आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलदिवाली से पहले दिल्ली में रात को भी होगी सफाई, CM रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश◆BREAKINGछत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ में 11 डॉक्टरों के तबादले, डॉ. संजय कुमार बने रायपुर जिला अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन◆BREAKINGमध्य प्रदेशभोपाल में पहले बिक चुका प्लॉट दोबारा बेचा, 3 लाख रुपए की धोखाधड़ी का केस दर्ज◆BREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में ‘Gen Z Protest 2.0’ जारी, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़े युवा◆BREAKINGदेश-हरपलNeha Bora High Court: ‘न हमने कॉल दिया, न वहां गए’, CJP प्रदर्शन से किया किनारा◆BREAKINGस्पोर्ट्सन्यूजीलैंड क्रिकेट का बड़ा फैसला, MLC में नहीं करेगा निवेश; NZ20 लीग भी टली◆BREAKINGबिज़नेसZomato-Blinkit की पैरेंट कंपनी Eternal लाएगी Dark.ai, सीक्रेट चैट और प्राइवेसी पर होगा फोकस◆BREAKINGबिज़नेसeMudhra में तकनीकी गड़बड़ी की जांच के लिए IT मंत्रालय ने बनाई स्पेशल टीम, सरकार बोली- भारतीय वेबसाइट्स और ऐप सुरक्षित◆BREAKINGदेश-हरपलदिवाली से पहले दिल्ली में रात को भी होगी सफाई, CM रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश◆BREAKINGछत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ में 11 डॉक्टरों के तबादले, डॉ. संजय कुमार बने रायपुर जिला अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन◆BREAKINGमध्य प्रदेशभोपाल में पहले बिक चुका प्लॉट दोबारा बेचा, 3 लाख रुपए की धोखाधड़ी का केस दर्ज◆BREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में ‘Gen Z Protest 2.0’ जारी, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़े युवा◆BREAKINGदेश-हरपलNeha Bora High Court: ‘न हमने कॉल दिया, न वहां गए’, CJP प्रदर्शन से किया किनारा◆BREAKINGस्पोर्ट्सन्यूजीलैंड क्रिकेट का बड़ा फैसला, MLC में नहीं करेगा निवेश; NZ20 लीग भी टली◆BREAKINGबिज़नेसZomato-Blinkit की पैरेंट कंपनी Eternal लाएगी Dark.ai, सीक्रेट चैट और प्राइवेसी पर होगा फोकस◆BREAKINGबिज़नेसeMudhra में तकनीकी गड़बड़ी की जांच के लिए IT मंत्रालय ने बनाई स्पेशल टीम, सरकार बोली- भारतीय वेबसाइट्स और ऐप सुरक्षित◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

बस्तर: रेप केस दर्ज कराने वाली युवती ने आरोपी से जेल में रचाई शादी, कोर्ट की अनुमति से लिए सात फेरे

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां रेप केस दर्ज कराने वाली युवती ने बाद में उसी युवक से कोर्ट की अनुमति के बाद जगदलपुर केंद्रीय जेल में विवाह कर लिया। शादी वैदिक रीति-रिवाजों से जेल परिसर में कराई गई, जिसमें दोनों परिवारों के सदस्य, पुलिस अधिकारी, अधिवक्ता और जेल प्रशासन मौजूद रहे। हालांकि, विवाह के बाद भी युवक को जेल से रिहाई नहीं मिली है। वह न्यायिक हिरासत में रहेगा और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उसकी रिहाई पर फैसला होगा। प्रेम संबंध से शुरू हुई कहानी, कानूनी विवाद तक पहुंची जानकारी के अनुसार, मनमती कश्यप और सुरेश सेठिया जगदलपुर के एक पेट्रोल पंप पर साथ काम करते थे। इसी दौरान दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। दोनों विवाह करना चाहते थे, लेकिन युवक के परिजनों ने इस रिश्ते का विरोध किया। युवती का आरोप है कि सुरेश ने उससे शादी का वादा किया था, लेकिन बाद में परिवार के दबाव में शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद युवती ने परपा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर युवक को गिरफ्तार किया। SC/ST एक्ट सहित अन्य धाराएं लगने के कारण वह पिछले सात महीने से जेल में बंद है। जेल में भी मिलती रही युवती जेल में बंद रहने के दौरान मनमती कई बार सुरेश से मिलने पहुंची। दोनों ने अपने रिश्ते को आगे बढ़ाने और विवाह करने का निर्णय लिया। इसके बाद युवती ने अधिवक्ता की मदद से अदालत में आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि दोनों अपनी इच्छा से विवाह करना चाहते हैं। अदालत ने आवेदन पर सुनवाई के बाद जेल प्रशासन को नियमों के अनुसार विवाह कराने के निर्देश दिए। कोर्ट के आदेश पर जेल में सजा मंडप कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद जगदलपुर केंद्रीय जेल परिसर में विवाह की तैयारियां की गईं। जेल प्रशासन ने मंडप बनवाया और निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोनों का विवाह संपन्न कराया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दोनों ने सात फेरे लिए और एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया। विवाह समारोह में दोनों परिवारों के सदस्य, पुलिस अधिकारी, अधिवक्ता और जेल प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे। युवती बोली- समाज में सम्मान बचाने के लिए दर्ज कराई थी FIR मनमती कश्यप ने बताया कि जब सुरेश ने शादी से इनकार किया तो समाज में उनकी बदनामी हुई और इसी कारण उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। बाद में दोनों के बीच बातचीत हुई और उन्होंने आपसी सहमति से विवाह करने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि अब उनकी इच्छा है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके पति जल्द जेल से बाहर आएं। युवक ने कहा- अब दोनों ने मिलकर लिया फैसला सुरेश सेठिया ने कहा कि पारिवारिक विरोध के कारण स्थिति बिगड़ गई थी। बाद में दोनों ने बातचीत कर विवाद सुलझाया और अदालत की अनुमति से शादी कर ली। उन्होंने कहा कि अब वे कानूनी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। जेल अधीक्षक बोले- पहली बार हुआ ऐसा विवाह जगदलपुर केंद्रीय जेल के अधीक्षक एस.एल. नायर ने बताया कि जेल में विवाह का यह पहला मामला है। अदालत के आदेश और जेल नियमावली के तहत सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर विवाह कराया गया। वहीं, अधिवक्ता अवधेश झा ने बताया कि दोनों बालिग हैं और संयुक्त आवेदन के आधार पर विशेष न्यायालय ने विवाह की अनुमति दी थी। छत्तीसगढ़, बस्तर और देश की ताज़ा एवं विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

बिलासपुर के राजेश सोंथालिया बने भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के सहायक राज्य आयुक्त

बिलासपुर के वरिष्ठ स्काउटर राजेश सोंथालिया को भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ राज्य संघ का सहायक राज्य आयुक्त (Assistant State Commissioner) नियुक्त किया गया है। इस संबंध में राज्य मुख्य आयुक्त इंदरजीत सिंह खालसा ने सोमवार को नियुक्ति आदेश जारी किया। राजेश सोंथालिया की नियुक्ति राज्य के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की अनुशंसा पर की गई है। स्काउट आंदोलन में उनकी वर्षों की सक्रिय भागीदारी, संगठनात्मक क्षमता और सेवा भावना को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। निभाएंगे अहम जिम्मेदारी सहायक राज्य आयुक्त के रूप में राजेश सोंथालिया अब प्रदेशभर में स्काउट गतिविधियों के संचालन, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, संगठन के विस्तार और युवा नेतृत्व को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सामाजिक कार्यों में रहा उल्लेखनीय योगदान राजेश सोंथालिया शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कई कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि उनके नेतृत्व में प्रदेश में स्काउट आंदोलन को नई ऊर्जा और नई दिशा मिलेगी। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में रायपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन, लोकभवन के बाहर पुलिस से धक्का-मुक्की

राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं की दिल्ली में हिरासत के विरोध में मंगलवार रात छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने रायपुर के लोकभवन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक विकास उपाध्याय समेत कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गेट की ओर बढ़ने से रोक दिया, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। दरअसल, दिल्ली में नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कई नेता प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे थे। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इसी कार्रवाई के विरोध में देशभर में कांग्रेस प्रदर्शन कर रही है। भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर जताया विरोध दिल्ली में हुए प्रदर्शन में शामिल छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया कि पुलिस उन्हें और अन्य वरिष्ठ नेताओं को बस में बैठाकर एयरपोर्ट की ओर ले गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उनका एक जूता भी ले लिया। कांग्रेस की प्रमुख मांगें प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी और भजन-कीर्तन रायपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकभवन के बाहर भजन-कीर्तन किया, सरकार के खिलाफ नारे लगाए और गेट तक पहुंचने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रोक दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई। हालात को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना पूर्व महापौर एजाज ढेबर ने कहा कि कई छात्रों ने आत्महत्या की है और छात्रों पर लाठीचार्ज जैसी घटनाएं चिंताजनक हैं। कांग्रेस नेता राकेश गुप्ता ने शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग की। वहीं, सुबोध हरितवाल ने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा, कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

स्मार्ट मीटर और बढ़े बिजली बिलों के विरोध में कांग्रेस का 23 जुलाई को रायपुर में धरना, उपभोक्ताओं से शामिल होने की अपील

Raipur News: छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों के मुद्दे पर कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी 23 जुलाई को रायपुर के राजीव गांधी चौक पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करेगी। प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों से प्रभावित उपभोक्ता भी शामिल होंगे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल और असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक ने बताया कि पार्टी की मांग है कि जिन घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, उन्हें हटाया जाए और नए स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही बढ़े हुए बिजली बिलों की निष्पक्ष जांच कर उपभोक्ताओं को राहत दी जाए। कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि यह आंदोलन स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों से परेशान लोगों की आवाज उठाने के लिए किया जा रहा है। उनका दावा है कि यह प्रदर्शन सरकार को जनता की समस्याओं पर ध्यान देने के लिए मजबूर करेगा। वहीं, मोहम्मद सिद्दीक ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल पहले की तुलना में दो से तीन गुना तक बढ़ गए हैं, जिससे आम और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर से लगातार बढ़े हुए बिजली बिलों की शिकायतें मिल रही हैं। कांग्रेस ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर स्मार्ट मीटर हटाने की मांग को लेकर घर-घर अभियान चलाया जा रहा है। कार्यकर्ता लोगों से फॉर्म भरवा रहे हैं और 23 जुलाई के धरना-प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील कर रहे हैं। पार्टी का कहना है कि वह स्मार्ट मीटर और बिजली बिलों के मुद्दे पर जनता की आवाज सड़क से लेकर सदन तक उठाती रहेगी। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

रायपुर में सोनम वांगचुक के समर्थन में युवाओं का प्रदर्शन, NSUI के 5 कार्यकर्ता भूख हड़ताल पर बैठे

Raipur: छत्तीसगढ़ में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में युवाओं का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। राजधानी रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर NSUI, विभिन्न छात्र संगठनों, सामाजिक संगठनों और युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान NSUI के पांच कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। भूख हड़ताल पर बैठे कार्यकर्ताओं में हेमंत पाल, अनुज शुक्ला, इंडिया घृतलहरे, ड्रिंकल और सोनम शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों ने अपने खून से “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” लिखकर विरोध दर्ज कराया और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग की। इधर, धमतरी में सामाजिक कार्यकर्ता मितेश जैन ने गांधी मैदान में एक दिवसीय अनशन किया। वहीं बीजापुर में बस्तर संभाग के आदिवासी युवा छात्र संगठन ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर सोनम वांगचुक की मांगों पर सकारात्मक पहल करने की अपील की। छात्रों ने कहा- यह भविष्य की लड़ाई प्रदर्शन में शामिल युवाओं का कहना है कि वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन में शामिल नहीं हो सके, इसलिए रायपुर में रहकर शिक्षा सुधार और सोनम वांगचुक के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं। उनका कहना है कि यह आंदोलन केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देशभर के छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों प्रतियोगी परीक्षार्थियों का भविष्य प्रभावित किया है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था लागू करने की मांग की। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान होना चाहिए। पहले दिन भी जुटे थे सैकड़ों लोग रविवार को आंदोलन के पहले दिन भी रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर 500 से अधिक छात्र, युवा और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एकत्र हुए थे। प्रदर्शन के बाद राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया था। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

राम मंदिर ट्रस्ट पर कांग्रेस के गंभीर आरोप: चढ़ावे में अनियमितता की निष्पक्ष जांच की मांग

रायपुर। रायपुर पश्चिम के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित चढ़ावे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार, भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था के प्रतीक हैं और उनके नाम पर एकत्र किए गए चंदे में यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो इसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए। गुरुवार को छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में विकास उपाध्याय ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने विश्वास और श्रद्धा के साथ दान दिया था। ऐसे में चंदे के उपयोग को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब मिलना जरूरी है। आस्था और विश्वास का विषय बताया विकास उपाध्याय ने कहा कि यह केवल आर्थिक अनियमितता का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि यदि चंदे या चढ़ावे में किसी तरह की वित्तीय गड़बड़ी हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। इस्तीफों पर भी उठाए सवाल कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कुछ पदाधिकारियों के इस्तीफों और मीडिया में सामने आई खबरों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। उन्होंने सवाल किया कि यदि ट्रस्ट का संचालन पूरी तरह पारदर्शी है तो स्वतंत्र जांच कराने में संकोच क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे और किसी भी तरह के संदेह का समाधान हो सके। नोट: यह आरोप कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय द्वारा प्रेस वार्ता में लगाए गए हैं। संबंधित ट्रस्ट, भाजपा, आरएसएस या केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया खबर लिखे जाने तक सामने नहीं आई है। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में नाबालिग की गर्भसमापन याचिका, मेडिकल बोर्ड गठित करने के निर्देश

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की गर्भसमापन (अबॉर्शन) की अनुमति से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए मामले को गंभीरता से लिया है। अदालत ने रायपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को विशेषज्ञ चिकित्सकों का मेडिकल बोर्ड गठित कर पीड़िता का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट 20 जुलाई 2026 तक हाईकोर्ट में पेश करने को कहा है। शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, नाबालिग हुई गर्भवती मामला रायपुर जिले का है, जहां एक युवक पर आरोप है कि उसने नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस घटना के बाद पीड़िता गर्भवती हो गई। शिकायत मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हालांकि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी पीड़िता की गर्भावस्था से जुड़ी समस्या बनी रही। इसके चलते नाबालिग ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गर्भसमापन की अनुमति मांगी। याचिका में सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व फैसलों का भी हवाला दिया गया है। हाईकोर्ट ने मेडिकल बोर्ड गठित करने के दिए निर्देश सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि किसी भी आदेश से पहले पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण आवश्यक है। इस पर हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि रायपुर के CMHO विशेषज्ञ चिकित्सकों का मेडिकल बोर्ड गठित करें, जिसमें स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट) भी शामिल हों। मेडिकल बोर्ड यह जांच करेगा कि गर्भसमापन सुरक्षित रूप से किया जा सकता है या नहीं और इससे पीड़िता के जीवन या स्वास्थ्य पर कोई गंभीर खतरा तो नहीं होगा। पीड़िता की गोपनीयता और सुरक्षा का विशेष ध्यान अदालत ने निर्देश दिया कि स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान परिवार की सहमति से एक वयस्क महिला सदस्य की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। साथ ही पीड़िता की पहचान, गोपनीयता और सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए, ताकि उसे किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। 20 जुलाई तक सौंपनी होगी मेडिकल रिपोर्ट हाईकोर्ट ने CMHO को निर्देश दिया है कि मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट 20 जुलाई 2026 तक अदालत में प्रस्तुत की जाए। रिपोर्ट में गर्भसमापन की चिकित्सकीय संभावना, उससे जुड़े जोखिम और संभावित स्वास्थ्य प्रभावों का स्पष्ट उल्लेख किया जाएगा। मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद ही हाईकोर्ट इस मामले में आगे की सुनवाई कर अंतिम निर्णय लेगा। (पीड़िता की पहचान कानून के अनुसार गोपनीय रखी गई है।) छत्तीसगढ़, न्यायालय और प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए पढ़ते रहें DeshHarPal। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
Read more

अमरकंटक एक्सप्रेस के स्लीपर यात्रियों को बड़ी राहत, अब किराए पर मिलेगा बेडरोल

दुर्ग। दुर्ग-भोपाल-दुर्ग अमरकंटक एक्सप्रेस में सफर करने वाले स्लीपर क्लास यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें भी यात्रा के दौरान किराए पर बेडरोल (चादर और तकिया) की सुविधा मिलेगी। रेलवे ने इस सेवा के संचालन के लिए एक निजी कंपनी को ठेका दिया है, जिसका अनुबंध वर्ष 2031 तक रहेगा। अब स्लीपर क्लास में भी मिलेगी बेडरोल सुविधा अब स्लीपर क्लास के यात्री अपनी जरूरत के अनुसार बेडरोल किराए पर ले सकेंगे। इसके लिए रेलवे ने अलग-अलग शुल्क निर्धारित किए हैं। इन ट्रेनों में मिलेगी सुविधा यह सुविधा फिलहाल ट्रेन नंबर 12853 (दुर्ग-भोपाल अमरकंटक एक्सप्रेस) और ट्रेन नंबर 12854 (भोपाल-दुर्ग अमरकंटक एक्सप्रेस) में उपलब्ध रहेगी। अब तक यह सुविधा केवल एसी कोच के यात्रियों को ही मिलती थी, लेकिन अब स्लीपर क्लास के यात्रियों को भी लंबी दूरी की यात्रा के दौरान अधिक आरामदायक सफर का लाभ मिलेगा। रेलवे का कहना है कि इस नई व्यवस्था से यात्रियों को अपनी चादर और तकिया साथ ले जाने की आवश्यकता कम होगी, जिससे उनकी यात्रा पहले से अधिक सुविधाजनक और आरामदायक बनेगी। रेलवे, ट्रेनों और यात्रियों से जुड़ी ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहें DeshHarPal। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
Read more

छत्तीसगढ़ विधानसभा में महतारी वंदन योजना पर हंगामा, कांग्रेस का वॉकआउट; साय सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवें और अंतिम दिन सदन में महतारी वंदन योजना, राशन व्यवस्था और अविश्वास प्रस्ताव को लेकर जोरदार राजनीतिक घमासान देखने को मिला। कांग्रेस ने महतारी वंदन योजना से बड़ी संख्या में महिलाओं के नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा और जवाब से असंतुष्ट होकर सदन से वॉकआउट कर दिया। महतारी वंदन योजना से 1.55 लाख महिलाओं के नाम हटने पर विवाद प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि महतारी वंदन योजना के लाभार्थियों की संख्या 70.09 लाख से घटकर 68.54 लाख रह गई है। इस पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि करीब 1.55 लाख महिलाओं के नाम मृत्यु, ई-केवाईसी नहीं कराने, आयकरदाता बनने या अन्य पात्रता संबंधी कारणों से सूची से हटाए गए हैं। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन में नारेबाजी की और बाद में वॉकआउट कर दिया। राशन वितरण व्यवस्था पर भी उठे सवाल प्रश्नकाल में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लेकर भी विपक्ष और सत्ता पक्ष के सदस्यों ने सवाल उठाए। इस पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि यदि शिकायत और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाते हैं तो पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सामूहिक विवाह में नकली मंगलसूत्र का मुद्दा भी गूंजा कांग्रेस विधायक और पूर्व महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया ने सामूहिक विवाह कार्यक्रम में कथित तौर पर नकली मंगलसूत्र दिए जाने का मामला उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि संबंधित एजेंसी के खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। जवाब में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बालोद जिले से इस संबंध में कोई आधिकारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, इसलिए कार्रवाई का प्रश्न नहीं उठता। साय सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार के खिलाफ 136 बिंदुओं का आरोप-पत्र पेश करते हुए विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव रखा। अब इस प्रस्ताव पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विस्तृत चर्चा होगी। कांग्रेस सरकार को कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, बुलडोजर कार्रवाई और अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है। वहीं भाजपा अपनी योजनाओं और विकास कार्यों का पक्ष रखेगी। विधानसभा में किसके पास कितना संख्या बल? वर्तमान विधानसभा में भाजपा के 54 विधायक, कांग्रेस के 35 विधायक और 1 विधायक गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से हैं। ऐसे में संख्या बल भाजपा के पक्ष में होने के कारण अविश्वास प्रस्ताव के पारित होने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। अब तक कोई अविश्वास प्रस्ताव सफल नहीं हुआ छत्तीसगढ़ विधानसभा के इतिहास में अब तक 9 अविश्वास प्रस्ताव लाए जा चुके हैं, लेकिन कोई भी प्रस्ताव सरकार के खिलाफ पारित नहीं हो सका। इन सभी मामलों में सरकारें बहुमत साबित करने में सफल रहीं। वर्ष 2015 में डॉ. रमन सिंह सरकार के खिलाफ हुई 24 घंटे 25 मिनट की चर्चा विधानसभा के इतिहास की सबसे लंबी बहस मानी जाती है। इस बार विष्णुदेव साय सरकार के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव राज्य गठन के बाद 10वां अविश्वास प्रस्ताव है। छत्तीसगढ़ की राजनीति, विधानसभा की कार्यवाही और अन्य महत्वपूर्ण खबरों के लिए पढ़ते रहें — DeshHarPal. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
Read more

रायपुर में भक्ति और उल्लास के साथ निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

रायपुर। राजधानी रायपुर गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की भक्ति में पूरी तरह सराबोर नजर आई। गायत्री नगर स्थित ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर से भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की भव्य रथयात्रा श्रद्धा, आस्था और सनातन परंपराओं के बीच निकाली गई। “जय जगन्नाथ” के जयघोष, शंखध्वनि, वैदिक मंत्रोच्चार, हरिनाम संकीर्तन और भजन-कीर्तन से पूरा शहर भक्तिमय वातावरण में डूब गया। हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने निभाई ‘छेरा पहरा’ की परंपरा रथयात्रा के शुभारंभ अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका अपनी धर्मपत्नी के साथ तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मौजूद रहे। दोनों ने भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद उन्होंने सनातन परंपरा के अनुसार स्वर्ण झाड़ू से रथ मार्ग की प्रतीकात्मक सफाई कर ‘छेरा पहरा’ की ऐतिहासिक परंपरा निभाई। यह परंपरा सेवा, समानता और विनम्रता का प्रतीक मानी जाती है। सनातन संस्कृति और सामाजिक समरसता का महापर्व जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष एवं रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता, सेवा और जनभागीदारी का महापर्व है। उन्होंने कहा कि यह परंपरा समाज को जोड़ने और नई पीढ़ी को भारतीय सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है। मंदिर से मौसी मंदिर तक निकली रथयात्रा रथयात्रा गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर से शुरू होकर खम्हारडीह थाना, बीटीआई ग्राउंड होते हुए मौसी मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं, सामाजिक संगठनों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों ने पुष्पवर्षा, आरती और भजन-कीर्तन के साथ भगवान का स्वागत किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां रथयात्रा के दौरान महिला मंडलों के भजन-कीर्तन, आकर्षक झांकियां, ओडिशा और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, झूमर, करमा और सुवा नृत्य श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहे। सजे-धजे रथों और भक्तों की अपार आस्था ने राजधानी रायपुर में पुरी धाम जैसा आध्यात्मिक माहौल बना दिया। श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम यात्रा मार्ग पर पेयजल, चिकित्सा सहायता, विश्राम स्थल और महाप्रसाद वितरण के लिए कई सेवा शिविर लगाए गए। नगर निगम, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और स्वयंसेवकों ने समन्वय के साथ व्यवस्थाएं संभालीं, जिससे रथयात्रा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई। मौसी मंदिर में महाआरती और महाप्रसाद रथयात्रा के अंतिम पड़ाव पर भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के विग्रह मौसी मंदिर पहुंचे। यहां वैदिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना, महाआरती और महाप्रसाद वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने विश्व शांति, राष्ट्र की समृद्धि और मानव कल्याण की कामना करते हुए भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more
1 … 7 8 9 10 11 … 23

Trending News

Editor's Picks

दिवाली से पहले दिल्ली में रात को भी होगी सफाई, CM रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

दीपावली और अन्य त्योहारों को देखते हुए दिल्ली के रिहायशी इलाकों और प्रमुख बाजारों में अब रात के समय भी सफाई कराई जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक कर राजधानी की सफाई व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सफाई में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी कूड़े के ढेर लगे हैं, उन्हें तत्काल हटाया जाए और नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों से सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए तेजी से काम करने को कहा। कूड़ा नहीं उठने की शिकायतों पर CM नाराज मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के कई इलाकों से समय पर कूड़ा नहीं उठने और जगह-जगह गंदगी की शिकायतें मिल रही हैं। कुछ जोन में सफाई व्यवस्था को लेकर लापरवाही भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि सफाई के प्रयासों के बावजूद जमीन पर अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही, सफाई व्यवस्था में किए जा रहे सुधार सड़कों और बाजारों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने चाहिए। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कर्मचारी होंगे तैनात मुख्यमंत्री ने मेयर प्रवेश वाही और नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार को पूरी दिल्ली में सफाई अभियान तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में सफाई कर्मचारियों की कमी है, वहां अतिरिक्त स्टाफ लगाया जाए। जरूरत पड़ने पर रात में सफाई के लिए नए कर्मचारियों की नियुक्ति भी की जाए। रात में सफाई से दिन में नहीं होगी परेशानी मुख्यमंत्री के मुताबिक, बाजारों और रिहायशी कॉलोनियों में रात के समय सफाई कराने से दिन में लोगों की आवाजाही प्रभावित नहीं होगी। इससे त्योहारों के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाकों में स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिलेगी। बैठक में शहरी विकास मंत्री आशीष सूद, मेयर प्रवेश वाही, मुख्य सचिव राजीव वर्मा, नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे

छत्तीसगढ़ में 11 डॉक्टरों के तबादले, डॉ. संजय कुमार बने रायपुर जिला अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन

छत्तीसगढ़ सरकार के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने 11 डॉक्टरों का तबादला किया है। प्रशासनिक आधार पर चिकित्सा अधिकारियों और विशेषज्ञों की नई पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जगह पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्रालय महानदी भवन से अवर सचिव दिव्या वैष्णव की ओर से जारी आदेश के तहत यह फेरबदल किया गया है। डॉ. संजय कुमार को मिली रायपुर जिला अस्पताल की जिम्मेदारी तबादला आदेश के अनुसार, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. संजय कुमार को जिला चिकित्सालय रायपुर (पंडरी) में प्रभारी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं, जिला चिकित्सालय रायपुर में अब तक प्रभारी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक की जिम्मेदारी संभाल रहे डॉ. भेनुज कुमार सिन्हा को स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय में प्रभारी उप संचालक के पद पर पदस्थ किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए प्रशासनिक फेरबदल विभाग के अनुसार, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह प्रशासनिक बदलाव किया गया है। इसके तहत दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के साथ शहरी अस्पतालों में भी स्वास्थ्य सुविधाओं को सुचारु बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। तबादला आदेश में सभी संबंधित डॉक्टरों को बिना देरी किए अपने नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

भोपाल में पहले बिक चुका प्लॉट दोबारा बेचा, 3 लाख रुपए की धोखाधड़ी का केस दर्ज

भोपाल के नीलबड़ स्थित गोरा गांव में प्लॉट बेचने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कमलेश राजपूत ने पहले ही बिक चुके 800 वर्गफीट के प्लॉट का दोबारा सौदा कर धर्मेंद्र कुमार शर्मा से 3 लाख रुपए एडवांस ले लिए। रजिस्ट्री कराने की तय तारीख पर आरोपी रजिस्ट्रार ऑफिस नहीं पहुंचा, जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। शिकायत के आधार पर टीटी नगर पुलिस ने आरोपी कमलेश राजपूत के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ऑनलाइन रिकॉर्ड में नाम देखकर किया सौदा पुलिस के अनुसार, आरोपी ने प्लॉट के ऑनलाइन रिकॉर्ड में अपना नाम दिखाकर धर्मेंद्र कुमार शर्मा से सौदा किया था। 800 वर्गफीट के प्लॉट की कीमत 3.30 लाख रुपए तय हुई थी। इसके बाद धर्मेंद्र ने किस्तों में आरोपी को 3 लाख रुपए एडवांस दे दिए। हालांकि, जांच में सामने आया कि आरोपी करीब दो महीने पहले ही यह प्लॉट शुभम यादव को बेच चुका था। शुभम के नाम पर प्लॉट की रजिस्ट्री भी हो चुकी थी, लेकिन राजस्व रिकॉर्ड में नामांतरण नहीं हुआ था। रजिस्ट्री कराने नहीं पहुंचा आरोपी पुलिस के मुताबिक, रिकॉर्ड में नामांतरण नहीं होने का फायदा उठाकर आरोपी ने कथित तौर पर प्लॉट का दोबारा सौदा कर रकम ले ली। जब रजिस्ट्री कराने की तय तारीख पर आरोपी रजिस्ट्रार ऑफिस नहीं पहुंचा, तो धर्मेंद्र को संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। टीटी नगर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि आरोपी ने किस तरह प्लॉट का दोबारा सौदा किया और रकम लेने के पीछे क्या परिस्थितियां थीं।

इंदौर में ‘Gen Z Protest 2.0’ जारी, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़े युवा

इंदौर में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर युवाओं का आंदोलन जारी है। 5 अक्टूबर से प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने अपने आंदोलन को ‘Gen Z Protest 2.0’ नाम दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई के बावजूद वे अपनी मांग को लेकर पीछे नहीं हटेंगे। 19 अक्टूबर को भंवरकुआं चौराहे पर प्रदर्शन के दौरान कुछ युवाओं ने पेट्रोल डालकर आत्मदाह की कोशिश की थी। हालांकि, पुलिस ने उन्हें समय रहते हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इसके बाद उन्हें करीब 24 घंटे तक नजरबंद रखा गया। रिहा होने के बाद युवाओं ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। प्रदर्शन से पहले सोशल मीडिया के जरिए युवाओं से जुटने की अपील की गई थी। आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के हाथों में संविधान और महात्मा गांधी की तस्वीरें थीं। इसके अलावा, उन्होंने अलग-अलग संदेश लिखी तख्तियों के जरिए अपनी मांगें भी रखीं। 50-60 पुलिसकर्मियों ने हटाया, प्रदर्शनकारी का दावा प्रदर्शनकारी योगित गुप्ता के मुताबिक, 19 अक्टूबर को वह अपने 10 साथियों के साथ भंवरकुआं चौराहे पर पहुंचे थे। उनके पास पेट्रोल से भरी बोतलें थीं और वे आत्मदाह करने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान करीब 50 से 60 पुलिसकर्मियों ने उन्हें बलपूर्वक वहां से हटा दिया। योगित ने दावा किया कि पुलिस ने उन्हें आत्मदाह करने से रोकने के बाद करीब 24 घंटे तक नजरबंद रखा। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई के बावजूद उनका आंदोलन खत्म नहीं हुआ है और वे अपनी मांग को लेकर आगे भी प्रदर्शन जारी रखेंगे।
Neha Bora

Neha Bora High Court: ‘न हमने कॉल दिया, न वहां गए’, CJP प्रदर्शन से किया किनारा

दिल्ली में CJP प्रदर्शन को लेकर विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। 22 अक्टूबर को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान नेहा बोरा (Neha Bora) ने साफ कहा कि उन्होंने कनॉट प्लेस में हुए प्रदर्शन के लिए न तो कोई कॉल दिया और न ही वह वहां गई थीं। उनके इस बयान के बाद CJP प्रदर्शन और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। Neha Bora की ओर से अदालत में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए। उनका कहना है कि जिस प्रदर्शन से उन्हें जोड़कर कार्रवाई की गई, उसमें उनकी भूमिका को लेकर लगाए गए आरोप सही नहीं हैं। अब इस मामले में सबकी नजर हाईकोर्ट की सुनवाई और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर है। Delhi High Court में नेहा बोरा ने क्या कहा? दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान नेहा बोरा की ओर से दलील दी गई कि उन्होंने 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में होने वाले प्रदर्शन का आह्वान नहीं किया था। उन्होंने यह भी कहा कि वह वहां मौजूद नहीं थीं। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायण ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। बचाव पक्ष के मुताबिक, नेहा को हिरासत में लेने की प्रक्रिया और उसके बाद जारी किए गए नोटिस के लिए पर्याप्त आधार नहीं बताया गया। नेहा बोरा ने अदालत में पुलिस की ओर से जारी उस नोटिस को भी चुनौती दी है, जिसमें शांति बनाए रखने के लिए 10 हजार रुपये का निजी मुचलका और एक जमानतदार देने की शर्त रखी गई थी। क्या है Neha Bora और CJP प्रदर्शन का पूरा मामला? यह पूरा विवाद 16 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से जुड़ा है। इस मार्च के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विरोध दर्ज कराने की योजना थी। नेहा बोरा को 16 अक्टूबर को दिल्ली के मंडी हाउस इलाके में हिरासत में लिया गया था। इसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। बाद में उन्हें शांति बनाए रखने के लिए मुचलका देने से संबंधित नोटिस जारी किया गया। नेहा की ओर से अदालत में कहा गया कि मंडी हाउस में प्रस्तावित सभा और कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में होने वाले प्रदर्शन को एक ही मामला मानकर कार्रवाई करना उचित नहीं है। उन्होंने पुलिस के कदम को चुनौती देते हुए नोटिस की वैधता पर सवाल उठाए हैं। CJP Leaders Update: सौरव दास और आशुतोष रांका को भी मिली राहत CJP प्रदर्शन से जुड़े मामले में सौरव दास और आशुतोष रांका का नाम भी चर्चा में है। दोनों नेताओं को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़े मामले में हिरासत में लिया गया था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, सात दिन की न्यायिक हिरासत के बाद 21 अक्टूबर को दोनों की रिहाई का आदेश दिया गया। इसके लिए उन्हें निजी और जमानती मुचलके भरने तथा निर्धारित शर्तों का पालन करने को कहा गया। दोनों नेताओं की हिरासत और नेहा बोरा की याचिका ने दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन की अनुमति, पुलिस की कार्रवाई और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार को लेकर बहस तेज कर दी है। SIR Controversy: क्यों हो रहा है विरोध? मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों और कुछ संगठनों ने सवाल उठाए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम प्रभावित होने की आशंका है। वहीं, चुनाव आयोग की प्रक्रिया और उससे जुड़े विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी जारी है। CJP से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया है। इसी बीच जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति, पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों से मुचलका भरवाने जैसे मुद्दे अदालत तक पहुंच गए हैं। अब आगे क्या होगा? दिल्ली हाईकोर्ट में नेहा बोरा की ओर से पुलिस के नोटिस और हिरासत की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं। अब इस मामले में अदालत की आगे की कार्यवाही अहम होगी। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह दावा नहीं किया जा सकता कि हाईकोर्ट ने नेहा बोरा को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया है या पुलिस का नोटिस रद्द कर दिया है। मामले में अंतिम आदेश की पुष्टि होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.