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Demographic

Demographic Shift पर केंद्र सरकार का Action Mode नई हाई लेवल कमेटी तैयार

देश में बढ़ती घुसपैठ (Infiltration) और कुछ इलाकों में बदलते जनसंख्या संतुलन (Demographic Change) को लेकर केंद्र सरकार ने अब सख्त रुख अपनाया है। इस संवेदनशील मुद्दे पर निगरानी, अध्ययन और समाधान के लिए एक हाई-लेवल कमेटी (High Level Committee) का गठन किया गया है। सरकार का मानना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में हाल के वर्षों में सामने आए कुछ मामलों को हल्के में नहीं लिया जा सकता, क्योंकि इसका सीधा असर राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक संतुलन पर पड़ता है। सरकार ने क्यों उठाया यह कदम? सूत्रों के अनुसार, यह फैसला अचानक नहीं लिया गया है। कई रिपोर्ट्स और सुरक्षा एजेंसियों की फीडबैक में यह सामने आया कि: इन्हीं सब पहलुओं को देखते हुए सरकार ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर प्राथमिकता दी है। High Level Committee में कौन-कौन शामिल हैं? इस कमेटी में ऐसे अधिकारियों और विशेषज्ञों को शामिल किया गया है जो जमीनी स्तर की स्थिति को बेहतर तरीके से समझ सकें: इस टीम का उद्देश्य सिर्फ रिपोर्ट बनाना नहीं, बल्कि व्यावहारिक और लागू होने वाले समाधान सुझाना है। कमेटी के मुख्य फोकस पॉइंट्स नई गठित कमेटी निम्न विषयों पर विस्तार से काम करेगी: यह मुद्दा इतना अहम क्यों है? पिछले कुछ समय में सामने आई रिपोर्ट्स के अनुसार: इन्हीं कारणों से सरकार ने इसे केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा माना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bihar

Bihar Politics में बड़ा उलटफेर! RJD से निकलीं Ritu Jaiswal BJP में शामिल

Bihar की राजनीति में एक बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। राजद (RJD) से निष्कासित नेता Ritu Jaiswal ने अब आधिकारिक तौर पर Bharatiya Janata Party का दामन थाम लिया है। बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनके लिए “राष्ट्र सर्वोपरि” है और देशहित की राजनीति ही उनकी प्राथमिकता रहेगी। बीजेपी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पार्टी नेताओं ने उनका स्वागत किया। इस मौके पर रितु जायसवाल ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि आज देश विकास और मजबूत नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ रहा है। “जनता की आवाज उठाने पर मिली सजा” रितु जायसवाल ने बिना नाम लिए राजद नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब कोई नेता जनता की समस्याओं और सच को सामने रखने की कोशिश करता है, तो उसे दबाने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि राजनीति उनके लिए सिर्फ पद नहीं, बल्कि लोगों की सेवा का माध्यम है। “मैं हमेशा जनता और राष्ट्रहित की बात करती रही हूं। अगर सच बोलना गलती है, तो मैं यह गलती आगे भी करती रहूंगी,” उन्होंने कहा। RJD से निष्कासन के बाद बढ़ी थीं चर्चाएं कुछ समय पहले पार्टी विरोधी गतिविधियों और बयानबाजी के आरोप में राजद ने रितु जायसवाल को निष्कासित कर दिया था। इसके बाद से ही बिहार के राजनीतिक गलियारों में उनके बीजेपी में जाने की चर्चाएं तेज हो गई थीं। आखिरकार अब उन्होंने भाजपा की सदस्यता लेकर इन अटकलों को सच साबित कर दिया। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह फैसला आने वाले बिहार चुनावों में असर डाल सकता है। खासतौर पर महिला वोटर्स और सामाजिक समीकरणों पर इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है। BJP ने बताया मजबूत कदम बीजेपी नेताओं का कहना है कि रितु जायसवाल के जुड़ने से पार्टी को बिहार में और मजबूती मिलेगी। पार्टी ने उनके सामाजिक कार्यों और जनसंपर्क क्षमता की भी सराहना की। फिलहाल बिहार की राजनीति में यह चर्चा तेज है कि आने वाले दिनों में कई और नेता भी राजनीतिक पाला बदल सकते हैं। ऐसे में रितु जायसवाल की बीजेपी में एंट्री को सिर्फ एक शामिल होने की घटना नहीं, बल्कि बड़े राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bengal

Bengal Border Alert: अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की बढ़ी हलचल, BSF हाई अलर्ट पर

Bengal में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई का असर अब भारत-बांग्लादेश सीमा पर साफ नजर आने लगा है। उत्तर 24 परगना, मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे सीमावर्ती इलाकों में बॉर्डर चेकपोस्टों पर अचानक भीड़ बढ़ गई है। कई लोग परिवार और सामान के साथ सीमा की ओर पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में प्रशासन की सख्ती बढ़ने के बाद माहौल पूरी तरह बदल गया है। Border Checkposts पर क्यों बढ़ी हलचल? हाकिमपुर और स्वरूपनगर बॉर्डर चेकपोस्ट पर मंगलवार सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। बताया जा रहा है कि इनमें कई ऐसे लोग शामिल हैं, जो लंबे समय से फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारत में रह रहे थे। अब पहचान और सत्यापन अभियान तेज होने के बाद उनमें डर का माहौल है। सीमावर्ती गांवों के लोगों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में कई बस्तियों से अचानक लोग गायब होने लगे हैं। वहीं, बॉर्डर इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों की आवाजाही भी बढ़ गई है। BSF लगातार निगरानी कर रही है और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है। Bengal Government का बड़ा कदम पश्चिम बंगाल में अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए “Detect, Delete and Deport” अभियान को तेज कर दिया गया है। इसी के तहत मालदा और मुर्शिदाबाद में होल्डिंग सेंटर बनाए गए हैं, जहां संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों और रोहिंग्या घुसपैठियों को रखा जा रहा है। इन सेंटरों में दस्तावेज जांच, पुलिस निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों के पास वैध दस्तावेज नहीं मिलेंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। BSF हाई अलर्ट पर भारत-बांग्लादेश सीमा पर बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए BSF को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सीमा पार अवैध आवाजाही रोकने के लिए लगातार गश्त बढ़ाई जा रही है। कई संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त जवान भी तैनात किए गए हैं। दूसरी तरफ, बांग्लादेश की सीमा सुरक्षा एजेंसी BGB ने भी सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी तेज कर दी है। दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी तरह की अवैध घुसपैठ या तनाव की स्थिति न बने। राजनीतिक माहौल भी गरमाया बंगाल में घुसपैठ का मुद्दा अब राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। विपक्ष लगातार राज्य सरकार पर सवाल उठा रहा है, जबकि सरकार का दावा है कि सीमा सुरक्षा और दस्तावेज सत्यापन को मजबूत किया जा रहा है। आने वाले चुनावों को देखते हुए यह मुद्दा और ज्यादा चर्चा में आ गया है। सीमा पर डर और बेचैनी का माहौल सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों का कहना है कि हालात पहले जैसे नहीं रहे। कई परिवारों में डर और अनिश्चितता का माहौल है। वहीं, स्थानीय व्यापार और रोजमर्रा की गतिविधियों पर भी इसका असर दिखाई देने लगा है। फिलहाल, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में सीमा पर सुरक्षा और जांच अभियान और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kanpur Central

Kanpur Central 21 जून को रेलवे स्टेशन रहेगा बंद, कई ट्रेनें Cancel और Diversion पर

उत्तर भारत के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में गिने जाने वाले Kanpur Central Railway Station पर एक बार फिर ट्रेनों का ‘लॉकडाउन’ लगने जा रहा है। करीब 6 साल बाद ऐसा होगा जब पूरे 24 घंटे तक स्टेशन से एक भी ट्रेन नहीं चलेगी। रेलवे के इस फैसले ने लाखों यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि रोजाना यहां से हजारों लोग सफर करते हैं। रेलवे प्रशासन ने 21 जून 2026 को “No Train Day” घोषित किया है। इस दौरान स्टेशन पर बड़े स्तर पर इंटरलॉकिंग और सिग्नल अपग्रेडेशन का काम किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक यह काम भविष्य में ट्रेनों की सुरक्षा और बेहतर संचालन के लिए बेहद जरूरी है। क्यों बंद रहेगा Kanpur Central? रेलवे के अनुसार 11 जून से 20 जून तक प्री-नॉन इंटरलॉकिंग का काम चलेगा। इसके बाद 21 जून को मुख्य इंटरलॉकिंग प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसी वजह से पूरे दिन ट्रेनों की आवाजाही रोकने का फैसला लिया गया है। दरअसल, कानपुर सेंट्रल देश के सबसे व्यस्त रेलवे जंक्शनों में शामिल है। यहां हर दिन सैकड़ों ट्रेनें गुजरती हैं। ऐसे में बिना ट्रैफिक रोके इस तरह का तकनीकी काम करना आसान नहीं माना जाता। कोरोना लॉकडाउन के बाद पहली बार ऐसा फैसला इससे पहले साल 2020 में कोरोना महामारी के दौरान देशव्यापी लॉकडाउन में ट्रेनों का संचालन बंद हुआ था। अब 6 साल बाद फिर से ऐसा मौका आएगा जब स्टेशन पर पूरा सन्नाटा दिखाई देगा। रेलवे कर्मचारियों का कहना है कि यह फैसला यात्रियों को थोड़ी परेशानी जरूर देगा, लेकिन लंबे समय में इसका फायदा मिलेगा। नए सिस्टम के लागू होने के बाद ट्रेन संचालन पहले से ज्यादा सुरक्षित और तेज हो सकेगा। कई ट्रेनें होंगी Cancel और Diversion पर रेलवे ने संकेत दिए हैं कि इस दौरान कई ट्रेनों को रद्द, डायवर्ट या शॉर्ट टर्मिनेट किया जा सकता है। कुछ ट्रेनों को गोविंदपुरी और आसपास के स्टेशनों से चलाने की तैयारी की जा रही है। दिल्ली, प्रयागराज, लखनऊ, वाराणसी और बिहार रूट की कई ट्रेनों पर इसका असर पड़ सकता है। हालांकि रेलवे जल्द ही प्रभावित ट्रेनों की आधिकारिक सूची जारी करेगा। यात्रियों के लिए रेलवे की खास तैयारी यात्रियों को परेशानी से बचाने के लिए रेलवे प्रशासन ने वैकल्पिक स्टेशनों पर अतिरिक्त इंतजाम करने की बात कही है। गोविंदपुरी स्टेशन पर पेयजल, सुरक्षा और खानपान की अतिरिक्त व्यवस्था की जाएगी। साथ ही आरपीएफ और जीआरपी को भी अलर्ट मोड पर रखा जाएगा। सफर से पहले ये बातें जरूर जान लें रेलवे का मानना है कि यह 24 घंटे की असुविधा आने वाले समय में यात्रियों को ज्यादा सुरक्षित और बेहतर सफर का अनुभव देगी। हालांकि फिलहाल Kanpur Central पर लगने वाला यह “Train Lockdown” लोगों के बीच चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Deepankar Bhattacharya

Deepankar Bhattacharya Cash Case: राहत सामग्री घोटाले ने बढ़ाई TMC की मुश्किलें

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर भ्रष्टाचार का मुद्दा गर्म हो गया है। All India Trinamool Congress (TMC) से जुड़े नेता Deepankar Bhattacharya के ठिकानों पर हुई छापेमारी में करीब ₹80 लाख नकद बरामद होने का दावा किया गया है। इसके साथ ही राहत सामग्री में गड़बड़ी और सरकारी फंड के गलत इस्तेमाल के आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। कई ठिकानों पर हुई एक साथ छापेमारी सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों ने कोलकाता समेत कई स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की। रेड के दौरान बड़ी मात्रा में कैश, अहम दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड हाथ लगे हैं। शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि जरूरतमंद लोगों के लिए भेजी गई राहत सामग्री के वितरण में अनियमितताएं हुईं और कुछ सामान कथित तौर पर बीच रास्ते में ही गायब कर दिया गया। स्थानीय लोगों में नाराजगी स्थानीय लोगों के बीच भी इस मामले को लेकर काफी नाराजगी देखी जा रही है। कई लोगों का कहना है कि आपदा और राहत जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भ्रष्टाचार की खबरें आम जनता का भरोसा तोड़ती हैं। यही वजह है कि मामला सामने आते ही सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा तेज हो गई। विपक्ष ने सरकार को घेरा विपक्षी दलों ने All India Trinamool Congress सरकार को घेरते हुए कहा है कि अगर राहत सामग्री में घोटाला हुआ है तो यह सीधे गरीबों के हक पर डाका है। विपक्ष ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। TMC ने आरोपों को बताया राजनीतिक साजिश वहीं, TMC नेताओं का कहना है कि यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। पार्टी का दावा है कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को दबाव में लाने के लिए किया जा रहा है। हालांकि जांच एजेंसियां फिलहाल कैश के स्रोत, बैंक ट्रांजैक्शन और राहत सामग्री से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल में जुटी हैं। आगे क्या हो सकता है? राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले दिनों में यह मामला पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा चुनावी मुद्दा बन सकता है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो इसका असर सीधे जनता और सरकार की छवि पर पड़ सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Extreme Heatwave

Extreme Heatwave in India: Banda में रिकॉर्डतोड़ गर्मी, Punjab में School-Office Timing Change

उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी (Extreme Heatwave) की चपेट में है। उत्तर प्रदेश का बांदा लगातार आठवें दिन 47 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा तापमान के साथ देश का सबसे गर्म शहर बना हुआ है। तेज धूप, गर्म हवाएं और उमस भरी गर्मी ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वहीं पंजाब सरकार ने बढ़ती हीटवेव को देखते हुए स्कूलों और सरकारी दफ्तरों की टाइमिंग बदलने का फैसला लिया है। दूसरी तरफ मानसून की धीमी चाल ने किसानों से लेकर आम लोगों तक की चिंता बढ़ा दी है। Banda में Heatwave का कहर जारी यूपी के बांदा में सुबह से ही सूरज आग बरसा रहा है। दोपहर होते-होते सड़कें सूनी नजर आने लगती हैं। लगातार कई दिनों से 47°C के पार तापमान रहने के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। बाजारों में भी पहले जैसी रौनक नहीं दिख रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार की गर्मी पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ रही है। अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, चक्कर और हीट स्ट्रोक के मरीज बढ़ने लगे हैं। डॉक्टर लगातार ज्यादा पानी पीने और धूप से बचने की सलाह दे रहे हैं। Punjab Government ने बदली School और Office Timing भीषण गर्मी को देखते हुए पंजाब सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य में स्कूलों की टाइमिंग सुबह जल्दी कर दी गई है ताकि बच्चों को दोपहर की तेज धूप से बचाया जा सके। कई सरकारी दफ्तरों के समय में भी बदलाव किया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि दोपहर के समय जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखने की सलाह दी गई है। Delhi, Rajasthan और MP में भी गर्मी का प्रकोप दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश के कई शहरों में तापमान 45°C के आसपास पहुंच चुका है। गर्म हवाओं ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। कई जगहों पर बिजली की खपत बढ़ने से कटौती की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मई के आखिरी दिनों में भी गर्मी कम होने का नाम नहीं ले रही। यही वजह है कि हीटवेव की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। Monsoon Delay ने बढ़ाई किसानों की चिंता जहां एक तरफ लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं, वहीं मानसून की धीमी रफ्तार चिंता बढ़ा रही है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में फिलहाल मजबूत सिस्टम एक्टिव नहीं है, जिसकी वजह से मानसून आगे बढ़ने में देरी हो रही है। कई राज्यों में किसान खरीफ फसलों की तैयारी कर चुके हैं, लेकिन बारिश नहीं होने से उनकी चिंता बढ़ती जा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियां तेज हो सकती हैं, लेकिन फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के संकेत कम हैं। Heatwave से बचने के लिए क्या करें? देशभर में पड़ रही रिकॉर्डतोड़ गर्मी और मानसून की देरी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। अब हर किसी की नजर मौसम विभाग के अगले अपडेट और मानसून की एंट्री पर टिकी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Twisha

Twisha Death Case Update: दहेज प्रताड़ना में पति-सास पर FIR, जांच तेज

ट्विशा (Twisha) डेथ केस एक बार फिर सुर्खियों में है। मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है, जहां एक तरफ डिजिटल सबूतों जैसे CDR (Call Detail Records) और CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने का मुद्दा अदालत में विचाराधीन है, वहीं दूसरी तरफ CBI ने केस में बड़ी कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज कर दी है। क्या है पूरा मामला? ट्विशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिजनों ने दहेज प्रताड़ना और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे लगातार परेशान किया जा रहा था। शुरुआती जांच के बाद मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपा गया, जिससे केस की गंभीरता और बढ़ गई। CBI की बड़ी कार्रवाई CBI ने जांच को आगे बढ़ाते हुए मृतका के पति समर्थ और सास गिरिबाला के खिलाफ FIR दर्ज की है। दोनों पर दहेज प्रताड़ना और उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं। इसके साथ ही एजेंसी ने मामले से जुड़े डिजिटल सबूतों को सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए हैं ताकि जांच प्रभावित न हो। CDR और CCTV फुटेज पर फोकस जांच में अब सबसे महत्वपूर्ण भूमिका CDR और CCTV फुटेज की मानी जा रही है। इन्हीं सबूतों की कानूनी वैधता और सुरक्षा को लेकर आज अदालत में अहम सुनवाई होनी है। आज की सुनवाई क्यों अहम है? आज की सुनवाई में यह तय हो सकता है कि: यह सुनवाई पूरे मामले की जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CNG

CNG Price Today: दिल्ली में फिर बढ़े दाम ₹2/kg, ट्रांसपोर्ट सेक्टर में बढ़ी टेंशन

दिल्ली-एनसीआर में CNG के दाम एक बार फिर बढ़ गए हैं, जिससे आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। ताज़ा अपडेट के अनुसार, CNG की कीमतों में ₹2 प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है और अब दिल्ली में नया रेट ₹83.09 प्रति किलो हो गया है। इस महीने यह लगातार चौथी बढ़ोतरी है, जिससे ट्रांसपोर्ट सेक्टर में चिंता बढ़ गई है। इस महीने चौथी बार CNG महंगी पिछले कुछ हफ्तों से CNG के दाम लगातार ऊपर जा रहे हैं। सिर्फ इसी महीने में चार बार कीमतों में बदलाव किया गया है और कुल मिलाकर करीब ₹6 प्रति किलो तक का इजाफा हो चुका है। ऑटो, टैक्सी और कमर्शियल व्हीकल चलाने वालों के लिए यह बढ़ोतरी काफी भारी साबित हो रही है, क्योंकि उनकी रोज़ की कमाई सीधे ईंधन की कीमतों पर निर्भर करती है। नई CNG कीमतें (Delhi NCR Update) CNG Price Hike के पीछे क्या कारण हैं? जानकारों के मुताबिक, CNG की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे कुछ मुख्य कारण हैं: इन सभी कारणों का सीधा असर घरेलू CNG कीमतों पर पड़ रहा है। आम लोगों पर असर (Human Impact) इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ रहा है जो रोज़ CNG वाहनों पर निर्भर हैं: एक ऑटो चालक के लिए हर ₹1 की बढ़ोतरी भी सीधे उसकी दिनभर की कमाई को प्रभावित करती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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सरकार का मकसद सिर्फ टैक्स वसूली नहीं, व्यापारियों के हित भी जरूरी: CM Yogi

सरकार का मकसद सिर्फ टैक्स वसूली नहीं, व्यापारियों के हित भी जरूरी: CM Yogi

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि सरकार का उद्देश्य केवल टैक्स वसूलना नहीं है, बल्कि व्यापारियों के हितों की रक्षा करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को किसी तरह की अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए और प्रशासन उनकी समस्याओं को प्राथमिकता से सुने। सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश में ऐसा माहौल बनाया जाए, जहां व्यापारी बिना डर और दबाव के अपना कारोबार कर सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईमानदारी से व्यापार करने वालों को सम्मान और सुरक्षा मिलनी चाहिए। सरकार व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है, इसलिए अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे व्यापारियों के साथ सहयोगात्मक रवैया अपनाएं। व्यापारियों ने भी मुख्यमंत्री के इस बयान का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे कारोबारियों में भरोसा बढ़ेगा और व्यापार का माहौल बेहतर होगा। सरकार के इस रुख से छोटे व्यापारियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। अधिक खबरों और अपडेट्स के लिए विजिट करें Deshharpal News Portal हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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