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सागर रानगिर मंदिर ब्लास्ट: पत्नी के मायके वालों को फंसाने के लिए रची खौफनाक साजिश, स्पीकर बम से 3 घायल

मध्य प्रदेश के सागर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शख्स ने अपनी ही पत्नी के मायके वालों को फंसाने के लिए खौफनाक साजिश रच डाली। यह घटना रानगिर देवी धाम मंदिर की है, जहां आरोपी ने ब्लूटूथ स्पीकर में बम फिट कर मंदिर परिसर में रख दिया। 17 मार्च को जैसे ही स्पीकर चालू हुआ, जोरदार धमाका हो गया। इस हादसे में 11 साल की मासूम बच्ची समेत तीन लोग घायल हो गए, जिनमें बच्ची की हालत गंभीर है और उसका इलाज भोपाल में चल रहा है। कैसे हुआ पूरा हादसा? 16 मार्च को आरोपी मंदिर के पास पहुंचा और प्रसाद की दुकान के बाहर स्पीकर रखकर चला गया। दुकान संचालक राधेश्याम रैकवार को लगा कि कोई गलती से स्पीकर भूल गया है, इसलिए उन्होंने उसे घर के अंदर रख लिया। अगले दिन रात को उनकी नातिन संजना ने जब स्पीकर ऑन किया, तो तेज धमाका हो गया। इस विस्फोट में संजना बुरी तरह घायल हो गई, जबकि राधेश्याम और उनकी पत्नी भी जख्मी हो गए। पहले मोबाइल ब्लास्ट बताया गया, फिर खुली सच्चाई शुरुआत में इस घटना को मोबाइल बैटरी फटने का मामला बताया गया, लेकिन डॉक्टरों ने इतनी गंभीर चोटों पर सवाल उठाए। इसके बाद पुलिस ने जांच तेज की। मौके से वायर और इलेक्ट्रॉनिक सबूत मिलने पर फोरेंसिक जांच कराई गई, जिसमें बारूद से ब्लास्ट होने की पुष्टि हुई। एक मैसेज से खुला पूरा राज पुलिस को जांच के दौरान एक बड़ा सुराग मिला। घटना से पहले मंदिर के पुजारी को एक संदिग्ध मैसेज भेजा गया था, जिसमें कुछ लोगों के नाम लेकर बम ब्लास्ट की साजिश बताई गई थी। इसी मैसेज के जरिए पुलिस आरोपी तक पहुंच गई। पत्नी के मायके वालों को फंसाने की थी साजिश जांच में सामने आया कि आरोपी गोलू उर्फ इमारत पटेल ने अपनी पत्नी के मायके वालों से बदला लेने के लिए यह प्लान बनाया था। पत्नी उससे नाराज होकर मायके चली गई थी और वापस नहीं आ रही थी। गुस्से में आकर आरोपी ने अपने दोस्त के साथ मिलकर स्पीकर बम तैयार किया और उसे मंदिर में रख दिया, ताकि यह आतंकी घटना लगे और पत्नी के परिवार वाले इस केस में फंस जाएं। पहले से शादीशुदा थी पत्नी, बढ़ा विवाद आरोपी ने 2025 में अपने से 11 साल बड़ी महिला से शादी की थी। बाद में उसे पता चला कि महिला पहले से शादीशुदा है और उसके चार बच्चे भी हैं। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और महिला फरवरी 2026 में मायके लौट गई। यूट्यूब से सीखा बम बनाना पुलिस के अनुसार आरोपी पहले माइंस में काम कर चुका है, इसलिए उसे बारूद की जानकारी थी। उसने डेटोनेटर खरीदा और यूट्यूब की मदद से स्पीकर बम तैयार किया। फिलहाल पुलिस ने आरोपी और उसके साथी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है, वहीं एक मासूम बच्ची की जिंदगी पर इसका गहरा असर पड़ा है। 👉 ऐसी ही लेटेस्ट और विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें deshharpal.com
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ईरान-इजराइल जंग का असर MP में: खाने-पीने की चीजें महंगी, आम आदमी की जेब पर डबल मार

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे तनाव का असर अब मध्यप्रदेश के शहरों में साफ दिखने लगा है। गैस की कमी और बढ़ती लागत के कारण खाने-पीने की चीजें महंगी हो गई हैं। इसका सीधा असर आम आदमी की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है। इंदौर में स्ट्रीट फूड महंगा, ग्राहक कम इंदौर के मशहूर 56 दुकान और सराफा बाजार में खाने-पीने के दाम ₹1 से ₹10 तक बढ़ गए हैं।पोहा, चाय, समोसा, कचौरी से लेकर चाइनीज फूड तक सब महंगा हो गया है। दुकानदारों का कहना है कि गैस, तेल और कच्चे माल की कीमत बढ़ने के कारण रेट बढ़ाना मजबूरी है।ग्राहक सावन इंगले बताते हैं कि पहले दो लोगों का खाना ₹400-₹500 में हो जाता था, अब वही ₹700-₹800 तक पहुंच गया है। इसका असर ग्राहकों की संख्या पर भी पड़ा है—लोग अब बाहर कम खाने लगे हैं। भोपाल में भी खाने का खर्च बढ़ा भोपाल में रोजमर्रा का खाना महंगा हो गया है। जबलपुर में नाश्ता महंगा जबलपुर में कमर्शियल गैस की कमी और महंगे तेल की वजह से नाश्ते के दाम बढ़ गए हैं।समोसा ₹20 हो चुका है और जल्द ₹25 होने की संभावना है। जलेबी ₹240 से बढ़कर ₹300 प्रति किलो हो गई है। ग्वालियर में किराना और ड्राई फ्रूट्स महंगे ग्वालियर में एलपीजी की कमी के कारण सप्लाई प्रभावित हुई है। व्यापारियों का कहना है कि अगर युद्ध जल्द नहीं रुका, तो महंगाई और बढ़ सकती है। रीवा में पानी तक महंगा रीवा में गर्मी के साथ महंगाई ने भी लोगों को परेशान कर दिया है। 20 लीटर पानी का जार जो पहले ₹25-₹30 में मिलता था, अब ₹40 में मिल रहा है। गैस की कमी बनी बड़ी वजह दुकानदारों और होटल संचालकों के अनुसार, एलपीजी सिलेंडर की कमी और महंगे ईंधन के कारण लागत 20-25% तक बढ़ गई है। कई जगह कम प्रॉफिट में काम करना पड़ रहा है, जबकि नई बुकिंग बढ़े हुए रेट पर ही हो रही है। यह स्थिति साफ बताती है कि अंतरराष्ट्रीय हालात का असर अब सीधे आम लोगों की थाली तक पहुंच गया है। अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ सकती है। 👉 ऐसी ही जमीनी और असरदार खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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खंडवा में बड़ा हादसा: जर्जर रेलवे भवन गिरा, कर्मचारी की मौत, एक घायल

मध्यप्रदेश के खंडवा में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। कोतवाली थाना क्षेत्र के तीन पुलिया इलाके में पुराने रेलवे भवन का हिस्सा अचानक गिर पड़ा, जिसमें एक कर्मचारी की जान चली गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया। जर्जर इमारत बनी हादसे की वजह जानकारी के मुताबिक, मीटर गेज का यह पुराना रेलवे कार्यालय लंबे समय से खंडहर बना हुआ था। यहां से लोहा (स्क्रैप) निकालने का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक इमारत का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया और वहां काम कर रहे कर्मचारी मलबे में दब गए। मौके पर ही मौत, साथी घायल हादसे में रेलवे के मास्टर क्राफ्ट्समैन शशिकांत की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उनके सहायक वीरेंद्र के हाथ में गंभीर चोट आई है, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जेसीबी से चला रेस्क्यू ऑपरेशन घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कराया। जेसीबी मशीन की मदद से मलबा हटाकर कर्मचारियों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक शशिकांत की मौत हो चुकी थी। जांच में जुटी पुलिस हादसे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि जर्जर भवन में काम के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है कि खंडहर और खतरनाक इमारतों में काम करते समय सुरक्षा को कितना नजरअंदाज किया जाता है। 👉 ऐसी ही ग्राउंड रिपोर्ट और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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उज्जैन बनेगा विज्ञान और संस्कृति का संगम, ‘महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम’ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शुरू

मध्यप्रदेश के उज्जैन में एक बार फिर देश-दुनिया के वैज्ञानिकों और बुद्धिजीवियों का जमावड़ा लगने जा रहा है। बाबा महाकाल की नगरी में शुक्रवार से ‘महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम’ थीम पर आधारित प्रदर्शनी और तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत हो गई है। इस खास आयोजन का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने किया। विकास परियोजनाओं की भी सौगात कार्यक्रम के दौरान सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए 19 किलोमीटर लंबे फोर लेन बायपास का भूमिपूजन किया गया। यह सड़क लगभग 701 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होगी।इसके साथ ही 22 करोड़ रुपए से विक्रमादित्य हेरिटेज होटल का विस्तार भी किया जाएगा। अत्याधुनिक साइंस सेंटर बना आकर्षण वसंत विहार स्थित तारामंडल परिसर में 15.20 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक साइंस सेंटर तैयार किया गया है। इसमें केंद्र और राज्य सरकार दोनों का योगदान है।यह सेंटर खास तौर पर छात्रों और शोधार्थियों के लिए विकसित किया गया है, जहां उन्हें नई तकनीकों और अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी सुविधाएं मिलेंगी। विज्ञान और भारतीय परंपरा का संगम तीन दिन तक चलने वाले इस सम्मेलन में देश-विदेश के वैज्ञानिक, खगोलविद, शिक्षाविद और नीति-निर्माता शामिल होंगे।इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक अंतरिक्ष विज्ञान से जोड़ना है। सम्मेलन में इन अहम विषयों पर चर्चा होगी: छात्रों के लिए खास अवसर इस आयोजन में युवाओं के लिए कई रोचक और प्रैक्टिकल गतिविधियां रखी गई हैं, जैसे: इस सम्मेलन के जरिए उज्जैन एक बार फिर साबित कर रहा है कि यह शहर सिर्फ आस्था का नहीं, बल्कि विज्ञान और ज्ञान का भी केंद्र है। www.deshharpal.com👉 Deshharpal पर ऐसी ही खबरों के लिए विजिट करें:
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सागर में दिल दहला देने वाली घटना: पति-पत्नी ने फांसी लगाकर दी जान, शादी के जोड़े में मिले शव

मध्यप्रदेश के सागर से एक बेहद भावुक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक पति-पत्नी के शव फांसी के फंदे पर लटके मिले, और सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि दोनों शादी के जोड़े में थे। यह मामला रहली थाना क्षेत्र के चांदपुर के मुठिया टोला का है। बुधवार देर रात जब परिजनों ने दोनों को फंदे पर लटका देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। शादी के जोड़े में मिला शव, परिवार भी रह गया स्तब्ध जब पुलिस और परिवार के लोग कमरे में पहुंचे, तो वहां का दृश्य देखकर सभी हैरान रह गए। पत्नी काजल पटेल ने शादी की साड़ी पहन रखी थी, जबकि पति राजेंद्र उर्फ गोलू शादी वाला सूट पहने हुए था। दोनों की पहचान 22 वर्षीय राजेंद्र (पिता गणेश पटेल) और 21 वर्षीय काजल पटेल के रूप में हुई है। पुलिस ने पंचनामा बनाकर शवों को रहली स्वास्थ्य केंद्र पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। 3 साल की शादी, लेकिन नहीं थी संतान जानकारी के अनुसार, दोनों की शादी को करीब 3 साल हो चुके थे, लेकिन उनके कोई संतान नहीं थी। शुरुआती जांच में पुलिस इस मामले को आत्महत्या मान रही है, हालांकि अभी तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। मौत की वजह अब भी रहस्य रहली थाना प्रभारी सुनील शर्मा के मुताबिक, फिलहाल मौत के पीछे की असली वजह सामने नहीं आई है। पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। 👉 ऐसी ही संवेदनशील और भरोसेमंद खबरों के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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उज्जैन में ऑटो चालक की हत्या: वाइन शॉप के बाहर मिला खून से लथपथ शव, जांच में जुटी पुलिस

मध्यप्रदेश के उज्जैन में बुधवार देर रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक ऑटो चालक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। गुरुवार सुबह आगर रोड स्थित एक वाइन शॉप के बाहर उसका शव खून से लथपथ हालत में मिला, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान बेगमबाग निवासी आरिफ उर्फ भूरा (पिता गफ्फार) के रूप में हुई है। वह ऑटो चलाने के साथ-साथ पेंट का काम भी करता था। परिजनों के मुताबिक, वह बुधवार रात करीब 9 बजे घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। शरीर पर मिले गहरे घाव, हत्या की पुष्टि घटना की सूचना मिलते ही सीएसपी पुष्पा प्रजापति और टीआई गजेंद्र पचौरिया पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस को मृतक के शरीर पर चाकू के 2-3 गहरे घाव मिले हैं, जिससे साफ है कि हत्या धारदार हथियार से की गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतक के परिचितों का कहना है कि आरिफ की किसी से दुश्मनी की जानकारी नहीं थी। वह मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन करता था और अक्सर काम के सिलसिले में बाहर रहता था। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। साथ ही, मृतक के पुराने विवाद और संदिग्ध गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। सीएसपी पुष्पा प्रजापति के अनुसार, मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले में और स्पष्टता आएगी। 👉 ऐसे ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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इंदौर में दिल दहला देने वाला हादसा: खेलते बच्चे पर चढ़ी कार, पैर में फ्रैक्चर

मध्यप्रदेश के इंदौर से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां खेलते हुए एक मासूम बच्चे को कार ने कुचल दिया। यह घटना मंगलवार को बॉम्बे हॉस्पिटल के पीछे स्थित शांति निकेतन कॉलोनी की है। घटना का वीडियो कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि दो बच्चे सड़क पर खेल रहे थे, तभी पीछे से आ रही ग्रे रंग की कार ने एक बच्चे को टक्कर मार दी। हादसा इतना भयानक था कि कार का अगला पहिया बच्चे के पैरों के ऊपर से गुजर गया, जबकि पीछे का पहिया उसके शरीर के ऊपर से निकल गया। इसके बावजूद बच्चा हिम्मत दिखाते हुए खुद उठने की कोशिश करता नजर आया। इस हादसे में बच्चे का पैर फ्रैक्चर हो गया है। मामले में पुलिस ने जानकारी दी कि कार संजय अग्रवाल के नाम पर रजिस्टर्ड है और घटना के समय उसका ड्राइवर गाड़ी चला रहा था। हादसे के तुरंत बाद संजय अग्रवाल खुद घायल बच्चे को लेकर बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचे और अपने ड्राइवर को थाने भेजकर FIR दर्ज करवाई। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। 👉 ऐसे ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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Bhopal

Bhopal Murder Case चाय कारोबारी Vijay Mewada की हत्या और Asif Bam का Short Encounter

भोपाल (Bhopal) में चाय कारोबारी विजय मेवाड़ा की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी आसिफ बम (Asif Bam) का पुलिस के साथ short encounter हुआ। घटना मंगलवार—बुधवार की दरमियानी रात समसपुरा और रातीबड़ के पास हुई, जिसमें आरोपी ने पुलिस की पिस्टल छीनकर फायरिंग की, और पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में उसके घुटनों पर दो गोली मारी। हत्या का पूरा मामला करीब चार दिन पहले विजय मेवाड़ा अपने कर्मचारियों के साथ काम कर रहे थे। इसी दौरान आरोपी आसिफ बम और उसके साथी कर्मचारियों से बहस करने लगे। विजय ने “बेटा” कहकर उन्हें शांत करने की कोशिश की, लेकिन गुस्साए आरोपी ने उस पर हमला कर दिया। इस दौरान आसिफ बम ने विजय के पेट में चाकू घोंप दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। कर्मचारियों ने उन्हें प्राइवेट अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन तब तक विजय मेवाड़ा की मौत हो चुकी थी। विजय भोपाल में चाय के कारोबार के लिए जाने जाते थे और उनके निधन से स्थानीय समुदाय में शोक की लहर है। आरोपी की गिरफ्तारी हत्या के बाद आरोपी आसिफ बम फरार चल रहा था। पुलिस को मुखबिर से जानकारी मिली कि वह एक फार्म हाउस में छिपा हुआ है। सूचना के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और समसपुरा से भोपाल ले जा रही थी। शॉर्ट एनकाउंटर की कहानी रातीबड़ के पास आरोपी ने पुलिस की पिस्टल छीनने की कोशिश की और फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में उसके घुटनों पर दो गोली मारी। इस दौरान अन्य पुलिस बल भी मौके पर पहुंचे। घटना के तुरंत बाद आरोपी को हमीदिया अस्पताल लाया गया। हमीदिया अस्पताल में सुरक्षा आसिफ बम के इलाज के दौरान हमीदिया अस्पताल में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। अस्पताल परिसर को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया गया है। मीडिया और अन्य लोगों की एंट्री फिलहाल रोक दी गई है। डॉक्टर आरोपी का इलाज कर रहे हैं और पुलिस पूरे मामले पर नजर रखे हुए है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhopal में LPG सिलेंडर की कालाबाज़ारी का खुलासा, कैमरे में कैद हुआ पूरा खेल

Bhopal में LPG सिलेंडर की कालाबाज़ारी का खुलासा, कैमरे में कैद हुआ पूरा खेल

मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां LPG सिलेंडरों की कालाबाज़ारी का पूरा खेल कैमरे में कैद हो गया। इस रिपोर्ट में दिखाया गया है कि कैसे कुछ लोग घरेलू गैस सिलेंडरों का गलत तरीके से इस्तेमाल कर उन्हें ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं। आम जनता के लिए मिलने वाले सिलेंडर को चोरी-छिपे कमर्शियल उपयोग में लगाया जा रहा है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कैमरे में कैद हुई तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि सिलेंडरों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाकर अवैध तरीके से बेचा जा रहा है। यह न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है, बल्कि लोगों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की कालाबाज़ारी लंबे समय से चल रही है, लेकिन अब इसका खुलासा होने के बाद प्रशासन से सख्त कार्रवाई की उम्मीद बढ़ गई है। अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो इससे आम उपभोक्ताओं को गैस की किल्लत और महंगाई दोनों का सामना करना पड़ सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Jabalpur Murder Case: घोड़ी से दूर रहने की बात पर युवक की चाकू मारकर हत्या

जबलपुर में सोमवार देर रात एक 33 वर्षीय युवक की सिर्फ एक मामूली बात पर बेरहमी से हत्या कर दी गई। युवक ने शादी के दौरान सड़क से गुजर रहे कुछ लड़कों को घोड़ी से दूर रहने को कहा था, जिससे नाराज होकर आरोपियों ने उसे घेरकर चाकू मार दिया। आरोपी वारदात को अंजाम देकर उसे बीच सड़क पर छोड़कर फरार हो गए। घायल हालत में मिला, अस्पताल में मौत कुछ देर बाद वहां से गुजर रहे लोगों ने युवक को खून से लथपथ हालत में देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। हनुमानताल और घमापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां देर रात उसकी मौत हो गई। आरोपियों की पहचान, तलाश जारी पुलिस ने हत्या के मामले में जीशान और उसके साथियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। शादी समारोह में हुआ था विवाद हनुमानताल निवासी मोनू उर्फ सादिल शादियों में दूल्हे के लिए घोड़ी लगाने का काम करता था। सोमवार रात वह घमापुर में एक शादी में गया था। कार्यक्रम के दौरान कुछ युवक बाइक से भीड़ के बीच से निकल रहे थे, तब मोनू ने उन्हें घोड़ी से दूर रहने को कहा, ताकि कोई हादसा न हो। पहले झगड़ा, फिर बदला इस बात को लेकर मौके पर ही विवाद हो गया, लेकिन बारात में मौजूद लोगों ने मामला शांत करा दिया। इसके बाद आरोपी वहां से चले गए, लेकिन उन्होंने इस बात का बदला लेने की ठान ली। घर के बाहर किया हमला रात करीब 12:30 से 1 बजे के बीच जब मोनू घर पहुंचा और घोड़ी बांधकर घर में जा रहा था, तभी बाइक सवार बदमाशों ने उस पर हमला कर दिया। उन्होंने ताबड़तोड़ चाकू मारकर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। परिवार पर था जिम्मा मृतक के भाई मोहम्मद साबिर ने बताया कि उन्हें आरोपियों की पहचान नहीं है। विवाद सिर्फ इतना था कि मोनू ने घोड़ी से दूर रहने को कहा था। मोनू ही पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभालता था और शादियों में घोड़ी लगाकर घर चलाता था। पुलिस जांच में जुटी हनुमानताल थाना पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की है, लेकिन अभी तक सभी आरोपियों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस का कहना है कि जीशान और उसके साथी जल्द ही गिरफ्त में होंगे। 👉 अधिक खबरों और अपडेट के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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Editor's Picks

Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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