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Yogi Cabinet Expansion 2026,

Breaking News: योगी सरकार 2.0 का बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार, 8 मंत्रियों ने ली शपथ

लखनऊ में रविवार को योगी आदित्यनाथ सरकार 2.0 का दूसरा बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार हुआ। राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में कुल 8 नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इनमें 2 नेताओं को कैबिनेट मंत्री बनाया गया, जबकि 2 राज्य मंत्रियों को प्रमोशन देकर स्वतंत्र प्रभार दिया गया। इस विस्तार में भाजपा ने सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की है। पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और समाजवादी पार्टी से आए मनोज पांडे को कैबिनेट मंत्री बनाया गया। वहीं अजीत पाल सिंह और सोमेंद्र तोमर को स्वतंत्र प्रभार का दर्जा मिला। इसके अलावा कृष्णा पासवान, सुरेंद्र डिलेर, हंसराज विश्वकर्मा और कैलाश राजपूत को राज्य मंत्री के रूप में शामिल किया गया है। इस विस्तार के बाद योगी सरकार में मंत्रियों की संख्या बढ़कर 60 के करीब पहुंच गई है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने ओबीसी, दलित और पूर्वांचल-बुंदेलखंड क्षेत्रों को साधने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है। पार्टी संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर भी फोकस दिखा। समारोह में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath, राज्यपाल Anandiben Patel समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। विपक्ष ने इस विस्तार को चुनावी रणनीति बताया है।
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Bihar में बिजली-पेड़ गिरने से 9 लोगों की मौत, 6 राज्यों में आंधी-बारिश का कहर; राजस्थान-एमपी में गर्मी से बेहाल लोग

Bihar में बिजली-पेड़ गिरने से 9 लोगों की मौत, 6 राज्यों में आंधी-बारिश का कहर; राजस्थान-एमपी में गर्मी से बेहाल लोग

देश के कई राज्यों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। एक तरफ Bihar में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने से दर्दनाक हादसे हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ राजस्थान और मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। मौसम के इस दोहरे असर ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। बिहार में शुक्रवार देर रात आई तेज आंधी और बारिश के दौरान अलग-अलग जिलों में बिजली गिरने और पेड़ गिरने की घटनाओं में 9 लोगों की मौत हो गई। कई लोग घायल भी बताए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा असर ग्रामीण इलाकों में देखने को मिला, जहां खेतों में काम कर रहे किसान और खुले में मौजूद लोग अचानक मौसम खराब होने की चपेट में आ गए। वहीं उत्तर प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल समेत 6 राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से बिजली सप्लाई भी प्रभावित हुई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों तक कुछ इलाकों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। दूसरी ओर राजस्थान और मध्य प्रदेश में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। कई शहरों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिला और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। डॉक्टरों ने लोगों को तेज धूप में बाहर निकलने से बचने और ज्यादा पानी पीने की सलाह दी है। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में कुछ राज्यों में राहत की बारिश हो सकती है, लेकिन कई इलाकों में गर्मी अभी और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की जरूरत है। अधिक खबरों और अपडेट्स के लिए विजिट करें Deshharpal News Portal हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NS Raja Subramani CDS, New CDS of India, Chief of Defence Staff India, Anil Chauhan Retirement, Indian Army News, CDS Appointment 2026, Bipin Rawat CDS, Defence Ministry India

Big Breaking: लेफ्टिनेंट जनरल NS राजा सुब्रमणि होंगे भारत के नए CDS, अनिल चौहान की लेंगे जगह

भारत सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि को नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) नियुक्त किया। वे 30 मई 2026 के बाद जनरल अनिल चौहान की जगह संभालेंगे। भारत को मिला नया CDS, मोदी सरकार ने किया बड़ा ऐलान भारत सरकार ने देश के अगले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के नाम का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि (PVSM, AVSM, SM, VSM – सेवानिवृत्त) को देश का नया CDS नियुक्त किया गया है। वर्तमान CDS जनरल अनिल चौहान का कार्यकाल 30 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। इसके बाद एन.एस. राजा सुब्रमणि देश की तीनों सेनाओं के सर्वोच्च सैन्य अधिकारी की जिम्मेदारी संभालेंगे। सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, वे पदभार ग्रहण करने के साथ ही सैन्य मामलों के विभाग (Department of Military Affairs) में सचिव की भूमिका भी निभाएंगे। कौन हैं NS राजा सुब्रमणि? लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि भारतीय सेना के सबसे अनुभवी और रणनीतिक अधिकारियों में गिने जाते हैं। वे 1 सितंबर 2025 से राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) में सैन्य सलाहकार के तौर पर कार्यरत हैं। इससे पहले उन्होंने भारतीय सेना में कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं। उनका सैन्य करियर: रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि चीन और हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियों के बीच उनका अनुभव भारत के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है। क्या होता है CDS का पद? चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ यानी CDS भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के बीच तालमेल स्थापित करने वाला सर्वोच्च सैन्य पद होता है। यह पद 2020 में मोदी सरकार ने बनाया था ताकि तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय और आधुनिक युद्ध रणनीति तैयार की जा सके। CDS रक्षा मंत्रालय के सैन्य मामलों के विभाग का प्रमुख भी होता है। बिपिन रावत थे भारत के पहले CDS 1 जनवरी 2020 को यह पद अस्तित्व में आने के बाद जनरल Bipin Rawat भारत के पहले CDS बने थे। हालांकि 8 दिसंबर 2021 को तमिलनाडु में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में उनका निधन हो गया था, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था। इसके बाद जनरल अनिल चौहान को नया CDS नियुक्त किया गया था। अब जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को संभालेंगे। क्यों अहम मानी जा रही यह नियुक्ति? भारत इस समय चीन सीमा, हिंद महासागर, साइबर युद्ध और आधुनिक सैन्य तकनीक जैसी कई बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में नए CDS की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। रक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि NS राजा सुब्रमणि का अनुभव और रणनीतिक सोच आने वाले वर्षों में भारतीय सेना के आधुनिकीकरण और थिएटर कमांड सिस्टम को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।
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Tamil Nadu Government Formation 2026, Vijay TVK,

Tamil Nadu Political Drama: बहुमत के बिना फंसे विजय! सरकार गठन पर सस्पेंस, राज्यपाल ने अब तक नहीं दिया न्योता

Tamil Nadu Government Formation 2026: विजय की TVK सबसे बड़ी पार्टी बनने के बावजूद सरकार गठन पर सस्पेंस जारी। राज्यपाल ने अब तक सरकार बनाने का न्योता नहीं दिया। तमिलनाडु की राजनीति इस समय जबरदस्त सस्पेंस और सत्ता संघर्ष के दौर से गुजर रही है। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी TVK विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुमत से दूर होने के कारण सरकार गठन अब तक अधर में लटका हुआ है। राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने अभी तक विजय को सरकार बनाने का औपचारिक न्योता नहीं दिया है, जिससे राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है। विपक्ष इसे “लोकतंत्र की परीक्षा” बता रहा है, जबकि समर्थक इसे संवैधानिक प्रक्रिया कह रहे हैं। 108 सीटें जीतकर भी क्यों फंसी TVK? 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 118 है। विजय की Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) ने चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटें जीतीं, लेकिन सरकार बनाने के लिए उसे 10 और विधायकों के समर्थन की जरूरत थी। इसके बाद कांग्रेस ने सबसे पहले TVK को समर्थन देने का ऐलान किया। कांग्रेस के 5 विधायकों के साथ TVK का आंकड़ा 113 तक पहुंचा, लेकिन फिर भी बहुमत से पीछे था। राजनीतिक समीकरण तब बदले जब CPI, CPI(M), VCK और IUML जैसी पार्टियों ने भी विजय को समर्थन देने का फैसला किया। इसके बाद TVK का आंकड़ा 120 तक पहुंच गया।फिर भी राज्यपाल क्यों नहीं दे रहे न्योता? सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ था कि जब TVK बहुमत का दावा कर रही है, तो राज्यपाल सरकार गठन का निमंत्रण क्यों नहीं दे रहे? राजभवन सूत्रों के मुताबिक शुरुआत में कुछ सहयोगी दलों के समर्थन पत्र औपचारिक रूप से नहीं पहुंचे थे। इसी वजह से राज्यपाल ने विजय को तुरंत न्योता नहीं दिया। इस मुद्दे पर विपक्षी दलों और संवैधानिक विशेषज्ञों के बीच बहस छिड़ गई। कई नेताओं ने कहा कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते विजय को पहले मौका मिलना चाहिए था और बहुमत साबित करने की जिम्मेदारी विधानसभा फ्लोर टेस्ट में तय होनी चाहिए। तीसरी बार राज्यपाल से मिले विजय सरकार गठन की कोशिशों के बीच विजय लगातार सक्रिय नजर आए। उन्होंने तीन दिनों में तीसरी बार राज्यपाल से मुलाकात की और समर्थन देने वाले दलों के पत्र भी सौंपे। इसके बाद चेन्नई में TVK समर्थकों ने बड़े स्तर पर जश्न मनाया। विजय ने CPI और CPI(M) कार्यालय जाकर वाम दलों के नेताओं का समर्थन के लिए धन्यवाद भी दिया। यह पहली बार था जब उन्होंने सार्वजनिक तौर पर इन दलों के साथ इतनी नजदीकी दिखाई। DMK और INDIA गठबंधन में बढ़ी बेचैनी कांग्रेस द्वारा TVK को समर्थन दिए जाने से DMK और INDIA गठबंधन के भीतर भी असहजता बढ़ गई है। राजनीतिक जानकार इसे तमिलनाडु की राजनीति में “नई पारी” मान रहे हैं। वहीं BJP ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी दल के साथ सरकार गठन में शामिल नहीं होगी और जनता के जनादेश का सम्मान करेगी। क्या विजय बन पाएंगे मुख्यमंत्री? अब लगभग साफ माना जा रहा है कि समर्थन जुटाने के बाद विजय सरकार बनाने की स्थिति में पहुंच चुके हैं। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक जल्द ही शपथ ग्रहण की तारीख का आधिकारिक ऐलान हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो यह तमिलनाडु की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव होगा, क्योंकि दशकों बाद राज्य में DMK और AIADMK के बाहर कोई नई ताकत सत्ता तक पहुंचेगी।
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Bengal

Bengal BJP Government: नए CM के साथ दो Deputy CM! महिला चेहरे को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

Bengal में नई सरकार के गठन को लेकर सियासी माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है। भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। इसी बीच “CM+2 Formula” की चर्चा ने राजनीति को और दिलचस्प बना दिया है। खबरें हैं कि भाजपा बंगाल में एक मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम वाला मॉडल अपना सकती है, जिसमें एक महिला नेता को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। कोलकाता में होने वाली भाजपा विधायक दल की बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी बैठक में शामिल हो सकते हैं। माना जा रहा है कि इसी बैठक के बाद मुख्यमंत्री के नाम पर आधिकारिक मुहर लग जाएगी। शुभेंदु अधिकारी सबसे मजबूत दावेदार भाजपा की जीत के बाद से ही शुभेंदु अधिकारी का नाम मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे चल रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने भाजपा के सबसे बड़े चेहरे के रूप में काम किया और कई अहम सीटों पर पार्टी को बढ़त दिलाई। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बंगाल में भाजपा अपने सबसे भरोसेमंद और आक्रामक नेता के तौर पर शुभेंदु अधिकारी को आगे कर सकती है। हालांकि पार्टी की तरफ से अभी तक किसी नाम की पुष्टि नहीं की गई है। महिला Deputy CM से क्या साधना चाहती है BJP? भाजपा इस बार बंगाल में महिला वोटर्स को बड़ा संदेश देने की तैयारी में दिखाई दे रही है। यही वजह है कि महिला डिप्टी सीएम बनाए जाने की चर्चा तेज हो गई है। पार्टी रणनीतिक तौर पर ऐसा चेहरा सामने लाना चाहती है जो महिला मतदाताओं के साथ-साथ युवा वर्ग को भी आकर्षित कर सके। पिछले कुछ चुनावों में बंगाल की महिला वोटर्स ने निर्णायक भूमिका निभाई है और भाजपा इस समीकरण को अच्छी तरह समझती है। विधायक दल की बैठक पर टिकी सबकी नजर कोलकाता में होने वाली विधायक दल की बैठक के बाद तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकती है। सूत्रों के अनुसार पार्टी सिर्फ मुख्यमंत्री के नाम पर ही नहीं, बल्कि पूरे मंत्रिमंडल के संतुलन पर भी काम कर रही है। क्षेत्रीय समीकरण, जातीय संतुलन और महिला प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए भाजपा अपनी पहली बंगाल सरकार को मजबूत और संतुलित दिखाना चाहती है। 9 मई को हो सकता है शपथ ग्रहण सूत्रों की मानें तो नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को आयोजित किया जा सकता है। कार्यक्रम को भव्य बनाने की तैयारी चल रही है और इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत भाजपा के कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है। अगर सब कुछ तय योजना के मुताबिक हुआ तो बंगाल की राजनीति में यह एक बड़ा बदलाव साबित होगा। लंबे समय बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन देखने को मिलेगा और भाजपा नए नेतृत्व के साथ अपनी नई पारी शुरू करेगी। बंगाल की राजनीति में नए दौर की शुरुआत 2026 विधानसभा चुनाव के नतीजों ने बंगाल की राजनीति का पूरा समीकरण बदल दिया है। भाजपा अब सिर्फ विपक्ष की भूमिका में नहीं, बल्कि सरकार चलाने की तैयारी में है। अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि भाजपा आखिर किस चेहरे पर भरोसा जताती है और क्या वाकई बंगाल में CM+2 Formula लागू होता है या नहीं। विधायक दल की बैठक के बाद इस सस्पेंस से पर्दा उठ सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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TVK

Vijay की पार्टी TVK हुई आक्रामक, बोले- DMK और AIADMK साथ आए तो छोड़ देंगे कुर्सी

तमिलनाडु की राजनीति इन दिनों बेहद गरमाई हुई है। अभिनेता और नेता Vijay की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) ने राज्यभर में जोरदार प्रदर्शन कर राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया, जबकि पार्टी नेताओं ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि अगर Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) और All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (AIADMK) साथ आते हैं, तो TVK के सभी विधायक इस्तीफा दे देंगे। सड़कों पर उतरे TVK समर्थक चेन्नई समेत कई जिलों में TVK समर्थकों ने विरोध मार्च निकाला। कार्यकर्ताओं ने राज्य की पारंपरिक राजनीति के खिलाफ नारे लगाए और आरोप लगाया कि जनता को पर्दे के पीछे चल रही राजनीतिक डील से अंधेरे में रखा जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान कुछ जगहों पर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तनाव की स्थिति भी बनी। हालात को संभालने के लिए पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया। हालांकि बाद में कई कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया गया। ‘जनता बदलाव चाहती है’ TVK नेताओं का कहना है कि तमिलनाडु की जनता अब पुरानी राजनीतिक शैली से थक चुकी है। पार्टी का दावा है कि लोग नई सोच और साफ राजनीति चाहते हैं। पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा कि अगर DMK और AIADMK किसी तरह का गठबंधन करते हैं, तो यह सिर्फ सत्ता बचाने की कोशिश होगी। TVK ने इसे “जनादेश के खिलाफ कदम” बताया है। विजय की राजनीति ने बदला माहौल फिल्मों में अपनी मजबूत पहचान बना चुके विजय की राजनीति में एंट्री के बाद तमिलनाडु में नई चर्चा शुरू हो गई है। युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता TVK को तेजी से मजबूत कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि TVK आने वाले चुनावों में खुद को तीसरे बड़े विकल्प के तौर पर स्थापित करना चाहती है। यही वजह है कि पार्टी लगातार आक्रामक रुख अपना रही है और सीधे जनता से जुड़ने की कोशिश कर रही है। गठबंधन की खबरों पर सस्पेंस फिलहाल DMK और AIADMK की ओर से किसी औपचारिक गठबंधन की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में दोनों दलों के बीच संभावित समझौते को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इसी बीच TVK का यह प्रदर्शन साफ संकेत दे रहा है कि आने वाले दिनों में तमिलनाडु की राजनीति में और बड़ा सियासी संघर्ष देखने को मिल सकता है। चुनावी माहौल बनने से पहले ही राज्य में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो चुका है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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MP और UP में मौसम ने ली करवट, तापमान में 10 डिग्री तक गिरावट

MP और UP में मौसम ने ली करवट, तापमान में 10 डिग्री तक गिरावट

देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। MP और UP के कई जिलों में आंधी और बारिश के कारण लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। तेज हवाओं और बारिश के चलते तापमान में करीब 10 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं दूसरी ओर राजस्थान के जैसलमेर में गर्मी का कहर जारी है, जहां पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। मध्यप्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर समेत कई शहरों में बुधवार शाम मौसम बदला। तेज आंधी और हल्की बारिश के बाद लोगों ने राहत महसूस की। दिनभर की उमस और गर्म हवाओं से परेशान लोग शाम होते ही घरों से बाहर निकल आए। कई इलाकों में पेड़ गिरने और बिजली बाधित होने की भी खबरें सामने आई हैं। उत्तरप्रदेश के लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और आसपास के इलाकों में भी मौसम ने करवट ली। तेज हवाओं और बूंदाबांदी के कारण तापमान में गिरावट आई है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में कुछ और जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में कई राज्यों में मौसम का यह उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। कहीं आंधी-बारिश से राहत मिलेगी तो कहीं गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ाएगी। अधिक खबरों और अपडेट्स के लिए विजिट करें Deshharpal News हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Suvendu Adhikari के पीए की हत्या का आरोप: BJP विधायक बोले- कराहने की आवाज सुनी

Suvendu Adhikari के पीए की हत्या का आरोप: BJP विधायक बोले- कराहने की आवाज सुनी

West Bengal में नेता प्रतिपक्ष Suvendu Adhikari के निजी सहायक (पीए) की हत्या का मामला सामने आया है। इस घटना ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। भाजपा विधायक ने दावा किया है कि पीए की हत्या सुपारी किलर्स से कराई गई। विधायक के मुताबिक, घटना वाली रात पीए ने उन्हें फोन किया था। बातचीत के दौरान उन्हें कराहने और चीखने जैसी आवाजें सुनाई दीं। विधायक ने तुरंत दोबारा कॉल किया, लेकिन इस बार फोन नहीं उठा। बाद में पता चला कि पीए की हत्या कर दी गई है। भाजपा नेताओं ने इस मामले को राजनीतिक साजिश बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में हत्या की साजिश और पेशेवर अपराधियों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में गुस्सा देखा गया। कई नेताओं ने राज्य सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। इस हत्याकांड ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल की राजनीतिक हिंसा को लेकर बहस तेज कर दी है। लोगों में भी इस घटना को लेकर डर और नाराजगी का माहौल है। अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें Deshharpal News हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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West Bengal

West Bengal Big Political Update: मुख्यमंत्री बदलाव की खबरों से गरमाया माहौल

पश्चिम बंगाल (West Bengal) की राजनीति में आज बड़ा सियासी हलचल का माहौल देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया और कुछ सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah कोलकाता पहुंच चुके हैं और राज्य में नए मुख्यमंत्री को लेकर महत्वपूर्ण बैठकें हो सकती हैं। हालांकि अभी तक किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस खबर के बाद राज्य की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या वाकई बंगाल में नेतृत्व परिवर्तन की कोई बड़ी राजनीतिक तैयारी चल रही है। क्या है पूरा मामला? सूत्रों और सोशल मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार: हालांकि, इन सभी दावों पर अब तक न तो बीजेपी और न ही किसी आधिकारिक स्रोत ने कोई बयान जारी किया है। बंगाल की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पश्चिम बंगाल में वर्तमान में सरकार Mamata Banerjee के नेतृत्व में चल रही है और तृणमूल कांग्रेस (TMC) राज्य की सत्ता में है। ऐसे में किसी भी तरह के “नए मुख्यमंत्री” की चर्चा केवल राजनीतिक अटकलों और संभावित रणनीति के रूप में देखी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि: राजनीतिक हलचल क्यों बढ़ी? बंगाल की राजनीति हमेशा से ही देश की सबसे चर्चित राजनीतिक जंगों में से एक रही है। ऐसे में: अक्सर तेजी से वायरल हो जाती हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BJP

West Bengal Politics: BJP की सरकार बनी तो कौन-कौन बन सकते हैं मंत्री और मुख्यमंत्री?

पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस समय बड़ा बदलाव देखने की चर्चा तेज हो गई है। अगर भारतीय जनता पार्टी (BJP) राज्य में पहली बार सरकार बनाती है, तो उसका पहला मंत्रिमंडल पूरी तरह सोच-समझकर और संतुलित रणनीति के साथ तैयार किया जाएगा। पार्टी का फोकस अनुभव, संगठन की पकड़, क्षेत्रीय संतुलन और नए चेहरों को आगे लाने पर रहेगा। राजनीतिक गलियारों में अभी से यह सवाल उठ रहा है कि अगर बीजेपी सत्ता में आती है तो मुख्यमंत्री कौन बनेगा और किसे मंत्री पद मिलेगा। CM Face in West Bengal BJP: मुख्यमंत्री की रेस में कौन आगे? बीजेपी के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर कई बड़े नाम चर्चा में हैं: शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) पार्टी के सबसे मजबूत और लोकप्रिय चेहरों में से एक माने जा रहे हैं। ममता बनर्जी के खिलाफ सबसे बड़ा राजनीतिक चेहरा भी वही हैं। संगठन और जमीनी पकड़ उनकी सबसे बड़ी ताकत है। दिलीप घोष (Dilip Ghosh) बीजेपी संगठन को पश्चिम बंगाल में मजबूत करने वाले नेताओं में उनका नाम प्रमुख है। उनकी सख्त और स्पष्ट राजनीतिक शैली उन्हें अलग पहचान देती है। शमिक भट्टाचार्य (Samik Bhattacharya) शांत और संतुलित नेतृत्व के लिए जाने जाते हैं। पार्टी के रणनीतिक फैसलों में उनकी भूमिका अहम मानी जाती है। अग्निमित्रा पॉल (Agnimitra Paul) महिला नेतृत्व का मजबूत चेहरा, जो युवा वर्ग और शहरी मतदाताओं में लोकप्रिय हैं। संभावित BJP Cabinet West Bengal: मंत्रिमंडल कैसा हो सकता है? अगर बीजेपी सरकार बनाती है, तो मंत्रिमंडल में कुछ खास रणनीति देखने को मिलेगी: 1. अनुभवी नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी शुभेंदु अधिकारी जैसे वरिष्ठ नेताओं को गृह, परिवहन या अन्य अहम मंत्रालय मिल सकते हैं। 2. महिला नेताओं की मजबूत भागीदारी अग्निमित्रा पॉल जैसी महिला नेताओं को सामाजिक कल्याण और महिला विकास जैसे विभागों में जिम्मेदारी दी जा सकती है। 3. क्षेत्रीय संतुलन पर फोकस उत्तर बंगाल, दक्षिण बंगाल और कोलकाता से बराबर प्रतिनिधित्व देने की कोशिश होगी ताकि हर क्षेत्र की आवाज सरकार में शामिल हो। 4. युवा और नए चेहरों को मौका पहली बार जीतने वाले विधायकों को भी मंत्री बनाकर नई ऊर्जा और नई सोच को आगे लाने की रणनीति अपनाई जा सकती है। BJP Strategy in Bengal: बीजेपी की रणनीति क्या होगी? अगर बीजेपी बंगाल में सरकार बनाती है, तो उसका मंत्रिमंडल केवल सत्ता का नहीं बल्कि “प्रदर्शन आधारित सरकार” का संदेश देगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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