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इवनिंग वॉक पर निकले बुजुर्ग के हाथ से मोबाइल छीना:पुलिस ने दो दिन बाद दर्ज की FIR, आरोपी फरार

भोपाल में बुज़ुर्ग से मोबाइल झपट कर भागे बाइक सवार बदमाश, सीसीटीवी में तलाश रही पुलिस भोपाल के पिपलानी इलाके से एक और चौंकाने वाला झपटमारी का मामला सामने आया है। इवनिंग वॉक पर निकले 71 वर्षीय बुज़ुर्ग सुदर्शन शर्मा का मोबाइल बाइक सवार तीन बदमाश झपटकर फरार हो गए। यह घटना 20 अप्रैल की शाम करीब 6:30 बजे छत्रसाल नगर के पास की है, लेकिन एफआईआर मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात दर्ज की गई। बुज़ुर्ग का दर्द — “चलते-चलते झपट लिया और भाग निकले” सुदर्शन शर्मा, जो भवानी धाम कॉलोनी के निवासी हैं, हर दिन की तरह उस शाम भी टहलने निकले थे। तभी अचानक एक बाइक पर तीन युवक उनके करीब आए और उनके हाथ से मोबाइल छीनकर भाग निकले। बुज़ुर्ग कुछ समझ पाते, उससे पहले आरोपी गायब हो चुके थे। झपटमार अब भी फ़रार, पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी फुटेज पिपलानी थाना पुलिस बुज़ुर्ग ने मोबाइल की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आस-पास के सीसीटीवी कैमरों की मदद से बदमाशों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में सक्रिय पुराने अपराधियों से पूछताछ की जा रही है ताकि कोई सुराग हाथ लगे। थानेदार बोले: “हम लगातार निगरानी कर रहे हैं। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ़्तार किया जाएगा।” DeshHarpal की अपील भोपालवासियों से अनुरोध है कि बाहर निकलते वक्त सतर्क रहें, खासकर बुज़ुर्गों के साथ। झपटमार बेखौफ घूम रहे हैं और अब आम जनता की सुरक्षा सवालों के घेरे में है।
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पहलगाम के आतंकी हमले के खिलाफ भोपाल में प्रदर्शन:पाकिस्तान का पूतला फूंका, सीएम बोले- आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब मिलेगा

जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमला: 27 मासूम सैलानियों की जान गई, पूरे देश में गुस्सा—भोपाल में हुआ आतंकवाद का पुतला दहन जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत पहलगाम में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहाँ आतंकियों ने 27 निर्दोष पर्यटकों की जान ले ली। इस हमले के बाद पूरे देश में आक्रोश की लहर है। हर गली, हर नुक्कड़ से एक ही आवाज़ आ रही है—”आतंकवाद मुर्दाबाद!” भोपाल के चार बत्ती चौराहे पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के नेतृत्व में आतंकवाद के खिलाफ ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन हुआ। आतंकवाद का पुतला फूंका गया, और नारे लगे— “मोदी जी, अब 56 इंच का सीना दिखाना होगा!”“आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब चाहिए!” प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाओं और बच्चियों ने भी हिस्सा लिया, यह दिखाते हुए कि आतंकवाद का कोई मज़हब नहीं होता, और देश का हर नागरिक इसके खिलाफ एकजुट है। सीएम का सख्त संदेश: आतंकियों को मिलेगा करारा जवाब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा: “पहलागाम में हुआ आतंकी हमला एक कायराना और अमानवीय कृत्य है। मैं शहीद हुए सभी लोगों को श्रद्धांजलि देता हूँ और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। आतंकियों को मुँह तोड़ जवाब मिलेगा।” वहीं, कांग्रेस नेता और मप्र के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा: “अब वक़्त है कि सरकार अपने खोखले दावों को छोड़कर जवाबदेही ले। ताकि आगे ऐसी घटनाएं न हों और बेगुनाहों की जान न जाए।” आरिफ मसूद बोले—‘370 के बाद भी क्यों नहीं थमा आतंक?’ विधायक आरिफ मसूद ने बड़ा बयान देते हुए कहा: “देश आज बहुत दुखद मोड़ पर खड़ा है। आतंकवाद का कोई मज़हब नहीं होता। पूरा देश इस समय शहीदों के साथ है। पुलवामा हमले का सच आज तक सामने नहीं आया, और 370 हटने के बावजूद आतंक क्यों जारी है—इसका जवाब चाहिए।” जब मसूद से पूछा गया कि क्या यह पाकिस्तान प्रायोजित हमला है?उन्होंने कहा: “जो भी इस हमले के पीछे है, अब सरकार को पूरे देश की ताक़त के साथ इसका जड़ से सफाया करना चाहिए। हम सब सरकार के साथ हैं।” अमरनाथ यात्रा को लेकर उन्होंने कहा: “अमरनाथ यात्रा शांतिपूर्ण रहेगी। कश्मीर के हमारे मुस्लिम भाई हर साल इसे सम्मान के साथ सम्पन्न कराते हैं। देश को चिंता करने की जरूरत नहीं, देश एक है।” देश एक सुर में बोला: “अब और नहीं!” अब वक़्त है कि सिर्फ निंदा नहीं, एक्शन चाहिए। जो भी इन मासूमों की जान के पीछे है, उसे हर हाल में सज़ा मिलनी चाहिए। देश की आवाज़ साफ़ है — “आतंक के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई चाहिए!”
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Pahalgam terror attack

मंडीदीप में गेल प्लांट से गैस लीक:10 घंटे की मशक्कत के बाद रोका जा सका रिसाव; जयपुर से सेफ्टी टीम जांच करने पहुंची

भोपाल के पास मंडीदीप में गेल प्लांट से गैस लीक, रातभर अफरा-तफरी, सुबह जाकर काबू पाया गया भोपाल से सटे मंडीदीप में मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात तकरीबन 12 बजे गेल के गैस प्रोसेसिंग प्लांट में गैस लीक हो गई। जैसे ही इसकी जानकारी मिली, फायर सेफ्टी टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घंटों की मशक्कत के बाद बुधवार सुबह करीब 10 बजे जाकर रिसाव को कंट्रोल किया जा सका। इस दौरान प्लांट के अंदर हड़कंप मच गया। सेफ्टी के लिए अलर्ट मोड पर प्रशासन सावधानी बरतते हुए एनडीआरएफ और एसडीईआरएफ की टीमें भी मौके पर पहुंची। प्लांट के एक किलोमीटर के दायरे में बैरिकेड्स लगाकर आम लोगों की आवाजाही बंद कर दी गई। नगर पालिका मंडीदीप के फायर फाइटर्स को भी बुलाया गया और एरिया को खाली कराया गया। सतलापुर और मंडीदीप की पुलिस, होमगार्ड्स की टीम ने मौके की कमान संभाली। जयपुर से पहुंची स्पेशल सेफ्टी टीम गंभीरता को देखते हुए गेल की सेफ्टी टीम जयपुर से रवाना होकर तुरंत प्लांट का सेफ्टी ऑडिट करने पहुंच गई है। गेल प्रोजेक्ट मैनेजर का बयान – “स्थिति नियंत्रण में है” गेल के प्रोजेक्ट मैनेजर डी. डोंगरे ने कहा, “गैस लीक को कंट्रोल कर लिया गया है। किसी भी तरह की जनहानि या खतरे की फिलहाल कोई आशंका नहीं है। स्कूल बंद करने या इलाके को खाली कराने जैसी कोई जरूरत नहीं है।” कलेक्टर से लेकर एसपी तक ने लिया जायजा कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा, एसडीएम चंद्रशेखर श्रीवास्तव, एसडीपीओ शीला सुराणा और नायब तहसीलदार नीलेश सरवटे ने खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। कलेक्टर ने बताया कि गैस लीक की जानकारी उन्हें सुबह 5 बजे मिली थी। अब रिसाव पूरी तरह से बंद है और पूरे एरिया को सैनिटाइज किया जा चुका है। भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सेफ्टी एसओपी तैयार किया जाएगा। एसपी बोले – सेफ्टी जांच के बाद कारणों का पता चलेगा एसपी पंकज पांडे ने बताया कि फिलहाल प्लांट की सेफ्टी जांच की जा रही है। इसके बाद गैस लीक के पीछे के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी। क्या करता है ये गेल प्लांट? गेल का ये प्लांट मंडीदीप के सिविल अस्पताल के पास स्थित है। यहां एलएनजी को पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) में बदलकर घरेलू, कॉमर्शियल और इंडस्ट्रियल इस्तेमाल के लिए सप्लाई किया जाता है। इस प्लांट की घरेलू गैस स्टोरेज क्षमता 750 एससीएम, कॉमर्शियल 1600 एससीएम और इंडस्ट्रियल 7500 एससीएम है। पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना गौरतलब है कि करीब दो साल पहले भी इसी प्लांट में गैस रिसाव की घटना हुई थी, जब मरकैप्टन लिक्विड के कुछ बूंदें पाइप से नीचे गिर गई थीं। उस दौरान भी इलाके में तेज गंध फैलने से लोगों को आंखों में जलन, उल्टी और चक्कर की शिकायत हुई थी। 👉 देशहरपाल के साथ बने रहें, हम लाएंगे आपको हर अपडेट!
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CM Mohan Yadav

Madhya Pradesh Cabinet Decisions CM Mohan Yadav की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए

CM Mohan Yadav की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार 22 अप्रैल 2025 को मंत्रालय में हुई। Madhya Pradesh Cabinet द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये संशोधनों को मंजूरी दी गई। योजना अंतर्गत कन्या तथा कन्या के अभिभावक गरीबी रेखा के नीचे जीवन निर्वाह करते हों, साथ ही इनका बी.पी.एल. पोर्टल पर सत्यापन अनिवार्य होगा। कन्या विवाह तथा निकाह सम्मेलन के लिये संभागवार वार्षिक चक्रीय रूप से कैलेण्डर जारी कर सामुहिक विवाह/निकाह कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। संभागवार जिलों मे आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में सम्मिलित विवाह जोड़ों की न्यूनतम संख्या 11 एवं अधिकतम 200 जोड़ों की निर्धारित की गयी है। योजना में सामूहिक विवाह/निकाह सम्मेलनों में प्राप्त आवेदनों की स्क्रूटनी पूर्व अनुसार निकाय स्तर पर की जायेगीं। पात्र/अपात्र एवं समग्र पोर्टल पर वर-वधू की आधार ई-केवायसी अनिवार्य होगा। सामूहिक विवाह कार्यक्रमों के लिये शासन की ओर से मिलने वाले आर्थिक लाभ को सार्थक बनाने का प्रयास करते हुये आयोजन में जन-प्रतिनिधियों एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित कर समाज के संपन्न और सक्षम व्यक्तियों का सहयोग प्राप्त किया जायेगा। मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना में प्रति कन्या राशि 55 हजार रूपये में से वधू को राशि रूपये 49 हजार का एकाउन्ट पेयी चेक और शेष 6 हजार रुपये सामूहिक विवाह समारोह आयोजन के लिए संबंधित निकाय को प्रदाय किया जायेगा। सहायता राशि रुपये 49 हजार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डी.बी.टी.) के माध्यम से वधू के खाते में एवं शेष 6 हजार रूपये आयोजन की व्यवस्थाओं पर व्यय के लिए प्रदाय की जायेगी। टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्रों के विकास के लिए 145 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2027-28 के लिए नवीन योजना “टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्रों के विकास” के लिए 145 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गयी। इस योजना में बफर क्षेत्रों में संवेदनशील क्षेत्रों में विभिन्न कार्य किए जाएंगे। इस नवीन योजना में बफर क्षेत्रो में संवेदनशील क्षेत्रों में चेनलिंक फेसिंग का निर्माण किया जाएगा। वन्य प्राणियों की सुरक्षा एवं अग्नि सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। चारागाहों एवं जल स्त्रोतों का विकास किया जाएगा। वन्य प्राणियों का उपचार और स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। नागरिकों के कौशल उन्नयन के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
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Civil Services Day 2025

Civil Services Day 2025: MP CM मोहन यादव ने दिए Chief Minister’s Excellence Awards, जानिए किसे मिला सम्मान

भोपाल, 22 अप्रैल 2025 मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार को ‘Civil Services Day 2025’ के मौके पर एक खास समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार’ (Chief Minister’s Excellence Awards) प्रदान किए। यह सम्मान राज्य के उन अधिकारियों और कर्मचारियों को दिया जाता है, जिन्होंने प्रशासनिक सेवाओं में असाधारण कार्य कर समाज में बदलाव लाने में योगदान दिया है। Civil Services Day 2025 कार्यक्रम की शुरुआत: प्रेरणास्पद उदाहरण और इतिहास से जुड़ाव कार्यक्रम का उद्घाटन भोपाल स्थित प्रशासन अकादमी (Academy of Administration) में हुआ, जहां मुख्य सचिव अनुराग जैन ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संबोधन में प्रेरणा के दो ऐतिहासिक उदाहरण साझा किए। उन्होंने कहा, “पहला उदाहरण चाणक्य का है, जिन्होंने 2200 साल पहले चंद्रगुप्त मौर्य को खोजा, उन्हें प्रशिक्षित किया और एक महान प्रशासक बनाया। दूसरा उदाहरण सरदार वल्लभभाई पटेल का है, जिनके आदर्श आज भी सिविल सेवकों के लिए प्रेरणा हैं।” मुख्य सचिव अनुराग जैन ने भी सरदार पटेल के 1947 के ऐतिहासिक भाषण का उल्लेख किया और कहा कि “एक सिविल सर्वेंट को तीन मूल्यों को हमेशा अपनाना चाहिए – गरिमा, ईमानदारी और समर्पण।” उन्होंने आगे कहा, “नेता विजन देते हैं, लेकिन उसे ज़मीन पर उतारने का काम सिविल सेवक करते हैं।” मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार: इन अधिकारियों को मिला सम्मान मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार विभिन्न श्रेणियों में असाधारण प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रदान किया जाता है। एक चयन समिति द्वारा पिछले दो वर्षों के कार्यों के आधार पर अधिकारियों का चयन किया गया। इस वर्ष 18 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। पुरस्कृत अधिकारियों की सूची:
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Madhya Pradesh Weather Update

Madhya Pradesh Weather Update: 24 अप्रैल तक चलेगी हीटवेव! IMD ने जारी किया अलर्ट – जानें कहां-कहां लू के आसार

Deshharpal | भोपाल, 21 अप्रैल 2025 Madhya Pradesh Weather Update : गर्मी ने अपना कहर दिखाना शुरू कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों में 21 से 24 अप्रैल तक हीटवेव (लू) को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका है, खासतौर पर उत्तर और पश्चिमी जिलों में। Madhya Pradesh Weather Update 22 से 24 अप्रैल तक लू का तांडव – जानें किन जिलों में रहेगा असर पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने और बंगाल की खाड़ी में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम के चलते मध्य प्रदेश के कई इलाकों में भीषण गर्मी देखने को मिलेगी। आइए जानें दिन-वार मौसम का हाल: 📅 21 अप्रैल: 📅 22 अप्रैल: 📅 23 अप्रैल: 📅 24 अप्रैल: अप्रैल के अंत तक बढ़ेगी गर्मी, मई में भी राहत नहीं IMD के अनुसार, अप्रैल के अंतिम सप्ताह में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण गर्म हवाएं चलेंगी और दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म रहेंगी। सावधान रहें! लू से बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय IMD का अलर्ट साफ है – हीटवेव से बचाव जरूरी है। Deshharpal आपको आगाह करता है: सतर्क रहें और खुद का ख्याल रखें।
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Truck Accident & Oil Looting" – भोपाल में सरसों तेल से भरे ट्रक के पलटते ही शुरू हुई लूट, घायल क्लीनर की मौत पर किसी ने ध्यान नहीं दिया

“Truck Accident & Oil Looting” –भोपाल में सरसों तेल से भरे ट्रक के पलटते ही शुरू हुई लूट, घायल क्लीनर की मौत पर किसी ने ध्यान नहीं दिया

– Truck Accident ,Oil Looting ,Bhopal News ,Humanity Lost , Desh Harpal(Desh Harpal News | 20 अप्रैल 2025 | भोपाल) मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक shocking and heartbreaking incident सामने आई है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। शहर के बिलखिरिया थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात एक सरसों के तेल से भरा ट्रक पलट गया। हादसे में ट्रक का क्लीनर गंभीर रूप से घायल हो गया, लेकिन हैरानी की बात ये रही कि मौके पर मौजूद लोगों ने मदद करने की बजाय mustard oil की पेटियां लूटनी शुरू कर दीं। जानकारी के मुताबिक, यह ट्रक राजस्थान से नागपुर की ओर जा रहा था। ड्राइवर को झपकी लगने के चलते ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। ट्रक में mustard oil cartons भरी हुई थीं, जो पलटने के बाद सड़क पर बिखर गईं। हादसे में ड्राइवर और क्लीनर दोनों बुरी तरह घायल हो गए। ड्राइवर ने जैसे-तैसे मदद की गुहार लगाई, लेकिन वहां मौजूद भीड़ ने घायलों की तरफ ध्यान देने की बजाय सारा फोकस तेल की बोतलें और पेटियां उठाने में लगा दिया। कुछ लोगों ने तो अपने स्कूटर, बाइक और ऑटो तक में oil cartons भर लिए और मौके से निकल गए। यह सब उस वक्त हो रहा था जब क्लीनर सड़क पर तड़प रहा था। कई लोगों ने मोबाइल से वीडियो बनाना जरूरी समझा, लेकिन किसी ने एंबुलेंस बुलाना जरूरी नहीं समझा। समय पर इलाज न मिलने की वजह से क्लीनर की मौके पर ही मौत हो गई। इस अमानवीय घटना ने एक बार फिर समाज की संवेदनहीनता को उजागर कर दिया है। सवाल यह उठता है कि क्या किसी की जान से ज्यादा जरूरी पेटियों में भरा सरसों का तेल हो गया है? प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और CCTV फुटेज के आधार पर लूटपाट करने वालों की पहचान की जा रही है। Desh Harpal की राय:ये सिर्फ एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि समाज के नैतिक पतन की तस्वीर है। जरूरत है हम सभी को अपने भीतर झांकने की, सोचने की कि अगर यही हादसा हमारे किसी अपने के साथ होता तो क्या तब भी हम पेटियां उठाने में लगे रहते? 👉 अगर आपके पास इस घटना से जुड़ी कोई जानकारी या वीडियो है, तो कृपया Desh Harpal को भेजें। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
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भोपाल

भोपाल के वीवीआईपी इलाके में सरकारी आवास के आंगन में बनी मजार, ‘लैंड जिहाद’ का आरोप

भोपाल, 18 अप्रैल 2025 — मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के सबसे हाई-सिक्योरिटी और वीवीआईपी इलाके में बने एक सरकारी आवास के आंगन में मजार का निर्माण अब विवाद का कारण बन गया है। हिंदू संगठनों ने इसे ‘लैंड जिहाद’ करार दिया है और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कहां और कैसे हुआ मामला? भोपाल के 1250 क्वार्टर क्षेत्र, जहां राज्य के मंत्रियों, वरिष्ठ IAS अधिकारियों, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और अन्य वीवीआईपी का निवास है, वहीं एक सरकारी क्वार्टर के प्रांगण में मजार बनाई गई। इस इलाके की सुरक्षा और प्रशासनिक संवेदनशीलता को देखते हुए यह मामला तुरंत सियासी और धार्मिक बहस में बदल गया। किसने उठाया मुद्दा? प्रशासन की क्या है प्रतिक्रिया? भोपाल जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। प्रशासन का बयान: “अगर यह मजार बिना अनुमति के बनाई गई है, तो इसे हटाने और संबंधित लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” इस बीच यह भी सवाल उठ रहे हैं कि इतने सेंसिटिव इलाके में यह निर्माण कैसे हुआ, और क्या किसी अफसर की मिलीभगत इसमें शामिल थी। क्या है ‘लैंड जिहाद’ का मतलब? ‘लैंड जिहाद’ एक राजनीतिक और धार्मिक रूप से संवेदनशील शब्द है, जिसका इस्तेमाल तब किया जाता है जब किसी धर्म विशेष पर भूमि कब्जा करने या धार्मिक स्थल बनाकर अतिक्रमण करने का आरोप लगाया जाता है।
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भोपाल स्थित केरवा गिद्ध प्रजनन केन्द्र से 6 गिद्धों को कल पहली बार प्राकृतिक वातावरण में छोड़ा गया

Vulture Conservation Mission: केरवा गिद्ध प्रजनन केन्द्र से 6 गिद्ध हुए Natural Habitat में Release, GPS Tracking से होगी 24×7 Monitoring भोपाल के नजदीक स्थित Kerwa Vulture Breeding Centre से पहली बार 6 दुर्लभ गिद्धों को natural habitat में release किया गया है। यह कदम मध्य प्रदेश में vulture conservation mission की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक प्रयास माना जा रहा है। इन सभी गिद्धों को अत्याधुनिक GPS trackers से लैस किया गया है, जिससे उनके मूवमेंट, व्यवहार और सुरक्षा की real-time monitoring की जा सकेगी। गिद्ध केवल एक पक्षी नहीं, बल्कि पारिस्थितिकी तंत्र के लिए अत्यंत आवश्यक natural scavengers हैं। ये मृत जीवों को खाकर वातावरण को साफ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे zoonotic diseases के फैलने का खतरा भी कम होता है। उनके बिना पर्यावरणीय संतुलन गड़बड़ा सकता है, इसलिए उनका संरक्षण हमारी biodiversity security के लिए अनिवार्य है। गौरतलब है कि गत कुछ वर्षों में भारत में गिद्धों की संख्या में भारी गिरावट देखी गई, जिसका मुख्य कारण रहा एक पशु-औषधि Diclofenac, जो गिद्धों के लिए ज़हर साबित हुई। इसके बाद भारत सरकार और राज्य सरकारों ने इस दवा पर प्रतिबंध लगाते हुए vulture protection programmes पर विशेष ध्यान देना शुरू किया। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा केरवा स्थित इस गिद्ध प्रजनन केंद्र की स्थापना Indian Vulture Conservation Action Plan के अंतर्गत की गई थी। यहां वैज्ञानिक तरीके से गिद्धों को संरक्षित कर उनकी संख्या बढ़ाने का कार्य चल रहा है। अब जब 6 स्वस्थ गिद्धों को प्राकृतिक वातावरण में छोड़ा गया है, तो यह संकेत है कि संरक्षण के प्रयास अब परिणाम देने लगे हैं। इस अभियान की विशेषता यह है कि इन गिद्धों की गतिविधियों को satellite-based tracking system के जरिए लगातार ट्रैक किया जाएगा। इससे न सिर्फ इनके जीवन के बारे में नए वैज्ञानिक तथ्य मिलेंगे, बल्कि अगर किसी भी प्रकार की खतरे की स्थिति उत्पन्न होती है, तो तुरंत सहायता पहुंचाई जा सकेगी। Desh Harpal इस पहल का स्वागत करता है और सरकार, वन विभाग, वाइल्डलाइफ विशेषज्ञों और सभी सहयोगियों को इस दिशा में निरंतर प्रयास करते रहने के लिए साधुवाद देता है। ऐसे कदम न केवल गिद्धों की वापसी का रास्ता खोलते हैं, बल्कि यह भी साबित करते हैं कि यदि इच्छाशक्ति और वैज्ञानिक दृष्टिकोण साथ हो, तो wildlife conservation सिर्फ एक सपना नहीं, बल्कि सच्चाई बन सकता है। भोपाल स्थित केरवा गिद्ध प्रजनन केन्द्र से 6 गिद्धों को कल पहली बार प्राकृतिक वातावरण में छोड़ा गया
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नवविवाहिता ने की आत्महत्या

भोपाल में नवविवाहिता ने की आत्महत्या, पति के अफेयर और घरेलू हिंसा से परेशान थी 23 वर्षीय भारती

भोपाल (मध्य प्रदेश) – राजधानी के छोला इलाके में एक दर्दनाक घटना सामने आई है जहां एक 23 वर्षीय नवविवाहिता ने की आत्महत्या। बताया जा रहा है कि शादी के महज दो महीने बाद ही महिला मानसिक प्रताड़ना और पति के अवैध संबंधों से परेशान चल रही थी। दो महीने पहले हुई थी शादी, अब हो गई मातम में तब्दील मृतका की पहचान भारती कुचबंदिया के रूप में हुई है, जिनकी शादी 3 फरवरी 2025 को विशाल कुचबंदिया से हुई थी। परिवार का आरोप है कि शादी के बाद से ही विशाल का व्यवहार ठीक नहीं था। भारती के भाई राहुल ने बताया कि विशाल अक्सर कई दिनों तक घर नहीं लौटता था, और जब आता तो मारपीट करता था। इसके साथ ही उसका किसी और महिला के साथ रिश्ता भी था। इस कारण भारती मानसिक रूप से बहुत परेशान रहने लगी थी। अंतिम कॉल बना आखिरी लड़ाई का गवाह घटना से एक दिन पहले, यानि मंगलवार को, एक बार फिर ससुराल में झगड़ा हुआ। इसके बाद भारती को उसके मायके लाया गया। बुधवार रात को जब उसकी मां किसी काम से बाहर गई थी और घर पर कोई नहीं था, तब भारती ने दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवार की एक बच्ची, जो घर में थी, ने बताया कि उसने भारती को उसके पति से फोन पर तेज आवाज़ में बहस करते सुना। थोड़ी ही देर में जब वह कमरे में गई, तो भारती को फंदे पर लटका पाया और तुरंत पड़ोसियों व परिवार को सूचना दी। पुलिस जांच में जुटी, सुसाइड नोट नहीं मिला पुलिस का कहना है कि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। फिलहाल मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या ससुरालवालों की भूमिका इस घटना में थी। एक मासूम ज़िंदगी की दुखद विदाई भारती की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि शादी जैसे पवित्र बंधन में जब धोखा, अत्याचार और हिंसा शामिल हो जाए तो उसका अंत कितना भयावह हो सकता है। इस घटना ने इलाके में शोक की लहर फैला दी है।
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Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
PM Modi

Teachers Day 2026: PM Modi ने Award-Winning Teachers से की बात, Public Speaking पर भी हुई चर्चा

शिक्षक सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि बच्चों के अंदर आत्मविश्वास और बेहतर सोच भी पैदा करते हैं। Teachers’ Day से पहले PM Modi ने National Teachers’ Award 2026 के लिए चुने गए शिक्षकों और educators से मुलाकात की। इस दौरान पढ़ाई के तरीकों से लेकर बच्चों की बदलती आदतों तक कई मुद्दों पर बातचीत हुई। मुलाकात के दौरान माहौल काफी सहज नजर आया। प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षकों से उनके अनुभव जानने के साथ यह भी समझने की कोशिश की कि वे बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने के लिए किस तरह के नए तरीके अपना रहे हैं। PM Modi ने पूछा- Public से कैसे करें बात? बातचीत के दौरान Public Speaking और लोगों के सामने अपनी बात रखने का मुद्दा भी सामने आया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बारे में सवाल किया तो एक महिला Teacher ने सीधा जवाब दिया कि लोगों के सामने प्रभावी तरीके से बात करने के लिए सबसे जरूरी चीज Confidence यानी आत्मविश्वास है। उनकी यह बात छोटी जरूर थी, लेकिन Public Speaking को लेकर एक बड़ा संदेश देती है। किसी भी मंच पर अपनी बात रखने के लिए केवल जानकारी होना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे भरोसे और स्पष्टता के साथ सामने रखना भी जरूरी है। Teachers ने PM Modi को बताए अपने Innovative Ideas प्रधानमंत्री मोदी ने Award-winning Teachers से उनके Teaching Experience और Classroom में अपनाए जा रहे नए प्रयोगों के बारे में भी जाना। शिक्षकों ने बताया कि वे बच्चों के लिए पढ़ाई को आसान और दिलचस्प बनाने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। आज के समय में सिर्फ किताब और ब्लैकबोर्ड तक सीमित पढ़ाई बच्चों को हमेशा आकर्षित नहीं करती। ऐसे में कई शिक्षक Technology, Practical Activities और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े उदाहरणों की मदद से विषयों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं। बच्चों में Screen Addiction को लेकर भी चर्चा PM Modi ने बच्चों में बढ़ते Screen Time और Digital Addiction को लेकर भी शिक्षकों से चर्चा की। उन्होंने बच्चों को खेल, Physical Activities और रचनात्मक कामों से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही युवा छात्रों में नशे की समस्या को लेकर शिक्षकों को सतर्क रहने की बात भी कही गई। प्रधानमंत्री ने शिक्षकों की भूमिका को केवल Classroom तक सीमित नहीं माना। बच्चों के व्यवहार, उनकी आदतों और मानसिक-सामाजिक विकास में भी शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 5 सितंबर को 48 Teachers को National Award Teachers’ Day के मौके पर 5 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 48 स्कूल शिक्षकों को National Teachers’ Awards प्रदान करेंगी। इन शिक्षकों का चयन देशभर से एक निर्धारित और पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए किया गया है। National Teachers’ Awards का मकसद ऐसे शिक्षकों को पहचान और सम्मान देना है, जिन्होंने पढ़ाई को बेहतर बनाने के साथ विद्यार्थियों पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। यह पुरस्कार हर साल Teachers’ Day पर शिक्षकों के योगदान को सम्मानित करने के लिए दिए जाते हैं। PM Modi की Teachers से मुलाकात का संदेश प्रधानमंत्री और शिक्षकों की इस मुलाकात में एक बात साफ तौर पर सामने आई—एक अच्छा Teacher सिर्फ पाठ नहीं पढ़ाता, बल्कि बच्चों को जीवन के लिए तैयार करता है। चाहे Public Speaking में Confidence की बात हो या Classroom में नए Teaching Methods अपनाने की, बदलते समय के साथ शिक्षकों की भूमिका भी लगातार व्यापक हो रही है। Teachers’ Day से पहले हुई यह मुलाकात इसी बदलाव और शिक्षकों के योगदान को रेखांकित करती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Ujjain

Ujjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएं

मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश सरकार Ujjain में एक ऐसी Malakhamb और Gymnastics Academy विकसित करने की तैयारी में है, जहां खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण के साथ आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के प्रयासों से तैयार किए गए प्रस्ताव के मुताबिक, करीब 20 एकड़ जमीन पर इस अकादमी को विकसित किया जाएगा। अकादमी में खिलाड़ियों के लिए खेल अधोसंरचना, हॉस्टल, आधुनिक उपकरण, फिटनेस सेंटर, फिजियोथेरेपी और खेल विज्ञान से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका मकसद प्रदेश की युवा मलखंब प्रतिभाओं को कम उम्र से ही बेहतर ट्रेनिंग देकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना है। 111 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रस्ताव प्रस्तावित मलखंब एवं जिम्नास्टिक अकादमी के निर्माण पर करीब 86 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक अकादमी के संचालन के लिए लगभग 25.33 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इस तरह निर्माण और संचालन को मिलाकर परियोजना की कुल प्रस्तावित लागत करीब 111.33 करोड़ रुपये बताई गई है। खिलाड़ियों को सिर्फ Training नहीं, पूरी सुविधा मिलेगी इस अकादमी की खास बात यह होगी कि खिलाड़ियों को केवल मलखंब की ट्रेनिंग तक सीमित सुविधाएं नहीं मिलेंगी। यहां हॉस्टल, आधुनिक खेल उपकरण, फिटनेस, फिजियोथेरेपी और Sports Science आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। सरकार का जोर ऐसे Training Environment पर है, जहां खिलाड़ियों की तकनीक के साथ उनकी फिटनेस और खेल प्रदर्शन पर भी लगातार काम किया जा सके। 70 खिलाड़ियों को मिलेगा मौका प्रस्ताव के अनुसार अकादमी में कुल 70 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें: शामिल होंगे। यानी कुल 50 खिलाड़ी बोर्डिंग और 20 खिलाड़ी डे-बोर्डिंग व्यवस्था में रहेंगे। खिलाड़ियों का चयन Talent Search के माध्यम से किए जाने का प्रस्ताव है। Academy शुरू होने से पहले उज्जैन में शुरू होगी Training स्थायी अकादमी की इमारत तैयार होने में समय लगने के दौरान भी खिलाड़ियों की ट्रेनिंग को रोका नहीं जाएगा। वर्ष 2026-27 और 2027-28 में अकादमी को राजमाता खेल परिसर, तानाखेड़ा, उज्जैन में डे-बोर्डिंग मॉडल पर संचालित करने का प्रस्ताव है। इस शुरुआती चरण में कुल 40 खिलाड़ियों को प्रवेश देने की योजना है। इनमें 30 बालक और 10 बालिकाएं शामिल होंगी। उज्जैन से बाहर के चयनित खिलाड़ियों के लिए विभाग की ओर से आवास की व्यवस्था करने का भी प्रस्ताव है। Expert Coaches के साथ Sports Science पर रहेगा फोकस नई अकादमी में खिलाड़ियों को आधुनिक और उच्च तकनीकी प्रशिक्षण देने की तैयारी है। इसके लिए उच्च तकनीकी सलाहकार और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की सेवाएं अनुबंध के आधार पर लेने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। डे-बोर्डिंग व्यवस्था में खिलाड़ियों को प्रशिक्षकों के साथ फिजियोथेरेपिस्ट और मसाजर की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना है। इसमें एक महिला फिजियोथेरेपिस्ट और दो मसाजर—एक महिला तथा एक पुरुष—का प्रावधान प्रस्तावित है। मंत्री विश्वास सारंग बोले- प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के मुताबिक मध्यप्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ इतनी है कि इन खिलाड़ियों को सही समय पर आधुनिक सुविधाएं, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और बेहतर अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि मलखंब मध्यप्रदेश की गौरवशाली खेल परंपरा का हिस्सा है और प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की है। प्रस्तावित अकादमी के जरिए खिलाड़ियों को शुरुआती उम्र से वैज्ञानिक और तकनीकी प्रशिक्षण देने पर जोर रहेगा। मंत्री के अनुसार लक्ष्य यह है कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी प्रदेश और देश का नाम रोशन करें। Khelo India में MP के Malakhamb खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन मलखंब अकादमी की जरूरत इसलिए भी महसूस की गई क्योंकि मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है। Khelo India Youth Games 2025, बिहार में मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक जीते। इनमें 7 Gold, 2 Silver और 1 Bronze Medal शामिल रहे। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखाया कि प्रदेश में मलखंब की प्रतिभाओं की मजबूत नींव मौजूद है। अब नई अकादमी के जरिए इन खिलाड़ियों को लगातार और बेहतर प्रशिक्षण देने की दिशा में काम किया जा रहा है। उज्जैन बन सकता है Malakhamb Talent Hub अकादमी के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, उज्जैन को देने का प्रस्ताव है। शुरुआत में विभाग में उपलब्ध स्टाफ के जरिए अकादमी की दैनिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। उज्जैन जिले के लिए कुल 12 पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें संभागीय खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, लेखापाल, सहायक ग्रेड-2, सहायक ग्रेड-3 और भृत्य के पद शामिल हैं। खिलाड़ियों के लिए नई उम्मीद उज्जैन में प्रस्तावित Malakhamb Academy सिर्फ एक नई खेल सुविधा नहीं, बल्कि प्रदेश की युवा प्रतिभाओं के लिए आगे बढ़ने का बड़ा रास्ता बन सकती है। अभी जहां खिलाड़ी अलग-अलग स्थानों पर प्रशिक्षण लेते हैं, वहीं भविष्य में उन्हें एक ही जगह पर ट्रेनिंग, फिटनेस, आवास और Sports Science जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। अगर प्रस्तावित योजना अपने स्वरूप में आगे बढ़ती है, तो उज्जैन आने वाले समय में मध्यप्रदेश की मलखंब प्रतिभाओं की नई नर्सरी और प्रमुख Training Hub के रूप में अपनी पहचान बना सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
India-Belgium

India-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमति

India-Belgium के रिश्तों में गुरुवार को एक अहम पड़ाव जुड़ गया। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर भारत दौरे पर पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। बातचीत के बाद दोनों देशों ने Defence, Clean Energy, Critical Minerals, Semiconductor, Maritime Cooperation और व्यापार जैसे कई क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के बाद कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध अब केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश अब Defence और Clean Energy जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भी तेजी से साथ आ रहे हैं। इसी दौरान पीएम मोदी ने जोरावर Tank का भी जिक्र किया। जोरावर Tank ने बढ़ाया Defence Cooperation भारत के लिए पहाड़ी और कठिन इलाकों में इस्तेमाल होने वाला हल्का जोरावर टैंक Defence Sector का अहम प्रोजेक्ट है। पीएम मोदी ने भारत-बेल्जियम सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देश आधुनिक रक्षा उपकरणों के क्षेत्र में साथ काम कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच Military Exchanges और Training Cooperation बढ़ाने पर भी सहमति बनी है। इससे भारतीय और बेल्जियम की सेनाओं के बीच संपर्क और अनुभव साझा करने के अवसर बढ़ेंगे। हालांकि, जोरावर टैंक को लेकर इसे सीधे तौर पर कोई अलग Tank Purchase Deal कहना सही नहीं होगा। इस प्रोजेक्ट का उल्लेख दोनों देशों के बढ़ते Defence और Technology Cooperation के उदाहरण के तौर पर किया गया है। Clean Energy में भी नई Partnership Defence के साथ-साथ Green Energy भारत-बेल्जियम सहयोग का एक और बड़ा क्षेत्र बनकर सामने आया है। दोनों देशों ने Renewable Energy के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता किया है। पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में विकसित हो रहे Green Ammonia Project का भी जिक्र किया। भारत की बढ़ती Clean Energy जरूरतों और बेल्जियम की तकनीकी क्षमता को देखते हुए यह Partnership आने वाले समय में काफी अहम हो सकती है। Critical Minerals और Semiconductor पर नजर आज की Technology Economy में Critical Minerals और Semiconductor की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भारत और बेल्जियम ने इन क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। दोनों देश Critical Minerals की Processing और Recycling में मिलकर काम करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। वहीं Semiconductor Sector में बेल्जियम की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत के बड़े Manufacturing Ecosystem को जोड़ने पर जोर दिया गया है। खास तौर पर बेल्जियम के प्रसिद्ध Research Institute IMEC और भारत के Semiconductor Ecosystem के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 5 साल में Double हो सकता है Bilateral Trade बैठक में आर्थिक रिश्तों को लेकर भी बड़ा लक्ष्य सामने आया। भारत और बेल्जियम अगले पांच वर्षों में Bilateral Trade को दोगुना करने की दिशा में काम करेंगे। भारत और बेल्जियम के बीच व्यापार में Diamond Industry की लंबे समय से बड़ी भूमिका रही है। बेल्जियम का एंटवर्प शहर दुनिया के प्रमुख Diamond Trading Hubs में शामिल है और यहां भारतीय कारोबारियों की भी मजबूत मौजूदगी है। अब दोनों देश इस पुराने व्यापारिक रिश्ते को Defence, Technology, Energy और Critical Minerals जैसे नए क्षेत्रों से जोड़ना चाहते हैं। Maritime और Startup Sector में भी बढ़ेगा सहयोग भारत और बेल्जियम के बीच सहयोग का दायरा केवल Defence और Trade तक नहीं रहेगा। दोनों देशों ने Maritime Sector में Capacity Building और Startups के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी सहमति जताई है। इसके अलावा Cybercrime से मुकाबला, Diplomatic Training और अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग को मजबूत करने के लिए समझौते किए गए हैं। दोनों देश Migration and Mobility Partnership Agreement को जल्द पूरा करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। इससे दोनों देशों के बीच छात्रों, Professionals और लोगों के आवागमन से जुड़े अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है। Terrorism पर भारत-बेल्जियम का एक सुर बैठक में आतंकवाद और दुनिया में चल रहे विभिन्न संघर्षों पर भी चर्चा हुई। भारत और बेल्जियम ने आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश Dialogue और Diplomacy के जरिए विवादों के शांतिपूर्ण समाधान में विश्वास रखते हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अस्थिरता के बीच भारत और बेल्जियम के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। भारत-बेल्जियम रिश्तों की पुरानी कहानी पीएम मोदी ने दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों का भी जिक्र किया। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बेल्जियम में भारतीय सैनिकों के योगदान और बलिदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध काफी पुराने हैं। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर की यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा है। एंटवर्प के मेयर के तौर पर उनका भारत और भारतीय समुदाय से पहले भी संपर्क रहा है। अब Diamond Trade से आगे बढ़ रही दोस्ती भारत और बेल्जियम की दोस्ती की पहचान लंबे समय तक Diamond Trade से जुड़ी रही है। लेकिन बदलती दुनिया में दोनों देशों के रिश्ते अब एक बड़े दायरे में फैल रहे हैं। जोरावर Tank से Defence Cooperation, Green Energy से Critical Minerals और Semiconductor से Bilateral Trade तक, भारत और बेल्जियम कई नए क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। पीएम मोदी और बार्ट डी वेवर की बैठक को इसी बदलती Partnership की एक अहम कड़ी माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में अगर इन समझौतों और सहयोग योजनाओं को जमीन पर तेजी से उतारा जाता है, तो भारत-बेल्जियम संबंध आर्थिक रिश्तों से आगे बढ़कर एक मजबूत Strategic Partnership का रूप ले सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Tibet

Nepal Flood के बीच बड़ा Earthquake: Tibet में 5.1 Magnitude के झटके, अब तक 1,273 लोगों की मौत

Nepal-Tibet Flood हिमालयी इलाके में पिछले एक हफ्ते से जारी तबाही के बीच गुरुवार को एक और झटका महसूस किया गया। चीन के तिब्बत (Tibet) क्षेत्र में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप ऐसे वक्त आया है, जब नेपाल और तिब्बत में भीषण Flood और Landslide के बाद हजारों लोग लापता हैं और राहत-बचाव अभियान लगातार चल रहा है। 26 अगस्त को नेपाल-चीन सीमा के पास आई विनाशकारी बाढ़ ने देखते ही देखते कई इलाकों की तस्वीर बदल दी थी। घर, सड़कें, पुल और Hydropower Projects मलबे और पानी की चपेट में आ गए। अब तक इस आपदा में नेपाल और तिब्बत को मिलाकर 1,273 लोगों की मौत हो चुकी है। Tibet में 5.1 तीव्रता का Earthquake जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार गुरुवार को तिब्बत में 5.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप करीब 10 किलोमीटर की गहराई पर आया और इसका क्षेत्र नेपाल तथा भारत की सीमाओं के आसपास बताया गया है। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में इस भूकंप से बड़े पैमाने पर नए नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पहले से तबाह इलाके में इसके झटके ने लोगों और Rescue Teams की चिंता जरूर बढ़ा दी है। एक हफ्ते पहले आई बाढ़ ने मचाई थी भारी तबाही 26 अगस्त को Bhote Koshi River के आसपास अचानक आई बाढ़ ने नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। अधिकारियों और विशेषज्ञों के मुताबिक इस आपदा के पीछे ग्लेशियर और चट्टानों के खिसकने से पैदा हुआ भारी मलबा और पानी प्रमुख वजह रहा। बाढ़ का तेज बहाव अपने साथ मिट्टी, चट्टान और मलबा लेकर नीचे की ओर आया और रास्ते में आने वाले घरों, सड़कों और पुलों को तबाह करता चला गया। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को बेहद असाधारण बताते हुए इसे ‘Himalayan Tsunami’ तक कहा है। तिब्बत की ओर Gyirong Port भी बुरी तरह प्रभावित हुआ था। संपर्क मार्गों को नुकसान पहुंचने से शुरुआती दौर में राहत सामग्री और भारी मशीनरी को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाना बड़ी चुनौती बन गया। Nepal-Tibet Disaster में 1,273 लोगों की मौत 3 सितंबर तक सामने आए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार नेपाल में 1,252 लोगों की मौत हो चुकी है और कम से कम 4,216 लोग अब भी लापता हैं। वहीं चीन के तिब्बत क्षेत्र में 21 लोगों की मौत और 541 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इस तरह दोनों क्षेत्रों में मृतकों की संख्या 1,273 हो गई है। नेपाल में सबसे ज्यादा मौतें चितवन, नवलपरासी पूर्व, नवलपरासी पश्चिम और नुवाकोट जैसे जिलों में दर्ज हुई हैं। कई शवों की पहचान अभी बाकी है, जिससे परिवारों की बेचैनी और बढ़ गई है। हजारों लोग अब भी Missing, Tunnel में फंसे लोगों की तलाश सबसे बड़ी चिंता उन लोगों को लेकर है, जिनका अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। नेपाल में हजारों लोगों के लापता होने के अलावा कई Hydropower Projects में काम करने वाले कर्मचारियों के भी फंसे होने की आशंका है। करीब 900 Hydropower workers के अब भी लापता होने की बात सामने आई है। कुछ लोगों के सुरंगों में फंसे होने की आशंका के चलते Rescue Teams भारी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाने में जुटी हैं। नेपाल सरकार के मुताबिक भारत, चीन और दक्षिण कोरिया की Tunnel Rescue Teams नेपाली सेना के साथ मिलकर अभियान चला रही हैं। ड्रोन, भारी मशीनरी और अन्य राहत उपकरणों की मदद भी ली जा रही है। हजारों घर हुए तबाह, सामने बड़ी Rebuilding Challenge बाढ़ ने सिर्फ लोगों की जान नहीं ली, बल्कि हजारों परिवारों से उनका घर और रोजी-रोटी भी छीन ली। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल में करीब 7,500 घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं और लगभग 20,000 घरों को दोबारा बनाने की जरूरत पड़ सकती है। सड़क और पुल टूटने के कारण कई इलाकों में राहत पहुंचाना अभी भी मुश्किल है। कुछ जगहों पर लोगों को नदी पार करने के लिए अस्थायी साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। Rescue Operation के बीच नया भूकंप चिंता की वजह राहत और बचाव दल पहले ही बारिश, मलबे, तेज बहाव और अस्थिर पहाड़ी ढलानों से जूझ रहे हैं। ऐसे में तिब्बत में आया नया भूकंप हालात को और संवेदनशील बना सकता है। फिलहाल अधिकारियों की प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना है। नेपाल सरकार के मुताबिक Search and Rescue Operation अभी भी पूरी क्षमता के साथ जारी है। हिमालयी क्षेत्र की इस त्रासदी ने एक बार फिर दिखाया है कि पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक आपदाएं कितनी तेजी से बड़े संकट में बदल सकती हैं। बाढ़ के बाद भूकंप के झटके ने प्रभावित लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं, लेकिन Rescue Teams अब भी मलबे के बीच जिंदगी की तलाश में जुटी हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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