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Operation Sindoor

Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर बना भारत की शान, पीएम मोदी बोले – “Pride of India”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) को भारत के लिए “गर्व का विषय (Pride of India)” बताया और इसे भारतीय सेना की ताकत और रणनीतिक क्षमता का प्रतीक कहा। यह ऑपरेशन 6 मई को उस आतंकी हमले के जवाब में किया गया, जिसमें जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। प्रधानमंत्री ने सोमवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में कहा, “पूरा देश हमारी ओर देख रहा था। सेना ने जिस तरह से यह ऑपरेशन अंजाम दिया, वह सराहनीय है। हमें अपनी सेना पर गर्व है।” मंत्रियों ने मेज थपथपाकर ऑपरेशन की सराहना की और पीएम मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताया। Operation Sindoor की रणनीति और सफलता 6 मई की रात 1:05 बजे शुरू हुए इस हाईली कोऑर्डिनेटेड स्ट्राइक में मात्र 25 मिनट में दुश्मन के कब्जे वाले इलाके में मौजूद 9 आतंकी कैंप और ट्रेनिंग फैसिलिटीज को तबाह कर दिया गया। भारतीय वायुसेना ने इस मिशन में फ्रांस निर्मित HAMMER Bomb और SCALP Missile जैसे अत्याधुनिक स्टैंड-ऑफ हथियारों का इस्तेमाल किया। इस स्ट्राइक को इस तरह डिज़ाइन किया गया था कि दुश्मन को इसका अंदेशा भी न हो और अधिकतम नुकसान पहुंचाया जा सके। Operation Sindoor” नाम का भावनात्मक संदेश प्रधानमंत्री मोदी ने इस मिशन का नाम ‘सिंदूर’ रखा, जो भारतीय संस्कृति में विवाहित महिलाओं के माथे की पहचान है। यह नाम उन महिलाओं को श्रद्धांजलि है, जिन्होंने पहलगाम आतंकी हमले में अपने पति खो दिए। यह सिर्फ एक सैन्य ऑपरेशन नहीं बल्कि मानवता और न्याय की लड़ाई का प्रतीक भी है। शहीदों के परिजनों की प्रतिक्रिया हमले में मारे गए सुमित परमार के भतीजे ने कहा, “हम सरकार के आभारी हैं। हमें लगता है कि हमारे परिवार को न्याय मिला है। हम पीएम मोदी से अपील करते हैं कि आतंकवाद का सफाया पूरी तरह हो।” देशभर में सराहना और समर्थन कैबिनेट मंत्रियों ने एकमत से ऑपरेशन सिंदूर का समर्थन किया और प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता की तारीफ की। पूरे देश में इस जवाबी कार्रवाई को सराहा जा रहा है और सोशल मीडिया पर लोग इसे #OperationSindoor और #PrideOfIndia के रूप में ट्रेंड करा रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Operation Sindoor

Operation Sindoor: India Strikes Terror Targets in PoK, China Expresses Concern

भारत ने 7 मई 2025 को एक बड़ा सैन्य ऑपरेशन, जिसे ‘Operation Sindoor’ कहा गया, पाकिस्तान और पाकिस्तान-आधारित कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाते हुए शुरू किया। इस ऑपरेशन का उद्देश्य जम्मू और कश्मीर में हुए पहलगाम हमले में मारे गए भारतीय नागरिकों का बदला लेना था। भारत ने दावा किया कि इस कार्रवाई के तहत जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकवादी संगठनों के ठिकानों को निशाना बनाया गया। Operation Sindoor के प्रमुख तथ्य: Operation Sindoor में भारतीय सेना ने पाकिस्तान-आधारित कश्मीर (PoK) के आतंकी कैंपों पर हमले किए, जिसमें कई आतंकवादी ठिकानों को नष्ट किया गया। यह हमला पाकिस्तान के बालाकोट इलाके में हुआ, जहां आतंकवादी समूहों की गतिविधियाँ जारी थीं। भारत सरकार के मुताबिक, यह हमले पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ किए गए थे और इसने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला लिया, जिसमें 26 भारतीय नागरिकों और एक नेपाली नागरिक की मौत हो गई थी। पाकिस्तान का विरोध: पाकिस्तान ने इस हमले में नागरिकों के मरने की पुष्टि की और भारतीय लड़ाकू विमानों को मार गिराने का दावा किया। भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा (LoC) पर तनाव बढ़ गया है और दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष का खतरा उत्पन्न हो गया है। पाकिस्तान ने इस हमले को उकसावे का कारण बताया और इसके जवाब में कड़े कदम उठाने की धमकी दी। चीन की प्रतिक्रिया: भारत के Operation Sindoor पर चीन ने गहरी चिंता जताई है। चीन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “चीन भारत की सैन्य कार्रवाई पर खेद व्यक्त करता है और वर्तमान घटनाओं के संबंध में चिंतित है। चीन आतंकवाद के सभी रूपों का विरोध करता है और दोनों देशों से अपील करता है कि वे शांति बनाए रखें और संयम बरतें, ताकि स्थिति और जटिल न हो।” चीन का यह बयान उसकी पहले की नीति के अनुरूप है, जिसमें उसने हमेशा भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने और विवादों को कूटनीतिक तरीके से सुलझाने की वकालत की है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय का संदेश: संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठन इस बढ़ते तनाव पर नजर बनाए हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने भारत और पाकिस्तान से शांति बनाए रखने और सैन्य संघर्ष से बचने की अपील की है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों देशों से आग्रह किया है कि वे बातचीत के जरिए समाधान खोजें और क्षेत्रीय शांति को खतरे में न डालें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Operation Sindoor: India's Decisive Strike Against Terrorism

Operation Sindoor:भारतीय सेना ने इन दमदार मिसाइलों से मचाया पाकिस्तान में कोहराम

भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों पर किया करारा प्रहार Operation Sindoor: India’s Decisive Strike Against Terrorism 7 मई की रात भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में यह सैन्य अभियान शुरू किया गया, जिसमें अत्याधुनिक हथियारों और मिसाइलों का उपयोग किया गया। SCALP मिसाइल: दुश्मन के किले पर सटीक वार इस अभियान में भारतीय सेना ने SCALP क्रूज मिसाइल का इस्तेमाल किया। फ्रांसीसी-ब्रिटिश मूल की यह मिसाइल लंबी दूरी तक मार करने में सक्षम है। 250 से 560 किमी तक की रेंज और 1000 किमी प्रति घंटे की गति वाली इस मिसाइल का वजन 1300 किलोग्राम है। राफेल और यूरोफाइटर टाइफून से दागी जाने वाली इस मिसाइल का उपयोग इराक, लीबिया और सीरिया में भी हो चुका है। HAMMER मिसाइल: हवा से जमीन तक अचूक वार फ्रांसीसी कंपनी SAFRAN द्वारा निर्मित HAMMER मिसाइल मध्यम दूरी की मिसाइल है। इसकी रेंज 20 से 70 किलोमीटर तक हो सकती है। GPS और लेजर गाइडेंस से लैस इस मिसाइल में इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग का भी सामना करने की क्षमता है। इसका उपयोग अफगानिस्तान, लीबिया, इराक और माली में किया गया है। राफेल की ताकत: पाकिस्तान के लिए खौफ Rafale fighter jets की गति 2202 किमी प्रति घंटा है, जो पाकिस्तान के JF-17 और J-10 से अधिक है। इसकी फ्यूल कैपेसिटी 11,202 लीटर है और यह 50 हजार फीट तक उड़ सकता है। राफेल में लगी SCALP और HAMMER मिसाइलों के कारण पाकिस्तान में इसका डर हमेशा बना रहता है। ऑपरेशन सिंदूर का संदेश इस अभियान ने न केवल आतंकवादियों को कड़ा संदेश दिया है, बल्कि पाकिस्तान में छिपे आतंकियों के मन में भय भी पैदा किया है। राफेल की मारक क्षमता और आधुनिक मिसाइल तकनीक ने यह साबित कर दिया है कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।
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Vyomika Singh

Operation Sindoor: विंग कमांडर Vyomika Singh ने बताया कैसे Indian Air Force ने PoK में Terror Camps तबाह किए

Indian Air Force (IAF) ने हाल ही में “Operation Sindoor” के तहत Pakistan Occupied Kashmir (PoK) और पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर सटीक एयरस्ट्राइक की। इस जवाबी कार्रवाई की कमान विंग कमांडर Vyomika Singh ने संभाली। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर के Pahalgam Terror Attack के बाद शुरू किया गया, जिसमें 26 निर्दोष नागरिक मारे गए थे। क्या है Operation Sindoor? “ऑपरेशन सिंदूर” भारतीय वायुसेना द्वारा की गई एक हाई-प्रोफाइल जवाबी कार्रवाई थी। इस अभियान में भारतीय फाइटर जेट्स ने 9 आतंकी कैंप्स को निशाना बनाकर पूरी तरह नष्ट कर दिया। यह हमला आतंकियों और उन्हें समर्थन देने वालों को यह संदेश देने के लिए था कि भारत की सुरक्षा से कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता। कौन हैं विंग कमांडर Vyomika Singh? Wing Commander Vyomika Singh भारतीय वायुसेना की एक कुशल महिला अधिकारी हैं, जिन्हें 18 दिसंबर 2019 को फ्लाइंग ब्रांच में परमानेंट कमीशन मिला। अब तक वह 2,500 घंटे से अधिक की उड़ान भर चुकी हैं। वह अपने परिवार की पहली सदस्य हैं जो Armed Forces में शामिल हुईं। उनके नेतृत्व में इस ऑपरेशन की रणनीति बनाई गई और उसका सफल क्रियान्वयन हुआ। Airstrike का पूरा प्लान और Execution प्रेस कांफ्रेंस में विंग कमांडर ने बताया कि कैसे इस मिशन को रणनीतिक रूप से तैयार किया गया। आतंकियों की गतिविधियों की सटीक जानकारी मिलने के बाद IAF के पायलटों ने रात के अंधेरे में फाइटर जेट्स की मदद से सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया। मिशन का उद्देश्य था – आतंक को जड़ से खत्म करना और देशवासियों को न्याय दिलाना। महिलाओं के लिए प्रेरणा बनीं Vyomika Singh व्योमिका सिंह आज लाखों लड़कियों के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने दिखा दिया कि महिलाएं सिर्फ घर तक सीमित नहीं, देश की सीमाएं भी संभाल सकती हैं और युद्ध के मैदान में दुश्मनों को मात दे सकती हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Operation Sindoor: India Strikes Back

Operation Sindoor: India Strikes Back – भारत का आतंकवाद पर करारा प्रहार

ऑपरेशन सिंदूर: भारत का आतंकवाद पर करारा प्रहार 7 मई 2025 को भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले कर उन्हें नष्ट कर दिया। इस ऐतिहासिक ऑपरेशन को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया है। यह पहली बार है जब तीनों सेनाओं – थल सेना, वायु सेना और नौसेना ने मिलकर एक साथ कार्रवाई की है। ऑपरेशन की वजह 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटक मारे गए थे, जिसमें एक नेपाल का नागरिक भी शामिल था। आतंकियों ने धर्म पूछकर गोली मारी थी। हमले की जिम्मेदारी द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी। इस हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान में स्थित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी ठिकानों को नष्ट करने का फैसला किया। एयरस्ट्राइक में इस्तेमाल हुए हथियार भारतीय सेना ने एयरस्ट्राइक के दौरान स्कैल्प और हैमर मिसाइलों का उपयोग किया। ये मिसाइलें उच्च सटीकता और घातकता के लिए जानी जाती हैं। भारतीय वायु सेना और नौसेना ने मिलकर इनका उपयोग करते हुए पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादी ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया। अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ उच्चस्तरीय आपात बैठक की। प्रधानमंत्री ने इस पूरे ऑपरेशन पर रात भर नजर रखी। ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना की आतंकवाद के खिलाफ एक निर्णायक कार्रवाई है। इसका उद्देश्य भारत के नागरिकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। आगे की जानकारी के लिए ‘देश हरपल’ के साथ बने रहें।
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Mock Drill

7 May Mock Drill 2025: देश के 244 जिलों में होगा बड़ा Civil Defence अभ्यास

भारत सरकार के गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) के निर्देश पर 7 मई 2025 (7 May 2025) को पूरे देश के 244 जिलों (districts) में एक साथ मॉक ड्रिल (Mock Drill) आयोजित की जाएगी। इस राष्ट्रीय स्तर की Civil Defence Exercise का उद्देश्य संभावित आपदा या युद्ध जैसी स्थिति में नागरिकों और सरकारी एजेंसियों की तैयारी की जांच करना है। Mock Drill का उद्देश्य क्या है? इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य देश की सुरक्षा तैयारी को मजबूत करना और किसी भी आपातकालीन स्थिति (Emergency Situation) में सामूहिक प्रतिक्रिया (collective response) की क्षमता को आंकना है। बढ़ते वैश्विक खतरों, आतंकी हमलों और प्राकृतिक आपदाओं की संभावना को देखते हुए यह अभ्यास बेहद जरूरी माना जा रहा है। Mock Drill में क्या-क्या होगा? मॉक ड्रिल के तहत विभिन्न प्रकार की गतिविधियाँ की जाएंगी, जिनमें शामिल हैं: कहाँ-कहाँ होगा यह अभ्यास? इस मॉक ड्रिल का आयोजन भारत के 244 जिलों में किया जाएगा, जिसमें मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल, उत्तर प्रदेश के लखनऊ, बिहार के पटना, महाराष्ट्र के नागपुर, और तमिलनाडु के चेन्नई जैसे बड़े शहर भी शामिल हैं। पूरे देश से चुने गए जिलों में प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। सामान्य जनता की भूमिका मॉक ड्रिल में स्थानीय नागरिकों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि उन्हें आपातकालीन स्थिति में कैसे प्रतिक्रिया करनी है, इसका प्रशिक्षण मिल सके। लोगों को सलाह दी गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और घबराएं नहीं। गृह मंत्रालय की ओर से क्या कहा गया? गृह मंत्रालय के अनुसार, “इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य केवल परीक्षण नहीं, बल्कि एक सशक्त नागरिक सुरक्षा ढांचा तैयार करना है। यह अभ्यास सभी संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय की परीक्षा भी है।” हर खबर, हर पल – सिर्फ देशहरपल पर।
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Rahul Gandhi News, Shankaracharya Avimukteshwaranand

कांग्रेस नेता राहुल गांधी सनातन धर्म से बहिष्कृत! शंकराचार्य ने सुनाया बड़ा फैसला

Breaking: Shankaracharya Expels Rahul Gandhi from Sanatan Dharma, Here’s Why उत्तराखंड के बद्रीनाथ स्थित ज्योतिर्मठ से सनातन धर्म को लेकर एक बड़ा बयान सामने आया है। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को हिंदू धर्म से सार्वजनिक रूप से बहिष्कृत करने की घोषणा कर दी है। शंकराचार्य का आरोप है कि राहुल गांधी ने संसद में मनुस्मृति के खिलाफ जो टिप्पणी की, उससे संपूर्ण सनातन धर्मावलंबियों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि संसद में राहुल गांधी ने कहा कि “बलात्कारी को बचाने का फॉर्मूला संविधान में नहीं, आपकी किताब में है” — जो सीधा मनुस्मृति को लेकर कहा गया माना गया। पहले दी गई थी चेतावनी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अनुसार, राहुल गांधी को तीन महीने पहले एक नोटिस भेजा गया था, जिसमें पूछा गया था कि उन्होंने जो बात मनुस्मृति के बारे में कही, वह ग्रंथ में कहां लिखी है? लेकिन राहुल गांधी की ओर से न कोई जवाब आया और न ही उन्होंने क्षमा याचना की। सार्वजनिक बहिष्कार की घोषणा इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए, शंकराचार्य ने अब औपचारिक रूप से राहुल गांधी को सनातन धर्म से बहिष्कृत करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि “जो व्यक्ति धर्म ग्रंथों का सार्वजनिक रूप से अपमान करे और पश्चाताप भी न करे, वह हिंदू नहीं रह सकता।” क्या है आगे की राह? यह बयान राजनीतिक और धार्मिक दोनों ही स्तरों पर बड़ी बहस का कारण बन गया है। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या धार्मिक संस्थाओं को किसी राजनेता को धर्म से बहिष्कृत करने का अधिकार है? और क्या राहुल गांधी को अब सफाई देनी चाहिए? देश हरपल इस मुद्दे पर होने वाले हर अपडेट को आप तक पहुंचाता रहेगा।
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India Pakistan tension

War Before War: भारत की स्ट्रैटेजिक स्ट्राइक से बिना लड़े ही कंगाल हो रहा Pakistan

नई दिल्ली: पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) के बाद भारत ने पाकिस्तान को जवाब देने के लिए जो रणनीति बनाई है, वो किसी मिसाइल या बम से कम नहीं है। ये ‘वॉटर स्ट्राइक’ और ‘फाइनेंशियल स्ट्राइक’ इतनी असरदार साबित हो रही हैं कि पाकिस्तान युद्ध लड़े बिना ही आर्थिक रूप से थकने लगा है। भारत ने सबसे पहले सिंधु जल समझौते (Indus Water Treaty) पर पुनर्विचार शुरू कर दिया और पाकिस्तान के साथ व्यापारिक रिश्तों को ठंडे बस्ते में डाल दिया। इससे पाकिस्तान को दोहरी मार पड़ी – एक तो पानी का दबाव और दूसरा व्यापारिक घाटा। हर दिन जल रहा अरबों का इंधन:एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान हर रोज़ करीब 4 अरब पाकिस्तानी रुपये सिर्फ बॉर्डर अलर्ट पर खर्च कर रहा है। यानी न युद्ध हुआ, न गोली चली, लेकिन आर्थिक नालियों में उसका खजाना बहता जा रहा है। सिर्फ ‘अलर्ट’ रहने के लिए इतनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है। चीन ने भी बनाई दूरी:जहां पहले चीन पाकिस्तान का सबसे करीबी रणनीतिक साझेदार माना जाता था, अब उसी चीन ने धीरे-धीरे दूरी बनानी शुरू कर दी है। बेल्ट एंड रोड प्रोजेक्ट ठंडे पड़ चुके हैं और आर्थिक मदद की गारंटी भी नहीं दी जा रही। परमाणु की धमकी… लेकिन जेब खाली:पाकिस्तान की ओर से अक्सर परमाणु हमले की धमकियां दी जाती हैं, लेकिन जिस देश की जेब पहले से ही खाली हो और IMF की शर्तों पर बंधा हो, वो युद्ध की भारी कीमत कैसे चुका पाएगा? यही बड़ा सवाल है। भारत की ‘War Before War’ रणनीति:भारत ने बिना सीमा लांघे, पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और सैन्य ऊर्जा को कमज़ोर करने की रणनीति पर अमल शुरू कर दिया है। यही है असली ‘War Before War’ – जिसमें दुश्मन खुद ही थककर मैदान छोड़ दे।
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Pahalgam

Pahalgam Terror Attack India-Pakistan Tension बढ़ा, जलविद्युत परियोजनाएं बनीं नई जंग की वजह

जम्मू-कश्मीर के Pahalgam में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक नए मुकाम पर पहुंच गया है। भारत ने न सिर्फ सिंधु जल संधि को निलंबित किया है, बल्कि दो अहम जलविद्युत परियोजनाओं पर काम भी शुरू कर दिया है, जिससे पड़ोसी मुल्क में खलबली मच गई है। Pahalgam हमला: 26 पर्यटकों की मौत से भड़का माहौल 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए दर्दनाक आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की जान चली गई। भारत ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और भी गहरा हो गया। भारत का बड़ा कदम: सिंधु जल संधि निलंबित, परियोजनाएं शुरू इस हमले के जवाब में भारत सरकार ने 1960 की सिंधु जल संधि को आंशिक रूप से निलंबित कर दिया है। साथ ही, जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर स्थित सलाल और बगलिहार जलविद्युत परियोजनाओं पर पुनः कार्य शुरू कर दिया गया है। पाकिस्तान की कड़ी चेतावनी: परमाणु हमले तक की धमकी भारत के इस कदम पर पाकिस्तान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पाकिस्तान के एक वरिष्ठ राजनयिक ने बयान दिया कि, “अगर भारत ने हमारे जल संसाधनों में हस्तक्षेप किया, तो हम अपनी पूरी ताकत का इस्तेमाल करेंगे—परमाणु विकल्प सहित।” कूटनीतिक और सैन्य तनाव चरम पर DeshHarpal पर पढ़ें देश-दुनिया से जुड़ी हर बड़ी खबर।
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India-Pak tension

India-Pak Tension: हमले की सूरत में एकजुट होंगे पाकिस्तान के सभी राजनीतिक दल

इस्लामाबाद:India-Pak tension के बीच पाकिस्तान की राजनीति में एक बड़ी एकजुटता देखने को मिली है। भारत की ओर से संभावित सैन्य कार्रवाई की स्थिति में पाकिस्तान के लगभग सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने सेना के साथ मिलकर संयुक्त मोर्चा बनाने की सहमति जताई है। यह फैसला पाकिस्तानी सेना की इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) द्वारा रविवार देर रात आयोजित ब्रीफिंग के बाद सामने आया। इस ब्रीफिंग में ISPR के डायरेक्टर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी और सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने मौजूदा हालात की जानकारी साझा की। डॉन अखबार के मुताबिक, इस बैठक में PPP के राजा परवेज अशरफ, कमर जमान काइरा, शाजिया मरी और PML-N के बैरिस्टर अकील, तारिक फजल चौधरी, तलाल चौधरी के साथ कश्मीरी नेता शाह गुलाम कादिर समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। हालांकि, इमरान खान की पार्टी PTI इस अहम बैठक में शामिल नहीं हुई। PTI ने इमरान खान की जेल से रिहाई की मांग को लेकर विरोध स्वरूप दूरी बनाए रखी। बैठक के दौरान सभी दलों ने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर भारत हमला करता है, तो वे एक साथ खड़े होंगे और सेना के साथ मिलकर जवाब देंगे। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि सरकार सभी पार्टियों का फीडबैक लेकर साझा रणनीति बनाना चाहती है। भारत द्वारा पहलगाम आतंकी हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराने के बाद दोनों देशों में तनाव और बढ़ गया है। पाकिस्तान ने आरोपों से इनकार करते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की है। आज इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की विशेष बैठक आयोजित की जा रही है, जिसकी मांग पाकिस्तान ने की थी। ग्रीस की अध्यक्षता में इसे मंजूरी मिली है। साथ ही, पाकिस्तान की संसद में भी आज विशेष सत्र बुलाया गया है। पाक सेना ने राजनीतिक दलों को यह भी बताया कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए वे पूरी तरह तैयार हैं।
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Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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