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Shiv Sena

₹50-50 Crore Offer Claim: Shiv Sena UBT Split Row से सियासी हलचल तेज, Delhi तक पहुंचा मामला

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर भारी हलचल देखने को मिल रही है। Shiv Sena (UBT) को लेकर दावा किया जा रहा है कि पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसद बगावत के रास्ते पर चले गए हैं। इस खबर ने न सिर्फ मुंबई बल्कि दिल्ली की सियासत को भी गर्मा दिया है। बागी सांसदों की स्पीकर से मुलाकात की संभावना हालांकि अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, बागी सांसद आज लोकसभा स्पीकर से मुलाकात कर सकते हैं, जिसके बाद इस पूरे मामले की दिशा तय हो सकती है। Sanjay Raut का बड़ा आरोप: ₹50-50 करोड़ का ऑफर इस बीच शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद Sanjay Raut ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनकी पार्टी के सांसदों को तोड़ने के लिए ₹50-50 करोड़ रुपये तक का ऑफर दिया गया है। राउत ने यह भी दावा किया कि कुछ सांसदों को चार्टर्ड विमान से दिल्ली लाया गया, जिससे राजनीतिक माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया है। Uddhav Thackeray खेमे में चिंता पार्टी प्रमुख Uddhav Thackeray के नेतृत्व वाले गुट में इस कथित टूट को लेकर चिंता गहराती जा रही है। पार्टी का कहना है कि यह सब एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा हो सकता है, जिसका मकसद संगठन को कमजोर करना है। Delhi और Maharashtra दोनों जगह नजरें टिकी दिल्ली और महाराष्ट्र दोनों जगह इस मामले पर नजरें टिकी हुई हैं, खासकर लोकसभा स्पीकर के अगले कदम पर सभी की निगाहें हैं। अगर यह मामला आगे बढ़ता है तो संसद में भी शिवसेना (UBT) की स्थिति पर बड़ा असर पड़ सकता है। राजनीतिक असर और भविष्य की तस्वीर राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ये दावे सही साबित होते हैं, तो महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इसका असर आने वाले चुनावी समीकरणों और विपक्षी गठबंधन पर भी पड़ सकता है। स्थिति अभी अनिश्चित फिलहाल स्थिति पूरी तरह अनिश्चित बनी हुई है और सभी पक्षों के आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
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Monsoon

Monsoon Update पश्चिमी तट पर अटका मानसून, Mumbai Rain में 7–8 दिन की देरी

देश में इस समय मानसून (Monsoon) की रफ्तार उम्मीद से काफी धीमी बनी हुई है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक मानसून सिस्टम अभी पश्चिमी तट पर ही अटका हुआ है और आगे बढ़ने में लगातार देरी हो रही है। इसका सीधा असर यह है कि मुंबई समेत कई बड़े शहरों में बारिश की एंट्री अब 7–8 दिन बाद तक टल सकती है। देश में बारिश की स्थिति: कई इलाके अब भी सूखे IMD के अनुसार फिलहाल देश के करीब 103 जिलों में ही सामान्य बारिश दर्ज की जा रही है। बाकी क्षेत्रों में मानसून कमजोर पड़ा हुआ है, जिससे कई राज्यों में गर्मी और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। किसान भी बारिश की अनियमितता को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। Mumbai Monsoon Update: बारिश का इंतजार बढ़ा देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मानसून की पहली तेज बारिश का इंतजार लंबा होता जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक वायुमंडलीय परिस्थितियां अनुकूल नहीं होतीं, तब तक मानसून का आगे बढ़ना मुश्किल रहेगा। इसी वजह से मुंबई में बारिश की शुरुआत में लगभग एक हफ्ते की देरी संभव है। Rajasthan Weather Alert: 23 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट राजस्थान में मौसम ने फिर से करवट ली है। राज्य के 23 जिलों में आंधी और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। Monsoon Slowdown India: क्यों अटका है मानसून? मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस बार मानसून की धीमी गति के पीछे कुछ मुख्य कारण हैं— इन्हीं वजहों से मानसून पश्चिमी तट पर अटका हुआ है और आगे बढ़ने में समय ले रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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2027 Election

2027 Election Chessboard: OBC और Brahmin वोट बैंक को लेकर BSP-SP की नई रणनीति

उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 चुनाव (2027 Election) भले अभी दूर हो, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी चुनावी रणनीतियों पर काम शुरू कर दिया है। राज्य की दो प्रमुख विपक्षी पार्टियां—बहुजन समाज पार्टी (BSP) और समाजवादी पार्टी (SP)—अपने सामाजिक आधार को मजबूत करने में जुटी हुई हैं। एक तरफ मायावती OBC वोटरों को साधने की कोशिश कर रही हैं, तो दूसरी ओर अखिलेश यादव ब्राह्मण समाज के नेताओं के साथ लगातार संपर्क बढ़ा रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में इसे आने वाले चुनावों की शुरुआती तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि दोनों दल अपने पारंपरिक वोट बैंक से आगे बढ़कर नए सामाजिक समीकरण बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। OBC वोट बैंक पर BSP की नजर बहुजन समाज पार्टी लंबे समय से दलित राजनीति की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती रही है। हालांकि पिछले कुछ चुनावों में पार्टी का जनाधार कमजोर हुआ है। ऐसे में मायावती अब पिछड़ा वर्ग यानी OBC समुदाय को अपने साथ जोड़ने की कोशिश में दिखाई दे रही हैं। पार्टी संगठन स्तर पर विभिन्न जिलों में बैठकों और कार्यक्रमों के जरिए OBC समाज तक पहुंच बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। BSP नेताओं का मानना है कि यदि दलित और पिछड़ा वर्ग एक साथ आते हैं तो पार्टी फिर से मजबूत स्थिति में लौट सकती है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में OBC मतदाता किसी भी चुनाव का परिणाम बदलने की क्षमता रखते हैं। यही वजह है कि BSP इस वर्ग पर विशेष ध्यान दे रही है। ब्राह्मण समाज को साधने में जुटी SP समाजवादी पार्टी भी आगामी चुनावों को लेकर अपनी रणनीति को नया रूप दे रही है। पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव लगातार विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों और ब्राह्मण नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। SP का मानना है कि केवल पारंपरिक यादव और मुस्लिम वोट बैंक के सहारे सत्ता तक पहुंचना आसान नहीं होगा। इसलिए पार्टी अब ब्राह्मण समाज सहित अन्य वर्गों के बीच अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने की कोशिश कर रही है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ब्राह्मण समुदाय उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभाता है। ऐसे में इस वर्ग के साथ बढ़ता संवाद समाजवादी पार्टी के लिए भविष्य में फायदेमंद साबित हो सकता है। BJP के सामाजिक समीकरण को चुनौती देने की तैयारी उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी पिछले कई वर्षों से मजबूत सामाजिक गठबंधन के दम पर चुनाव जीतती रही है। पार्टी को सवर्ण, गैर-यादव OBC और कई अन्य वर्गों का व्यापक समर्थन मिला है। अब विपक्षी दल इसी सामाजिक समीकरण में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं। BSP जहां OBC और दलित वर्ग को एक मंच पर लाने की रणनीति बना रही है, वहीं SP ब्राह्मणों समेत विभिन्न समुदायों को साथ जोड़ने का प्रयास कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि ये रणनीतियां जमीन पर असर दिखाती हैं तो 2027 का चुनाव पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा दिलचस्प हो सकता है। 2027 की चुनावी बिसात धीरे-धीरे हो रही तैयार उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातीय और सामाजिक समीकरण हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। यही कारण है कि चुनाव से काफी पहले ही राजनीतिक दल अपने-अपने वोट बैंक को मजबूत करने में जुट गए हैं। मायावती का OBC फोकस और अखिलेश यादव की ब्राह्मण नेताओं के साथ बढ़ती सक्रियता यह संकेत दे रही है कि 2027 विधानसभा चुनाव के लिए सियासी बिसात बिछनी शुरू हो चुकी है। आने वाले महीनों में प्रदेश की राजनीति में ऐसे कई नए समीकरण और गठबंधन देखने को मिल सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Modi

Global Spotlight on Modi–Trump Meet: Trade, Defense और Hormuz Crisis पर अहम चर्चा

दुनिया की निगाहें आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) की अहम मुलाकात पर टिकी हैं। ऐसे समय में जब मध्य पूर्व में तनाव बढ़ता जा रहा है, वैश्विक तेल बाजार दबाव में है और दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाएं नई चुनौतियों का सामना कर रही हैं, तब दोनों नेताओं की यह बैठक कई मायनों में बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात नहीं होगी, बल्कि भारत-अमेरिका संबंधों की दिशा तय करने वाली बातचीत साबित हो सकती है। होर्मुज स्ट्रेट संकट से लेकर व्यापार, रक्षा और इंडो-पैसिफिक रणनीति तक कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है। 1. Hormuz Strait Crisis: ऊर्जा सुरक्षा पर सबसे बड़ी चर्चा हाल के दिनों में ईरान और पश्चिमी देशों के बीच बढ़े तनाव ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर सुर्खियों में ला दिया है। यह वही समुद्री मार्ग है जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल गुजरता है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए खाड़ी देशों पर काफी निर्भर है। ऐसे में यदि इस मार्ग में कोई बाधा आती है तो उसका असर सीधे भारतीय अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है। माना जा रहा है कि मोदी और ट्रंप इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कर सकते हैं और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के विकल्पों पर विचार कर सकते हैं। 2. India-US Trade Deal को लेकर बढ़ी उम्मीदें भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंध लगातार मजबूत हुए हैं, लेकिन कुछ मुद्दों पर अब भी सहमति बनना बाकी है। व्यापारिक शुल्क, बाजार पहुंच और निवेश जैसे विषय लंबे समय से चर्चा का हिस्सा रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस बैठक में सकारात्मक संकेत मिलते हैं तो दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते की दिशा में नई प्रगति देखने को मिल सकती है। इससे निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं। 3. Defense Partnership को मिल सकती है नई मजबूती पिछले कुछ वर्षों में भारत और अमेरिका रक्षा क्षेत्र में करीब आए हैं। आधुनिक सैन्य तकनीक, संयुक्त युद्धाभ्यास और रक्षा खरीद दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बना रहे हैं। सूत्रों के अनुसार बैठक में रक्षा सहयोग को अगले स्तर तक ले जाने और नई तकनीकों के आदान-प्रदान पर चर्चा हो सकती है। क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए भी साझा रणनीति पर बात होने की संभावना है। 4. Indo-Pacific Region पर रहेगा खास फोकस इंडो-पैसिफिक क्षेत्र आज वैश्विक राजनीति का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। भारत और अमेरिका दोनों ही इस क्षेत्र में स्थिरता, सुरक्षित समुद्री मार्ग और नियम-आधारित व्यवस्था के पक्षधर हैं। माना जा रहा है कि दोनों नेता क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने, समुद्री सुरक्षा मजबूत करने और साझेदार देशों के साथ रणनीतिक समन्वय को और प्रभावी बनाने पर विचार करेंगे। 5. रिश्तों में लौट सकती है नई गर्मजोशी नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच पहले भी कई मौकों पर अच्छी व्यक्तिगत समझ और तालमेल देखने को मिला है। ऐसे में यह मुलाकात केवल नीतिगत चर्चाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दोनों देशों के बीच विश्वास और राजनीतिक सहयोग का संदेश भी दे सकती है। कूटनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि बातचीत सकारात्मक माहौल में आगे बढ़ती है तो भारत-अमेरिका संबंधों को नई ऊर्जा मिल सकती है, जिसका असर वैश्विक मंच पर भी दिखाई देगा। क्यों अहम मानी जा रही है यह बैठक? ऐसे दौर में जब दुनिया कई भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है, भारत और अमेरिका जैसे लोकतांत्रिक देशों के बीच सहयोग पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक व्यापार, रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर होने वाली चर्चा आने वाले समय की रणनीतियों को प्रभावित कर सकती है। यही वजह है कि मोदी-ट्रंप की यह मुलाकात सिर्फ दो नेताओं की बैठक नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखी जा रही है।
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Sanjay Raut

Sanjay Raut ‘Sai Baba और Maa Bhavani की शपथ लेने वाले सांसद दल बदलें तो जनता नहीं करेगी माफ’

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसदों के पार्टी छोड़ने की चर्चाओं के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने बागी नेताओं को लेकर सख्त संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जिन सांसदों ने उद्धव ठाकरे के साथ रहने का वादा करते हुए साईं बाबा, मां भवानी और अपने परिवार की शपथ ली है, अगर वे बाद में पार्टी छोड़ते हैं तो जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। राउत का यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य की राजनीति में ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। माना जा रहा है कि कुछ सांसद दूसरे खेमे के संपर्क में हैं, हालांकि शिवसेना (यूबीटी) इन दावों को पूरी तरह खारिज कर रही है। ‘पार्टी के सभी सांसद हमारे साथ हैं’ मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान संजय राउत ने कहा कि पार्टी के सभी सांसद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में एकजुट हैं। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में हुई बैठकों में सांसदों ने खुद आगे आकर भरोसा दिलाया कि वे किसी भी परिस्थिति में पार्टी नहीं छोड़ेंगे। राउत ने कहा, “किसी ने अपने बच्चों की शपथ ली, किसी ने मां की और किसी ने साईं बाबा तथा मां भवानी की शपथ लेकर कहा कि वे उद्धव ठाकरे के साथ ही रहेंगे। ऐसे में पार्टी टूटने की बातें केवल अफवाह हैं।” ‘ऑपरेशन टाइगर’ पर भी साधा निशाना पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र की राजनीति में ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा लगातार हो रही है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों को कमजोर करने के लिए लगातार दबाव और तोड़फोड़ की राजनीति की जा रही है। उनका कहना था कि शिवसेना (यूबीटी) के सांसद किसी दबाव में नहीं हैं और पार्टी पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। उद्धव ठाकरे को लेकर लगाए गए आरोपों का जवाब संजय राउत ने उन खबरों को भी खारिज किया जिनमें दावा किया जा रहा था कि उद्धव ठाकरे अपने सांसदों और कार्यकर्ताओं से दूरी बनाए रखते हैं। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे लगातार पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के संपर्क में रहते हैं और उनकी बात सुनते हैं। राउत ने कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार के बाद यदि कोई नेता सबसे ज्यादा लोगों से मिलता है, तो वह उद्धव ठाकरे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ‘मातोश्री’ के दरवाजे हमेशा कार्यकर्ताओं के लिए खुले रहते हैं। स्थापना दिवस से पहले बढ़ी सियासी सरगर्मी शिवसेना के स्थापना दिवस से पहले पार्टी के भीतर टूट और बगावत की खबरों ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। हालांकि संजय राउत के बयान से साफ संकेत मिलता है कि पार्टी नेतृत्व इन चर्चाओं को गंभीरता से नहीं ले रहा और संगठन को एकजुट दिखाने की कोशिश कर रहा है। आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति किस दिशा में जाएगी, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। फिलहाल शिवसेना (यूबीटी) नेतृत्व का दावा है कि पार्टी के सभी सांसद उनके साथ हैं और किसी बड़े राजनीतिक बदलाव की संभावना नहीं है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ram Mandir

Ram Mandir कर्मचारी के घर सोना मिलने से जांच तेज, निर्माण प्रभारी का भतीजा रडार पर

अयोध्या में राम मंदिर (Ram Mandir) निर्माण से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। मंदिर निर्माण कार्य से जुड़े कर्मचारी टिन्नू के घर से कथित तौर पर सोना मिलने के बाद जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। अब इस मामले में निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों के करीबी लोगों पर भी नजर रखी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं जिन्होंने अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि टिन्नू अक्सर ट्रेन से बड़े बोरे लेकर सफर करता था, जबकि वापसी फ्लाइट से करता था। उसकी यात्रा का यह तरीका अब जांच का अहम हिस्सा बन गया है। ट्रेन से जाता था, फ्लाइट से लौटता था जांच एजेंसियों को मिले शुरुआती इनपुट में यह बात सामने आई है कि आरोपी कई बार ट्रेन के जरिए भारी सामान लेकर दूसरे शहरों तक जाता था। वहीं वापसी के लिए फ्लाइट का इस्तेमाल करता था। अधिकारियों को शक है कि इस दौरान कीमती सामान की आवाजाही की जाती थी। जांच टीम अब उसके ट्रैवल रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और कॉल डिटेल्स खंगाल रही है। साथ ही CCTV फुटेज और अन्य दस्तावेजों की भी जांच जारी है। निर्माण प्रभारी का भतीजा भी रडार पर मामले ने नया मोड़ तब लिया जब जांच में निर्माण प्रभारी के भतीजे का नाम भी सामने आया। सूत्रों का कहना है कि एजेंसियां उसके संपर्कों और आर्थिक लेनदेन की भी जांच कर रही हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी व्यक्ति की भूमिका को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मंदिर प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी इस पूरे घटनाक्रम के बाद मंदिर प्रशासन और ट्रस्ट ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। निर्माण कार्य से जुड़े कर्मचारियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और सप्लाई सिस्टम की दोबारा जांच शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता। आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। क्या कह रही हैं जांच एजेंसियां? फिलहाल अधिकारी पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए हर एंगल से जांच कर रहे हैं। एजेंसियों की कोशिश है कि यह पता लगाया जा सके कि सोना कहां से आया और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं। राम मंदिर जैसे बड़े और संवेदनशील प्रोजेक्ट से जुड़ा होने की वजह से यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Soumitra Banerjee

Bengal Politics: TMC नेता Soumitra Banerjee पर Egg Attack, कोर्ट के बाहर हंगामा

पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के युवा नेता सौमित्र बनर्जी ( Soumitra Banerjee) पर कोर्ट ले जाते समय अंडों से हमला किया गया। इस घटना का वीडियो सोशल Media पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें भीड़ जोर-जोर से नारेबाजी करती दिखाई दे रही है। पुलिस ने किसी तरह हालात संभालते हुए उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। कोर्ट पेशी के दौरान हुआ बवाल जानकारी के मुताबिक, पुलिस सौमित्र बनर्जी को एक मामले में पेशी के लिए कोर्ट लेकर जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में मौजूद कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और भीड़ ने उन पर अंडे फेंकने शुरू कर दिए। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मी सुरक्षा घेरा बनाकर TMC नेता को भीड़ से बचाने की कोशिश कर रहे हैं। इस दौरान “चोर-चोर” के नारे भी सुनाई दिए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सोशल मीडिया पर VIDEO Viral घटना के बाद इसका वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से शेयर किया जाने लगा। कई लोगों ने इसे बंगाल की बिगड़ती राजनीतिक स्थिति से जोड़कर देखा, जबकि TMC समर्थकों ने इसे विपक्ष की साजिश बताया है। राजनीतिक गलियारों में इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष का कहना है कि राज्य में जनता का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है, जबकि TMC नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया। पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले यह पहली बार नहीं है जब किसी TMC नेता के खिलाफ इस तरह का विरोध देखने को मिला हो। हाल ही में पार्टी के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष के साथ भी अंडा फेंके जाने की घटना हुई थी। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने बंगाल की राजनीति का तापमान और बढ़ा दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य में बढ़ती बयानबाजी और टकराव की राजनीति आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है। ऐसे माहौल में नेताओं की सुरक्षा भी बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। पुलिस जांच में जुटी फिलहाल पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Mamata Banerjee

Mamata Banerjee कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंचीं CM ममता, दायर की अहम याचिका

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह है उनका कलकत्ता हाई कोर्ट (Calcutta High Court) पहुंचना और एक नई याचिका दायर करना। इस कदम के बाद राज्य की राजनीति में फिर से हलचल तेज हो गई है। क्या है पूरा मामला? जानकारी के मुताबिक, ममता बनर्जी ने हाई कोर्ट में ऐसी याचिका दाखिल की है जो राज्य में कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक फैसलों या हाल की परिस्थितियों से जुड़ी मानी जा रही है। हालांकि याचिका की पूरी डिटेल अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है, लेकिन इसे बंगाल की मौजूदा राजनीतिक स्थिति से जोड़कर देखा जा रहा है। पहले भी कोर्ट पहुंच चुकी हैं ममता यह पहली बार नहीं है जब ममता बनर्जी सीधे अदालत पहुंची हों। इससे पहले भी वे पोस्ट-पोल हिंसा और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में कलकत्ता हाई कोर्ट में पेश होकर अपना पक्ष रख चुकी हैं। उस दौरान भी उन्होंने प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए थे। बंगाल की राजनीति में बढ़ी गर्माहट इस नए घटनाक्रम के बाद पश्चिम बंगाल का राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।विपक्ष पहले से ही राज्य सरकार पर कई मुद्दों को लेकर हमलावर है, वहीं TMC इसे प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बता रही है। राज्य में पहले से ही कई विवाद, जांच और राजनीतिक बयानबाज़ी चल रही है, ऐसे में यह मामला और ज्यादा सुर्खियां बटोर रहा है। हाई कोर्ट पर टिकी नजरें अब सबकी निगाहें कलकत्ता हाई कोर्ट पर हैं कि वह इस याचिका पर क्या रुख अपनाता है। कोर्ट का अगला कदम राज्य की राजनीति और प्रशासनिक फैसलों पर असर डाल सकता है। क्या होगा आगे? आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़ी और जानकारी सामने आ सकती है। फिलहाल यह साफ है कि ममता बनर्जी का यह कदम बंगाल की राजनीति में एक नया मोड़ लेकर आया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Monsoon

Monsoon Update अरब सागर में अटका मानसून, MP में 5 दिन बाद बारिश के संकेत

देश के कई राज्यों में लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन इस बार मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून (Monsoon) फिलहाल अरब सागर और तेलंगाना क्षेत्र में अटका हुआ है। तेलंगाना में पिछले 6 दिनों से मानसून आगे नहीं बढ़ पाया, जिसका असर अब मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में भी दिखाई देने लगा है। तेज गर्मी और उमस के बीच लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं, वहीं किसान भी खेतों की तैयारी के बाद आसमान की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। आखिर क्यों रुक गया मानसून? मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अरब सागर में बने मौसम सिस्टम और कमजोर हवा के दबाव के कारण मानसून की गति धीमी हो गई है। आमतौर पर जून के दूसरे सप्ताह तक मानसून मध्य भारत के बड़े हिस्से में पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी चाल काफी सुस्त बनी हुई है। तेलंगाना में मानसून पिछले 6 दिनों से लगभग स्थिर है। यही वजह है कि मध्य भारत के राज्यों में बारिश की गतिविधियां उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ पा रही हैं। MP में कब पहुंचेगा मानसून? मौसम विभाग के मुताबिक मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री अगले करीब 5 दिनों में हो सकती है। शुरुआत में बालाघाट, छिंदवाड़ा, मंडला और जबलपुर जैसे जिलों में हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। इसके बाद धीरे-धीरे मानसून पूरे प्रदेश में सक्रिय होगा। भोपाल और इंदौर समेत कई शहरों में फिलहाल बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं, लेकिन भारी बारिश के लिए अभी थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। किसानों की बढ़ी चिंता मानसून में देरी का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है। खरीफ फसलों की बुवाई का समय शुरू हो चुका है, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसान अभी इंतजार कर रहे हैं। सोयाबीन, धान और मक्का जैसी फसलों की खेती करने वाले किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। ग्रामीण इलाकों में कई किसान खेत तैयार करके बैठे हैं, लेकिन बारिश नहीं होने से बुवाई शुरू नहीं हो पा रही। अगर अगले सप्ताह तक मानसून सक्रिय हो जाता है तो स्थिति सामान्य हो सकती है। गर्मी और उमस से लोग बेहाल मानसून की देरी का असर आम लोगों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। दिन में तेज गर्मी और शाम को उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। कई शहरों में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है, जिससे बिजली की मांग भी लगातार बढ़ रही है। अगले सप्ताह बदल सकता है मौसम मौसम विभाग का अनुमान है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में नए सिस्टम बनने के बाद मानसून को फिर से गति मिल सकती है। इसके बाद मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। फिलहाल लोगों और किसानों दोनों की नजरें आने वाले कुछ दिनों के मौसम पर टिकी हुई हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Cough Syrup

Government Action on Cough Syrup: बिना Prescription दवा बेचने पर होगी कार्रवाई

देशभर में अब कफ सिरप (Cough Syrup) खरीदना पहले जितना आसान नहीं रहेगा। केंद्र सरकार ने दवाओं की बिक्री को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए साफ कर दिया है कि अब बिना डॉक्टर की पर्ची के कफ सिरप और दूसरी सिरप आधारित दवाएं मेडिकल स्टोर पर नहीं मिलेंगी। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी नई अधिसूचना के बाद यह नियम पूरे देश में लागू किया जाएगा। सरकार का कहना है कि यह कदम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, क्योंकि पिछले कुछ समय में कफ सिरप के गलत इस्तेमाल और मिलावटी दवाओं के कई मामले सामने आए थे। खासकर बच्चों और युवाओं में बिना सलाह के दवाएं लेने की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी थी। अब मेडिकल स्टोर पर क्या बदलेगा? नई गाइडलाइन लागू होने के बाद अब मेडिकल दुकानदारों को कफ सिरप बेचने से पहले डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन देखनी होगी। बिना पर्ची दवा बेचने पर कार्रवाई भी हो सकती है। इसके साथ ही कई दुकानों को दवा बिक्री का रिकॉर्ड रखने के निर्देश भी दिए जा सकते हैं। अब तक सामान्य खांसी-जुकाम में लोग सीधे मेडिकल स्टोर से सिरप खरीद लेते थे, लेकिन नए नियम के बाद पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो सकता है। सरकार ने क्यों लिया यह फैसला? दरअसल, बीते कुछ वर्षों में भारत में बने कुछ कफ सिरप को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सवाल उठे थे। कई मामलों में दूषित सिरप की वजह से बच्चों की मौत तक की खबरें सामने आई थीं। इसके अलावा कुछ लोग कफ सिरप का इस्तेमाल नशे के तौर पर भी कर रहे थे, जिसे रोकना सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया था। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बिना जांच और सलाह के लंबे समय तक कफ सिरप लेना शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। कुछ सिरप में ऐसे तत्व होते हैं जो अधिक मात्रा में लेने पर गंभीर साइड इफेक्ट पैदा कर सकते हैं। आम लोगों पर क्या होगा असर? इस फैसले के बाद लोगों को छोटी बीमारी में भी डॉक्टर के पास जाना पड़ सकता है। हालांकि शुरुआत में इससे थोड़ी परेशानी महसूस हो सकती है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि इससे दवाओं का गलत उपयोग कम होगा और मरीजों की सुरक्षा बढ़ेगी। विशेषज्ञों के मुताबिक, कई बार लोग बच्चों को भी बिना सलाह के सिरप दे देते हैं, जो खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में यह फैसला भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को रोकने में मदद कर सकता है। Health Experts ने फैसले को बताया जरूरी दवा विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने सरकार के इस फैसले का समर्थन किया है। उनका कहना है कि भारत में लंबे समय से दवाओं की ओवर-द-काउंटर बिक्री पर सख्ती की जरूरत महसूस की जा रही थी। अब नए नियम से मेडिकल सिस्टम में ज्यादा पारदर्शिता आएगी और मरीजों को सुरक्षित इलाज मिल सकेगा। सरकार का उद्देश्य साफ है—लोगों तक सुरक्षित दवाएं पहुंचाना और कफ सिरप के अनियंत्रित इस्तेमाल पर रोक लगाना। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मां स्कंदमाता

Navratri 2026: पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा, जानें महत्त्व, कथा और मंत्र

नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। भगवान कार्तिकेय को स्कंद भी कहा जाता है। उन्हें गोद में धारण करने के कारण देवी पार्वती के इस स्वरूप का नाम स्कंदमाता पड़ा। मां का यह रूप मातृत्व, प्रेम और करुणा का प्रतीक है। मां स्कंदमाता की कथा पौराणिक मान्यता के अनुसार, देवी पार्वती ने भगवान स्कंद यानी कार्तिकेय को जन्म दिया, जो देवताओं की सेना के सेनापति बने। स्कंदमाता का स्वरूप एक मां की शक्ति और अपने संतान के प्रति अटूट स्नेह को दर्शाता है। मां का स्वरूप और महत्त्व पूजा विधि मंत्र: ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः। भोग: मां को केला अर्पित करने की परंपरा प्रचलित है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

मेरठ हत्याकांड: मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, पति सौरभ की हत्या के मामले में कोर्ट का फैसला

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाई है। दोनों पर सौरभ की हत्या करने का आरोप साबित होने के बाद यह फैसला सुनाया गया। सजा सुनाते हुए जज ने वारदात को नृशंस हत्याकांड बताया और कहा कि इसमें माफी स्वीकार नहीं होगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोर्ट में पेश हुए मुस्कान और साहिल सजा सुनाए जाने से पहले जेल में बंद मुस्कान और साहिल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत से जोड़ा गया। इस दौरान दोनों रोने लगे। जज ने मुस्कान से पूछा कि पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद वह क्या सजा चाहती है। इस पर मुस्कान ने कहा, “मेरी बच्चियों का ख्याल रखा जाए।” इसके बाद वह खामोश हो गई। वहीं, साहिल से भी यही सवाल पूछा गया, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। सजा के ऐलान के बाद रो पड़ीं सौरभ की मां अदालत के फैसले के बाद सौरभ राजपूत की मां भावुक हो गईं और रो पड़ीं। उन्होंने कहा कि उन्हें शांति से न्याय मिल गया। इस मामले में सजा का ऐलान सौरभ के परिवार के लिए लंबे इंतजार के बाद आया है। 3 मार्च 2025 को हुई थी सौरभ की हत्या सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च 2025 को हुई थी। मामले में सामने आए विवरण के अनुसार, हत्या के बाद शव के पांच टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में भर दिया गया था। इस वारदात ने पूरे देश में व्यापक चर्चा बटोरी थी। अदालत ने मामले में मुस्कान रस्तोगी और साहिल को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई है।

इंदौर में प्लॉट बेचने के नाम पर 7.80 लाख की ठगी का आरोप, ब्रोकर समेत दो पर FIR

शहर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में प्लॉट बेचने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्लॉट का सौदा करने के बाद ब्रोकर और प्लॉट मालिक ने फरियादी से 7 लाख 80 हजार रुपये ले लिए, लेकिन न तो प्लॉट की रजिस्ट्री कराई और न ही कब्जा दिया। शिकायत की जांच के बाद एरोड्रम थाना पुलिस ने नंदकिशोर मनावत और धर्मेंद्र ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। 9.30 लाख में तय हुआ था प्लॉट का सौदा पुलिस के मुताबिक, नंदबाग कॉलोनी निवासी विजय चौहान ने शिकायत में बताया कि उन्होंने नंदबाग में एक प्लॉट का सौदा 9 लाख 30 हजार रुपये में तय किया था। इस संबंध में एग्रीमेंट भी किया गया था। फरियादी ने आरोप लगाया कि उन्होंने नकद और ऑनलाइन माध्यम से कुल 7 लाख 80 हजार रुपये का भुगतान कर दिया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें प्लॉट का कब्जा नहीं मिला और रजिस्ट्री भी नहीं कराई गई। ब्रोकर ने परिचित बताकर कराया था सौदा विजय चौहान के अनुसार, धर्मेंद्र ठाकुर ने उन्हें बताया था कि नंदकिशोर मनावत उसका परिचित है और वह अपना प्लॉट बेचना चाहता है। इसके बाद धर्मेंद्र ने सौदे में ब्रोकर की भूमिका निभाई और इसके बदले 10 हजार रुपये लिए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि भुगतान के बाद जब उन्होंने रजिस्ट्री कराने और प्लॉट का कब्जा देने की मांग की, तो उन्हें लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ा। 25 से ज्यादा केस होने की धमकी देने का आरोप फरियादी ने आरोप लगाया कि रजिस्ट्री और कब्जे के लिए दबाव बनाने पर धर्मेंद्र ठाकुर ने धमकी दी। शिकायत के मुताबिक, उसने कहा कि उसके खिलाफ 25 से ज्यादा मामले चल रहे हैं। साथ ही, उसके या नंदकिशोर मनावत के पास दोबारा आने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी। 2.80 लाख रुपये लौटाए, 5 लाख बाकी होने का दावा विजय चौहान के मुताबिक, पुलिस में शिकायत करने की बात कहने के बाद नंदकिशोर मनावत ने 2 लाख 50 हजार रुपये नकद और 30 हजार रुपये ऑनलाइन वापस किए। हालांकि, फरियादी का आरोप है कि बाकी 5 लाख रुपये लौटाने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद विजय चौहान ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। जांच के बाद एरोड्रम थाना पुलिस ने नंदकिशोर मनावत और धर्मेंद्र ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।

SIR के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों से मिले राहुल गांधी, दिल्ली पुलिस पर मारपीट के आरोप

नई दिल्ली। SIR के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। इसके बाद राहुल गांधी और छात्रों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस पर मारपीट और हिरासत के दौरान दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में NSUI के छात्रों, कार्यकर्ताओं और कंटेंट क्रिएटर्स ने अपने साथ हुई कथित घटनाओं की जानकारी दी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्रा ने कान पर चोट लगने का लगाया आरोप प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक छात्रा ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान पुलिसकर्मी ने उसके प्राइवेट पार्ट पर लात मारी। वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा अदिरा ने दावा किया कि पुलिस की पिटाई के कारण उसके एक कान की सुनने की क्षमता चली गई। प्रदर्शनकारियों ने हिरासत के दौरान कथित ज्यादती और मारपीट से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है। RSS और भाजपा से जुड़े लोगों के कहने पर हिरासत का आरोप एक अन्य प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि पुलिस RSS और भाजपा से जुड़े लोगों के कहने पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रही थी। यह आरोप भी प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाया गया है। राहुल गांधी ने सबूत सुरक्षित रखने को कहा राहुल गांधी ने छात्रों से घटनाओं से जुड़े वीडियो और अन्य सबूत सुरक्षित रखने को कहा। उन्होंने कहा कि इन सबूतों के आधार पर पुलिसकर्मियों से लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त तक, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। प्रदर्शनकारियों के आरोपों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।

बांग्लादेश टेस्ट सीरीज से बाहर हुए शाई होप और अल्जारी जोसेफ, केविन विकहम को पहली बार मिला मौका

क्रिकेट न्यूज। वेस्टइंडीज को बांग्लादेश के खिलाफ आगामी दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। टीम के बल्लेबाज शाई होप और तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ सीरीज से बाहर हो गए हैं। क्रिकेट वेस्टइंडीज (CWI) ने 23 वर्षीय टॉप ऑर्डर बल्लेबाज केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया है। ऑलराउंडर कीमो पॉल को भी टीम में जगह मिली है। CWI के मुताबिक, मेडिकल जांच और विशेषज्ञों की सलाह के बाद अल्जारी जोसेफ को सीरीज से हटाने का फैसला लिया गया। बोर्ड उनके कार्यभार को नियंत्रित कर चोट के जोखिम को कम करना चाहता है। वहीं, तीनों फॉर्मेट में लगातार खेलने के बाद शाई होप को आराम दिया गया है। चोट के खतरे को देखते हुए जोसेफ को आराम क्रिकेट वेस्टइंडीज ने बताया कि अल्जारी जोसेफ को टीम से बाहर रखने का फैसला उनकी सहमति से लिया गया है। बोर्ड के अनुसार, टेस्ट क्रिकेट में तेज गेंदबाजों को लंबे स्पेल में लगातार गेंदबाजी करनी पड़ती है। इससे छोटे फॉर्मेट की तुलना में कार्यभार और चोट का जोखिम बढ़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जोसेफ के वर्कलोड को कम करने का फैसला किया गया है, ताकि उनके स्वास्थ्य और फिटनेस का ध्यान रखा जा सके। शाई होप को भी दिया गया आराम CWI ने कहा कि शाई होप तीनों फॉर्मेट में लगातार खेल रहे थे। ऐसे में उनके कार्यभार और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें टेस्ट सीरीज से आराम दिया गया है। बोर्ड का यह फैसला फरवरी 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप क्वालिफायर्स को ध्यान में रखकर भी लिया गया है। टीम प्रबंधन चाहता है कि खिलाड़ी आगामी महत्वपूर्ण मुकाबलों के लिए फिट रहें। केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में मौका शाई होप की गैरमौजूदगी में 23 वर्षीय टॉप ऑर्डर बल्लेबाज केविन विकहम को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। इसके अलावा ऑलराउंडर कीमो पॉल को भी टीम में जगह मिली है। अब देखना होगा कि बांग्लादेश की घरेलू परिस्थितियों में वेस्टइंडीज की टीम नए संयोजन के साथ कैसा प्रदर्शन करती है। कोच डैरेन सैमी ने सीरीज जीत को बताया अहम वेस्टइंडीज के मुख्य कोच डैरेन सैमी ने कहा कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा चक्र की शुरुआत में टीम ने कुछ लक्ष्य तय किए थे। इनमें टेस्ट रैंकिंग के ऊपरी आधे हिस्से में जगह बनाना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज जीतने से टीम अपने लक्ष्य के करीब पहुंच सकती है। सैमी के मुताबिक, बांग्लादेश को उसकी घरेलू परिस्थितियों में हराना चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन टीम इसके लिए तैयार है। 28 अक्टूबर से शुरू होगा पहला टेस्ट बांग्लादेश और वेस्टइंडीज के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी। पहला टेस्ट 28 अक्टूबर से ढाका में शुरू होगा, जबकि दूसरा टेस्ट 5 नवंबर से सिलहट में खेला जाएगा।

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