देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था से जुड़े दो बड़े संस्थानों NCERT और CBSE में बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं। सामने आई जानकारी के मुताबिक, NCERT में 1,596 और CBSE में 933 पद रिक्त हैं। यानी दोनों संस्थानों को मिलाकर 2,529 पदों पर नियुक्तियां बाकी हैं। इतनी बड़ी संख्या में vacancies को लेकर संसदीय समिति ने चिंता जाहिर की है।
NCERT में 1,596 पद खाली
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) देश की स्कूली शिक्षा के लिए पाठ्यक्रम, किताबों, शिक्षक प्रशिक्षण और शैक्षणिक शोध जैसे महत्वपूर्ण काम करता है। ऐसे संस्थान में बड़ी संख्या में पद खाली रहना चिंता का विषय माना जा रहा है।
NCERT Vacancy के आंकड़े बताते हैं कि यहां 1,596 पदों पर नियुक्तियां नहीं हुई हैं। लंबे समय तक रिक्तियां बनी रहने से संस्थान के रोजमर्रा के काम के साथ-साथ शैक्षणिक और शोध संबंधी गतिविधियों पर भी दबाव बढ़ सकता है।
CBSE में 933 पदों पर भर्ती बाकी
दूसरी ओर, Central Board of Secondary Education (CBSE) में भी 933 पद खाली हैं। CBSE देशभर के संबद्ध स्कूलों, बोर्ड परीक्षाओं और विद्यार्थियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी संभालता है।
ऐसे में यहां स्टाफ की कमी का असर प्रशासनिक कामकाज पर पड़ने की आशंका स्वाभाविक है। खासकर परीक्षा और परिणाम जैसे संवेदनशील कार्यों के दौरान पर्याप्त कर्मचारियों की जरूरत और भी बढ़ जाती है।
संसदीय समिति ने उठाया सवाल
NCERT और CBSE में खाली पदों की संख्या पर संसदीय समिति ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। समिति का मानना है कि शिक्षा व्यवस्था के इन अहम संस्थानों में पर्याप्त मानव संसाधन होना जरूरी है। रिक्त पद लंबे समय तक खाली रहने से काम का बोझ मौजूदा कर्मचारियों पर बढ़ सकता है।
समिति ने रिक्तियों को जल्द भरने की जरूरत पर जोर दिया है, ताकि संस्थानों का कामकाज बिना किसी अनावश्यक बाधा के चलता रहे।
2,529 Vacancies ने बढ़ाई चिंता
NCERT और CBSE को मिलाकर 2,529 पद खाली होना इस पूरे मामले की गंभीरता को दिखाता है। ये दोनों संस्थान सीधे तौर पर स्कूली शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण काम संभालते हैं। इसलिए इन पदों पर समय रहते नियुक्तियां करना जरूरी माना जा रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन NCERT और CBSE Vacancies को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया कब पूरी होती है। अगर रिक्त पद जल्द भरे जाते हैं तो इससे संस्थानों की कार्यक्षमता बढ़ाने और शिक्षा से जुड़े कामों को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
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