देश में होने वाली बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अब NTA यानी National Testing Agency की तैयारियों को खुद देखने का फैसला किया है। NEET-UG समेत दूसरी परीक्षाओं की व्यवस्था पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि उसके जज एक दिन NTA के ऑफिस जाकर वहां का सिस्टम देखेंगे।
कोर्ट का फोकस इस बात पर है कि परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक रोकने के लिए जिन सुरक्षा उपायों का दावा किया जा रहा है, वे जमीन पर किस तरह काम कर रहे हैं। इसके साथ ही NTA के पास पर्याप्त स्टाफ, तकनीकी व्यवस्था और परीक्षा संचालन की क्षमता है या नहीं, इसे भी देखा जाएगा।
NTA ऑफिस जाएंगे सुप्रीम कोर्ट के जज
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने सुनवाई के दौरान NTA के मुख्यालय का दौरा करने की बात कही। कोर्ट की दिलचस्पी सिर्फ कागजों में दर्ज नियमों को देखने में नहीं है, बल्कि वह यह समझना चाहता है कि परीक्षा से जुड़ा पूरा सिस्टम असल में कैसे चलता है।
इस दौरान Manpower, Infrastructure, Technology और Exam Management जैसे पहलुओं पर ध्यान दिया जा सकता है। कोर्ट ने NTA में स्थायी कर्मचारियों और संस्थागत विशेषज्ञता की जरूरत पर भी सवाल उठाए हैं।
NTA ने बताया- परीक्षा सुरक्षा के लिए Multi-Layer System
सुनवाई में केंद्र सरकार की ओर से NTA की परीक्षा प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी दी गई। सरकार का कहना है कि प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर उसकी Printing, Packaging, Transportation और परीक्षा केंद्र तक पहुंचने तक कई स्तरों पर सुरक्षा रखी जाती है।
प्रिंटिंग प्रेस और संवेदनशील जगहों पर CCTV और सुरक्षा निगरानी जैसी व्यवस्थाओं का भी इस्तेमाल किया जाता है। केंद्र ने अदालत को यह भी बताया कि परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए लगातार तकनीकी बदलाव किए जा रहे हैं।
NTA की ओर से पहले परीक्षा व्यवस्था को मजबूत और “Foolproof” बनाने की बात कही गई थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट अब इन दावों के साथ-साथ उनके वास्तविक Implementation को भी देखना चाहता है।
Paper Leak के बाद बढ़ी परीक्षा व्यवस्था पर नजर
NEET-UG 2024 में पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं के आरोपों के बाद NTA की कार्यप्रणाली पर काफी सवाल उठे थे। इसके बाद परीक्षा प्रणाली में सुधार और सुरक्षा बढ़ाने पर लगातार चर्चा हुई।
सुप्रीम कोर्ट भी परीक्षा सुधारों से जुड़े मामले में NTA की व्यवस्था और सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की निगरानी कर रहा है। अदालत का जोर इस बात पर है कि भविष्य में छात्रों को परीक्षा प्रक्रिया पर भरोसा बना रहे और पेपर लीक जैसी घटनाओं की गुंजाइश कम से कम हो।
Nandan Nilekani Committee भी कर रही काम
NTA में बड़े स्तर पर सुधार के लिए Nandan Nilekani की अध्यक्षता वाली हाई-पावर्ड कमेटी की प्रगति पर भी सुप्रीम कोर्ट ने जानकारी मांगी है।
कोर्ट यह जानना चाहता है कि परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कमेटी ने अब तक क्या काम किया है और आगे क्या कदम उठाए जाने हैं। संबंधित अधिकारी को कमेटी की Progress Report दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
Radhakrishnan Committee की सिफारिशें भी अहम
परीक्षा सुधारों को लेकर पहले K. Radhakrishnan Committee भी कई सुझाव दे चुकी है। इनमें परीक्षा सुरक्षा, Cyber Security, Infrastructure, कर्मचारियों की क्षमता और परीक्षा संचालन को मजबूत करने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट का जोर इस बात पर है कि कमेटियों की सिफारिशें केवल रिपोर्ट तक सीमित न रहें। जरूरत इस बात की है कि उनका सही तरीके से Implementation हो और उसका असर परीक्षा व्यवस्था में दिखाई दे।
अब Ground Reality देखना चाहता है कोर्ट
NTA की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई दावे किए गए हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट अब उनकी Ground Reality समझना चाहता है। यही वजह है कि NTA ऑफिस का दौरा इस मामले में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आखिरकार परीक्षा देने वाले लाखों छात्रों के लिए सबसे अहम बात यही है कि Question Paper सुरक्षित रहे, परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी हो और किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना को कम किया जा सके। आने वाले समय में NTA के दौरे और सुधारों की Progress से परीक्षा व्यवस्था को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
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