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Marco Rubio

ईरान संकट पर बड़ा Update Marco Rubio बोले – जल्द मिल सकती है Good News

दिल्ली में अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने ईरान-इज़राइल/मिडिल ईस्ट तनाव और संभावित युद्धविराम को लेकर एक बड़ा और उम्मीद भरा बयान दिया है। उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में तेज हलचल देखने को मिल रही है। “कुछ घंटों में मिल सकती है अच्छी खबर” – Rubio रुबियो ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मौजूदा बातचीत काफी सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और “कुछ घंटों के अंदर दुनिया को अच्छी खबर मिल सकती है।” इस बयान के बाद ईरान संकट में किसी बड़े कूटनीतिक समझौते की अटकलें तेज हो गई हैं। बातचीत अंतिम चरण में होने के संकेत सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका और अन्य संबंधित पक्षों के बीच बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। चर्चा में सबसे अहम मुद्दे ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा और क्षेत्रीय तनाव को कम करना बताए जा रहे हैं। ईरान की भूमिका और वैश्विक असर इस पूरे घटनाक्रम में Iran की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। लंबे समय से चले आ रहे तनाव ने वैश्विक तेल बाजार और सुरक्षा स्थिति पर असर डाला है। अगर समझौता होता है, तो इसे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता माना जाएगा। अंतरराष्ट्रीय मीडिया की नजरें टिकीं दिल्ली में दिए गए इस बयान के बाद दुनिया भर के मीडिया हाउस और राजनीतिक विशेषज्ञ लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। कई विश्लेषक इसे संभावित “turning point” बता रहे हैं, हालांकि अभी तक किसी भी तरफ से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Twisha

Twisha Death Case: Postmortem के बाद सामने आया अपडेट, अंतिम विदाई से पहले मां रो पड़ीं

एक्ट्रेस ट्विशा (Twisha) से जुड़े मामले में दिल्ली से बेहद संवेदनशील और अहम अपडेट सामने आया है। पूरी मेडिकल जांच राजधानी स्थित AIIMS Delhi में की गई, जहां डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम ने करीब 3 घंटे तक पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया को अंजाम दिया। जानकारी के मुताबिक, पोस्टमॉर्टम के दौरान डॉक्टरों ने हर जरूरी पहलू को ध्यान में रखते हुए गहन जांच की। शरीर से लिए गए सैंपल को तीन अलग-अलग बॉक्स में सुरक्षित रखकर आगे की फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। अब इन रिपोर्ट्स का इंतजार किया जा रहा है, जो मामले की सच्चाई को स्पष्ट करने में अहम भूमिका निभाएंगी। पोस्टमॉर्टम पूरा होने के बाद जैसे ही पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार की तैयारी के लिए ले जाया गया, वहां मौजूद हर शख्स का माहौल भारी हो गया। परिवार, रिश्तेदार और करीबी लोग गहरे सदमे में नजर आए। सबसे ज्यादा भावुक करने वाला पल तब आया जब ट्विशा की मां अपनी बेटी की अर्थी सजने से पहले ही खुद को संभाल नहीं पाईं और रो पड़ीं। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए। परिवार की ओर से उम्मीद जताई जा रही है कि जांच रिपोर्ट से मामले में साफ तस्वीर सामने आएगी और उन्हें न्याय मिलेगा। फिलहाल पुलिस और फॉरेंसिक टीम सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है और सभी की नजरें अब मेडिकल रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Shivraj Motegaonkar

Shivraj Motegaonkar NEET Case Viral Video: छात्रों पर पानी छिड़कने का दावा चर्चा में

NEET-UG पेपर लीक मामले में गिरफ्तार RCC कोचिंग संस्थान के संचालक शिवराज मोटेगांवकर (Shivraj Motegaonkar) एक बार फिर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर उनका एक वायरल वीडियो तेजी से फैल रहा है, जिसमें छात्रों के साथ उनकी बातचीत और कुछ विवादित दावे सामने आने के बाद मामला और गरमा गया है। इस वीडियो ने पूरे NEET घोटाले की जांच और चर्चा को नई दिशा दे दी है। वायरल वीडियो में क्या दिखा? वायरल क्लिप में शिवराज मोटेगांवकर को छात्रों के बीच बातचीत करते हुए देखा जा रहा है। वीडियो में वह छात्रों से पूछते हैं कि उनके मॉक टेस्ट से कितने सवाल असली NEET पेपर में आए थे। कुछ छात्रों के जवाब में यह दावा किया जाता है कि कई प्रश्न मैच हुए थे। इसी वीडियो के दूसरे हिस्सों में उन्हें छात्रों पर पानी छिड़कते हुए और उत्साह बढ़ाने जैसी बातें करते हुए दिखाया जा रहा है। इसी को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। “नंबर बढ़ेंगे” और पानी छिड़कने का दावा कितना सच? सोशल मीडिया पर यह भी दावा वायरल है कि उन्होंने छात्रों पर पानी या गंगाजल छिड़ककर कहा कि उनके “नंबर बढ़ जाएंगे” या चयन पक्का है। हालांकि, अब तक किसी भी जांच एजेंसी ने इस तरह के दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ये बातें मुख्य रूप से वायरल पोस्ट्स और क्लिप्स के आधार पर फैल रही हैं, जिनकी सत्यता अभी जांच के दायरे में है। CBI जांच में क्या सामने आया? CBI की जांच में इस केस से जुड़े कई अहम पहलू सामने आए हैं: कैसे बढ़ा मामला और बना वायरल ट्रेंड? यह पूरा मामला तब और तेज़ी से वायरल हुआ जब सोशल मीडिया पर वीडियो क्लिप्स अलग-अलग दावों के साथ शेयर किए जाने लगे। परीक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे से जुड़ा होने के कारण छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई। देशभर में प्रतिक्रिया और असर NEET पेपर लीक विवाद के बाद कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन और नाराज़गी देखने को मिली है। छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सख्त निगरानी की मांग की है। साथ ही कोचिंग सिस्टम की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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West Bengal

West Bengal Deport Plan: कोर्ट नहीं अब सीधे BSF के हवाले होंगे अवैध प्रवासी, जानें पूरी डिटेल

West Bengal में अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों को लेकर राज्य सरकार की कार्रवाई एक बार फिर सुर्खियों में है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार ने अवैध घुसपैठियों की पहचान और उनके डिपोर्टेशन (deportation) की प्रक्रिया को तेज करने के लिए नई रणनीति लागू की है, जिसे “Detect, Delete, Deport” अभियान के नाम से जाना जा रहा है। यह कदम राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक प्रक्रिया को और सख्त बनाने के उद्देश्य से उठाया गया बताया जा रहा है। क्या है नया सिस्टम? नई व्यवस्था के तहत अगर राज्य में कोई संदिग्ध अवैध बांग्लादेशी या रोहिंग्या नागरिक पकड़ा जाता है, तो: सरकार का कहना है कि इससे डिपोर्टेशन की प्रक्रिया पहले से काफी तेज और सरल हो जाएगी। “Detect, Delete, Deport” अभियान का मतलब राज्य सरकार की इस पूरी रणनीति को तीन हिस्सों में समझा जा रहा है: Detect (पहचान) अवैध प्रवासियों की पहचान करना और रिकॉर्ड तैयार करना। Delete (हटाना) उनके नाम सरकारी और संबंधित रिकॉर्ड्स से हटाना। Deport (वापस भेजना) उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत देश से बाहर भेजना। प्रक्रिया में क्या बड़ा बदलाव हुआ? नई व्यवस्था के बाद: इस बदलाव को प्रशासनिक स्तर पर “फास्ट ट्रैक डिपोर्टेशन मॉडल” भी कहा जा रहा है। सरकार का पक्ष क्या है? राज्य सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य: सरकार इसे एक जरूरी सुरक्षा सुधार के रूप में देख रही है। राजनीतिक बहस भी तेज इस नीति को लेकर राजनीतिक स्तर पर भी बहस छिड़ गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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दुर्गापुर

दुर्गापुर सेन Market Incident: राजनीतिक आरोपों के बीच बवाल, व्यापार पर असर

दुर्गापुर के सेन मार्केट इलाके में रविवार को उस समय माहौल अचानक बिगड़ गया जब “BJP के कथित कब्जे” को लेकर उठे आरोपों के बीच व्यापारियों और स्थानीय लोगों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। देखते ही देखते बाजार का सामान्य माहौल तनावपूर्ण हो गया और पूरे इलाके में अफरा-तफरी फैल गई। विवाद की शुरुआत कैसे हुई? स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुरुआत एक सामान्य बहस से हुई थी, लेकिन कुछ ही देर में बात इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इस दौरान कुछ व्यापारियों के साथ मारपीट की घटना भी सामने आई, जिसके बाद दुकानदारों ने डर और असुरक्षा के चलते अपने-अपने शटर बंद कर दिए। पुलिस ने संभाला हालात घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने की कोशिश शुरू कर दी। भीड़ को हटाकर स्थिति को शांत कराया गया और किसी भी तरह की और हिंसा न हो, इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है। जांच जारी, CCTV खंगाले जा रहे फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और मौके पर मौजूद लोगों के बयान एकत्र कर रही है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि विवाद की असली वजह क्या थी और झड़प कैसे इतनी बढ़ गई। इलाके में तनाव, लेकिन स्थिति नियंत्रण में इस घटना के बाद इलाके में तनाव जरूर है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। राजनीतिक बयानबाजी भी तेज इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग इसे राजनीतिक दबाव और “कब्जे” के आरोपों से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि अन्य इसे आपसी विवाद का परिणाम बता रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Jaishankar

Security से लेकर Investment तक: Jaishankar-Rubio Meeting का बड़ा असर

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर (Jaishankar) और अमेरिकी विदेश नीति से जुड़े वरिष्ठ नेता मार्को रुबियो (Rubio) के बीच हुई हालिया बैठक को भारत-अमेरिका रिश्तों के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है। इस मुलाकात में सिर्फ औपचारिक बातचीत नहीं हुई, बल्कि सुरक्षा, निवेश और ‘Make in India’ जैसे बड़े मुद्दों पर विस्तार से विचार हुआ। दोनों नेताओं की बातचीत का माहौल सकारात्मक रहा और इसमें साफ संकेत मिला कि भारत और अमेरिका आने वाले समय में अपने रणनीतिक और आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। सुरक्षा सहयोग: आतंकवाद और Indo-Pacific पर साझा नजरिया बैठक में सबसे अहम मुद्दा सुरक्षा सहयोग रहा। दोनों पक्षों ने आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया। रक्षा और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की जरूरत पर भी सहमति बनी। निवेश और व्यापार: भारत में बढ़ते अवसरों पर फोकस चर्चा के दौरान निवेश और व्यापार संबंधों को विस्तार देने पर भी खास ध्यान दिया गया। भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और सुधारों को देखते हुए अमेरिकी कंपनियों के लिए बड़े अवसर बताए गए। दोनों देशों ने व्यापारिक बाधाओं को कम करने और सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम करने की बात कही Make in India को मिला नया समर्थन भारत की प्रमुख पहल ‘Make in India’ को बैठक में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। अमेरिकी पक्ष ने भारत में मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी सेक्टर में सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई। इससे उम्मीद है कि आने वाले समय में भारत में विदेशी निवेश और उत्पादन क्षमता दोनों में तेजी आएगी। India-US Relations: रिश्तों में नई ऊर्जा यह बैठक भारत और अमेरिका के रिश्तों में नई ऊर्जा का संकेत देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में दोनों देश रक्षा, टेक्नोलॉजी, निवेश और वैश्विक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में और करीब आ सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rahul Gandhi

Rahul Gandhi Prediction: मोदी सरकार पर राहुल का बड़ा बयान, सियासत में मचा बवाल

देश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता Rahul Gandhi के हालिया बयान ने सत्ता और विपक्ष दोनों खेमों में हलचल पैदा कर दी है। उनके बयान को लेकर राजनीतिक चर्चाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। Rahul Gandhi Big Claim on Modi Government एक हालिया बैठक के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की सरकार को लेकर एक बड़ा राजनीतिक दावा किया। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में देश की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। Meeting में क्या-क्या बातें हुईं? इस बैठक में सिर्फ भविष्यवाणी ही नहीं, बल्कि पार्टी संगठन को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया: यह बैठक कांग्रेस की Indian National Congress की आगामी रणनीति का हिस्सा बताई जा रही है। BJP का पलटवार भी आया सामने राहुल गांधी के बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी नेताओं ने इसे राजनीतिक बयानबाजी बताते हुए खारिज किया है। वहीं कांग्रेस समर्थकों का मानना है कि यह बयान मौजूदा सामाजिक और आर्थिक हालात पर एक गंभीर राजनीतिक टिप्पणी है Political Heat क्यों बढ़ी? इस बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इसे चुनावी रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं, तो कुछ इसे सत्ता पर सीधा राजनीतिक हमला मान रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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फालता

West Bengal फालता Seat Result: देबांग्शु की बढ़त ने बढ़ाई BJP की उम्मीदें

पश्चिम बंगाल (West Bengal) की फालता विधानसभा सीट पर जारी मतगणना ने राज्य की राजनीति को फिर गर्मा दिया है। शुरुआती रुझानों में BJP उम्मीदवार देबांग्शु ने बढ़त बनाकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वहीं चुनाव से दूरी बनाने वाले TMC नेता जहांगीर का नाम चौथे स्थान पर दिखाई देने से राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। फालता उपचुनाव को इस बार बंगाल की राजनीति का बड़ा टेस्ट माना जा रहा था। चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह आरोप-प्रत्यारोप और राजनीतिक बयानबाजी हुई, उससे पहले ही यह सीट सुर्खियों में आ चुकी थी। अब काउंटिंग के शुरुआती आंकड़े नए संकेत दे रहे हैं। जहांगीर के पीछे हटने का पड़ा असर? तृणमूल कांग्रेस के नेता जहांगीर ने चुनाव के बीच में खुद को सक्रिय प्रचार से अलग कर लिया था। इसके बाद माना जा रहा था कि पार्टी के वोटों पर असर पड़ सकता है। अब शुरुआती नतीजों में उनका चौथे नंबर पर पहुंचना इसी बात की ओर इशारा कर रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि TMC के अंदरूनी समीकरण और वोटों का बंटवारा BJP के लिए फायदा बनता दिख रहा है। देबांग्शु को मिल रही बढ़त ने भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ा दिया है। BJP समर्थकों में खुशी का माहौल फालता में बढ़त की खबर आते ही भाजपा समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया। कई जगहों पर पार्टी कार्यकर्ता मिठाइयां बांटते और नारे लगाते नजर आए। भाजपा नेताओं का दावा है कि बंगाल की जनता अब बदलाव चाहती है और फालता के रुझान उसी का संकेत हैं। हालांकि तृणमूल कांग्रेस अभी भी पूरी तरह हार मानने के मूड में नहीं दिख रही। पार्टी नेताओं का कहना है कि अभी कई राउंड की गिनती बाकी है और अंतिम नतीजों तक तस्वीर बदल सकती है। क्यों खास है Falta Bypoll? फालता सीट का उपचुनाव सिर्फ एक विधानसभा सीट की लड़ाई नहीं माना जा रहा। इसे 2026 के राजनीतिक माहौल और जनता के मूड से जोड़कर देखा जा रहा है। BJP इस सीट पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है, जबकि TMC इसे अपनी प्रतिष्ठा की लड़ाई मान रही है। अगर शुरुआती रुझान अंतिम नतीजों में बदलते हैं, तो यह पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा संदेश दे सकता है। फिलहाल पूरे राज्य की नजरें काउंटिंग सेंटर और अगले राउंड के आंकड़ों पर टिकी हुई हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CM Himanta

Assam बकरीद गो-वध मुक्त हो बकरीद”, CM Himanta Biswa Sarma की बड़ी Appeal

Assam में बकरीद 2026 से पहले एक ऐसा फैसला सामने आया है, जिसने पूरे राज्य में सामाजिक और राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। Himanta Biswa Sarma ने राज्य की कई ईदगाह कमेटियों द्वारा “गो-वध मुक्त बकरीद” मनाने के फैसले का स्वागत किया है। मुख्यमंत्री ने इसे समाज में भाईचारा और शांति बनाए रखने की दिशा में सकारात्मक पहल बताया। दरअसल, असम के कई जिलों में मुस्लिम संगठनों और ईदगाह कमेटियों ने इस बार बकरीद पर गाय की कुर्बानी नहीं देने का निर्णय लिया है। कमेटियों का कहना है कि उनका उद्देश्य त्योहार को शांतिपूर्ण माहौल में मनाना और सभी समुदायों की भावनाओं का सम्मान करना है। Eidgah Committees के फैसले पर CM सरमा ने जताई खुशी मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य में कई संगठनों ने स्वेच्छा से यह फैसला लिया है, जो सामाजिक सौहार्द को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि असम हमेशा से विविध संस्कृतियों और परंपराओं का राज्य रहा है, इसलिए आपसी सम्मान बनाए रखना बेहद जरूरी है। सीएम ने अपने बयान में कहा, “गो-वध मुक्त बकरीद का फैसला स्वागत योग्य है। इससे समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा और भाईचारा मजबूत होगा।” उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे सामाजिक एकता की दिशा में बड़ा कदम बता रहे हैं, जबकि विपक्षी दल इसे राजनीतिक नजरिए से देख रहे हैं। बकरीद से पहले बढ़ी प्रशासन की तैयारी बकरीद को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को त्योहार के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। इसके साथ ही लोगों से अफवाहों से बचने और सोशल Media पर जिम्मेदारी से व्यवहार करने की अपील भी की गई है। सामाजिक सौहार्द पर फोकस स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे फैसले समाज में तनाव कम करने और आपसी विश्वास बढ़ाने में मदद करते हैं। कई सामाजिक संगठनों ने भी ईदगाह कमेटियों के फैसले की सराहना की है। विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारों के दौरान संवेदनशील मुद्दों पर संवाद और समझदारी समाज को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती है। असम में इस बार बकरीद को लेकर लिया गया यह फैसला भी उसी दिशा में देखा जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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