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Mumbai-Pune Highway Crash: तेज रफ्तार बनी काल, भीषण टक्कर में 2 की मौके पर मौत

सप्ताह की शुरुआत महाराष्ट्र के लिए एक दुखद खबर लेकर आई। सोमवार सुबह Mumbai-Pune एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसे में दो लोगों की जान चली गई। ट्रक, कंटेनर और एक अर्टिगा कार के बीच हुई जोरदार टक्कर ने कुछ ही पलों में खुशियों को मातम में बदल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना भयानक था कि अर्टिगा कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। टक्कर की आवाज दूर तक सुनाई दी और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सड़क पर गुजर रहे अन्य वाहन चालकों ने तुरंत पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को सूचना दी। मौके पर ही दो लोगों ने तोड़ा दम हादसे में कार सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कुछ अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। मृतकों की पहचान और उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। रेस्क्यू टीम ने संभाला मोर्चा सूचना मिलते ही हाईवे पुलिस, एंबुलेंस और बचाव दल घटनास्थल पर पहुंच गए। क्षतिग्रस्त वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए काफी देर तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। हादसे के कारण एक्सप्रेसवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, हालांकि बाद में यातायात को धीरे-धीरे सामान्य कर दिया गया। हादसे की वजह तलाश रही पुलिस प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और वाहन पर नियंत्रण खोने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। दुर्घटना के सही कारणों का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे देश के सबसे व्यस्त और आधुनिक हाईवे में शामिल है, लेकिन यहां आए दिन होने वाले हादसे चिंता का विषय बने हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तेज रफ्तार, थकान में ड्राइविंग और यातायात नियमों की अनदेखी ऐसी घटनाओं की बड़ी वजह बन रही है। यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि सड़क पर कुछ सेकंड की लापरवाही भी जिंदगी भर का दर्द दे सकती है। सुरक्षित ड्राइविंग ही ऐसे हादसों को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bengal

Bengal Politics में बड़ा बदलाव: 35 नए मंत्रियों के साथ मजबूत हुई शुभेंदु कैबिनेट

Bengal की राजनीति में सोमवार का दिन बेहद अहम रहा। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपनी सरकार का बड़ा कैबिनेट विस्तार करते हुए 35 नए मंत्रियों को मंत्रिमंडल में शामिल किया। कोलकाता स्थित नबान्न (लोक भवन) में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल आर.एन. रवि ने सभी मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। भाजपा सरकार के गठन के बाद यह पहला बड़ा कैबिनेट विस्तार माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा पिछले कई दिनों से चल रही थी और आखिरकार सरकार ने अपने प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठा लिया। क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन पर दिखा फोकस नए मंत्रिमंडल में राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है। उत्तर बंगाल, जंगलमहल, कोलकाता और सीमावर्ती जिलों के कई नेताओं को जिम्मेदारी मिली है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने आगामी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की रणनीति अपनाई है। कैबिनेट में अनुभवी नेताओं के साथ कई नए चेहरों को भी मौका दिया गया है। इससे साफ संकेत मिलता है कि सरकार प्रशासनिक अनुभव और युवा नेतृत्व के बीच संतुलन बनाना चाहती है। कई बड़े नेताओं को मिली जिम्मेदारी शपथ लेने वाले नेताओं में भाजपा के कई प्रमुख चेहरे शामिल रहे। पार्टी संगठन में लंबे समय से सक्रिय नेताओं को सरकार में जगह देकर नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं को भी सकारात्मक संदेश देने की कोशिश की है। विभागों का अंतिम बंटवारा जल्द घोषित किया जाएगा, जिसके बाद यह स्पष्ट होगा कि किस मंत्री को कौन-सी जिम्मेदारी सौंपी गई है। महिलाओं के लिए बड़ी घोषणा कैबिनेट विस्तार के बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने महिलाओं को बड़ी सौगात भी दी। राज्य की सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा योजना लागू करने की घोषणा की गई है। भाजपा ने विधानसभा चुनाव के दौरान यह वादा किया था और अब सरकार इसे जमीन पर उतारती दिखाई दे रही है। सरकार का कहना है कि यह फैसला महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने और उन्हें अधिक सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। भाजपा सरकार के लिए क्यों खास है यह विस्तार? पश्चिम Bengal में पहली बार भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आई है। ऐसे में यह कैबिनेट विस्तार केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि राजनीतिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नए मंत्रिमंडल के जरिए सरकार विकास, सुशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्राथमिकताएं तय करने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में विभागों के आवंटन और सरकार की नई योजनाओं पर सभी की नजरें रहेंगी। फिलहाल इस विस्तार ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल जरूर पैदा कर दी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Commercial LPG Price Hike June 2026: 19 किलो LPG सिलेंडर महंगा, जानें नई कीमतें

Breaking News: फिर महंगा हुआ कमर्शियल LPG सिलेंडर, 19 किलो सिलेंडर के दाम बढ़े, होटल-रेस्टोरेंट पर बढ़ेगा बोझ

कमर्शियल LPG सिलेंडर फिर महंगा, 1 जून से बढ़ी कीमतें; होटल-रेस्टोरेंट कारोबार पर असर नई दिल्ली। जून महीने की शुरुआत के साथ ही कारोबारियों को महंगाई का एक और झटका लगा है। सरकारी तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें 1 जून 2026 से लागू हो गई हैं। दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर अब ₹3113.50 में मिलेगा, जो पहले ₹3071.50 था। यानी एक सिलेंडर पर ₹42 की बढ़ोतरी हुई है। किन शहरों में कितना बढ़ा दाम? तेल कंपनियों द्वारा जारी नई दरों के अनुसार देश के विभिन्न शहरों में कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में ₹42 से ₹53.50 तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिल्ली समेत कई महानगरों में नई कीमतें लागू हो चुकी हैं। घरेलू गैस सिलेंडर पर राहत हालांकि इस बार घरेलू रसोई गैस (14.2 किलो) उपभोक्ताओं को राहत मिली है। घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे करोड़ों परिवारों को फिलहाल अतिरिक्त बोझ नहीं उठाना पड़ेगा। क्यों बढ़े कमर्शियल LPG के दाम? रिपोर्ट्स के मुताबिक पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ती लागत के कारण तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा है। ऊर्जा सुरक्षा और LPG भंडारण को मजबूत करने के लिए कीमतों में यह संशोधन किया गया है। होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबार होंगे प्रभावित कमर्शियल LPG सिलेंडर का उपयोग मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, कैटरिंग सर्विस और छोटे उद्योग करते हैं। कीमत बढ़ने से इन व्यवसायों की लागत बढ़ेगी, जिसका असर खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है। पिछले महीने भी हुआ था बड़ा इजाफा गौरतलब है कि मई 2026 में भी कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में भारी बढ़ोतरी की गई थी। तब 19 किलो सिलेंडर के दाम में लगभग ₹993 की वृद्धि हुई थी। लगातार तीसरे महीने हुई बढ़ोतरी ने व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। देश हरपल निष्कर्ष घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत जरूर मिली है, लेकिन कमर्शियल LPG सिलेंडर की बढ़ती कीमतें होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यापारियों की लागत बढ़ाने वाली हैं। आने वाले दिनों में इसका असर बाजार की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
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Education Row: CBSE छात्रों से मिले Rahul Gandhi, OSM विवाद पर केंद्र सरकार को घेरा

Education Crisis: CBSE OSM विवाद के बीच छात्रों से मिले राहुल गांधी नई दिल्ली। CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर जारी विवाद अब राजनीतिक और शैक्षणिक दोनों स्तरों पर बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। इसी बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उन छात्रों से मुलाकात की, जिन्होंने उत्तर पुस्तिकाओं में कथित गड़बड़ियों और मूल्यांकन संबंधी समस्याओं को लेकर आवाज उठाई थी। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा कि वे उन छात्रों से मिलने जा रहे हैं जिन्हें कुछ लोगों ने “एंटी-नेशनल”, “पाकिस्तानी” और “सोरोस एजेंट” तक कह दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर 17 साल के छात्रों को इस तरह के राजनीतिक विशेषणों से क्यों जोड़ा जा रहा है। क्या है पूरा OSM विवाद? CBSE ने इस वर्ष उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम लागू किया था। कई छात्रों और अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं में पेज गायब थे, कुछ उत्तर दिखाई नहीं दे रहे थे और मूल्यांकन पोर्टल में तकनीकी समस्याएं थीं। कांग्रेस और राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि OSM कॉन्ट्रैक्ट देने की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और पात्रता मानकों में बदलाव कर एक विशेष कंपनी को लाभ पहुंचाया गया। सरकार और CBSE का क्या कहना है? केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने माना कि OSM सिस्टम में कुछ तकनीकी समस्याएं सामने आई हैं और उन्हें दूर करने के लिए सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं CBSE ने राहुल गांधी के आरोपों को “भ्रामक” बताते हुए कहा कि कॉन्ट्रैक्ट पूरी सरकारी प्रक्रिया और General Financial Rules के तहत दिया गया था। बोर्ड के अनुसार सभी प्रक्रियाओं का पालन किया गया और किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई। छात्रों के भविष्य पर बढ़ी चिंता इस पूरे विवाद के कारण लाखों छात्रों और उनके परिवारों में चिंता का माहौल है। विपक्ष लगातार स्वतंत्र जांच की मांग कर रहा है, जबकि सरकार और CBSE का दावा है कि सभी शिकायतों का समाधान किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को लागू करने से पहले व्यापक परीक्षण और तकनीकी तैयारी आवश्यक थी, ताकि छात्रों के परिणामों पर किसी भी तरह का प्रभाव न पड़े। Desh Harpal Analysis यह विवाद केवल एक परीक्षा परिणाम का मामला नहीं रह गया है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता, तकनीकी विश्वसनीयता और छात्रों के अधिकारों से जुड़ा राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिनों में सरकार, CBSE और विपक्ष के बीच यह बहस और तेज हो सकती है।
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Kalyan Banerjee Attack News

हुगली में TMC सांसद कल्याण बनर्जी पर हमला, सिर में चोट का दावा; BJP-TMC आमने-सामने

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद जारी राजनीतिक तनाव के बीच रविवार को एक और बड़ा विवाद सामने आया। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद Kalyan Banerjee ने दावा किया कि हुगली जिले के चंदीतला पुलिस स्टेशन के बाहर उन्हें निशाना बनाया गया और इस दौरान उनके सिर में चोट लगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कल्याण बनर्जी पुलिस स्टेशन में कथित पोस्ट-पोल हिंसा और पार्टी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में ज्ञापन देने पहुंचे थे। इसी दौरान वहां भारी संख्या में समर्थक और विरोधी कार्यकर्ता मौजूद थे, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। क्या हुआ घटनास्थल पर? बताया जा रहा है कि चंदीतला पुलिस स्टेशन के बाहर दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच तीखी नारेबाजी हुई। इसी दौरान धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। TMC नेताओं का आरोप है कि यह हमला सुनियोजित था और विपक्षी कार्यकर्ताओं ने सांसद को निशाना बनाया। वहीं भाजपा नेताओं ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह केवल राजनीतिक ड्रामा है और जनता में बढ़ते असंतोष को छिपाने की कोशिश की जा रही है। अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद दूसरा बड़ा विवाद यह घटना ऐसे समय में हुई है जब एक दिन पहले ही TMC के राष्ट्रीय महासचिव Abhishek Banerjee ने भी दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर इलाके में अपने ऊपर हमले का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि प्रदर्शनकारियों ने उन पर अंडे, पत्थर और ईंटें फेंकी थीं। लगातार दो दिनों में TMC नेताओं पर हमले के आरोपों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। बंगाल में क्यों बढ़ रहा है राजनीतिक तनाव? 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में राजनीतिक हिंसा और आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। भाजपा और TMC दोनों ही एक-दूसरे पर कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने और हिंसा फैलाने के आरोप लगा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी नतीजों के बाद पैदा हुई कटुता अब सड़क तक पहुंच चुकी है और छोटे-छोटे विरोध प्रदर्शन भी बड़े टकराव में बदल रहे हैं। इसे भी पढ़े –अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद ममता बनर्जी का बड़ा आरोप, अस्पताल और बीजेपी पर साधा निशाना पुलिस का क्या कहना है? घटना को लेकर पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि स्थानीय प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू करने की बात कही है। पुलिस घटनास्थल के वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी जुटा रही है। Desh Harpal Analysis लगातार दो दिनों में TMC के शीर्ष नेताओं पर हमले के आरोप पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था और राजनीतिक माहौल को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है।
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Weather Update: उत्तर भारत में बारिश से राहत, राजस्थान में धूल भरी आंधी का अलर्ट

Weather Update: उत्तर भारत में बदला मौसम का मिजाज, गर्मी से राहत लेकिन राजस्थान में नया खतरा

कई दिनों से भीषण गर्मी और हीटवेव की मार झेल रहे उत्तर भारत के लोगों को आखिरकार राहत मिलने लगी है। राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और आसपास के कई इलाकों में तेज हवाओं, धूल भरी आंधी और हल्की बारिश ने तापमान में गिरावट दर्ज कराई है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। राजस्थान के कई जिलों में शुक्रवार और शनिवार को अचानक मौसम बदला। कई जगहों पर धूल भरी आंधी चली, जबकि कुछ क्षेत्रों में बारिश और बादल छाए रहने से लोगों को तपती गर्मी से राहत मिली। राजस्थान में धूल भरे तूफान ने बढ़ाई चिंता राजस्थान के बीकानेर, चूरू और आसपास के इलाकों में धूल भरे तूफान ने जनजीवन को प्रभावित किया। कई स्थानों पर दृश्यता लगभग शून्य तक पहुंच गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आसमान पीले और काले रंग की धूल से ढका नजर आया। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई है। कुछ जिलों में ओलावृष्टि की भी चेतावनी जारी की गई है। हीटवेव से मिलेगी राहत पिछले सप्ताह राजस्थान के श्रीगंगानगर सहित कई शहरों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था। लेकिन अब बारिश और बादलों की वजह से तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 2-3 दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में हीटवेव का असर कम हो सकता है। IMD ने लोगों को दी ये सलाह किन राज्यों में रहेगा असर? मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक तेज हवाएं, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है।
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LPG New Rules 2026

LPG New Rules 2026: PNG कनेक्शन वालों के लिए बड़ा अपडेट, जून से बदलेंगे गैस सिलेंडर के नियम

नई दिल्ली। देशभर में एलपीजी (LPG) और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) उपभोक्ताओं के लिए जून 2026 से नियमों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। केंद्र सरकार और ऑयल मार्केटिंग कंपनियां ऐसे घरों की पहचान कर रही हैं जहां LPG और PNG दोनों कनेक्शन एक साथ इस्तेमाल किए जा रहे हैं। इसके चलते लाखों उपभोक्ताओं के बीच यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या उनका गैस सिलेंडर कनेक्शन बंद हो सकता है। क्या है ‘One Household, One Connection’ नियम? सरकार का उद्देश्य घरेलू गैस की उपलब्धता को बेहतर बनाना और दुरुपयोग रोकना है। इसी के तहत कई शहरों में ऐसे घरों की जांच की जा रही है जिनके पास PNG सुविधा होने के बावजूद LPG कनेक्शन भी सक्रिय है। पहले ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं को LPG कनेक्शन सरेंडर करने के लिए कहा जा रहा था। हालांकि हाल ही में सरकार ने नियमों में संशोधन करते हुए उपभोक्ताओं को कुछ राहत भी दी है। अब क्या होगा LPG कनेक्शन का? नए संशोधित नियमों के अनुसार यदि किसी उपभोक्ता ने PNG कनेक्शन ले लिया है तो उसके पास दो विकल्प होंगे— 1. LPG कनेक्शन बंद करवा सकते हैं PNG मिलने के 30 दिनों के भीतर उपभोक्ता अपना LPG कनेक्शन बंद कराने के लिए आवेदन कर सकता है। 2. ट्रांसफर वाउचर ले सकते हैं यदि भविष्य में उपभोक्ता ऐसे इलाके में शिफ्ट होता है जहां PNG उपलब्ध नहीं है, तो वह ट्रांसफर वाउचर की मदद से LPG कनेक्शन दोबारा सक्रिय करवा सकेगा। किन लोगों को होगा सबसे ज्यादा फायदा? सरकार के इस फैसले से उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जिनकी नौकरी ट्रांसफरेबल है या जो अक्सर शहर बदलते रहते हैं। इसमें शामिल हैं— इन लोगों को हर बार नया गैस कनेक्शन लेने की लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। क्या गैस कनेक्शन तुरंत बंद हो जाएगा? विशेषज्ञों का मानना है कि हर शहर और गैस वितरण कंपनी की प्रक्रिया अलग हो सकती है। जिन क्षेत्रों में PNG नेटवर्क पूरी तरह उपलब्ध है, वहां कंपनियां उपभोक्ताओं से स्थिति स्पष्ट करने को कह सकती हैं। इसलिए यदि आपके पास दोनों कनेक्शन हैं तो अपनी गैस कंपनी से संपर्क कर नियमों की जानकारी लेना जरूरी है। सरकार ने नियम क्यों बदले? मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बढ़ी चिंताओं के बीच सरकार गैस संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर जोर दे रही है। इसी कारण PNG नेटवर्क को बढ़ावा देने और LPG की उपलब्धता जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। यदि आपके घर में PNG कनेक्शन मौजूद है और LPG कनेक्शन भी चालू है, तो जून 2026 में लागू होने वाले नियमों की जानकारी रखना बेहद जरूरी है। हालांकि नए संशोधन के बाद उपभोक्ताओं को ट्रांसफर वाउचर जैसी सुविधा मिल गई है, जिससे भविष्य में LPG कनेक्शन दोबारा लेने की परेशानी कम होगी। सरकार का उद्देश्य गैस वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और उपभोक्ता हितैषी बनाना है।
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Supreme Court - हाईकोर्ट 3 महीने से ज्यादा फैसला सुरक्षित न रखें

Supreme Court – हाईकोर्ट 3 महीने से ज्यादा फैसला सुरक्षित न रखें

आम लोगों को समय पर न्याय मिले, इसके लिए Supreme Court ने देश के सभी हाईकोर्टों को अहम निर्देश जारी किए हैं। सुप्रीम Court ने कहा है कि कोई भी फैसला 3 महीने से ज्यादा समय तक सुरक्षित नहीं रखा जाना चाहिए। खासकर जमानत से जुड़े मामलों में आदेश उसी दिन या अधिकतम अगले दिन जारी किए जाएं। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ किया कि अदालतों के आदेशों को तुरंत ऑनलाइन अपलोड किया जाए, ताकि लोगों को फैसले की जानकारी समय पर मिल सके। कोर्ट ने माना कि फैसलों में देरी होने से लोगों को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। दरअसल, कई मामलों में देखा गया है कि सुनवाई पूरी होने के बाद भी फैसले लंबे समय तक सुरक्षित रखे जाते हैं। इससे आरोपी, पीड़ित और उनके परिवारों को अनिश्चितता में रहना पड़ता है। जमानत मामलों में देरी होने पर कई लोगों को जरूरत से ज्यादा समय जेल में बिताना पड़ता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि न्याय में देरी, न्याय से वंचित करने के बराबर है। अदालतों को यह सुनिश्चित करना होगा कि फैसले तय समय सीमा में आएं और लोगों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा बना रहे। कोर्ट के इन निर्देशों को न्याय प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी लाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे आम नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद है और लंबित मामलों के जल्द निपटारे में भी मदद मिल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Charbagh Railway Station पर बड़ा हादसा: टिन शेड गिरने से टीटीई समेत 3 लोग गंभीर घायल

Charbagh Railway Station पर बड़ा हादसा: टिन शेड गिरने से टीटीई समेत 3 लोग गंभीर घायल

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के व्यस्त Charbagh Railway Station पर शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया। स्टेशन पर बने टिन शेड का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे में टीटीई समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों में दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा उस समय हुआ जब हावड़ा-देहरादून एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म पर पहुंच चुकी थी। अचानक तेज आवाज के साथ टिन शेड नीचे गिर गया। मौके पर मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारी और राहत टीम तुरंत मौके पर पहुंची। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि घायलों में एक टीटीई भी शामिल है, जिसकी हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे के बाद सुरक्षा के मद्देनजर हावड़ा-देहरादून एक्सप्रेस को कुछ देर के लिए रोक दिया गया। रेलवे प्रशासन ने प्लेटफॉर्म खाली कराकर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में टिन शेड की जर्जर हालत को हादसे की वजह माना जा रहा है। यात्रियों का कहना है कि स्टेशन पर कई जगहों पर पुराने और कमजोर शेड बने हुए हैं, जिनकी समय-समय पर जांच नहीं होती। लोगों ने रेलवे प्रशासन से स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और पुराने ढांचों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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UP में निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, आंधी-बारिश बनी हादसे की वजह

UP में निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, आंधी-बारिश बनी हादसे की वजह

UP में एक दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। निर्माणाधीन पुल का स्लैब अचानक गिरने से 6 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य मजदूर मलबे में दब गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मदद के लिए दौड़ पड़े। अधिकारियों के मुताबिक तेज आंधी और बारिश के कारण पुल का स्लैब कमजोर हो गया था, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। राहत और बचाव टीम ने मौके पर पहुंचकर तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मलबे में फंसे 3 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि अन्य की तलाश जारी रही। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है। मृत मजदूरों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। कई मजदूर दूसरे राज्यों से यहां काम करने आए थे और अपने परिवार की रोजी-रोटी के लिए मेहनत कर रहे थे। प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। स्थानीय लोगों ने निर्माण कंपनी की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की बात कही गई है। वहीं घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। यह हादसा एक बार फिर निर्माण कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता नजर आया है। लोगों का कहना है कि मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सख्त नियमों का पालन जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे दोबारा न हों। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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