आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलPM Modi in Uzbekistan: SCO Summit से पहले पीएम मोदी का बड़ा बयानBREAKINGबिज़नेसEMI नहीं चुकाई तो क्या होगा? RBI Loan Recovery Rules में बदलाव, जानिए Bank क्या नहीं कर सकताBREAKINGबिज़नेसDelhi CNG Price: CNG के दाम में ₹3.89 की बढ़ोतरी, अब ₹86.98 प्रति किलो मिलेगा गैसBREAKINGदेश-हरपलMonsoon Alert: UP के 47 जिलों में बारिश का अलर्ट, Odisha में 67 हजार लोग Flood से प्रभावितBREAKINGस्पोर्ट्सT20 Captaincy से हटाए जाने पर Suryakumar Yadav ने तोड़ी चुप्पी, बोले- लगा था Olympics तक रहूंगा CaptainBREAKINGदेश-हरपलNepal Disaster: भूस्खलन से बनी झीलों ने बढ़ाई चिंता, 2500 Missing में 320 भारतीय शामिलBREAKINGबिज़नेसSugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ LimitedBREAKINGबिज़नेसGold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावटBREAKINGदेश-हरपलPM Modi in Uzbekistan: SCO Summit से पहले पीएम मोदी का बड़ा बयानBREAKINGबिज़नेसEMI नहीं चुकाई तो क्या होगा? RBI Loan Recovery Rules में बदलाव, जानिए Bank क्या नहीं कर सकताBREAKINGबिज़नेसDelhi CNG Price: CNG के दाम में ₹3.89 की बढ़ोतरी, अब ₹86.98 प्रति किलो मिलेगा गैसBREAKINGदेश-हरपलMonsoon Alert: UP के 47 जिलों में बारिश का अलर्ट, Odisha में 67 हजार लोग Flood से प्रभावितBREAKINGस्पोर्ट्सT20 Captaincy से हटाए जाने पर Suryakumar Yadav ने तोड़ी चुप्पी, बोले- लगा था Olympics तक रहूंगा CaptainBREAKINGदेश-हरपलNepal Disaster: भूस्खलन से बनी झीलों ने बढ़ाई चिंता, 2500 Missing में 320 भारतीय शामिलBREAKINGबिज़नेसSugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ LimitedBREAKINGबिज़नेसGold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Latest Posts

Khan Sir Coaching News, Patna Coaching Controversy,

Exclusive: खान सर की कोचिंग में आखिर हुआ क्या? फायरिंग की खबरों के बीच जांच में नया मोड़

क्या सच में चली थी गोली?”पटना में खान सर की कोचिंग को लेकर सामने आई खबर ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस अब तोड़फोड़, मारपीट और कथित फायरिंग—तीनों एंगल से जांच कर रही है। पूरी रिपोर्ट पढ़ें। पटना के चर्चित शिक्षक Khan Sir की कोचिंग को लेकर मंगलवार रात सामने आई घटनाओं ने पूरे बिहार में चर्चा छेड़ दी है। शुरुआत में फायरिंग की खबरों से हड़कंप मच गया, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ मामला अब केवल गोलीबारी तक सीमित नहीं दिख रहा है। पुलिस के अनुसार कुछ युवकों ने मुसल्लहपुर हाट स्थित कोचिंग परिसर में घुसकर कथित तौर पर तोड़फोड़ की, पोस्टर फाड़े और विरोध करने पर गार्ड के साथ मारपीट की। घायल गार्ड का इलाज कराया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और सभी पहलुओं की जांच कर रही है। खान सर ने क्या कहा? खान सर ने घटना के पीछे प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थानों की भूमिका होने की आशंका जताई है। उनका कहना है कि कम फीस में शिक्षा उपलब्ध कराने के कारण कुछ लोगों को आपत्ति है। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच जारी है। पुलिस क्या जांच कर रही है? पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट होगी। क्यों चर्चा में है यह मामला? मुसल्लहपुर हाट पटना का बड़ा कोचिंग हब माना जाता है, जहां हजारों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में इस घटना ने छात्रों की सुरक्षा और कोचिंग संस्थानों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। “
Read more
CBSE

CBSE ऑन-स्क्रीन मार्किंग टेंडर विवाद में बड़ा एक्शन, चेयरमैन-सचिव हटाए गए

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड CBSE एक बड़े प्रशासनिक और तकनीकी संकट के दौर से गुजर रहा है। एक तरफ जहां ऑन-स्क्रीन मार्किंग टेंडर में कथित अनियमितताओं को लेकर सख्त कार्रवाई हुई है, वहीं दूसरी तरफ री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर अटैक की खबर ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। ऑन-स्क्रीन मार्किंग टेंडर विवाद: बड़ी कार्रवाई सूत्रों के मुताबिक, ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम से जुड़े टेंडर में गड़बड़ियों और प्रक्रिया में खामियों की शिकायतें सामने आने के बाद सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। इसी जांच के तहत CBSE के चेयरमैन और सचिव को उनके पद से हटा दिया गया है। इस कार्रवाई को शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। Re-evaluation Portal पर Cyber Attack, सेवाएं प्रभावित इसी बीच आज CBSE के री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर अटैक की घटना सामने आई, जिससे छात्रों को आवेदन और रिजल्ट से जुड़ी सेवाओं में अस्थायी परेशानी का सामना करना पड़ा। तकनीकी टीम ने तुरंत स्थिति को संभालने की कोशिश शुरू कर दी है। फिलहाल किसी बड़े डेटा लीक की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा को लेकर निगरानी बढ़ा दी गई है। छात्रों की परेशानी और बढ़ी चिंता दो बड़े घटनाक्रम—एक तरफ प्रशासनिक बदलाव और दूसरी तरफ साइबर सुरक्षा में सेंध—ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। कई छात्रों को री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया में देरी और तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों का कहना है कि परीक्षा और रिजल्ट सिस्टम में लगातार आ रही समस्याएं भरोसे को कमजोर कर रही हैं। क्या होगा आगे? सरकार ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में ऑन-स्क्रीन मार्किंग टेंडर और साइबर अटैक दोनों मामलों में और स्पष्टता सामने आएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि अब जरूरत है एक मजबूत डिजिटल सुरक्षा ढांचे और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की, ताकि छात्रों का भरोसा फिर से मजबूत हो सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
CBSE

Cyber Attack से हिला CBSE Portal, फिर भी नहीं रुका सिस्टम — हजारों छात्रों ने किया आवेदन

CBSE (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) के रिवैल्यूएशन पोर्टल को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। बोर्ड ने बताया है कि हाल ही में पोर्टल पर साइबर हमलों की कई कोशिशें हुईं, लेकिन मजबूत सुरक्षा सिस्टम की वजह से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ और पूरा प्लेटफॉर्म सामान्य रूप से चलता रहा। इस बीच छात्रों की तरफ से रिवैल्यूएशन प्रक्रिया को लेकर काफी एक्टिविटी देखने को मिली और अब तक हजारों आवेदन जमा हो चुके हैं। 16,000 से ज्यादा छात्रों ने किया आवेदन CBSE के अनुसार, अब तक 16,000+ छात्र अपने अंकों की वेरिफिकेशन और रिवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर चुके हैं।पोर्टल पर भारी ट्रैफिक के बावजूद सिस्टम ने बिना रुके काम किया और आवेदन प्रक्रिया जारी रही। Cyber Attack की कोशिश क्या थी? बोर्ड के मुताबिक पोर्टल पर अचानक: लेकिन CBSE की सिक्योरिटी टीम ने समय रहते स्थिति को संभाल लिया। CBSE का आधिकारिक बयान CBSE ने साफ किया है कि: क्यों जरूरी है यह मामला? आज के समय में CBSE जैसे बड़े एजुकेशन सिस्टम पूरी तरह डिजिटल हो चुके हैं।ऐसे में लाखों छात्रों का डेटा और रिजल्ट सिस्टम पर निर्भर करता है। इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर साइबर सिक्योरिटी कितनी जरूरी है, खासकर जब परीक्षा और रिजल्ट जैसे संवेदनशील डेटा शामिल हों। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Twisha

Court Drama in Twisha Case: सास का भावुक बयान, जांच में आया नया ट्विस्ट

देश-हरपल Twisha Case एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। कोर्ट में हुई हालिया सुनवाई के दौरान ट्विशा की सास गिरिबाला (Giribala) का बयान सामने आया, जिसने पूरे मामले को और उलझा दिया है। उन्होंने कोर्ट में साफ कहा कि उन्हें इस केस से जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी नहीं है। उनके इस बयान के बाद केस की जांच एक नए मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। कोर्ट में क्या हुआ था? सुनवाई के दौरान जब जज और वकीलों की ओर से सवाल पूछे गए, तो सास गिरिबाला भावुक हो गईं। उन्होंने कहा—“मुझे कुछ भी पता नहीं है।” यह सुनते ही कोर्ट रूम में कुछ पल के लिए सन्नाटा छा गया। उनका यह बयान केस की दिशा को प्रभावित करने वाला माना जा रहा है, क्योंकि इससे कई पुराने सवाल फिर से खड़े हो गए हैं। जांच में क्या नया है? जांच एजेंसियां पहले से ही इस पूरे मामले की कई एंगल्स पर जांच कर रही हैं। पुलिस सभी संबंधित लोगों के बयान रिकॉर्ड कर रही है और सबूतों को जोड़ने की कोशिश में लगी हुई है। अब गिरिबाला के इस बयान के बाद जांच टीम को कुछ बिंदुओं की दोबारा पुष्टि करनी पड़ सकती है। इससे केस की प्रक्रिया और लंबी होने की संभावना भी जताई जा रही है। क्यों चर्चा में है Twisha Case? Twisha Case सिर्फ एक कानूनी मामला नहीं, बल्कि एक ऐसा केस बन गया है जिसमें पारिवारिक रिश्तों, भावनाओं और विरोधाभासी बयानों की परतें खुल रही हैं। हर सुनवाई के साथ नया एंगल सामने आ रहा है, जिससे मामला और भी पेचीदा होता जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Virat Kohli

Virat Kohli Vrindavan Visit: IPL Champion बनने के बाद प्रेमानंद महाराज से मिले विराट, तस्वीरें वायरल

आईपीएल का खिताब जीतने के बाद भारतीय क्रिकेट के सुपरस्टार विराट कोहली (Virat Kohli)एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह क्रिकेट नहीं बल्कि उनकी आध्यात्मिक यात्रा है। पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ विराट वृंदावन पहुंचे, जहां उन्होंने प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान दोनों का सादगी भरा अंदाज सोशल Media पर खूब वायरल हो रहा है। IPL जीत के बाद वृंदावन पहुंचे विराट-अनुष्का आईपीएल ट्रॉफी जीतने की खुशी के बीच विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने वृंदावन पहुंचकर प्रेमानंद महाराज के दर्शन किए। आश्रम से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में विराट माथे पर तिलक लगाए बेहद शांत और संतुलित नजर आए। वहीं अनुष्का भी बेहद साधारण भारतीय परिधान में दिखाई दीं। क्रिकेट मैदान पर अपने जोशीले अंदाज के लिए मशहूर विराट का यह शांत और भक्तिमय रूप फैंस को काफी पसंद आ रहा है। सोशल मीडिया पर लोग उनकी आध्यात्मिक सोच और संस्कारों की सराहना कर रहे हैं। प्रेमानंद महाराज से लिया आशीर्वाद वृंदावन स्थित आश्रम में दोनों ने प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। बताया जा रहा है कि इस दौरान जीवन, आध्यात्म और मानसिक शांति जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। गौरतलब है कि विराट और अनुष्का पहले भी कई बार प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए वृंदावन आ चुके हैं। दोनों अक्सर अपनी व्यस्त जिंदगी से समय निकालकर धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों पर जाते रहे हैं। अनुष्का शर्मा की सादगी बनी चर्चा का विषय इस मुलाकात के दौरान जहां विराट के माथे का तिलक और चेहरे की मुस्कान लोगों का ध्यान खींच रही थी, वहीं अनुष्का शर्मा की सादगी ने भी सभी का दिल जीत लिया। बिना किसी दिखावे के साधारण लुक में नजर आईं अनुष्का की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। फैंस का कहना है कि स्टारडम और सफलता के बावजूद इस कपल का जमीन से जुड़ा रहना उन्हें खास बनाता है। सोशल मीडिया पर फैंस ने लुटाया प्यार विराट और अनुष्का की तस्वीरें सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। किसी ने उन्हें “सफलता और संस्कारों का प्रतीक” बताया तो किसी ने लिखा कि “यही वजह है कि लोग विराट को सिर्फ क्रिकेटर नहीं बल्कि प्रेरणा मानते हैं।” कई यूजर्स ने यह भी कहा कि इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करने के बाद भी दोनों का विनम्र और आध्यात्मिक बने रहना युवाओं के लिए एक सकारात्मक संदेश है। सफलता के साथ आध्यात्म का संतुलन आईपीएल चैंपियन बनने के बाद विराट कोहली की यह वृंदावन यात्रा बताती है कि जीवन में सफलता के साथ मानसिक शांति और आध्यात्मिक संतुलन भी जरूरी है। करोड़ों फैंस के दिलों पर राज करने वाले विराट और अनुष्का ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सादगी और संस्कार ही व्यक्ति की सबसे बड़ी पहचान होते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
थरूर का बयान: ‘हर कार्यक्रम में वंदे मातरम गाना लोगों के लिए बोझिल’, बोले- सहमति से निकले समाधान

Shashi Tharoor का बयान: ‘हर कार्यक्रम में वंदे मातरम गाना लोगों के लिए बोझिल’

कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor ने ‘वंदे मातरम’ को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हर कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम’ गाना कई लोगों के लिए बोझिल और मुश्किल हो सकता है। इस मुद्दे का समाधान आपसी सहमति और समझदारी से निकाला जाना चाहिए। थरूर ने कहा कि देशभक्ति किसी एक तरीके तक सीमित नहीं होती। हर व्यक्ति अपने तरीके से देश के प्रति सम्मान और प्रेम दिखाता है। ऐसे में किसी पर किसी खास गीत को गाने का दबाव बनाना सही नहीं माना जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि भारत एक विविधताओं वाला देश है, जहां अलग-अलग धर्म, भाषाएं और संस्कृतियां हैं। ऐसे में किसी भी राष्ट्रीय मुद्दे पर संवेदनशीलता और आपसी सम्मान जरूरी है। थरूर के मुताबिक, इस विषय पर राजनीति करने के बजाय सभी पक्षों को मिलकर ऐसा रास्ता निकालना चाहिए, जिससे किसी की भावनाएं आहत न हों। थरूर के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग उनके बयान का समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ इसे राष्ट्रगीत का अपमान बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। ‘वंदे मातरम’ लंबे समय से देशभक्ति और स्वतंत्रता आंदोलन का प्रतीक रहा है। ऐसे में इस पर होने वाली हर बहस लोगों की भावनाओं से जुड़ जाती है। अब देखना होगा कि इस बयान पर राजनीतिक दल आगे क्या रुख अपनाते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
IMD

IMD Weather Forecast: देशभर में आंधी-बारिश का दौर, आगरा में नुकसान; Monsoon की दस्तक करीब

देश के कई हिस्सों में जून की शुरुआत राहत भरी खबर लेकर आई है। पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और लू से परेशान लोगों को अब बारिश और ठंडी हवाओं ने राहत पहुंचाई है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश समेत देश के 23 राज्यों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। कहीं तेज बारिश हो रही है तो कहीं आंधी और बादलों ने तापमान में गिरावट ला दी है। हालांकि, मौसम का यह बदलाव हर जगह राहत ही नहीं ला रहा। कुछ शहरों में भारी बारिश के कारण जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। आगरा में बारिश के बाद सड़कें धंसने और एक मकान गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। वहीं मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कई राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है। आगरा में बारिश के बाद बिगड़े हालात उत्तर प्रदेश के आगरा में हुई तेज बारिश ने नगर निगम और प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जबकि कुछ सड़कों के धंसने से लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। एक मकान के ढहने की घटना ने स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। राहत की बात यह रही कि प्रशासन ने समय रहते मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने का प्रयास किया। यूपी, MP समेत 23 राज्यों में बदला मौसम उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत तक मौसम का असर साफ दिखाई दे रहा है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। तेज हवाओं के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिली है और तापमान में भी गिरावट देखने को मिली है। Heatwave से मिली राहत, लोगों ने ली राहत की सांस मई के अंतिम सप्ताह में कई राज्यों का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था। दिन के समय सड़कों पर सन्नाटा और अस्पतालों में गर्मी से परेशान मरीजों की संख्या बढ़ रही थी। लेकिन अब बारिश और बादलों ने मौसम को काफी हद तक सुहावना बना दिया है। लोग सुबह और शाम के समय खुली हवा का आनंद लेते नजर आ रहे हैं। मौसम विभाग ने जारी किया Alert भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्यों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। किसानों को भी मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखने और खेतों में काम करते समय सतर्क रहने को कहा गया है। Kerala में Monsoon की एंट्री अब बस कुछ दिन दूर देशभर की निगाहें अब मानसून पर टिकी हुई हैं। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले 2 से 3 दिनों में केरल तट पर पहुंच सकता है। मानसून के आगमन के साथ ही देश के कई हिस्सों में बारिश का दायरा बढ़ने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानसून समय पर और सामान्य रहता है तो इसका सबसे बड़ा फायदा किसानों को मिलेगा। खरीफ सीजन की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और अच्छी बारिश खेती के लिए बेहद अहम मानी जाती है। किसानों और आम लोगों के लिए राहत की खबर गर्मी से राहत और मानसून की दस्तक की खबर ने किसानों के साथ-साथ आम लोगों के चेहरों पर भी मुस्कान ला दी है। हालांकि मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश और तेज हवाओं के दौरान सतर्कता जरूरी है। आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम और अधिक सक्रिय रहने की संभावना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
TMC

West Bengal Politics: TMC में बढ़ी अंदरूनी कलह, नाराज विधायक बना सकते हैं अलग पार्टी

पश्चिम बंगाल की सियासत में इन दिनों तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर बढ़ते असंतोष की चर्चा जोरों पर है। पार्टी से दो विधायकों को बाहर किए जाने के बाद अब राजनीतिक गलियारों में नई पार्टी या अलग गुट के गठन की अटकलें तेज हो गई हैं। चर्चा यहां तक पहुंच गई है कि कुछ नाराज नेता “असली तृणमूल” (Asli Trinamool) के नाम से नया राजनीतिक मंच तैयार कर सकते हैं। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन हाल के घटनाक्रमों ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। दो विधायकों के निष्कासन से बढ़ी हलचल TMC ने हाल ही में अपने विधायक संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित कर दिया। पार्टी का कहना है कि दोनों नेता संगठनात्मक अनुशासन का पालन नहीं कर रहे थे और लगातार ऐसे कदम उठा रहे थे जिससे पार्टी की छवि को नुकसान पहुंच रहा था। वहीं निष्कासित नेताओं का आरोप है कि पार्टी के भीतर अपनी बात रखने की गुंजाइश लगातार कम होती जा रही है। उनका कहना है कि कुछ मुद्दों पर सवाल उठाने के कारण उन्हें निशाना बनाया गया। Signature Forgery Case बना विवाद की जड़ पूरे मामले की शुरुआत कथित सिग्नेचर फोर्जरी (Signature Forgery) विवाद से मानी जा रही है। विधानसभा से जुड़े कुछ दस्तावेजों में हस्ताक्षरों की कथित गड़बड़ी को लेकर सवाल उठाए गए थे। इस मामले ने पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को सार्वजनिक कर दिया। जांच एजेंसियां इस पूरे मामले की जांच कर रही हैं और राजनीतिक हलकों में इसे TMC के अंदरूनी संघर्ष का बड़ा कारण माना जा रहा है। ‘Asli Trinamool’ की चर्चा ने बढ़ाई बेचैनी राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, पार्टी से नाराज कुछ नेता और कार्यकर्ता एक नए मंच के गठन पर विचार कर रहे हैं। इसी वजह से “असली तृणमूल” नाम चर्चा में आया है। हालांकि किसी भी नेता ने सार्वजनिक रूप से नई पार्टी बनाने की पुष्टि नहीं की है, लेकिन लगातार हो रही बैठकों और बयानबाजी ने अटकलों को और मजबूत कर दिया है। यदि ऐसा होता है तो यह ममता बनर्जी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जाएगा। ममता बनर्जी ने दिया स्पष्ट संदेश बढ़ती अटकलों के बीच ममता बनर्जी ने साफ कर दिया है कि पार्टी अनुशासन से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि TMC की असली ताकत उसके जमीनी कार्यकर्ता हैं और संगठन किसी भी व्यक्ति से बड़ा है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि कुछ नेताओं की नाराजगी से संगठन पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा और TMC पहले की तरह मजबूती से काम करती रहेगी। 2026 चुनाव से पहले बढ़ी चुनौती राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी के भीतर कई स्तरों पर असंतोष सामने आया है। ऐसे में यदि यह नाराजगी बढ़ती है तो आने वाले चुनावों में इसका असर देखने को मिल सकता है। फिलहाल TMC में औपचारिक टूट की स्थिति नहीं है, लेकिन जिस तरह से घटनाक्रम आगे बढ़ रहे हैं, उसने पश्चिम बंगाल की राजनीति को नई दिशा दे दी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Pahalgam

Pahalgam Attack Mystery: हमले से पहले हुई थी पूरी Planning, NIA को मिले Pakistan से जुड़े सुराग

जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत पर्यटन स्थल पहलगाम (Pahalgam) में हुए आतंकी हमले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को अब ऐसे डिजिटल सबूत मिले हैं, जो इस हमले के तार पाकिस्तान से जुड़ने की ओर इशारा कर रहे हैं। जांच में सामने आया है कि आतंकियों के पास मिले मोबाइल फोन पहले पाकिस्तान भेजे गए थे और उनमें हमले की जगह बायसरन घाटी से जुड़ी अहम जानकारियां भी मौजूद थीं। हमले से पहले की गई थी पूरी रेकी NIA अधिकारियों के मुताबिक, आतंकियों के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। फोन में मौजूद लोकेशन डेटा, स्क्रीनशॉट और तस्वीरों से पता चलता है कि हमले से पहले बायसरन इलाके की बारीकी से रेकी की गई थी। जांच एजेंसियों को मिले रिकॉर्ड बताते हैं कि आतंकियों ने हमले से करीब एक सप्ताह पहले इलाके के रास्तों, भीड़भाड़ वाले स्थानों और संभावित टारगेट्स की जानकारी जुटाई थी। इससे साफ है कि हमला अचानक नहीं बल्कि पूरी योजना के तहत अंजाम दिया गया। पाकिस्तान से जुड़े मिले मोबाइल फोन जांच के दौरान बरामद दो स्मार्टफोन एजेंसियों के लिए अहम सुराग बने हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि ये मोबाइल फोन चीन में बने थे और बाद में पाकिस्तान भेजी गई खेप का हिस्सा थे। इनमें से एक डिवाइस कराची और दूसरा लाहौर पहुंचा था। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन डिवाइसों का इस्तेमाल आतंकियों के बीच संपर्क और हमले की तैयारी के लिए किया गया। लंबे समय तक निष्क्रिय रहने के बाद इन्हें हमले से पहले सक्रिय किया गया था। डिजिटल सबूतों ने खोले कई राज फोन से मिले डेटा में बायसरन घाटी की लोकेशन, मैप्स और कई तस्वीरें शामिल हैं। जांच अधिकारियों का कहना है कि इन जानकारियों ने यह साबित करने में मदद की है कि आतंकियों ने पहले से इलाके का अध्ययन किया था और हमले की रणनीति तैयार की थी। विशेषज्ञों के अनुसार, आज के दौर में डिजिटल फॉरेंसिक जांच आतंकवाद के मामलों में सबसे महत्वपूर्ण हथियार बन चुकी है। मोबाइल डेटा, चैट रिकॉर्ड और लोकेशन हिस्ट्री कई बार ऐसे राज खोल देते हैं जो पारंपरिक जांच में सामने नहीं आते। NIA की नजर पूरे नेटवर्क पर एजेंसी अब केवल हमले में शामिल आतंकियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उन लोगों और नेटवर्क की भी जांच कर रही है जिन्होंने किसी भी रूप में मदद पहुंचाई हो। जांच का फोकस इस बात पर भी है कि पाकिस्तान से जुड़े उपकरण आतंकियों तक कैसे पहुंचे और स्थानीय स्तर पर किसने उनकी सहायता की। घाटी में बढ़ाई गई सुरक्षा हमले के बाद पूरे पहलगाम और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और संवेदनशील इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Surya Chauhan

Surya Chauhan Murder Case: बकरीद पर हत्या, आरोपी असद का Encounter

गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में हुए Surya Chauhan हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है। बकरीद के दिन हुई इस वारदात ने न सिर्फ एक परिवार से उसका बेटा छीन लिया, बल्कि पूरे इलाके में डर और बेचैनी का माहौल भी पैदा कर दिया। हत्या के मुख्य आरोपी असद के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने और उसके घर पर बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी के बाद मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। बकरीद के दिन हुई सनसनीखेज हत्या बकरीद के मौके पर जब लोग त्योहार की खुशियां मना रहे थे, उसी दौरान खोड़ा में गोलियों की आवाज गूंज उठी। सूर्या चौहान की हत्या ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना इतनी अचानक हुई कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हत्या के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि उन्हें इंसाफ चाहिए और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। पुलिस की कार्रवाई और असद का Encounter घटना के बाद गाजियाबाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश में कई टीमों को लगाया। जांच के दौरान मुख्य आरोपी असद की लोकेशन मिलने पर पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस के अनुसार, असद ने गिरफ्तारी से बचने के लिए फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में वह घायल हो गया। बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई। इस एनकाउंटर के बाद इलाके में चर्चा का माहौल और तेज हो गया। अब Bulldozer Action की तैयारी असद के एनकाउंटर के बाद प्रशासन ने उसके घर और अन्य संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में कुछ निर्माण नियमों के उल्लंघन की जानकारी सामने आई है। इसी के चलते संबंधित विभाग की ओर से नोटिस जारी किया गया है। यदि नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया जा सकता है। इस कार्रवाई की खबर के बाद आसपास के लोगों में भी हलचल बढ़ गई है। खोड़ा में पसरा सन्नाटा जिस इलाके में कभी रोजमर्रा की चहल-पहल दिखाई देती थी, वहां अब एक अजीब सी खामोशी महसूस की जा रही है। लोग घटना को लेकर खुलकर बात करने से बच रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस लगातार गश्त कर रही है और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हत्या और उसके बाद हुई घटनाओं ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। लोग चाहते हैं कि जल्द से जल्द मामले की पूरी सच्चाई सामने आए। जांच अभी जारी, कई सवाल बाकी हालांकि मुख्य आरोपी असद की मौत हो चुकी है, लेकिन पुलिस अब भी इस हत्याकांड के हर पहलू की जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हत्या की साजिश में और कौन-कौन शामिल था और इसके पीछे असली वजह क्या थी। सूर्या चौहान हत्याकांड अब सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं रह गया है, बल्कि यह कानून-व्यवस्था, पुलिस कार्रवाई और प्रशासनिक सख्ती की बड़ी कहानी बन चुका है। आने वाले दिनों में जांच से जुड़े नए खुलासे इस मामले को और महत्वपूर्ण बना सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
1 68 69 70 71 72 216

Editor's Picks

PM Modi

PM Modi in Uzbekistan: SCO Summit से पहले पीएम मोदी का बड़ा बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) शनिवार को Uzbekistan और Kyrgyz Republic के चार दिवसीय दौरे के लिए रवाना हो गए। 29 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक चलने वाली इस यात्रा में पीएम मोदी पहले उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद जाएंगे। इसके बाद वह किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित होने वाले 26वें Shanghai Cooperation Organisation (SCO) Summit में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे से पहले कहा कि भारत SCO के सदस्य देशों के साथ मिलकर ऐसा क्षेत्र बनाने की दिशा में काम करेगा, जो आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से मुक्त हो। उन्होंने SCO के लिए भारत की प्राथमिकताओं को Security, Connectivity और Opportunity से जोड़ा है। PM Modi Uzbekistan Visit: द्विपक्षीय संबंधों पर होगी अहम बातचीत उज्बेकिस्तान की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दोनों नेताओं के बीच भारत और उज्बेकिस्तान के संबंधों को और मजबूत करने के लिए कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। इस दौरान Trade and Investment, Defence, Energy, Education और Digital Connectivity जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा। भारत के लिए उज्बेकिस्तान Central Asia का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। ऐसे में पीएम मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक, सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। Tashkent में Shastri Memorial और Mahatma Gandhi Centre जाएंगे PM Modi ताशकंद में प्रधानमंत्री मोदी Lal Bahadur Shastri Memorial और Mahatma Gandhi Centre का दौरा भी करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए भारत और उज्बेकिस्तान के बीच ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया जाएगा। भारत और Central Asia के बीच सदियों पुराने व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। मौजूदा दौर में दोनों पक्ष इन रिश्तों को आधुनिक आर्थिक और रणनीतिक सहयोग में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। SCO Summit 2026 में Terrorism पर भारत का सख्त रुख उज्बेकिस्तान दौरे के बाद पीएम मोदी 31 अगस्त और 1 सितंबर को बिश्केक में होने वाले 26वें SCO Summit में शामिल होंगे। यह सम्मेलन SCO की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। SCO Summit में regional security, terrorism, extremism, connectivity और economic cooperation जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे। भारत लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर मजबूत कार्रवाई की वकालत करता रहा है। पीएम मोदी ने कहा है कि भारत SCO के माध्यम से ऐसे क्षेत्र के निर्माण के लिए काम करेगा, जो terrorism, separatism और extremism से मुक्त हो। उनका यह संदेश SCO Summit में भारत की सुरक्षा प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है। Security और Connectivity पर भी रहेगा फोकस SCO के मंच पर भारत के लिए Security, Connectivity और Opportunity प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। मध्य एशिया के साथ बेहतर connectivity भारत के आर्थिक और रणनीतिक हितों के लिए महत्वपूर्ण है। व्यापार मार्गों, ऊर्जा सहयोग, डिजिटल कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देने से भारत और Central Asian देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूती मिल सकती है। प्रधानमंत्री मोदी SCO Summit के दौरान अन्य सदस्य देशों के नेताओं के साथ Bilateral Meetings भी कर सकते हैं। इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत की संभावना है। World Nomad Games के Opening Ceremony में शामिल होंगे PM Modi किर्गिस्तान दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी 6th World Nomad Games के Opening Ceremony में भी शामिल होंगे। यह आयोजन Central Asia की पारंपरिक संस्कृति, खेल और विरासत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करता है। पीएम मोदी की इस कार्यक्रम में भागीदारी भारत और किर्गिस्तान के बीच people-to-people और cultural ties को और मजबूत करने का अवसर भी होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
RBI

EMI नहीं चुकाई तो क्या होगा? RBI Loan Recovery Rules में बदलाव, जानिए Bank क्या नहीं कर सकता

अगर आपने Personal Loan, Home Loan, Car Loan या किसी अन्य तरह का Loan लिया है और किसी वजह से EMI समय पर नहीं चुका पा रहे हैं, तो आपके लिए RBI के Loan Recovery Rules जानना बेहद जरूरी है। EMI डिफॉल्ट होने पर बैंक या NBFC बकाया रकम की Recovery कर सकता है, लेकिन इसके लिए उसे RBI के नियमों का पालन करना जरूरी है। कई लोग यह मान लेते हैं कि EMI मिस होने के बाद Recovery Agent घर आकर धमका सकता है या किसी भी समय फोन कर सकता है। ऐसा नहीं है। RBI ने Loan Recovery के दौरान ग्राहकों के सम्मान, Privacy और उचित व्यवहार को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए हैं। EMI Miss होने पर सबसे पहले क्या होता है? अगर आपकी EMI तय तारीख पर जमा नहीं होती है, तो बैंक इसे Overdue Payment के रूप में दर्ज कर सकता है। Loan Agreement के मुताबिक बैंक बकाया रकम के साथ लागू ब्याज या अन्य वैध Charges की मांग कर सकता है। अगर EMI लगातार Miss होती रहती है, तो बैंक ग्राहक से संपर्क कर सकता है और बकाया रकम चुकाने के लिए कह सकता है। लंबे समय तक भुगतान न होने पर बैंक अपने नियमों और लागू कानून के अनुसार Recovery Process आगे बढ़ा सकता है। इसलिए RBI के नियमों का मतलब यह नहीं है कि EMI नहीं चुकाने पर बैंक पैसा नहीं मांग सकता। नियम मुख्य रूप से यह तय करते हैं कि Recovery किस तरीके से की जा सकती है। RBI Loan Recovery Rules: Bank आपको कब कॉल कर सकता है? RBI के निर्देशों के अनुसार Overdue Loan की Recovery के लिए ग्राहक से सुबह 8 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद संपर्क नहीं किया जाना चाहिए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि Recovery Agent ग्राहकों को अनुचित समय पर फोन करके परेशान न करें। अगर कोई Recovery Agent लगातार देर रात या सुबह-सुबह कॉल करता है, तो ग्राहक इस मामले की शिकायत संबंधित Bank या NBFC से कर सकता है। Recovery Agent आपको धमका नहीं सकता Loan की Recovery के लिए Bank या NBFC Recovery Agent की मदद ले सकता है, लेकिन Agent को ग्राहक के साथ धमकी, गाली-गलौज, अपमानजनक व्यवहार या मानसिक दबाव बनाने की अनुमति नहीं है। Recovery का उद्देश्य बकाया रकम की वसूली करना है, ग्राहक को डराना या परेशान करना नहीं। RBI ने Regulated Entities को अपने Recovery Agents की गतिविधियों पर उचित निगरानी रखने की जिम्मेदारी भी दी है। परिवार और दोस्तों को भी परेशान नहीं कर सकता Bank अगर आपकी EMI बकाया है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि Recovery Agent आपके परिवार, दोस्तों या परिचितों को परेशान करके आप पर दबाव बनाए। ग्राहक की Privacy और सम्मान का ध्यान रखना जरूरी है। किसी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करना या उसके कर्ज की जानकारी का अनुचित तरीके से इस्तेमाल करना Recovery का स्वीकार्य तरीका नहीं है। क्या Bank घर आकर Recovery कर सकता है? बकाया Loan की Recovery के लिए Bank या उसका अधिकृत Recovery Agent ग्राहक से संपर्क कर सकता है। हालांकि, Recovery करते समय निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। अगर Loan के बदले कोई Asset जैसे Car, Property या अन्य Security रखी गई है, तो Default की स्थिति में Bank के पास कानून और Loan Agreement के तहत Recovery के अधिकार हो सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि Recovery Agent अपनी मर्जी से जबरन सामान या संपत्ति पर कब्जा कर सकता है। Loan Default होने पर Credit Score पर भी असर पड़ सकता है EMI का लगातार भुगतान न करने का असर केवल Bank Recovery तक सीमित नहीं रहता। Loan Repayment History आपके Credit Profile को प्रभावित कर सकती है। अगर Loan Account में लगातार Default होता है, तो भविष्य में Loan या Credit Card लेने में परेशानी हो सकती है। इसलिए आर्थिक परेशानी होने पर EMI को नजरअंदाज करने के बजाय Bank से समय रहते संपर्क करना बेहतर होता है। Recovery Agent परेशान करे तो क्या करें? अगर कोई Recovery Agent RBI के नियमों का उल्लंघन करता है, तो ग्राहक को सबसे पहले संबंधित Bank या NBFC के Grievance Redressal Mechanism में शिकायत करनी चाहिए। शिकायत करते समय कॉल रिकॉर्ड, SMS, WhatsApp Message, Email या अन्य उपलब्ध सबूत सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है। अगर Bank या NBFC से शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो पात्र मामलों में RBI की Ombudsman व्यवस्था के तहत शिकायत की जा सकती है। क्या EMI नहीं भरने पर Bank Loan माफ कर देगा? नहीं। RBI के Recovery Rules का उद्देश्य ग्राहकों को अनुचित Recovery Practices से सुरक्षा देना है। इसका मतलब यह नहीं है कि EMI नहीं भरने पर Loan अपने आप माफ हो जाएगा। Bank अपने Loan Agreement और लागू कानून के अनुसार बकाया रकम की Recovery कर सकता है। लंबे समय तक Default की स्थिति में कानूनी कार्रवाई भी संभव है। EMI भरने में परेशानी हो तो क्या करें? अगर आपको लगता है कि किसी महीने या आने वाले समय में EMI भरना मुश्किल हो सकता है, तो Bank या NBFC से जल्द संपर्क करें। अपनी Financial Situation के बारे में जानकारी देकर उपलब्ध विकल्पों के बारे में पूछें। सबसे जरूरी बात यह है कि Recovery Agent के दबाव में आकर किसी अनजान व्यक्ति के Personal Account में पैसा जमा न करें। Payment हमेशा Bank/NBFC के अधिकृत माध्यम से ही करें। RBI Loan Recovery Rules का सबसे जरूरी सार EMI समय पर नहीं चुकाने पर Bank आपसे बकाया रकम की मांग कर सकता है और नियमों के अनुसार Recovery Process शुरू कर सकता है। लेकिन Recovery के दौरान Bank या उसके Agent को ग्राहक की Privacy और सम्मान का ध्यान रखना होगा। याद रखें: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CNG Price

Delhi CNG Price: CNG के दाम में ₹3.89 की बढ़ोतरी, अब ₹86.98 प्रति किलो मिलेगा गैस

दिल्ली-NCR में CNG इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। CNG Price Hike के तहत इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने CNG की कीमत में ₹3.89 प्रति किलो की बढ़ोतरी की है। नई कीमतें 29 अगस्त 2026 से लागू हो गई हैं। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में CNG का रेट ₹83.09 प्रति किलो से बढ़कर ₹86.98 प्रति किलो हो गया है। यह 2026 में दिल्ली-NCR में CNG की पांचवीं कीमत बढ़ोतरी है। लगातार हो रही बढ़ोतरी से CNG कार चलाने वाले लोगों के साथ-साथ ऑटो, टैक्सी, कैब और कमर्शियल वाहनों के ड्राइवरों पर भी ईंधन खर्च का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। Delhi CNG Price: अब कितना हुआ CNG का रेट? IGL की नई कीमतों के मुताबिक दिल्ली-NCR के अलग-अलग शहरों में CNG के दाम इस प्रकार हैं: दिल्ली में CNG की कीमत में सीधे ₹3.89 प्रति किलो की वृद्धि हुई है। इसका मतलब है कि जो वाहन रोजाना बड़ी मात्रा में CNG की खपत करते हैं, उनके लिए महीने का fuel budget पहले की तुलना में और बढ़ जाएगा। Why CNG Price Increased: क्यों बढ़े CNG के दाम? IGL के अनुसार, CNG की कीमत बढ़ाने की मुख्य वजह imported LNG की बढ़ी हुई लागत है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में LNG की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर गैस की supply और import cost पर पड़ा है। पश्चिम एशिया में तनाव के कारण LNG की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ी है। इसके चलते global energy market में कीमतों पर दबाव बना हुआ है। IGL ने इसी बढ़ी हुई input cost के एक हिस्से को CNG की कीमतों में शामिल किया है। 2026 में पांचवीं बार महंगी हुई CNG दिल्ली-NCR में वर्ष 2026 के दौरान CNG की कीमतों में यह पांचवीं बढ़ोतरी है। इससे पहले भी इस साल अलग-अलग चरणों में CNG के दाम बढ़ाए गए थे। बार-बार होने वाली price hike के कारण CNG को economical fuel मानकर इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिकों की लागत लगातार बढ़ रही है। हालांकि पेट्रोल और डीजल की तुलना में CNG अभी भी कई वाहन चालकों के लिए एक महत्वपूर्ण alternative fuel बनी हुई है। CNG Price Hike का आम लोगों पर क्या असर होगा? CNG की कीमत बढ़ने का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं। निजी CNG कारों के अलावा auto-rickshaw, taxi, cab और commercial vehicles चलाने वालों की operating cost भी बढ़ेगी। ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए बढ़ती fuel cost का सीधा असर उनकी daily earnings पर पड़ सकता है। अगर CNG की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो भविष्य में इसका असर transportation charges और passenger fares पर भी देखने को मिल सकता है। CNG महंगी होने से बढ़ सकता है Monthly Fuel Budget उदाहरण के तौर पर, अगर कोई वाहन प्रतिदिन 5 किलो CNG की खपत करता है, तो ₹3.89 प्रति किलो की अतिरिक्त कीमत के कारण उसका खर्च करीब ₹19.45 प्रतिदिन बढ़ जाएगा। 30 दिनों में यह अतिरिक्त खर्च लगभग ₹584 हो सकता है। जिन commercial vehicles की रोजाना CNG consumption इससे कहीं अधिक है, उनके लिए अतिरिक्त मासिक खर्च भी काफी ज्यादा होगा। आगे CNG के दाम पर क्या रहेगा असर? CNG की कीमतों पर आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय LNG prices, global gas supply और पश्चिम एशिया की स्थिति का असर महत्वपूर्ण रहेगा। अगर imported gas की लागत ऊंची बनी रहती है, तो domestic CNG prices पर भी दबाव बना रह सकता है। फिलहाल दिल्ली-NCR के लोगों को 29 अगस्त से CNG के लिए ₹3.89 प्रति किलो ज्यादा भुगतान करना होगा। दिल्ली में नई CNG कीमत ₹86.98 प्रति किलो पहुंच गई है, जबकि नोएडा और गाजियाबाद में यह ₹95.59 प्रति किलो हो गई है। CNG Price Hike 2026 की यह पांचवीं बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब बढ़ती fuel और transportation costs पहले से ही आम लोगों के बजट को प्रभावित कर रही हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Monsoon

Monsoon Alert: UP के 47 जिलों में बारिश का अलर्ट, Odisha में 67 हजार लोग Flood से प्रभावित

देशभर में मानसून (Monsoon) का असर अलग-अलग रूप में देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश में 47 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि ओडिशा में बाढ़ ने हजारों लोगों को प्रभावित किया है। वहीं राजस्थान में मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ने के बाद कई शहरों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। बिहार और हिमाचल प्रदेश में भी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ाई है। UP Weather: 47 जिलों में बारिश का Alert उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। मौसम विभाग ने राज्य के 47 जिलों में Rain Alert जारी करते हुए आंधी, गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई है। कई इलाकों में लगातार बारिश के कारण जलभराव और बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। प्रदेश के करीब 16 जिले बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं। नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कुछ क्षेत्रों में सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के Weather Alerts पर नजर रखने की सलाह दी गई है। Odisha Flood: 67 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित ओडिशा में Flood Situation गंभीर बनी हुई है। राज्य के तीन जिलों में 67 हजार से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं। कई निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मौसम विभाग ने राज्य में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है। खासकर उत्तर और तटीय ओडिशा के कई हिस्सों में तेज बारिश होने की आशंका है। इससे पहले से बाढ़ प्रभावित इलाकों में परेशानी और बढ़ सकती है। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। Bihar Weather: गंगा और गंडक का बढ़ा जलस्तर बिहार में भी बारिश के साथ नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। गंगा और गंडक कई स्थानों पर खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए बाढ़ का खतरा बना हुआ है। राज्य के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना के बीच प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है। लगातार बारिश होने पर जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है। Himachal Pradesh: Rain और Landslide से बढ़ी परेशानी हिमाचल प्रदेश में बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई स्थानों पर सड़क मार्ग बाधित हुए हैं और यातायात प्रभावित हुआ है। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को संवेदनशील क्षेत्रों में जाने से बचने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने को कहा गया है। Rajasthan Weather: मानसून कमजोर, 15 शहरों में Temperature 35° पार राजस्थान में मानसून की गतिविधियां कमजोर होने के साथ गर्मी एक बार फिर बढ़ने लगी है। राज्य के 15 शहरों में अधिकतम तापमान 35°C या उससे ज्यादा दर्ज किया गया है। बारिश में कमी के कारण कई इलाकों में उमस और गर्मी का असर महसूस किया जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ सकती हैं। राजस्थान में मानसून के कमजोर दौर के कारण किसानों और जल संसाधनों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। कई राज्यों में बारिश और Thunderstorm का Alert देश के कई राज्यों में मानसून की गतिविधियां जारी हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश समेत कई क्षेत्रों में Rain और Thunderstorm Alert जारी किया गया है। कुछ इलाकों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक की संभावना है। ऐसे में लोगों को खुले क्षेत्रों, पेड़ों और कमजोर संरचनाओं के आसपास सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। एक नजर में देश का Weather Update हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Suryakumar Yadav

T20 Captaincy से हटाए जाने पर Suryakumar Yadav ने तोड़ी चुप्पी, बोले- लगा था Olympics तक रहूंगा Captain

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) ने T20 कप्तानी से हटाए जाने और टीम से बाहर किए जाने के बाद पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है। सूर्यकुमार ने बताया कि चयनकर्ताओं के फैसले के बाद वह करीब डेढ़ महीने तक इस सवाल से जूझते रहे कि आखिर ऐसा कैसे हो गया। उन्हें उम्मीद थी कि वह भारतीय टीम की कप्तानी को कम से कम 2028 Olympics और अगले T20 World Cup तक संभालेंगे। सूर्यकुमार यादव का यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारतीय टी20 टीम में नेतृत्व को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उनकी जगह Shreyas Iyer को टीम की कमान सौंपी गई है। Captaincy जाने के बाद क्या बोले Suryakumar Yadav? सूर्यकुमार ने बातचीत में बताया कि टीम से बाहर किए जाने की खबर उनके लिए आसान नहीं थी। उन्होंने कहा कि जब उन्हें पता चला कि उनका नाम टीम में नहीं है, तो उनके मन में सबसे पहला सवाल यही आया कि “ऐसा कैसे हो गया?” उन्होंने बताया कि वह करीब डेढ़ महीने तक इस फैसले के बारे में सोचते रहे। उनके लिए यह इसलिए भी हैरान करने वाला था क्योंकि भारतीय टीम ने उनकी कप्तानी में लगातार शानदार प्रदर्शन किया था। सूर्यकुमार को उम्मीद थी कि वह आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स में भी टीम का नेतृत्व करेंगे। लगा था Olympics और T20 World Cup तक Captain रहूंगा सूर्यकुमार यादव ने कहा कि उन्हें लगा था कि वह भारतीय टी20 टीम के साथ लंबे समय तक जुड़े रहेंगे। उनके सामने 2028 Los Angeles Olympics और अगला T20 World Cup जैसे बड़े टूर्नामेंट थे। उन्हें उम्मीद थी कि इन बड़े मुकाबलों तक वह टीम इंडिया के Captain बने रहेंगे। हालांकि, चयनकर्ताओं ने भविष्य की योजनाओं को देखते हुए नेतृत्व में बदलाव करने का फैसला किया। यह फैसला सूर्यकुमार के लिए इसलिए भी चौंकाने वाला था क्योंकि कप्तान के तौर पर उनका रिकॉर्ड काफी मजबूत रहा था। ‘जब सब अच्छा चल रहा था तो बदलाव क्यों?’ सूर्यकुमार यादव की सबसे बड़ी चिंता कप्तानी जाने से ज्यादा इस बात को लेकर थी कि आखिर बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही थी और बड़े टूर्नामेंट में सफलता हासिल कर रही थी, तब अचानक कप्तानी में बदलाव क्यों किया गया। सूर्यकुमार ने हालांकि यह भी स्पष्ट किया कि वह चयनकर्ताओं के फैसले का सम्मान करते हैं। उनका मानना है कि चयनकर्ता टीम के भविष्य को ध्यान में रखकर फैसले लेते हैं और उन्हें जो सही लगा, उन्होंने वही किया। Selection Committee ने पहले ही दे दी थी जानकारी सूर्यकुमार ने बताया कि टीम की घोषणा से करीब 2-3 दिन पहले चयनकर्ताओं की ओर से उन्हें फोन आया था। उन्हें जानकारी दी गई थी कि आगे की सीरीज के लिए टीम में उनका नाम नहीं होगा। यह बातचीत उनके लिए निश्चित तौर पर मुश्किल रही होगी, लेकिन उन्होंने फैसले को स्वीकार किया और विवाद खड़ा करने के बजाय अपने क्रिकेट पर ध्यान देने का फैसला किया। Shreyas Iyer की Captaincy से कोई दिक्कत नहीं नए कप्तान Shreyas Iyer को लेकर सूर्यकुमार यादव ने कोई नाराजगी नहीं जताई। उन्होंने श्रेयस को अच्छा खिलाड़ी और अच्छा इंसान बताया। सूर्यकुमार का मानना है कि श्रेयस के पास कप्तानी का अनुभव है और वह टीम को अच्छी तरह संभाल सकते हैं। इसलिए उन्हें श्रेयस के Captain बनाए जाने से कोई व्यक्तिगत समस्या नहीं है। खराब Batting Form भी बनी वजह? सूर्यकुमार यादव को टीम से बाहर किए जाने के पीछे उनकी Batting Form को भी एक महत्वपूर्ण वजह माना जा रहा है। टी20 वर्ल्ड कप के बाद उनका बल्ला उस स्तर पर नहीं चला, जिसके लिए वह जाने जाते हैं। कप्तानी में शानदार प्रदर्शन के बावजूद व्यक्तिगत बल्लेबाजी में लगातार अच्छी लय हासिल नहीं कर पाने का असर उनकी टीम में जगह पर पड़ा। चयनकर्ताओं के सामने अब एक नई T20 टीम तैयार करने की चुनौती भी है। अब Team India में Comeback पर नजर टीम से बाहर होने के बाद सूर्यकुमार यादव के सामने अब सबसे बड़ा लक्ष्य Team India में Comeback करना है। वह जानते हैं कि भारतीय टी20 टीम में वापसी के लिए उन्हें बल्ले से लगातार शानदार प्रदर्शन करना होगा। कप्तानी का अध्याय फिलहाल पीछे छूट चुका है, लेकिन सूर्यकुमार के लिए भारतीय टीम में वापसी का रास्ता अभी बंद नहीं हुआ है। उनका प्रदर्शन ही तय करेगा कि वह दोबारा टीम इंडिया की T20 योजनाओं में जगह बना पाते हैं या नहीं।

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.