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जबलपुर के पूर्व शहर युवक कांग्रेस अध्यक्ष पर इनाम घोषित:कांग्रेसी नेता के साथ मिलकर किया था JDA की जमीन का फर्जीवाड़ा, एक माह से फरार

जबलपुर विकास प्राधिकरण (JDA) की जमीनों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए हड़पने वाले गिरोह के दो मुख्य आरोपियों—यूथ कांग्रेस के पूर्व नगर अध्यक्ष जतिन राज और उनके सहयोगी मनोज नामदेव—की गिरफ्तारी के लिए अब पुलिस ने कमर कस ली है। एसपी संपत उपाध्याय ने दोनों फरार आरोपियों पर 5-5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। कांग्रेस से जुड़ा चेहरा, अब भगोड़ा जतिन राज पहले एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस में पदाधिकारी रह चुके हैं। वे पार्षद भी रह चुके हैं और कांग्रेस के कई चुनाव अभियानों में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। लेकिन अब वही चेहरा जमीन के गोरखधंधे में मुख्य साजिशकर्ता बन चुका है। मनोज नामदेव के साथ मिलकर जतिन राज ने JDA की एक योजना में शामिल जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे लाखों में बेच डाला। पुलिस ने इस मामले में सैफ नगर निवासी कयाज उर्फ शुभम उर्फ शिवम को गिरफ्तार किया है, जिसने पूछताछ में कई बड़े खुलासे किए हैं। ऐसे हुआ खुलासा दरअसल, एक माह पहले कयाज उर्फ शुभम JDA दफ्तर पहुंचा और खुद को विजय नगर निवासी केपी लटोरिया का बेटा बताकर एक जमीन को अपने नाम करने की कोशिश की। उसने नकली आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज लगाए। लेकिन JDA के CEO दीपक वैद्य को शक हुआ। जब दस्तावेजों की जांच करवाई गई तो मालूम पड़ा कि जिनके नाम पर शुभम जमीन लेना चाहता था, वे दोनों पति-पत्नी पहले ही गुजर चुके हैं और उनकी कोई संतान भी नहीं थी। इसके बाद JDA ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और शुभम को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में शुभम ने कबूल किया कि वह जतिन राज और मनोज नामदेव के साथ मिलकर JDA की खाली पड़ी जमीनों की जानकारी निकालता था। फिर नकली वारिस तैयार कर जमीनों पर कब्जा किया जाता था और उन्हें लाखों में बेच दिया जाता था। पुलिस की दबिश, लेकिन अभी तक आरोपी लापता ओमती थाना पुलिस जतिन और मनोज को पकड़ने के लिए लगातार दबिश दे रही है, लेकिन अब तक दोनों फरार हैं। पुलिस ने उनके घरों पर भी छापे मारे, लेकिन वहां से कोई सुराग नहीं मिला। एसपी ने ओमती थाना प्रभारी को दोनों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। साथ ही इनाम घोषित कर आम जनता से भी सूचना देने की अपील की है। देशहरपाल(deshharpal.com)की अपील: अगर आपके पास जतिन राज या मनोज नामदेव के संबंध में कोई भी जानकारी है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें। जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े और घोटाले रोकने के लिए नागरिकों की सतर्कता बेहद जरूरी है।
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ग्वालियर HC में अंबेडकर प्रतिमा विवाद राजस्थान-दिल्ली-हरियाणा पहुंचा:भीम सेना की जयपुर हाईकोर्ट से ऋषि मनु की मूर्ति हटाने की चेतावनी, दोनों पक्ष बना रहे रणनीति

ग्वालियर हाईकोर्ट में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापना को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। यह मामला न सिर्फ मध्य प्रदेश बल्कि दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान तक पहुंच चुका है। खासकर जब से भीम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवाब सतपाल तंवर इस मुद्दे में कूदे हैं, तब से हालात और ज्यादा संवेदनशील हो गए हैं। भीम सेना ने सरकारों को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ग्वालियर हाईकोर्ट में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा नहीं लगाई गई, तो जयपुर हाईकोर्ट में लगी मनु ऋषि की प्रतिमा को हटाने के लिए आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस बयान के बाद दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और एमपी की इंटेलिजेंस एजेंसियां अलर्ट पर आ गई हैं। कैसे शुरू हुआ विवाद? पूरा मामला 19 फरवरी 2025 को शुरू हुआ था, जब ग्वालियर हाईकोर्ट में कुछ अधिवक्ताओं ने चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत को ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने कोर्ट परिसर में अंबेडकर प्रतिमा लगाने की मांग की थी। मौखिक सहमति के बाद पीडब्ल्यूडी ने प्लेटफार्म भी तैयार करा दिया और वकीलों ने आपसी सहयोग से मूर्ति बनवाने का ऑर्डर दे दिया। लेकिन बाद में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने यह कहते हुए विरोध शुरू कर दिया कि उन्हें न तो सूचना दी गई, न ही बिल्डिंग कमेटी से इजाजत ली गई। इसके बाद विवाद बढ़ता गया और मामला जातिगत खेमों में बंट गया—एक ओर एससी-एसटी वर्ग के वकील, दूसरी ओर सनातन परंपरा से जुड़े अधिवक्ता। सोशल मीडिया पर पोस्टर वार, चेतावनी से खौफ भीम सेना ने इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्टर और वीडियो जारी कर सरकार को खुली चेतावनी दी है। अध्यक्ष सतपाल तंवर ने कहा कि “डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा को रोकना संविधान और दलित समाज का अपमान है। अगर मूर्ति नहीं लगी, तो हम जयपुर में मनु की प्रतिमा को नहीं रहने देंगे।” भीम सेना की इस खुली धमकी के बाद मध्य प्रदेश और राजस्थान सरकारों ने अलर्ट मोड पर सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। एमपी सरकार ने इस मामले पर बयानबाजी से बचने की हिदायत दी है, लेकिन सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। 14 मई को भड़का विवाद, अब सुप्रीम कोर्ट तक जाने की तैयारी 14 मई को मूर्ति स्थापना के दिन जब वकीलों का एक पक्ष कोर्ट परिसर में मूर्ति स्थापित करने पहुंचा, तो बार एसोसिएशन ने विरोध करते हुए विवाद को नया मोड़ दे दिया। देखते ही देखते यह मामला जातिगत टकराव में बदल गया। अब दोनों पक्ष लगातार बैठकें कर रहे हैं। 19 मई को दोनों पक्षों ने जबलपुर में चीफ जस्टिस से मुलाकात की थी, जिसमें उन्हें फिलहाल माहौल शांत रखने और समाज में सौहार्द बनाए रखने की सलाह दी गई है। हालांकि, वकीलों के बीच इस मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। क्या बोले सतपाल तंवर? गुरुग्राम में मीडिया से बातचीत करते हुए सतपाल तंवर ने कहा, “डॉ. अंबेडकर ने इस देश के संविधान को बनाया और करोड़ों शोषितों को सम्मान दिया। ऐसे में उनकी प्रतिमा को रोकना सरासर गलत है। अगर जरूरत पड़ी, तो हम सड़कों पर उतरेंगे। ये सिर्फ मूर्ति की बात नहीं, हमारे सम्मान और अधिकार की बात है।” 👉 देशहरपाल(deshharpal.com)की अपील: यह मामला संविधान, न्याय और सामाजिक समरसता से जुड़ा है। हम सभी नागरिकों से अपील करते हैं कि शांति बनाए रखें और विवाद को बातचीत से सुलझाएं।
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पूर्व विधायक के एटीएम का क्लोन बनाया, 6.83 लाख उड़ाए:भोपाल में 54 ट्रांजेक्शन कर जालसाजों ने निकाली रकम, जांच शुरू

भोपाल की पॉश अरेरा कॉलोनी में रहने वाले पूर्व विधायक रामकिशन चौहान साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। उनके पंजाब नेशनल बैंक खाते से एटीएम कार्ड का क्लोन बनाकर 6 लाख 83 हजार रुपए उड़ा लिए गए। यह मामला सामने आने के बाद साइबर क्राइम ब्रांच भोपाल ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रामकिशन चौहान, जो कभी भोजपुर विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं, को 5 मई को 92 रुपए की ट्रांजेक्शन का एसएमएस मिला। शक होने पर उन्होंने बैंक जाकर स्टेटमेंट निकाली, जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ। 2 फरवरी से 1 मई के बीच उनके खाते से 54 बार ट्रांजेक्शन कर कुल 6.83 लाख रुपए निकाल लिए गए थे। इस फर्जीवाड़े को लेकर उन्होंने तत्काल पुलिस को शिकायत दी, जिस पर कार्रवाई करते हुए बुधवार को केस दर्ज कर लिया गया। बूथ से क्लोनिंग कर रची गई साजिश(deshharpal.com) पुलिस जांच में पता चला है कि फरवरी में रामकिशन चौहान ने अरेरा कॉलोनी के एक एटीएम से पैसे निकाले थे। संभावना जताई जा रही है कि उसी दौरान उनका एटीएम कार्ड स्किमिंग डिवाइस के ज़रिए क्लोन कर लिया गया। इसके बाद फर्जी कार्ड से बार-बार ट्रांजेक्शन कर यह साइबर ठगी की गई। अब पुलिस एटीएम बूथ के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। फिलहाल मामले की तफ्तीश जारी है और साइबर टीम इस हाई-प्रोफाइल ठगी के पीछे छिपे गिरोह का पता लगाने में जुटी है। 👉 आम जनता से अपील है कि एटीएम का इस्तेमाल करते वक्त सतर्क रहें और संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत बैंक और पुलिस को सूचित करें।
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Naxalite Encounter

छत्तीसगढ़ नक्सली मुठभेड़ (Naxalite Encounter): अबूझमाड़ में 27 नक्सली ढेर, बसवराज समेत टॉप लीडर्स का खात्मा

नारायणपुर, छत्तीसगढ़ – छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ के घने जंगलों में सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता मिली है। 21 मई 2025 को हुई भीषण मुठभेड़ (Naxalite Encounter in Chhattisgarh) में 27 नक्सली मारे गए हैं, जिनमें माओवादी संगठन के शीर्ष नेता नंबाला केशव राव उर्फ बसवराज भी शामिल हैं। बसवराज पर ₹1.5 करोड़ का इनाम था और वह पार्टी की पोलित ब्यूरो का सदस्य था। इंटेलिजेंस इनपुट पर शुरू हुआ ऑपरेशन सुरक्षा एजेंसियों को खुफिया जानकारी मिली थी कि बसवराज अबूझमाड़ के बोटेर क्षेत्र में मौजूद है। सूचना के आधार पर Naxalite Encounter सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया, जिसमें भारी गोलीबारी के दौरान माओवादी कैंप पर बड़ी कार्रवाई की गई। जवाबी फायरिंग में सुरक्षाबलों ने 27 नक्सलियों को मार गिराया और बड़ी संख्या में AK-47 राइफलें, विस्फोटक व अन्य हथियार बरामद किए। ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट से टूटा नक्सल नेटवर्क इससे पहले अप्रैल-मई 2025 में चलाए गए ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट (Operation Black Forest) के तहत भी बड़ी कार्रवाई की गई थी। यह 21 दिन तक चला ऑपरेशन था, जो छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा के कर्रगुट्टालु पहाड़ियों में चला। इसमें 31 नक्सली मारे गए, जिनमें 16 महिला नक्सली भी थीं। इस ऑपरेशन ने नक्सलियों की केंद्रीय कमान को गहरा झटका दिया। सरकार का मिशन: 2026 तक नक्सलवाद मुक्त भारत मुख्यमंत्री विश्नुदेव साय ने इस सफलता को ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह राज्य में शांति स्थापना की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि अब सुरक्षा कैंपों को मल्टी-सर्विस हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, बिजली और रोजगार मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक राज्य को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त करना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Three Language Formula

Three Language Formula विवाद: तमिलनाडु और केंद्र सरकार में टकराव, MK Stalin बोले – सुप्रीम कोर्ट जाएंगे

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) में प्रस्तावित Three Language Formula को लागू न करने पर केंद्र सरकार ने तमिलनाडु की शिक्षा योजनाओं के लिए फंड रोक दिया है। इस पर मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र पर “छोटी राजनीति” करने का आरोप लगाया है और कहा है कि वे इस मामले को Supreme Court में चुनौती देंगे। क्या है Three Language Formula विवाद? NEP 2020 के तहत केंद्र सरकार छात्रों को तीन भाषाएँ सीखने की सिफारिश करती है – जिसमें दो भारतीय भाषाएं और एक विदेशी/अन्य भाषा शामिल होती है। लेकिन तमिलनाडु इस नीति का कड़ा विरोध कर रहा है और राज्य में केवल Two Language Policy (तमिल और अंग्रेज़ी) को ही मान्यता देता है। तमिलनाडु सरकार का आरोप है कि केंद्र सरकार ने Samagra Shiksha Yojana के तहत मिलने वाले ₹2,152 करोड़ के फंड को रोक दिया है, क्योंकि राज्य तीन-भाषा फॉर्मूला को लागू नहीं कर रहा। MK Stalin का केंद्र पर हमला मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि शिक्षा एक Concurrent List का विषय है और केंद्र सरकार राज्य की स्वायत्तता में दखल दे रही है। उन्होंने कहा,“केंद्र सरकार संघीय ढांचे को कमजोर कर रही है और शिक्षा जैसे मौलिक क्षेत्र में भी राजनीति कर रही है। हम इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे।” इसके साथ ही स्टालिन ने अन्य गैर-भाजपा शासित राज्यों से भी एकजुट होकर इस नीति के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने की अपील की है। तमिलनाडु सरकार की जवाबी तैयारी राज्य के वित्त मंत्री थंगम थेन्नारासु ने विधानसभा में घोषणा की कि केंद्र द्वारा फंड रोके जाने के बावजूद राज्य सरकार खुद शिक्षा के लिए फंड जारी करेगी। 2025-26 के बजट में ₹46,767 करोड़ की राशि स्कूल शिक्षा के लिए निर्धारित की गई है, जिससे शिक्षक वेतन, इंफ्रास्ट्रक्चर और योजनाएं प्रभावित नहीं होंगी। केंद्र सरकार की सफाई केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बयान में कहा कि NEP किसी भी राज्य पर कोई भाषा थोपने की कोशिश नहीं कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि Three Language Policy एक लचीला ढांचा है, न कि अनिवार्य शर्त। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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एक्सीडेंट में घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को मिलेंगे 25000:डॉ. मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला; मोदी करेंगे इंदौर मेट्रो, दतिया-सतना एयरपोर्ट का लोकार्पण

मध्यप्रदेश में सड़क हादसों में घायल लोगों की मदद करने वालों को अब सरकार इनाम देगी। यदि कोई व्यक्ति एक्सीडेंट के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद करता है, तो उसे 25,000 रुपए का इनाम दिया जाएगा। इस योजना का नाम “राहवीर योजना” रखा गया है। इस फैसले की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को इंदौर के ऐतिहासिक राजवाड़ा में हुई कैबिनेट बैठक में की गई। कैसे मिलेगा इनाम? बैठक से जुड़े अन्य बड़े फैसले कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मई को भोपाल आएंगे। ऐतिहासिक माहौल में हुई बैठक(deshharpal.com) बैठक इंदौर के राजवाड़ा के गणेश हॉल में आयोजित हुई। खास बात ये रही कि हॉल में देवी अहिल्या की मूर्ति को मुख्यमंत्री से आगे रखा गया। सीएम ने मूर्ति के सामने पुष्प अर्पित कर नमन किया।मुख्यमंत्री और कुछ मंत्री धोती-कुर्ता और भगवा दुपट्टा पहनकर पहुंचे। सुरक्षा के चलते मंत्रियों के साथ आए OSD और अधिकारियों को कड़ी चेकिंग के बाद ही प्रवेश मिला। हालांकि, अपने विवादित बयान को लेकर चर्चा में आए मंत्री विजय शाह इस बैठक से अनुपस्थित रहे।
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अरपा नदी से अवैध रेत खनन का मामला:बिलासपुर में रिवर व्यू रोड के नाम पर f से रेत निकाली; 60 करोड़ बढ़ी लागत

बिलासपुर की जीवनरेखा मानी जाने वाली अरपा नदी इस वक्त संकट में है। रिवर व्यू रोड बनाने के नाम पर नदी में बड़े पैमाने पर रेत खनन किया जा रहा है। पेंड्रा के अमरपुर से लेकर बिलासपुर तक नदी पहले ही सूखी हुई है, और अब इस पर मानो दोहरी मार पड़ रही है। 160 करोड़ का बना 100 करोड़ का प्रोजेक्ट इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 100 करोड़ रुपये की लागत से हुई थी। लेकिन काम में देरी और अन्य वजहों से अब यह लागत 160 करोड़ रुपए से ज्यादा हो चुकी है। बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने रिवर व्यू रोड के निर्माण का ठेका मेसर्स गणपति इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को दिया है। नदी के एक किनारे पर 2000 मीटर और दूसरी ओर 1800 मीटर लंबी सड़क बननी है। अवैध रेत खनन के आरोप ठेकेदार कंपनी पर सिल्ट हटाने की आड़ में अवैध रेत खनन का गंभीर आरोप है। नगर निगम ने सड़क निर्माण के लिए नदी की तलहटी से सिल्ट हटाने को कहा था, ताकि भराई हो सके। लेकिन मौके पर बिना नियंत्रण खुदाई की जा रही है, जिससे नदी में बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। क्या कहता है नगर निगम? (deshharpal.com) नगर निगम के कार्यपालन अभियंता अनुपम तिवारी के मुताबिक, ठेकेदार को केवल जलभराव रोकने के लिए सिल्ट हटाने और जमीन समतल करने की अनुमति दी गई थी। उन्होंने ये भी कहा कि ठेकेदार को रेत निकालने की अनुमति है, लेकिन निकाली गई रेत की रॉयल्टी खनिज विभाग को देना अनिवार्य है।
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निगम के रिटायर्ड इंजीनियर अंतरसिंह की मुश्किलें बढ़ी:EOW ने शुरू की जांच; बेटे को परमिशन फाइलों से फायदा देने का आरोप

खंडवा नगर निगम के रिटायर्ड कार्यपालन यंत्री (इंजीनियर) अंतरसिंह तंवर की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं। एक पुराने मामले में विभागीय जांच के बाद अब EOW (आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) ने भी केस दर्ज कर लिया है। यह शिकायत पहले नगर निगम स्तर पर की गई थी, जिसकी जांच पूरी हो चुकी है। अब इसी आधार पर भोपाल EOW में केस दर्ज होने के बाद इंदौर ब्रांच ने जांच शुरू कर दी है। क्या है पूरा मामला? आरोप है कि नगर निगम में कार्यरत रहने के दौरान अंतरसिंह तंवर ने अपने बेटे साई चंद्र सिंह जो कि एक आर्किटेक्ट हैं, को भवन निर्माण की परमिशन दिलाने में पद का दुरुपयोग किया। इस मामले में EOW इंदौर के इंस्पेक्टर संजय शुक्ला ने खंडवा नगर निगम कमिश्नर को नोटिस भेजकर एक सप्ताह (यानी 26 मई तक) में पूरी जानकारी भेजने को कहा है। ईओडब्ल्यू ने इन पांच बिंदुओं पर मांगी जानकारी: पहले भी हुई थी शिकायत(deshharpal.com) चार महीने पहले इसी मामले की शिकायत इंदौर स्थित नगरीय प्रशासन विभाग के संभागीय कार्यालय में हुई थी। इसके बाद खंडवा नगर निगम कमिश्नर प्रियंका राजावत को जांच के निर्देश दिए गए थे। कमिश्नर के अनुसार, जांच पूरी हो चुकी है और रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
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TMC

अभिषेक बनर्जी होंगे TMC के प्रतिनिधि | TMC-Centre टकराव पर ममता बनर्जी का बड़ा बयान

ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) को लेकर केंद्र सरकार द्वारा गठित सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल (All-Party Delegation) में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की ओर से लोकसभा सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) को प्रतिनिधि के रूप में चुना गया है। यह फैसला केंद्र सरकार और TMC के बीच हालिया तनावपूर्ण बातचीत के बाद लिया गया। केंद्र की ‘बिना सलाह’ पर आपत्ति जताई TMC ने केंद्र सरकार ने TMC सांसद यूसुफ पठान को प्रतिनिधिमंडल में शामिल करने का निर्णय लिया था, जिस पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। ममता ने कहा, “अगर किसी पार्टी का प्रतिनिधित्व करना है तो उस पार्टी के नेतृत्व से पहले बात करनी चाहिए, न कि सिर्फ उनके सांसदों से।” उन्होंने केंद्र पर आरोप लगाया कि वह राजनीतिक शिष्टाचार का पालन नहीं कर रही और बिना परामर्श के निर्णय ले रही है, जो संघीय ढांचे के खिलाफ है। अभिषेक बनर्जी का स्पष्ट संदेश अभिषेक बनर्जी ने मीडिया से बातचीत में कहा, “राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ भारत सरकार के रुख का समर्थन करती है। लेकिन किसी भी फैसले में पार्टी को नजरअंदाज करना अस्वीकार्य है।” उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे प्रतिनिधिमंडल में सेना के जवानों, वीरगति को प्राप्त हुए शहीदों के परिवारों, या सीमावर्ती इलाकों के नागरिकों को भी शामिल किया जाए। TMC का रुख: राष्ट्रहित पहले, राजनीति बाद में TMC ने दो टूक कहा है कि वह हर उस कदम में केंद्र का साथ देगी जो देश की सुरक्षा और एकता के लिए उठाया गया हो, लेकिन यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि सभी राजनीतिक दलों को निर्णय प्रक्रिया में समान सम्मान और भागीदारी मिले। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Indore Sarafa Bazaar, CM Mohan Yadav Indore Visit,

CM Mohan Yadav Indore Visit: CM Mohan Yadav ने कैबिनेट के साथ उठाया इंदौर के स्वाद का लुत्फ

इंदौर (देश हरपल):CM Mohan Yadav Indore Visit- मध्यप्रदेश की व्यावसायिक राजधानी के रूप में प्रसिद्ध इंदौर का सर्राफा बाजार केवल गहनों के लिए ही नहीं, बल्कि यहां की रातों में जगमगाने वाली स्ट्रीट फूड गलियों के लिए भी देशभर में जाना जाता है। इसी स्वाद और संस्कार को करीब से महसूस करने पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपनी कैबिनेट टीम के साथ। मुख्यमंत्री का इंदौर दौरा प्रशासनिक था, लेकिन सर्राफा बाजार की ओर उनका रुख इस दौरे को खास बना गया। जैसे ही उन्होंने बाजार में प्रवेश किया, वहां की रात्रिकालीन चहल-पहल, तेज मसालों की खुशबू, और लोकप्रिय व्यंजन जैसे गराडू, जोशी डही बड़े, भुट्टे का किस, मालपुए, और रबड़ी का स्वाद सभी मंत्रियों ने बड़े चाव से लिया। सीएम मोहन यादव ने कहा, “इंदौर केवल सफाई के लिए ही नहीं, अपने विशिष्ट स्वाद और अतिथ्य परंपरा के लिए भी राष्ट्रीय पहचान रखता है। यहां आकर हर बार कुछ नया अनुभव होता है।” इस अवसर पर शहरवासियों और व्यापारियों ने भी मुख्यमंत्री और मंत्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। कई जगहों पर स्थानीय लोगों ने सेल्फी और बातचीत का अवसर भी पाया। सर्राफा के दुकानदारों ने बताया कि इससे न सिर्फ बाजार को बढ़ावा मिलता है, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में स्थानीय खानपान संस्कृति को नई पहचान भी मिलती है। इंदौर की यह यात्रा न सिर्फ प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है , बल्कि Madhya Pradesh Cabinet के लिए इंदौर टूरिज्म, स्ट्रीट फूड कल्चर, और जनता से जुड़ाव की दिशा में एक सकारात्मक संकेत भी बनकर उभरी।
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Editor's Picks

Vishwas Sarang

Vishwas Sarang को बहनों का बेशुमार प्यार, Narela Rakshabandhan Mahotsav में बना नया उत्साह

नरेला विधानसभा क्षेत्र में चल रहे Rakshabandhan Mahotsav 2026 में रविवार को भाई-बहन के रिश्ते की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। वार्ड नंबर 36, 37 और 70 में आयोजित कार्यक्रम के पांचवें दिन 24 हजार 604 बहनों ने मंत्री Vishwas Sarang को रक्षासूत्र बांधा। बहनों ने राखी बांधकर उनके प्रति स्नेह और आशीर्वाद जताया। कार्यक्रम में पहुंचते ही मंत्री विश्वास सारंग का स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। ढोल-ताशों और DJ की गूंज के बीच उन्हें बग्गी से मुख्य कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया। इस दौरान आतिशबाजी भी हुई। मंच पर पहुंचने के बाद सारंग ने बहनों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। बहनों के प्यार को बताया अपनी ताकत रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वास सारंग ने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच विश्वास, स्नेह और अपनत्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हर साल बड़ी संख्या में बहनों का प्यार और आशीर्वाद मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। कार्यक्रम में पहुंचीं बहनों से उन्होंने राखी बंधवाई और उनका आशीर्वाद लिया। सारंग ने कहा कि लाखों बहनों का स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। चौथे दिन भी उमड़ा था बहनों का सैलाब नरेला रक्षाबंधन महोत्सव के चौथे दिन भी बड़ी संख्या में बहनें कार्यक्रम में पहुंची थीं। उस दिन 31,117 बहनों ने मंत्री विश्वास सारंग को रक्षासूत्र बांधा था। आयोजकों के अनुसार, पिछले साल के महोत्सव में कुल 1 लाख 84 हजार 632 बहनों ने रक्षासूत्र बांधा था। इस बार भी लगातार बढ़ रही भागीदारी को देखते हुए पिछले साल का आंकड़ा पार होने की उम्मीद जताई जा रही है। 7 सितंबर को इन दो वार्डों में होगा आयोजन नरेला रक्षाबंधन महोत्सव का अगला चरण 7 सितंबर 2026 को होगा। इस दिन दो वार्डों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में भी बड़ी संख्या में बहनों के शामिल होने की उम्मीद है। महोत्सव के जरिए रक्षाबंधन के पारंपरिक रिश्ते को सामाजिक जुड़ाव और भाईचारे के भाव से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। नरेला क्षेत्र में लगातार कई दिनों से चल रहे इस आयोजन में बहनों की बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है। पांचवें दिन 24,604 रक्षासूत्र बांधे जाने के साथ महोत्सव का उत्साह और बढ़ गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CM रेखा गुप्ता

Satya Niketan हादसे पर CM रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला, Deputy Commissioner समेत 5 Suspend

दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। पांच मंजिला इमारत के अचानक गिरने से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे के बाद CM रेखा गुप्ता ने जिम्मेदारी तय करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। MCD के साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर समेत 5 अधिकारियों को Suspend कर दिया गया है। सरकार के इस एक्शन के बाद नगर निगम के कामकाज और इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हादसे के बाद MCD में बड़ा Action सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद MCD ने पांच अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। इनमें साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर सहित इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े अधिकारी शामिल हैं। जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि इमारत की हालत को लेकर पहले कोई शिकायत या नोटिस जारी हुआ था या नहीं और निर्माण या मरम्मत के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी इमारत बताया जा रहा है कि जिस बिल्डिंग का हिस्सा ढहा, उसका इस्तेमाल PG accommodation के तौर पर किया जा रहा था। हादसे के समय वहां कई लोग मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धूल का गुबार उठ गया और लोग मदद के लिए मौके पर पहुंचने लगे। इसके बाद दिल्ली फायर सर्विस, NDRF और अन्य बचाव दलों ने मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। 7 लोगों की मौत, कई घायल रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे से कई लोगों को बाहर निकाला गया। हादसे में अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद आसपास के लोगों में भी डर का माहौल है। स्थानीय स्तर पर दूसरी पुरानी और कमजोर इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। Building Owner भी पुलिस की गिरफ्त में मामले में पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक हरिराम के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए कई टीमें लगाई थीं। बाद में उसे भिवाड़ी से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस अब हादसे से जुड़े दस्तावेज, बिल्डिंग की स्थिति और निर्माण या मरम्मत से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे और लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। आसपास की इमारतों की भी जांच सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने आसपास की इमारतों की स्थिति को लेकर भी जांच शुरू की है। अधिकारियों की नजर खास तौर पर उन भवनों पर है जो पुराने हैं या जिनमें निर्माण और मरम्मत का काम चल रहा है। इस घटना ने दिल्ली में old buildings, PG और construction safety को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर इमारत में पहले से कोई खामी थी, तो उसे समय रहते क्यों नहीं रोका गया? सरकार के Action से उठे कई सवाल MCD के पांच अधिकारियों का निलंबन सरकार की ओर से उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, असली तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी। सत्य निकेतन की इस घटना ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि जांच में हादसे की असली वजह क्या सामने आती है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CM House

CM House March पर Police का पहरा, Hamidia में Intern Doctors से धक्का-मुक्की

अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे इंटर्न डॉक्टर सोमवार को मुख्यमंत्री आवास (CM House) की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन हमीदिया अस्पताल के पास पुलिस ने उनका रास्ता रोक दिया। डॉक्टरों को आगे जाने से रोकने के लिए पुलिस ने आसपास के रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी। इस दौरान डॉक्टरों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। प्रदर्शन को देखते हुए हमीदिया अस्पताल परिसर और आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए मौके पर Water Cannon भी तैयार रखा गया। CM House की तरफ मार्च करना चाहते थे डॉक्टर इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। इसी सिलसिले में डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने का फैसला किया। डॉक्टरों का समूह हमीदिया अस्पताल से आगे बढ़ने लगा तो पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। पुलिस की Barricading के बाद डॉक्टरों ने मौके पर नारेबाजी शुरू कर दी। आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थान से आगे नहीं जाने के लिए समझाती रही। चारों तरफ से रास्ते किए गए बंद प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हमीदिया के आसपास कई रास्तों को बंद कर दिया। बैरिकेड लगाकर आवाजाही को नियंत्रित किया गया। मौके पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई, ताकि भीड़ को संभाला जा सके। Water Cannon की मौजूदगी से साफ था कि प्रशासन किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी में था। हालांकि, डॉक्टरों का प्रदर्शन अपनी मांगों को लेकर जारी रहा। मांगों पर सरकार से जवाब चाहते हैं Intern Doctors प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि वे अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। CM House तक मार्च के जरिए उनका उद्देश्य सीधे सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर खींचना था। फिलहाल पुलिस ने डॉक्टरों को मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने से रोक दिया है। हमीदिया अस्पताल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और स्थिति पर पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे ज्यादा चर्चा डॉक्टरों की मांगों और सरकार की ओर से संभावित बातचीत को लेकर है। अब देखना होगा कि प्रदर्शन के बाद प्रशासन और इंटर्न डॉक्टरों के बीच क्या समाधान निकलता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold

Gold Rate Today: सोने की कीमत ₹2409 गिरी, चांदी भी ₹3967 सस्ती

सोना खरीदने वालों के लिए सोमवार को बाजार से थोड़ी राहत की खबर आई। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोने (Gold) और चांदी (Silver) दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। आपके दिए बाजार आंकड़ों के मुताबिक सोना करीब ₹2,409 और चांदी करीब ₹3,967 सस्ती हुई है। इसके बाद 10 ग्राम सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख, जबकि एक किलो चांदी करीब ₹2.35 लाख के आसपास पहुंच गई। हालांकि, अलग-अलग बाजार, शुद्धता और कारोबार के समय के हिसाब से रेट में अंतर हो सकता है। सोमवार को एक अन्य बाजार रिपोर्ट में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,52,590 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,36,240 प्रति किलो बताया गया। सोने के भाव में फिर आई नरमी पिछले कुछ समय से रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास कारोबार कर रहा Gold सोमवार को दबाव में नजर आया। घरेलू बाजार में भी इसकी कीमत में कमजोरी देखने को मिली। MCX पर अक्टूबर गोल्ड फ्यूचर्स में भी गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत इससे कम है। अगर आप ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं तो ध्यान रखें कि दुकान पर मिलने वाला अंतिम रेट बाजार भाव से अलग हो सकता है। Silver Price Today: चांदी भी हुई सस्ती सोने के साथ चांदी में भी कमजोरी रही। चांदी करीब ₹3,967 प्रति किलो सस्ती होने के बाद लगभग ₹2.35 लाख प्रति किलो के स्तर पर आ गई है। हालांकि, सोमवार के अलग-अलग बाजार अपडेट में चांदी का भाव करीब ₹2.36 लाख प्रति किलो भी बताया गया है। इससे साफ है कि कारोबार के समय के साथ कीमतों में बदलाव हो रहा है। आखिर क्यों गिर रहे हैं सोना और चांदी? कीमती धातुओं में इस गिरावट का कनेक्शन सीधे ग्लोबल मार्केट से जुड़ा है। अमेरिका के रोजगार आंकड़े उम्मीद से मजबूत रहने के बाद वहां Federal Reserve की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें बदली हैं। मजबूत अमेरिकी जॉब डेटा के बाद सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना को लेकर दांव बढ़े हैं। इसका असर सोने पर पड़ा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में Spot Gold करीब 0.7% नीचे आया। वहीं Silver में भी लगभग 1% की गिरावट दर्ज की गई। अब आगे क्या होगा? अब बाजार की नजर अमेरिका से आने वाले महंगाई के आंकड़ों पर है। इस सप्ताह PPI और CPI जैसे महत्वपूर्ण आंकड़े जारी होने हैं। इनसे Federal Reserve की अगली ब्याज दर नीति को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में Gold और Silver में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। निवेशकों के साथ-साथ शादी या त्योहार के लिए खरीदारी करने वाले लोगों की भी बाजार पर नजर बनी हुई है। Gold खरीदते समय सिर्फ भाव न देखें अगर आप आज सोना खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो सिर्फ 10 ग्राम का बाजार भाव देखकर फैसला न लें। 22K या 24K purity, GST, making charges और ज्वेलर के अन्य शुल्क अंतिम कीमत को बदल सकते हैं। अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के बीच भी रेट में अंतर हो सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले अपने स्थानीय ज्वेलर से उसी समय का ताजा रेट जरूर पता करें। बाजार में तेजी से बदलाव होने के कारण सुबह और शाम के भाव में भी अंतर देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sagar

Sagar में जहरीली शराब का कहर: 19 मौत, 112 मरीज भर्ती; Liquor Network पर पुलिस का शिकंजा

मध्य प्रदेश के सागर (Sagar) जिले में जहरीली शराब ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने का सिलसिला शुरू हुआ और देखते ही देखते अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती चली गई। अब तक 19 लोगों की मौत की बात सामने आई है, जबकि 112 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती बताए जा रहे हैं। मृतकों में पिता-पुत्र के शामिल होने की जानकारी ने इस घटना को और दर्दनाक बना दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने लाइसेंसी शराब ठेकेदारों समेत 30 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें से 10 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। अधिकारियों की नजर अब उस पूरे नेटवर्क पर है, जिसके जरिए कथित तौर पर मिलावटी या जहरीली शराब लोगों तक पहुंची। शराब पीने के बाद बिगड़ी लोगों की तबीयत जानकारी के मुताबिक, सागर जिले के बंडा क्षेत्र में कई लोगों ने शराब का सेवन किया था। इसके बाद एक के बाद एक लोगों की तबीयत खराब होने लगी। कुछ लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। स्थानीय स्तर पर इलाज के बाद गंभीर मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया। अस्पतालों में अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया। प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीमों को भेजकर लोगों की जांच की जा रही है। प्रशासन यह भी पता लगाने में जुटा है कि कितने लोगों ने संदिग्ध शराब का सेवन किया था। 112 मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जहरीली शराब की आशंका के बाद अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या लगातार चिंता बढ़ा रही है। 112 लोगों के इलाज की जानकारी सामने आई है। इनमें कुछ मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में पहुंचकर स्थिति पर नजर रख रही हैं। अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि संदिग्ध शराब पीने वाले किसी व्यक्ति की हालत बिगड़ने पर उसे समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सके। पिता-पुत्र की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ इस हादसे में पिता-पुत्र की मौत की खबर ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। एक ही परिवार के दो सदस्यों की जान जाने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद प्रभावित इलाकों में मातम का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि शराब की एक बोतल इतनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। अब लोगों में अवैध और संदिग्ध शराब की बिक्री को लेकर डर भी है और गुस्सा भी। 30 नामजद आरोपियों पर FIR, 10 गिरफ्तार पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 30 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें लाइसेंसी शराब कारोबार से जुड़े लोगों के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब की सप्लाई कहां से हुई और इसे किन लोगों तक पहुंचाया गया। अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी है। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है। जांच में जिस किसी की भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है। लाइसेंसी ठेकेदारों की भूमिका भी जांच के घेरे में मामले में लाइसेंसी शराब ठेकेदारों के नाम सामने आने के बाद आबकारी विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच एजेंसियां यह पता कर रही हैं कि यदि शराब की बिक्री वैध दुकानों से हुई थी, तो उसमें मिलावट कैसे पहुंची। अधिकारियों की जिम्मेदारी और संभावित लापरवाही की भी जांच की जा रही है। प्रशासन की कोशिश है कि शराब के स्रोत से लेकर इसकी बिक्री तक पूरी चेन का पता लगाया जाए। जहरीली शराब की सप्लाई का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस पुलिस को शक है कि इस मामले के पीछे सिर्फ कुछ स्थानीय लोगों का हाथ नहीं, बल्कि शराब की सप्लाई से जुड़ा बड़ा नेटवर्क भी हो सकता है। जांच एजेंसियां शराब की बोतल, लेबल और सप्लाई चैन से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही हैं। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि जहरीली शराब लोगों तक कैसे पहुंची और इस लापरवाही के पीछे कौन जिम्मेदार है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। प्रशासन की नजर अब हर कड़ी पर सागर की इस घटना ने अवैध और मिलावटी शराब के कारोबार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग भी प्रभावित लोगों की निगरानी कर रहा है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल परिवार अपनों को खोने के दर्द में हैं और अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजन उनके जल्द ठीक होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा कि इस जहरीली शराब की असली सप्लाई कहां से हुई और इस पूरे मामले में किसकी कितनी भूमिका थी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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