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Bhopal

भोपाल के एक युवा ने ChatGPT से यह सवाल किया कि “यदि भोपाल पर अंग्रेजों का कब्जा नहीं होता और नवाबों का ही शासन होता तो भोपाल कैसा दिखता?”

भोपाल, 15 अप्रैल | देश हरपल ब्यूरो भोपाल के एक युवा द्वारा की गई एक साधारण सी कल्पना आधारित पूछताछ अब चर्चा का विषय बन चुकी है। कुछ दिन पहले इस युवा ने दुनिया के सबसे लोकप्रिय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल ChatGPT से यह सवाल किया कि “यदि भोपाल पर अंग्रेजों का कब्जा नहीं होता और नवाबों का ही शासन बना रहता तो भोपाल कैसा दिखता?” इस सवाल के जवाब में AI ने एक काल्पनिक छवि तैयार की, जिसमें भोपाल को पूरी तरह एक इस्लामिक राजशाही प्रभाव वाले शहर की तरह दिखाया गया है। तस्वीर में ऊँची-ऊँची मीनारें, विशाल गुम्बद वाली मस्जिदें, मुग़ल शैली की इमारतें और हरियाली लिए हरे रंग के गुंबद प्रमुख रूप से दिखाई दे रहे हैं। हालांकि AI द्वारा बनाई गई यह तस्वीर कल्पनाशीलता पर आधारित है, लेकिन इसमें भोपाल की विविध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का अभाव महसूस किया गया। शहर के कई नागरिकों और इतिहास के जानकारों का कहना है कि भोपाल की पहचान केवल नवाबी शासन या मुग़ल वास्तुकला तक सीमित नहीं रही है। भोपाल की वास्तुकला में जहाँ एक ओर ताज-उल-मस्जिद जैसी ऐतिहासिक मस्जिदें हैं, वहीं भारत भवन, भीम बेटका की गुफाएं और आदिवासी संस्कृति की छाप भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। मुद्दा उठता है — क्या AI जैसे प्लेटफॉर्म भारत जैसे सांस्कृतिक रूप से विविध देश की पूरी तस्वीर पेश करने में सक्षम हैं? टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों का मानना है कि AI अपने उत्तरों को प्रशिक्षित डेटा और एल्गोरिदम के आधार पर बनाता है, जिसमें कभी-कभी एकपक्षीय छवि उभर सकती है। ऐसे में यूज़र्स को भी यह समझना होगा कि AI द्वारा दी गई तस्वीरें या जवाब कल्पना आधारित हो सकते हैं, और उनका ऐतिहासिक या सामाजिक संतुलन जरूरी नहीं। देश हरपल इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में विशेषज्ञों, इतिहासकारों और तकनीकी विशेषज्ञों की राय के साथ एक विस्तृत चर्चा प्रकाशित करेगा।
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एमपी अजब है! प्रोफेसर की बीमारी में चपरासी ने जांच दी यूनिवर्सिटी की कॉपियां, 5000 रुपए में छात्रों के भविष्य से खेल

देश हरपल न्यूज़ | पिपरिया, नर्मदापुरम (मध्य प्रदेश) मध्य प्रदेश एक बार फिर अपने “अजब-गजब” कारनामों के लिए चर्चा में है। ताजा मामला नर्मदापुरम जिले के पिपरिया स्थित शहीद भगत सिंह शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय का है, जहां यूनिवर्सिटी परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किसी प्रोफेसर ने नहीं, बल्कि एक चपरासी ने कर डाला। यह घटना जनवरी 2025 की है, जब कॉलेज के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पन्नालाल पठारिया द्वारा यूनिवर्सिटी की परीक्षा कॉपियां जांचते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में साफ देखा गया कि पन्नालाल, जो कि कॉलेज में चपरासी के पद पर कार्यरत हैं, बड़े आराम से उत्तर पुस्तिकाएं जांच रहे हैं और उन्हें नंबर भी दे रहे हैं। चौंकाने वाला खुलासा: 5000 में हुआ सौदा, छात्रों का भविष्य दांव पर जांच में खुलासा हुआ कि यह कॉपियां कॉलेज की गेस्ट फैकल्टी खुशबू पगारे को जांचने के लिए सौंपी गई थीं। लेकिन खुशबू पगारे ने कथित तौर पर तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए यह ज़िम्मेदारी कॉलेज के बुक लिफ्टर राकेश मेहर को 7000 रुपए में दे दी। राकेश ने बदले में 5000 रुपए में यह जिम्मेदारी चपरासी पन्नालाल पठारिया को सौंप दी। यानी प्रोफेसर की बीमारी, बिचौलिए की कमाई और चपरासी की मेहनत ने मिलकर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर डाला। इतना ही नहीं, छात्रों की मेहनत और यूनिवर्सिटी की साख दोनों पर सवालिया निशान खड़े हो गए। छात्र पहुंचे विधायक के पास, उच्च शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप वीडियो वायरल होते ही छात्रों में रोष फैल गया। उन्होंने स्थानीय विधायक ठाकुरदास नागवंशी से इस मामले की शिकायत की और वीडियो सबूत के तौर पर सौंपा। मामला उच्च शिक्षा विभाग तक पहुंचा और प्रोफेसर खुशबू पगारे को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही चपरासी और बुक लिफ्टर के खिलाफ भी जांच के आदेश दिए गए हैं। सवाल बड़े हैं: शिक्षा का ये स्तर? यह घटना सिर्फ एक कॉलेज तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल उठाती है। जब परीक्षा कॉपियों की जांच जैसे संवेदनशील कार्य को बिना योग्यता वाले कर्मचारी को सौंप दिया जाए, तो फिर छात्रों की योग्यता और मेहनत का क्या मूल्य रह जाता है? क्या यह लापरवाही नहीं, बल्कि एक आपराधिक लापरवाही है? क्या ऐसे मामलों पर सिर्फ सस्पेंशन ही काफी है या कड़ी कानूनी कार्रवाई भी जरूरी है? देश हरपल की अपील: देश हरपल न्यूज़ इस घटना की कड़ी निंदा करता है और मांग करता है कि ऐसी लापरवाहियों पर सख्त कार्रवाई हो, जिससे देश के युवाओं और शिक्षा प्रणाली पर विश्वास बना रहे।
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Indore Girl Video

Indore Girl Video: 56 दुकान पर ब्रा और शॉर्ट्स पहनकर रील बनाना पड़ा महंगा, सोशल मीडिया पर माफी मांगते हुए बोली- “मुझे माफ कर दो”

देश हरपल डेस्क, इंदौर।मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर की मशहूर जगह 56 दुकान इन दिनों एक अनोखे और विवादित मामले को लेकर चर्चा में है। इस बार मामला न तो किसी खाद्य पदार्थ का है, न ही ट्रैफिक का, बल्कि एक ऐसी सोशल मीडिया रील का, जिसने पूरे शहर के माहौल को हिला कर रख दिया। दरअसल, कुछ दिन पहले एक युवती ने 56 दुकान इलाके में एक रील शूट की थी। इस रील में वह लाल रंग की ब्रा और शॉर्ट्स पहनकर खुलेआम घूमती नजर आई थी। चारों ओर फैमिली क्राउड, महिलाएं और बच्चे मौजूद थे, लेकिन युवती बेपरवाह होकर रील बनाती रही। बाद में इस रील को उसने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर दिया। पुलिस ने दर्ज की FIR, युवती के खिलाफ कार्रवाई शुरूवीडियो वायरल होते ही लोगों की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गईं। कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने इसे अश्लीलता फैलाने का प्रयास बताया और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए इंदौर पुलिस ने युवती के खिलाफ सार्वजनिक स्थल पर अश्लीलता फैलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर ली है। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बयान भी आया सामनेवीडियो के विरोध में कई हिंदू संगठनों ने भी सड़कों पर उतरकर कार्रवाई की मांग की। इस मामले पर मध्य प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी बयान जारी करते हुए कहा – “हमारा देश स्वतंत्र है, हर किसी को खाने, पीने, पहनने की आज़ादी है। लेकिन जब इस स्वतंत्रता का दुरुपयोग होने लगे तो प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। समाज को भी ऐसे लोगों का बहिष्कार करना चाहिए जो हमारी सांस्कृतिक मर्यादाओं को तोड़ते हैं।” विवाद बढ़ा तो युवती ने मांगी माफी, कहा- “मुझे माफ कर दो”मामले के तूल पकड़ने के बाद युवती ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर माफी मांगी। वीडियो में उसने कहा – “मुझे एहसास हुआ है कि मैंने सार्वजनिक जगह पर ऐसे कपड़े पहनकर गलती की है। मैं दोबारा ऐसा कभी नहीं करूंगी। मुझे माफ कर दीजिए।” हालांकि शुरुआत में युवती ने एक अलग ही रुख अपनाया था। उसने कहा था कि – “ऐसे कपड़े बहुत सी लड़कियां पहनती हैं, मैंने कुछ नया नहीं किया। जिसने भी मेरे खिलाफ शिकायत की है, वो मेरा पता पुलिस को दे दें ताकि वो मुझसे मिल सकें।” लेकिन सोशल मीडिया पर जब ट्रोलिंग और आलोचना तेज हो गई तो उसने अपनी गलती स्वीकार कर ली। वीडियो में क्या है?वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवती जैसे ही लाल ब्रा और शॉर्ट्स में 56 दुकान की सड़कों पर चलती है, राह चलते लोग हैरान रह जाते हैं। कई लोग मुड़-मुड़ कर उसे देखते हैं, एक लड़का तो शर्म से आंखें भी बंद कर लेता है। कुछ लोग हँसते हुए भी नजर आते हैं, लेकिन यह हंसी ज्यादा देर तक नहीं टिकती, क्योंकि वीडियो ने विवाद का रूप ले लिया। एडिशनल DCP राम स्नेही मिश्र का बयानइंदौर पुलिस के एडिशनल डीसीपी राम स्नेही मिश्र ने कहा – “हमें यह जांचना होगा कि युवती ने छोटे कपड़ों में इस तरह का वीडियो क्यों बनाया। क्या इसका उद्देश्य सिर्फ वायरल होना था या इसके पीछे कोई मानसिक दबाव या व्यक्तिगत कारण थे। साथ ही हम उसके पारिवारिक वातावरण की भी जांच करेंगे।” देश हरपल की टिप्पणीयह मामला केवल फैशन या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का नहीं है, यह उस सामाजिक मर्यादा की बात करता है जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर सभी वर्गों का आना-जाना होता है – बुजुर्ग, बच्चे, महिलाएं और पूरा परिवार। सोशल मीडिया की ‘लाइक और वायरल’ संस्कृति अब वास्तविक जीवन की सीमाओं को तोड़ने लगी है। ऐसे में ज़रूरत है संतुलन और समझदारी की, ताकि हमारी सामाजिक संवेदनाएं और संविधान दोनों सुरक्षित रह सकें। देश हरपल ऐसे हर मुद्दे को उठाता रहेगा, जो हमारी संस्कृति, कानून और सामाजिक चेतना से जुड़ा हो।आपका क्या विचार है इस पर? नीचे कमेंट करके जरूर बताएं।
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जबलपुर: भगवान श्रीराम पर अभद्र टिप्पणी करने वाला स्कूल संचालक अखिलेश मेबन केरल से गिरफ्तार, भारी सुरक्षा में लाया गया जबलपुर

देश हरपल संवाददाता | 7 अप्रैल 2025 भगवान श्रीराम के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने वाले स्कूल संचालक अखिलेश मेबन को जबलपुर पुलिस ने केरल के कोच्चि एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया है। रविवार को उसे भारी पुलिस सुरक्षा के बीच जबलपुर लाया गया। वर्तमान में उसे पुलिस कंट्रोल रूम में कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। इस पूरे ऑपरेशन के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहे और हर स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए थे। 📍क्या है पूरा मामला? अखिलेश मेबन जबलपुर में ‘जॉय स्कूल’ नाम से एक निजी शिक्षण संस्थान का संचालन करता था। हाल ही में उसने सोशल मीडिया पर भगवान श्रीराम के खिलाफ आपत्तिजनक और भड़काऊ भाषा का प्रयोग करते हुए टिप्पणी की थी। इस पोस्ट के वायरल होते ही जबलपुर और आसपास के इलाकों में जन आक्रोश फूट पड़ा। विभिन्न हिन्दू संगठनों और आम नागरिकों ने पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की थी । 🚓 फरार होने के बाद के घटनाक्रम सूत्रों के मुताबिक, जब इस पूरे मामले में पुलिस ने जांच शुरू की, तो अखिलेश मेबन जबलपुर से फरार हो गया था। प्रारंभिक जानकारी में पता चला कि वह उमरिया जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बांधवगढ़ में स्थित एक रिसॉर्ट में छिपा हुआ था। जब पुलिस की टीम वहां पहुँची, तब तक वह वहाँ से निकल चुका था। इसके बाद लोकेशन ट्रेस करते हुए पता चला कि वह केरल भाग गया है। ✈️ कोच्चि एयरपोर्ट से दबोचा गया मध्य प्रदेश पुलिस ने केरल पुलिस की सहायता से ऑपरेशन को अंजाम दिया और कोच्चि इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अखिलेश को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे कड़ी सुरक्षा के बीच फ्लाइट से जबलपुर लाया गया, जहाँ अब उसे पुलिस कंट्रोल रूम में रखा गया है। 🔐 पुलिस की अगली कार्यवाही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में देश की धार्मिक भावनाओं को आहत करने, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और साइबर अपराध की धाराओं के तहत कड़ी कार्यवाही की जाएगी। पुलिस साइबर सेल के जरिए यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह टिप्पणी किसी प्रोपेगेंडा का हिस्सा तो नहीं थी। 🗣️ जनता और हिन्दू संगठनों की प्रतिक्रिया इस गिरफ्तारी से जनता में संतोष का माहौल है, वहीं हिन्दू संगठनों ने प्रशासन की तत्परता की सराहना की है। लेकिन साथ ही यह मांग भी की है कि आरोपी को जल्द से जल्द कड़ी सजा मिले, ताकि भविष्य में कोई भी इस प्रकार की हरकत करने से पहले सौ बार सोचे।
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नितिन गडकरी ने मध्य प्रदेश को दी कई सौगातें

नितिन गडकरी ने मध्य प्रदेश को दी कई सौगातें, भोपाल, सागर, ग्वालियर और मुरैना को बड़ा तोहफा

मध्य प्रदेश के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्य को नई सड़कों और बाईपास परियोजनाओं की सौगात दी है। इससे यातायात सुगम होगा, ट्रैफिक जाम की समस्या दूर होगी और सफर का समय कम होगा। भोपाल, ग्वालियर, मुरैना और सागर सहित कई जिलों को इन प्रोजेक्ट्स का फायदा मिलेगा। ग्वालियर-मुरैना को मिला एक्सेस कंट्रोल्ड बाईपास नितिन गडकरी ने ग्वालियर शहर के पश्चिमी हिस्से में 28.5 किमी लंबे एक्सेस कंट्रोल्ड 4-लेन बाईपास को मंजूरी दी है। 1347.6 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग-46, राष्ट्रीय राजमार्ग-44 और आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे को कनेक्ट करेगी। इससे लॉन्ग-डिस्टेंस ट्रैफिक और माल ढुलाई की दक्षता बढ़ेगी, जिससे यात्रा समय कम होगा और सड़क यातायात सुगम बनेगा। सागर को भी बड़ी सौगात सागर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-146 पर लहदरा गांव जंक्शन से बेरखेड़ी गुरु गांव जंक्शन तक 20.2 किमी का ग्रीनफील्ड 4-लेन बाईपास बनाने के लिए 688.31 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। यह प्रोजेक्ट शहर के अंदर ट्रैफिक जाम की समस्या को हल करेगा और यात्रा का समय कम करेगा। इसके अलावा, विदिशा और सागर जिले के राहतगढ़ से बेरखेड़ी तक 10.08 किमी सड़क को 4-लेन बनाने के लिए 731.36 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। यह सड़क भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का हिस्सा होगी और राष्ट्रीय राजमार्ग-44 व राष्ट्रीय राजमार्ग-346 को कनेक्ट करेगी। इससे राहतगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित और तेज़ यात्रा का लाभ मिलेगा। भोपाल के लिए 1535.66 करोड़ की परियोजना राजधानी भोपाल के संदलपुर से नसरुल्लागंज बाईपास तक राष्ट्रीय राजमार्ग-146B के 43.2 किमी हिस्से को 4-लेन में अपग्रेड करने के लिए 1535.66 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग-47, राष्ट्रीय राजमार्ग-46 और राष्ट्रीय राजमार्ग-45 को जोड़ने का काम करेगी। इससे भारी ट्रैफिक से राहत मिलेगी और सफर आसान होगा। MP को मिली बड़ी सौगात, नेताओं ने जताई खुशी मध्य प्रदेश के सांसदों और विधायकों ने हाल ही में नितिन गडकरी से नई सड़क परियोजनाओं को मंजूरी देने की मांग की थी। अब जब इन प्रोजेक्ट्स को स्वीकृति मिल गई है, तो प्रदेश के नेताओं और स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से मध्य प्रदेश में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और यात्रियों को सुरक्षित एवं तेज़ सफर मिलेगा।
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ईद-उल-फितर पर मध्यप्रदेश में वक्फ अमेंडमेंट बिल का विरोध, फिलिस्तीन के समर्थन में बैनर

Bhopal भोपाल सहित पूरे मध्यप्रदेश में सोमवार को ईद-उल-फितर का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा हैं । राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रतलाम सहित सभी शहरों में ईदगाह और मस्जिदों में नमाज-ए-खास अदा की गई और अमन-चैन तथा खुशहाली की दुआ मांगी गई। हालांकि, इस बार ईद की नमाज के दौरान भोपाल में कुछ मुस्लिम धर्मावलंबियों ने काली पट्टी बांधकर वक्फ अमेंडमेंट बिल का विरोध किया। वहीं, ईदगाह के बाहर कुछ युवा फिलिस्तीन के समर्थन में बैनर लेकर खड़े नजर आए। मोती मस्जिद में भी यमन और फिलिस्तीन के साथ-साथ वक्फ बोर्ड की संपत्तियों की सुरक्षा के लिए विशेष दुआ की गई। क्या है वक्फ अमेंडमेंट बिल और क्यों हो रहा विरोध? केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित वक्फ अमेंडमेंट बिल को लेकर मुस्लिम समाज के कुछ वर्गों में असंतोष देखा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस बिल से वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और उनके प्रबंधन पर असर पड़ेगा। हालांकि, सरकार का दावा है कि यह बिल पारदर्शिता लाने और अवैध कब्जों को रोकने के लिए लाया गया है। मंत्री विश्वास सारंग का बयान – ‘बिना पढ़े विरोध गलत’ मध्यप्रदेश सरकार में मंत्री विश्वास सारंग ने इस विरोध प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा,“जो लोग बिना बिल पढ़े इसका विरोध कर रहे हैं, वे गुमराह हैं। जब पाकिस्तान आतंकवादी हमला करता है, बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार होते हैं और कश्मीर में पंडितों पर जुल्म किया जाता है, तब ये लोग काली पट्टी क्यों नहीं बांधते?” सारंग ने आगे कहा कि वक्फ संपत्तियों का वास्तविक लाभ गरीब मुस्लिमों को नहीं मिला है, बल्कि इसका फायदा केवल अमीर मुस्लिम नेताओं और अवैध कब्जेदारों ने उठाया है। उन्होंने फिलिस्तीन के समर्थन में लगाए गए बैनरों पर भी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा,“भारत में फिरकापरस्ती और उन्माद फैलाने की कोशिश को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” भोपाल में शांतिपूर्ण माहौल, पुलिस सतर्क हालांकि, विरोध प्रदर्शन के बावजूद भोपाल और अन्य शहरों में ईद का त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से मनाया जा रहा हैं । पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं । मध्यप्रदेश में इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि वक्फ अमेंडमेंट बिल और फिलिस्तीन के समर्थन को लेकर और क्या प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं।
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भोपाल में बोहरा समुदाय ने मनाई ईद-उल-फित्र

भोपाल में बोहरा समुदाय ने उत्साह के साथ मनाई ईद-उल-फित्र, सुबह 6 बजे अदा की गई विशेष नमाज

भोपाल, 30 मार्च: राजधानी भोपाल में शनिवार को बोहरा समुदाय ने बड़े हर्षोल्लास के साथ ईद-उल-फित्र का त्योहार मनाया। इस खास मौके पर समुदाय के लोगों ने सुबह 6 बजे विशेष नमाज अदा की और एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। ईद की नमाज और जश्न का माहौल भोपाल में दाऊदी बोहरा समाज के लोग सुबह ही मस्जिदों और ईदगाह में जमा हो गए। समाज के प्रमुख धार्मिक स्थल पर बड़ी संख्या में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने ईद की नमाज पढ़ी। इस दौरान खुशियों का माहौल देखने को मिला। ईद की नमाज के बाद लोगों ने आपसी भाईचारे और सौहार्द को बढ़ावा देते हुए एक-दूसरे को ईद की शुभकामनाएं दीं। हिलाल कमेटी करेगी चांद देखने पर फैसला दूसरी ओर, भोपाल की मोती मस्जिद में आज हिलाल कमेटी की अहम बैठक बुलाई गई है, जहां ईद के चांद को लेकर निर्णय लिया जाएगा। चांद दिखने की पुष्टि के बाद अन्य मुस्लिम समुदायों के लिए भी ईद की तिथि तय की जाएगी। बाजारों में दिखी रौनक, सेवइयों की रही मांग ईद-उल-फित्र से पहले राजधानी भोपाल के बाजारों में भारी भीड़ देखने को मिली। खासतौर पर चौक बाजार, जुमेराती और इब्राहिमपुरा में सेवइयां, मेवे, कपड़े और अन्य सामान की जमकर खरीदारी हुई। मिठाइयों की दुकानों पर भी लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। भाईचारे और खुशियों का संदेश बोहरा समाज के धर्मगुरुओं ने इस अवसर पर लोगों को भाईचारे और प्रेम का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ईद-उल-फित्र का पर्व हमें जरूरतमंदों की मदद करने और समाज में एकता बनाए रखने की प्रेरणा देता है। भोपाल में ईद-उल-फित्र की खुशियों के साथ लोग आपसी सद्भावना को और मजबूत कर रहे हैं।
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सगाई में आए मेहमान की हत्या:बीच-बचाव करने पर हंसिया से किया वार, बेटी की शादी से पहले पिता गिरफ्तार

मध्यप्रदेश: विवाद सुलझाने पहुंचे व्यक्ति की हंसिया से हत्या, आरोपी जंगल से गिरफ्तार जबलपुर: जबलपुर से करीब 50 किलोमीटर दूर ग्राम देवरी में 51 वर्षीय व्यक्ति की हत्या कर दी गई। मृतक सिर्फ दो लोगों के बीच विवाद सुलझाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन गुस्साए आरोपी ने हंसिया से उसके सिर और कंधे पर हमला कर दिया। कैसे हुआ विवाद? ✅ आरोपी जीवन सिंह ठाकुर (42) की बेटी की सगाई थी।✅ उसने गुरुवार को गांव के बुजुर्गों को भोज पर आमंत्रित किया था।✅ भोज के दौरान गांव का कोदूलाल भी वहां पहुंचा, जिसका कुछ साल पहले जीवन सिंह से विवाद हो चुका था।✅ पहले सुलझा हुआ विवाद फिर से गरमाया और दोनों में गाली-गलौज होने लगी।✅ मौके पर मौजूद लोगों ने दोनों को शांत कराया, लेकिन कोदूलाल गुस्से में बाहर आ गया। बीच-बचाव में गई जान 📌 गुस्से में जीवन सिंह हंसिया लेकर कोदूलाल के पीछे भागा।📌 ग्रामीणों ने रोकने की कोशिश की, तभी भगत सिंह ठाकुर बीच-बचाव करने आया।📌 जीवन सिंह ने हंसिया से भगत सिंह पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।📌 ग्रामीणों ने तुरंत उसे मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने जंगल से किया आरोपी को गिरफ्तार 🛑 घटना के बाद आरोपी फरार हो गया।🛑 चरगंवा थाना पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और कुछ घंटों में जंगल से गिरफ्तार कर लिया।🛑 आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। शादी की खुशियां मातम में बदलीं 🚨 आरोपी की बेटी की शादी 20 दिन बाद होने वाली थी।🚨 परिवार खुशियों की तैयारी कर रहा था, लेकिन अब गांव में मातम का माहौल है।🚨 पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। ➡️ इस घटना पर आपकी क्या राय है? हमें कमेंट में बताएं!📲 https://deshharpal.com/ से जुड़ें और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए हमें Instagram, Twitter और Facebook पर फॉलो करें!
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मप्र में 5वीं और 8वीं बोर्ड के परिणाम घोषित:कक्षा 5वीं में 92.70% और 8वीं में 90.02% विद्यार्थी उत्तीर्ण

MP Board Result 2024: 5वीं और 8वीं के नतीजे जारी, बालिकाओं का प्रदर्शन शानदार मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित कक्षा 5वीं और 8वीं की बोर्ड पैटर्न परीक्षाओं के परिणाम शुक्रवार दोपहर 1 बजे जारी कर दिए गए। राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने परीक्षा पोर्टल पर रिजल्ट बटन दबाकर नतीजे घोषित किए। कुल रिजल्ट का प्रतिशत 📌 कक्षा 5वीं का कुल परीक्षा परिणाम: 92.70% (पिछले साल: 90.97%)📌 कक्षा 8वीं का कुल परीक्षा परिणाम: 90.02% (पिछले साल: 87.71%) बालिकाओं ने मारी बाजी ✅ कक्षा 5वीं में: बालिकाओं का पास प्रतिशत 94.12% और बालकों का 91.38%✅ कक्षा 8वीं में: बालिकाओं का पास प्रतिशत 91.72% और बालकों का 88.41% टॉप 10 जिले (5वीं और 8वीं बोर्ड परीक्षा) 📌 5वीं बोर्ड: शहडोल, चंबल, नर्मदापुरम, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, सागर, भोपाल।📌 8वीं बोर्ड: नरसिंहपुर, अलीराजपुर, रीवा, झाबुआ, बालाघाट, अनूपपुर, सीहोर, डिंडोरी, बड़वानी, मंदला। रिजल्ट कैसे देखें? 📌 छात्र अपना परीक्षा परिणाम राज्य शिक्षा केंद्र की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं:🔗 www.rskmp.in/result.aspx📌 रोल नंबर या समग्र आईडी से लॉग इन करके रिजल्ट देखा जा सकता है।📌 शिक्षकों और संस्था प्रमुखों के लिए शाला-स्तरीय परिणाम भी पोर्टल पर उपलब्ध हैं। फेल हुए छात्रों के लिए खास योजना ❌ जो छात्र परीक्षा में असफल रहे हैं, उनके लिए पुनः परीक्षा आयोजित की जाएगी।📌 इसमें विद्यार्थियों को सिर्फ उसी विषय की परीक्षा देनी होगी जिसमें वे फेल हुए हैं। 22.85 लाख छात्रों ने दी परीक्षा 📌 कक्षा 5वीं के कुल परीक्षार्थी: 11,17,961📌 कक्षा 8वीं के कुल परीक्षार्थी: 11,68,866📌 कुल परीक्षा केंद्र: 12,623📌 मूल्यांकन केंद्र: 322 पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था 📌 हर जिले के लिए अलग-अलग प्रश्नपत्र तैयार किए गए थे।📌 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन अंकों की प्रविष्टि के बाद किया गया।📌 राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने शिक्षकों और परीक्षा व्यवस्था में सहयोग करने वालों का आभार जताया। ➡️ MP बोर्ड रिजल्ट को लेकर आपकी क्या राय है? कमेंट में बताएं! https://deshharpal.com/ से जुड़ें और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए हमें Instagram, Twitter और Facebook पर फॉलो करें!
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राजेंद्र सलूजा नहीं लिख पाएंगे ‘पूर्व विधायक’, कोर्ट का आदेश:गुना में फर्जी जाति प्रमाण पत्र से बने थे एमएलए, पेंशन की होगी वसूली

फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामला: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से गुना के पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह सलूजा को बड़ा झटका गुना के पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह सलूजा को सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनके फर्जी जाति प्रमाण पत्र के मामले में उनकी पेंशन और अन्य सरकारी लाभ वापस लेने का आदेश दिया है। इतना ही नहीं, अब वह खुद को ‘पूर्व विधायक’ भी नहीं लिख सकेंगे। क्या है पूरा मामला? ➡️ गुना विधानसभा सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है।➡️ वर्ष 2008 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और भाजपा का समर्थन मिला।➡️ सांसी समुदाय का जाति प्रमाण पत्र पेश कर आरक्षण का लाभ लिया और विधायक बने।➡️ कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सलूजा सामान्य जाति के हैं और उन्होंने फर्जी प्रमाण पत्र का उपयोग किया।➡️ 2011 में जांच के बाद उनका जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया। कोर्ट में 12 साल तक चली कानूनी लड़ाई ✅ जाति प्रमाण पत्र रद्द होने के बाद सलूजा ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की, जो 2012 में खारिज कर दी गई।✅ 2013 में उनकी पुनर्विचार याचिका भी खारिज हुई।✅ 2016 में पार्षद वंदना मांडरे ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें सलूजा की पेंशन और अन्य लाभ रद्द करने की मांग की गई।✅ 2017 में हाई कोर्ट ने इस याचिका को द्वेषपूर्ण बताते हुए खारिज कर दिया और वंदना मांडरे पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया।✅ वंदना मांडरे ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।✅ 18 मार्च 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने सलूजा को पेंशन और सरकारी लाभों के लिए अयोग्य ठहरा दिया। सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला – 4 बड़े आदेश 1️⃣ सलूजा अब किसी भी तरह की पेंशन के हकदार नहीं होंगे।2️⃣ उनसे अब तक मिली पेंशन और अन्य लाभों की वसूली की जाएगी।3️⃣ वे अब खुद को ‘पूर्व विधायक’ भी नहीं लिख सकेंगे।4️⃣ उनके खिलाफ वसूली और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब आगे क्या? ➡️ सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद सलूजा को हर तरह के सरकारी लाभ वापस करने होंगे।➡️ उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रास्ता भी खुल गया है।➡️ इस फैसले के बाद फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाकर चुनाव लड़ने वालों के लिए एक सख्त मिसाल कायम हुई है। इस फैसले पर आपकी क्या राय है? कमेंट में बताएं! https://deshharpal.com/ से जुड़ें और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए हमें Instagram, Twitter और Facebook पर फॉलो करें!
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Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
PM Modi

Teachers Day 2026: PM Modi ने Award-Winning Teachers से की बात, Public Speaking पर भी हुई चर्चा

शिक्षक सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि बच्चों के अंदर आत्मविश्वास और बेहतर सोच भी पैदा करते हैं। Teachers’ Day से पहले PM Modi ने National Teachers’ Award 2026 के लिए चुने गए शिक्षकों और educators से मुलाकात की। इस दौरान पढ़ाई के तरीकों से लेकर बच्चों की बदलती आदतों तक कई मुद्दों पर बातचीत हुई। मुलाकात के दौरान माहौल काफी सहज नजर आया। प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षकों से उनके अनुभव जानने के साथ यह भी समझने की कोशिश की कि वे बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने के लिए किस तरह के नए तरीके अपना रहे हैं। PM Modi ने पूछा- Public से कैसे करें बात? बातचीत के दौरान Public Speaking और लोगों के सामने अपनी बात रखने का मुद्दा भी सामने आया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बारे में सवाल किया तो एक महिला Teacher ने सीधा जवाब दिया कि लोगों के सामने प्रभावी तरीके से बात करने के लिए सबसे जरूरी चीज Confidence यानी आत्मविश्वास है। उनकी यह बात छोटी जरूर थी, लेकिन Public Speaking को लेकर एक बड़ा संदेश देती है। किसी भी मंच पर अपनी बात रखने के लिए केवल जानकारी होना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे भरोसे और स्पष्टता के साथ सामने रखना भी जरूरी है। Teachers ने PM Modi को बताए अपने Innovative Ideas प्रधानमंत्री मोदी ने Award-winning Teachers से उनके Teaching Experience और Classroom में अपनाए जा रहे नए प्रयोगों के बारे में भी जाना। शिक्षकों ने बताया कि वे बच्चों के लिए पढ़ाई को आसान और दिलचस्प बनाने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। आज के समय में सिर्फ किताब और ब्लैकबोर्ड तक सीमित पढ़ाई बच्चों को हमेशा आकर्षित नहीं करती। ऐसे में कई शिक्षक Technology, Practical Activities और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े उदाहरणों की मदद से विषयों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं। बच्चों में Screen Addiction को लेकर भी चर्चा PM Modi ने बच्चों में बढ़ते Screen Time और Digital Addiction को लेकर भी शिक्षकों से चर्चा की। उन्होंने बच्चों को खेल, Physical Activities और रचनात्मक कामों से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही युवा छात्रों में नशे की समस्या को लेकर शिक्षकों को सतर्क रहने की बात भी कही गई। प्रधानमंत्री ने शिक्षकों की भूमिका को केवल Classroom तक सीमित नहीं माना। बच्चों के व्यवहार, उनकी आदतों और मानसिक-सामाजिक विकास में भी शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 5 सितंबर को 48 Teachers को National Award Teachers’ Day के मौके पर 5 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 48 स्कूल शिक्षकों को National Teachers’ Awards प्रदान करेंगी। इन शिक्षकों का चयन देशभर से एक निर्धारित और पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए किया गया है। National Teachers’ Awards का मकसद ऐसे शिक्षकों को पहचान और सम्मान देना है, जिन्होंने पढ़ाई को बेहतर बनाने के साथ विद्यार्थियों पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। यह पुरस्कार हर साल Teachers’ Day पर शिक्षकों के योगदान को सम्मानित करने के लिए दिए जाते हैं। PM Modi की Teachers से मुलाकात का संदेश प्रधानमंत्री और शिक्षकों की इस मुलाकात में एक बात साफ तौर पर सामने आई—एक अच्छा Teacher सिर्फ पाठ नहीं पढ़ाता, बल्कि बच्चों को जीवन के लिए तैयार करता है। चाहे Public Speaking में Confidence की बात हो या Classroom में नए Teaching Methods अपनाने की, बदलते समय के साथ शिक्षकों की भूमिका भी लगातार व्यापक हो रही है। Teachers’ Day से पहले हुई यह मुलाकात इसी बदलाव और शिक्षकों के योगदान को रेखांकित करती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Ujjain

Ujjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएं

मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश सरकार Ujjain में एक ऐसी Malakhamb और Gymnastics Academy विकसित करने की तैयारी में है, जहां खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण के साथ आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के प्रयासों से तैयार किए गए प्रस्ताव के मुताबिक, करीब 20 एकड़ जमीन पर इस अकादमी को विकसित किया जाएगा। अकादमी में खिलाड़ियों के लिए खेल अधोसंरचना, हॉस्टल, आधुनिक उपकरण, फिटनेस सेंटर, फिजियोथेरेपी और खेल विज्ञान से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका मकसद प्रदेश की युवा मलखंब प्रतिभाओं को कम उम्र से ही बेहतर ट्रेनिंग देकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना है। 111 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रस्ताव प्रस्तावित मलखंब एवं जिम्नास्टिक अकादमी के निर्माण पर करीब 86 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक अकादमी के संचालन के लिए लगभग 25.33 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इस तरह निर्माण और संचालन को मिलाकर परियोजना की कुल प्रस्तावित लागत करीब 111.33 करोड़ रुपये बताई गई है। खिलाड़ियों को सिर्फ Training नहीं, पूरी सुविधा मिलेगी इस अकादमी की खास बात यह होगी कि खिलाड़ियों को केवल मलखंब की ट्रेनिंग तक सीमित सुविधाएं नहीं मिलेंगी। यहां हॉस्टल, आधुनिक खेल उपकरण, फिटनेस, फिजियोथेरेपी और Sports Science आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। सरकार का जोर ऐसे Training Environment पर है, जहां खिलाड़ियों की तकनीक के साथ उनकी फिटनेस और खेल प्रदर्शन पर भी लगातार काम किया जा सके। 70 खिलाड़ियों को मिलेगा मौका प्रस्ताव के अनुसार अकादमी में कुल 70 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें: शामिल होंगे। यानी कुल 50 खिलाड़ी बोर्डिंग और 20 खिलाड़ी डे-बोर्डिंग व्यवस्था में रहेंगे। खिलाड़ियों का चयन Talent Search के माध्यम से किए जाने का प्रस्ताव है। Academy शुरू होने से पहले उज्जैन में शुरू होगी Training स्थायी अकादमी की इमारत तैयार होने में समय लगने के दौरान भी खिलाड़ियों की ट्रेनिंग को रोका नहीं जाएगा। वर्ष 2026-27 और 2027-28 में अकादमी को राजमाता खेल परिसर, तानाखेड़ा, उज्जैन में डे-बोर्डिंग मॉडल पर संचालित करने का प्रस्ताव है। इस शुरुआती चरण में कुल 40 खिलाड़ियों को प्रवेश देने की योजना है। इनमें 30 बालक और 10 बालिकाएं शामिल होंगी। उज्जैन से बाहर के चयनित खिलाड़ियों के लिए विभाग की ओर से आवास की व्यवस्था करने का भी प्रस्ताव है। Expert Coaches के साथ Sports Science पर रहेगा फोकस नई अकादमी में खिलाड़ियों को आधुनिक और उच्च तकनीकी प्रशिक्षण देने की तैयारी है। इसके लिए उच्च तकनीकी सलाहकार और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की सेवाएं अनुबंध के आधार पर लेने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। डे-बोर्डिंग व्यवस्था में खिलाड़ियों को प्रशिक्षकों के साथ फिजियोथेरेपिस्ट और मसाजर की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना है। इसमें एक महिला फिजियोथेरेपिस्ट और दो मसाजर—एक महिला तथा एक पुरुष—का प्रावधान प्रस्तावित है। मंत्री विश्वास सारंग बोले- प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के मुताबिक मध्यप्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ इतनी है कि इन खिलाड़ियों को सही समय पर आधुनिक सुविधाएं, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और बेहतर अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि मलखंब मध्यप्रदेश की गौरवशाली खेल परंपरा का हिस्सा है और प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की है। प्रस्तावित अकादमी के जरिए खिलाड़ियों को शुरुआती उम्र से वैज्ञानिक और तकनीकी प्रशिक्षण देने पर जोर रहेगा। मंत्री के अनुसार लक्ष्य यह है कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी प्रदेश और देश का नाम रोशन करें। Khelo India में MP के Malakhamb खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन मलखंब अकादमी की जरूरत इसलिए भी महसूस की गई क्योंकि मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है। Khelo India Youth Games 2025, बिहार में मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक जीते। इनमें 7 Gold, 2 Silver और 1 Bronze Medal शामिल रहे। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखाया कि प्रदेश में मलखंब की प्रतिभाओं की मजबूत नींव मौजूद है। अब नई अकादमी के जरिए इन खिलाड़ियों को लगातार और बेहतर प्रशिक्षण देने की दिशा में काम किया जा रहा है। उज्जैन बन सकता है Malakhamb Talent Hub अकादमी के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, उज्जैन को देने का प्रस्ताव है। शुरुआत में विभाग में उपलब्ध स्टाफ के जरिए अकादमी की दैनिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। उज्जैन जिले के लिए कुल 12 पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें संभागीय खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, लेखापाल, सहायक ग्रेड-2, सहायक ग्रेड-3 और भृत्य के पद शामिल हैं। खिलाड़ियों के लिए नई उम्मीद उज्जैन में प्रस्तावित Malakhamb Academy सिर्फ एक नई खेल सुविधा नहीं, बल्कि प्रदेश की युवा प्रतिभाओं के लिए आगे बढ़ने का बड़ा रास्ता बन सकती है। अभी जहां खिलाड़ी अलग-अलग स्थानों पर प्रशिक्षण लेते हैं, वहीं भविष्य में उन्हें एक ही जगह पर ट्रेनिंग, फिटनेस, आवास और Sports Science जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। अगर प्रस्तावित योजना अपने स्वरूप में आगे बढ़ती है, तो उज्जैन आने वाले समय में मध्यप्रदेश की मलखंब प्रतिभाओं की नई नर्सरी और प्रमुख Training Hub के रूप में अपनी पहचान बना सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
India-Belgium

India-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमति

India-Belgium के रिश्तों में गुरुवार को एक अहम पड़ाव जुड़ गया। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर भारत दौरे पर पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। बातचीत के बाद दोनों देशों ने Defence, Clean Energy, Critical Minerals, Semiconductor, Maritime Cooperation और व्यापार जैसे कई क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के बाद कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध अब केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश अब Defence और Clean Energy जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भी तेजी से साथ आ रहे हैं। इसी दौरान पीएम मोदी ने जोरावर Tank का भी जिक्र किया। जोरावर Tank ने बढ़ाया Defence Cooperation भारत के लिए पहाड़ी और कठिन इलाकों में इस्तेमाल होने वाला हल्का जोरावर टैंक Defence Sector का अहम प्रोजेक्ट है। पीएम मोदी ने भारत-बेल्जियम सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देश आधुनिक रक्षा उपकरणों के क्षेत्र में साथ काम कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच Military Exchanges और Training Cooperation बढ़ाने पर भी सहमति बनी है। इससे भारतीय और बेल्जियम की सेनाओं के बीच संपर्क और अनुभव साझा करने के अवसर बढ़ेंगे। हालांकि, जोरावर टैंक को लेकर इसे सीधे तौर पर कोई अलग Tank Purchase Deal कहना सही नहीं होगा। इस प्रोजेक्ट का उल्लेख दोनों देशों के बढ़ते Defence और Technology Cooperation के उदाहरण के तौर पर किया गया है। Clean Energy में भी नई Partnership Defence के साथ-साथ Green Energy भारत-बेल्जियम सहयोग का एक और बड़ा क्षेत्र बनकर सामने आया है। दोनों देशों ने Renewable Energy के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता किया है। पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में विकसित हो रहे Green Ammonia Project का भी जिक्र किया। भारत की बढ़ती Clean Energy जरूरतों और बेल्जियम की तकनीकी क्षमता को देखते हुए यह Partnership आने वाले समय में काफी अहम हो सकती है। Critical Minerals और Semiconductor पर नजर आज की Technology Economy में Critical Minerals और Semiconductor की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भारत और बेल्जियम ने इन क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। दोनों देश Critical Minerals की Processing और Recycling में मिलकर काम करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। वहीं Semiconductor Sector में बेल्जियम की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत के बड़े Manufacturing Ecosystem को जोड़ने पर जोर दिया गया है। खास तौर पर बेल्जियम के प्रसिद्ध Research Institute IMEC और भारत के Semiconductor Ecosystem के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 5 साल में Double हो सकता है Bilateral Trade बैठक में आर्थिक रिश्तों को लेकर भी बड़ा लक्ष्य सामने आया। भारत और बेल्जियम अगले पांच वर्षों में Bilateral Trade को दोगुना करने की दिशा में काम करेंगे। भारत और बेल्जियम के बीच व्यापार में Diamond Industry की लंबे समय से बड़ी भूमिका रही है। बेल्जियम का एंटवर्प शहर दुनिया के प्रमुख Diamond Trading Hubs में शामिल है और यहां भारतीय कारोबारियों की भी मजबूत मौजूदगी है। अब दोनों देश इस पुराने व्यापारिक रिश्ते को Defence, Technology, Energy और Critical Minerals जैसे नए क्षेत्रों से जोड़ना चाहते हैं। Maritime और Startup Sector में भी बढ़ेगा सहयोग भारत और बेल्जियम के बीच सहयोग का दायरा केवल Defence और Trade तक नहीं रहेगा। दोनों देशों ने Maritime Sector में Capacity Building और Startups के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी सहमति जताई है। इसके अलावा Cybercrime से मुकाबला, Diplomatic Training और अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग को मजबूत करने के लिए समझौते किए गए हैं। दोनों देश Migration and Mobility Partnership Agreement को जल्द पूरा करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। इससे दोनों देशों के बीच छात्रों, Professionals और लोगों के आवागमन से जुड़े अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है। Terrorism पर भारत-बेल्जियम का एक सुर बैठक में आतंकवाद और दुनिया में चल रहे विभिन्न संघर्षों पर भी चर्चा हुई। भारत और बेल्जियम ने आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश Dialogue और Diplomacy के जरिए विवादों के शांतिपूर्ण समाधान में विश्वास रखते हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अस्थिरता के बीच भारत और बेल्जियम के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। भारत-बेल्जियम रिश्तों की पुरानी कहानी पीएम मोदी ने दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों का भी जिक्र किया। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बेल्जियम में भारतीय सैनिकों के योगदान और बलिदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध काफी पुराने हैं। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर की यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा है। एंटवर्प के मेयर के तौर पर उनका भारत और भारतीय समुदाय से पहले भी संपर्क रहा है। अब Diamond Trade से आगे बढ़ रही दोस्ती भारत और बेल्जियम की दोस्ती की पहचान लंबे समय तक Diamond Trade से जुड़ी रही है। लेकिन बदलती दुनिया में दोनों देशों के रिश्ते अब एक बड़े दायरे में फैल रहे हैं। जोरावर Tank से Defence Cooperation, Green Energy से Critical Minerals और Semiconductor से Bilateral Trade तक, भारत और बेल्जियम कई नए क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। पीएम मोदी और बार्ट डी वेवर की बैठक को इसी बदलती Partnership की एक अहम कड़ी माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में अगर इन समझौतों और सहयोग योजनाओं को जमीन पर तेजी से उतारा जाता है, तो भारत-बेल्जियम संबंध आर्थिक रिश्तों से आगे बढ़कर एक मजबूत Strategic Partnership का रूप ले सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Tibet

Nepal Flood के बीच बड़ा Earthquake: Tibet में 5.1 Magnitude के झटके, अब तक 1,273 लोगों की मौत

Nepal-Tibet Flood हिमालयी इलाके में पिछले एक हफ्ते से जारी तबाही के बीच गुरुवार को एक और झटका महसूस किया गया। चीन के तिब्बत (Tibet) क्षेत्र में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप ऐसे वक्त आया है, जब नेपाल और तिब्बत में भीषण Flood और Landslide के बाद हजारों लोग लापता हैं और राहत-बचाव अभियान लगातार चल रहा है। 26 अगस्त को नेपाल-चीन सीमा के पास आई विनाशकारी बाढ़ ने देखते ही देखते कई इलाकों की तस्वीर बदल दी थी। घर, सड़कें, पुल और Hydropower Projects मलबे और पानी की चपेट में आ गए। अब तक इस आपदा में नेपाल और तिब्बत को मिलाकर 1,273 लोगों की मौत हो चुकी है। Tibet में 5.1 तीव्रता का Earthquake जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार गुरुवार को तिब्बत में 5.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप करीब 10 किलोमीटर की गहराई पर आया और इसका क्षेत्र नेपाल तथा भारत की सीमाओं के आसपास बताया गया है। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में इस भूकंप से बड़े पैमाने पर नए नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पहले से तबाह इलाके में इसके झटके ने लोगों और Rescue Teams की चिंता जरूर बढ़ा दी है। एक हफ्ते पहले आई बाढ़ ने मचाई थी भारी तबाही 26 अगस्त को Bhote Koshi River के आसपास अचानक आई बाढ़ ने नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। अधिकारियों और विशेषज्ञों के मुताबिक इस आपदा के पीछे ग्लेशियर और चट्टानों के खिसकने से पैदा हुआ भारी मलबा और पानी प्रमुख वजह रहा। बाढ़ का तेज बहाव अपने साथ मिट्टी, चट्टान और मलबा लेकर नीचे की ओर आया और रास्ते में आने वाले घरों, सड़कों और पुलों को तबाह करता चला गया। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को बेहद असाधारण बताते हुए इसे ‘Himalayan Tsunami’ तक कहा है। तिब्बत की ओर Gyirong Port भी बुरी तरह प्रभावित हुआ था। संपर्क मार्गों को नुकसान पहुंचने से शुरुआती दौर में राहत सामग्री और भारी मशीनरी को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाना बड़ी चुनौती बन गया। Nepal-Tibet Disaster में 1,273 लोगों की मौत 3 सितंबर तक सामने आए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार नेपाल में 1,252 लोगों की मौत हो चुकी है और कम से कम 4,216 लोग अब भी लापता हैं। वहीं चीन के तिब्बत क्षेत्र में 21 लोगों की मौत और 541 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इस तरह दोनों क्षेत्रों में मृतकों की संख्या 1,273 हो गई है। नेपाल में सबसे ज्यादा मौतें चितवन, नवलपरासी पूर्व, नवलपरासी पश्चिम और नुवाकोट जैसे जिलों में दर्ज हुई हैं। कई शवों की पहचान अभी बाकी है, जिससे परिवारों की बेचैनी और बढ़ गई है। हजारों लोग अब भी Missing, Tunnel में फंसे लोगों की तलाश सबसे बड़ी चिंता उन लोगों को लेकर है, जिनका अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। नेपाल में हजारों लोगों के लापता होने के अलावा कई Hydropower Projects में काम करने वाले कर्मचारियों के भी फंसे होने की आशंका है। करीब 900 Hydropower workers के अब भी लापता होने की बात सामने आई है। कुछ लोगों के सुरंगों में फंसे होने की आशंका के चलते Rescue Teams भारी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाने में जुटी हैं। नेपाल सरकार के मुताबिक भारत, चीन और दक्षिण कोरिया की Tunnel Rescue Teams नेपाली सेना के साथ मिलकर अभियान चला रही हैं। ड्रोन, भारी मशीनरी और अन्य राहत उपकरणों की मदद भी ली जा रही है। हजारों घर हुए तबाह, सामने बड़ी Rebuilding Challenge बाढ़ ने सिर्फ लोगों की जान नहीं ली, बल्कि हजारों परिवारों से उनका घर और रोजी-रोटी भी छीन ली। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल में करीब 7,500 घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं और लगभग 20,000 घरों को दोबारा बनाने की जरूरत पड़ सकती है। सड़क और पुल टूटने के कारण कई इलाकों में राहत पहुंचाना अभी भी मुश्किल है। कुछ जगहों पर लोगों को नदी पार करने के लिए अस्थायी साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। Rescue Operation के बीच नया भूकंप चिंता की वजह राहत और बचाव दल पहले ही बारिश, मलबे, तेज बहाव और अस्थिर पहाड़ी ढलानों से जूझ रहे हैं। ऐसे में तिब्बत में आया नया भूकंप हालात को और संवेदनशील बना सकता है। फिलहाल अधिकारियों की प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना है। नेपाल सरकार के मुताबिक Search and Rescue Operation अभी भी पूरी क्षमता के साथ जारी है। हिमालयी क्षेत्र की इस त्रासदी ने एक बार फिर दिखाया है कि पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक आपदाएं कितनी तेजी से बड़े संकट में बदल सकती हैं। बाढ़ के बाद भूकंप के झटके ने प्रभावित लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं, लेकिन Rescue Teams अब भी मलबे के बीच जिंदगी की तलाश में जुटी हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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