संसद का मानसून सत्र (Monsoon Session) अब अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच गया है। सत्र खत्म होने में सिर्फ दो दिन बाकी हैं, लेकिन लोकसभा और राज्यसभा में राजनीतिक गर्मी कम होने का नाम नहीं ले रही। बुधवार को विपक्ष के विरोध और हंगामे के बीच दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
सदन के बाहर भी विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन किया और कई मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के आज सदन में बयान देने की संभावना पर सबकी नजर बनी हुई है।
दोपहर 2 बजे तक स्थगित हुई कार्यवाही
बुधवार सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर विरोध जताया। लगातार नारेबाजी और हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
मानसून सत्र के अब केवल दो दिन बचे हैं। ऐसे में सदन का समय सरकार और विपक्ष दोनों के लिए काफी अहम माना जा रहा है। सरकार जहां अपने लंबित विधायी एजेंडे को पूरा करना चाहती है, वहीं विपक्ष कई मुद्दों पर चर्चा और सरकार से जवाब की मांग कर रहा है।
Amit Shah के बयान का इंतजार
संसद की आज की कार्यवाही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संभावित बयान को लेकर खास चर्चा है। विपक्ष लंबे समय से कुछ अहम मुद्दों पर गृह मंत्री के जवाब की मांग कर रहा है।
ऐसे में अगर अमित शाह सदन में बयान देते हैं तो उसके बाद विपक्ष की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। संसद के अंतिम दिनों में यह मुद्दा सियासी माहौल को और गरमा सकता है।
FCRA Bill पर भी नजर
मानसून सत्र में FCRA Amendment Bill भी सरकार और विपक्ष के बीच प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। Foreign Contribution Regulation Act में प्रस्तावित बदलावों को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, इस विधेयक पर सहमति बनाने के लिए इसे संसदीय समिति के पास भेजने की संभावना पर भी विचार हुआ है। हालांकि, इस पर सरकार और विपक्ष के बीच क्या रास्ता निकलता है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।
हंगामे के बीच विधायी काम जारी
संसद में लगातार हंगामे के बावजूद सरकार ने कई विधायी काम आगे बढ़ाए हैं। लोकसभा में मंगलवार को विपक्ष के विरोध के बीच दो विधेयक पारित किए गए। इनमें केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने से संबंधित विधेयक और National Cooperative Development Corporation से जुड़ा विधेयक शामिल था।
राज्यसभा में भी Tribunals Reforms Bill, 2026 पारित किया गया। इससे संकेत मिलता है कि सरकार सत्र के बचे हुए समय में अपने एजेंडे को पूरा करने की कोशिश कर रही है।
आखिरी दो दिन होंगे अहम
अब संसद के पास कामकाज के लिए सिर्फ दो दिन बचे हैं। ऐसे में आने वाले दो दिन यह तय करेंगे कि सरकार अपने जरूरी विधायी काम कितने पूरे कर पाती है और विपक्ष किन मुद्दों पर सरकार को घेरने में सफल रहता है।
फिलहाल सबसे ज्यादा नजर Amit Shah के संभावित बयान, FCRA Bill और सदन में जारी गतिरोध पर है। अगर सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बनती है तो अंतिम दो दिन कुछ महत्वपूर्ण काम हो सकते हैं, लेकिन हंगामा जारी रहा तो संसद का कीमती समय फिर प्रभावित हो सकता है।
हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
