी पहले हो) निर्बाध यात्रा कर सकेगा।यह सुविधा केवल गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए है, और इससे टोल प्लाजाओं पर लगने वाली भीड़ और प्रतीक्षा समय में भारी कमी आने की उम्मीद है। कैसे मिलेगा यह पास? नितिन गडकरी ने ‘X’ (पूर्व Twitter) पर जानकारी दी कि इस वार्षिक पास को Highway Travel App, NHAI और MoRTH की वेबसाइट पर एक अलग लिंक के माध्यम से सक्रिय (activate) किया जा सकेगा।जल्द ही रजिस्ट्रेशन और नवीनीकरण प्रक्रिया को लेकर विस्तृत जानकारी भी जारी की जाएगी 60 KM दायरे की टोल समस्याओं पर सीधा समाधान यह नीति विशेष रूप से उन लोगों के लिए बड़ी राहत है जो रोजाना 60 किलोमीटर के दायरे में स्थित टोल प्लाजाओं से होकर यात्रा करते हैं।अब उन्हें हर बार टोल देने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि एक सिंगल ट्रांजैक्शन में सालभर के लिए सुविधा मिल जाएगी। क्या बदल जाएगा इस पॉलिसी से? नितिन गडकरी ने क्या कहा? “यह वार्षिक पास नीति, टोल प्लाजा पर भीड़ कम करने, विवादों को समाप्त करने और निजी वाहन चालकों के लिए एक तेज़ व सहज यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए लाई जा रही है।” — नितिन गडकरी, केंद्रीय मंत्र सरकार की यह पहल जहां आम नागरिकों की जेब पर असर कम करेगी, वहीं इससे डिजिटल टोल भुगतान और इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रैकिंग में भी सुधार होगा। FASTag सिस्टम के जरिए एक डिजिटली कनेक्टेड और ट्रांसपेरेंट टोल मैकेनिज्म की ओर भारत आगे बढ़ रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Carney

Modi Carney G7 Meeting भारत-कनाडा संबंधों में नया मोड़, Nijjar Case पर Canadian PM का बयान

PM Narendra Modi और Canadian PM Mark Carney के बीच G7 Summit 2025 में हुई पहली मुलाकात ने India-Canada relations को नया जीवन देने का संकेत दिया है। लगभग दो साल से जारी तनाव के बाद, दोनों नेताओं की इस अहम बैठक ने राजनयिक और आर्थिक सहयोग के रास्ते खोल दिए हैं। India Canada Relations: फिर से शुरू होंगे राजनयिक संबंध Nijjar Case Update: Canadian PM बोले – ‘Careful रहना जरूरी’ Canada की Sikh Community का विरोध G7 Summit से रिश्तों को नया Direction हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ceasefire Deal

Modi-Trump Call आतंकवाद, Operation Sindoor और Ceasefire Deal पर हुई बड़ी बातचीत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के बीच 18 जून 2025 को एक महत्वपूर्ण फोन कॉल हुआ। लगभग 35 मिनट चली इस बातचीत में दोनों नेताओं ने भारत में हालिया आतंकवादी हमलों, Operation Sindoor, और भारत-पाकिस्तान के बीच Ceasefire Deal को लेकर विस्तार से चर्चा की। PM Modi ने कहा – आतंकवाद अब “वास्तविक युद्ध” है मोदी ने पहलगाम (Pahalgam) में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए बताया कि भारत अब आतंकवाद को सिर्फ “प्रॉक्सी वॉर” नहीं बल्कि “एक वास्तविक युद्ध” मानता है। उन्होंने ट्रंप को बताया कि कैसे ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के जरिए भारत ने सीमित लेकिन प्रभावशाली कार्रवाई की, जिससे बड़ा संघर्ष टाला जा सका। 🇺🇸 Trump ने दी संवेदना और भारत को समर्थन ट्रंप ने 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले को लेकर गहरी संवेदना जताई। उन्होंने भारत को आश्वासन दिया कि अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। Ceasefire Deal पर Modi का साफ़ जवाब – No Third Party मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच जो मई में संघर्ष विराम हुआ था, वह पूरी तरह द्विपक्षीय (bilateral) था। उन्होंने मीडिया में चल रही इस अफवाह को खारिज कर दिया कि इसमें अमेरिका की कोई भूमिका थी या किसी व्यापारिक समझौते के बदले Ceasefire हुआ। “भारत ने कभी किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की है और न ही करेगा।” – पीएम मोदी Future Engagement: Quad Meeting का न्योता बातचीत के अंत में पीएम मोदी ने ट्रंप को अगली Quad Summit in India में शामिल होने का न्योता भी दिया। दोनों नेताओं ने भविष्य में आमने-सामने मुलाकात करने की भी इच्छा जताई। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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G7 Summit

G7 Summit 2025 Trump-Modi Meeting हुई Cancel, Israel-Iran War बना वजह

G7 Summit 2025 में अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi के बीच होने वाली द्विपक्षीय बैठक आखिरी समय में रद्द (Cancel) हो गई। ट्रंप ने इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध जैसे हालात के कारण अपना कनाडा दौरा अचानक बीच में ही खत्म कर दिया, जिसकी वजह से दोनों नेताओं की बैठक संभव नहीं हो सकी। 🇺🇸 क्यों G7 से Trump ने लिया Early Exit? 16 जून की रात को ट्रंप ने ओटावा (कनाडा) में आयोजित G7 Summit में हिस्सा लेने के बाद अचानक अमेरिका लौटने का फैसला किया।मुख्य कारण था — पश्चिम एशिया में इज़राइल और ईरान के बीच लगातार बढ़ता टकराव। ट्रंप ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए यहां तक कह दिया कि “Tehran के लोग शहर खाली करें”, जिसे बाद में व्हाइट हाउस ने प्रतीकात्मक बताया। Trump-Modi Meeting क्यों रह गई अधूरी? G7 Summit 2025 में क्या हुआ? Israel-Iran Conflict: G7 की Background में Global Crisis G7 Summit ऐसे समय पर हुई जब इज़राइल और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर है।ट्रंप का अचानक लौटना इस बात का संकेत है कि अमेरिका इस संघर्ष को लेकर अत्यधिक गंभीर है। कई रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारी में है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Cyprus

Modi का रणनीतिक कदम Cyprus के साथ खड़ा India, Türkiye को चेतावनी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15-16 जून 2025 को Cyprus की ऐतिहासिक यात्रा की, जो पिछले 23 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली साइप्रस यात्रा रही। यह दौरा केवल द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक मजबूत कूटनीतिक संदेश देना भी था—खासकर तुर्किये को। Cyprus को भारत का खुला समर्थन प्रधानमंत्री मोदी ने साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडुलाइड्स के साथ साझा प्रेस कांफ्रेंस में स्पष्ट कहा कि भारत Cyprus की “संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता” का पूरा समर्थन करता है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का हवाला देते हुए उत्तरी साइप्रस पर तुर्की के कब्जे को समाप्त करने की अपील की। पीएम मोदी ने कहा, “शांति मानवता की पुकार है। सभी विवादों का समाधान संवाद और कूटनीति से होना चाहिए, न कि बल प्रयोग से।” यह बयान पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच एक अहम संदेश है। रक्षा और सुरक्षा सहयोग होगा मजबूत भारत और Cyprus ने अपने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को नए स्तर पर ले जाने का फैसला किया है, जिसमें शामिल हैं: इसके अलावा, साइप्रस ने भारत के आत्मरक्षा के अधिकार को समर्थन दिया और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की प्रतिबद्धता जताई। तुर्किये को दिया गया रणनीतिक संदेश यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब तुर्किये लगातार पाकिस्तान का समर्थन कर रहा है और भारत के खिलाफ कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आवाज़ उठा रहा है। तुर्की राष्ट्रपति एर्दोगन IMEC (India-Middle East-Europe Corridor) पर भारत की भूमिका को चुनौती देते हुए कह चुके हैं कि ये प्रोजेक्ट “तुर्किये के बिना नहीं चल सकता।” इस पृष्ठभूमि में मोदी का साइप्रस दौरा साफ तौर पर एक रणनीतिक संदेश है कि भारत क्षेत्रीय दबावों के आगे झुकेगा नहीं और अपने सहयोगियों के साथ खड़ा रहेगा। भारत–यूरोप कनेक्टिविटी का नया केंद्र बनेगा साइप्रस भारत और Cyprus के बीच इंडिया–मिडल ईस्ट–यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) को लेकर भी चर्चा हुई। साइप्रस को इस परियोजना में एक मुख्य गेटवे के रूप में देखा जा रहा है, जो भारत को यूरोपीय संघ से जोड़ने में मदद करेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sumeet Sabharwal

Captain Sumeet Sabharwal की आखिरी उड़ान Air India Crash में बेटे को अंतिम सलामी देते पिता

Air India की लंदन जा रही फ्लाइट AI-171 के क्रैश ने पूरे देश को गमगीन कर दिया। इस दिल दहला देने वाले हादसे में 241 लोगों की मौत हो गई, जबकि केवल एक व्यक्ति ही जीवित बच पाया। इस दुर्घटना की सबसे भावुक कहानी है Captain Sumeet Sabharwal की, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालते हुए दर्जनों लोगों की जिंदगी बचाई, और अब उनके 80 साल के पिता ने बेटे को नम आंखों से अंतिम विदाई दी। Air India Flight AI-171 Crash: क्या हुआ था उस दिन? 12 जून 2025 को अहमदाबाद एयरपोर्ट से लंदन के लिए उड़ान भरते ही, फ्लाइट AI-171 में तकनीकी खराबी आ गई। उड़ान भरने के करीब 40 सेकंड बाद कैप्टन ने “Mayday” सिग्नल भेजा। शुरुआती जांच के मुताबिक, इंजन फेलियर या लैंडिंग गियर की खराबी हादसे का कारण हो सकती है। कैप्टन सुमीत ने अपनी सूझबूझ से भीड़भाड़ वाले रिहायशी इलाके से विमान को दूर मोड़ दिया, और एक खाली मैदान की ओर उतारने की कोशिश की। इससे जमीन पर बड़ी तबाही टल गई। Captain Sumeet Sabharwal की आखिरी उड़ान और पिता का Emotional Farewell Captain Sumeet Sabharwal , जिनके पास 8,200 घंटे से अधिक की उड़ान का अनुभव था, कुछ ही महीनों में रिटायर होने वाले थे। उन्होंने अपने 80 वर्षीय पिता से वादा किया था कि रिटायरमेंट के बाद वो उनके साथ समय बिताएंगे और उड़ान नहीं भरेंगे। लेकिन जब उनका पार्थिव शरीर मुंबई के Powai स्थित घर पहुंचा, तो उनके पिता ने कांपते हाथों और नम आंखों से उन्हें अंतिम बार सलामी दी। ये दृश्य हर किसी की आंखें नम कर गया। पिता बोले –“वो कहता था अब उड़ान नहीं भरेगा… पर वो हमेशा के लिए उड़ गया।” Crash Investigation और Black Box Analysis देश में शोक और Captain को मिला Hero का दर्जा सोशल मीडिया पर कैप्टन सुमीत को देशभर से श्रद्धांजलि दी जा रही है। लोग उन्हें “Air India Hero Pilot” कह रहे हैं, जिन्होंने अपनी जान गंवाकर कई जिंदगियां बचाईं। इस हादसे में विमान के यात्रियों के अलावा जमीन पर मौजूद मेडिकल कॉलेज के कुछ छात्र भी मारे गए। यह क्रैश भारत के अब तक के सबसे बड़े एविएशन हादसों में शामिल हो गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Census 2027

India Census 2027 Digital गिनती और Caste Data Collection का ऐलान

भारत सरकार ने जनगणना 2027 (Census 2027) की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। यह जनगणना कई मायनों में खास होगी—इस बार प्रक्रिया पूरी तरह Digital होगी और जातिगत आंकड़े (Caste Data) भी इकट्ठा किए जाएंगे। Census 2027 Key Dates – कब और कहां होगी जनगणना? जनगणना दो चरणों में होगी: हाउस लिस्टिंग (House Listing) चरण जनसंख्या गणना (Population Enumeration) चरण Census 2027 होगी Digital, Self-Enumeration Portal भी लॉन्च सरकार इस बार जनगणना में Digital Tools का उपयोग करेगी: 1931 के बाद पहली बार होगी जातीय जनगणना (Caste Census) इस जनगणना में: कितने लोग होंगे शामिल? Census 2027 Highlights (मुख्य बातें) चरण तारीख गतिविधि हाउस लिस्टिंग (हिम क्षेत्र) 1 अक्टूबर 2026 घर व सुविधाओं की जानकारी हाउस लिस्टिंग (अन्य क्षेत्र) 1 मार्च 2027 घर व सुविधाओं की जानकारी जनसंख्या गणना मार्च 2027 के बाद जाति, शिक्षा, रोजगार, जनसांख्यिकीय विवरण डेटा प्रोसेसिंग दिसंबर 2027 तक (संभावित) डिजिटल विश्लेषण और रिपोर्ट हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rahul Gandhi

Mallikarjun Kharge Shuddhikaran Row: मंच ‘शुद्ध’ कराने पर बवाल, Rahul Gandhi ने BJP-RSS को घेरा

 उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष Rahul Gandhi मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर मंच के ‘शुद्धिकरण’ को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर Rahul Gandhi ने BJP और RSS पर जातिगत भेदभाव तथा ‘मनुवादी सोच’ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। वहीं, BJP ने आरोपों से दूरी बनाते हुए मामले की जांच कराने की बात कही है। क्या है Haldwani Shuddhikaran विवाद? मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली को संबोधित किया था। रैली के कुछ दिन बाद कथित तौर पर कुछ लोगों ने मैदान में पूजा-पाठ और हवन कर ‘शुद्धिकरण’ किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई खड़गे के दलित समुदाय से होने के कारण की गई। पार्टी ने इसे छुआछूत और जातिगत भेदभाव की मानसिकता का उदाहरण बताया है। हालांकि, BJP की ओर से कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया गया है। BJP नेताओं का कहना है कि रैली के दौरान लगाए गए कुछ नारों से धार्मिक भावनाएं आहत हुई थीं और इसी वजह से धार्मिक अनुष्ठान किया गया था। BJP ने इस कार्रवाई को खड़गे की जाति से जोड़ने पर भी सवाल उठाए हैं। Mallikarjun Kharge ने राज्यसभा में उठाया मुद्दा मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मामले को राज्यसभा में भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाषण के बाद उस मंच का ‘शुद्धिकरण’ किया गया, जिससे उन्हें बेहद अपमानित महसूस हुआ। खड़गे ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी व्यक्ति को उसकी जाति के आधार पर अपवित्र मानना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ Untouchability Act के तहत कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की। खड़गे का कहना है कि ऐसी घटनाएं केवल किसी एक व्यक्ति का अपमान नहीं हैं, बल्कि देश में सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों पर भी सवाल खड़े करती हैं। Rahul Gandhi का BJP-RSS पर हमला हल्द्वानी के इस विवाद पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कथित ‘शुद्धिकरण’ को दलितों के अपमान से जोड़ते हुए BJP और RSS पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस तरह की सोच BJP-RSS की कथित ‘मनुवादी मानसिकता’ को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और छुआछूत तथा जातिगत भेदभाव के लिए आधुनिक भारत में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस ने इस मुद्दे को सामाजिक न्याय और दलित सम्मान से जोड़ते हुए सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। क्या Rahul Gandhi ने SC/ST Act के तहत FIR की मांग की? इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार SC/ST Act के तहत FIR दर्ज कराने की स्पष्ट मांग राहुल गांधी की ओर से नहीं बताई गई है। रिपोर्टों में मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा Untouchability Act के तहत मामला दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग का उल्लेख है। वहीं, राहुल गांधी ने घटना को दलितों के अपमान, जातिगत भेदभाव और कथित मनुवादी सोच से जोड़कर BJP-RSS पर राजनीतिक हमला किया। इसलिए खबर को पेश करते समय राहुल गांधी के बयान और खड़गे की कानूनी कार्रवाई की मांग को अलग-अलग रखना जरूरी है। BJP ने क्या कहा? BJP ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है। पार्टी की ओर से कहा गया कि वह किसी भी तरह के भेदभावपूर्ण व्यवहार का समर्थन नहीं करती। केंद्रीय मंत्री और BJP के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने मामले की जांच का आश्वासन दिया। BJP नेताओं का कहना है कि घटना के पीछे धार्मिक कारण हो सकते हैं और इसे खड़गे की जाति से जोड़ना उचित नहीं है। अब इस मामले में जांच के परिणाम महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि इसी से यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित ‘शुद्धिकरण’ किसने कराया और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था। कांग्रेस ने राज्यपाल से भी की शिकायत मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने उत्तराखंड के राज्यपाल से मुलाकात कर कथित ‘शुद्धिकरण’ की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है। कांग्रेस का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की जाति के आधार पर किसी सार्वजनिक स्थान या मंच को ‘अपवित्र’ माना गया है, तो यह गंभीर सामाजिक और संवैधानिक मुद्दा है। Haldwani Row बना Political मुद्दा हल्द्वानी का ‘शुद्धिकरण’ विवाद अब स्थानीय घटना से आगे बढ़कर राष्ट्रीय राजनीति का मुद्दा बन गया है। कांग्रेस इसे Dalit dignity, social equality और constitutional values से जोड़ रही है, जबकि BJP कांग्रेस पर घटना को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगा रही है। फिलहाल दोनों पक्षों के दावों के बीच इस मामले में जांच और संभावित कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजर है। विवाद के आगे बढ़ने के साथ Rahul Gandhi, Mallikarjun Kharge, Haldwani Shuddhikaran Row, FIR और SC/ST Act जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में बने हुए हैं।
H-1B

H-1B Rules में बड़ा बदलाव: Trump हटाएंगे 60 Days Grace Period? Indian IT Professionals पर असर

अमेरिका में काम करने वाले भारतीय H-1B visa holders के लिए Donald Trump administration की immigration policies लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। अब H-1B के तहत मिलने वाली 60 Days Grace Period को खत्म करने की तैयारी की खबरों ने भारतीय IT professionals के बीच नई चिंता पैदा कर दी है। अगर यह प्रस्ताव अंतिम रूप से लागू होता है, तो नौकरी जाने के बाद H-1B workers को अमेरिका में नई नौकरी तलाशने के लिए मिलने वाली मौजूदा 60 दिनों की राहत खत्म हो सकती है। इसके साथ ही H-1B visa से जुड़ी बढ़ी हुई लागत और दूसरे proposed immigration changes भी भारतीय professionals के लिए अमेरिका में नौकरी और long-term career planning को प्रभावित कर सकते हैं। क्या है H-1B 60 Days Grace Period? मौजूदा नियमों के तहत, अगर किसी H-1B worker की नौकरी समाप्त हो जाती है, तो कुछ परिस्थितियों में उसे अधिकतम 60 दिन या उसके authorized stay की समाप्ति तक, जो भी पहले हो, अमेरिका में रहने की अनुमति मिल सकती है। इस दौरान कर्मचारी: टेक्नोलॉजी सेक्टर में layoffs के दौरान यह grace period H-1B workers के लिए एक महत्वपूर्ण safety net बन गई है। Trump Administration क्यों बदलना चाहती है H-1B Rules? Trump administration लंबे समय से अमेरिकी workers को प्राथमिकता देने और foreign workers पर अमेरिकी कंपनियों की निर्भरता कम करने की नीति पर जोर देती रही है। प्रस्तावित बदलावों का व्यापक उद्देश्य H-1B program में ज्यादा सख्ती और oversight लाना है। हालांकि, 60-day grace period को खत्म करने का प्रस्ताव अभी अंतिम रूप से लागू नियम नहीं माना जा सकता। अंतिम regulatory process और effective date यह तय करेंगे कि बदलाव वास्तव में कब और किस रूप में लागू होगा। Indians पर सबसे बड़ा असर क्या होगा? H-1B program में भारतीय professionals की बड़ी हिस्सेदारी होने के कारण किसी भी बड़े बदलाव का असर भारतीयों पर विशेष रूप से पड़ सकता है। 1. Layoff के बाद बढ़ेगा Immigration Pressure अगर किसी भारतीय H-1B employee की नौकरी चली जाती है, तो मौजूदा 60 दिनों का buffer उपलब्ध नहीं होने पर उसे बहुत तेजी से नया employer या दूसरा वैध immigration option तलाशना पड़ सकता है। इससे layoffs का असर सिर्फ नौकरी खोने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अमेरिका में रहने की स्थिति भी तुरंत चिंता का विषय बन सकती है। 2. IT Professionals पर ज्यादा असर भारतीय H-1B workers की बड़ी संख्या technology और specialized professional roles में काम करती है। इसलिए software engineers, IT consultants, data professionals और दूसरे skilled workers के लिए नौकरी बदलने की समय-सीमा महत्वपूर्ण हो सकती है। नई व्यवस्था में companies के बीच job switch करने की प्रक्रिया को पहले से ज्यादा जल्दी पूरा करना जरूरी हो सकता है। 3. कम समय में Job Search का दबाव 60 दिन की grace period खत्म होने की स्थिति में कर्मचारी के पास नई नौकरी तलाशने के लिए कम flexibility होगी। ऐसे में कुछ workers को: H-1B Fee में भारी बढ़ोतरी से भी बढ़ी चिंता H-1B program में प्रस्तावित एक और बड़ा बदलाव इसकी लागत से जुड़ा है। Trump administration ने नए H-1B petitions से जुड़ी $103,265 की proposed fee को लेकर कदम उठाए हैं। यह समझना जरूरी है कि इसका अर्थ यह नहीं है कि हर H-1B employee को अपनी जेब से करीब $100,000 देना होगा। यह मुख्य रूप से employer-side cost से जुड़ा प्रस्ताव है। फिर भी इतनी बड़ी लागत कंपनियों के hiring decisions को प्रभावित कर सकती है। Indian IT Companies के लिए क्या बदल सकता है? H-1B rules में सख्ती और बढ़ी हुई लागत का असर भारतीय IT companies की US business strategy पर भी पड़ सकता है। कंपनियां संभावित रूप से: इसका मतलब यह हो सकता है कि आने वाले समय में भारतीय IT professionals के लिए US onsite opportunities की competition और बढ़ जाए। H-4 Visa पर रहने वाले परिवारों पर भी असर H-1B employee की immigration स्थिति का असर उसके परिवार पर भी पड़ सकता है। H-4 status पर अमेरिका में रहने वाले spouse और children के लिए भी primary H-1B holder की स्थिति महत्वपूर्ण होती है। अगर principal H-1B worker को नौकरी जाने के बाद जल्दी नया immigration solution नहीं मिलता, तो परिवार को भी relocation या दूसरे immigration options पर विचार करना पड़ सकता है। इसका असर बच्चों की schooling, spouse की employment और परिवार की financial planning पर भी पड़ सकता है। क्या हर H-1B worker को नौकरी जाते ही अमेरिका छोड़ना पड़ेगा? यह सबसे महत्वपूर्ण बात है। 60-day grace period खत्म करने का प्रस्ताव अगर लागू होता भी है, तो उसकी वास्तविक conditions अंतिम नियम में स्पष्ट होंगी। इसके अलावा H-1B worker की स्थिति उसके individual immigration circumstances, pending petitions, authorized stay और उपलब्ध दूसरे legal options पर निर्भर कर सकती है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि grace period हटते ही हर H-1B worker को नौकरी खत्म होने के अगले दिन अमेरिका छोड़ना पड़ेगा। क्या भारतीयों के लिए US में Jobs खत्म हो जाएंगी? ऐसा कहना भी सही नहीं होगा। अमेरिका की technology, healthcare, research, engineering और दूसरे specialized sectors में skilled professionals की मांग बनी हुई है। लेकिन नए नियमों से H-1B sponsorship की लागत और immigration uncertainty बढ़ सकती है। इसका सबसे बड़ा असर नए applicants और ऐसे professionals पर पड़ सकता है जिन्हें employer sponsorship की जरूरत है। H-1B Indians के लिए आगे क्या महत्वपूर्ण होगा? भारतीय H-1B professionals को आने वाले समय में immigration policy में होने वाले बदलावों पर नजर रखनी होगी। खासकर ये चार चीजें महत्वपूर्ण रहेंगी: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
PM Modi

PM Modi in Uzbekistan: SCO Summit से पहले पीएम मोदी का बड़ा बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) शनिवार को Uzbekistan और Kyrgyz Republic के चार दिवसीय दौरे के लिए रवाना हो गए। 29 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक चलने वाली इस यात्रा में पीएम मोदी पहले उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद जाएंगे। इसके बाद वह किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित होने वाले 26वें Shanghai Cooperation Organisation (SCO) Summit में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे से पहले कहा कि भारत SCO के सदस्य देशों के साथ मिलकर ऐसा क्षेत्र बनाने की दिशा में काम करेगा, जो आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से मुक्त हो। उन्होंने SCO के लिए भारत की प्राथमिकताओं को Security, Connectivity और Opportunity से जोड़ा है। PM Modi Uzbekistan Visit: द्विपक्षीय संबंधों पर होगी अहम बातचीत उज्बेकिस्तान की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दोनों नेताओं के बीच भारत और उज्बेकिस्तान के संबंधों को और मजबूत करने के लिए कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। इस दौरान Trade and Investment, Defence, Energy, Education और Digital Connectivity जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा। भारत के लिए उज्बेकिस्तान Central Asia का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। ऐसे में पीएम मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक, सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। Tashkent में Shastri Memorial और Mahatma Gandhi Centre जाएंगे PM Modi ताशकंद में प्रधानमंत्री मोदी Lal Bahadur Shastri Memorial और Mahatma Gandhi Centre का दौरा भी करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए भारत और उज्बेकिस्तान के बीच ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया जाएगा। भारत और Central Asia के बीच सदियों पुराने व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। मौजूदा दौर में दोनों पक्ष इन रिश्तों को आधुनिक आर्थिक और रणनीतिक सहयोग में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। SCO Summit 2026 में Terrorism पर भारत का सख्त रुख उज्बेकिस्तान दौरे के बाद पीएम मोदी 31 अगस्त और 1 सितंबर को बिश्केक में होने वाले 26वें SCO Summit में शामिल होंगे। यह सम्मेलन SCO की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। SCO Summit में regional security, terrorism, extremism, connectivity और economic cooperation जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे। भारत लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर मजबूत कार्रवाई की वकालत करता रहा है। पीएम मोदी ने कहा है कि भारत SCO के माध्यम से ऐसे क्षेत्र के निर्माण के लिए काम करेगा, जो terrorism, separatism और extremism से मुक्त हो। उनका यह संदेश SCO Summit में भारत की सुरक्षा प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है। Security और Connectivity पर भी रहेगा फोकस SCO के मंच पर भारत के लिए Security, Connectivity और Opportunity प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। मध्य एशिया के साथ बेहतर connectivity भारत के आर्थिक और रणनीतिक हितों के लिए महत्वपूर्ण है। व्यापार मार्गों, ऊर्जा सहयोग, डिजिटल कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देने से भारत और Central Asian देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूती मिल सकती है। प्रधानमंत्री मोदी SCO Summit के दौरान अन्य सदस्य देशों के नेताओं के साथ Bilateral Meetings भी कर सकते हैं। इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत की संभावना है। World Nomad Games के Opening Ceremony में शामिल होंगे PM Modi किर्गिस्तान दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी 6th World Nomad Games के Opening Ceremony में भी शामिल होंगे। यह आयोजन Central Asia की पारंपरिक संस्कृति, खेल और विरासत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करता है। पीएम मोदी की इस कार्यक्रम में भागीदारी भारत और किर्गिस्तान के बीच people-to-people और cultural ties को और मजबूत करने का अवसर भी होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
RBI

EMI नहीं चुकाई तो क्या होगा? RBI Loan Recovery Rules में बदलाव, जानिए Bank क्या नहीं कर सकता

अगर आपने Personal Loan, Home Loan, Car Loan या किसी अन्य तरह का Loan लिया है और किसी वजह से EMI समय पर नहीं चुका पा रहे हैं, तो आपके लिए RBI के Loan Recovery Rules जानना बेहद जरूरी है। EMI डिफॉल्ट होने पर बैंक या NBFC बकाया रकम की Recovery कर सकता है, लेकिन इसके लिए उसे RBI के नियमों का पालन करना जरूरी है। कई लोग यह मान लेते हैं कि EMI मिस होने के बाद Recovery Agent घर आकर धमका सकता है या किसी भी समय फोन कर सकता है। ऐसा नहीं है। RBI ने Loan Recovery के दौरान ग्राहकों के सम्मान, Privacy और उचित व्यवहार को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए हैं। EMI Miss होने पर सबसे पहले क्या होता है? अगर आपकी EMI तय तारीख पर जमा नहीं होती है, तो बैंक इसे Overdue Payment के रूप में दर्ज कर सकता है। Loan Agreement के मुताबिक बैंक बकाया रकम के साथ लागू ब्याज या अन्य वैध Charges की मांग कर सकता है। अगर EMI लगातार Miss होती रहती है, तो बैंक ग्राहक से संपर्क कर सकता है और बकाया रकम चुकाने के लिए कह सकता है। लंबे समय तक भुगतान न होने पर बैंक अपने नियमों और लागू कानून के अनुसार Recovery Process आगे बढ़ा सकता है। इसलिए RBI के नियमों का मतलब यह नहीं है कि EMI नहीं चुकाने पर बैंक पैसा नहीं मांग सकता। नियम मुख्य रूप से यह तय करते हैं कि Recovery किस तरीके से की जा सकती है। RBI Loan Recovery Rules: Bank आपको कब कॉल कर सकता है? RBI के निर्देशों के अनुसार Overdue Loan की Recovery के लिए ग्राहक से सुबह 8 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद संपर्क नहीं किया जाना चाहिए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि Recovery Agent ग्राहकों को अनुचित समय पर फोन करके परेशान न करें। अगर कोई Recovery Agent लगातार देर रात या सुबह-सुबह कॉल करता है, तो ग्राहक इस मामले की शिकायत संबंधित Bank या NBFC से कर सकता है। Recovery Agent आपको धमका नहीं सकता Loan की Recovery के लिए Bank या NBFC Recovery Agent की मदद ले सकता है, लेकिन Agent को ग्राहक के साथ धमकी, गाली-गलौज, अपमानजनक व्यवहार या मानसिक दबाव बनाने की अनुमति नहीं है। Recovery का उद्देश्य बकाया रकम की वसूली करना है, ग्राहक को डराना या परेशान करना नहीं। RBI ने Regulated Entities को अपने Recovery Agents की गतिविधियों पर उचित निगरानी रखने की जिम्मेदारी भी दी है। परिवार और दोस्तों को भी परेशान नहीं कर सकता Bank अगर आपकी EMI बकाया है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि Recovery Agent आपके परिवार, दोस्तों या परिचितों को परेशान करके आप पर दबाव बनाए। ग्राहक की Privacy और सम्मान का ध्यान रखना जरूरी है। किसी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करना या उसके कर्ज की जानकारी का अनुचित तरीके से इस्तेमाल करना Recovery का स्वीकार्य तरीका नहीं है। क्या Bank घर आकर Recovery कर सकता है? बकाया Loan की Recovery के लिए Bank या उसका अधिकृत Recovery Agent ग्राहक से संपर्क कर सकता है। हालांकि, Recovery करते समय निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। अगर Loan के बदले कोई Asset जैसे Car, Property या अन्य Security रखी गई है, तो Default की स्थिति में Bank के पास कानून और Loan Agreement के तहत Recovery के अधिकार हो सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि Recovery Agent अपनी मर्जी से जबरन सामान या संपत्ति पर कब्जा कर सकता है। Loan Default होने पर Credit Score पर भी असर पड़ सकता है EMI का लगातार भुगतान न करने का असर केवल Bank Recovery तक सीमित नहीं रहता। Loan Repayment History आपके Credit Profile को प्रभावित कर सकती है। अगर Loan Account में लगातार Default होता है, तो भविष्य में Loan या Credit Card लेने में परेशानी हो सकती है। इसलिए आर्थिक परेशानी होने पर EMI को नजरअंदाज करने के बजाय Bank से समय रहते संपर्क करना बेहतर होता है। Recovery Agent परेशान करे तो क्या करें? अगर कोई Recovery Agent RBI के नियमों का उल्लंघन करता है, तो ग्राहक को सबसे पहले संबंधित Bank या NBFC के Grievance Redressal Mechanism में शिकायत करनी चाहिए। शिकायत करते समय कॉल रिकॉर्ड, SMS, WhatsApp Message, Email या अन्य उपलब्ध सबूत सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है। अगर Bank या NBFC से शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो पात्र मामलों में RBI की Ombudsman व्यवस्था के तहत शिकायत की जा सकती है। क्या EMI नहीं भरने पर Bank Loan माफ कर देगा? नहीं। RBI के Recovery Rules का उद्देश्य ग्राहकों को अनुचित Recovery Practices से सुरक्षा देना है। इसका मतलब यह नहीं है कि EMI नहीं भरने पर Loan अपने आप माफ हो जाएगा। Bank अपने Loan Agreement और लागू कानून के अनुसार बकाया रकम की Recovery कर सकता है। लंबे समय तक Default की स्थिति में कानूनी कार्रवाई भी संभव है। EMI भरने में परेशानी हो तो क्या करें? अगर आपको लगता है कि किसी महीने या आने वाले समय में EMI भरना मुश्किल हो सकता है, तो Bank या NBFC से जल्द संपर्क करें। अपनी Financial Situation के बारे में जानकारी देकर उपलब्ध विकल्पों के बारे में पूछें। सबसे जरूरी बात यह है कि Recovery Agent के दबाव में आकर किसी अनजान व्यक्ति के Personal Account में पैसा जमा न करें। Payment हमेशा Bank/NBFC के अधिकृत माध्यम से ही करें। RBI Loan Recovery Rules का सबसे जरूरी सार EMI समय पर नहीं चुकाने पर Bank आपसे बकाया रकम की मांग कर सकता है और नियमों के अनुसार Recovery Process शुरू कर सकता है। लेकिन Recovery के दौरान Bank या उसके Agent को ग्राहक की Privacy और सम्मान का ध्यान रखना होगा। याद रखें: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CNG Price

Delhi CNG Price: CNG के दाम में ₹3.89 की बढ़ोतरी, अब ₹86.98 प्रति किलो मिलेगा गैस

दिल्ली-NCR में CNG इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। CNG Price Hike के तहत इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने CNG की कीमत में ₹3.89 प्रति किलो की बढ़ोतरी की है। नई कीमतें 29 अगस्त 2026 से लागू हो गई हैं। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में CNG का रेट ₹83.09 प्रति किलो से बढ़कर ₹86.98 प्रति किलो हो गया है। यह 2026 में दिल्ली-NCR में CNG की पांचवीं कीमत बढ़ोतरी है। लगातार हो रही बढ़ोतरी से CNG कार चलाने वाले लोगों के साथ-साथ ऑटो, टैक्सी, कैब और कमर्शियल वाहनों के ड्राइवरों पर भी ईंधन खर्च का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। Delhi CNG Price: अब कितना हुआ CNG का रेट? IGL की नई कीमतों के मुताबिक दिल्ली-NCR के अलग-अलग शहरों में CNG के दाम इस प्रकार हैं: दिल्ली में CNG की कीमत में सीधे ₹3.89 प्रति किलो की वृद्धि हुई है। इसका मतलब है कि जो वाहन रोजाना बड़ी मात्रा में CNG की खपत करते हैं, उनके लिए महीने का fuel budget पहले की तुलना में और बढ़ जाएगा। Why CNG Price Increased: क्यों बढ़े CNG के दाम? IGL के अनुसार, CNG की कीमत बढ़ाने की मुख्य वजह imported LNG की बढ़ी हुई लागत है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में LNG की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर गैस की supply और import cost पर पड़ा है। पश्चिम एशिया में तनाव के कारण LNG की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ी है। इसके चलते global energy market में कीमतों पर दबाव बना हुआ है। IGL ने इसी बढ़ी हुई input cost के एक हिस्से को CNG की कीमतों में शामिल किया है। 2026 में पांचवीं बार महंगी हुई CNG दिल्ली-NCR में वर्ष 2026 के दौरान CNG की कीमतों में यह पांचवीं बढ़ोतरी है। इससे पहले भी इस साल अलग-अलग चरणों में CNG के दाम बढ़ाए गए थे। बार-बार होने वाली price hike के कारण CNG को economical fuel मानकर इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिकों की लागत लगातार बढ़ रही है। हालांकि पेट्रोल और डीजल की तुलना में CNG अभी भी कई वाहन चालकों के लिए एक महत्वपूर्ण alternative fuel बनी हुई है। CNG Price Hike का आम लोगों पर क्या असर होगा? CNG की कीमत बढ़ने का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं। निजी CNG कारों के अलावा auto-rickshaw, taxi, cab और commercial vehicles चलाने वालों की operating cost भी बढ़ेगी। ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए बढ़ती fuel cost का सीधा असर उनकी daily earnings पर पड़ सकता है। अगर CNG की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो भविष्य में इसका असर transportation charges और passenger fares पर भी देखने को मिल सकता है। CNG महंगी होने से बढ़ सकता है Monthly Fuel Budget उदाहरण के तौर पर, अगर कोई वाहन प्रतिदिन 5 किलो CNG की खपत करता है, तो ₹3.89 प्रति किलो की अतिरिक्त कीमत के कारण उसका खर्च करीब ₹19.45 प्रतिदिन बढ़ जाएगा। 30 दिनों में यह अतिरिक्त खर्च लगभग ₹584 हो सकता है। जिन commercial vehicles की रोजाना CNG consumption इससे कहीं अधिक है, उनके लिए अतिरिक्त मासिक खर्च भी काफी ज्यादा होगा। आगे CNG के दाम पर क्या रहेगा असर? CNG की कीमतों पर आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय LNG prices, global gas supply और पश्चिम एशिया की स्थिति का असर महत्वपूर्ण रहेगा। अगर imported gas की लागत ऊंची बनी रहती है, तो domestic CNG prices पर भी दबाव बना रह सकता है। फिलहाल दिल्ली-NCR के लोगों को 29 अगस्त से CNG के लिए ₹3.89 प्रति किलो ज्यादा भुगतान करना होगा। दिल्ली में नई CNG कीमत ₹86.98 प्रति किलो पहुंच गई है, जबकि नोएडा और गाजियाबाद में यह ₹95.59 प्रति किलो हो गई है। CNG Price Hike 2026 की यह पांचवीं बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब बढ़ती fuel और transportation costs पहले से ही आम लोगों के बजट को प्रभावित कर रही हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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