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G7 Meeting 2026: होर्मुज में भारतीयों की मौत पर PM Modi ने उठाई आवाज, Trump भी रहे मौजूद

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फ्रांस में आयोजित G7 Summit 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक नेताओं के सामने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) में भारतीय नागरिकों की मौत का मुद्दा मजबूती से उठाया। खास बात यह रही कि जब प्रधानमंत्री मोदी यह बात रख रहे थे, तब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी बैठक में मौजूद थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में समुद्री सुरक्षा केवल किसी एक देश का विषय नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया की आर्थिक स्थिरता और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़ा मुद्दा बन चुका है।

होर्मुज में भारतीयों की मौत पर जताई चिंता

हाल के दिनों में होर्मुज क्षेत्र में बढ़े सैन्य तनाव के बीच कुछ भारतीय नागरिकों और नाविकों की मौत की खबरों ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। G7 के वर्किंग सेशन में प्रधानमंत्री मोदी ने इस संवेदनशील मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि समुद्र में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साझा जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि जो लोग समुद्री व्यापार को सुचारु बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं, उन्हें किसी भी तरह के संघर्ष का शिकार नहीं बनना चाहिए।

Global Trade पर पड़ रहा है असर

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है। यहां किसी भी प्रकार का तनाव या अवरोध केवल क्षेत्रीय समस्या नहीं रह जाता, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया की सप्लाई चेन, ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार पर दिखाई देता है।

विशेषज्ञों के अनुसार दुनिया के बड़े हिस्से में पहुंचने वाला कच्चा तेल इसी मार्ग से गुजरता है, इसलिए यहां अस्थिरता वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन जाती है।

संवाद और कूटनीति पर दिया जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज दुनिया कई चुनौतियों का सामना कर रही है, लेकिन इन समस्याओं का समाधान युद्ध नहीं बल्कि संवाद और सहयोग में छिपा है। उन्होंने देशों से आपसी विश्वास बढ़ाने और कूटनीतिक रास्तों को प्राथमिकता देने की अपील की।

मोदी ने कहा कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए यह जरूरी है कि सभी देश मिलकर काम करें और संघर्ष की जगह बातचीत को महत्व दें।

ट्रम्प की मौजूदगी में भारत ने रखा अपना पक्ष

G7 बैठक में डोनाल्ड ट्रम्प समेत कई बड़े वैश्विक नेता मौजूद थे। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भारतीय नागरिकों की मौत और समुद्री सुरक्षा का मुद्दा उठाना भारत की सक्रिय कूटनीति का संकेत माना जा रहा है।

विश्लेषकों का मानना है कि भारत ने इस मंच के जरिए साफ संदेश दिया है कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों और समुद्री क्षेत्र में कार्यरत नागरिकों की सुरक्षा उसके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।

G7 Summit में Middle East Crisis रहा प्रमुख मुद्दा

इस वर्ष G7 Summit में मध्य पूर्व का तनाव, ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक व्यापार और समुद्री मार्गों की सुरक्षा जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहे। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच भारत ने भी अपने हितों और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखा।

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Yukta

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Petrol

Petrol Export पर बड़ी राहत: Export Duty हुई Zero, Diesel और ATF Tax में भी कटौती

पेट्रोल-डीजल (Petrol- Diesel) की कीमतों और तेल कंपनियों से जुड़ी खबरों के बीच केंद्र सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। सरकार ने Petrol, Diesel और Aviation Turbine Fuel (ATF) के Export पर लगने वाले शुल्क में कटौती की है। नए बदलाव के बाद पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाली ड्यूटी अब पूरी तरह खत्म हो गई है। वहीं डीजल और ATF पर भी शुल्क कम किया गया है। सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और पेट्रोलियम उत्पादों के दाम पर लगातार नजर बनी हुई है। Petrol Export पर अब कोई Duty नहीं नई दरों के मुताबिक पेट्रोल के Export पर लगने वाली ₹3.5 प्रति लीटर की ड्यूटी को घटाकर Zero कर दिया गया है। यानी भारतीय कंपनियां अब पेट्रोल का निर्यात करते समय इस अतिरिक्त शुल्क का भुगतान नहीं करेंगी। तेल क्षेत्र से जुड़े कारोबार के लिए इसे अहम राहत माना जा रहा है। खासकर उन कंपनियों के लिए इसका महत्व बढ़ जाता है, जिनकी रिफाइनरी क्षमता घरेलू जरूरतों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई पर भी निर्भर करती है। Diesel Export Duty भी हुई कम सरकार ने डीजल के निर्यात पर लगने वाले शुल्क में भी कटौती की है। डीजल पर Export Duty अब ₹24 प्रति लीटर होगी। इससे पहले यह दर ₹25.5 प्रति लीटर थी। यानी डीजल के निर्यात पर कंपनियों को ₹1.5 प्रति लीटर की राहत मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय रिफाइनरी उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति के लिहाज से यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ATF पर भी घटा Export Tax हवाई ईंधन यानी Aviation Turbine Fuel (ATF) के निर्यात पर भी शुल्क कम किया गया है। इसकी दर ₹22 प्रति लीटर से घटाकर ₹19.5 प्रति लीटर कर दी गई है। ATF पर शुल्क में कमी से एविएशन फ्यूल के निर्यात कारोबार को कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि इसका सीधा असर घरेलू विमान किराए या घरेलू ATF की कीमत पर पड़ेगा, ऐसा अभी कहना सही नहीं होगा। क्या Petrol-Diesel के दाम भी होंगे कम? सरकार के इस फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आम लोगों को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत मिलेगी? यह समझना जरूरी है कि Export Duty में कटौती सीधे घरेलू पेट्रोल-डीजल की Retail Price कम होने की गारंटी नहीं देती। मौजूदा बदलाव मुख्य रूप से विदेश भेजे जाने वाले पेट्रोलियम उत्पादों पर लागू शुल्क से जुड़ा है। इसलिए पेट्रोल पंप पर कीमत घटने की उम्मीद को इस फैसले से सीधे जोड़ना जल्दबाजी होगी। Windfall Tax क्यों लगाया गया था? Windfall Tax का इस्तेमाल सरकार ऐसे समय करती है, जब अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों की वजह से तेल कंपनियों को सामान्य से काफी ज्यादा मुनाफा होने की संभावना बनती है। इसका उद्देश्य उस अतिरिक्त लाभ पर सरकार का हिस्सा सुनिश्चित करना होता है। भारत में पेट्रोलियम उत्पादों पर Export Levy में समय-समय पर बदलाव किए जाते रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत, रिफाइनरी मार्जिन और वैश्विक बाजार की स्थिति जैसे कई कारक इन दरों को प्रभावित करते हैं। सरकार की नजर International Oil Market पर पेट्रोलियम उत्पादों पर Export Duty में यह बदलाव बताता है कि सरकार अंतरराष्ट्रीय Oil Market की परिस्थितियों पर लगातार नजर रख रही है। जरूरत के मुताबिक शुल्क बढ़ाया या घटाया जा सकता है। पेट्रोल पर Export Duty का पूरी तरह हटना, जबकि डीजल और ATF पर शुल्क कम होना, तेल कंपनियों के लिए फिलहाल सकारात्मक संकेत माना जा सकता है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और सरकार के अगले फैसलों पर सबकी नजर रहेगी। आम लोगों के लिए क्या मायने? सीधी बात यह है कि पेट्रोल Export पर Duty Zero हो गई है, Diesel पर ₹24 और ATF पर ₹19.5 प्रति लीटर शुल्क लागू होगा। यह फैसला मुख्य रूप से Export Market से जुड़ा है। घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर इसका असर अलग-अलग परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। ऐसे में अगर आप पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तुरंत बड़ी कटौती की उम्मीद कर रहे हैं, तो फिलहाल इंतजार करना बेहतर होगा। सरकार के अगले कदम और अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें ही आगे की तस्वीर साफ करेंगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CM Mohan Yadav

CM Mohan Yadav का Development Vision: 2027 युवा वर्ष, रोजगार और Skill पर रहेगा Focus

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav)ने तिरंगा फहराया और प्रदेशवासियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में CM मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के विकास को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं सामने रखीं। इस दौरान युवाओं और रोजगार को लेकर उन्होंने बड़ा ऐलान किया। 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाने के साथ हर साल करीब 1 लाख रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव का यह ऐलान प्रदेश के उन युवाओं के लिए खास माना जा रहा है, जो पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार के बेहतर अवसर तलाश रहे हैं। सरकार का फोकस केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं रहने वाला, बल्कि निजी क्षेत्र, उद्योग, Skill Development और स्वरोजगार के जरिए भी अवसर बढ़ाने पर रहेगा। 2027 होगा Youth Year CM मोहन यादव ने 2027 को Youth Year यानी युवा वर्ष के रूप में मनाने की बात कही। इसका उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता के ज्यादा अवसर उपलब्ध कराना है। सरकार की कोशिश है कि युवाओं को बदलते Job Market के हिसाब से तैयार किया जाए। इसके लिए Skill Training, आधुनिक तकनीक और Entrepreneurship को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा। हर साल 1 लाख रोजगार का Target मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रोजगार के मोर्चे पर बड़ा लक्ष्य सामने रखा है। प्रदेश में हर साल करीब 1 लाख रोजगार के अवसर तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकारी भर्तियों के साथ Private Sector में रोजगार बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाएगा। नए उद्योग और निवेश आने से स्थानीय स्तर पर Jobs के अवसर बढ़ाने की कोशिश होगी। Youth को Job Seeker नहीं, Job Creator बनाने पर जोर CM मोहन यादव के रोडमैप में युवाओं को केवल नौकरी पाने तक सीमित रखने के बजाय उन्हें Job Creator बनाने पर भी जोर दिखाई दिया। Startup, छोटे कारोबार और स्वरोजगार के लिए युवाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। इसका फायदा खासतौर पर उन युवाओं को मिल सकता है, जो अपना Business या Startup शुरू करना चाहते हैं लेकिन उन्हें Training, Guidance या शुरुआती अवसरों की जरूरत होती है। MP के Development में गांव और छोटे शहर भी शामिल मुख्यमंत्री ने प्रदेश के समग्र विकास पर भी जोर दिया। सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और दूसरी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ विकास का लाभ गांवों और छोटे शहरों तक पहुंचाने की दिशा में काम करने की बात कही गई। CM मोहन यादव के अनुसार, प्रदेश की Growth Story में हर क्षेत्र और हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। बेहतर Infrastructure के साथ नए निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी सरकार का फोकस रहेगा। अब नजर Implementation पर स्वतंत्रता दिवस पर CM मोहन यादव की ओर से रखे गए रोजगार और युवा विकास के लक्ष्य निश्चित तौर पर बड़े हैं। हालांकि इन घोषणाओं का वास्तविक असर योजनाओं के Implementation के बाद ही साफ होगा। हर साल 1 लाख रोजगार के लक्ष्य के तहत कितनी नई नौकरियां बनती हैं, कितने उद्योग निवेश करते हैं और युवाओं को Skill Training का कितना लाभ मिलता है, यह आने वाले समय में सबसे महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल मुख्यमंत्री मोहन यादव के संदेश से साफ है कि मध्य प्रदेश की आने वाली विकास यात्रा में Youth Power, रोजगार, Skill Development और Entrepreneurship को खास जगह दी जाएगी। 2027 को युवा वर्ष बनाने का फैसला इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Trump

Trump का Hormuz Plan! Iran ने किया पलटवार, बोला- पोस्ट से नहीं मिलती किसी इलाके की संप्रभुता

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब Strait of Hormuz तक पहुंच गया है। Trump के एक बयान ने इस विवाद को और हवा दे दी है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ जीत के बाद अमेरिका Hormuz Strait को अमेरिकी क्षेत्र घोषित कर सकता है। इसके जवाब में ईरान ने भी दो टूक शब्दों में अपना रुख साफ कर दिया। ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर पोस्ट करने भर से किसी इलाके पर कब्जा नहीं हो जाता। उन्होंने जोर देकर कहा कि होर्मुज ईरान का था, ईरान का है और ईरान का ही रहेगा। Trump के बयान से बढ़ा Hormuz विवाद डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे टकराव के बीच होर्मुज को लेकर बड़ा दावा किया। उनके बयान में यह संकेत था कि अमेरिका इस रणनीतिक समुद्री रास्ते पर अपना नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य की अहमियत को देखते हुए ट्रंप का बयान सामान्य राजनीतिक बयान से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह समुद्री मार्ग Persian Gulf और Gulf of Oman के बीच कड़ी का काम करता है और दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। Iran ने दिया सीधा जवाब ट्रंप के बयान के बाद ईरान ने प्रतिक्रिया देने में देर नहीं की। ईरानी उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने सोशल मीडिया के जरिए अमेरिका के दावे को चुनौती दी। ईरान का कहना है कि किसी ट्वीट, बयान या सैन्य शक्ति के प्रदर्शन से Hormuz पर संप्रभुता हासिल नहीं की जा सकती। तेहरान लगातार यह संदेश दे रहा है कि वह इस समुद्री मार्ग को लेकर अपने दावे से पीछे हटने वाला नहीं है। यही वजह है कि अब अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी केवल राजनीतिक मंच तक सीमित नहीं दिख रही। दोनों देशों के रुख से यह साफ है कि Hormuz आने वाले दिनों में भी विवाद का बड़ा केंद्र बना रह सकता है। क्यों इतना महत्वपूर्ण है Strait of Hormuz? दुनिया के लिए Hormuz Strait की अहमियत समझना जरूरी है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण energy routes में से एक है। इस रास्ते से बड़ी मात्रा में crude oil और अन्य ऊर्जा उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचते हैं। ऐसे में अगर यहां जहाजों की आवाजाही लंबे समय तक प्रभावित होती है, तो इसका असर सिर्फ Middle East तक सीमित नहीं रहेगा। तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है और इसका प्रभाव दुनिया के कई देशों में पेट्रोल-डीजल से लेकर महंगाई तक पर पड़ सकता है। भारत जैसे बड़े energy importer के लिए भी Hormuz की स्थिति खास तौर पर महत्वपूर्ण है। खाड़ी क्षेत्र में किसी बड़े व्यवधान का असर वैश्विक oil market के जरिए भारत पर भी पड़ सकता है। US-Iran tension का नया मोर्चा अमेरिका और ईरान के बीच पहले से ही तनाव काफी ज्यादा है। अब Hormuz को लेकर आए बयानों ने इस टकराव में एक नया मोर्चा खोल दिया है। अमेरिका की ओर से जहां दबाव और नियंत्रण की भाषा सुनाई दे रही है, वहीं ईरान अपने अधिकार को लेकर सख्त रुख अपना रहा है। दोनों पक्षों की बयानबाजी से फिलहाल तनाव कम होने के बजाय और बढ़ता दिखाई दे रहा है। दुनिया की नजर अब Hormuz पर Trump के बयान के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि अमेरिका आगे क्या कदम उठाता है और ईरान उसका किस तरह जवाब देता है। Hormuz की रणनीतिक अहमियत इतनी बड़ी है कि यहां होने वाला कोई भी बड़ा घटनाक्रम international oil market और global trade को प्रभावित कर सकता है। फिलहाल ईरान ने साफ कर दिया है कि वह Hormuz Strait पर अमेरिकी दावे को स्वीकार नहीं करता। दूसरी ओर, ट्रंप का बयान आने वाले दिनों में इस विवाद को किस दिशा में ले जाता है, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है। Hormuz विवाद अब सिर्फ अमेरिका और ईरान का मामला नहीं रह गया है। यह global energy security से जुड़ा मुद्दा बन चुका है, जिसका असर भारत समेत दुनिया के कई देशों पर पड़ सकता है।
PM Modi

PM Modi का बड़ा संदेश: ‘दिमागी नक्सल’ को पहचानें, Women Reservation पर राजनीति न करें

80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए विकास, सुरक्षा, युवा शक्ति और महिला सशक्तिकरण को लेकर कई अहम बातें कहीं। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए ऐसी विचारधाराओं से सतर्क रहने की बात कही, वहीं महिला आरक्षण को लेकर राजनीतिक दलों से मिलकर आगे बढ़ने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश ने हथियारबंद नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है, लेकिन वैचारिक स्तर पर चुनौती को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने समाज से ऐसे लोगों को पहचानने और अलग-थलग करने की बात कही, जिन्हें वे ‘दिमागी नक्सल’ कहते हैं। महिला आरक्षण पर राजनीति छोड़ने की अपील पीएम मोदी के भाषण में Women Reservation भी प्रमुख मुद्दा रहा। उन्होंने राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने की व्यवस्था को जल्द लागू करने की दिशा में सहयोग किया जाए। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस मुद्दे पर राजनीतिक श्रेय की चिंता किए बिना महिलाओं को उनका अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने विपक्ष समेत सभी दलों से साथ आने की अपील की। Youth Power पर बड़ा फोकस प्रधानमंत्री ने युवाओं को भारत के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कई घोषणाएं कीं। उन्होंने अगले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI Training देने की बात कही। इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए Free Online Coaching की पहल का भी ऐलान किया। पीएम मोदी ने युवाओं के सपनों को गति देने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के फंड का भी जिक्र किया। उनका संदेश साफ था कि युवा केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि देश के विकास में नेतृत्व करने वाले बनें। 2047 तक Viksit Bharat का रोडमैप स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में Viksit Bharat@2047 प्रधानमंत्री के भाषण का बड़ा केंद्र रहा। उन्होंने भारत को आर्थिक, तकनीकी और औद्योगिक रूप से मजबूत बनाने की जरूरत पर जोर दिया। पीएम मोदी ने विकास के लिए ‘शक्ति की सप्त धारा’ का विजन सामने रखा, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग, कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर, डिफेंस प्रोडक्शन तथा ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों पर जोर दिया गया। Self-Reliance और Make in India पर जोर प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को अपनी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत, Make in India और Vocal for Local को आगे बढ़ाने की अपील की। सेमीकंडक्टर, ऊर्जा सुरक्षा, परमाणु ऊर्जा और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को उन्होंने भविष्य के भारत के लिए महत्वपूर्ण बताया। देश की एकता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश पीएम मोदी ने अपने संबोधन में देश की एकता को मजबूत रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकास की यात्रा तभी सफल होगी, जब समाज मिलकर आगे बढ़े और देश के हित को प्राथमिकता दे। बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों के प्रति भी प्रधानमंत्री ने संवेदना जताई और मुश्किल समय में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिया। PM Modi Speech का बड़ा संदेश क्या रहा? लाल किले से प्रधानमंत्री का भाषण कई मुद्दों को एक साथ जोड़ता नजर आया। एक तरफ दिमागी नक्सल को लेकर चेतावनी और दूसरी तरफ Women Reservation पर सभी दलों से सहयोग की अपील रही। इसके साथ ही AI, Youth Power, आत्मनिर्भरता और 2047 के विकसित भारत का विजन भी भाषण में प्रमुखता से सामने आया। पीएम मोदी के संदेश का फोकस यही रहा कि भारत को आने वाले वर्षों में मजबूत बनाने के लिए युवा शक्ति, महिला भागीदारी, तकनीक, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय एकता को साथ लेकर चलना होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
IND vs SL

IND vs SL Test: ऐतिहासिक 600वें मुकाबले में भारत की नजर जीत पर, Sri Lanka देगा कड़ी टक्कर

भारत और श्रीलंका (IND vs SL) के बीच दो मैचों की Test Series का पहला मुकाबला आज यानी 15 अगस्त को Galle International Stadium में खेला जा रहा है। इस मैच पर क्रिकेट फैंस की नजरें इसलिए भी टिकी हैं, क्योंकि टीम इंडिया अपने क्रिकेट इतिहास का 600वां Test Match खेलने उतरी है। भारतीय क्रिकेट के लिए यह किसी खास मौके से कम नहीं है। शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया इस ऐतिहासिक मुकाबले को जीतकर WTC 2025-27 में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेगी। दूसरी ओर श्रीलंका की टीम घरेलू मैदान का फायदा उठाकर भारत को कड़ी चुनौती देने के इरादे से उतरेगी। 600वें Test में गिल के सामने बड़ी जिम्मेदारी शुभमन गिल के लिए यह मुकाबला कप्तान के तौर पर भी अहम है। भारत को World Test Championship के अगले चक्र में लगातार अच्छे नतीजों की जरूरत है। ऐसे में 600वें टेस्ट पर जीत दर्ज करना टीम के आत्मविश्वास को और बढ़ा सकता है। भारतीय टीम की बल्लेबाजी में यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, शुभमन गिल, ऋषभ पंत और रवींद्र जडेजा जैसे खिलाड़ियों से उम्मीदें रहेंगी। खासकर गिल और पंत पर फैंस की निगाहें रहेंगी। Bumrah की गैरमौजूदगी में गेंदबाजी की परीक्षा भारत को इस मुकाबले में जसप्रीत बुमराह की कमी महसूस हो सकती है। उनकी अनुपस्थिति में तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा जैसे गेंदबाजों पर बढ़ जाएगी। गॉल की परिस्थितियों को देखते हुए टीम इंडिया तीन स्पिनरों के साथ उतर सकती है। रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव के साथ मानव सुथार को भी मौका मिलने की संभावना है। अगर पिच पर टर्न मिला तो भारतीय स्पिन अटैक श्रीलंकाई बल्लेबाजों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है। Galle Pitch पर Spin का खेल गॉल की पिच पर मुकाबला आगे बढ़ने के साथ स्पिन गेंदबाजों का प्रभाव बढ़ सकता है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम के कप्तान के सामने सही फैसला लेने की चुनौती होगी। श्रीलंका के स्पिन गेंदबाज भी भारतीय बल्लेबाजों को परेशान करने की कोशिश करेंगे। खासकर दूसरी पारी में पिच का व्यवहार मैच का रुख बदल सकता है। Rain भी बिगाड़ सकती है Game Plan मुकाबले से पहले गॉल में बारिश ने टीमों की तैयारियों को प्रभावित किया है। मैच के दौरान भी मौसम पर नजर रहेगी। अगर बारिश के कारण खेल रुकता है तो दोनों टीमों की रणनीति प्रभावित हो सकती है। ऐसे में बल्लेबाजों को शुरुआत में संभलकर खेलना होगा, जबकि गेंदबाजों को परिस्थितियों का फायदा उठाने का मौका मिल सकता है। Gill और Pant पर रहेंगी खास नजरें शुभमन गिल के पास इस मुकाबले में WTC से जुड़ी एक खास उपलब्धि हासिल करने का मौका है। वहीं ऋषभ पंत भी टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्कों के आंकड़े के बेहद करीब हैं। पंत के बल्ले से अगर कुछ बड़े शॉट निकलते हैं तो यह मुकाबला उनके लिए यादगार बन सकता है। भारत को अपने टॉप ऑर्डर से मजबूत शुरुआत की उम्मीद होगी। वहीं मिडिल ऑर्डर में पंत और जडेजा जैसी आक्रामक बल्लेबाजी मैच का रुख बदल सकती है। India vs Sri Lanka 1st Test: मैच की जरूरी जानकारी 600वें Test को यादगार बनाना चाहेगी टीम इंडिया भारत के लिए यह मुकाबला सिर्फ WTC Points हासिल करने का मौका नहीं है। 600वां Test अपने आप में भारतीय क्रिकेट के लंबे सफर की कहानी कहता है। अब टीम की कोशिश होगी कि इस ऐतिहासिक दिन को जीत के साथ यादगार बनाया जाए। हालांकि श्रीलंका अपने घर में आसान प्रतिद्वंद्वी नहीं है। Galle की परिस्थितियां, Spin और बदलता मौसम—इन तीनों के बीच जो टीम बेहतर तालमेल बिठाएगी, उसके पास मुकाबले में बढ़त बनाने का मौका रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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