America के राष्ट्रपति Donald Trump ने माना है कि ईरान से संभावित हमले के खतरे को देखते हुए उन्हें अपना विमान बदलना पड़ा था। ट्रम्प के मुताबिक, अगर हमला होता तो निशाना एयरफोर्स वन भी बन सकता था।
ट्रम्प ने बताया कि सुरक्षा कारणों से उन्हें एक विमान से दूसरे विमान तक पहुंचने के लिए बेहद गोपनीय तरीके का इस्तेमाल करना पड़ा। रिपोर्ट के अनुसार, वह एक ट्रक में छिपकर दूसरे विमान तक पहुंचे, ताकि उनकी गतिविधि के बारे में किसी को जानकारी न मिल सके।
ट्रम्प ने कहा कि उस समय सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को लेकर बेहद सतर्क थीं। ईरान की ओर से हमले की आशंका के बीच राष्ट्रपति की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।
हमला होता तो एयरफोर्स वन भी निशाने पर
ट्रम्प ने कहा कि अगर उस समय हमला किया जाता तो एयरफोर्स वन भी इसकी चपेट में आ सकता था। यही वजह थी कि उनकी यात्रा और विमान बदलने की पूरी प्रक्रिया को बेहद गोपनीय रखा गया।
राष्ट्रपति की सुरक्षा में आमतौर पर कई स्तरों की व्यवस्था होती है, लेकिन इस घटना ने दिखाया कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा कितनी चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
ट्रक में छिपकर बदला विमान
ट्रम्प के अनुसार, उन्हें एक विमान से दूसरे विमान तक ले जाने के दौरान ट्रक का इस्तेमाल किया गया। सुरक्षा कारणों से उन्हें उसमें छिपाकर ले जाया गया, ताकि उनकी लोकेशन का पता न चल सके।
इस पूरे घटनाक्रम से यह भी साफ होता है कि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर किस स्तर की सावधानी बरती जा रही थी।
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