आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGधर्म-कर्मNavratri 2026: पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा, जानें महत्त्व, कथा और मंत्र◆BREAKINGदेश-हरपलमेरठ हत्याकांड: मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, पति सौरभ की हत्या के मामले में कोर्ट का फैसला◆BREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में प्लॉट बेचने के नाम पर 7.80 लाख की ठगी का आरोप, ब्रोकर समेत दो पर FIR◆BREAKINGदेश-हरपलSIR के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों से मिले राहुल गांधी, दिल्ली पुलिस पर मारपीट के आरोप◆BREAKINGस्पोर्ट्सबांग्लादेश टेस्ट सीरीज से बाहर हुए शाई होप और अल्जारी जोसेफ, केविन विकहम को पहली बार मिला मौका◆BREAKINGबिज़नेसIMF ने बढ़ाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान, 2026 और 2027 में 7% विकास दर रहने की उम्मीद◆BREAKINGदेश-हरपलभीलवाड़ा में सरकारी शिक्षक ने फंदा लगाकर दी जान, किराए के कमरे में मिला शव◆BREAKINGछत्तीसगढ़कैंसर की दवाओं की कीमतों में बड़ा अंतर: ₹538 का इंजेक्शन बाजार में ₹1,500 तक, एक ही दवा की MRP में 16 गुना तक फर्क◆BREAKINGधर्म-कर्मNavratri 2026: पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा, जानें महत्त्व, कथा और मंत्र◆BREAKINGदेश-हरपलमेरठ हत्याकांड: मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, पति सौरभ की हत्या के मामले में कोर्ट का फैसला◆BREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में प्लॉट बेचने के नाम पर 7.80 लाख की ठगी का आरोप, ब्रोकर समेत दो पर FIR◆BREAKINGदेश-हरपलSIR के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों से मिले राहुल गांधी, दिल्ली पुलिस पर मारपीट के आरोप◆BREAKINGस्पोर्ट्सबांग्लादेश टेस्ट सीरीज से बाहर हुए शाई होप और अल्जारी जोसेफ, केविन विकहम को पहली बार मिला मौका◆BREAKINGबिज़नेसIMF ने बढ़ाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान, 2026 और 2027 में 7% विकास दर रहने की उम्मीद◆BREAKINGदेश-हरपलभीलवाड़ा में सरकारी शिक्षक ने फंदा लगाकर दी जान, किराए के कमरे में मिला शव◆BREAKINGछत्तीसगढ़कैंसर की दवाओं की कीमतों में बड़ा अंतर: ₹538 का इंजेक्शन बाजार में ₹1,500 तक, एक ही दवा की MRP में 16 गुना तक फर्क◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

अयोध्या

अयोध्या में हलचल: चढ़ावा केस के बीच CM योगी का दौरा, प्रशासन ने चंपत राय को रोका

अयोध्या एक बार फिर सुर्खियों में है। चढ़ावा चोरी से जुड़े कथित मामले की जांच के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath (CM योगी) का कल Ayodhya दौरा प्रस्तावित है। इस दौरे को लेकर प्रशासन और ट्रस्ट स्तर पर लगातार बैठकों और सुरक्षा समीक्षा का दौर चल रहा है। सूत्रों के अनुसार, संवेदनशील हालात और जांच की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव Champat Rai से आग्रह किया है कि वे स्वयं कार्यक्रम में मौजूद न रहें और उनकी जगह किसी प्रतिनिधि को भेजा जाए। यह निर्णय पूरी तरह सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखकर लिया गया है। सुरक्षा और जांच के बीच बढ़ी सतर्कता चढ़ावा चोरी मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। प्रशासन का फोकस इस बात पर है कि VIP मूवमेंट और श्रद्धालुओं की भीड़ दोनों को बिना किसी बाधा के नियंत्रित किया जा सके। विकास कार्यों की समीक्षा भी संभव मुख्यमंत्री के इस दौरे को केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं माना जा रहा है। माना जा रहा है कि वे इस दौरान अयोध्या में चल रहे विकास कार्यों और धार्मिक परियोजनाओं की भी समीक्षा कर सकते हैं। हाल के वर्षों में अयोध्या में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच यह दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक और प्रशासनिक माहौल गर्म इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल बढ़ा दी है। जहां एक तरफ जांच एजेंसियां मामले की तह तक जाने में जुटी हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक स्तर पर हर गतिविधि को बेहद सावधानी से संभाला जा रहा है। कुल मिलाकर, चढ़ावा चोरी जांच और मुख्यमंत्री के दौरे ने अयोध्या के माहौल को संवेदनशील बना दिया है, जहां हर कदम अब पहले से ज्यादा अहम हो गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Bank

UP Bank Locker Scam: 96 Gold Packets गायब, करोड़ों की हेराफेरी का शक

उत्तर प्रदेश से एक चौंकाने वाला बैंकिंग मामला सामने आया है, जिसने आम लोगों से लेकर बैंकिंग सिस्टम तक में चिंता बढ़ा दी है। एक बैंक के लॉकर से 96 सोने के पैकेट गायब पाए गए हैं, जिसके बाद करोड़ों रुपये की हेराफेरी और गंभीर गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। इस घटना के बाद बैंक में अफरा-तफरी का माहौल है और पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है। कैसे खुला पूरा मामला? यह मामला तब सामने आया जब बैंक में नियमित ऑडिट और लॉकर वेरिफिकेशन की प्रक्रिया चल रही थी। जांच के दौरान रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर पाया गया। दस्तावेजों में दर्ज 96 सोने के पैकेट लॉकर में मौजूद नहीं थे। इस गड़बड़ी ने बैंक प्रशासन को तुरंत अलर्ट कर दिया। तीन कर्मचारियों पर FIR, जांच तेज मामले में शुरुआती तौर पर बैंक के तीन कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि लॉकर सिस्टम में लापरवाही या संभावित मिलीभगत के जरिए यह बड़ी गड़बड़ी हुई हो सकती है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और कई अहम पहलुओं को खंगाला जा रहा है। जांच टीम अब बैंक के CCTV फुटेज, लॉकर एक्सेस लॉग, एंट्री रिकॉर्ड और आंतरिक दस्तावेजों की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह गड़बड़ी कब और कैसे हुई। करोड़ों रुपये की हेराफेरी की आशंका प्रारंभिक अनुमान में इस पूरे मामले में करोड़ों रुपये के सोने की हेराफेरी की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, असली नुकसान कितना है, यह पूरी जांच के बाद ही साफ हो पाएगा। फिलहाल बैंक और पुलिस दोनों ही किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रहे हैं। बैंक प्रशासन का रिएक्शन बैंक अधिकारियों का कहना है कि इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी होगी और अगर किसी कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ग्राहकों की सुरक्षा और संपत्ति को पूरी तरह सुरक्षित रखने का आश्वासन भी दिया गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Priyanka Gandhi

Priyanka Gandhi का सरकार पर हमला: NEET छात्रों से ₹1.32 लाख करोड़ वसूली, लोन माफी पर छिड़ा विवाद

देश में मेडिकल शिक्षा और NEET परीक्षा व्यवस्था को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि NEET और मेडिकल एडमिशन के नाम पर छात्रों और उनके परिवारों से भारी रकम वसूली जा रही है। ₹1.32 लाख करोड़ वसूली का दावा प्रियंका गांधी ने दावा किया कि NEET सिस्टम के जरिए छात्रों से करीब ₹1.32 लाख करोड़ तक की राशि वसूली गई है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा देश के शिक्षा बजट के लगभग बराबर है, जो चिंता का विषय है। लोन माफी पर भी सवाल उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दूसरी तरफ बड़े उद्योगपतियों के लगभग ₹16 लाख करोड़ तक के लोन माफ किए गए हैं। इस तुलना को लेकर उन्होंने सरकार की आर्थिक प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए हैं। राजनीतिक बहस तेज इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है। हालांकि, सरकार की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
TMC

West Bengal Political Crisis TMC को झटका, ऋतब्रत बनर्जी की LoP कुर्सी बरकरार

पश्चिम बंगाल (West Bengal) की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition) की नियुक्ति को लेकर चल रहे विवाद में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और TMC को कलकत्ता हाईकोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। इस फैसले के बाद ऋतब्रत बनर्जी का LoP पद पर बने रहना तय माना जा रहा है, जिससे राज्य की सियासत और ज्यादा गरमा गई है। क्या है पूरा राजनीतिक विवाद? पूरा मामला तब शुरू हुआ जब विधानसभा में कुछ विधायकों के समर्थन के बाद ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष घोषित किया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें एक बड़े विधायक समूह का समर्थन मिला, जिससे सदन में शक्ति संतुलन बदल गया। इसके बाद विधानसभा स्पीकर ने उनके नाम पर मुहर लगाई, लेकिन टीएमसी के आधिकारिक गुट ने इस फैसले को असंवैधानिक बताते हुए विरोध दर्ज कराया। हाईकोर्ट का अहम फैसला टीएमसी की ओर से इस नियुक्ति को चुनौती दी गई और अदालत से अंतरिम रोक लगाने की मांग की गई। हालांकि, कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस पर कोई स्टे देने से साफ इनकार कर दिया। इसका सीधा मतलब है कि मौजूदा स्थिति बनी रहेगी और ऋतब्रत बनर्जी फिलहाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद पर कार्य करते रहेंगे। कोर्ट ने कहा कि मामले की विस्तृत सुनवाई आगे की तारीख में की जाएगी। टीएमसी में अंदरूनी तनाव बढ़ा इस फैसले के बाद टीएमसी के भीतर असंतोष और गहरा गया है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि पार्टी में मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं। राजनीतिक असर क्या होगा? यह मामला सिर्फ एक पद का नहीं, बल्कि बंगाल की पूरी राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकता है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी के लिए यह स्थिति एक बड़ी चुनौती मानी जा रही है, क्योंकि इससे पार्टी की एकता और विधानसभा में उसकी रणनीति दोनों पर असर पड़ सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
अखिलेश यादव

UP Politics: अखिलेश यादव का ओपी राजभर पर हमला, कहा- ‘अफ़वाह मंत्री’ बने बैठे हैं

उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर बयानबाज़ी और तकरार के केंद्र में आ गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) प्रमुख Om Prakash Rajbhar के हालिया बयानों पर तीखा पलटवार करते हुए उन्हें “अफ़वाह मंत्री” कह दिया है। इस टिप्पणी के बाद यूपी की सियासत में नया विवाद खड़ा हो गया है। OP Rajbhar के बयान से शुरू हुआ विवाद दरअसल, ओपी राजभर लगातार समाजवादी पार्टी और विपक्षी नेताओं पर हमलावर रहे हैं। उनके कुछ बयानों को लेकर सियासी हलकों में बहस तेज हो गई थी। राजभर ने ऐसे दावे किए थे जिन पर सपा खेमे ने सवाल उठाए। इन्हीं बयानों के जवाब में अखिलेश यादव ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि ओपी राजभर बार-बार बिना आधार की बातें करते हैं और जनता के बीच भ्रम पैदा करने की कोशिश करते हैं। Akhilesh Yadav का तीखा तंज अखिलेश यादव ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए ओपी राजभर को “अफ़वाह मंत्री” कहकर निशाना साधा। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल और बढ़ गई है। सपा समर्थकों का कहना है कि अखिलेश यादव ने केवल जवाब दिया है, जबकि दूसरी तरफ राजभर समर्थक इसे राजनीतिक हमला बता रहे हैं। UP Politics में बढ़ी हलचल यूपी की राजनीति में पहले से ही गठबंधन और विपक्ष के बीच तनाव बना हुआ है। ऐसे में यह बयानबाज़ी आने वाले चुनावी माहौल को और प्रभावित कर सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के तीखे बयान दोनों दलों के बीच दूरी को और बढ़ा सकते हैं। गठबंधन और विपक्ष की खींचतान ओपी राजभर वर्तमान में एनडीए गठबंधन का हिस्सा हैं, जबकि अखिलेश यादव विपक्ष की मजबूत आवाज बने हुए हैं। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच यह टकराव सिर्फ बयानबाज़ी नहीं बल्कि राजनीतिक रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Monsoon

Monsoon Delay in India: 8 जून से थमा मानसून, MP-UP-Rajasthan में अब 22 जून के बाद एंट्री

देशभर में मानसून (Monsoon)इस समय सुस्त पड़ गया है और करोड़ों लोग आसमान की ओर उम्मीद से देख रहे हैं। भीषण गर्मी और उमस के बीच मानसून की रफ्तार थमने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताज़ा अपडेट के अनुसार 8 जून के बाद मानसून की प्रगति लगभग रुक गई है और अब मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बारिश की बड़ी एंट्री 22 जून के बाद होने की संभावना जताई जा रही है। देश में 37.8% कम बारिश, हालात सामान्य से नीचे मौसम विभाग के आंकड़े बताते हैं कि इस साल 1 जून से अब तक देश में सामान्य से करीब 37.8% कम बारिश दर्ज की गई है। यह गिरावट सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर खेतों, फसलों और आम जीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। गर्मी बढ़ रही है, नमी कम है और कई राज्यों में बारिश का लंबा इंतजार लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। क्यों रुका हुआ है मानसून? मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार मानसून की रफ्तार रुकने के पीछे कई कारण हैं: इन्हीं कारणों से दिल्ली, यूपी, एमपी, राजस्थान और बिहार जैसे राज्यों में बारिश काफी कम हो रही है। MP, UP और राजस्थान में कब होगी बारिश? IMD के मुताबिक सबसे बड़ी राहत 22 जून के बाद मिल सकती है। बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम बनने के संकेत हैं, जो मानसून को फिर से सक्रिय कर सकता है। यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो: किसानों की बढ़ती चिंता इस देरी का सबसे बड़ा असर किसानों पर पड़ रहा है। खरीफ सीजन की बुवाई लगभग तैयार है, लेकिन बारिश न होने से काम रुक रहा है। कई किसान अब हर दिन मौसम अपडेट पर नजर रख रहे हैं और खेतों में उम्मीद के साथ तैयारी कर रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में यह इंतजार अब चिंता में बदलता जा रहा है। लगातार तीसरे साल जून में मानसून ब्रेक यह लगातार तीसरा साल है जब जून के मध्य में मानसून ने लंबा ब्रेक लिया है। हालांकि मौसम वैज्ञानिक इसे पूरी तरह असामान्य नहीं मानते, लेकिन यह ट्रेंड चिंता जरूर बढ़ा रहा है। क्या आगे सुधरेगा मौसम? विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव संभव है। बंगाल की खाड़ी में बनने वाला सिस्टम मानसून को दोबारा गति दे सकता है। अगर यह अनुमान सही साबित हुआ तो जून के आखिरी सप्ताह में मध्य और उत्तर भारत में अच्छी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Chamba

Chamba Accident गहरी खाई में समाई कार, एक ही गांव के 7 लोगों की मौत

हिमाचल प्रदेश के चंबा (Chamba) जिले से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। एक परिवार में मुंडन संस्कार की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब समारोह से लौट रही एक कार गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में एक ही गांव के सात लोगों की जान चली गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। खुशी के समारोह से लौट रहे थे सभी जानकारी के मुताबिक, कार में सवार लोग एक रिश्तेदार के यहां आयोजित मुंडन संस्कार में शामिल होकर अपने गांव वापस लौट रहे थे। परिवार में उत्सव का माहौल था और सभी खुशी-खुशी घर लौट रहे थे। लेकिन रास्ते में एक खतरनाक मोड़ पर वाहन चालक का संतुलन बिगड़ गया और कार सीधे गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भयानक कि बचने का मौका नहीं मिला प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार कई फीट नीचे खाई में गिरने के बाद बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस व प्रशासन को जानकारी दी। बचाव दल ने घंटों की मशक्कत के बाद वाहन तक पहुंचकर राहत कार्य चलाया। एक ही गांव के 7 लोगों की मौत से सदमे में लोग दुर्घटना में जान गंवाने वाले सभी लोग एक ही गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। एक साथ सात लोगों की मौत की खबर से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। जिन घरों में कुछ घंटे पहले खुशी का माहौल था, वहां अब मातम छाया हुआ है। गांव के लोग भी इस घटना से गहरे सदमे में हैं। प्रशासन ने शुरू की जांच पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, पहाड़ी सड़क पर वाहन अनियंत्रित होने से यह हादसा हुआ। हालांकि दुर्घटना के सही कारणों का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। पहाड़ी सड़कों पर सफर के दौरान बरतें सावधानी हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रहे सड़क हादसे चिंता का विषय बने हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि संकरी सड़कें, तीखे मोड़ और तेज रफ्तार अक्सर दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बनते हैं। ऐसे में यात्रियों और वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। यह हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि कई परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया है। मुंडन संस्कार की खुशियों के साथ शुरू हुआ सफर सात लोगों की मौत के साथ खत्म हो गया, जिसने पूरे गांव को गम में डुबो दिया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
UBT

Maharashtra Political Drama: UBT में बगावत की आहट, संसदीय दल की बैठक से मिले बड़े संकेत

महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर बड़े घटनाक्रम की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। शिवसेना (UBT) के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आती नजर आ रही है। दिल्ली में आयोजित संसदीय दल की अहम बैठक में पार्टी के 9 सांसदों में से केवल 3 सांसदों का पहुंचना कई सवाल खड़े कर रहा है। इस बैठक में राज्यसभा सांसद संजय राउत मौजूद रहे, लेकिन अधिकांश सांसदों की गैरमौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी के कई सांसद नेतृत्व की कार्यशैली और भविष्य की राजनीतिक दिशा को लेकर असंतुष्ट बताए जा रहे हैं। यही वजह है कि अब उद्धव ठाकरे गुट में एक और बड़ी टूट की संभावना पर चर्चा तेज हो गई है। बैठक में कम उपस्थिति ने बढ़ाई चिंता संसदीय दल की बैठक को संगठनात्मक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा था। ऐसे में अधिकांश सांसदों का बैठक से दूर रहना केवल सामान्य घटना नहीं माना जा रहा। राजनीतिक जानकार इसे पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष का संकेत बता रहे हैं। चर्चा यह भी है कि लोकसभा में UBT के 9 सांसदों में से 6 सांसद अलग रुख अपना सकते हैं। हालांकि अभी तक किसी सांसद ने सार्वजनिक रूप से बगावत का ऐलान नहीं किया है, लेकिन घटनाक्रम तेजी से बदलता नजर आ रहा है। संजय राउत ने किया डैमेज कंट्रोल बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए संजय राउत ने पार्टी में किसी भी प्रकार की टूट की खबरों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि शिवसेना UBT पूरी तरह एकजुट है और विरोधी दल जानबूझकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। राउत ने दावा किया कि सभी सांसद पार्टी नेतृत्व के संपर्क में हैं और जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केवल बयानबाजी से पार्टी के भीतर की नाराजगी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उद्धव ठाकरे के सामने बढ़ी राजनीतिक चुनौती एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद शिवसेना पहले ही बड़े विभाजन का सामना कर चुकी है। ऐसे में यदि सांसदों का एक बड़ा वर्ग भी पार्टी से दूरी बनाता है, तो यह उद्धव ठाकरे के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। आने वाले समय में महाराष्ट्र की राजनीति के साथ-साथ स्थानीय निकाय चुनावों और विपक्षी गठबंधन की रणनीति पर भी इसका असर पड़ सकता है। पार्टी की संसदीय ताकत कमजोर होने की स्थिति में उद्धव ठाकरे के राजनीतिक समीकरण प्रभावित हो सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
G7

G7 Meeting 2026: होर्मुज में भारतीयों की मौत पर PM Modi ने उठाई आवाज, Trump भी रहे मौजूद

फ्रांस में आयोजित G7 Summit 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक नेताओं के सामने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) में भारतीय नागरिकों की मौत का मुद्दा मजबूती से उठाया। खास बात यह रही कि जब प्रधानमंत्री मोदी यह बात रख रहे थे, तब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी बैठक में मौजूद थे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में समुद्री सुरक्षा केवल किसी एक देश का विषय नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया की आर्थिक स्थिरता और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़ा मुद्दा बन चुका है। होर्मुज में भारतीयों की मौत पर जताई चिंता हाल के दिनों में होर्मुज क्षेत्र में बढ़े सैन्य तनाव के बीच कुछ भारतीय नागरिकों और नाविकों की मौत की खबरों ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। G7 के वर्किंग सेशन में प्रधानमंत्री मोदी ने इस संवेदनशील मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि समुद्र में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जो लोग समुद्री व्यापार को सुचारु बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं, उन्हें किसी भी तरह के संघर्ष का शिकार नहीं बनना चाहिए। Global Trade पर पड़ रहा है असर प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है। यहां किसी भी प्रकार का तनाव या अवरोध केवल क्षेत्रीय समस्या नहीं रह जाता, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया की सप्लाई चेन, ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार पर दिखाई देता है। विशेषज्ञों के अनुसार दुनिया के बड़े हिस्से में पहुंचने वाला कच्चा तेल इसी मार्ग से गुजरता है, इसलिए यहां अस्थिरता वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन जाती है। संवाद और कूटनीति पर दिया जोर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज दुनिया कई चुनौतियों का सामना कर रही है, लेकिन इन समस्याओं का समाधान युद्ध नहीं बल्कि संवाद और सहयोग में छिपा है। उन्होंने देशों से आपसी विश्वास बढ़ाने और कूटनीतिक रास्तों को प्राथमिकता देने की अपील की। मोदी ने कहा कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए यह जरूरी है कि सभी देश मिलकर काम करें और संघर्ष की जगह बातचीत को महत्व दें। ट्रम्प की मौजूदगी में भारत ने रखा अपना पक्ष G7 बैठक में डोनाल्ड ट्रम्प समेत कई बड़े वैश्विक नेता मौजूद थे। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भारतीय नागरिकों की मौत और समुद्री सुरक्षा का मुद्दा उठाना भारत की सक्रिय कूटनीति का संकेत माना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि भारत ने इस मंच के जरिए साफ संदेश दिया है कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों और समुद्री क्षेत्र में कार्यरत नागरिकों की सुरक्षा उसके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। G7 Summit में Middle East Crisis रहा प्रमुख मुद्दा इस वर्ष G7 Summit में मध्य पूर्व का तनाव, ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक व्यापार और समुद्री मार्गों की सुरक्षा जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहे। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच भारत ने भी अपने हितों और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Shiv Sena

Shiv Sena UBT Crisis: उद्धव ठाकरे गुट में बड़ी टूट, 9 में से 6 सांसद बागी

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी तूफान देखने को मिल रहा है। Shiv Sena (UBT) खेमे में अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पार्टी के 9 में से 6 सांसदों के बागी होने की खबर ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। यह घटनाक्रम सीधे तौर पर Uddhav Thackeray के नेतृत्व वाले गुट के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि इससे पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं। संजय राउत का तीखा रिएक्शन, प्रेस कॉन्फ्रेंस में बढ़ा तनाव इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता Sanjay Raut ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेहद कड़ा रुख अपनाया। बताया जा रहा है कि इस दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया और राउत ने बगावत को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उनकी यह प्रतिक्रिया सोशल और राजनीतिक दोनों स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि वे हमेशा से उद्धव गुट के सबसे मुखर चेहरों में रहे हैं। चार साल पहले भी टूटी थी शिवसेना, शिंदे ने किया था बड़ा विद्रोह यह पहली बार नहीं है जब शिवसेना में इतनी बड़ी टूट देखने को मिली हो। लगभग 4 साल पहले Eknath Shinde के नेतृत्व में 39 विधायकों ने अलग होकर राजनीतिक समीकरण बदल दिए थे। उस समय हुई बगावत के बाद महाराष्ट्र की सत्ता में बड़ा बदलाव आया था और शिवसेना दो गुटों में बंट गई थी। उद्धव ठाकरे गुट के लिए बड़ा संकट ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर उद्धव ठाकरे गुट की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 9 में से 6 सांसदों के अलग होने की खबरों से पार्टी संगठन कमजोर होता दिख रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह बगावत आगे बढ़ती है, तो इसका असर आने वाले चुनावी समीकरणों पर भी साफ दिखाई दे सकता है। महाराष्ट्र पॉलिटिक्स में बढ़ी हलचल महाराष्ट्र की राजनीति पहले से ही अस्थिर दौर से गुजर रही है और इस नई टूट ने इसे और ज्यादा गर्मा दिया है। लगातार बदलते गठबंधन और अंदरूनी मतभेदों के बीच यह घटनाक्रम राज्य की सियासत में नए सवाल खड़े कर रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि उद्धव ठाकरे इस राजनीतिक संकट को कैसे संभालते हैं और पार्टी को एकजुट रखने में कितने सफल होते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
1 … 76 77 78 79 80 … 237

Trending News

Editor's Picks

मां स्कंदमाता

Navratri 2026: पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा, जानें महत्त्व, कथा और मंत्र

नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। भगवान कार्तिकेय को स्कंद भी कहा जाता है। उन्हें गोद में धारण करने के कारण देवी पार्वती के इस स्वरूप का नाम स्कंदमाता पड़ा। मां का यह रूप मातृत्व, प्रेम और करुणा का प्रतीक है। मां स्कंदमाता की कथा पौराणिक मान्यता के अनुसार, देवी पार्वती ने भगवान स्कंद यानी कार्तिकेय को जन्म दिया, जो देवताओं की सेना के सेनापति बने। स्कंदमाता का स्वरूप एक मां की शक्ति और अपने संतान के प्रति अटूट स्नेह को दर्शाता है। मां का स्वरूप और महत्त्व पूजा विधि मंत्र: ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः। भोग: मां को केला अर्पित करने की परंपरा प्रचलित है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

मेरठ हत्याकांड: मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, पति सौरभ की हत्या के मामले में कोर्ट का फैसला

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाई है। दोनों पर सौरभ की हत्या करने का आरोप साबित होने के बाद यह फैसला सुनाया गया। सजा सुनाते हुए जज ने वारदात को नृशंस हत्याकांड बताया और कहा कि इसमें माफी स्वीकार नहीं होगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोर्ट में पेश हुए मुस्कान और साहिल सजा सुनाए जाने से पहले जेल में बंद मुस्कान और साहिल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत से जोड़ा गया। इस दौरान दोनों रोने लगे। जज ने मुस्कान से पूछा कि पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद वह क्या सजा चाहती है। इस पर मुस्कान ने कहा, “मेरी बच्चियों का ख्याल रखा जाए।” इसके बाद वह खामोश हो गई। वहीं, साहिल से भी यही सवाल पूछा गया, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। सजा के ऐलान के बाद रो पड़ीं सौरभ की मां अदालत के फैसले के बाद सौरभ राजपूत की मां भावुक हो गईं और रो पड़ीं। उन्होंने कहा कि उन्हें शांति से न्याय मिल गया। इस मामले में सजा का ऐलान सौरभ के परिवार के लिए लंबे इंतजार के बाद आया है। 3 मार्च 2025 को हुई थी सौरभ की हत्या सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च 2025 को हुई थी। मामले में सामने आए विवरण के अनुसार, हत्या के बाद शव के पांच टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में भर दिया गया था। इस वारदात ने पूरे देश में व्यापक चर्चा बटोरी थी। अदालत ने मामले में मुस्कान रस्तोगी और साहिल को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई है।

इंदौर में प्लॉट बेचने के नाम पर 7.80 लाख की ठगी का आरोप, ब्रोकर समेत दो पर FIR

शहर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में प्लॉट बेचने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्लॉट का सौदा करने के बाद ब्रोकर और प्लॉट मालिक ने फरियादी से 7 लाख 80 हजार रुपये ले लिए, लेकिन न तो प्लॉट की रजिस्ट्री कराई और न ही कब्जा दिया। शिकायत की जांच के बाद एरोड्रम थाना पुलिस ने नंदकिशोर मनावत और धर्मेंद्र ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। 9.30 लाख में तय हुआ था प्लॉट का सौदा पुलिस के मुताबिक, नंदबाग कॉलोनी निवासी विजय चौहान ने शिकायत में बताया कि उन्होंने नंदबाग में एक प्लॉट का सौदा 9 लाख 30 हजार रुपये में तय किया था। इस संबंध में एग्रीमेंट भी किया गया था। फरियादी ने आरोप लगाया कि उन्होंने नकद और ऑनलाइन माध्यम से कुल 7 लाख 80 हजार रुपये का भुगतान कर दिया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें प्लॉट का कब्जा नहीं मिला और रजिस्ट्री भी नहीं कराई गई। ब्रोकर ने परिचित बताकर कराया था सौदा विजय चौहान के अनुसार, धर्मेंद्र ठाकुर ने उन्हें बताया था कि नंदकिशोर मनावत उसका परिचित है और वह अपना प्लॉट बेचना चाहता है। इसके बाद धर्मेंद्र ने सौदे में ब्रोकर की भूमिका निभाई और इसके बदले 10 हजार रुपये लिए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि भुगतान के बाद जब उन्होंने रजिस्ट्री कराने और प्लॉट का कब्जा देने की मांग की, तो उन्हें लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ा। 25 से ज्यादा केस होने की धमकी देने का आरोप फरियादी ने आरोप लगाया कि रजिस्ट्री और कब्जे के लिए दबाव बनाने पर धर्मेंद्र ठाकुर ने धमकी दी। शिकायत के मुताबिक, उसने कहा कि उसके खिलाफ 25 से ज्यादा मामले चल रहे हैं। साथ ही, उसके या नंदकिशोर मनावत के पास दोबारा आने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी। 2.80 लाख रुपये लौटाए, 5 लाख बाकी होने का दावा विजय चौहान के मुताबिक, पुलिस में शिकायत करने की बात कहने के बाद नंदकिशोर मनावत ने 2 लाख 50 हजार रुपये नकद और 30 हजार रुपये ऑनलाइन वापस किए। हालांकि, फरियादी का आरोप है कि बाकी 5 लाख रुपये लौटाने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद विजय चौहान ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। जांच के बाद एरोड्रम थाना पुलिस ने नंदकिशोर मनावत और धर्मेंद्र ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।

SIR के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों से मिले राहुल गांधी, दिल्ली पुलिस पर मारपीट के आरोप

नई दिल्ली। SIR के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। इसके बाद राहुल गांधी और छात्रों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस पर मारपीट और हिरासत के दौरान दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में NSUI के छात्रों, कार्यकर्ताओं और कंटेंट क्रिएटर्स ने अपने साथ हुई कथित घटनाओं की जानकारी दी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्रा ने कान पर चोट लगने का लगाया आरोप प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक छात्रा ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान पुलिसकर्मी ने उसके प्राइवेट पार्ट पर लात मारी। वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा अदिरा ने दावा किया कि पुलिस की पिटाई के कारण उसके एक कान की सुनने की क्षमता चली गई। प्रदर्शनकारियों ने हिरासत के दौरान कथित ज्यादती और मारपीट से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है। RSS और भाजपा से जुड़े लोगों के कहने पर हिरासत का आरोप एक अन्य प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि पुलिस RSS और भाजपा से जुड़े लोगों के कहने पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रही थी। यह आरोप भी प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाया गया है। राहुल गांधी ने सबूत सुरक्षित रखने को कहा राहुल गांधी ने छात्रों से घटनाओं से जुड़े वीडियो और अन्य सबूत सुरक्षित रखने को कहा। उन्होंने कहा कि इन सबूतों के आधार पर पुलिसकर्मियों से लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त तक, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। प्रदर्शनकारियों के आरोपों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।

बांग्लादेश टेस्ट सीरीज से बाहर हुए शाई होप और अल्जारी जोसेफ, केविन विकहम को पहली बार मिला मौका

क्रिकेट न्यूज। वेस्टइंडीज को बांग्लादेश के खिलाफ आगामी दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। टीम के बल्लेबाज शाई होप और तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ सीरीज से बाहर हो गए हैं। क्रिकेट वेस्टइंडीज (CWI) ने 23 वर्षीय टॉप ऑर्डर बल्लेबाज केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया है। ऑलराउंडर कीमो पॉल को भी टीम में जगह मिली है। CWI के मुताबिक, मेडिकल जांच और विशेषज्ञों की सलाह के बाद अल्जारी जोसेफ को सीरीज से हटाने का फैसला लिया गया। बोर्ड उनके कार्यभार को नियंत्रित कर चोट के जोखिम को कम करना चाहता है। वहीं, तीनों फॉर्मेट में लगातार खेलने के बाद शाई होप को आराम दिया गया है। चोट के खतरे को देखते हुए जोसेफ को आराम क्रिकेट वेस्टइंडीज ने बताया कि अल्जारी जोसेफ को टीम से बाहर रखने का फैसला उनकी सहमति से लिया गया है। बोर्ड के अनुसार, टेस्ट क्रिकेट में तेज गेंदबाजों को लंबे स्पेल में लगातार गेंदबाजी करनी पड़ती है। इससे छोटे फॉर्मेट की तुलना में कार्यभार और चोट का जोखिम बढ़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जोसेफ के वर्कलोड को कम करने का फैसला किया गया है, ताकि उनके स्वास्थ्य और फिटनेस का ध्यान रखा जा सके। शाई होप को भी दिया गया आराम CWI ने कहा कि शाई होप तीनों फॉर्मेट में लगातार खेल रहे थे। ऐसे में उनके कार्यभार और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें टेस्ट सीरीज से आराम दिया गया है। बोर्ड का यह फैसला फरवरी 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप क्वालिफायर्स को ध्यान में रखकर भी लिया गया है। टीम प्रबंधन चाहता है कि खिलाड़ी आगामी महत्वपूर्ण मुकाबलों के लिए फिट रहें। केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में मौका शाई होप की गैरमौजूदगी में 23 वर्षीय टॉप ऑर्डर बल्लेबाज केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। इसके अलावा ऑलराउंडर कीमो पॉल को भी टीम में जगह मिली है। अब देखना होगा कि बांग्लादेश की घरेलू परिस्थितियों में वेस्टइंडीज की टीम नए संयोजन के साथ कैसा प्रदर्शन करती है। कोच डैरेन सैमी ने सीरीज जीत को बताया अहम वेस्टइंडीज के मुख्य कोच डैरेन सैमी ने कहा कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा चक्र की शुरुआत में टीम ने कुछ लक्ष्य तय किए थे। इनमें टेस्ट रैंकिंग के ऊपरी आधे हिस्से में जगह बनाना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज जीतने से टीम अपने लक्ष्य के करीब पहुंच सकती है। सैमी के मुताबिक, बांग्लादेश को उसकी घरेलू परिस्थितियों में हराना चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन टीम इसके लिए तैयार है। 28 अक्टूबर से शुरू होगा पहला टेस्ट बांग्लादेश और वेस्टइंडीज के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी। पहला टेस्ट 28 अक्टूबर से ढाका में शुरू होगा, जबकि दूसरा टेस्ट 5 नवंबर से सिलहट में खेला जाएगा।

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.