IIT Delhi का दीक्षांत समारोह इस बार छात्रों के लिए सिर्फ डिग्री लेने का अवसर नहीं रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समारोह में युवाओं को भविष्य की जिम्मेदारियों का एहसास कराया और कहा कि वे संस्थान से केवल डिग्री लेकर नहीं, बल्कि बड़े सपने और उन्हें पूरा करने का हौसला लेकर बाहर निकल रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने इस दौरान मेधावी विद्यार्थियों को मेडल देकर सम्मानित किया। साथ ही उन्होंने PARAM Pragya Supercomputer का उद्घाटन भी किया। कार्यक्रम में शिक्षा, तकनीक, रिसर्च और Innovation को लेकर भारत की बढ़ती ताकत की झलक देखने को मिली।
‘डिग्री के साथ सपने भी लेकर निकलें’
छात्रों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि IIT जैसे संस्थानों में पढ़ाई करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है, लेकिन असली परीक्षा इसके बाद शुरू होती है। उन्होंने युवाओं से अपनी पढ़ाई और तकनीकी ज्ञान को देश की जरूरतों से जोड़ने की अपील की।
प्रधानमंत्री का संदेश साफ था कि युवा अपनी सफलता को केवल व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित न रखें। उनके पास नई सोच, तकनीकी समझ और समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता है। ऐसे में देश को उनसे बड़े योगदान की उम्मीद है।
मेधावी छात्रों को मिला सम्मान
दीक्षांत समारोह में शानदार प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेडल प्रदान किए। जब छात्रों को मंच पर सम्मान मिला तो उनके चेहरों पर वर्षों की मेहनत की खुशी साफ दिखाई दी।
पीएम मोदी ने विद्यार्थियों के साथ उनके माता-पिता और शिक्षकों को भी बधाई दी। उन्होंने माना कि किसी छात्र की सफलता के पीछे उसकी अपनी मेहनत के साथ परिवार और शिक्षकों का योगदान भी अहम होता है।
PARAM Pragya Supercomputer का उद्घाटन
कार्यक्रम का एक अहम हिस्सा PARAM Pragya Supercomputer का उद्घाटन भी रहा। भारत में High Performance Computing और आधुनिक तकनीक की क्षमता बढ़ाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Supercomputer जैसी तकनीक का इस्तेमाल जटिल वैज्ञानिक गणनाओं, Research, Artificial Intelligence और कई दूसरे क्षेत्रों में किया जा सकता है। इससे देश में अत्याधुनिक रिसर्च और Innovation को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
युवाओं पर भरोसा, देश के भविष्य पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में युवाओं की क्षमता पर भरोसा जताया। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट करते रहें और नई तकनीक को केवल करियर बनाने के साधन के रूप में नहीं, बल्कि समाज की समस्याओं के समाधान के तौर पर भी देखें।
उन्होंने कहा कि आज भारत तेजी से Technology और Innovation के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में IIT से निकलने वाले युवाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
IIT Delhi का समारोह क्यों रहा खास?
IIT दिल्ली का यह समारोह दो वजहों से खास रहा। एक तरफ देश के होनहार विद्यार्थियों को उनकी मेहनत के लिए सम्मान मिला, वहीं दूसरी तरफ PARAM Pragya Supercomputer के उद्घाटन ने भारत की बढ़ती Computing और Research क्षमता को सामने रखा।
प्रधानमंत्री मोदी का छात्रों के लिए संदेश भी इसी दिशा में रहा—सफलता केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं है। असली पहचान इस बात से बनेगी कि युवा अपने ज्ञान, सपनों और तकनीकी क्षमता से देश और समाज के लिए क्या करते हैं।
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