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रायपुर में आवारा कुत्तों के लिए बने फीडिंग जोन: 70 वार्डों में तय हुई जगहें, अब वहीं खिलाना होगा खाना

आवारा कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर अक्सर होने वाले विवादों के बीच रायपुर नगर निगम ने बड़ा फैसला लिया है। हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए निगम ने शहर के सभी 70 वार्डों में स्ट्रीट डॉग्स के लिए फीडिंग जोन निर्धारित कर दिए हैं। इन स्थानों पर सूचना बोर्ड भी लगाए गए हैं, ताकि लोग तय जगहों पर ही कुत्तों को भोजन करा सकें। 70 वार्डों में तय किए गए फीडिंग जोन नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, शहर के जोन-1 से जोन-10 तक सभी वार्डों में विशेष स्थानों को फीडिंग जोन के रूप में चिन्हित किया गया है। इन जगहों पर पशु प्रेमी बिना किसी विवाद के आवारा कुत्तों को भोजन दे सकेंगे। बाजार, मैदान और खाली प्लॉट बनाए गए फीडिंग जोन निगम ने बाजार, खेल मैदान, तालाब परिसर, सामुदायिक भवन, मुक्तिधाम और खाली प्लॉट जैसी जगहों को फीडिंग जोन के रूप में चयनित किया है। इन स्थानों पर आवश्यक सूचना बोर्ड भी लगाए जा चुके हैं, ताकि लोगों को निर्धारित जगहों की जानकारी मिल सके। विवाद कम करने की पहल नगर निगम का कहना है कि कई क्षेत्रों में आवारा कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर पशु प्रेमियों और स्थानीय रहवासियों के बीच विवाद की स्थिति बन जाती थी। ऐसे मामलों की शिकायतें लगातार निगम तक पहुंच रही थीं। फीडिंग जोन बनने से इस तरह के विवादों में कमी आने की उम्मीद है। शिकायत मिलने पर जारी रहेगी कार्रवाई नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि आवारा कुत्तों से संबंधित शिकायतों पर पहले की तरह कार्रवाई जारी रहेगी। यदि किसी क्षेत्र से शिकायत मिलती है तो संबंधित कुत्तों को पकड़कर नियमानुसार जांच और उपचार किया जाएगा। कुत्तों की होगी नसबंदी और टीकाकरण एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) नियमों के तहत पकड़े गए कुत्तों की डी-वॉर्मिंग, एंटी रेबीज टीकाकरण और नसबंदी जैसी प्रक्रियाएं कराई जाएंगी। निगम का उद्देश्य कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के साथ-साथ रेबीज जैसी बीमारियों की रोकथाम भी है। अपने वार्ड का फीडिंग जोन ऐसे जानें नगर निगम के अनुसार सभी 70 वार्डों में फीडिंग जोन की सूची उपलब्ध है। नागरिक अपने क्षेत्र के जोन कार्यालय या सूचना बोर्ड के माध्यम से निर्धारित स्थान की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। शहर में बेहतर प्रबंधन की दिशा में कदम नगर निगम का मानना है कि फीडिंग जोन की व्यवस्था से आवारा कुत्तों के प्रबंधन में आसानी होगी। साथ ही पशु प्रेमियों और आम नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी मदद मिलेगी। रायपुर, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें Deshharpal News Portal के साथ। अधिक जानकारी और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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गुना में चेन स्नैचर को लोगों ने दौड़ाकर पकड़ा: महिला की चेन छीनकर भाग रहा था बदमाश, जमकर हुई धुनाई

गुना। शहर में लगातार बढ़ रही चेन स्नैचिंग की घटनाओं के बीच मंगलवार रात सराफा बाजार में लोगों ने एक बदमाश को रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोपी एक महिला के गले से चेन छीनकर भाग रहा था, लेकिन सतर्क लोगों ने उसका पीछा कर उसे दबोच लिया। इसके बाद लोगों ने उसकी जमकर पिटाई की और पुलिस के हवाले कर दिया। घटना के वीडियो भी सामने आए हैं। महिला की चेन झपटकर भागा आरोपी जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात एक महिला सराफा बाजार से गुजर रही थी। इसी दौरान वहां पहले से घात लगाए खड़े एक युवक ने अचानक महिला के गले पर झपट्टा मारकर चेन छीन ली और भागने लगा। CCTV में कैद हुई वारदात घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में आरोपी शर्ट-पैंट पहनकर बाइक के पास खड़ा नजर आ रहा है। वह काफी देर तक लोगों की गतिविधियों पर नजर रखता है। जैसे ही महिला वहां से गुजरती है, वह चेन झपटकर भागने लगता है। लोगों ने दौड़ाकर पकड़ा चेन स्नैचिंग की वारदात होते ही आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया और आरोपी का पीछा शुरू कर दिया। हनुमान गली तक पहुंचते-पहुंचते लोगों ने उसे पकड़ लिया। गुस्साए लोगों ने उसकी जमकर धुनाई कर दी। बाद में सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। राजस्थान का रहने वाला है आरोपी पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपी की पहचान राजस्थान के छीपा बड़ौद निवासी दीपक सुमन के रूप में हुई है। उससे पूछताछ की जा रही है और उसके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। दो दिन में दूसरी बड़ी वारदात कोतवाली थाना क्षेत्र में दो दिनों के भीतर चेन स्नैचिंग की यह दूसरी बड़ी घटना है। सोमवार रात महावीरपुरा निवासी डॉ. रश्मि दीक्षित अपने बेटे के साथ टहल रही थीं। इसी दौरान बाइक सवार दो बदमाश उनके गले से सोने का मंगलसूत्र छीनकर फरार हो गए थे। डॉक्टर का मंगलसूत्र लूटकर भागे थे बदमाश पीड़िता डॉ. रश्मि दीक्षित ने पुलिस को बताया कि बदमाशों की बाइक पर MP 08 Z लिखा हुआ था, लेकिन नंबर प्लेट क्षतिग्रस्त होने के कारण पूरा नंबर नहीं पढ़ा जा सका। पुलिस इस मामले में भी आरोपियों की तलाश कर रही है। बढ़ रही हैं लूट और चेन स्नैचिंग की घटनाएं गुना में चेन स्नैचिंग और लूट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इससे पहले 3 जून को मुनिश्री सुधासागर महाराज के आगमन के दौरान भीड़ का फायदा उठाकर बदमाशों ने एक दर्जन से अधिक लोगों की चेन और पर्स पर हाथ साफ कर दिया था। पुलिस बोली- आरोपी पर दर्ज हुआ केस कोतवाली थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि पकड़े गए आरोपी के खिलाफ लूट के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया गया है। वहीं डॉक्टर से हुई लूट की घटना की जांच जारी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। प्रदेश और देश की हर बड़ी खबर सबसे पहले पढ़ने के लिए जुड़े रहें Deshharpal News Portal के साथ। अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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PNB में 43 लाख का गोल्ड लोन घोटाला: वैल्यूअर ने नकली सोने पर दिलवाया लोन, 15 लोगों पर FIR

जबलपुर के सदर स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में करोड़ों नहीं, लेकिन लाखों का बड़ा गोल्ड लोन घोटाला सामने आया है। बैंक में जमा करने से पहले सोने की जांच करने वाले अधिकृत वैल्यूअर ने कथित रूप से नकली सोने को असली बताकर करीब 43 लाख रुपए का लोन मंजूर करा दिया। मामले का खुलासा होने के बाद बैंक प्रबंधन ने वैल्यूअर समेत 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। वैल्यूअर की जांच में पास हुआ नकली सोना पुलिस के अनुसार, बैंक में गोल्ड लोन लेने पहुंचे लोगों के जेवरों की जांच अधिकृत वैल्यूअर द्वारा की गई थी। जांच के बाद सोने को असली बताकर ग्राहकों को लोन स्वीकृत कर दिया गया। बाद में बैंक अधिकारियों को संदेह हुआ तो जेवरों की दोबारा जांच कराई गई, जिसमें सोना नकली निकला। 13 ग्राहकों को मिला था 38 लाख से ज्यादा का लोन जांच में सामने आया कि 13 अलग-अलग ग्राहकों को नकली सोना गिरवी रखकर कुल 38 लाख 81 हजार 100 रुपए का गोल्ड लोन दिया गया था। ब्याज सहित यह राशि बढ़कर करीब 43 लाख 17 हजार 512 रुपए हो गई। किश्त नहीं चुकाने पर खुला राज दिसंबर 2023 से अक्टूबर 2024 के बीच अलग-अलग समय पर लोगों ने बैंक से गोल्ड लोन लिया था। जब लोन की अवधि पूरी होने के बाद भी किसी ने किश्त जमा नहीं की, तो बैंक ने नोटिस जारी किए। इसके बावजूद कोई ग्राहक बैंक नहीं पहुंचा। इसके बाद बैंक ने गिरवी रखे सोने की दोबारा जांच कराई, जिसमें पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया। बैंक मैनेजर की शिकायत पर दर्ज हुई FIR मामले की शिकायत फरवरी 2026 में बैंक मैनेजर ने कैंट थाना पुलिस से की थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि बैंक के अधिकृत वैल्यूअर ने अन्य लोगों के साथ मिलकर नकली सोने के आधार पर लोन दिलवाया था। इसके बाद वैल्यूअर समेत 15 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया। जल्द हो सकती है आरोपियों की गिरफ्तारी कैंट थाना प्रभारी पृष्पेंद्र पटले ने बताया कि पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले की जांच जारी है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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कांग्रेस

Bhopal Protest चुनाव आयोग दफ्तर के बाहर RSS Dress टांगकर कांग्रेस का विरोध

राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासत लगातार गरमाती जा रही है। कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों के नामांकन खारिज होने पर बड़ा सवाल उठाया है। पार्टी का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता नहीं बरती गई और विपक्षी उम्मीदवारों को जानबूझकर निशाना बनाया गया। इसी मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल आज केंद्रीय चुनाव आयोग (CEC) से मुलाकात करने वाला है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में चुनाव सबसे अहम प्रक्रिया होती है, लेकिन अगर उसी प्रक्रिया पर सवाल उठने लगें तो लोगों का भरोसा कमजोर होता है। पार्टी अब चुनाव आयोग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेगी। Bhopal में विरोध प्रदर्शन से बढ़ा राजनीतिक माहौल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भी इस मुद्दे को लेकर जोरदार विरोध देखने को मिला। चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और वहां RSS की ड्रेस टांगकर अपना विरोध जताया। इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस और तेज हो गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाया जा रहा है। वहीं भाजपा ने इस प्रदर्शन को गलत बताते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक हार को छिपाने के लिए अनावश्यक विवाद खड़ा कर रही है। नामांकन खारिज होने पर कांग्रेस के सवाल कांग्रेस का दावा है कि तकनीकी कारणों का हवाला देकर उनके उम्मीदवारों के नामांकन रद्द किए गए, जबकि दूसरी तरफ कुछ मामलों में नियमों को नजरअंदाज किया गया। पार्टी नेताओं का कहना है कि वे चुनाव आयोग को सभी जरूरी दस्तावेज और तथ्यों के साथ अपनी शिकायत सौंपेंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर चुनाव आयोग इस मामले में हस्तक्षेप करता है तो राज्यसभा चुनाव की तस्वीर बदल सकती है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में भी बड़ा असर डाल सकता है। चुनाव आयोग की बैठक पर टिकी निगाहें अब सभी की नजर कांग्रेस नेताओं और CEC के बीच होने वाली बैठक पर है। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के बाद चुनाव आयोग की तरफ से कोई बड़ा फैसला या प्रतिक्रिया सामने आ सकती है। राज्यसभा चुनाव का यह विवाद फिलहाल सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि निष्पक्ष चुनाव और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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भोपाल में हैवानियत की हद: बुजुर्ग महिला की हत्या कर कुल्हाड़ी से काटे पैर, चांदी के कड़े लूटकर फरार हुआ आरोपी

भोपाल के नजीराबाद इलाके में 60 वर्षीय महिला की हत्या कर आरोपी ने कुल्हाड़ी से उसके पैर काट दिए और चांदी के कड़े लूट लिए। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। भोपाल में इंसानियत को शर्मसार करने वाली वारदात राजधानी भोपाल के देहात क्षेत्र नजीराबाद में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां 60 वर्षीय महिला की हत्या करने के बाद आरोपी ने उसके दोनों पैर कुल्हाड़ी से काट दिए और चांदी के कड़े निकालकर फरार हो गया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। बेटे से मिलवाने के बहाने घर से ले गया आरोपी पुलिस के मुताबिक मृतका की पहचान बादाम बाई (60) निवासी ग्राम पथरिया, थाना बैरसिया के रूप में हुई है। 4 जून को गांव का ही परिचित जसवंत गुर्जर महिला को उसके बेटे से मिलवाने के बहाने बाइक पर बैठाकर ले गया था। इसके बाद महिला घर वापस नहीं लौटी। गुमशुदगी के बाद शुरू हुई तलाश परिजनों ने महिला की काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। आखिरकार 6 जून को बैरसिया थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। परिवार लगातार महिला की खोजबीन में जुटा हुआ था। आरोपी ने खुद दी शव मिलने की सूचना इस मामले का चौंकाने वाला खुलासा 8 जून को हुआ, जब आरोपी जसवंत गुर्जर ने ही मृतका के पति पर्वत सिंह को जंगल में शव पड़े होने की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद पति और बेटा शेषापुरा के जंगल पहुंचे। जंगल में मिला सड़ा-गला शव महुए के पेड़ के नीचे महिला का नग्न शव पड़ा मिला। शव करीब 4 से 5 दिन पुराना बताया जा रहा है। शरीर सड़ चुका था और उसमें कीड़े पड़ चुके थे। घटना स्थल का दृश्य बेहद भयावह था। कुल्हाड़ी से काट दिए दोनों पैर पुलिस के अनुसार महिला के दोनों पैर टखनों के पास से कटे हुए थे। एक हाथ का पंजा भी गायब था। महिला के पैरों में पहने चांदी के कड़े भी नहीं मिले, जिससे लूट की आशंका गहरा गई। गला दबाकर की हत्या प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने पहले महिला का गला घोंटकर हत्या की। इसके बाद कुल्हाड़ी से उसके पैर काटकर चांदी के कड़े निकाल लिए। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने वारदात कबूल कर ली है। भरोसे का फायदा उठाकर दिया वारदात को अंजाम परिजनों के मुताबिक आरोपी पहले से परिवार का परिचित था। इसी भरोसे में महिला उसके साथ चली गई थी। पुलिस का मानना है कि आरोपी महिला को सुनसान जंगल में ले गया और वहां इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। हत्या के पीछे की वजह अब भी साफ नहीं पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर हत्या और लूट समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि वारदात सिर्फ लूट के लिए की गई या इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश भी थी। पुलिस कर रही मामले की जांच थाना प्रभारी दुर्जन सिंह ने बताया कि शेषापुरा जंगल में बुजुर्ग महिला का शव मिलने की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। जांच में हत्या की पुष्टि हुई है और आरोपी से पूछताछ जारी है। इलाके में फैली दहशत इस निर्मम हत्या के बाद ग्रामीणों में डर और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहे हैं। लोग आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। Read more updates on www.deshharpal.com
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ग्वालियर में नर्सिंग छात्रा की संदिग्ध मौत: रातभर उल्टियां होती रहीं, परिजनों ने हॉस्टल प्रबंधन पर लगाए लापरवाही के आरोप

ग्वालियर के आईपीएस कॉलेज में नर्सिंग ट्रेनिंग ले रही 23 वर्षीय छात्रा नीलू प्रजापति की संदिग्ध मौत हो गई। परिजनों ने हॉस्टल प्रबंधन पर इलाज में देरी और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्वालियर में नर्सिंग छात्रा की संदिग्ध मौत ग्वालियर के आईपीएस कॉलेज में मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन योजना के तहत नर्सिंग ट्रेनिंग लेने आई 23 वर्षीय छात्रा नीलू प्रजापति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है, जबकि परिजनों ने हॉस्टल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। देर रात बिगड़ी थी तबीयत जानकारी के अनुसार, नीलू प्रजापति सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब 12 बजे अचानक बीमार हो गई थी। उसे लगातार उल्टियां हो रही थीं। उसके साथ हॉस्टल में रह रही चचेरे भाई की बेटी तनु ने परिवार को फोन कर इसकी जानकारी दी। इलाज में देरी का आरोप मृतका के पिता लक्ष्मण प्रजापति का आरोप है कि बेटी की हालत बिगड़ने के बावजूद कॉलेज और हॉस्टल प्रबंधन ने समय रहते अस्पताल नहीं पहुंचाया। उनका कहना है कि रात में तबीयत खराब होने के बाद सुबह करीब 5 से 6 बजे के बीच नीलू को अस्पताल ले जाया गया, जिससे इलाज में देरी हुई और उसकी जान चली गई। 14 मई को ट्रेनिंग के लिए पहुंची थी छात्रा नीलू केआरजी कॉलेज से नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी। वह 45 दिन की विशेष ट्रेनिंग के लिए 14 मई को आईपीएस कॉलेज पहुंची थी। परिजनों के मुताबिक, कुछ दिन पहले वह घर भी आई थी और अपने खराब जूते बदलवाकर दोबारा ट्रेनिंग के लिए लौटी थी। हॉस्टल प्रबंधन ने आरोपों से किया इनकार हॉस्टल स्टाफ ने परिजनों के आरोपों को गलत बताया है। स्टाफ का कहना है कि छात्रा की तबीयत खराब होने पर उसे तुरंत ORS दिया गया था, जिससे उसकी हालत में कुछ सुधार हुआ था। बाद में दोबारा तबीयत बिगड़ने पर उसे स्कूटी से अस्पताल पहुंचाया गया। एम्बुलेंस का इंतजार नहीं किया हॉस्टल प्रबंधन का दावा है कि एम्बुलेंस का इंतजार करने में अधिक समय लगता, इसलिए स्टाफ छात्रा को तुरंत स्कूटी से अस्पताल लेकर पहुंचा। वहीं परिजन इस दावे से संतुष्ट नहीं हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पर भी विवाद आईपीएस हॉस्टल के ओबीसी डिपार्टमेंट की असिस्टेंट डायरेक्टर कृति दीक्षित ने दावा किया कि नीलू को पहले से थायराइड और पेट दर्द की समस्या थी। हालांकि परिवार ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनकी बेटी पूरी तरह स्वस्थ थी। हॉस्टल की व्यवस्था पर उठे सवाल परिजनों ने हॉस्टल की क्षमता और व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को ट्रेनिंग के लिए ठहराया गया था। जानकारी के मुताबिक हॉस्टल में करीब 80 छात्राएं और 120 छात्र रह रहे थे। पुलिस हर एंगल से कर रही जांच एडिशनल एसपी सुमन गुर्जर ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है। हॉस्टल के कमरे की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है और महिला पुलिस अधिकारियों की विशेष टीम बनाई गई है। पैनल पोस्टमार्टम और वीडियोग्राफी होगी पुलिस के मुताबिक छात्रा का पैनल पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इस दौरान एसडीएम, तहसीलदार और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहेंगे। पूरे पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी ताकि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ हो सके। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ नीलू प्रजापति एक साधारण परिवार से थी। उसके पिता आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में कचरा वाहन चलाते हैं। परिवार में छोटी बहन भी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है, जबकि छोटा भाई आठवीं कक्षा में पढ़ता है। बेटी की अचानक मौत से पूरा परिवार सदमे में है। ट्रेनिंग व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल इस घटना के बाद मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन योजना के तहत चल रही ट्रेनिंग व्यवस्थाओं और हॉस्टल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है। Read more news and updates on www.deshharpal.com
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गुना में लेडी कॉन्स्टेबल ने की आत्महत्या: पुलिस लाइन के सरकारी क्वॉर्टर में फंदे पर लटका मिला शव

गुना के कोतवाली थाने में पदस्थ 29 वर्षीय लेडी कॉन्स्टेबल निशा शर्मा ने मंगलवार दोपहर पुलिस लाइन स्थित अपने सरकारी क्वॉर्टर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। गेट तोड़कर अंदर पहुंची पुलिस सूचना मिलने पर कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने और आवाज देने के बाद भी अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने गेट तोड़कर कमरे में प्रवेश किया। चादर के फंदे से लटका मिला शव सुबह से कमरे से बाहर नहीं निकली थीं कमरे के अंदर लेडी कॉन्स्टेबल का शव चादर से बने फंदे के सहारे पंखे से लटका मिला। पुलिस ने तुरंत शव को नीचे उतारकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। हितिका वासल के मुताबिक, निशा शर्मा मूल रूप से अशोक नगर जिले की रहने वाली थीं और पुलिस लाइन के सरकारी क्वॉर्टर में अकेली रह रही थीं। सुबह घर में काम करने वाली महिला क्वॉर्टर पर पहुंची थी। उसने कई बार दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद वह वापस लौट गई। पड़ोसियों को हुआ शक दोपहर 12 बजे तक भी क्वॉर्टर का दरवाजा नहीं खुला तो पड़ोसियों को संदेह हुआ। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना कैंट थाना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई। छुट्टी से लौटकर आई थीं ड्यूटी पर प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि निशा शर्मा दो दिन की छुट्टी पर अपने घर अशोक नगर गई हुई थीं। वह सोमवार शाम को ही छुट्टी पूरी कर वापस गुना लौटी थीं। सुसाइड नोट मिला या नहीं, स्पष्ट नहीं पुलिस के मुताबिक घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट मिला है या नहीं, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। मृतका के परिजनों को सूचना दे दी गई है। जांच के बाद सामने आएगी वजह पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के बाद ही आत्महत्या के कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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ग्राम सभा के दौरान प्रभारी सचिव से मारपीट: पानी के किराये को लेकर पंचायत भवन में घुसे 4 आरोपी

सागर जिले के सानौधा थाना क्षेत्र के ग्राम पड़रिया में पानी के किराये को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि ग्राम सभा की बैठक के दौरान रोजगार सहायक और प्रभारी सचिव के साथ जमकर मारपीट कर दी गई। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें आरोपियों द्वारा हमला करते हुए देखा जा सकता है। पानी के पैसे मांगने पहुंचे थे आरोपी पुलिस के अनुसार, ग्राम पड़रिया में पदस्थ रोजगार सहायक और अतिरिक्त सचिव मुकेश कुर्मी ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि गांव में पानी की कमी के चलते 17 अप्रैल से पंचायत द्वारा साहब सिंह चौहान के निजी बोर से किराये पर पानी लिया जा रहा था। ग्राम सभा के दौरान हुआ विवाद 5 जून की दोपहर मुकेश पंचायत भवन में ग्राम सभा की बैठक में व्यस्त थे। इसी दौरान साहब सिंह चौहान वहां पहुंचे और पानी के किराये की राशि मांगने लगे। मुकेश ने सरपंच से बात कर भुगतान कराने की बात कही, जिससे साहब सिंह नाराज हो गए। डंडे, लात-घूंसों से की पिटाई आरोप है कि विवाद बढ़ने पर साहब सिंह का भाई गुड्डू उर्फ इमरत सिंह चौहान और उनके बेटे नीतेश व निशांत भी मौके पर पहुंच गए। चारों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और विरोध करने पर मुकेश कुर्मी के साथ मारपीट की। पीड़ित के मुताबिक, गुड्डू ने डंडे से हमला किया, जबकि अन्य आरोपियों ने पकड़कर जमीन पर पटक दिया। इसके बाद लात-घूंसों से बेरहमी से पिटाई की गई। सरकारी दस्तावेज भी फाड़े मारपीट के दौरान आरोपियों ने पंचायत भवन में रखे सरकारी रजिस्टर और अन्य दस्तावेज भी फाड़ दिए। घटना के समय मौजूद ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। पुलिस ने दर्ज किया केस पुलिस ने पीड़ित प्रभारी सचिव की शिकायत पर चारों आरोपियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सचिवों और रोजगार सहायकों में नाराजगी घटना के विरोध में रोजगार सहायकों और पंचायत सचिवों ने सागर एसपी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच और उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया ह अधिक खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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सागर में बड़ा अनाज घोटाला? वेयरहाउस में पहुंचा 90% मिट्टी मिला गेहूं, जांच के आदेश

सागर के गंभीरिया स्थित श्री देव प्रभा वेयर हाउस में मिट्टी मिला अमानक गेहूं पहुंचने का मामला सामने आया है। ट्रक में करीब 600 बोरियां भरकर गेहूं लाया गया था, लेकिन जांच में बोरियों में लगभग 10 प्रतिशत गेहूं और 90 प्रतिशत मिट्टी होने का दावा किया गया है। मामला सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। कर्मचारी को हुआ शक, खुली मिलावट की पोल जानकारी के अनुसार, लक्ष्मी नगर स्थित श्री देव प्रभा वेयर हाउस को वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन की सांईखेड़ा ब्रांच ने करीब एक माह पहले अधिग्रहित किया था। यहां विभिन्न उपार्जन केंद्रों से गेहूं लाकर संग्रहित किया जा रहा है। इसी दौरान ट्रक क्रमांक MP 15 ZR 9190 करीब 600 बोरियां लेकर वेयर हाउस पहुंचा। मजदूर जब बोरियां उतार रहे थे, तभी वेयर हाउस की निगरानी कर रहे कर्मचारी को गेहूं की गुणवत्ता पर संदेह हुआ। जांच करने पर बोरियों में बड़ी मात्रा में मिट्टी भरी मिली। सुपरवाइजर ने तुरंत लौटाई खेप वेयरहाउस सुपरवाइजर ने बोरियों में मिलावटी और अमानक गेहूं पाए जाने के बाद पूरी खेप वापस लौटा दी। इसके बाद मामले की जानकारी प्रशासन को दी गई। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने दिए जांच के आदेश मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रतिभा पाल ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। सोमवार को प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम वेयर हाउस पहुंची और गेहूं की गुणवत्ता, खरीद प्रक्रिया, परिवहन और उसके स्रोत की जांच शुरू की। गेहूं कहां से आया, कौन जिम्मेदार? जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि गेहूं कहां से लाया गया, किसके द्वारा खरीदा गया और इसमें इतनी बड़ी मिलावट कैसे हुई। स्थानीय स्टाफ से भी पूछताछ की जा रही है। दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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मध्य प्रदेश के संविदा कर्मचारियों को बड़ी राहत: बढ़ेगा वेतन, वित्त विभाग ने जारी किए आदेश

मध्य प्रदेश के एक लाख से अधिक संविदा अधिकारी और कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने उनके पारिश्रमिक में 4.46 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि लागू करने का फैसला किया है। वित्त विभाग ने सोमवार को इसके आदेश जारी कर दिए हैं। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। पिछले साल से ज्यादा बढ़ा पारिश्रमिक इस बार संविदा कर्मचारियों को मिलने वाली वृद्धि दर पिछले साल की तुलना में अधिक है। वर्ष 2025 में संविदा कर्मचारियों के पारिश्रमिक में 3.87 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी, जबकि इस बार यह बढ़कर 4.46 प्रतिशत हो गई है। CPI के आधार पर तय होती है बढ़ोतरी वित्त विभाग ने यह आदेश सामान्य प्रशासन विभाग की 22 जुलाई 2023 की संविदा नीति के आधार पर जारी किया है। इस नीति के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर हर साल संविदा कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि की जाती है। डेढ़ लाख में से सिर्फ एक लाख कर्मचारियों को फायदा प्रदेश में करीब डेढ़ लाख संविदा अधिकारी-कर्मचारी विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं, लेकिन नई बढ़ोतरी का लाभ सभी को नहीं मिलेगा। जिन विभागों में अभी तक 2023 की संविदा नीति लागू नहीं हुई है, वहां के कर्मचारियों को इस बढ़ोतरी का फायदा नहीं दिया जाएगा। ऐसे में करीब एक लाख कर्मचारियों को ही इसका लाभ मिल पाएगा। संघ ने उठाई सभी विभागों में लागू करने की मांग संविदा अधिकारी-कर्मचारी संघ ने सरकार से मांग की है कि जिन विभागों में अभी तक नई संविदा नीति लागू नहीं हुई है, वहां भी कर्मचारियों को CPI आधारित पारिश्रमिक वृद्धि का लाभ दिया जाए। संघ का कहना है कि सभी संविदा कर्मचारियों को समान रूप से फायदा मिलना चाहिए। कर्मचारियों में खुशी का माहौल सरकार के इस फैसले के बाद संविदा कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। महंगाई के दौर में वेतन वृद्धि को कर्मचारियों ने राहत देने वाला कदम बताया है। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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रानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन

भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई। घटना सुबह करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। सामान चढ़ाने और यात्रियों के आने-जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ गया, जिसके चलते ट्रेन करीब 29 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। आरोप है कि पैंट्री कर्मचारियों ने एकजुट होकर यात्रियों पर हमला किया। विवाद के दौरान कर्मचारियों द्वारा चेन पुलिंग किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन पर पहले ही निर्धारित समय से 3 घंटे 33 मिनट की देरी से पहुंची थी। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया विवाद घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और यात्रियों व पैंट्री कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद को शांत कराया। जीआरपी टीआई अमित शर्मा के मुताबिक, पीड़ित यात्री बेंगलुरु जा रहा था। उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन पर इस मामले में शिकायत नहीं मिली। वहीं, नागपुर में जीरो पर प्रकरण दर्ज किए जाने की सूचना है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित जीआरपी के स्तर पर की जाएगी।

मध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव

मध्यप्रदेश में पारंपरिक और आंचलिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार करीब साढ़े सात करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर रही है। खेल विभाग ने इसके लिए छोटे शहरों में प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना बनाई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 330 विकासखंडों में हर साल पारंपरिक खेल महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेलों को संरक्षण देना और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है। सरकार की इस पहल से स्थानीय खेलों को प्रतियोगिताओं और व्यवस्थित प्रशिक्षण के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। पिट्ठू से मलखंभ तक, कई खेल होंगे शामिल प्रस्तावित योजना में पिट्ठू, गदा और साइकिल रेस जैसे पारंपरिक व आंचलिक खेलों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कबड्डी, खो-खो, पैदल चाल, तीरंदाजी और मलखंभ जैसे खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पारंपरिक खेल महोत्सव में विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इन स्पर्धाओं के लिए पूरे प्रदेश में एक समान नियम तैयार किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के समान अवसर मिल सकें। छोटे शहरों में खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र खेल विभाग का मानना है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई पारंपरिक खेल लंबे समय से स्थानीय संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को अक्सर औपचारिक प्रशिक्षण और बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर नहीं मिल पाता। प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से ऐसे खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। आधुनिक खेलों से जोड़ने की भी तैयारी खेल विभाग इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेगा। इसके बाद उन्हें आगे के प्रशिक्षण के लिए तैयार करने की योजना है। विभाग पारंपरिक खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को आधुनिक खेल व्यवस्था से जोड़ने के विकल्पों पर भी काम कर रहा है। इस पहल के जरिए पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पारंपरिक खेलों के केंद्र स्थापित किए जाएंगे: विश्वास सारंग खेल मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कई देशी खेल प्रचलित हैं, लेकिन उन्हें बड़े पैमाने पर खेलने के अवसर सीमित हैं। अब इनके केंद्र स्थापित कर इन खेलों को बढ़ावा देने की योजना है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित योजना में टीम आधारित और व्यक्तिगत, दोनों तरह के खेलों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।

एशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने 24 मेडल जीते, जिनमें 5 गोल्ड, 6 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं। दूसरे दिन एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज तीनों मेडल जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। वहीं, निषाद कुमार ने हाई जंप में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। सिमरन शर्मा और दीप्ति जीवनजी ने भी क्रमशः 200 मीटर और 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। शूटिंग में मनीष नरवाल ने सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक्स के लिए कोटा भी हासिल किया। डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक जीतकर अपना दबदबा कायम किया। देवेंद्र कुमार ने 781 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। राकेश ने 771 पॉइंट्स लेकर सिल्वर, जबकि प्रदीप कुमार ने 669 पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस मुकाबले की खास बात यह रही कि प्रदीप कुमार ने 51.15 मीटर का सबसे लंबा थ्रो किया, इसके बावजूद उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। इसकी वजह यह है कि इस स्पर्धा में अलग-अलग तरह की शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी एक साथ मुकाबला करते हैं। इसमें F43, F44, F62 और F64 कैटेगरी के खिलाड़ी शामिल थे। खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति और थ्रो करने की क्षमता में अंतर होने के कारण उनके प्रदर्शन का आकलन रजा पॉइंट्स सिस्टम के आधार पर किया जाता है। इस प्रणाली में खिलाड़ी की कैटेगरी के अनुसार प्रदर्शन को अंक दिए जाते हैं, जिससे अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के परिणामों की निष्पक्ष तुलना की जा सके। निषाद कुमार ने हाई जंप में जीता दूसरा गोल्ड भारतीय पैरा-एथलीट निषाद कुमार ने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.02 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। यह इन गेम्स में उनका दूसरा गोल्ड है। इससे पहले वह लॉन्ग जंप में भी पहला स्थान हासिल कर चुके हैं। हाई जंप में खिलाड़ियों को एक निश्चित ऊंचाई पर रखी बार को बिना गिराए पार करना होता है। हर सफल प्रयास के बाद बार की ऊंचाई बढ़ाई जाती है और सबसे अधिक ऊंचाई पार करने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। T47 पैरा-एथलेटिक्स की वह श्रेणी है, जिसमें हाथ से जुड़ी शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। निषाद की इस उपलब्धि से भारत के पदक अभियान को मजबूती मिली है। प्रणव सूरमा को गोल्ड, राम रतन सिंह ने जीता सिल्वर पुरुषों की डिस्कस थ्रो F51/F52/F53 स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रणव सूरमा ने 932 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि राम रतन सिंह 809 पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। प्रणव ने अपने छह प्रयासों में 11.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इस स्पर्धा में भी अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना रजा पॉइंट्स के आधार पर की जाती है। इसलिए केवल थ्रो की दूरी के आधार पर विजेता तय नहीं होता। प्रणव और राम रतन के अंकों ने उन्हें क्रमशः पहला और दूसरा स्थान दिलाया। भारत की पदक तालिका पर नजर दूसरे दिन के शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। एथलेटिक्स में लगातार मिल रही सफलताओं और शूटिंग में मनीष नरवाल की उपलब्धि ने भारतीय अभियान को नई गति दी है। प्रतियोगिता के अगले दिनों में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
SBI

SBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने का मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड में व्यक्तिगत जानकारी उजागर होने की पहचान की गई है। इनमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पते जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों की डेटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। SBI ने कहा है कि इस घटना से बैंक के सामान्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन और सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। वहीं, डेटा कहां से आया, कितने ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच की जा रही है। SBI Data Leak: कैसे सामने आया डेटा लीक का मामला? बैंक के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को उसे अपने Threat Intelligence Service Provider, Defence Cyber Agency और भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा उपलब्ध होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद SBI ने शुरुआती स्तर पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। हालांकि, डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डेटा कितना वास्तविक है और किस माध्यम से बाहर पहुंचा। ग्राहकों की कौन-सी निजी जानकारी हुई उजागर? शुरुआती जांच में सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: इनमें से कुछ जानकारियों का इस्तेमाल साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी पता होने पर ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ग्राहकों के बैंक खातों से पैसे निकलने या किसी खास तरह की धोखाधड़ी होने की पुष्टि नहीं हुई है। SBI ने जांच के लिए उठाए जरूरी कदम डेटा लीक की जानकारी मिलने के बाद बैंक ने अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच के लिए CERT-In से सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है कि डेटा का स्रोत क्या था, जानकारी कैसे उजागर हुई और इससे ग्राहकों की सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता है। बैंक के अनुसार, जांच के नतीजों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डेटा लीक के पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। क्या SBI ग्राहकों के बैंक खाते खतरे में हैं? डेटा लीक की खबर सुनकर ग्राहकों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या उनके बैंक खाते सुरक्षित हैं? यहां एक बात समझना जरूरी है। ग्राहकों का नाम, मोबाइल नंबर या पता सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उनके बैंक खाते भी हैक हो गए हैं। निजी जानकारी का उजागर होना और खाते से पैसे निकलना दो अलग-अलग बातें हैं। SBI ने कहा है कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज और सेवाओं पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ा है। हालांकि, निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके फर्जी कॉल, मैसेज और ऑनलाइन ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसलिए ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। Data Leak के बाद ग्राहकों को क्या करना चाहिए? डिजिटल बैंकिंग के दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में SBI ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। 1. OTP और PIN किसी को न बताएं: बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति भी आपसे OTP, ATM PIN या CVV मांगे, तो जानकारी साझा न करें। 2. संदिग्ध लिंक से बचें: KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या रिफंड मिलने के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। 3. बैंक खाते पर नजर रखें: अपने खाते के लेनदेन की नियमित जांच करें। कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। 4. फर्जी कॉल से सावधान रहें: अगर कोई व्यक्ति बैंकिंग जानकारी बताकर आपका भरोसा जीतने की कोशिश करे, तो उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। 5. साइबर ठगी होने पर शिकायत करें: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ध्यान रखें कि किसी ठग के पास आपकी कुछ निजी जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि है। SBI Data Leak मामले में अब आगे क्या होगा? फिलहाल SBI डेटा लीक मामले की जांच जारी है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि डार्क वेब पर उपलब्ध जानकारी कहां से आई और घटना का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही डेटा लीक की वजह और ग्राहकों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर ज्यादा स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक ग्राहकों के लिए अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखना और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहना सबसे जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Delhi HighCourt

Delhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi HighCourt) में बुधवार, 21 अक्टूबर को CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों नेताओं ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के बाद दोनों ने अपनी याचिका वापस ले ली। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब इस मामले में दूसरी कानूनी प्रक्रिया अपनाने का विकल्प मौजूद है, तो सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया गया। कोर्ट ने दोनों नेताओं की ओर से शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों पर भी टिप्पणी की। Jantar Mantar Protest Case: क्या है पूरा मामला? सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर उस स्थान पर प्रवेश किया था, जिसे प्रदर्शन स्थल के रूप में पहले ही अधिसूचित सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। शुरुआत में उनकी हिरासत पांच दिन के लिए तय की गई थी। 19 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ाने का आदेश दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। Court Remarks: बॉन्ड की शर्तों पर क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड और उसके कथित उल्लंघन को लेकर सवाल उठाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटना के बाद दूसरे लोगों के भी नियमों का उल्लंघन करने की आशंका बढ़ सकती है। दोनों नेताओं की ओर से पेश वकील ने हिरासत बढ़ाने के आदेश और जमानतदारों से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका पक्ष था कि दोनों ने आवश्यक जमानतदार पेश किए थे, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में रखा गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में उपलब्ध वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाने की बात कही। इसके बाद दोनों नेताओं की ओर से याचिका वापस लेने का फैसला किया गया। याचिका वापस लेने का क्या मतलब है? सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका वापस लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हाईकोर्ट ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को सही ठहरा दिया है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय दिए बिना याचिका वापस लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को पहले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष चल रही प्रक्रिया के नतीजे का इंतजार करने और जरूरत पड़ने पर उचित अपीलीय मंच का रुख करने की सलाह दी। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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