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Monsoon

Monsoon Update अरब सागर में अटका मानसून, MP में 5 दिन बाद बारिश के संकेत

देश के कई राज्यों में लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन इस बार मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून (Monsoon) फिलहाल अरब सागर और तेलंगाना क्षेत्र में अटका हुआ है। तेलंगाना में पिछले 6 दिनों से मानसून आगे नहीं बढ़ पाया, जिसका असर अब मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में भी दिखाई देने लगा है। तेज गर्मी और उमस के बीच लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं, वहीं किसान भी खेतों की तैयारी के बाद आसमान की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। आखिर क्यों रुक गया मानसून? मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अरब सागर में बने मौसम सिस्टम और कमजोर हवा के दबाव के कारण मानसून की गति धीमी हो गई है। आमतौर पर जून के दूसरे सप्ताह तक मानसून मध्य भारत के बड़े हिस्से में पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी चाल काफी सुस्त बनी हुई है। तेलंगाना में मानसून पिछले 6 दिनों से लगभग स्थिर है। यही वजह है कि मध्य भारत के राज्यों में बारिश की गतिविधियां उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ पा रही हैं। MP में कब पहुंचेगा मानसून? मौसम विभाग के मुताबिक मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री अगले करीब 5 दिनों में हो सकती है। शुरुआत में बालाघाट, छिंदवाड़ा, मंडला और जबलपुर जैसे जिलों में हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। इसके बाद धीरे-धीरे मानसून पूरे प्रदेश में सक्रिय होगा। भोपाल और इंदौर समेत कई शहरों में फिलहाल बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं, लेकिन भारी बारिश के लिए अभी थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। किसानों की बढ़ी चिंता मानसून में देरी का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है। खरीफ फसलों की बुवाई का समय शुरू हो चुका है, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसान अभी इंतजार कर रहे हैं। सोयाबीन, धान और मक्का जैसी फसलों की खेती करने वाले किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। ग्रामीण इलाकों में कई किसान खेत तैयार करके बैठे हैं, लेकिन बारिश नहीं होने से बुवाई शुरू नहीं हो पा रही। अगर अगले सप्ताह तक मानसून सक्रिय हो जाता है तो स्थिति सामान्य हो सकती है। गर्मी और उमस से लोग बेहाल मानसून की देरी का असर आम लोगों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। दिन में तेज गर्मी और शाम को उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। कई शहरों में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है, जिससे बिजली की मांग भी लगातार बढ़ रही है। अगले सप्ताह बदल सकता है मौसम मौसम विभाग का अनुमान है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में नए सिस्टम बनने के बाद मानसून को फिर से गति मिल सकती है। इसके बाद मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। फिलहाल लोगों और किसानों दोनों की नजरें आने वाले कुछ दिनों के मौसम पर टिकी हुई हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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धर्मेंद्र प्रधान

“खेल और पढ़ाई साथ-साथ चलेंगे” — Bhopal में धर्मेंद्र प्रधान ने खिलाड़ियों को दिया बड़ा संदेश

भोपाल में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खिलाड़ियों के साथ संवाद करते हुए देश की नई शिक्षा और खेल नीति को लेकर बड़ा संदेश दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर धर्मेंद्र प्रधान मध्यप्रदेश पहुंचे, जहां उन्होंने खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के साथ शूटिंग एकेडमी का दौरा किया। खिलाड़ियों से सीधा संवाद, स्किल और स्पोर्ट्स पर जोर इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात की और कहा कि भारत अब शिक्षा के साथ-साथ स्किल और स्पोर्ट्स सेक्टर में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के जरिए पहली बार खेल और पढ़ाई को एक साथ जोड़ने पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। पढ़ाई और खेल साथ-साथ चलेंगे धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि अब ऐसा सिस्टम तैयार किया जा रहा है, जिससे खिलाड़ी अपनी पढ़ाई और खेल दोनों को संतुलित तरीके से आगे बढ़ा सकें। इसके लिए अलग से कोर्स वर्क तैयार किया जा रहा है, ताकि छात्रों को खेल गतिविधियों का भी अकादमिक लाभ मिल सके। APAAR ID और Credit Score सिस्टम पर काम उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों की APAAR ID के माध्यम से उनकी पढ़ाई और खेल उपलब्धियों को एक प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जाएगा। साथ ही इंटर स्पोर्ट्स एक्टिविटी को क्रेडिट स्कोर सिस्टम से जोड़ने की तैयारी भी की जा रही है। इससे खिलाड़ियों को भविष्य में शिक्षा और करियर दोनों में फायदा मिलेगा। IIT में Sports Quota से युवाओं को मिलेगा फायदा केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार IIT जैसे बड़े संस्थानों में स्पोर्ट्स कोटा लागू किया गया है। यह कदम उन युवाओं के लिए नई उम्मीद लेकर आया है, जो खेल के साथ-साथ उच्च शिक्षा में भी आगे बढ़ना चाहते हैं। 2036 Olympics और Developed India Vision 2047 पर फोकस उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले 20 वर्षों में भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। भारत का फोकस अब 2036 ओलंपिक की तैयारियों पर भी है और देश खेलों में विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाने की दिशा में काम कर रहा है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जब भारत आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब प्रधानमंत्री मोदी का विकसित भारत का सपना साकार होगा और देश दुनिया की महाशक्ति के रूप में उभरेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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भोपाल में ATS की बड़ी कार्रवाई, संदिग्ध गतिविधियों के आरोप में युवक हिरासत में; UAPA के तहत केस दर्ज

भोपाल। राजधानी भोपाल में एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने देश विरोधी गतिविधियों से जुड़े होने के संदेह में एक युवक को हिरासत में लिया है। युवक की पहचान मोहम्मद फराज के रूप में हुई है। ATS ने उसे शुक्रवार सुबह काजी कैंप इलाके में नन्हें बी की मस्जिद के पास से पकड़ा। फिलहाल उससे गहन पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, मोहम्मद फराज एक डॉक्टर के क्लीनिक में काम करता था। जांच एजेंसियों को उसकी गतिविधियों से जुड़े कुछ इनपुट मिले थे, जिसके बाद उस पर निगरानी रखी जा रही थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह कथित तौर पर विशेष ट्रेनिंग के लिए अफगानिस्तान जाने की तैयारी कर रहा था। मोबाइल से मिले संदिग्ध दस्तावेज ATS का दावा है कि आरोपी के मोबाइल फोन से पाकिस्तान से भेजे गए कथित जिहादी दस्तावेजों की पीडीएफ फाइलें बरामद हुई हैं। इसके अलावा जांच में यह भी सामने आया है कि वह कुछ डार्क एप्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए संदिग्ध समूहों के संपर्क में था। मार्शल आर्ट ट्रेनिंग और विदेशी संपर्कों की जांच जांच एजेंसियों के मुताबिक युवक मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग भी ले रहा था। ATS अब उसके विदेशी संपर्कों, डिजिटल गतिविधियों और सोशल मीडिया नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। जांच के दौरान उत्तर प्रदेश के देवबंद से जुड़े कुछ संपर्कों की जानकारी भी सामने आई है, जिनकी भूमिका की पड़ताल की जा रही है। UAPA और राष्ट्रद्रोह की धाराओं में केस मामले में आरोपी के खिलाफ यूएपीए (UAPA) और राष्ट्रद्रोह से संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। अदालत ने उसे 16 जून तक रिमांड पर भेजा है। इस दौरान जांच एजेंसियां उसके नेटवर्क, संपर्कों और कथित गतिविधियों के बारे में विस्तृत पूछताछ करेंगी। सोशल मीडिया और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे सूत्रों के अनुसार, आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। एजेंसियां उसके चैट, ऑनलाइन गतिविधियों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को खंगाल रही हैं। हालांकि, जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और सभी तथ्यों की पुष्टि की जा रही है। गोपनीय तरीके से हुई कार्रवाई बताया जा रहा है कि ATS ने पूरी कार्रवाई बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दी। स्थानीय पुलिस को भी कार्रवाई की जानकारी बाद में दी गई। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। नोट: जांच अभी जारी है। एजेंसियों द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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कार जब्त होने से नाराज युवक ने फाइनेंस कंपनी ऑफिस में लगाई आग, बचाने गए ब्रांच मैनेजर भी झुलसे

सागर। मध्यप्रदेश के सागर जिले में मकरोनिया स्थित महिंद्रा फाइनेंस कंपनी के कार्यालय में शुक्रवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। कार जब्त किए जाने से नाराज एक युवक ने ऑफिस के भीतर खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। आग बुझाने की कोशिश में कंपनी का ब्रांच मैनेजर भी झुलस गया। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है। बकाया किस्तों के चलते जब्त हुई थी कार पुलिस के अनुसार, जैसीनगर निवासी नीलेश कुमार जैन ने महिंद्रा फाइनेंस से कार फाइनेंस कराई थी। वाहन की दो किस्तें बकाया होने के कारण कंपनी ने दमोह से कार जब्त कर ली थी। शुक्रवार को नीलेश अपनी कार वापस लेने के लिए फाइनेंस कंपनी के कार्यालय पहुंचे थे। कर्मचारियों से बहस के बाद उठाया खौफनाक कदम कार वापस लेने को लेकर कार्यालय में कंपनी कर्मचारियों और युवक के बीच बहस हो गई। विवाद बढ़ने पर नीलेश ने कथित तौर पर अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया और आग लगा ली। घटना के बाद ऑफिस में अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों और अधिकारियों ने आग बुझाने का प्रयास किया। आग बुझाने में ब्रांच मैनेजर भी झुलसे युवक को बचाने की कोशिश के दौरान कंपनी के ब्रांच मैनेजर भी झुलस गए। गंभीर रूप से घायल नीलेश को पहले बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन हालत नाजुक होने पर उन्हें एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। मैनेजर का भी उपचार जारी है। परिजनों ने कंपनी पर लगाया दबाव बनाने का आरोप घायल युवक के रिश्तेदार नीरज कुमार जैन ने आरोप लगाया कि कार की केवल दो किस्तें बाकी थीं, इसके बावजूद कंपनी ने वाहन जब्त कर लिया। उनका कहना है कि पिछले 10 दिनों से कंपनी की ओर से लगातार दबाव बनाया जा रहा था और घर पर भी लोग भेजे जा रहे थे। बकाया राशि जमा करने का दावा परिजनों का दावा है कि गुरुवार को बकाया राशि जमा करा दी गई थी। इसके बाद शुक्रवार को नीलेश कार वापस लेने के लिए कंपनी कार्यालय पहुंचे थे, जहां विवाद के बाद यह घटना हुई। पुलिस कर रही मामले की जांच एडिशनल एसपी लोकेश सिंहा ने बताया कि फाइनेंस कंपनी के कार्यालय में एक व्यक्ति द्वारा ज्वलनशील पदार्थ डालकर खुद को आग लगाने का मामला सामने आया है। शुरुआती जांच में वाहन फाइनेंस को लेकर विवाद की बात सामने आई है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें —www.deshharpal.com
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सीहोर में पेट्रोल भरवाते समय बाइक में लगी आग, कुछ ही मिनटों में जलकर राख; टला बड़ा हादसा

सीहोर। जिले के लाड़कुई स्थित एक पेट्रोल पंप पर शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पेट्रोल भरवाते समय एक बाइक में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया और वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गया। राहत की बात यह रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और बड़ा हादसा टल गया। पेट्रोल भरवाते समय निकली चिंगारी प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक युवक अपनी बाइक में पेट्रोल भरवा रहा था। इसी दौरान अचानक बाइक से चिंगारी निकली और आग भड़क गई। कुछ ही सेकंड में लपटें पूरी बाइक में फैल गईं, जिससे पेट्रोल पंप पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। लोगों ने भागकर बचाई जान आग लगते ही पेट्रोल पंप पर मौजूद ग्राहक और कर्मचारी अपनी-अपनी गाड़ियां छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। हालांकि आग समय रहते नियंत्रित हो गई और अन्य वाहनों या पेट्रोल पंप तक नहीं पहुंची, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। अग्निशामक यंत्रों पर उठे सवाल स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना के दौरान पेट्रोल पंप पर मौजूद अग्निशामक यंत्र प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पाए। लोगों का कहना है कि यदि आग तेजी से फैलती तो गंभीर हादसा हो सकता था। इस घटना के बाद पेट्रोल पंप की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में बाइक को धू-धू कर जलते हुए देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने सुरक्षा मानकों की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। जांच की मांग तेज ग्रामीणों ने पेट्रोल पंप प्रबंधन की कथित लापरवाही की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पेट्रोल पंपों पर नियमित फायर सेफ्टी ऑडिट होने के बावजूद यदि आपातकालीन उपकरण काम नहीं कर रहे हैं तो यह गंभीर चिंता का विषय है। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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इंदौर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की तैयारी तेज, जल्द लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन से चलेंगी ट्रेनें

इंदौर के लाखों रेल यात्रियों के लिए जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इंदौर जंक्शन के पुनर्विकास और नई अत्याधुनिक स्टेशन बिल्डिंग के निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत ट्रेनों का संचालन चरणबद्ध तरीके से लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन से शुरू किया जाएगा। लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन की नई बिल्डिंग तैयार पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन की नई बिल्डिंग का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। यात्रियों की सुविधा के लिए टिकट काउंटर, प्रतीक्षालय और अन्य आवश्यक सुविधाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। रेलवे का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संचालन शुरू होने के बाद यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। यार्ड में चल रहा है तकनीकी उन्नयन रेलवे अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में इंदौर यार्ड क्षेत्र में नॉन-इंटरलॉकिंग का महत्वपूर्ण कार्य चल रहा है। इसके लिए मेजर ब्लॉक लिया गया है, जिसके कारण कुछ ट्रेनों को अस्थायी रूप से निरस्त भी करना पड़ा। इस दौरान ट्रैक सर्किट, सिग्नलिंग सिस्टम और कंप्यूटर आधारित ऑपरेशन कंट्रोल सिस्टम को नए स्टेशन परिसर में स्थानांतरित किया जा रहा है, ताकि भविष्य में संचालन अधिक सुरक्षित और आधुनिक तरीके से हो सके। वरिष्ठ अधिकारी कर रहे निगरानी रेलवे के जोनल और मंडल स्तर के वरिष्ठ अधिकारी पूरे शिफ्टिंग कार्य की लगातार निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए यह प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जल्द शुरू होगा ट्रेनों का संचालन तकनीकी कार्य पूरा होने के बाद ट्रेनों का संचालन लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन से शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद इंदौर जंक्शन पर विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त नए रेलवे स्टेशन के निर्माण कार्य को गति मिलेगी। यह परियोजना पूरी होने के बाद इंदौर रेलवे स्टेशन आधुनिक सुविधाओं, बेहतर यात्री सेवाओं और आकर्षक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ नए स्वरूप में नजर आएगा। यात्रियों से रेलवे की अपील रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन के प्रस्थान स्टेशन और समय की जानकारी अवश्य जांच लें। इससे किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सकेगा। अधिक जानकारी और मध्यप्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें —www.deshharpal.com
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गुना में मामूली बाइक टक्कर पर गरीब युवक की बेरहमी से पिटाई, CCTV में कैद हुई वारदात

मध्य प्रदेश के गुना शहर में मामूली बाइक टक्कर को लेकर हुई मारपीट का मामला सामने आया है। कोतवाली थाना क्षेत्र के कर्नलगंज इलाके में तीन युवकों ने एक गरीब व्यक्ति पर हमला कर दिया। पीड़ित घर-घर जाकर अखबार और रद्दी खरीदने-बेचने का काम करता है। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। रद्दी बेचने गया था युवक जानकारी के अनुसार पुरानी छावनी के सकतपुर रोड निवासी मुकेश अहिरवार बुधवार शाम करीब 6 बजे कर्नलगंज क्षेत्र स्थित एक कबाड़ी की दुकान पर पहुंचे थे। इसी दौरान तीन युवक वहां पहुंचे और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। मामूली टक्कर बनी विवाद की वजह बताया जा रहा है कि आरोपियों की मोटरसाइकिल और मुकेश की बाइक के बीच हल्की सी टक्कर हो गई थी। इसी छोटी सी बात को लेकर आरोपी नाराज हो गए। आरोप है कि तीनों युवक मुकेश का पीछा करते हुए कबाड़ी की दुकान तक पहुंचे और वहां उन पर हमला कर दिया। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि तीन लोग मिलकर मुकेश अहिरवार के साथ मारपीट कर रहे हैं। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल को अस्पताल में कराया गया भर्ती हमले में घायल मुकेश को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया गया। इलाज के बाद उन्होंने शहर कोतवाली थाने पहुंचकर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। CCTV के आधार पर आरोपियों की तलाश पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। कोतवाली पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को चिन्हित कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिक जानकारी और गुना सहित प्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें — www.deshharpal.com
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14 जून को पहली बार देवरी पहुंचेंगे CM मोहन यादव, केसली में तैयारियां तेज; ड्रोन से होगी निगरानी

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 जून को सागर जिले की देवरी विधानसभा के केसली पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनका देवरी क्षेत्र का पहला दौरा होगा। प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर प्रतिभा पाल और एसपी अनुराग सुजानिया ने केसली पहुंचकर कार्यक्रम स्थल, हेलीपैड और आवागमन मार्गों का निरीक्षण किया। देवरी विधानसभा का पहला दौरा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सागर जिले की अन्य विधानसभा सीटों का दौरा कर चुके हैं, लेकिन अब तक देवरी नहीं पहुंचे थे। करीब तीन महीने पहले नरयावली विधानसभा के जेरई में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने जल्द देवरी आने की घोषणा की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री दोबारा नरयावली पहुंचे और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बोमा निर्माण का भूमिपूजन भी किया, लेकिन देवरी का दौरा नहीं हो सका था। अब 14 जून को उनके केसली आगमन को लेकर स्थानीय स्तर पर उत्साह देखा जा रहा है। गर्मी को देखते हुए विशेष इंतजाम कलेक्टर प्रतिभा पाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कार्यक्रम स्थल, हेलीपैड और पार्किंग क्षेत्र में पेयजल, शौचालय और छायादार स्थानों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि हेलीपैड से कार्यक्रम स्थल तक का मार्ग पूरी तरह सुगम और सुरक्षित होना चाहिए। इसके साथ ही तेज गर्मी को देखते हुए एंबुलेंस, डॉक्टरों की टीम, दवाइयां, ओआरएस और अन्य जरूरी चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी। सुरक्षा व्यवस्था रहेगी चाक-चौबंद कार्यक्रम की सुरक्षा को लेकर एसपी अनुराग सुजानिया ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। कार्यक्रम स्थल, पार्किंग और हेलीपैड क्षेत्र में जरूरत के अनुसार बैरिकेडिंग की जाएगी। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा और पूरे कार्यक्रम क्षेत्र की निगरानी ड्रोन तथा सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों ने किया निरीक्षण निरीक्षण के दौरान देवरी विधायक बृजबिहारी पटेरिया, जिला पंचायत सीईओ विवेक केवी, केसली एसडीएम राजनंदिनी शर्मा, देवरी एसडीएम मुनव्वर खान सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने व्यवस्थाओं की समीक्षा कर समय पर सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। अधिक जानकारी और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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इंदौर में बेकाबू हुआ नगर निगम का पानी टैंकर, कई वाहनों को मारी टक्कर; 4 घायल

मध्य प्रदेश के इंदौर में गुरुवार दोपहर पटेल ब्रिज पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब नगर निगम का एक पानी का टैंकर अचानक बेकाबू हो गया। तेज रफ्तार से लोगों और वाहनों की ओर बढ़ रहे टैंकर को देखकर सड़क पर मौजूद लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हादसे में चार लोग घायल हो गए, जबकि कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। ब्रेक फेल होने से हुआ हादसा प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, टैंकर के ब्रेक फेल होने के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अनियंत्रित टैंकर सड़क पर आगे बढ़ते हुए कई कारों और बाइकों से टकराता चला गया। अचानक हुए इस हादसे से इलाके में दहशत का माहौल बन गया। चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब चालक को स्थिति की गंभीरता का अंदाजा हुआ तो उसने टैंकर को फुटपाथ की ओर मोड़ दिया। इससे टैंकर रुक गया और एक बड़ा हादसा होने से बच गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि टैंकर आगे बढ़ता रहता तो कई और वाहन इसकी चपेट में आ सकते थे। कई वाहन क्षतिग्रस्त, चार लोग घायल हादसे में तीन से चार कारें और दो बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। टक्कर इतनी तेज थी कि वाहनों को काफी नुकसान पहुंचा। घटना में चार लोग घायल हुए हैं। वहीं टैंकर में सवार एक व्यक्ति के भी चोटिल होने की जानकारी सामने आई है। सभी घायलों का उपचार कराया जा रहा है। हादसे के बाद लोगों का फूटा गुस्सा घटना से नाराज लोगों ने टैंकर में तोड़फोड़ कर दी। मौके पर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। चालक मौके से फरार हादसे के बाद टैंकर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खराब स्थिति वाले वाहन को सड़क पर उतारने के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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Rajya Sabha

MP Rajya Sabha Result 2026: मध्य प्रदेश में BJP की क्लीन स्वीप जीत, तीनों सीटों पर कब्जा

मध्य प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा (Rajya Sabha)चुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। 3 सीटों पर हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीनों ही सीटें अपने नाम कर ली हैं, जिससे राज्य में विपक्षी दल कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। इस चुनाव को लेकर शुरुआत से ही राजनीतिक हलचल तेज थी, क्योंकि बीजेपी के पास विधानसभा में मजबूत बहुमत होने के कारण दो सीटों पर जीत लगभग तय मानी जा रही थी, लेकिन पार्टी ने रणनीतिक रूप से तीसरी सीट पर भी पूरा जोर लगाया और सफलता हासिल की। बीजेपी के विजेता उम्मीदवार मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए विजयी घोषित बीजेपी उम्मीदवार हैं: इन तीनों नेताओं की जीत के साथ बीजेपी ने राज्यसभा में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। क्या रहा चुनाव का पूरा राजनीतिक गणित? कांग्रेस ने तीसरी सीट पर मुकाबला करने की कोशिश की, लेकिन राजनीतिक समीकरण उसके पक्ष में नहीं रहे। राजनीतिक रणनीति और असर वहीं कांग्रेस को इस चुनाव में अपेक्षित सफलता नहीं मिली, जिससे पार्टी के भीतर मंथन तेज हो गया है। क्यों है यह चुनाव खास? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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रानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन

भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई। घटना सुबह करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। सामान चढ़ाने और यात्रियों के आने-जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ गया, जिसके चलते ट्रेन करीब 29 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। आरोप है कि पैंट्री कर्मचारियों ने एकजुट होकर यात्रियों पर हमला किया। विवाद के दौरान कर्मचारियों द्वारा चेन पुलिंग किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन पर पहले ही निर्धारित समय से 3 घंटे 33 मिनट की देरी से पहुंची थी। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया विवाद घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और यात्रियों व पैंट्री कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद को शांत कराया। जीआरपी टीआई अमित शर्मा के मुताबिक, पीड़ित यात्री बेंगलुरु जा रहा था। उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन पर इस मामले में शिकायत नहीं मिली। वहीं, नागपुर में जीरो पर प्रकरण दर्ज किए जाने की सूचना है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित जीआरपी के स्तर पर की जाएगी।

मध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव

मध्यप्रदेश में पारंपरिक और आंचलिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार करीब साढ़े सात करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर रही है। खेल विभाग ने इसके लिए छोटे शहरों में प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना बनाई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 330 विकासखंडों में हर साल पारंपरिक खेल महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेलों को संरक्षण देना और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है। सरकार की इस पहल से स्थानीय खेलों को प्रतियोगिताओं और व्यवस्थित प्रशिक्षण के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। पिट्ठू से मलखंभ तक, कई खेल होंगे शामिल प्रस्तावित योजना में पिट्ठू, गदा और साइकिल रेस जैसे पारंपरिक व आंचलिक खेलों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कबड्डी, खो-खो, पैदल चाल, तीरंदाजी और मलखंभ जैसे खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पारंपरिक खेल महोत्सव में विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इन स्पर्धाओं के लिए पूरे प्रदेश में एक समान नियम तैयार किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के समान अवसर मिल सकें। छोटे शहरों में खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र खेल विभाग का मानना है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई पारंपरिक खेल लंबे समय से स्थानीय संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को अक्सर औपचारिक प्रशिक्षण और बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर नहीं मिल पाता। प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से ऐसे खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। आधुनिक खेलों से जोड़ने की भी तैयारी खेल विभाग इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेगा। इसके बाद उन्हें आगे के प्रशिक्षण के लिए तैयार करने की योजना है। विभाग पारंपरिक खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को आधुनिक खेल व्यवस्था से जोड़ने के विकल्पों पर भी काम कर रहा है। इस पहल के जरिए पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पारंपरिक खेलों के केंद्र स्थापित किए जाएंगे: विश्वास सारंग खेल मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कई देशी खेल प्रचलित हैं, लेकिन उन्हें बड़े पैमाने पर खेलने के अवसर सीमित हैं। अब इनके केंद्र स्थापित कर इन खेलों को बढ़ावा देने की योजना है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित योजना में टीम आधारित और व्यक्तिगत, दोनों तरह के खेलों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।

एशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने 24 मेडल जीते, जिनमें 5 गोल्ड, 6 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं। दूसरे दिन एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज तीनों मेडल जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। वहीं, निषाद कुमार ने हाई जंप में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। सिमरन शर्मा और दीप्ति जीवनजी ने भी क्रमशः 200 मीटर और 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। शूटिंग में मनीष नरवाल ने सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक्स के लिए कोटा भी हासिल किया। डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक जीतकर अपना दबदबा कायम किया। देवेंद्र कुमार ने 781 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। राकेश ने 771 पॉइंट्स लेकर सिल्वर, जबकि प्रदीप कुमार ने 669 पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस मुकाबले की खास बात यह रही कि प्रदीप कुमार ने 51.15 मीटर का सबसे लंबा थ्रो किया, इसके बावजूद उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। इसकी वजह यह है कि इस स्पर्धा में अलग-अलग तरह की शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी एक साथ मुकाबला करते हैं। इसमें F43, F44, F62 और F64 कैटेगरी के खिलाड़ी शामिल थे। खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति और थ्रो करने की क्षमता में अंतर होने के कारण उनके प्रदर्शन का आकलन रजा पॉइंट्स सिस्टम के आधार पर किया जाता है। इस प्रणाली में खिलाड़ी की कैटेगरी के अनुसार प्रदर्शन को अंक दिए जाते हैं, जिससे अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के परिणामों की निष्पक्ष तुलना की जा सके। निषाद कुमार ने हाई जंप में जीता दूसरा गोल्ड भारतीय पैरा-एथलीट निषाद कुमार ने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.02 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। यह इन गेम्स में उनका दूसरा गोल्ड है। इससे पहले वह लॉन्ग जंप में भी पहला स्थान हासिल कर चुके हैं। हाई जंप में खिलाड़ियों को एक निश्चित ऊंचाई पर रखी बार को बिना गिराए पार करना होता है। हर सफल प्रयास के बाद बार की ऊंचाई बढ़ाई जाती है और सबसे अधिक ऊंचाई पार करने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। T47 पैरा-एथलेटिक्स की वह श्रेणी है, जिसमें हाथ से जुड़ी शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। निषाद की इस उपलब्धि से भारत के पदक अभियान को मजबूती मिली है। प्रणव सूरमा को गोल्ड, राम रतन सिंह ने जीता सिल्वर पुरुषों की डिस्कस थ्रो F51/F52/F53 स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रणव सूरमा ने 932 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि राम रतन सिंह 809 पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। प्रणव ने अपने छह प्रयासों में 11.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इस स्पर्धा में भी अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना रजा पॉइंट्स के आधार पर की जाती है। इसलिए केवल थ्रो की दूरी के आधार पर विजेता तय नहीं होता। प्रणव और राम रतन के अंकों ने उन्हें क्रमशः पहला और दूसरा स्थान दिलाया। भारत की पदक तालिका पर नजर दूसरे दिन के शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। एथलेटिक्स में लगातार मिल रही सफलताओं और शूटिंग में मनीष नरवाल की उपलब्धि ने भारतीय अभियान को नई गति दी है। प्रतियोगिता के अगले दिनों में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
SBI

SBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने का मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड में व्यक्तिगत जानकारी उजागर होने की पहचान की गई है। इनमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पते जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों की डेटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। SBI ने कहा है कि इस घटना से बैंक के सामान्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन और सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। वहीं, डेटा कहां से आया, कितने ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच की जा रही है। SBI Data Leak: कैसे सामने आया डेटा लीक का मामला? बैंक के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को उसे अपने Threat Intelligence Service Provider, Defence Cyber Agency और भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा उपलब्ध होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद SBI ने शुरुआती स्तर पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। हालांकि, डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डेटा कितना वास्तविक है और किस माध्यम से बाहर पहुंचा। ग्राहकों की कौन-सी निजी जानकारी हुई उजागर? शुरुआती जांच में सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: इनमें से कुछ जानकारियों का इस्तेमाल साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी पता होने पर ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ग्राहकों के बैंक खातों से पैसे निकलने या किसी खास तरह की धोखाधड़ी होने की पुष्टि नहीं हुई है। SBI ने जांच के लिए उठाए जरूरी कदम डेटा लीक की जानकारी मिलने के बाद बैंक ने अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच के लिए CERT-In से सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है कि डेटा का स्रोत क्या था, जानकारी कैसे उजागर हुई और इससे ग्राहकों की सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता है। बैंक के अनुसार, जांच के नतीजों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डेटा लीक के पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। क्या SBI ग्राहकों के बैंक खाते खतरे में हैं? डेटा लीक की खबर सुनकर ग्राहकों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या उनके बैंक खाते सुरक्षित हैं? यहां एक बात समझना जरूरी है। ग्राहकों का नाम, मोबाइल नंबर या पता सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उनके बैंक खाते भी हैक हो गए हैं। निजी जानकारी का उजागर होना और खाते से पैसे निकलना दो अलग-अलग बातें हैं। SBI ने कहा है कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज और सेवाओं पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ा है। हालांकि, निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके फर्जी कॉल, मैसेज और ऑनलाइन ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसलिए ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। Data Leak के बाद ग्राहकों को क्या करना चाहिए? डिजिटल बैंकिंग के दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में SBI ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। 1. OTP और PIN किसी को न बताएं: बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति भी आपसे OTP, ATM PIN या CVV मांगे, तो जानकारी साझा न करें। 2. संदिग्ध लिंक से बचें: KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या रिफंड मिलने के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। 3. बैंक खाते पर नजर रखें: अपने खाते के लेनदेन की नियमित जांच करें। कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। 4. फर्जी कॉल से सावधान रहें: अगर कोई व्यक्ति बैंकिंग जानकारी बताकर आपका भरोसा जीतने की कोशिश करे, तो उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। 5. साइबर ठगी होने पर शिकायत करें: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ध्यान रखें कि किसी ठग के पास आपकी कुछ निजी जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि है। SBI Data Leak मामले में अब आगे क्या होगा? फिलहाल SBI डेटा लीक मामले की जांच जारी है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि डार्क वेब पर उपलब्ध जानकारी कहां से आई और घटना का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही डेटा लीक की वजह और ग्राहकों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर ज्यादा स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक ग्राहकों के लिए अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखना और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहना सबसे जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Delhi HighCourt

Delhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi HighCourt) में बुधवार, 21 अक्टूबर को CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों नेताओं ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के बाद दोनों ने अपनी याचिका वापस ले ली। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब इस मामले में दूसरी कानूनी प्रक्रिया अपनाने का विकल्प मौजूद है, तो सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया गया। कोर्ट ने दोनों नेताओं की ओर से शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों पर भी टिप्पणी की। Jantar Mantar Protest Case: क्या है पूरा मामला? सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर उस स्थान पर प्रवेश किया था, जिसे प्रदर्शन स्थल के रूप में पहले ही अधिसूचित सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। शुरुआत में उनकी हिरासत पांच दिन के लिए तय की गई थी। 19 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ाने का आदेश दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। Court Remarks: बॉन्ड की शर्तों पर क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड और उसके कथित उल्लंघन को लेकर सवाल उठाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटना के बाद दूसरे लोगों के भी नियमों का उल्लंघन करने की आशंका बढ़ सकती है। दोनों नेताओं की ओर से पेश वकील ने हिरासत बढ़ाने के आदेश और जमानतदारों से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका पक्ष था कि दोनों ने आवश्यक जमानतदार पेश किए थे, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में रखा गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में उपलब्ध वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाने की बात कही। इसके बाद दोनों नेताओं की ओर से याचिका वापस लेने का फैसला किया गया। याचिका वापस लेने का क्या मतलब है? सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका वापस लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हाईकोर्ट ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को सही ठहरा दिया है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय दिए बिना याचिका वापस लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को पहले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष चल रही प्रक्रिया के नतीजे का इंतजार करने और जरूरत पड़ने पर उचित अपीलीय मंच का रुख करने की सलाह दी। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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