जबलपुर के सदर स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में करोड़ों नहीं, लेकिन लाखों का बड़ा गोल्ड लोन घोटाला सामने आया है। बैंक में जमा करने से पहले सोने की जांच करने वाले अधिकृत वैल्यूअर ने कथित रूप से नकली सोने को असली बताकर करीब 43 लाख रुपए का लोन मंजूर करा दिया। मामले का खुलासा होने के बाद बैंक प्रबंधन ने वैल्यूअर समेत 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
वैल्यूअर की जांच में पास हुआ नकली सोना
पुलिस के अनुसार, बैंक में गोल्ड लोन लेने पहुंचे लोगों के जेवरों की जांच अधिकृत वैल्यूअर द्वारा की गई थी। जांच के बाद सोने को असली बताकर ग्राहकों को लोन स्वीकृत कर दिया गया। बाद में बैंक अधिकारियों को संदेह हुआ तो जेवरों की दोबारा जांच कराई गई, जिसमें सोना नकली निकला।

13 ग्राहकों को मिला था 38 लाख से ज्यादा का लोन
जांच में सामने आया कि 13 अलग-अलग ग्राहकों को नकली सोना गिरवी रखकर कुल 38 लाख 81 हजार 100 रुपए का गोल्ड लोन दिया गया था। ब्याज सहित यह राशि बढ़कर करीब 43 लाख 17 हजार 512 रुपए हो गई।
किश्त नहीं चुकाने पर खुला राज
दिसंबर 2023 से अक्टूबर 2024 के बीच अलग-अलग समय पर लोगों ने बैंक से गोल्ड लोन लिया था। जब लोन की अवधि पूरी होने के बाद भी किसी ने किश्त जमा नहीं की, तो बैंक ने नोटिस जारी किए। इसके बावजूद कोई ग्राहक बैंक नहीं पहुंचा। इसके बाद बैंक ने गिरवी रखे सोने की दोबारा जांच कराई, जिसमें पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया।
बैंक मैनेजर की शिकायत पर दर्ज हुई FIR
मामले की शिकायत फरवरी 2026 में बैंक मैनेजर ने कैंट थाना पुलिस से की थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि बैंक के अधिकृत वैल्यूअर ने अन्य लोगों के साथ मिलकर नकली सोने के आधार पर लोन दिलवाया था। इसके बाद वैल्यूअर समेत 15 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
जल्द हो सकती है आरोपियों की गिरफ्तारी
कैंट थाना प्रभारी पृष्पेंद्र पटले ने बताया कि पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले की जांच जारी है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
