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UPI सेवाओं में रुकावट

UPI सेवाओं में रुकावट: Paytm, PhonePe, Google Pay पर असर, जानें क्यों हुई बाधा

12 अप्रैल 2025 – आज सुबह UPI सेवाओं में अचानक रुकावट आई जिससे Paytm, PhonePe, Google Pay समेत कई ऐप्स प्रभावित हुए हैं। उपयोगकर्ता लेन-देन में परेशानी का सामना कर रहे हैं और त्रुटि संदेश देख रहे हैं। इस लेख में हम सरल भाषा में इस समस्या के कारण, असर और समाधान के उपाय बता रहे हैं। क्या हुआ? संभावित कारण उपयोगकर्ताओं के लिए सुझाव
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PM Modi

2036 Olympics की तैयारी में जुटा भारत: PM Modi ने कहा – Kashi के युवाओं को आज से Training शुरू करनी होगी

वाराणसी, 11 अप्रैल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र काशी में शुक्रवार को एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए पूरी कोशिश कर रहा है। इस मौके पर उन्होंने युवाओं से अपील की कि अगर वे ओलंपिक में चमकना चाहते हैं, तो उन्हें अभी से ट्रेनिंग शुरू करनी होगी। काशी में ₹3,880 करोड़ की 44 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले महीनों में बनारस की कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर में और सुधार होगा। ropeway ट्रायल शुरू हो चुके हैं और शहर अब सिर्फ धार्मिक केंद्र नहीं बल्कि स्वास्थ्य और खेल के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है। खेल और स्वास्थ्य में बनारस की नई पहचान प्रधानमंत्री ने कहा, “काशी अब सिर्फ आध्यात्मिक नगरी नहीं रही। यहां अब आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं और खेलों में अवसर बढ़ रहे हैं। दिल्ली-मुंबई जैसी मेडिकल सुविधाएं अब यहीं मिल रही हैं। यह असली विकास है – जब सुविधाएं लोगों तक खुद पहुंचें।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि पूर्वांचल के लोगों को 10-11 साल पहले इलाज के लिए बड़ी परेशानियां झेलनी पड़ती थीं, लेकिन आज काशी “स्वास्थ्य की राजधानी” बन चुकी है। ओलंपिक 2036: भारत का सपना और काशी का योगदान प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत ओलंपिक 2036 की मेज़बानी के लिए प्रयासरत है और इसके लिए देशभर के युवाओं को आज से तैयारी शुरू करनी चाहिए। उन्होंने काशी के युवाओं को खेलों के प्रति गंभीर होने और सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ उठाने की सलाह दी। बड़ी योजनाएं, बड़ा विजन इस दौरान पीएम मोदी ने काशी में कई अहम परियोजनाओं की नींव रखी, जिनमें शामिल हैं: इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।
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Tahawwur Rana Extradition

Tahawwur Rana Extradition : तहव्वुर राणा को NIA की कस्टडी में कहां रखा गया है और 18 दिन में क्या-क्या उगलवाएगी जांच एजेंसी?

देश हरपल न्यूज़ डेस्कतारीख: 11 अप्रैल 2025 मुंबई आतंकी हमले का साजिशकर्ता तहव्वुर राणा आखिरकार भारत की गिरफ्त में है। अमेरिका से कानूनी औपचारिकताओं के बाद भारत लाया गया राणा फिलहाल राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की हिरासत में है। लेकिन उसे तिहाड़ जेल में नहीं रखा गया है। सवाल उठता है – आखिर Tahawwur Rana को कहां रखा गया है? कैसी है सुरक्षा? और NIA उससे कौन-कौन से राज उगलवाने की तैयारी में है? कहां रखा गया है तहव्वुर राणा? सूत्रों के मुताबिक, तहव्वुर राणा को तिहाड़ जेल के बजाय NIA के सेंट्रल जोधपुर ऑफिस (CJO Complex) में रखा गया है, जो एक हाई-सिक्योरिटी फैसिलिटी है। यहां सिर्फ बेहद संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल मामलों से जुड़े आरोपियों को ही रखा जाता है। NIA ने यह फैसला इसलिए लिया है ताकि राणा से बिना किसी रुकावट के पूछताछ की जा सके और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। बता दें कि तिहाड़ जेल में पहले भी कई आतंकियों पर हमले हो चुके हैं, इसलिए NIA कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। कैसी है सुरक्षा व्यवस्था? CJO कॉम्प्लेक्स में राणा को 24×7 Z+ श्रेणी की सुरक्षा में रखा गया है। उसके आसपास सशस्त्र कमांडो तैनात हैं और हर मूवमेंट पर CCTV से निगरानी रखी जा रही है। उसे एक अलग हाई-सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है, जहां किसी बाहरी व्यक्ति को मिलने की अनुमति नहीं है। NIA की 18 दिनों की कस्टडी में क्या होगा? एनआईए को अदालत ने तहव्वुर राणा की 18 दिनों की रिमांड दी है। इस दौरान जांच एजेंसी का मकसद है: कौन है तहव्वुर राणा? तहव्वुर हुसैन राणा एक पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है, जो अमेरिका में मेडिकल क्लिनिक चलाता था। वह 26/11 के मास्टरमाइंड डेविड हेडली का करीबी दोस्त और साथी था। हेडली ने भारत में रेकी करने और आतंकियों की मदद करने में राणा की भूमिका को स्वीकारा था। अमेरिका से भारत कैसे लाया गया? तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में भारत को लंबा इंतजार करना पड़ा। अमेरिका की अदालत ने तमाम दलीलों के बाद आखिरकार उसके भारत प्रत्यर्पण की मंजूरी दी। इसके बाद NIA की एक विशेष टीम अमेरिका गई, जहां उसने अमेरिकी अधिकारियों के साथ सारे कागजात और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कीं। इसके बाद उसे फ्लाइट से भारत लाया गया। निष्कर्ष तहव्वुर राणा की गिरफ्तारी और भारत लाया जाना देश की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी कामयाबी है। अब सबकी निगाहें NIA की पूछताछ पर हैं, जिससे आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। यह केस न सिर्फ 26/11 के घावों को भरने की दिशा में एक कदम है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की अंतरराष्ट्रीय लड़ाई में भी अहम मोड़ साबित हो सकता है। देश हरपल न्यूज़ पर हम ऐसे ही राष्ट्रहित से जुड़ी खबरों को आपके सामने लाते रहेंगे। हमारे साथ जुड़े रहें।
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Tahawwur Rana Extradition LIVE Updates:दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा विमान, एनआईए मुख्यालय ले जाया जायेगा

रिपोर्ट: देश हरपल न्यूज़ | तारीख: 30 मार्च 2025 26/11 मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड और भारत के वांछित आतंकवादी तहव्वुर हुसैन राणा को अमेरिका से भारत लाने की लंबी प्रक्रिया के बाद आज आखिरकार प्रत्यर्पित कर लिया गया। राणा को लेकर आ रहा विमान आज सुबह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंड हुआ। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक विशेष टीम पहले से एयरपोर्ट पर तैनात थी, जिसने सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच उसे हिरासत में लिया और सीधे एनआईए हेडक्वार्टर ले जायागा । कौन है तहव्वुर राणा? तहव्वुर हुसैन राणा एक पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है, जो अमेरिका में रह रहा था। उसे अमेरिका में आतंकवाद से जुड़े एक अन्य मामले में दोषी ठहराया गया था। राणा, मुंबई हमलों के मुख्य साजिशकर्ता और लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेटिव डेविड कोलमैन हेडली का करीबी साथी रहा है। हेडली की गवाही के अनुसार, राणा को भारत में हमलों की साजिश की पूरी जानकारी थी और उसने अमेरिकी यात्रा दस्तावेजों के माध्यम से हेडली को भारत में दाखिल होने में मदद की थी। कई वर्षों की कानूनी लड़ाई के बाद हुई प्रत्यर्पण प्रक्रिया भारत सरकार ने 2011 में अमेरिका से राणा के प्रत्यर्पण की मांग की थी, लेकिन अमेरिकी अदालत में इस प्रक्रिया में कई अड़चनें आईं। वर्ष 2020 में अमेरिका में उसे फिर से गिरफ्तार किया गया और आखिरकार अमेरिका की अदालत ने भारत को राणा के प्रत्यर्पण की अनुमति दे दी। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद एनआईए ने उसकी कस्टडी के लिए विस्तृत योजना तैयार की। एनआईए मुख्यालय में शुरू होगी पूछताछ राणा को एनआईए के दिल्ली स्थित मुख्यालय में ले जायागा , जहां उससे 26/11 हमलों से जुड़ी विस्तृत पूछताछ की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, राणा से भारत में मौजूद अन्य संभावित आतंकियों और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से उसके संबंधों को लेकर भी पूछताछ की जाएगी। एनआईए की टीम उससे उन तमाम ईमेल, नक्शों, लोकेशनों और साजिश की गहराई तक जुड़ी जानकारी निकालने की कोशिश करेगी, जो अब तक रहस्य में थी। भारत की न्याय प्रणाली के लिए अहम मोड़ तहव्वुर राणा का प्रत्यर्पण भारत की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। यह संदेश देता है कि भारत अपने नागरिकों पर हमले करने वाले किसी भी आतंकी को छोड़ने वाला नहीं है, चाहे वह दुनिया के किसी भी कोने में क्यों न हो। देश हरपल की टीम इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। तहव्वुर राणा से पूछताछ के हर अहम अपडेट के लिए हमारे साथ जुड़े रहें। Breaking Updates, राष्ट्रहित की खबरें और हरपल की जानकारी के लिए जुड़े रहें — देश हरपल न्यूज़
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84वां कांग्रेस अधिवेशन अहमदाबाद

84वां कांग्रेस अधिवेशन : Rahul Gandhi ने फिर उठाई जाति जनगणना की मांग, खड़गे ने ईवीएम और मोदी सरकार पर बोला हमला

अहमदाबाद (गुजरात), 9 अप्रैल 2025 – गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमती रिवरफ्रंट पर Congress का 84वां अधिवेशन दो दिवसीय कार्यक्रम के रूप में आयोजित हुआ। इस अधिवेशन को ‘न्यायपथ: संकल्प, समर्पण, और संघर्ष’ थीम पर केंद्रित किया गया, जिसमें देशभर से 1700 से अधिक कांग्रेस प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अधिवेशन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मौजूदगी रही, हालांकि प्रियंका गांधी इसमें शामिल नहीं हुईं। जातिगत जनगणना की मांग को राहुल ने फिर दोहराया राहुल गांधी ने अधिवेशन के मंच से एक बार फिर जाति आधारित जनगणना की जोरदार वकालत की। उन्होंने कहा कि देश को यह जानने का हक है कि “कितने अल्पसंख्यक और गरीब हैं।” उन्होंने ऐलान किया, “लोकसभा और राज्यसभा में हम कानून पास करेंगे, जाति जनगणना यहीं से निकलेगी।” राहुल ने तेलंगाना का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की 90 प्रतिशत आबादी OBC, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों से है, लेकिन इन वर्गों को मालिकों, CEO और वरिष्ठ प्रबंधन की लिस्ट में जगह नहीं मिलती। उन्होंने कहा, “मैं जानता हूं कि तेलंगाना की हालत हर प्रदेश की है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मोदी सरकार देश के सामाजिक ताने-बाने को तोड़ रही है और हाशिये के वर्गों को लगातार नजरअंदाज कर रही है। विदेश नीति पर भी किया हमला राहुल गांधी ने बांग्लादेश को लेकर भी केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश भारत के खिलाफ बयान दे रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां के नेता से मुलाकात के दौरान एक शब्द तक नहीं कहा। उन्होंने व्यंग्य करते हुए पूछा, “कहां गई 56 इंच की छाती?” EVM पर खड़गे का बड़ा बयान, बैलेट पेपर की मांग कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ईवीएम की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए चुनावों को बैलेट पेपर से कराने की मांग की। उन्होंने कहा, “सरकार ने ऐसी तकनीक बनाई है जिससे उन्हें फायदा और विपक्ष को नुकसान हो।” उन्होंने महाराष्ट्र चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा, “150 सीटों पर चुनाव लड़ा और 138 पर जीत मिली। ये 90 प्रतिशत जीत है, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। ये सब जालसाजी है। चोर कितना भी तेज क्यों न हो, एक न एक दिन पकड़ा ही जाएगा।” मोदी सरकार पर सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने का आरोप खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सार्वजनिक संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने का आरोप लगाते हुए कहा, “नेहरू जी ने जो देश के लिए संस्थान बनाए, मोदी सरकार उन्हें खत्म कर रही है। देश को बेचा जा रहा है और उद्योगपति मित्रों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा सरकार के पास देश के लिए कोई विज़न नहीं है, वे केवल कांग्रेस को गाली देने में व्यस्त हैं। गुजरात में संगठन को मजबूत करने का प्रयास कांग्रेस पार्टी के मुताबिक, यह अधिवेशन न केवल एक राजनीतिक सम्मेलन था, बल्कि गुजरात में संगठन को मजबूत करने और 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए रणनीतिक रोडमैप तैयार करने का एक महत्वपूर्ण मंच भी था। आयोजन स्थल पर VVIP डोम और आधुनिक सुविधाओं के साथ व्यवस्था की गई थी, जो कांग्रेस के बदले तेवर और तैयारी को दर्शाता है। निष्कर्ष:84वें अधिवेशन में कांग्रेस ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि वह आगामी चुनावों में जातिगत जनगणना, सामाजिक न्याय, पारदर्शिता और सरकारी जवाबदेही जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे दोनों ने आक्रामक तेवर दिखाते हुए मोदी सरकार पर सीधा हमला किया और जनता को “न्यायपथ” की राह पर चलने का संदेश दिया। ✍️ रिपोर्ट – देश हरपल न्यूज़ डेस्क, अहमदाबाद
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RBI

Trump Tariffs का असर: FY26 में GDP ग्रोथ घटकर 6.5%, RBI ने किया ऐलान

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद बड़ा ऐलान किया है। FY2025-26 के लिए देश की GDP ग्रोथ का अनुमान 6.7% से घटाकर 6.5% कर दिया गया है। इसके साथ ही रीपो रेट में भी 0.25% की कटौती की गई है, जिससे यह अब 6.00% हो गई है। क्या है वजह? RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि अमेरिका द्वारा हाल ही में लागू किए गए टैरिफ नियमों ने वैश्विक आर्थिक स्थिति को और अस्थिर बना दिया है। इसका असर भारत की ग्रोथ पर भी साफ नजर आ रहा है। उन्होंने कहा, “ग्रोथ में सुधार हो रहा है, लेकिन ये हमारी उम्मीदों से कम है।” महंगाई दर में राहत RBI ने महंगाई के अनुमान को भी कम करते हुए कहा कि अब FY26 में CPI आधारित रिटेल मुद्रास्फीति 4% रहने की उम्मीद है। यह पहले के 4.2% के मुकाबले थोड़ा कम है। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में गिरावट और तेल की कीमतों में स्थिरता को इसका मुख्य कारण बताया गया है। रीपो रेट में बदलाव क्यों? मौजूदा आर्थिक हालात और वैश्विक अनिश्चितता को देखते हुए, केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में कटौती का फैसला लिया है ताकि आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार मिल सके। क्या होगा इसका असर?
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कोल्लम मंदिर में RSS के प्रार्थना गीत को लेकर विवाद: मंदिर कमेटी भंग करने की प्रक्रिया शुरू, पुलिस ने मामला दर्ज किया

कोल्लम, केरल | देश हरपल न्यूज | 8 अप्रैल 2025 कोल्लम जिले के एक मंदिर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का प्रार्थना गीत बजाए जाने को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। घटना चटयमंगलम तालुक के अंतर्गत आने वाले वझाप्पल्ली मंदिर की है, जहां एक कार्यक्रम के दौरान संघ का पारंपरिक गीत “नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे” बजाया गया। इस पर वामपंथी दल सीपीएम और उनके समर्थकों ने तीखी आपत्ति जताई, जिसके चलते विवाद गहराता गया। घटना का विवरण: मंदिर में पारंपरिक अनुष्ठानों के दौरान यह गीत बजाया गया, जिसे कुछ स्थानीय लोगों ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बाद सीपीएम कार्यकर्ताओं ने इसे ‘संघीकरण’ का प्रयास करार देते हुए तीव्र विरोध जताया। हालांकि, मंदिर का प्रबंधन देख रही देवस्वंम बोर्ड के अधीनस्थ चटयमंगलम सबग्रुप ऑफिसर दीप्ती ने कहा कि इस घटना को लेकर किसी ने कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। पुलिस ने दर्ज किया मामला: मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए केरल मंदिर अधिनियम और धार्मिक सौहार्द बनाए रखने से संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस जांच कर रही है कि किसकी अनुमति से यह गीत बजाया गया और क्या इससे मंदिर परंपराओं का उल्लंघन हुआ है। मंदिर कमेटी होगी भंग: केरल ट्रावणकोर देवस्वंम बोर्ड (TDB) ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मंदिर समिति को भंग करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। TDB के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मंदिरों में राजनीतिक या वैचारिक झुकाव के प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती, चाहे वह किसी भी विचारधारा से संबंधित हो। राजनीतिक प्रतिक्रिया: स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया: स्थानीय लोगों में इस मुद्दे को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं हैं। कुछ लोगों का मानना है कि मंदिरों में इस तरह के गीत बजाना कोई अपराध नहीं है, जबकि कुछ लोगों ने इसे धार्मिक स्थलों का राजनीतिक उपयोग बताया है। 🔗 स्रोत: मातृभूमि समाचार, ANI न्यूज़
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मुंबई में बढ़ते साइबर अपराधों पर बोले डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस, कहा – नई तकनीक से लड़नी होगी ये लड़ाई

मुंबई | देश हरपलदेशभर में बढ़ते साइबर अपराधों को लेकर अब सरकारें गंभीर होती जा रही हैं। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट किया कि राज्य सरकार साइबर अपराधों के खिलाफ एक संगठित और तकनीकी रूप से सशक्त योजना पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अब अपराधियों से मुकाबला सिर्फ पुलिस की लाठी या हथकड़ी से नहीं, बल्कि तकनीक के ज़रिए किया जाएगा। फडणवीस ने यह बात मुंबई पुलिस की साइबर शाखा द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कही, जिसमें साइबर सुरक्षा, डेटा चोरी, ऑनलाइन फ्रॉड, और डिजिटल ट्रैकिंग जैसे विषयों पर चर्चा की गई। उन्होंने माना कि साइबर अपराध अब सिर्फ तकनीकी लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिक, व्यापारी, छात्र, यहां तक कि वरिष्ठ नागरिक भी इसके शिकार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में पिछले कुछ वर्षों में साइबर क्राइम के मामलों में भारी इजाफा हुआ है। हर दिन सैकड़ों की संख्या में ठगी, फिशिंग, ऑनलाइन धोखाधड़ी, फ़र्ज़ी वेबसाइट्स और सोशल मीडिया हैकिंग की शिकायतें आ रही हैं। फडणवीस ने कहा, “अब लड़ाई अपराधियों से नहीं, उनके तकनीकी हथियारों से है। हमें पुलिस को तकनीक से लैस करना होगा।” इस मौके पर उन्होंने महाराष्ट्र में ‘साइबर पुलिस स्टेशन’ की संख्या बढ़ाने, साइबर विशेषज्ञों की नियुक्ति, और आम जनता के लिए साइबर जागरूकता अभियान चलाने की भी बात कही। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार इस दिशा में एक ‘साइबर इंटेलिजेंस नेटवर्क’ खड़ा कर रही है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले साइबर हमलों को ट्रैक करने में सक्षम होगा। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), डाटा ऐनालिटिक्स, और ब्लॉकचेन तकनीक का इस्तेमाल कर पुलिस को और अधिक सक्षम बनाया जाएगा। कार्यक्रम में मौजूद साइबर विशेषज्ञों ने भी इस बात पर ज़ोर दिया कि साइबर सुरक्षा अब राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। देश हरपल विशेष रिपोर्ट में हम आपको बता दें कि देश में 2024 में कुल साइबर अपराधों की संख्या में लगभग 35% की वृद्धि देखी गई है, और इसमें सबसे अधिक मामले ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड, OTP हैकिंग, और सोशल मीडिया हैकिंग से जुड़े हैं।
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PM मुद्रा योजना

PM मुद्रा योजना 2024: छोटे व्यापारियों को राहत, शिशु और तरुण लोन में बढ़ोतरी, बिहार टॉप पर

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PM Mudra Yojana), जिसे 8 अप्रैल 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉन्च किया था, आज छोटे और मझोले व्यापारियों की रीढ़ बन चुकी है। इसका मुख्य उद्देश्य बिना किसी गारंटी के छोटे उद्यमियों को संस्थागत बैंकिंग सिस्टम से जोड़ते हुए उन्हें आसान ऋण सुविधा उपलब्ध कराना है। 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार, मुद्रा योजना के तहत ‘शिशु’ और ‘तरुण’ श्रेणियों में लोन की औसत राशि में बढ़ोतरी देखने को मिली है, जबकि ‘किशोर’ श्रेणी में गिरावट दर्ज की गई है। शिशु लोन (₹50,000 तक) का औसत अब ₹37,403 पहुंच गया है, जो कि 2015-16 में ₹19,411 था। तरुण लोन (₹5 लाख से ₹10 लाख तक) का औसत ₹8,46,313 रहा, जबकि पहले ₹7,67,555 था।वहीं किशोर लोन (₹50,000 से ₹5 लाख तक) की औसत राशि ₹2,08,037 से घटकर अब ₹1,20,111 रह गई है। यह आंकड़े बताते हैं कि बहुत छोटे और बड़े उद्यमियों को लाभ ज्यादा मिल रहा है, जबकि मझोले स्तर के कारोबारियों को अपेक्षित सहायता नहीं मिल पा रही है। बिहार बना टॉप राज्य इस योजना के तहत बिहार देश का नंबर-1 राज्य बनकर उभरा है। यहां अब तक 5.95 करोड़ से ज़्यादा लोन अकाउंट्स को मंज़ूरी दी जा चुकी है।इसके बाद तमिलनाडु (5.82 करोड़), उत्तर प्रदेश (5.16 करोड़), पश्चिम बंगाल (5.15 करोड़) और कर्नाटक (4.98 करोड़) का स्थान आता है। क्यों है यह योजना खास? निष्कर्ष प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने देशभर में लाखों छोटे कारोबारियों की आर्थिक रीढ़ मज़बूत की है। हालांकि ‘किशोर’ श्रेणी में आई गिरावट पर सरकार को ध्यान देना होगा, ताकि मिड-स्केल बिजनेस भी मजबूती से खड़े हो सकें। जैसे-जैसे यह योजना आगे बढ़ रही है, उम्मीद की जा रही है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इसका लाभ पहुंचे और भारत की जमीनी अर्थव्यवस्था और भी मजबूत हो।
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Waqf Bill Controversy

Waqf Bill Controversy: वक्फ बिल पर बवाल, सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और देशभर में विरोध प्रदर्शन

लेख की मुख्य बातें: क्या है मामला? 5 अप्रैल 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 को मंज़ूरी दी, जिसके बाद सरकार ने इसकी अधिसूचना भी जारी की। सरकार का दावा है कि इस कानून का मकसद वक्फ संपत्तियों की पारदर्शिता सुनिश्चित करना है और अतिक्रमण को रोकना है। सुप्रीम कोर्ट की दखल 7 अप्रैल को CJI संजीव खन्ना ने इस मामले में सुनवाई की सहमति दी। जमीयत उलेमा-ए-हिंद, RJD, और कई अन्य संगठनों ने याचिकाएं दाखिल की हैं। उनका तर्क है कि यह कानून मुसलमानों की धार्मिक स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों का हनन है। राज्यों में विरोध और तनाव धार्मिक संगठनों का रुख राजनीतिक प्रतिक्रिया विवाद की जड़ क्या है? बिल में एक नया प्रावधान शामिल किया गया है, जिससे अब वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिमों की नियुक्ति भी संभव हो सकेगी। इससे धार्मिक संगठनों में रोष है, क्योंकि उनका मानना है कि वक्फ की संपत्तियाँ सिर्फ़ मुस्लिम समुदाय से संबंधित हैं। विश्लेषण यह विवाद न सिर्फ धार्मिक भावना से जुड़ा है, बल्कि इसमें संवैधानिक अधिकार, भूमि स्वामित्व, और सांप्रदायिक संतुलन भी सवालों के घेरे में हैं। सुप्रीम कोर्ट का फैसला इस मुद्दे पर आने वाले समय में निर्णायक हो सकता है। निष्कर्ष भारत में वक्फ अधिनियम को लेकर उबाल है। यह केवल एक क़ानून नहीं, बल्कि धर्म, राजनीति, और समाज के जटिल संबंधों की गहराई को दर्शाता है। आने वाले दिन इस विषय पर और गर्माहट ला सकते हैं।
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Vishwas Sarang

Vishwas Sarang को बहनों का बेशुमार प्यार, Narela Rakshabandhan Mahotsav में बना नया उत्साह

नरेला विधानसभा क्षेत्र में चल रहे Rakshabandhan Mahotsav 2026 में रविवार को भाई-बहन के रिश्ते की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। वार्ड नंबर 36, 37 और 70 में आयोजित कार्यक्रम के पांचवें दिन 24 हजार 604 बहनों ने मंत्री Vishwas Sarang को रक्षासूत्र बांधा। बहनों ने राखी बांधकर उनके प्रति स्नेह और आशीर्वाद जताया। कार्यक्रम में पहुंचते ही मंत्री विश्वास सारंग का स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। ढोल-ताशों और DJ की गूंज के बीच उन्हें बग्गी से मुख्य कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया। इस दौरान आतिशबाजी भी हुई। मंच पर पहुंचने के बाद सारंग ने बहनों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। बहनों के प्यार को बताया अपनी ताकत रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वास सारंग ने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच विश्वास, स्नेह और अपनत्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हर साल बड़ी संख्या में बहनों का प्यार और आशीर्वाद मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। कार्यक्रम में पहुंचीं बहनों से उन्होंने राखी बंधवाई और उनका आशीर्वाद लिया। सारंग ने कहा कि लाखों बहनों का स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। चौथे दिन भी उमड़ा था बहनों का सैलाब नरेला रक्षाबंधन महोत्सव के चौथे दिन भी बड़ी संख्या में बहनें कार्यक्रम में पहुंची थीं। उस दिन 31,117 बहनों ने मंत्री विश्वास सारंग को रक्षासूत्र बांधा था। आयोजकों के अनुसार, पिछले साल के महोत्सव में कुल 1 लाख 84 हजार 632 बहनों ने रक्षासूत्र बांधा था। इस बार भी लगातार बढ़ रही भागीदारी को देखते हुए पिछले साल का आंकड़ा पार होने की उम्मीद जताई जा रही है। 7 सितंबर को इन दो वार्डों में होगा आयोजन नरेला रक्षाबंधन महोत्सव का अगला चरण 7 सितंबर 2026 को होगा। इस दिन दो वार्डों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में भी बड़ी संख्या में बहनों के शामिल होने की उम्मीद है। महोत्सव के जरिए रक्षाबंधन के पारंपरिक रिश्ते को सामाजिक जुड़ाव और भाईचारे के भाव से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। नरेला क्षेत्र में लगातार कई दिनों से चल रहे इस आयोजन में बहनों की बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है। पांचवें दिन 24,604 रक्षासूत्र बांधे जाने के साथ महोत्सव का उत्साह और बढ़ गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CM रेखा गुप्ता

Satya Niketan हादसे पर CM रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला, Deputy Commissioner समेत 5 Suspend

दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। पांच मंजिला इमारत के अचानक गिरने से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे के बाद CM रेखा गुप्ता ने जिम्मेदारी तय करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। MCD के साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर समेत 5 अधिकारियों को Suspend कर दिया गया है। सरकार के इस एक्शन के बाद नगर निगम के कामकाज और इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हादसे के बाद MCD में बड़ा Action सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद MCD ने पांच अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। इनमें साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर सहित इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े अधिकारी शामिल हैं। जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि इमारत की हालत को लेकर पहले कोई शिकायत या नोटिस जारी हुआ था या नहीं और निर्माण या मरम्मत के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी इमारत बताया जा रहा है कि जिस बिल्डिंग का हिस्सा ढहा, उसका इस्तेमाल PG accommodation के तौर पर किया जा रहा था। हादसे के समय वहां कई लोग मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धूल का गुबार उठ गया और लोग मदद के लिए मौके पर पहुंचने लगे। इसके बाद दिल्ली फायर सर्विस, NDRF और अन्य बचाव दलों ने मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। 7 लोगों की मौत, कई घायल रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे से कई लोगों को बाहर निकाला गया। हादसे में अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद आसपास के लोगों में भी डर का माहौल है। स्थानीय स्तर पर दूसरी पुरानी और कमजोर इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। Building Owner भी पुलिस की गिरफ्त में मामले में पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक हरिराम के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए कई टीमें लगाई थीं। बाद में उसे भिवाड़ी से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस अब हादसे से जुड़े दस्तावेज, बिल्डिंग की स्थिति और निर्माण या मरम्मत से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे और लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। आसपास की इमारतों की भी जांच सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने आसपास की इमारतों की स्थिति को लेकर भी जांच शुरू की है। अधिकारियों की नजर खास तौर पर उन भवनों पर है जो पुराने हैं या जिनमें निर्माण और मरम्मत का काम चल रहा है। इस घटना ने दिल्ली में old buildings, PG और construction safety को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर इमारत में पहले से कोई खामी थी, तो उसे समय रहते क्यों नहीं रोका गया? सरकार के Action से उठे कई सवाल MCD के पांच अधिकारियों का निलंबन सरकार की ओर से उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, असली तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी। सत्य निकेतन की इस घटना ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि जांच में हादसे की असली वजह क्या सामने आती है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CM House

CM House March पर Police का पहरा, Hamidia में Intern Doctors से धक्का-मुक्की

अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे इंटर्न डॉक्टर सोमवार को मुख्यमंत्री आवास (CM House) की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन हमीदिया अस्पताल के पास पुलिस ने उनका रास्ता रोक दिया। डॉक्टरों को आगे जाने से रोकने के लिए पुलिस ने आसपास के रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी। इस दौरान डॉक्टरों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। प्रदर्शन को देखते हुए हमीदिया अस्पताल परिसर और आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए मौके पर Water Cannon भी तैयार रखा गया। CM House की तरफ मार्च करना चाहते थे डॉक्टर इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। इसी सिलसिले में डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने का फैसला किया। डॉक्टरों का समूह हमीदिया अस्पताल से आगे बढ़ने लगा तो पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। पुलिस की Barricading के बाद डॉक्टरों ने मौके पर नारेबाजी शुरू कर दी। आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थान से आगे नहीं जाने के लिए समझाती रही। चारों तरफ से रास्ते किए गए बंद प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हमीदिया के आसपास कई रास्तों को बंद कर दिया। बैरिकेड लगाकर आवाजाही को नियंत्रित किया गया। मौके पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई, ताकि भीड़ को संभाला जा सके। Water Cannon की मौजूदगी से साफ था कि प्रशासन किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी में था। हालांकि, डॉक्टरों का प्रदर्शन अपनी मांगों को लेकर जारी रहा। मांगों पर सरकार से जवाब चाहते हैं Intern Doctors प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि वे अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। CM House तक मार्च के जरिए उनका उद्देश्य सीधे सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर खींचना था। फिलहाल पुलिस ने डॉक्टरों को मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने से रोक दिया है। हमीदिया अस्पताल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और स्थिति पर पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे ज्यादा चर्चा डॉक्टरों की मांगों और सरकार की ओर से संभावित बातचीत को लेकर है। अब देखना होगा कि प्रदर्शन के बाद प्रशासन और इंटर्न डॉक्टरों के बीच क्या समाधान निकलता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold

Gold Rate Today: सोने की कीमत ₹2409 गिरी, चांदी भी ₹3967 सस्ती

सोना खरीदने वालों के लिए सोमवार को बाजार से थोड़ी राहत की खबर आई। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोने (Gold) और चांदी (Silver) दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। आपके दिए बाजार आंकड़ों के मुताबिक सोना करीब ₹2,409 और चांदी करीब ₹3,967 सस्ती हुई है। इसके बाद 10 ग्राम सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख, जबकि एक किलो चांदी करीब ₹2.35 लाख के आसपास पहुंच गई। हालांकि, अलग-अलग बाजार, शुद्धता और कारोबार के समय के हिसाब से रेट में अंतर हो सकता है। सोमवार को एक अन्य बाजार रिपोर्ट में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,52,590 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,36,240 प्रति किलो बताया गया। सोने के भाव में फिर आई नरमी पिछले कुछ समय से रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास कारोबार कर रहा Gold सोमवार को दबाव में नजर आया। घरेलू बाजार में भी इसकी कीमत में कमजोरी देखने को मिली। MCX पर अक्टूबर गोल्ड फ्यूचर्स में भी गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत इससे कम है। अगर आप ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं तो ध्यान रखें कि दुकान पर मिलने वाला अंतिम रेट बाजार भाव से अलग हो सकता है। Silver Price Today: चांदी भी हुई सस्ती सोने के साथ चांदी में भी कमजोरी रही। चांदी करीब ₹3,967 प्रति किलो सस्ती होने के बाद लगभग ₹2.35 लाख प्रति किलो के स्तर पर आ गई है। हालांकि, सोमवार के अलग-अलग बाजार अपडेट में चांदी का भाव करीब ₹2.36 लाख प्रति किलो भी बताया गया है। इससे साफ है कि कारोबार के समय के साथ कीमतों में बदलाव हो रहा है। आखिर क्यों गिर रहे हैं सोना और चांदी? कीमती धातुओं में इस गिरावट का कनेक्शन सीधे ग्लोबल मार्केट से जुड़ा है। अमेरिका के रोजगार आंकड़े उम्मीद से मजबूत रहने के बाद वहां Federal Reserve की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें बदली हैं। मजबूत अमेरिकी जॉब डेटा के बाद सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना को लेकर दांव बढ़े हैं। इसका असर सोने पर पड़ा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में Spot Gold करीब 0.7% नीचे आया। वहीं Silver में भी लगभग 1% की गिरावट दर्ज की गई। अब आगे क्या होगा? अब बाजार की नजर अमेरिका से आने वाले महंगाई के आंकड़ों पर है। इस सप्ताह PPI और CPI जैसे महत्वपूर्ण आंकड़े जारी होने हैं। इनसे Federal Reserve की अगली ब्याज दर नीति को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में Gold और Silver में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। निवेशकों के साथ-साथ शादी या त्योहार के लिए खरीदारी करने वाले लोगों की भी बाजार पर नजर बनी हुई है। Gold खरीदते समय सिर्फ भाव न देखें अगर आप आज सोना खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो सिर्फ 10 ग्राम का बाजार भाव देखकर फैसला न लें। 22K या 24K purity, GST, making charges और ज्वेलर के अन्य शुल्क अंतिम कीमत को बदल सकते हैं। अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के बीच भी रेट में अंतर हो सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले अपने स्थानीय ज्वेलर से उसी समय का ताजा रेट जरूर पता करें। बाजार में तेजी से बदलाव होने के कारण सुबह और शाम के भाव में भी अंतर देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sagar

Sagar में जहरीली शराब का कहर: 19 मौत, 112 मरीज भर्ती; Liquor Network पर पुलिस का शिकंजा

मध्य प्रदेश के सागर (Sagar) जिले में जहरीली शराब ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने का सिलसिला शुरू हुआ और देखते ही देखते अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती चली गई। अब तक 19 लोगों की मौत की बात सामने आई है, जबकि 112 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती बताए जा रहे हैं। मृतकों में पिता-पुत्र के शामिल होने की जानकारी ने इस घटना को और दर्दनाक बना दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने लाइसेंसी शराब ठेकेदारों समेत 30 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें से 10 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। अधिकारियों की नजर अब उस पूरे नेटवर्क पर है, जिसके जरिए कथित तौर पर मिलावटी या जहरीली शराब लोगों तक पहुंची। शराब पीने के बाद बिगड़ी लोगों की तबीयत जानकारी के मुताबिक, सागर जिले के बंडा क्षेत्र में कई लोगों ने शराब का सेवन किया था। इसके बाद एक के बाद एक लोगों की तबीयत खराब होने लगी। कुछ लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। स्थानीय स्तर पर इलाज के बाद गंभीर मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया। अस्पतालों में अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया। प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीमों को भेजकर लोगों की जांच की जा रही है। प्रशासन यह भी पता लगाने में जुटा है कि कितने लोगों ने संदिग्ध शराब का सेवन किया था। 112 मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जहरीली शराब की आशंका के बाद अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या लगातार चिंता बढ़ा रही है। 112 लोगों के इलाज की जानकारी सामने आई है। इनमें कुछ मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में पहुंचकर स्थिति पर नजर रख रही हैं। अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि संदिग्ध शराब पीने वाले किसी व्यक्ति की हालत बिगड़ने पर उसे समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सके। पिता-पुत्र की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ इस हादसे में पिता-पुत्र की मौत की खबर ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। एक ही परिवार के दो सदस्यों की जान जाने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद प्रभावित इलाकों में मातम का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि शराब की एक बोतल इतनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। अब लोगों में अवैध और संदिग्ध शराब की बिक्री को लेकर डर भी है और गुस्सा भी। 30 नामजद आरोपियों पर FIR, 10 गिरफ्तार पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 30 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें लाइसेंसी शराब कारोबार से जुड़े लोगों के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब की सप्लाई कहां से हुई और इसे किन लोगों तक पहुंचाया गया। अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी है। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है। जांच में जिस किसी की भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है। लाइसेंसी ठेकेदारों की भूमिका भी जांच के घेरे में मामले में लाइसेंसी शराब ठेकेदारों के नाम सामने आने के बाद आबकारी विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच एजेंसियां यह पता कर रही हैं कि यदि शराब की बिक्री वैध दुकानों से हुई थी, तो उसमें मिलावट कैसे पहुंची। अधिकारियों की जिम्मेदारी और संभावित लापरवाही की भी जांच की जा रही है। प्रशासन की कोशिश है कि शराब के स्रोत से लेकर इसकी बिक्री तक पूरी चेन का पता लगाया जाए। जहरीली शराब की सप्लाई का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस पुलिस को शक है कि इस मामले के पीछे सिर्फ कुछ स्थानीय लोगों का हाथ नहीं, बल्कि शराब की सप्लाई से जुड़ा बड़ा नेटवर्क भी हो सकता है। जांच एजेंसियां शराब की बोतल, लेबल और सप्लाई चैन से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही हैं। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि जहरीली शराब लोगों तक कैसे पहुंची और इस लापरवाही के पीछे कौन जिम्मेदार है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। प्रशासन की नजर अब हर कड़ी पर सागर की इस घटना ने अवैध और मिलावटी शराब के कारोबार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग भी प्रभावित लोगों की निगरानी कर रहा है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल परिवार अपनों को खोने के दर्द में हैं और अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजन उनके जल्द ठीक होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा कि इस जहरीली शराब की असली सप्लाई कहां से हुई और इस पूरे मामले में किसकी कितनी भूमिका थी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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