राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासत लगातार गरमाती जा रही है। कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों के नामांकन खारिज होने पर बड़ा सवाल उठाया है। पार्टी का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता नहीं बरती गई और विपक्षी उम्मीदवारों को जानबूझकर निशाना बनाया गया। इसी मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल आज केंद्रीय चुनाव आयोग (CEC) से मुलाकात करने वाला है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में चुनाव सबसे अहम प्रक्रिया होती है, लेकिन अगर उसी प्रक्रिया पर सवाल उठने लगें तो लोगों का भरोसा कमजोर होता है। पार्टी अब चुनाव आयोग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेगी।
Bhopal में विरोध प्रदर्शन से बढ़ा राजनीतिक माहौल
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भी इस मुद्दे को लेकर जोरदार विरोध देखने को मिला। चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और वहां RSS की ड्रेस टांगकर अपना विरोध जताया। इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस और तेज हो गई।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाया जा रहा है। वहीं भाजपा ने इस प्रदर्शन को गलत बताते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक हार को छिपाने के लिए अनावश्यक विवाद खड़ा कर रही है।
नामांकन खारिज होने पर कांग्रेस के सवाल
कांग्रेस का दावा है कि तकनीकी कारणों का हवाला देकर उनके उम्मीदवारों के नामांकन रद्द किए गए, जबकि दूसरी तरफ कुछ मामलों में नियमों को नजरअंदाज किया गया। पार्टी नेताओं का कहना है कि वे चुनाव आयोग को सभी जरूरी दस्तावेज और तथ्यों के साथ अपनी शिकायत सौंपेंगे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर चुनाव आयोग इस मामले में हस्तक्षेप करता है तो राज्यसभा चुनाव की तस्वीर बदल सकती है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में भी बड़ा असर डाल सकता है।
चुनाव आयोग की बैठक पर टिकी निगाहें
अब सभी की नजर कांग्रेस नेताओं और CEC के बीच होने वाली बैठक पर है। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के बाद चुनाव आयोग की तरफ से कोई बड़ा फैसला या प्रतिक्रिया सामने आ सकती है।
राज्यसभा चुनाव का यह विवाद फिलहाल सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि निष्पक्ष चुनाव और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
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