भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार की शुरुआत निवेशकों के लिए कुछ मायूस करने वाली रही। Sensex करीब 250 अंक फिसलकर 77,700 के आसपास आ गया, वहीं Nifty भी करीब 100 अंक नीचे कारोबार करता नजर आया। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव Banking और IT Stocks में देखने को मिला।
सुबह के कारोबार में बिकवाली बढ़ने के साथ ही निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि बाजार दिन के अंत तक इस कमजोरी से कितना उबर पाता है। पिछले कुछ सत्रों से शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, ऐसे में छोटी सी खबर भी सेंटीमेंट पर असर डाल रही है।
Banking और IT शेयरों में क्यों बढ़ी बिकवाली?
गुरुवार को बाजार की कमजोरी में बैंकिंग और IT सेक्टर की अहम भूमिका रही। IT कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से इंडेक्स पर दबाव बढ़ा। दूसरी ओर बैंकिंग शेयरों में भी निवेशकों ने मुनाफावसूली का रुख अपनाया।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा माहौल में निवेशक नए दांव लगाने से पहले ग्लोबल संकेतों और कंपनियों से जुड़े अपडेट का इंतजार कर रहे हैं। यही वजह है कि मजबूत कंपनियों के शेयरों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
पिछले कारोबारी सत्र में भी बाजार रहा कमजोर
बुधवार का कारोबारी सत्र भी भारतीय शेयर बाजार के लिए अच्छा नहीं रहा था। Sensex 188 अंक की गिरावट के साथ 77,966.35 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 36 अंक टूटकर 24,435.95 के स्तर पर रहा।
IT Stocks में कमजोरी खास तौर पर नजर आई। TCS के शेयर में भी तेज गिरावट दर्ज की गई थी। इससे IT इंडेक्स का प्रदर्शन प्रभावित हुआ और बाजार का मूड कमजोर बना रहा।
Global Market से मिले-जुले संकेत
घरेलू बाजार के अलावा विदेशी बाजारों के संकेत भी निवेशकों के फैसलों को प्रभावित कर रहे हैं। अमेरिका में महंगाई के आंकड़ों और Federal Reserve की संभावित ब्याज दरों को लेकर बाजार की नजर बनी हुई है।
वहीं, Middle East में तनाव और Crude Oil की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी भारतीय बाजार के लिए चिंता का विषय है। कच्चा तेल महंगा होने पर भारत के आयात बिल और महंगाई पर असर पड़ सकता है, इसलिए निवेशक इस मोर्चे पर भी सतर्क हैं।
Tata Group के शेयरों पर भी नजर
इन सबके बीच Tata Group Stocks भी बाजार की निगाह में हैं। Tata Sons से जुड़े घटनाक्रम के बाद समूह की कई कंपनियों के शेयरों में हलचल देखने को मिली है। निवेशक अब कंपनियों के अगले कदम और इससे जुड़े संभावित असर को समझने की कोशिश कर रहे हैं।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?
फिलहाल बाजार में साफ तेजी के बजाय volatility यानी उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ है। अगर ग्लोबल संकेतों में सुधार आता है और Banking तथा IT Stocks में खरीदारी लौटती है तो बाजार को सहारा मिल सकता है। वहीं Crude Oil और Geopolitical Tension बढ़ने पर दबाव दोबारा मजबूत हो सकता है।
निवेशकों के लिए फिलहाल सबसे अहम बात यही है कि बाजार की हर छोटी गिरावट या तेजी को देखकर जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय कंपनियों के फंडामेंटल और व्यापक बाजार संकेतों पर नजर रखें।
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